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                <title>women reservation bill - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>women reservation bill RSS Feed</description>
                
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                <title>विजय वडेट्टीवार  का केंद्र सरकार पर हमला:  महिला आरक्षण विधेयक 'सिर्फ दिखावा', सरकार जनता को कर रही गुमराह </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महिला आरक्षण विधेयक पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने इसे जनता को गुमराह करने वाला दोहरा मापदंड करार दिया। वडेट्टीवार का आरोप है कि जनगणना और परिसीमन का बहाना बनाकर कार्यान्वयन में जानबूझकर देरी की जा रही है, जो वास्तविक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की नीयत पर सवाल उठाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/womens-reservation-bill-is-just-a-show-the-government-is/article-151538"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/vijay.png" alt=""></a><br /><p>नागपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने गुरुवार को महिला आरक्षण विधेयक को दिखावा करार दिया और सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। नागपुर प्रेस क्लब में मीडिया को संबोधित करते हुए, वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि सरकार में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने का कोई वास्तविक इरादा नहीं है और इसके बजाय वह इस मुद्दे का इस्तेमाल एक झूठी कहानी गढ़ने के लिए कर रही है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि विधेयक पहले पारित होने के बावजूद परिसीमन और जनगणना जैसे कारणों का हवाला देते हुए इसके कार्यान्वयन में बार-बार देरी हुई है जो सरकार की प्रतिबद्धता पर गंभीर संदेह पैदा करते हैं। कांग्रेस नेता ने आगे दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी इस मामले का राजनीतिकरण कर रही है जबकि वह महिलाओं की सुरक्षा और न्याय से संबंधित गंभीर चिंताओं को दूर करने में विफल रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि वह महिलाओं को प्रभावित करने वाले वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय पार्टी नेतृत्व के इशारे पर विपक्ष को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का रुख महिला सशक्तिकरण पर उसके "दोहरे मापदंड" को दर्शाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:16:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महिला आरक्षण समय की जरूरत, उम्मीद है सभी करेंगे इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन : अमित शाह</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने को राष्ट्र सशक्तिकरण के लिए अनिवार्य। पीएम मोदी के पत्र को साझा करते हुए कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं का अधिकार । अमित शाह ने सभी दलों से इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करने की अपील की। नीति निर्माण में नारी शक्ति की भागीदारी हो सके सुनिश्चित ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/women-reservation-is-the-need-of-the-hour-hope-everyone/article-150421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/amit-shah1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण विधेयक को जल्द से जल्द लागू किये जाने को समय की जरूरत बताते हुए उम्मीद जतायी है कि सभी राजनीतिक दल इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करेंगे। अमित शाह ने महिला आरक्षण को लागू करने से संबंधित विधेयक के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश की नारी शक्ति को मंगलवार लिखे गये पत्र को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इस पर प्रतिक्रिया करते हुए यह बात कही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "महिला आरक्षण विधेयक समय की आवश्यकता है। यह हमारी नारी शक्ति का उचित अधिकार है कि वे नीति निर्माण में योगदान दें और राष्ट्र को सशक्त बनाएं। मोदी सरकार इस विधेयक को लाने और लागू करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। यह एक ऐसा परिवर्तन है जो निश्चित रूप से बेहतर के लिए बिना किसी देरी के होना चाहिए। मुझे आशा है कि सभी लोग आगे आएंगे और इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करेंगे।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने के लिए संसद में गुरुवार को लाये जाने वाले संशोधन विधेयक से पहले नारी शक्ति को लिखे पत्र में कहा है, "यह भारत की नारी शक्ति के नाम मेरा पत्र है, जिसमें हम दशकों से लंबित इस कार्य को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहे हैं।"</p>
<p>अपने संदेश में पीएम मोदी ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया और नीतिगत उपायों तथा निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में बढ़ी हुई भागीदारी के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने पर सरकार के ध्यान को रेखांकित किया है। उल्लेखनीय है कि सरकार विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से संबंधित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जल्द से जल्द लागू करने के लिए इस में संशोधन के लिए गुरुवार को संसद में विधेयक लाने जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 18:26:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नारी शक्ति वंदन बिल पर सरकार की मंशा संदिग्ध, विपक्ष को मसौदा तक नहीं मिला : सतीश पौल मुंजनी</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने नारी शक्ति वंदन बिल की गोपनीयता पर केंद्र को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 16 अप्रैल से सत्र शुरू होने के बावजूद विपक्ष को विधेयक का मसौदा नहीं दिया गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए सरकार से राजनीतिक लाभ के बजाय स्वस्थ बहस की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/governments-intention-on-nari-shakti-vandan-bill-doubtful-opposition-did/article-150393"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/satish-paul.png" alt=""></a><br /><p>रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने नारी शक्ति वंदन बिल (महिला आरक्षण बिल) को लेकर केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मुंजनी ने कहा कि 16 अप्रैल से शुरू