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                <title>postal department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अमेरिका के लिए फिर उड़ान भरने लगे पार्सल, डाक विभाग ने शुरू की अंतरराष्ट्रीय डाक सेवा </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा जिले के बड़ी संख्या के लोगों के परिचित और रिश्तेदार अमेरिका में रहते हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/parcels-have-started-flying-to-the-us-again--as-the-postal-department-resumes-international-mail-service/article-130436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(1)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। आमजन के लिए खुशखबरी है। भारतीय डाक विभाग ने अमेरिका के लिए सभीअंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं। गत 22 अगस्त को अमेरिकी सीमा शुल्क नियमों में बदलाव के चलते यह सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई थीं। अब नई व्यवस्था के तहत डाक बुकिंग के समय ही शिपमेंट के घोषित मूल्य का 50 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा, ताकि डिलीवरी सुगमता से हो सके और वहां कोई अतिरिक्त शुल्क या देरी न हो। डाक विभाग के अनुसार, नई प्रणाली अमेरिका के नियमों के अनुरूप है। अब भारत से भेजे गए पैकेट, पार्सल और गिफ्ट आइटम्स की सीमा शुल्क प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली जाएगी। इससे न केवल डिलीवरी तेज होगी, बल्कि अमेरिका में पार्सल अटकने या लौट आने की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।</p>
<p><strong>कोटा से भेजते हैं हर माह 200 से 250 पार्सल </strong><br />कोटा मंडल डाकघर के अधिकारियों के मुताबिक, शहर से हर महीने औसतन 200 से 250 पार्सल और पत्र अमेरिका भेजे जाते हैं। इनमें अधिकतर पार्सल कोचिंग छात्रों द्वारा अपने अभिभावकों या दोस्तों को भेजे गए दस्तावेज, फोटो, स्मृति-चिह्न और कपड़ों से संबंधित सामग्री होती है। इसके अलावा कुछ स्थानीय व्यापारी हस्तनिर्मित वस्तुएं और नमूने भी अमेरिका भेजते हैं। डाक विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहक को केवल बुकिंग के समय घोषित मूल्य का आधा शुल्क देना होगा। यह शुल्क सीधे अमेरिकी सीमा शुल्क में समायोजित होगा, जिससे पार्सल की डिलीवरी अब पहले से तेज और सुगम होगी। इस सेवा के फिर शुरू होने से छोटे निर्यातकों और ई-कॉमर्स विक्रेताओं को बड़ा फायदा होगा। अब पार्सल भेजने की लागत और प्रक्रिया दोनों पारदर्शी होंगी।</p>
<p><strong>इसलिए लगाई थी अस्थाई रोक</strong><br />विभागीय अधिकारियों के अनुसार गत 22 अगस्त को अमेरिका ने नियमों में बदलाव करते हुए बिना सीमा शुल्क के आने वाली 800 डॉलर तक की डाक छूट समाप्त कर दी थी। इसके चलते भारत सहित कई देशों ने अस्थायी रूप से डाक सेवा रोक दी थी। अब भारतीय डाक विभाग ने नई प्रणाली लागू कर सेवा पुन: शुरू की है। कोटा जिले के बड़ी संख्या के लोगों के परिचित और रिश्तेदार अमेरिका में रहते हैं। अगस्त में अमेरिका के लिए डाक सेवा परिवहन में आई तकनीकी खराबी के चलते सेवाएं बंद कर दी गई थीं। शहर के किसी भी डाकघर से अमेरिका के लिए सेवाएं नहीं मिल रही थीं। इससे लोगों को परेशानी हो रही थी। अब डाक विभाग ने अमेरिका के लिए डाक सेवाएं बहाल कर दी। गुरुवार को करीब 16 स्पीड पोस्ट, पार्सल आदि अमेरिका के लिए बुक किए गए। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />हम हर महीने अपने ग्राहक को अमेरिका में छोटा-मोटा सामान भेजते हैं। अगस्त में सेवा बंद होने से काफी परेशानी हुई थी। अब दोबारा शुरू होने से निर्यातक और आॅनलाइन विक्रेता दोनों को राहत मिलेगी।<br /><strong>- हरमन माखीजा, हस्तशिल्प व्यापारी </strong></p>
<p>मैंने अगस्त में अपने घर वालों को कुछ दस्तावेज भेजने की कोशिश की थी, लेकिन सेवा बंद थी। अब फिर से सुविधा मिलने से कोटा में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत है।<br /><strong>- राघव गोयल, कोचिंग छात्र </strong></p>
<p>अब ग्राहक को अतिरिक्त औपचारिकताओं से नहीं गुजरना पड़ेगा। 50% शुल्क व्यवस्था अमेरिकी कस्टम्स की मांग के अनुरूप है और इससे पार्सल की डिलीवरी में पारदर्शिता बढ़ेगी।<br /><strong>- ओपी सेन, निरीक्षक, डाक विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 16:00:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अलर्ट: हैलो, मैं डाक विभाग से बोल रहा हूं..., भारतीय डाक की फर्जी वेबसाइट से खातों में सेंध लगा रहे साइबर ठग</title>
