<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/bar-council/tag-39736" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Bar Council - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/39736/rss</link>
                <description>Bar Council RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> बार काउंसिल ऑफ राजस्थान चुनाव : व्यवस्था और फर्जी मतदान की शिकायत, हाईकोर्ट स्थित पोलिंग बूथ में मतदान रद्द </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान बार काउंसिल के चुनावों में जयपुर हाईकोर्ट बूथ पर फर्जी वोटिंग और अव्यवस्थाओं के चलते मतदान रद्द कर दिया गया। 8 साल बाद हो रहे इन चुनावों में 234 प्रत्याशी मैदान में हैं और पहली बार महिला आरक्षण लागू किया गया है। अब जयपुर में मतदान की नई तारीख घोषित होगी, जबकि अन्य जिलों में प्रक्रिया जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/complaint-about-arrangement-and-fake-voting-election-canceled-at-high/article-151286"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)35.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के अधिवक्ताओं की नियामक संस्था बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनाव आज हो रहे हैं। सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक प्रदेश के हर जिले में अदालतों में मतदाता बूथ बनाए गए हैं। वहीं जयपुर के हाईकोर्ट स्थित पोलिंग बूथ में व्यवस्थाओं और फर्जी वोटिंग को लेकर हंगामा हो गया। इसके बाद यहां मतदान को रद्द कर दिया गया। अब चुनाव के लिए नई तारीख घोषित की जाएगी। राजस्थान हाईकोर्ट में स्थित पोलिंग बूथ पर करीब 50 मिनट देरी से मतदान आरंभ हुआ। इस दौरान सबसे पहले 94 वर्षीय रिटायर्ड जस्टिस विजय शंकर दवे ने पहला वोट डाला।</p>
<p>3 साल की देरी के बाद करीब 8 साल बाद हो रहे इन चुनाव में 23 पदों के लिए 234 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इसके लिए कुल 258 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। जहां प्रदेश के 84,247 अधिवक्ता बतौर मतदाता के रूप में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव में इस बार पहली बार महिला वकीलों को आरक्षण दिया गया है। वहीं इस बार सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित कमेटी की निगरानी में चुनाव कराए जा रहे हैं। मतदान के बाद सभी मतपेटियां जिला जज के पास जमा कराई जाएगी, जो कल पुलिस सुरक्षा में जोधपुर पहुंचेगी। जहां 29 अप्रैल से मतगणना शुरू होगी। करीब 1 महीने की लंबी प्रक्रिया के बाद चुनाव परिणाम घोषित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/complaint-about-arrangement-and-fake-voting-election-canceled-at-high/article-151286</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/complaint-about-arrangement-and-fake-voting-election-canceled-at-high/article-151286</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:57:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/111200-x-600-px%2935.png"                         length="1280632"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जोधपुर में सियासी बयानबाज़ी तेज: मंत्री पटेल का गहलोत पर पलटवार, पेयजल संकट पर भी दिया बयान</title>
                                    <description><![CDATA[जोधपुर में मंत्री जोगाराम पटेल ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर न फेंकें। उन्होंने गहलोत पर पुत्र राजनीति के लिए दूसरों का हक मारने का आरोप लगाया। साथ ही, मारवाड़ में पेयजल किल्लत से निपटने हेतु कंटिनजेंसी प्लान और बार काउंसिल के विस्तार पर भी चर्चा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/political-rhetoric-intensified-in-jodhpur-minister-patel-hit-back-at/article-148338"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jogaram-petal.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर।  पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर प्रदेश की सियासत में गर्मी बढ गई है प्रदेश में गर्मी के मौसम के साथ ही राजनीति भी गरम होने से अब एक दूसरे पर हमला किया जा रहा है। जोधपुर प्रवास पर आए मंत्री जोगाराम पटेल ने गहलोत के बयान बोला कि पहले वो अपने बारे में सोचे। जिनके खुद के घर शीशे के होते है वो दूसरे के घरो पर पत्थर नही फेका करते है। राजनीति में किसी भी राजनेता को पुत्र आमतौर पर राजनीति एवं कार्य में हस्तक्षेप नही करता है लेकिन गहलोत साहब पहले स्वयं सोचे की अपने ही पुत्र के लिए कई लोगो का हक मारा ,कभी जोधपुर संसदीय क्षेत्र कभी जालौर सिरोही संसदीय क्षेत्र तो कभी किक्रेट कहा कहा हक नही मारा है यह गहलोत साहब को शोभा नही देता है फिर भी वो हमारे है।</p>