हो रहे तीन दिवसीय विशेष सत्र में जिस महत्वपूर्ण बिल को पारित कराने की बात की जा रही है, उसका मसौदा आज 14 अप्रैल तक भी विपक्षी दलों को उपलब्ध नहीं कराया गया है। मुंजनी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। इतना महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला विधेयक बिना पूर्व सूचना और बिना मसौदा साझा किए लाया जाना यह दर्शाता है कि सरकार स्वस्थ बहस और सार्थक विचार-विमर्श से बचना चाहती है। </p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल दिखावटी तरीके से महिला सशक्तिकरण का संदेश देना चाहती है, जबकि वास्तविकता में वह विपक्ष को बिना तैयारी के सदन में लाकर बहस को सीमित करना चाहती है। मुंजनी ने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सभी दलों के बीच व्यापक चर्चा, सुझाव और सहमति आवश्यक है। लेकिन केंद्र सरकार की जल्दबाजी और गोपनीयता यह संकेत देती है कि उसकी प्राथमिकता पारदर्शिता नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ उठाना है।</p>
<p>सरकार की मंशा महिलाओं की हित में है तो तुरंत इस बिल का विस्तृत मसौदा सभी विपक्षी दलों को उपलब्ध कराए, ताकि सदन में सार्थक और ठोस बहस हो सके और देश की महिलाओं के हित में एक मजबूत और प्रभावी कानून बनाया जा सके। मुंजनी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी भी महत्वपूर्ण कानून को बिना चर्चा और तैयारी के पारित करना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 17:25:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दशकों की प्रतीक्षा खत्म : नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर पीएम मोदी ने कहा-विधायिका में महिलाओं को आरक्षण 21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल से शुरू हो रहा विशेष सत्र पंचायतों से संसद तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। यह अधिनियम 2029 तक लागू होगा, जिससे स्टार्टअप से लेकर राजनीति तक भारतीय महिलाओं के सपनों को नई उड़ान मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-biggest-decision-of-the-21st-century-pm-modi-said/article-150273"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण देने से संबंधित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए लाये जाने वाले संशोधन विधेयक को 21 वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय करार देते हुए कहा कि यह पूरी तरह से नारी शक्ति को समर्पित है। प्रधानमंत्री ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि देश की संसद एक नया इतिहास रचने के निकट है जो अतीत की परिकल्पना और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।</p>
<p>पीएम मोदी ने गुरुवार को संसद में लाये जाने वाले इस संशोधन विधेयक से पहले सोमवार को यहां विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक लेने जा रहा है, एक ऐसा निर्णय जो नारी शक्ति को समर्पित है।" उन्होंने इस क्षण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि देश की संसद एक नया इतिहास रचने के निकट है जो अतीत की परिकल्पना और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। सामाजिक न्याय के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि देश एक समतावादी भारत की कल्पना करता है जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा नहीं बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग है। प्रधानमंत्री ने कहा, "राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक, दशकों की प्रतीक्षा अब समाप्त होने वाली है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2023 में नए संसद भवन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किया गया था और सभी दलों ने इस बात पर सहमति जताई थी कि इसे हर हाल में 2029 तक क्रियान्वित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को समय पर लागू किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं की भागीदारी से लोकतंत्र सुदृढ़ हो। इसके लिए संसद के बजट सत्र का विशेष सत्र 16 अप्रैल से आरंभ होगा। उन्होंने कहा, "हमारा प्रयास और प्राथमिकता यह है कि यह कार्य संवाद, सहयोग और भागीदारी के माध्यम से पूरा किया जाए, जिससे संसद की गरिमा बढ़ेगी।"</p>
<p>इस मुद्दे पर महिलाओं के बीच व्याप्त राष्ट्रव्यापी उत्साह की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भर की महिलाएं विधानसभाओं और लोकसभा तक पहुंचने की अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त कर रही हैं। उनके सपनों को नई उड़ान मिली है और देश में सकारात्मक माहौल का निर्माण हुआ है। प्रधानमंत्री ने सभी महिलाओं से इस पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने और अपने सांसदों से मिलकर अपने विचार और अपेक्षाएं साझा करने का आग्रह किया।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान सभा तक महिलाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए स्वतंत्र भारत की नींव रखने में नारी शक्ति की असीम भूमिका पर प्रकाश डाला। महिलाओं ने राष्ट्र के लिए हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है और देश में राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री तक, महिलाएं इतने महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं। उन्होंंने कहा, "राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक, जहां भी महिलाएं रही हैं, उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने पंचायती राज संस्थाओं को महिला नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा, "राजनीति और सामाजिक जीवन में लाखों महिलाओं की यह सक्रिय भागीदारी विश्व के अग्रणी नेताओं और राजनीतिक विशेषज्ञों को भी आश्चर्यचकित करती है और भारत के गौरव को बढ़ाती है।" प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्थानीय निकायों और संस्थानों में वर्षों से कार्यरत लाखों महिलाओं के पास व्यापक अनुभव है और वे बड़ी भूमिकाओं के लिए तैयार और उत्सुक हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का कार्यान्वयन इन सभी महिलाओं के जीवन में एक बड़ा अवसर साबित होगा। प्रधानमंत्री ने कहा, "पंचायत से संसद तक की यात्रा सुगम होने वाली है।"</p>