                                    <description><![CDATA[ऐसे में ठगी की आशंका होने पर उसने लिंक पर क्लिक नहीं किया। इससे वह नुकसान से बच गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/alert--hello--i-am-speaking-from-the-postal-department/article-106481"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy59.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस 1 -</strong> आदर्श नगर निवासी भगवान सिंह के पास कुछ दिनों पहले फोन पर भारतीय डाक के नाम से एक एसएमएस आया था। जिसमें बताया कि आपका पार्सल डिलीवर नहीं हो पाया है, क्योंकि आपका पता गलत है। आपको एक लिंक भेजा है, अपने पते को अपडेट करने के लिए इस पर क्लिक करें। भगवान ने बताया कि उसने कोई पार्सल नहीं मंगवाया था। ऐसे में ठगी की आशंका होने पर उसने लिंक पर क्लिक नहीं किया। इससे वह नुकसान से बच गया।</p><p><strong>केस 2 - </strong>जयश्री विहार निवासी भूपेन्द्र भी गत दिनों ठगी का शिकार होने से बच गया। उसके पास फोन आया कि मैं डाक विभाग से बोल रहा हूं, आपका घर का पता सही नहीं होने से पार्सल नहीं पहुंंच पा रहा है। इसलिए आपको एक लिंक भेज रहे हैं उस पर आपकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे आपका नाम, पता, फोन नंबर और बैंक विवरण देना होगा, फिर पार्सल घर पहुंंच जाएगा। उसने ठगी की आशंका के चलते फोन को तुरन्त काट दिया। </p><p>हर दिन साइबर ठगी के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें साइबर अपराधी अलग-अलग फर्जी वेबसाइट और डिजिटल पैतरों से लोगों के साथ ठगी करते हैं। साइबर ठग देशभर में हर दिन लाखों रूपए तक ही ठगी कर लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। इसी तरह कोटा में कई लोगों को भारतीय डाक के नाम से फर्जी एसएमएस और लिंक भेजकर ठगी का प्रयास करने के मामले सामने आए हैं। साइबर ठग लोगों के मोबाइल नंबर पर भारतीय डाक का फर्जी लिंक और ई-मेल भेजकर बैंक खातों में जमा पूंजी में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। देशभर में भारतीय डाक के नाम से हो रहे ठगी के मामलों को लेकर अब डाक विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें आमजन से भारतीय डाक से संबंधित जानकारी के लिए अधिकृत वेबसाइट का उपयोग करने की सलाह दी है। </p><p><strong>विभाग ने एडवाइजरी में यह दी सलाह</strong><br />इंडिया पोस्ट (भारतीय डाक) के नाम से फर्जी एसएमएस और लिंक भेज कर साइबर अपराधी ठगी कर रहे हैं। इसलिए भारतीय पोस्ट की ओर से एडवाइजरी जारी कर बताया कि डाक या पार्सल की सूचना के लिए आप भारतीय डाक सेवा के अधिकृत नबर 18002666868 पर संपर्क कर सकते हैं। यदि आपके पास माल व डिलीवरी संख्या हैं तो आप भारतीय डाक की अधिकृत वेबसाइट या किसी थर्ड पार्टी ट्रैकिंग सेवा का उपयोग कर सकते हैं। एडवाइजरी में आमजन को सलाह दी हैं कि जब उन्हें संदेश मिलें तो वे सतर्क रहें क्योंकि वे ग्राहकों से कभी भी व्यक्तिगत विवरण प्रदान करने के लिए लिंक का उपयोग करने के लिए आग्रह नहीं करते हैं। </p><p><strong>साइबर ठग इस तरह से बना रहे शिकार</strong><br />डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार साइबर ठग इंडिया पोस्ट के नाम से एक एसएमएस भेजेंगे। इस एसएमएस में वे कहेंगे कि आपका पार्सल डिलीवर नहीं हो पाया है, क्योंकि आपका पता गलत है। वे आपको फर्जी मोबाइल नंबर एवं ईमेल द्वारा एक लिंक देंगे और कहेंगे कि अपने पते को अपडेट करने के लिए इस पर क्लिक करें। जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं तो आप एक फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाएंगे, जो भारतीय डाक की वेबसाइट की तरह दिखती है। इस वेबसाइट पर वे आपसे आपकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे आपका नाम, पता, फोन नंबर और बैंक विवरण मांगेंगे। यह आपसे साइबर भुगतान के लिए कहेंगे या फिर आपकी दी गई व्यक्तिगत जानकारी से बैंक खाते में सेंध लगाकर रकम उड़ा लेंगे।</p><p> डाक या पार्सल की सूचना के लिए आमजन भारतीय डाक सेवा के अधिकृत नबर 18002666868 पर संपर्क कर सकते हैं। यदि आपके पास माल व डिलीवरी संख्या हैं तो आप भारतीय डाक की अधिकृत वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं। विभाग किसी को पार्सल के लिए फोन नहीं करता है।<br /><strong>- मनीष चौरसिया, प्रधान डाकपाल, डाक विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 14:25:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, घर बैठे बनेगा बाल आधार कार्ड</title>