<p>प्रदेश में गर्मी के मौसम की शुरूआत हो चुकी है लेकिन पेयजल को लेकर अभी से आमजनता परेशान होने लगी है । पेयजल की किल्लत शुरू होने के साथ प्रदेश सरकार के मंत्री जोगाराम पटेल ने भी स्वीकार किया है कि विशेषकर मारवाड पश्चिम राजस्थान में गर्मी के मौसम में पेयजल की किल्लत होती है। उन्होने कहा कि पेयजल कि किल्लत हर साल होती है लेकिन सरकार इसको लेकर पूरी तरह से तैयार है। उन्होने कहा कि पेयजल को लेकर कंटलजेंसी प्लान तैयार कर लिया है। ऐसे में गर्मी में जनता के पेयजल का ध्यान रखा जाएगा। बार कौंसिल ऑफ राजस्थान में सदस्यों की संख्या बढाने के मामले कहा कि बार कौंसिल ऑफ राजस्थान की स्थापना के समय जितने सदस्य थे आज भी उतने ही है। हम चाहते है कि बार व बेंच का सामजंस्य बना रहे लेकिन बार के सदस्यों की संख्या बढाने के लिए कोई प्रस्ताव नही आया है। हम तो प्रयास कर रहे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/political-rhetoric-intensified-in-jodhpur-minister-patel-hit-back-at/article-148338</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/political-rhetoric-intensified-in-jodhpur-minister-patel-hit-back-at/article-148338</guid>
                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 17:27:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/jogaram-petal.png"                         length="546586"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बार काउंसिल कानून से अधिक नामांकन शुल्क नहीं वसूल सकती: SC </title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने कहा कि एक्ट के तहत सामान्य वर्ग के वकीलों के लिए 750 रूपये और एसटी/एससी वर्गों से आने वाले वकीलों को 125 रूपये नामांकन फीस है। बार काउंसिल को नियमों का पालन करना चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bar-council-cannot-charge-enrollment-fee-more-than-the-law/article-86297"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/supreme-court--2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने नए वकीलों को बार काउंसिल में नामांकन दाखिल करने के लिए शुल्क को लेकर बड़ा फैसला दिया है। सीजेआई ने जजमेंट में लिखा कि भारत और राज्य की बार काउंसिल वकीलों के लिए बार काउंसिल एडवोकेट्स एक्ट में तय शुल्क से अधिक नहीं ले सकते। संविधान के अनुच्छेद 19(1)(3) और 14 तथा अधिवक्ता अधिनियम की धारा 24(1)(एफ) का उल्लंघन है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एक्ट के तहत सामान्य वर्ग के वकीलों के लिए 750 रूपये और एसटी/एससी वर्गों से आने वाले वकीलों को 125 रूपये नामांकन फीस है। बार काउंसिल को नियमों का पालन करना चाहिए। अधिक शुल्क वसूली कमजोर वकीलों के आगे बढ़ने में अवरोध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/bar-council-cannot-charge-enrollment-fee-more-than-the-law/article-86297</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/bar-council-cannot-charge-enrollment-fee-more-than-the-law/article-86297</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jul 2024 15:11:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/supreme-court--2.jpg"                         length="195864"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लॉ कॉलेज की सीटों पर लटकी तलवार</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना के बाद से ही बीसीआई द्वारा भौतिक की जगह ऑनलाइन निरीक्षण किया जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sword-hanging-on-law-college-seats/article-57445"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/law-college-ki-seato-pr-latki-talwar...kota-news-18-09-2023.