<p>विकसित भारत की यात्रा में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि उनकी सरकार ने 2014 से महिलाओं के जीवन चक्र के हर चरण के लिए योजनाएं बनाई हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हर निर्णय और योजना में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है जिसके परिणामस्वरूप महिलाएं आर्थिक तौर पर ज्यादा मजबूत हुई हैं। प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप क्रांति में महिलाओं के नेतृत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पंजीकृत स्टार्टअप में से 45 प्रतिशत से अधिक में कम से कम एक महिला निदेशक के रूप में कार्यरत है। उन्होंने कहा, "वर्षों पहले शुरू किए गए स्किल इंडिया मिशन के परिणाम अब हजारों ड्रोन दीदियों के माध्यम से दिखाई दे रहे हैं, जो प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिक खेती सिखाकर कृषि में क्रांति ला रही हैं।"</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि महिला-केंद्रित विकास विजन ने पुरानी सोच को चुनौती दी है और महिलाएं आज उन सेक्टरों में भी ऊंचाइयों को छू रही हैं जिन्हें कभी पुरुषों का गढ़ माना जाता था। भारतीय बेटियां लड़ाकू पायलट बन रही हैं और आसमान को छू रही हैं। पीएम मोदी ने कहा, "विश्व के किसी भी देश की तुलना में भारत में महिला पायलटों का प्रतिशत सबसे अधिक है।" पीएम मोदी ने देश की हर मां, बहन और बेटी को आश्वस्त किया कि राष्ट्र उनकी आकांक्षाओं को समझता है और उनके सपनों को साकार करने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रहा है। देश की नारी शक्ति ने कड़ी मेहनत, साहस और आत्मविश्वास के बल पर नई ऊंचाइयों को छुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें सामूहिक रूप से इस शक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करनी चाहिए और उनके लिए अवसरों का विस्तार करना चाहिए।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने एक विशेष अपील के माध्यम से महिलाओं से आग्रह किया कि वे नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम की चर्चा को व्यक्तिगत मुलाकातों और सोशल मीडिया के माध्यम से देश के हर गांव तक पहुंचाएं। देश को इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में हर महिला को जागरूक करना होगा ताकि वे इसकी शक्ति को समझ सकें, अपनी भूमिका को जान सकें और आने वाले समय में राज्यों से लेकर देश की संसद तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का स्पष्ट रूप से सपना देख सकें। उन्होंने निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को उज्जवल भविष्य की गारंटी बताते हुए कहा, "आइए हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि नारी शक्ति को उनके अधिकार प्राप्त हों और वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में पूर्ण भागीदार बनें - यही हमारे उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।"</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 18:13:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लगाया यू-टर्न का आरोप : जयराम रमेश बोले- महिला आरक्षण को लेकर स्पष्ट योजना नहीं बना पाई सरकार,  विपक्ष से संवाद करने में रही विफल </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर महिला आरक्षण को लेकर "यू-टर्न" लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनगणना और परिसीमन के नाम पर देरी करने के बाद, सरकार अब चुनावी लाभ के लिए अपना रुख बदल रही है। कांग्रेस ने इसे "भ्रामक राजनीति" करार देते हुए महिलाओं से माफी की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-accused-the-central-government-of-u-turn-jairam-ramesh-said/article-149829"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/jairam-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के संचार विभाग प्रभारी जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर महिला आरक्षण को लेकर "यू-टर्न" लेने का आरोप लगाया है। रमेश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री मीडिया में लेख लिखकर खुद को महिला आरक्षण का "अकेला चैंपियन" दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित हुआ था, तब कांग्रेस ने इसे 2024 से लागू करने की मांग की थी लेकिन सरकार ने इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिया, जिन प्रक्रियाओं में देरी हुई। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि करीब 30 महीने बाद, संभावित चुनावी नुकसान को देखते हुए सरकार अब अपना रुख बदल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अब जनगणना और उससे जुड़े परिसीमन को नजरअंदाज करने की बात कर रही है, जबकि अधिकारियों के अनुसार इसके परिणाम 2027 तक आ सकते हैं।</p>
<p>जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह विपक्ष से संवाद करने में विफल रही है और महिला आरक्षण को लेकर स्पष्ट योजना नहीं बना पाई। उन्होंने कहा कि यह "भ्रामक राजनीति" है, जिसका उद्देश्य सरकार की विफलताओं और विदेश नीति के मुद्दों से ध्यान हटाना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह पूरा दृष्टिकोण खासतौर पर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जहां भारतीय जनता पार्टी के पास अन्य ठोस मुद्दों की कमी है।</p>
<p>गौरतलब है कि कांग्रेस ने आज शाम कांग्रेस कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है जिसमें पार्टी की तरफ महिला आरक्षण पर चर्चा होगी और भविष्य की रणनीति पर विचार किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 12:29:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>युद्धविराम की विफलता के लिए ईरान नहीं होगा दोषी, इजरायल पर लगाम लगाए अमेरिका : उमर अब्दुल्ला</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमेरिका से इजरायल को नियंत्रित करने की अपील की है, ताकि पश्चिम एशिया में शांति बनी रहे। उन्होंने ट्रंप की भाषा की आलोचना की और पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना की। इसके अलावा, उन्होंने महिला आरक्षण और लुप्त होते जल निकायों पर चिंता जताते हुए सामूहिक नागरिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/iran-will-not-be-blamed-for-the-failure-of-the/article-149775"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/umer-abdullah.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि युद्धविराम की स्थिति सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका को इजरायल पर लगाम लगानी चाहिये। उन्होंने चेतावनी दी कि निरंतर होते हमले पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों को पटरी से उतार सकते हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आचरण की भी आलोचना की और उनके बयानों में "असंगति तथा अनुचित भाषा" का आरोप लगाते हुए कहा कि यह उनके पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है। मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से कहा कि ईरान ने संघर्ष की शुरुआत नहीं की थी और युद्ध उस पर "थोपा" गया था। उन्होंने युद्धविराम के बाद अमेरिका के जीत के दावों पर भी सवाल उठाये।</p>