                                    <description><![CDATA[ डाक विभाग ने बच्चों के आधार में परिजन को छूट दी है। पांच साल के बच्चे का घर से आधार कार्ड बनाने के लिए डाक विभाग ने पहल की है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/no-need-to-make-rounds--child-aadhar-card-will-be-made-sitting-at-home/article-88083"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/6633-copy16.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । आधार कार्ड पहचान का ऐसा दस्तावेज है। जिसका प्रत्येक सरकारी कार्य में उपयोग होता है। बच्चों से लेकर बड़ों तक का आधार कार्ड जरूरी है। आधार कार्ड बनवाने के लिए भीड़ के चलते परेशानी होती है। डाक विभाग ने पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के आधार कार्ड बनाने के प्रावधान में बदलाव किया है। अब आधार कार्ड बनवाने के लिए परिजनों को चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बल्कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों का घर पर ही आसानी से आधार बन जाएगा। डाक विभाग ने बच्चों के आधार में परिजन को छूट दी है। पांच साल के बच्चे का घर से आधार कार्ड बनाने के लिए डाक विभाग ने पहल की है। जिसके तहत विभाग की टीम आपकी सूचना पर घर पहुंचेगी और नि:शुल्क आधार संबंधी प्रक्रिया पूरी करेगी। जो भी अपने बच्चों का आधार बनवाना चाह रहे हैं वो अब घर बैठे ही इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। डाक विभाग बच्चों के आधार कार्ड बनाने का कोई शुल्क नहीं लेगा। </p>
<p><strong>पोस्ट इन्फो ऐप करेगा मदद</strong><br />डाक विभाग ने पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के घर बैठे आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था शुरू की है। आधार कार्ड बनाने के लिए परिजनों को मोबाइल पर डाक विभाग का पोस्ट इन्फो ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद आॅनलाइन पूछी गई प्रक्रिया को पूरा करना होगा। जैसे नाम, पता, मोबाइल नबर आदि सूचनाएं देनी होंगी। यह प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विभाग की टीम बच्चे का आधार कार्ड बनाने आपके घर पहुंचेगी। इसके अलावा डाकपाल को आॅफलाइन सूचना भी दी जा सकती है। इसके बाद विभाग की आइटी टीम बच्चे का आधार कार्ड बनाने के लिए उसके घर पहुंचेगी। इसके अलावा परिजन कोटा के प्रधान डाकघरों में  जाकर भी बच्चों को आधार कार्ड बनवा सकते हैं।</p>
<p><strong>15 साल की आयु के बाद कराना होगा रीन्यू</strong><br />डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाल आधार कार्ड के लिए केवल बच्चे की तस्वीर ली जाती है। साथ ही बच्चे के माता-पिता में से किसी एक का आधार कार्ड देना अनिवार्य है। ऐसे में अगर माता-पिता का आधार नहीं हो तो पहले उसे बनवाना होगा। बाल आधार कार्ड पांच साल तक की उम्र के लिए होगा। इसके बाद बच्चे का दूसरा आधार कार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए उसका फोटो, उंगलियों और आइरिस स्कैन का बायोमैट्रिक डेटा देना होगा। इसके बाद जब वह 15 साल का होगा, तो फिर एक बार फिर से आधार नामाकंन की प्रक्रिया दोहराई जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए सिर्फ उसका जन्म प्रमाण पत्र होना ही काफी है। अगर परिजनों के पास बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र भी नहीं है तो अस्पताल से जारी किया गया डिस्चार्ज सर्टिफिकेट या स्कूल का आईडी कार्ड ही काफी है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />डाक विभाग की छोटे बच्चों के लिए घर बैठे बाल आधार कार्ड बनाने की सुविधा काफी अच्छी है। इस योजना के बारे में पहले कोई जानकारी नहीं थी। छोटे बच्चों के घर बैठे आधार कार्ड बनवाने की सुविधा से परिजनों को काफी राहत मिलेगी।<br /><strong>-मुकेश कुमार, निवासी छावनी</strong></p>