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बार काउंसिल ऑफ इंडिया भौतिक निरीक्षण के लिए कोटा आ जाए तो संभाग के सबसे बड़े राजकीय विधि महाविद्यालय की मान्यता खतरे में पड़ सकती है। वहीं, सीटें 120 से घटकर आधी रह सकती है। दोनों ही स्थिति में विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटक सकती है। क्योंकि, कॉलेज बिल्डिंग से लेकर क्लासरूम तक की सम्पूर्ण व्यवस्था सुव्यवस्थित होने के साथ बीसीआई के निर्धारित मापदंड के अनुरूप होनी चाहिए, जो कोटा गवर्नमेंट लॉ कॉलेज की नहीं है। वर्तमान में महाविद्यालय दुर्दशा का शिकार है। चारों तरफ अवैध खनन के बड़े-बड़े गहरे गडढ़े हो रहे हैं और चारों तरफ गंदगी का ढेर लगा हैं। इतना ही नहीं, यह कॉलेज दो कमरों में ही संचालित हो रहा है, जो नियमों के विपरीत है। दरअसल, लीगल एजुकेशन का स्टैण्डर्ड मेंटेन रखने के लिए लॉ कॉलेजों को बीसीआई की मान्यता चाहिए होती है। जिसके लिए महाविद्यालयों द्वारा हर वर्ष आवेदन किया जाता है। इस पर बीसीआई की टीम मौके पर पहुंचकर कॉलेजों के साधन-संसाधनों की वास्तविकता परखती है। इसके बाद ही मान्यता व सीटों का फैसला होता है। लेकिन, कोरोना के बाद से ही बीसीआई द्वारा भौतिक की जगह आॅनलाइन निरीक्षण किया जा रहा है। जिससे कॉलेजों की वास्तविकता उजागर नहीं हो पाती।</p>
<p><strong>यूं खतरे में पड़ सकती है मान्यता या सेशन</strong><br />राजकीय विधि महाविद्यालय कोटा के प्रोफेसर डॉ. महेंद्र सिंह मीणा का कहना है कि लीगल एजुकेशन का स्टैंण्डर्ड मेंटेन करने के लिए बीसीआई रूल्स बनाती है और उन्हीं नियमों के आधार पर इंडिया में कानूनी शिक्षा की गुणवत्ता नियंत्रित करती है। इसके लिए पॉलीसी व गाइड लाइन बनाई गई है। जिसके तहत कॉलेजों में 7 से 10 कक्षा-कक्ष, खेल मैदान, शारीरिक शिक्षक, स्मार्ट क्लास व स्मार्ट लाइब्रेरी, मूट कोर्ट, शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ सहित अन्य साधन-संसाधनों का नियमों के अनुरूप होना जरूरी है। इन सुविधाओं की वास्तविकता को बीसीआई की टीम भौतिक निरीक्षण कर परखती है। जिसमें खामियां मिलने पर बीसीआई संबंधित कॉलेज की मान्यता रदद या सीटों की संख्या कम कर सकती है।</p>
<p><strong>बीसीआई की मान्यता क्यों जरूरी?</strong><br />बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से तय किया जाता है कि कितने छात्र लॉ की पढ़ाई करेंगे। मान्यता देने से पहले शिक्षकों की योग्यता से लेकर कोर्स और तमाम जरूरी संसाधनों की जांच के बाद ही कॉलेजों को दाखिले की अनुमति दी जाती हैै। जितने छात्रों को दाखिले की अनुमति मिलती है वही अदालतों में अपना पंजीकरण कर प्रैक्टिस कर पाते हैं। बिना अनुमति के अगर किसी कॉलेज ने दाखिले कर लिए तो उनको प्रैक्टिस करने की अनुमति भी नहीं मिल पाती। इसलिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू करने के लिए बीसीआई की परमिशन जरूरी होती है।</p>
<p><strong>क्या है बीसीआई की गाडइ लाइन</strong><br />- 60 विद्यार्थियों का एक सेशन होता है, जिस पर 5 शिक्षक होना चाहिए। वहीं, 120 स्टूडेंटस का दो सेशन होता है। जिस पर 10 शिक्षक होना चाहिए।<br />- महाविद्यालय में आधुनिक लाइब्रेरी और पुस्कालय अध्यक्ष होना चाहिए। लाइब्रेरी में कम से कम 10 हजार किताबें होना अनिवार्य है और प्रतिवर्ष न्यूनतम 1 लाख रूपए की किताबें खरीदना आवश्यक है।<br />- विधि महाविद्यालय में अशैक्षणिक कर्मचारियों का पदस्थापन जरूरी है। साथ ही कॉलेज में सेमीनार हॉल, आईसीटी रूम यानी कम्प्यूटर लैब होना जरूरी है।<br />- बीसीआई के नियमानुसार कॉलेज में विद्यार्थियों की प्रक्टिस के लिए 50 गुना 60 साइज में मूट कोर्ट बना होना चाहिए। काल्पनिक न्यायलय का पूरा स्ट्रेक्चर जैसे जज की कुर्सी, टेबल यानी डाइज, दोनों तरफ कटघरे, रीडर की टेबल, क्लाइंट व पक्षकारों के बैठने के लिए 80 कुर्सियां और सॉफट फाइल वीडियो, आॅडियो के रूप में उपलब्ध सबूतों को सुनने व देखने के लिए कम्प्यूटर व प्रोजेक्टर होना चाहिए।  <br />- कॉलेज परिसर में करीब 100 गुणा 100 साइज का खेल मैदान होना जरूरी है। वहीं, बास्केट बॉल, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल सहित अन्य सुविधाएं होने के साथ शारीरिक शिक्षक होना चाहिए।</p>