<p>सीएम उमर अब्दुल्ला ने वाशिंगटन से "इजरायल को नियंत्रित करने" का आह्वान किया और लेबनान में जारी हमलों तथा नागरिक हताहतों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि युद्धविराम विफल होता है, तो इसकी जिम्मेदारी ईरान पर नहीं बल्कि इजरायल पर डाली जानी चाहिये। उमर अब्दुल्ला ने भारत की विदेश नीति पर कांग्रेस की आलोचना के संबंध में कहा कि वह इसे विफलता या सफलता का नाम नहीं देंगे, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान "वह करने में सफल रहा जो दूसरे नहीं कर सके।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि इजरायल के साथ भारत के घनिष्ठ संबंधों ने शायद उसके राजनयिक दायरे को सीमित कर दिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि ऐसा न होता, तो अमेरिका और ईरान दोनों के साथ बेहतर संबंधों के कारण नई दिल्ली अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकती थी। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यदि पाकिस्तान ने इसमें योगदान दिया है, तो "इसकी सराहना की जानी चाहिए और हमें आगे बढ़ना चाहिए।" सीएम ने महिला आरक्षण विधेयक की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद पहले ही इस मुद्दे पर कानून पारित कर चुकी है और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि अब क्या बदल गया है। उन्होंने कहा कि अब तक कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया है। उन्होंने पूछा, "अब क्या बदल गया है?" उन्होंने ध्यान दिलाया कि यह कानून भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ही लाई और उसी के नेतृत्व में इसे पारित किया गया था, न कि यह किसी पिछली सरकार से विरासत में मिला था।</p>
<p>उमर अब्दुल्ला ने महिला आरक्षण के प्रति समर्थन दोहराया लेकिन कहा कि "कुछ तो सही नहीं है।" उन्होंने भारत सरकार, विशेष रूप से भाजपा से इस पर "सच्चाई सामने रखने" का आग्रह किया कि मौजूदा कानून होने के बावजूद नये विधेयक पर विचार क्यों किया जा रहा है। श्री उमर ने जम्मू-कश्मीर में जल निकायों के सिकुड़ने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में - श्रीनगर के आसपास और ग्रामीण क्षेत्रों में - झीलें और जल निकाय या तो काफी सिकुड़ गये हैं या पूरी तरह लुप्त हो गये हैं। उमर अब्दुल्ला ने सामूहिक कार्रवाई का आह्वान करते हुये कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने सवाल किया कि क्या लोग आने वाली पीढ़ियों को एक खराब पर्यावरण सौंपना चाहते हैं। दैनिक आदतों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने नागरिकों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने का आग्रह किया और पूछा कि व्यक्ति प्लास्टिक पर निर्भर रहने के बजाय अपना थैला खुद क्यों नहीं ले जा सकते।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 18:46:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महिला आरक्षण विधेयक पर घमासान : कांग्रेस ने सरकार के फैसले को बताया 'एकतरफा' , सर्वदलीय बैठक की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 16 अप्रैल से बुलाई गई संसद की तीन दिवसीय बैठक को सरकार की 'मनमानी' करार दिया है। विपक्ष ने विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इसे 29 अप्रैल के बाद करने का सुझाव दिया था। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार बिना सर्वदलीय सहमति के नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन और परिसीमन जैसे गंभीर मुद्दों को थोप रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-targets-the-centre-calling-a-three-day-meeting-of-parliament/article-148995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/congress-logo.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि कुछ राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच 16 अप्रैल से महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन पर चर्चा के लिए संसद की तीन दिवसीय बैठक बुलाना सरकार का एकतरफा निर्णय है और इस बैठक को लेकर विपक्ष को नजरअंदाज कर पूरी तरह से मनमानी की गई है। कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संसद की बैठक 16, 17 और 18 अप्रैल को बुलाई गयी है। </p>
<p>इस बारे में सरकार के साथ जो विचार विमर्श हुआ था उसमें कहा गया था कि कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव हो रहे हैं इसलिए 29 अप्रैल के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस बारे में विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि 16 मार्च को संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा की इच्छा जताई तो श्री खरगे ने 15 मिनट के भीतर ही पत्र का जवाब देते हुए सुझाव दिया कि अलग-अलग चर्चा करने के बजाय सभी विपक्षी दलों को एक साथ आमंत्रित कर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।</p>
<p>लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी कहा कि यदि सरकार महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन करना चाहती है, तो इस पर सभी दलों की सहमति आवश्यक है और इसके लिए सर्वदलीय बैठक सबसे उपयुक्त मंच होगा। कांग्रेस नेता के अनुसार खरगे ने कहा था कि इस बारे में सामूहिक तौर पर फ़ैसला लीजिए और 29 अप्रैल के बाद सभी दलों की बैठक इस बारे में बुलाइए। सरकार के साथ इसको लेकर 16 से 26 मार्च तक खतों का आदान प्रदान हुआ लेकिन लगता है कि सरकार पहले ही मन बना चुकी थी और अंत में उसने एकतरफा निर्णय लेते हुए 16, 17, 18 अप्रैल को संसद की बैठक बुलाने का निर्णय लिया। मतलब साफ है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले ही आचार संहिता के दौरान ये संसद की बैठक होगी जबकि 24 मार्च को तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर, सभी विपक्षी दल सर्वदलीय बैठक के पक्ष में थे।</p>
<p>विपक्षी दलों ने सर्वसम्मति से सुझाव दिया था कि 29 अप्रैल के बाद बैठक बुलाए क्योंकि तब तक सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त हो जाएंगे। इसके बावजूद सरकार ने इस सुझाव को नहीं माना। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विपक्ष की मांग को दरकिनार करते हुए 16 अप्रैल से तीन दिन की संसद की बैठक बुलाई है, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस सत्र में महिला आरक्षण विधेयक के साथ-साथ परिसीमन का मुद्दा भी उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अब तक कोई व्यापक चर्चा नहीं हुई है।</p>