<p>पांच साल से छोटे बच्चों के आधार कार्ड पूरी तरह से नि:शुल्क बनाए जा रहे हैं। आधार कार्ड बनाने के लिए परिजनों को मोबाइल पर डाक विभाग का पोस्ट इन्फो ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद पोस्टमैन घर जाकर बॉयोमैट्रिक मशीन से आधार कार्ड बनाएगा।<br /><strong>-धनराज मेघवाल, ट्रेजरर, डाक विभाग कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Aug 2024 16:00:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बहनों के प्रेम को भाई की कलाई पर सजाने में मदद करेगा डाक विभाग </title>
                                    <description><![CDATA[इसी के साथ 30 रुपए का एक बॉक्स खास तौर पर चावल, गोली, कुमकुम आदि भेजने के लिए रखा है | ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/postal-department-will-help-in-decorating-sisters-love-on-brothers/article-85696"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(1)20.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बहन और भाई के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन इस वर्ष 19 अगस्त को मनाया जाएगा। बहनों के प्यार राखियों को डाक विभाग पैक लिफाफे को भाईयों तक रक्षाबंधन के दिन तक पहुंचाया जाएगा ताकि किसी भाई की कलाई सूनी ना रहे।</p>
<p>जयपुर सिटी के सीनियर सुपरिटेंडेंट मोहन सिंह मीणा ने बताया कि चीफ पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय के निर्देशन में डाक विभाग ने इस साल रक्षाबंधन के 10 और 15 रुपए की दो लिफाफे तैयार कराकर शहर के सभी 72 पोस्ट आफिसो को भिजवा दिए हैं। यह लिफाफे वाटरप्रूफ है जो गीले होने पर भी खराब नहीं होते। लिफाफों के साथ इस बार रक्षाबंधन पर एक बॉक्स विशेष रूप से 30 रुपए कीमत का हमने बहनों के लिए रखा है जिसमें वे कुमकुम चावल रोली आदि रखकर भाई भिजवा सकती हैं। जयपुर सिटी के साथ-साथ यह लिफाफे और पोस्ट ऑफिस में भी अवेलेबल रहेंगे और इनको गंतव्य तक पहुंचाने का कार्य रक्षाबंधन के दिन तक पोस्ट ऑफिसों के द्वारा किया जाएगा। जनता प्रयास ही करें कि विदेशों में पहुंचने वाली जाने वाली डाक को रक्षाबंधन से 20 दिन पहले ही तैयार करके पोस्ट ऑफिसों में पहुंचा दें। इसके साथ ही स्पीड पोस्ट के जरिए भेजी जाने वाली राशियों को बेहतर घंटे में से डिलीवर्ड कर दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jul 2024 20:13:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अब घर बैठे मिलेगा अयोध्या के हनुमानगढ़ी का प्रसाद</title>
                                    <description><![CDATA[श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए डाक विभाग ने मंदिर का प्रसाद स्पीड पोस्ट से घर पर भेजने का प्रबंध किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-you-will-get-prasad-of-hanumangarhi-of-ayodhya-sitting-at-home/article-71858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/transfer2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर जाने से पहले हनुमानगढ़ी स्थित हनुमान मंदिर के दर्शन करने की परम्परा है। ऐसे में हर किसी की इच्छा होती है कि वह हनुमान के दर्शन कर आशीर्वाद स्वरुप प्रसाद पा सके। बढ़ती भीड़ के चलते सभी के लिए यह संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में डाक विभाग ने एक बड़ी पहल शुरू की है। अब आप घर बैठे अयोध्या की हनुमानगढ़ी का प्रसाद मंगा सकते हैं। श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए डाक विभाग ने मंदिर का प्रसाद स्पीड पोस्ट से घर पर भेजने का प्रबंध किया है।</p>
<p><strong>इनके बीच हुआ एमओयू</strong><br />डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार डाक विभाग और हनुमान गढ़ी अयोध्या धाम के संकटमोचन सेना ट्रस्ट के बीच हुए एमओयू के तहत देश के किसी भी कोने में रह रहे श्रद्धालु स्पीड पोस्ट से हनुमान गढ़ी मंदिर का प्रसाद मंगा सकते हैं। इसके तहत अपने नजदीकी डाकघर से 251 अथवा 551 रुपए का ई-मनीआर्डर उप पोस्टमास्टर अयोध्याधाम-224123 के नाम भेजना होगा। ई-मनीआॅर्डर प्राप्त होते ही डाक विभाग की ओर से तत्काल दिए गए पते पर स्पीड पोस्ट से प्रसाद भेज दिया जाएगा। ई-मनी का निर्धारित  शुल्क अलग से सम्बंधित डाक विभाग में देना होगा।</p>