<p><strong>उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविकता</strong><br />- राजकीय विधि महाविद्यालय कोटा में वर्तमान में 60-60 के दो सेशन चल रहे हैं। 120 सीटों पर 8 ही शिक्षक नियुक्त हैं, जबकि 2 शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर हैं। इनमें से एक शिक्षक कोटा विश्वविद्यालय व दूसरे उच्चा शिक्षा ग्रुप-4 शासन सचिवालय जयपुर में कार्यरत हैं।<br />- यहां न तो आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी है और न ही पुस्तकालय अध्यक्ष है। प्रतिवर्ष 20 हजार रूपए की ही किताबें खरीदी जा रही है, वह  भी बजट उपलब्ध होने पर। कई बार ऐसी स्थिति भी आती है जब बजट के अभाव में किताबों की खरीद नहीं हो पाती।<br />- कॉलेज में नियमों के अनुरूप मूट कोर्ट नहीं है। हालांकि, क्लासरूम में<br />- विधि महाविद्यालय में खेल मैदान ही नहीं है। परिसर में 10 से 20 फीट गहरे गडढ़े हो रहे हैं। चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। <br />- कॉलेज में अशैक्षणिक कर्मचारियों के 10 पद स्वीकृत हैं जबकि एक भी कर्मचारी नियुक्त नहीं है। हालांकि, यहां एक ही अशैक्षणिक कर्मचारी है जो 2021 से ही जयपुर के बगरू कॉलेज में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत है।</p>
<p><strong>240 से घटकर रह गई 120 सीट</strong><br />कोटा लॉ कॉलेज मई 2005 से अक्टूबर 2016 तक गवर्नमेंट कॉलेज कोटा में अलग से अस्थाई कॉलेज के रूप में संचालित रहा। इस दरमियान प्रथम वर्ष की सीट 240 थी। जिसकी वजह कैम्पस बड़ा होना, खेल मैदान, पर्याप्त कक्षा कक्ष होना था। लेकिन, फरवरी 2017 में जैसे ही विधि महाविद्यालय रावतभाटा रोड स्थित टैगोर नगर में खुद की बिल्डिंग में शिफट होते ही सीटें 240 से घटकर 120 ही रह गई। क्योंकि, इस समय 390 स्टूडेंटस पर 2 ही शिक्षक कार्यरत थे।</p>
<p>राजकीय विधि महाविद्यालय कोटा वर्तमान में दुर्दशा का शिकार है। यदि, बीसीआई की टीम कोटा पहुंचकर कॉलेज का भौतिक निरीक्षण करे तो मान्यता या सेशन खतरे में पड़ सकते हैं। सीटें 120 से घटकर 60 ही रह सकती है। क्योंकि, कॉलेज की स्थिति बीसीआई की गाइड लाइन के अनुरूप नहीं है। इससे पहले बीसीआई वर्ष 2017 में एक सेशन घटा चुकी है। जिसकी वजह से सीटें 240 से घटकर 120 ही रह गई है। जिससे कई विद्यार्थी दाखिले से वंचित रह गए।<br /><strong>- गौरव मीणा, छात्रसंघ अध्यक्ष, विधि महाविद्यालय कोटा</strong></p>
<p>पिछले 7 साल से सेशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन, बीसीआई के नियमों के अनुसार कॉलेज में करीब 8 कक्षा कक्ष होना चाहिए, जो वर्तमान में 2 ही हैं। खेल मैदान, अशैक्षिणक स्टाफ, पुस्तकालय अध्यक्ष सहित अन्य साधन संसाधनों का अभाव होने से सेशन यानी सीटें नहीं बढ़ पा रहे। सुविधाएं विकसित करने के लिए कॉलेज प्रशासन द्वारा आयुक्तालय को पत्र लिख स्थिति से अवगत कराया। इसके बावजूद सुधार नहीं हुआ।<br /><strong>- बुद्धराज मेरोठा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, लॉ कॉलेज</strong></p>
<p>संभाग का सबसे बड़ा कॉलेज होने के नाते यहां 240 सीटें होनी चाहिए। वहीं, पीजी संचालित करने की स्वीकृति मिलनी चाहिए। हर साल प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए 600 से ज्यादा आवेदन आते हैं, जबकि, सीटें 120 ही हैं। ऐसे में कई विद्यार्थी दाखिले से वंचित रह जाते हैं और निजी कॉलेजों में कानून की पढ़ाई के लिए महंगी फीस चुकानी पड़ती है। <br /><strong>- हरिओम मीणा, छात्रनेता, लॉ कॉलेज  </strong></p>
<p>महाविद्यालय के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में भामाशाहों के सहयोग से मूट कोर्ट भी लगवाए हैं। कॉलेज के लिए समूचित विकास के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। <br /><strong>- डॉ. चंद्रजीत सिंह, प्राचार्य, विधि महाविद्यालय</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sword-hanging-on-law-college-seats/article-57445</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sword-hanging-on-law-college-seats/article-57445</guid>
                <pubDate>Mon, 18 Sep 2023 18:43:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/law-college-ki-seato-pr-latki-talwar...kota-news-18-09-2023.png"                         length="670062"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        