<p>कांग्रेस ने यह भी कहा कि सितंबर 2023 में लोकसभा और राज्यसभा द्वारा पारित महिला आरक्षण विधेयक में 30 महीनों के भीतर संशोधन लाने की बात कही गई थी और अब तीन दिन की बैठक बुलाकर इसी दिशा में कदम उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है और पहली बार चुनाव में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने किया था। उनके नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 1989 में 64, 65 संविधान संशोधन कर पंचायत और नगर पालिकाओं में एक तिहाई महिला आरक्षण का प्रावधान किया था। लोकसभा में यह संविधान संशोधन विधेयक पारित हुआ लेकिन राज्यसभा में भाजपा तथा उसके लोगों ने ही इसका विरोध किया था, जिसके कारण ये पारित नहीं हो पाया। तब 1993 में कांग्रेस की सरकार में 73, 74 संविधान संशोधन लोकसभा और राज्यसभा में पारित कराया जिसके कारण आज पंचायत और नगरपालिकाओं में करीब 30 लाख चुने प्रतिनिधियों में से 15 लाख महिलाएं हैं। आरक्षण का प्रावधान एक तिहाई है लेकिन महिलाओं की भूमिका उससे भी ज्यादा बढ़कर 50 प्रतिशत के करीब है लेकिन केंद्र सरकार आज इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 18:06:43 +0530</pubDate>
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                <title>ओबीसी महिला विरोधी है भाजपा, आरएसएस ने लगाया लागू करने में अडंगा- लाम्बा</title>
                                    <description><![CDATA[ महिला आरक्षण पर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अलका लांबा की ने भाजपा पर ओबीसी महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए आरएसएस को महिला आरक्षण लागू नहीं होने देने का जिम्मेदार ठहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bjp-is-anti-obc-women-rss-created-hurdles-in-its-implementation/article-57990"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/alka-lamba.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। महिला आरक्षण पर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अलका लांबा की ने भाजपा पर ओबीसी महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए आरएसएस को महिला आरक्षण लागू नहीं होने देने का जिम्मेदार ठहराया।</p>
<p>पीसीसी में सोमवार को मीडिया से बात करते हुए लाम्बा ने कहा कि सरकार की नीयत ठीक नही है, अगर इनकी मंशा महिलाओं को आरक्षण देने की होती थी तो इसके लिए पहले आल पार्टी मीटिंग बुलाते। उसमें चर्चा करते, लेकिन भाजपा ने दूसरे दलों को तो छोड़ो, अपनी महिला नेताओं से ही बात नही की। भाजपा में लोकतंत्र नही है। लाम्बा ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण को आरएसएस रोक रहा है, चूंकि इनकी विचारधारा इसको स्वीकार नही करती हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में एक मंत्री पर रेप का आरोप था,वो राजस्थान से था।</p>
<p>लाम्बा ने कहा कि सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाया। किसी को नही बताया गया कि किन मुद्दो को लेकर सत्र बुलाया गया है। मणिपुर हिंसा जैसे कई मुद्दे थे, वन नेशन वन इलेक्शन जैसी अटकले चलने लगी, फिर देश के ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए महिला आरक्षण की बात करने लगे। कांग्रेस ने इसका समर्थन किया, जब बिल पारित हुआ तो पता चला कि ये 2027 से लागू होगा। ये महिलाओ के साथ छलावा हैं। महिला आरक्षण के बाद संसद में महिलाओं की स्थिति बदलेगी और राजनीति का अपराधीकरण रुकेगा।भाजपा के महिला आरक्षण में जनगणना का पेंच फसाना महिलाओं के साथ नाइंसाफी है।</p>
<p><strong>राजीव गांधी बिल लाए तो भाजपा ने किया था विरोध</strong><br />लाम्बा ने कहा कि राजीव गांधी सरकार ने महिलाओं को पंचायत राज में आरक्षण दिया उसकी वजह से आज देश मे 14 लाख महिला जनप्रतिनिधि हैं। जब यूपीए की सरकार थी तब भी महिला आरक्षण को लेकर हम बिल लाये थे तब भाजपा के ही लोगों ने इसका विरोध किया था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं को 40 फीसदी टिकट दिए, लेकिन भाजपा ने उनके सामने अपराधी प्रवत्ति के लोगो को उतार दिया।</p>
<p><strong>कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को आगे बढाया</strong><br />लाम्बा ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा युवाओं, महिलाओं को आगे बढ़ाया हैं। संगठन में महिलाओं को पद दिए हैं। उदयपुर में हुए नव संकल्प शिविर में महिलाओं और युवाओं और दलितों को 33 फीसदी पदों पर नियुक्ति देने के फैसले लिए गए थे। आज सड़कों पर बेटियां न्याय के लिए सड़कों पर उतरी, लेकिन उन्हें न्याय नही मिला,सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एफआईआर हुई, लेकिन ब्रज भूषण सिंह की गिरफ्तारी नही हुई। पूरी भाजपा उसे बचाने में उतर गई</p>
<p><strong>मणिपुर घटना पर भाजपा महिला नेता रहीं चुप</strong><br />अलका लांबा ने राजस्थान की घटनाओं की मणिपुर से तुलना कर्म करने को गलत बताते हुए कहा कि मणिपुर में महिलाओं की इज्ज़त को तार तार किया गया। प्रधानमंत्री एक शब्द भी नहीं बोले। भाजपा पार्टी की महिला नेताओं ने भी चुप्पी साध रखी है। मणिपुर की घटनाओं पर अमेरिका और यूरोपियन संसद में चर्चा हो गई, लेकिन भाजपा ने संसद में चर्चा नही होने दी। अगर 2024 में हमारी सरकार बनेगी  तो पहले सत्र में ही महिला आरक्षण को लागू कर देंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Sep 2023 15:02:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राहुल-खड़गे ने किया पीसीसी के नए भवन का शिलान्यास, महिला आरक्षण मुद्दे पर मोदी सरकार पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[शिलान्यास कार्यक्रम के बाद आयोजित सभा में राहुल-खड़गे ने महिला आरक्षण बिल से लेकर देश के अन्य ज्वलंत मुद्दों पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rahul-kharge-laid-the-foundation-stone-of-pccs-new-building-and/article-57844"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/kharge-rahul2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मानसरोवर में प्रदेश कांग्रेस के नए भवन की नींव रखी।</p>