<p><strong>प्रसाद के लिए दो मूल्य के पैकेज निर्धारित </strong><br />डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ई-मनीआॅर्डर प्राप्त होते ही डाक विभाग द्वारा तत्काल दिए गए पते पर स्पीड पोस्ट द्वारा प्रसाद भेज दिया जाएगा। 251 के 'संकटमोचक प्रसाद' में लड्डू, हनुमानजी की तस्वीर, महावीरी चन्दन, अयोध्या दर्शन की किताब शामिल होगी। वहीं 551 के 'महावीर प्रसाद' में लड्डू, हनुमानजी की तस्वीर, महावीरी चन्दन, अयोध्या दर्शन की किताब, तुलसी माला और हनुमान यंत्र शामिल होंगे। </p>
<p><strong>शुद्धता का रखा जाएगा ध्यान</strong><br />डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार डाक विभाग और हनुमान गढ़ी अयोध्या धाम के संकटमोचन सेना ट्रस्ट के बीच हुए एमओयू के तहत देश के किसी भी कोने में रह रहे श्रद्धालु स्पीड पोस्ट से हनुमान गढ़ी मंदिर का प्रसाद मंगा सकते हैं। यह प्रसाद शुद्धता की कसौटी पर फिट रहेगा तब तक इसकी बुकिंग की जाएगी। </p>
<p><strong>ई-मनीआॅर्डर में पूरा पता लिखना अनिवार्य  </strong><br />भारतीय डाक विभाग लगातार कुछ न कुछ नए प्रयोग करता रहता है। पहले भाइयों के लिए राखी ले जाने का काम किया गया था। इसके बाद गंगा जल श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का काम शुरू हुआ। इसके साथ ही अलग-अलग विशेष आयोजनों में डाक विभाग लोगों के लिए आगे बढ़कर आया। ये सभी सेवाएं तो चल ही रहीं हैं। अब एक और सेवा की शुरूआत करते हुए अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी का प्रसाद उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए अपने नाम, पते और डीटेल के साथ डाकघर के माध्यम से आॅर्डर करना होगा। ई-मनीआॅर्डर में अपना पूरा पता, पिन कोड और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />डाक विभाग की ओर से अयोध्या के हनुमान गढ़ी का प्रसाद मंगवाने की व्यवस्था काफी सराहनीय है। जो श्रद्धालु वहां जाकर प्रसाद नहीं ले पाते हैं,  उनके लिए यह सुविधा काफी अच्छी है। <br /><strong>- नेमीचंद, श्रद्धालु</strong></p>
<p>डाक विभाग और हनुमान गढ़ी अयोध्या धाम के संकटमोचन सेना ट्रस्ट के बीच हुए एग्रीमेंट के तहत देश के किसी भी कोने में रह रहे श्रद्धालु स्पीड पोस्ट से हनुमान गढ़ी मंदिर का प्रसाद मंगा सकते हैं। इसके तहत अपने नजदीकी डाकघर से ई-मनीआर्डर भेजना होगा।<br /><strong>- धनराज मेघवाल, ट्रेजरर, मुख्य डाकघर नयापुरा कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Mar 2024 17:50:45 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अब पेंशनर्स ले सकेंगे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट</title>
                                    <description><![CDATA[पेंशनर्स को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागार, बैंक या अन्य किसी विभाग में जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-pensioners-will-be-able-to-take-digital-life-certificate/article-62253"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/kota.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय सेवा में जीवन के कई साल निकालने के बाद सेवानिवृत होने के बाद कार्मिकों को अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र सरकार को देना होता है। इसके बाद भी उन्हें पेंशन मिल पाती है। ये प्रमाण पत्र सेवानिवृत प्रत्येक कर्मचारी को हर साल देना होता है। ऐसा नहीं करने पर पेंशन रोक दी जाती है। सेवानिवृत कार्मिक स्वयं के जिंदा होने के सबूत बतौर जीवित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर रहते हैं। यह कहानी उन बुजुर्गों की है जो किसी ना किसी सरकारी विभाग से सेवानिवृत हुए हैं। इन बुजुर्गों को अब एक नया सारथी मिल गया है। यह सारथी बुजुर्गों को घर बैठे ही उनके जीवित होने का जीवन प्रमाण पत्र बनवा कर सौंपेगा। जिसके लिए डाक विभाग ने एक नई पहल शुरू की है।</p>
<p><strong>70 रुपए का देना होगा शुल्क</strong><br />पेंशनर्स को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागार, बैंक या अन्य किसी विभाग में जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। पेंशनर्स अपने नजदीकी डाकघर के पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जारी करवा सकते हैं। इसके लिए मात्र 70 रुपए का शुल्क देने होगा। यह प्रमाण पत्र स्वत संबंधित विभाग को आॅनलाइन पहुंच जाएगा। इससे पेंशन मिलने में कोई रुकावट नहीं आएगी। यह सुविधा सभी डाकघरों में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि भारतीय डाक विभाग के माध्यम से सभी विभागों के पेंशनरों को घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट प्रदान करने की सुविधा दी जा रही है। अब पेंशनर अपने नजदीकी डाकघर या किसी तरह डाकघर के कर्मचारी को सूचना देकर अपना प्रमाण पत्र बनवा सकता है।</p>
<p><strong>हर साल देना पड़ता जिन्दा होने का प्रमाण</strong><br />सरकारी विभागों से रिटायर हो चुके बुजुर्गों के लिए भारत सरकार के पोस्टल डिपार्टमेंट ने एक नई पहल की है। आपको बता दें कि हर साल नवंबर के महीने में बुजुर्ग पेंशनरों को अपना जीवन प्रमाण पत्र सरकारी विभाग में जमा करना होता है। जो बुजुर्ग चल फिर नहीं सकते या फिर बीमार रहते हैं उनके लिए यह प्रमाण पत्र बनवाना बेहद कष्टदायी होता है। अब इस प्रमाण पत्र को बनाने का जिम्मा पोस्टल डिपार्टमेंट ने संभाल लिया है।</p>
<p>डाक विभाग की यह सुविधा काफी अच्छी है। जीवित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पेंशनरों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। डाक विभाग कम शुल्क में यह सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। इससे कोटा जिले के पेंशनरों को काफी राहत मिलेगी।<br /><strong>- बलबीर सिंह, पेंशनर </strong></p>
<p>पेंशनर इस सुविधा को प्राप्त करने के लिए अपने क्षेत्र के पोस्टमैन के साथ-साथ मोबाइल एप से भी आॅनलाइन अनुरोध भी कर सकते हैं। इसके लिए पेंशनर को आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक या डाकघर खाता संख्या और पीपीओ नंबर देना होगा। जिसके बाद उनकी आगे की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।<br /><strong>- मनीष चौरसिया, प्रधान डाकपाल, डाकघर धानमंडी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Nov 2023 16:51:59 +0530</pubDate>
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                <title>महिलाओं को रास आ रही महिला सम्मान बचत पत्र योजना</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा संभाग में इस योजना में पिछले पांच महीने में 4950 महिलाओं ने खाते खुलवाए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mahila-samman-savings-certificate-scheme-is-being-liked-by-women/article-57085"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/mahilao-ko-raas-aa-rhi-mahila-samman-bachat-patra-yojana...kota-news-14-09-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले में महिलाओं को महिला सम्मान बचत पत्र योजना रास आ रही है। महिलाओं को अब भाग दौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ रही हैं। वह घर बैठे ही अपनी आमदनी बढ़ा रही है। इसके लिए महिलाओं को केवल डाकघर में खाता खुलवाकर धनराशि जमा कराने जाना पड़ रहा है। डाक विभाग ने पहली बार महिलाओं के लिए सम्मान बचत पत्र योजना निकाली है, जो महिलाओं को खासा लुभा रही है। कोटा संभाग में इस योजना में पिछले पांच महीने में 4950 महिलाओं ने खाते खुलवाए हैं। इनमें से कोटा जिले में करीब 1852 खाते खोले गए हैं।</p>
<p><strong>आयु की कोई बाध्यता नहीं</strong><br />महिला सम्मान बचत पत्र योजना अप्रेल 2023 में शुरू हुई थी। इस योजना में कोई आयु बाध्यता नहीं है। नाबालिग बेटी से लेकर विवाहिता तक खाता खुलवा सकती है। नाबालिग बेटियों का खाता खुलवाने के लिए अभिभावक को संरक्षक बनाया जा सकता है। डाकघर से खाता खोलने का फार्म भरने के बाद आधार और पेनकार्ड अनिवार्य है। ग्राहक को नो योर कस्टमर (केवाइसी) फार्म भी भरना होगा। नकद या चेक के रूप में धनराशि जमा कर खाता खुलवा सकते हैं।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />- कम से कम एक हजार रुपए में खुलवा सकते है खाता।<br />- अधिकतम 2 लाख रुपए खाते में कर सकते हैं जमा।<br />- ब्याज तिमाही गणना के आधार पर दिया जाएगा।<br />- कोटा संभाग में अब तक खोले गए 4950 खाते।<br />- कोटा जिले में अब तक खोले गए 1852 खाते।</p>
<p><strong>साढ़े 7 प्रतिशत की दर से ब्याज</strong><br />कम से कम 1000 रुपए से लेकर अधिकतम 2 लाख रुपए तक इस अकाउंट में जमा किए जा सकते हैं। 2 साल तक आपका पैसा जमा रहता है और 2 साल के बाद आपकी पूरी जमा और ब्याज के साथ इकट्ठा पैसा वापस मिल जाता है। खाते पर 7.50 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है। खाता खोलने की तिथि से एक वर्ष बाद शेष जमा राशि की 40 प्रतिशत निकासी की जा सकती है। दो वर्ष तक ही खाते का संचालन किया जा सकता है। खाता खोलने की तिथि से दो वर्ष बाद खाताधारक को शेष राशि का भुगतान किया जाएगा। </p>