<p>शिलान्यास कार्यक्रम के बाद आयोजित सभा में राहुल-खड़गे ने महिला आरक्षण बिल से लेकर देश के अन्य ज्वलंत मुद्दों पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। सीएम अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट सहित अन्य नेताओं ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए 2023 में राजस्थान में कांग्रेस सरकार रिपीट होने का दावा किया।</p>
<p><strong>महिला आरक्षण बिल पर केंद्र ने फैलाया भर्म, हमारे सवालों का नहीं दे रहे जवाब</strong><br />कांग्रेस नेता राहुल ने कहा कि भाजपा को डर लगता है,इसलिए मेरे सवाल उठाने पर मेरी मेंबरशिप खत्म करवाई,मेरे सवाल उठाते ही ये ऐसा करने लगते हैं, क्योंकि ये लोग डरते हैं। कुछ दिन पहले मैंने पार्लियामेंट में अडानी वाला भाषण दे दिया। यह आप लोगों ने भले ही नहीं देखा हो,लेकिन बीजेपी वालों ने जरूर देखा। उसके बाद मेरी लोकसभा की सदस्यता को रद्द कर दिया। जिस तरह गाड़ी में एक्सीलेटर दबाते हैं इस तरह मेरे केस में भी फैसला कर दिया। पहली बार हिंदुस्तान में नानी के मामले में अधिक तम 2 साल की है उसमें मेरी मेंबरशिप को रद्द कर दिया।।क्योंकि इनको डर लगता है। बीजेपी वाले के सामने आप अडानी का नाम ले लीजिए वह भाग जाएगा भाजपा वाले से आप पूछ लीजिए कि प्रधानमंत्री और अडानी के बीच में क्या रिश्ता है तो भाग जाएगा। महिला आरक्षण तत्काल लागू होना चाहिए। बीजेपी  इस पर भ्रम फैला रही है।जिस दिन मैंने प्रेस कांफ्रेंस करके अडानी का मुद्दा उठाया तो अडानी के  मुद्दे पर ध्यान भंग करने के लिए  उन्होंने पार्लियामेंट का विशेष सत्र बुला लिया। पहले केवल का नाम बदल दिया महिला आरक्षण का मुद्दा भी लेकर आए। पहले इंडिया और भारत को लेकर कोई विवाद नहीं था इन्होंने सोचा कि इंडिया और भारत के बीच में लड़ाई करवाई जा पता लगाया की जनता इसको स्वीकार नहीं करेंगे। जनता इस बात को सुनने के लिए तैयार ही नहीं है। करीना कपूर की इन्होंने विशेष सत्र बुला लिया और अब क्या करें। चलो महिला आरक्षण की बात करते हैं। महिला आरक्षण कहां किया समर्थन करें राजीव गांधी की पंचायती राज संस्थाओं में महिला आरक्षण लेकर आए थे हमारे दो-तीन सवाल है। पहला सवाल है ओबीसी ओबीसी महिलाओं का आरक्षण क्यों नहीं किया। दूसरा बीजेपी के लोग कहते हैं महिला आरक्षण लागू करने से पहले जनगणना चाहिए जबकि इसकी कोई जरूरत नहीं है। आज लागू हो सकता है।</p>
<p><strong>मोदी सरकार को सिर्फ 90 लोग चलाते है</strong></p>
<p>मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश को 90 लोग चलाते हैं, 90 सचिवों में केवल तीन ओबीसी के हैं,  क्या ओबीसी की आबादी पांच परसेंट ही है। पीएम जातिगत जनगणना से क्यों डरते हैं, ओबीसी का अपमान मत कीजिए। जातिगत जनगणना एक्सरे की तरह है। देशन में कौन कितना है यह पता लग जाएगा। एक्सरे के बाद काम किया जा सकता है। अगर हम ओबीसी की भागीदारी देना चाहते हैं तो बिना जातिगत जनगणना के यह संभव नहीं है। प्रधानमंत्री ओबीसी के हितों की बात करते हैं तो फिर जातिगत जनगणना से क्यों डरते हैं।</p>
<p>राहुल गांधी ने राजस्थान सरकार के काम की तारीफ करते हुए कहा कि  कुछ दिन पहले मैंने रेलवे कुलियों से बातचीत की। कुलियों ने कहा कि राजस्थान सरकार की स्वास्थ्य स्कीम ने हमारी जिंदगी बचा दी। राजस्थान सरकार ने हमारी मदद की उसे नहीं भूल सकते। अंग्रेजी मीडियम स्कूलों की तारीफ करते हुए कहा कि बीजेपी नेता खुद के बच्चो को अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ाते हैं, वे नहीं चाहते गरीब का बच्चा अंग्रेजी सीखे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Sep 2023 15:29:11 +0530</pubDate>
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                <title>Women Reservation Bill पर पहली बार बोले सीएम गहलोत- OBC आरक्षण व जातिगत जनगणना के बिना अधूरा है बिल</title>
                                    <description><![CDATA[महिला आरक्षण बिल पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बयान आया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मीडिया से मुखातिब होते हुए बोले कि OBC आरक्षण व जातिगत जनगणना के बिना नारी शक्ति वंदन अधिनियम अधूरा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cm-gehlot-spoke-for-the-first-time-on-women-reservation/article-57712"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/cm-gehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। महिला आरक्षण बिल पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बयान आया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मीडिया से मुखातिब होते हुए बोले कि OBC आरक्षण व जातिगत जनगणना के बिना नारी शक्ति वंदन अधिनियम अधूरा है। </p><p>गौरतलब है कि नए संसद भवन में नारी शक्ति वंदन बिल को पटल पर रखा गया जो कि लोकसभा से दो तिहाई बहुमत से पास हो चुका है और आज राज्यसभा में रखा गया है। </p><blockquote class="twitter-tweet"><p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">OBC आरक्षण व जातिगत जनगणना के बिना अधूरा है नारी शक्ति वंदन अधिनियम !<br /><br />महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व देने का जो ऐतिहासिक कार्य श्री राजीव गांधी जी ने किया था उसे श्रीमती सोनिया गांधी जी ने आगे बढ़ाया।<br /><br />विपक्ष के दबाव व चुनावी दौर में राजनीतिक लाभ के लिए लाया गया यह बिल… <a href="https://t.co/m4vhSPyUWb">pic.twitter.com/m4vhSPyUWb</a></p>— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) <a href="https://twitter.com/ashokgehlot51/status/1704843615338434933?ref_src=twsrc%5Etfw">September 21, 2023</a></blockquote><p><img class="mce-object mce-object-script" width="300" height="150" alt="yH5BAEAAAAALAAAAAABAAEAAAIBRAA7"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Sep 2023 18:58:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>Women Reservation Bill पर लोकसभा में वोटिंग प्रक्रिया पूरी; बिल के समर्थन में 454 वोट, दो तिहाई बहुमत से बिल पास</title>
                                    <description><![CDATA[ सोनिया गांधी ने कहा कि ओबीसी महिलाओं को भी आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने जातिगत जनगणना की मांग भी की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/women-reservation-bill-loksabha-debate-live-update-sonia-gandhi-said-this-bill-was-brought-by-my-spouse-rajiv-gandhi-this-will-fulfill-his-dream-arjunram-meghwal-nishikant-dubey/article-57575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/women-reservation-bill-pass.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल ( Women Reservation Bill) पर चर्चा शुरु हो गई है। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ये बिल महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है। राज्यसभा में ये बिल साल 2010 में पास हुआ था तब बीजेपी ने इसका समर्थन किया था।<br /><br /><strong>बिल के पारित होने से राजीव गांधी का सपना पूरा होगा: सोनिया गांधी</strong><br />कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी ने कहा कि वो इस बिल का समर्थन करती हैं। महिलाओं में समंदर के जैसा धैर्य होता है। स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी को सबसे पहले सुनिश्चित करने का काम राजीव गांधी ने किया था। मेरे जीवनसाथी ही उस बिल को सबसे पहले लेकर आए थे। कांग्रेस पार्टी ने पीएम पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में उसे पारित कराया था। इसी का नतीजा है कि देश के स्थानीय निकायों में हमारे पास 15 लाख चुनी हुई महिला नेता हैं। <br /><br />उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल के पारित होने से राजीव गांधी का सपना पूरा होगा। अभी उनका सपना आधा ही पूरा हुआ है। ये बिल जल्द से जल्द से लागू किया जाना चाहिए। महिलाएं और इंतजार नहीं कर सकती है। कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण बिल को चाहती थी। बिल में देरी करने से महिलाओं के साथ अन्याय होगा। सोनिया गांधी ने जातिगत जनगणना की मांग भी की। उन्होंने कहा कि ओबीसी महिलाओं को भी आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के योगदान को स्वीकार करने और उसके प्रति आभार व्यक्त करने का यह सबसे उचित समय है। इस विधेयक को लागू करने में और देरी करना भारत की स्त्रियों के साथ घोर नाइंसाफी है। <br /><br />सोनिया गांधी ने कहा कि धुएं से भरी हुई रसोई से लेकर रोशनी से जगमगाते स्टेडियम तक भारत की स्त्री का सफर बहुत लंबा है लेकिन आखिरकार उसने मंजिल को छू लिया है। उसने जन्म दिया। उसने परिवार चलाया। उसने पुरुषों के बीच तेज दौड़ लगाई। भारत की स्त्री के हृदय में महासागर जैसा धीरज है। उसने खुद के साथ हुई बेइमानी की शिकायत नहीं की और सिर्फ अपने फायदे के बारे में कभी नहीं सोचा। उसने नदियों की तरह सबकी भलाई के लिए काम किया है और मुश्किल वक्त में हिमालय की तरह अडिग रही। स्त्री के धैर्य का अंदाजा लगाना नामुमकिन है। वह आराम को नहीं पहचानती और थक जाना भी नहीं जानती।<br /><br />सोनिया गांधी ने सवाल उठाया कि बीते 13 सालों से भारतीय स्त्रियां अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी का इंतजार कर रही हैं और अब उन्हें कुछ और साल इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है। क्या भारतीय महिलाओं के साथ यह बर्ताव सही है? <br /><br /><strong>आप लॉलिपोप बनाकर बिल को घुमाते रहे, सोनिया क्रेडिट लेना चाहती है: निशिकांत दुबे</strong><br />बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि ये देश संविधान से चलता है और हम संविधान सम्मत होकर काम करते है। आपको ये मानना पड़ेगा कि ये बिल पीएम मोदी लेकर आए हैं। दुबे ने कहा कि पीएम मोदी ने देशभर में शौचालय बनवाकर महिलाओं को सम्मान देने का काम किया है। कांग्रेस पार्टी ने बिल को लटकाकर रखा था। सोनिया गांधी इस बिल पर क्रेडिट लेना चाहती है। आप इस बिल को लॉलिपोप बनाकर घुमाते रहे।<br /><br /><strong>बीजेपी की राज्य सरकारों में कोई महिला मुख्यमंत्री नहीं है: काकोली घोष</strong><br />तृणमूल कांग्रेस सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में पहले ही ये लागू कर रखा है। पश्चिम बंगाल देश का अकेला ऐसा राज्य है जहां एक महिला मुख्यमंत्री हैं। चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी की देश के 16 राज्यों में सरकार है लेकिन किसी भी राज्य में कोई महिला मुख्यमंत्री नहीं है।<br /><br /><strong>10 साल बाद महिलाओं की याद क्यूं आई: डिंपल यादव</strong><br />सपा सांसद डिंपल यादव ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि सवाल ये है कि क्या आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव में ये बिल लागू हो पाएगा या नहीं। उन्होंने पूछा कि जनगणना कब होगी? सरकार जातिगत जनगणना करवाएगी या नहीं? डिंपल ने सभी वर्गों की महिलाओं को इसमें शामिल करने की मांग की। अल्पसंख्यक महिलाओं को भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। डिंपल ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को एक दशक बाद महिलाओं की याद क्यूं आई।</p>
<p><strong>महिलाओं को जल्द से जल्द से मिले अधिकार: राहुल गांधी</strong></p>
<p>कांग्रेस की तरफ से अपना पक्ष रखते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मुझे नई संसद में बोलते हुए काफी खुशी हो रही है। महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए का कि मैं इस बिल के समर्थन में हूं लेकिन महिलाओं को यह आरक्षण परिसीमिन और जनगणना के बाद देने के बजाय अभी कर देना चाहिए। और ओबीसी महिलाओं को भी आरक्षण मिले। </p>
<p><strong>संसद में चर्चा के बाद दो तिहाई से बिल पास</strong></p>
<p>कल पेश हुए बिल के बाद आज पूरे दिन की चर्चा के बाद लोकसभा में पर्ची के माध्यम से वोटिंग हुई जिसमें बिल दो तिहाई से पास हो गया। बिल के समर्थन में कुल 454 वोट पड़े। इस बिल के विरोध में भी 2 वोट पड़े।</p>
<p><strong>कल राज्यसभा में पेश किया जाएगा बिल</strong></p>
<p>लोकसभा में दो तिहाई बहुमत से पास होने के बाद बिल अब कल राज्यसभा के पटल पर रखा जाएगा। राज्यसभा में भी दो तिहाई बहुमत के बाद यह बिल राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। इसके बाद आधी राज्यों की विधानसभाओं से इस बिल को पारित करवाया जाना जरूरी है। जिसके बाद यह बिल कानून की शक्ल ले लेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Thu, 21 Sep 2023 14:14:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Women Reservation Bill: राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने बिल के देरी से लागू होने पर उठाए सवाल, 2029 तक करना पड़ेगा महिलाओं को इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[रंजीता रंजन ने सरकार को घेरते हुए कहा कि आप महिला अधिकारों की बात करते हैं लेकिन नए संसद भवन के उद्घाटन में आपने राष्ट्रपति मुर्मू को नहीं बुलाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/women-reservation-bill-discussion-in-rajya-sabha-ranjita-ranjan-jp-nadda-congress-bjp-parliament-special-session-updates/article-57667"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/women-reservation-bill.