<p><strong>कितना जमा करने पर कितना मिलेगा</strong><br />1000 रुपए जमा करने पर    2 साल बाद, 1160 रुपए <br />2000 रुपए जमा करने पर    2 साल बाद, 2320 रुपए <br />3000रुपए जमा करने पर    2 साल बाद, 3481 रुपए <br />5000 रुपए जमा करने पर    2 साल बाद, 5801 रुपए <br />10000 रुपए जमा करने पर    2 साल बाद,  11606 रुपए  <br />20000 रुपए जमा करने पर    2 साल बाद, 23204 रुपए <br />50000 रुपए जमा करने पर    2 साल बाद, 58011 रुपए <br />1 लाख जमा करने पर    2 साल बाद, 1 लाख 16 हजार 22 रुपए <br />2 लाख जमा करने पर    2 साल बाद, 2 लाख 32 हजार 44 रुपए </p>
<p><strong>जरूरत होने पर बीच में निकाल सकते हैं पैसा</strong><br />अकाउंट खुलवाने की तारीख से 1 साल पूरे होने के बाद जमा किए गए पैसों का 40 प्रतिशत तक निकाल  सकते हैं। कुछ अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों में भी अकाउंट को बीच में बंद कराने की अनुमति है जैसे कि खाताधारक महिला या लड़की की मौत हो जाने,  उसे गंभीर बीमारी हो जाने पर या अभिभावक की मौत हो जाने पर। ऐसी स्थिति में अकाउंट बीच में बंद कराने पर भी पूरी ब्याज (7.5%) के हिसाब से मिलेगी। अकाउंट खुलवाने के 6 महीने बाद बिना कारण के भी अकाउंट को बीच में भी बंद करा सकते हैं, लेकिन बिना किसी अनिवार्य कारण के खाता बंद कराने पर ब्याज में 2% की कटौती करके पैसा वापस मिलेगा। </p>
<p>केन्द्र सरकार की यह योजना काफी फायदेमंद हैं। महिला सम्मान बचत पत्र का उद्देश्य महिलाओं को अधिक ब्याज देकर बचत करके पैसे बढ़ाने में मदद करना है। उसने और क्षेत्र की कई महिलाओं ने डाकघर जाकर खाता खुलवा लिया है।<br /><strong>- रिंकी कुमारी, रायपुरा </strong></p>
<p>महिला सम्मान बचत पत्र योजना सरकार की अच्छी योजना है। इसमें अब तक कोटा जिले में 1852 महिलाओं के खाते खोले जा चुके है। महिलाओं को इस योजना का लाभ उठाना चाहिए।<br /><strong>- मनीष चौरसिया, कार्यवाहक डाकपाल, मुख्य डाकघर धानमंडी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Sep 2023 14:59:34 +0530</pubDate>
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                <title>विदेशों में सामग्री पहुंचाने का बन रहा सशक्त माध्यम</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय डाक विभाग ने विश्व के 125 देशों से डाक के माध्यम से सामग्री पहुंचाने का अनुबंध कर रखा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/becoming-a-powerful-medium-for-delivering-goods-abroad/article-56661"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/videsho-me-samgriya-pohchane-ka-bn-rha-sashakt-madhyam...kota-news-09-09-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। अगर आप भी विदेश में रहने वाले अपने परिचितों और रिश्तेदारों तक कोई सामग्राी भेजना चाहते हैं तो भारत की डाक विभाग की सेवाएं बेहतर विकल्प हैं। वर्तमान में विदेशों में अपने परिचितों तक सामग्री पहुंचाने के लिए भारत का डाक विभाग सशक्त माध्यम बना हुआ है। आज भी डाक विभाग पर लोगों का भरोसा कायम है। कोटा शहर से प्रतिदिन 20 से 25 आर्टिकल (सामग्री)  विदेशों में भेजी जा रही है। विभाग में नवाचार होने से अब आप आसानी से यहां से भेजे जानी वाली सामग्री को ट्रैक कर सकते हैं। ऐसे में विदेशों में कोई भी सामान भेजना काफी सुविधाजनक साबित हो रहा है। </p>
<p><strong>फैैक्ट फाइल</strong><br />72 डाकघर कोटा संभाग में<br />03 प्रमुख सेवाएं पार्सल की <br />125 देशों से अनुबंध<br />03 से 7 दिन सामग्री पहुंचने की अवधि<br />20 से 25 विदेशी डाक कोटा से जाती है  </p>
<p><strong>विश्व के 125 देशों से अनुबंध</strong><br />डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार भारतीय डाक विभाग ने विश्व के 125 देशों से डाक के माध्यम से सामग्री पहुंचाने का अनुबंध कर रखा है। इसमें अमरीका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस सहित विश्व के सभी बड़े देश शामिल हैं।  इन देशों में डाक विभाग की स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री पोस्ट और पार्सल पोस्ट से सामग्री भेजी जाती है। इसके लिए डाक विभाग में सामग्री की डिटेल को लेकर फार्म भरा जाता है। इसके बाद सामग्री के हिसाब से शुल्क जमा करवाना होता है। फिर ग्राहक की सामग्री को निर्धारित स्थान के लिए रवाना कर दिया जाता है।  </p>
<p><strong>ऐसे भेजते हैं सामग्री</strong><br />डाक विभाग की ओर से विदेशों में कोई भी सामान भेजने के लिए तीन तरह की सेवा संचालित कर रखी है। इसमें स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री पोस्ट और पार्सल पोस्ट शामिल हैं। विभाग ने प्रत्येक पोस्ट के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित कर रखा है। हालांकि सबसे ज्यादा उपयोग स्पीड पोस्ट सेवा का किया जाता है। जैसे की इसका नाम ही स्पीड पोस्ट है तो इसके माध्यम से अन्य सेवा की तुलना में जल्दी अपने निर्धारित स्थान पर सामग्री पहुंच जाती है। देश के सभी क्षेत्रों सहित विदेशों में भी ज्यादातर स्पीड पोस्ट से सामान भेजा जा रहा है। </p>
<p><strong>डाक निर्यात केन्द्र की सुविधा भी उपलब्ध</strong><br />डाक विभाग के ट्रेजरर धनराज मेघवाल ने बताया कि शहर के नयापुरा और धानमंडी स्थित प्रधान डाकघर में डाक निर्यात केन्द्र की सुविधा भी संचालित है। यह सुविधा कोटा संभाग में केवल इन दो केन्द्रों पर ही उपलब्ध है। इस में ऐसे ग्राहक जिनके पास इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट कोड हो वह अपना डाक निर्यात केन्द्र के लिए भारतीय डाक विभाग की वेबसाइट पर आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके बाद ग्राहक अपने घर बैठे विदेश भेजे जाने वाले सामान यानी आर्टिकल बुक कर सकते हैं। इसके लिए ग्राहक को डाकघर आने व कतार में खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी।</p>
<p><strong>कस्टम की क्लियरिंग के बाद पहुंंचेगी विदेश</strong><br />विभागीय सूत्रों के अनुसार दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्टÑीय हवाई अड्डे पर फोरेन पोस्ट आॅफिस का कार्यालय बना हुआ है। कोटा से विदेश जाने वाली सामग्री जयपुर होते हुए वहां पर पहुंचती है। वहां पर सामग्री की जांच कस्टम विभाग की ओर से की जाती है। इस दौरान विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहते हैं। कस्टम की क्लियरिंग मिलने के बाद सामग्राी को हवाई जहाज से निर्धारित स्थान के लिए रवाना कर दिया जाता है।</p>
<p><strong>कहां पहुंंची सामग्री, कर सकते हैं टैÑक</strong><br />डाक विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजी जाने वाली सामग्री निर्धारित स्थान पर पहुंचने की तिथि 3 से 7 दिन तय कर रखी है। यदि कस्टम क्लियरिंग में समय लगता है तो इसमें देरी भी हो सकती है। इस सम्बंध में विभागीय कर्मचारियों का कहना है विदेशों में जाने वाली पूरे देश की डाक दिल्ली के हवाई अड्डे पर पहुंंचती है। ऐसे में कई बार पार्सलों की संख्या अधिक होने से कस्टम क्लियरिंस में देरी हो जाती है। हालांकि ग्राहक इण्डिया पोस्ट से इसे ट्रैक कर सकते हैं कि उनकी सामग्री कहां पर पहुंची है। आर्टिकल बुक कराने के दिए गए नम्बर को वेबसाइट पर डालकर आसानी से रेगुलर स्टेटस चैक किया जा सकता है।</p>
<p><strong>ग्राहक को कराना पड़ता है इंश्योरेंस</strong><br />डाक विभाग के सूत्रों के अनुसार विदेशों में भेजे जाने वाली सामग्री का इंश्योरेंस ग्राहक को कराना पड़ता है। इसके लिए ग्राहक को अलग से शुल्क देना पड़ता है। कई बार महंगी चीजें ग्राहक विदेश में भेजता है। इस कारण डाक विभाग  ने इंश्योरेंस की सुविधा उपलब्ध करा रखी है। वहीं अधिकतम 20 किलो वजनी सामग्री को विदेशों में भेजा जा सकता है। इसके लिए ग्राहक को वजन और बाहरी देश की दूरी के हिसाब से शुल्क देना पड़ता है। ग्राहक महंगी सामग्री का इंश्योरेंस कराकर ही भेजता है।</p>
<p>वर्तमान में विदेशों में अपने परिचितों तक सामग्री पहुंचाने के लिए भारत का डाक विभाग सशक्त माध्यम बना हुआ है। आज भी डाक विभाग पर लोगों का भरोसा कायम है। कोटा जिले से भी प्रतिदिन 20 से 25 आर्टिकल (सामग्री) विदेशों में भेजी जा रही है। विभाग में नवाचार होने से अब आप आसानी से यहां से भेजे जानी वाली सामग्री को ट्रैक कर सकते हैं। <br /><strong>- मनीष चौरसिया, कार्यवाहक डाकपाल, मुख्य डाकघर धानमंडी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Sep 2023 18:44:42 +0530</pubDate>
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