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में गुरुवार को महिला आरक्षण बिल पर चर्चा हुई। बिल पर बोलते हुए कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन ने सरकार को घेरते हुए कहा कि आप महिला अधिकारों की बात करते हैं लेकिन नए संसद भवन के उद्घाटन में आपने राष्ट्रपति मुर्मू को नहीं बुलाया। रंजीता ने परिसीमन और जनगणना कराने के बाद ही आरक्षण लागू होने की बात पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आरक्षण लागू करने में ये बाधा क्यों रखी गई है? क्या ये आरक्षण केवल एक चुनावी झुनझुना है? <br /><br />इससे पहले कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल को पेश किया। उन्होंने इसे बड़ा कदम करार देते हुए कहा कि आयोग इस बात का फैसला करेगा कि कौन सी सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएगी।<br /><br /><strong>आज बिल पास नहीं हुआ तो 2029 में भी नहीं चुनी जाएगी 33% महिलाएं: जेपी नड्डा</strong><br />बीजेपी सांसद जेपी नड्डा ने चर्चा के दौरान कहा कि मैं बीते 9 साल में महिलाओं के लिए किए गए कामों के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं का बड़ा स्थान रहा है। हमने नारी को देवी के रूप में देखा है। कई ऐसे देश हैं जहां महिलाओं को वोट देने के अधिकार के लिए लंबा संघर्ष हुआ है। हमने हमेशा स्त्रियों को सम्मान दिया। हमारा नजरिया कभी अबला नारी जैसा नहीं रहा। नड्डा ने कहा कि रिसर्च में कहा गया है कि महिलाओं के भीतर फैसले लेने की क्षमता ज्यादा होती है।<br /><br />नड़्डा ने कहा कि अगर आज बिल पास हो गया तो साल 2029 में 33% महिलाएं सांसद चुनी जाएगी। आज बिल पास नहीं हुआ तो 2029 में भी ऐसा नहीं हो पाएगा। ओबीसी महिलाओं को आरक्षण देने की मांग के संदर्भ में नड्डा ने कहा कि कांग्रेस के पास कुल जितने सांसद हैं उससे ज्यादा तो हमारे ओबीसी सांसद हैं। आप ओबीसी को गाली देते हैं और माफी नहीं मांगते हो। हमारी पार्टी ने देश को पहला ओबीसी पीएम दिया।<br /><br /><strong>सरकार अभी मौजूदा 545 सांसदों पर क्यों नहीं लागू करती बिल, सरकार केवल क्रेडिट लेना चाहती है: संदीप कुमार पाठक</strong><br />आप के राज्यसभा सांसद संदीप कुमार पाठक ने कहा कि ये बिल महिलाओं को बेवकूफ बनाने वाला है। ये रिजर्वेशन देने वाला नहीं बल्कि रिजर्वेशन लेने वाला बिल है। उन्होंने कहा कि पहले जनगणना होगी और फिर परिसीमन होगा। ऐसे में महिला आरक्षण बिल के भविष्य का कोई अंदाजा नहीं है। इस बिल को लोकसभा में मौजूदा 545 सांसदों पर क्यों नहीं लागू कर देते। संदीप ने कहा कि सरकार इस बिल को लागू करना नहीं चाहती केवल क्रेडिट लेना चाहती है।<br /><br /><strong>पुरानी संसद में कोई वास्तु दोष था क्या जो बिल लाने में इतना टाइम लग गया: केसी वेणुगोपाल</strong> <br />कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने मोदी सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि आप 9 साल से सरकार में हो फिर इस बिल को लाने में इतनी देर क्यों कर दी? क्या पुरानी संसद में कोई वास्तु दोष था? वेणुगोपाल ने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर यह सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व नेता महिलाओं को आरक्षण देने का विरोध करते रहे हैं। कांग्रेस ने स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में महिलाओं को आरक्षण देकर उन्हें मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार आम जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर रही है। मनरेगा इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को सही मायने में सशक्तिकरण किया है। भाजपा चुनावी हथकंडा के रूप में महिला आरक्षण विधेयक का प्रयोग कर रही है। अगर सरकार वास्तव में महिलाओं की हितैषी है तो उसे ओबीसी वर्ग की महिलाओं को भी आरक्षण देना चाहिए। सरकार को जातिगत जनगणना करानी चाहिए।<br /><br /><strong>मनोज झा ने कहा 33% ही क्यों 50 या 55% क्यों नहीं </strong><br />आरजेडी सांसद मनोज झा ने बिल पर अपनी बात रखते हुए कहा कि एससी और एसटी के लिए पहले से ही सीटें कम है। उन्हीं सीटों में से महिलाओं को आरक्षण देने से उनकी सीटें और कम हो जाएगी। मनोज झा ने कोटे के भीतर कोटा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि 180 सीटों में से ही एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण केवल 33% ही क्यों दिया जा रहा है, 50 या 55% क्यों नहीं?<br /><br /><strong>चुनाव को देखकर विधेयक लाई है सरकार: इलामारम करीम</strong><br />इलामारम करीम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव को देखकर यह विधेयक लाई है। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में मिली हार के साथ ही दिल्ली नगर निगम चुनाव में मिली पराजय से उबरने के लिए सरकार यह विधेयक लेकर आई है।</p>
<p><strong>सरकार को केवल वादे करने का शौक है, उन्हें पूरा करने का नहीं: डोला सेन</strong><br />तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि यह विधेयक बुधवार को लोकसभा ने पास किया और गुरूवार को राज्यसभा में पेश कर दिया गया इससे लगता है कि यह केवल चुनाव को ध्यान में रखकर लाया गया है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का लाभ 2029 में महिलाओं को मिलने की बात कही जा रही है इससे लगता है कि यह खोखला वादा भी साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने जिस तरह से कृषि कानूनों को वापस लिया था ऐसा लगता है कि बाद में इस विधेयक का भी यही हश्र न हो। उन्होंने कहा कि इस सरकार को केवल वादे करने का शौक है और उन्हें पूरा करने का नहीं।</p>
<p><strong>महिलाओं को 2029 में मिलेगा लाभ, यह बहुत लंबा इंतजार: कनिमोझी<br /></strong>द्रमुक की कनिमोझी ने कहा कि सरकार ने अनेक विवादास्पद विधेयक पारित किए लेकिन यह महिला आरक्षण विधेयक से बचती रही और अब चुनावी फायदे के लिए यह विधेयक लेकर आयी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विधेयक के लिए जरूरी तैयारी नहीं की और इसे अधिक बेहतर बनाया जा सकता था। विधेयक का लाभ महिलाओं को 2029 में मिलने की बात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह बहुत लंबा इंतजार हो जायेगा। ऐसा लगता है कि सरकार लोगों को भ्रमित कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Sep 2023 14:12:42 +0530</pubDate>
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