<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/insurance-claim/tag-39741" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Insurance claim - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/39741/rss</link>
                <description>Insurance claim RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>किसान लोन क्लेम प्रक्रिया हुई आसान, अजमेर में 6 माह में 107 मामलों का निस्तारण</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान सरकार ने अल्पकालीन फसली ऋण लेने वाले किसानों के लिए रिस्क रिलीफ फंड से ऑटोमैटिक क्लेम व्यवस्था शुरू की है। आत्महत्या के अतिरिक्त किसी भी कारण से मृत्यु होने पर, लोन के बराबर राशि का भुगतान सीधे किया जाएगा। इसके लिए नॉमिनी को मृत्यु प्रमाणपत्र को आधार और जन आधार से लिंक करना अनिवार्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/farmer-loan-claim-process-made-easy-107-cases-resolved-in/article-147053"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ajmer3.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। राज्य सरकार ने सहकारिता विभाग के माध्यम से अल्पकालीन फसली लोन लेने वाले किसानो की आत्महत्या को छोड़कर किसी भी प्रकार से मृत्यु होने पर किए जाने वाले क्लेम का भुगतान अब सीधे सरकार के रिस्क रिलीफ फंड से ऑटोमेटीक व्वस्था के तहत किया जा रहा है।</p>
<p>इसके लिए किसान लोनी के नॉमिनी को मृत्यु होने वाले किसान का आधार कार्ड और जन आधार कार्ड से मृत्यु प्रमाण पत्र को लिंक करवाना आवश्यक है। अजमेर जिले मै अक्टूबर 2025 से अब तक 107 किसानो को क्लेम की राशि का भुगतान कर दिया गया है। भुगतान की राशि स्वीकृत लोन के दौरान 1 प्रतिशत अंसदान मै से किया जा रहा है। भुगतान की राशि लोन के बराबर की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/farmer-loan-claim-process-made-easy-107-cases-resolved-in/article-147053</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/farmer-loan-claim-process-made-easy-107-cases-resolved-in/article-147053</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 15:09:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/ajmer3.png"                         length="746298"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्लेम के बावजूद नहीं मिला मुआवजा, प्राकृतिक आपदा से परेशान किसान बोले– बीमा योजना बन गई छलावा</title>
                                    <description><![CDATA[फसल बीमा योजना किसानों के लिए छलावा साबित हो रही। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-farmer-insurance-claim-process-is-completed--but-the-crop-compensation-amount-is-in-limbo/article-129534"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। धरतीपुत्र मेहनत करके अपनी फसल तैयार करते है, दिनरात फसल पैदावार को लेकर चिंतित रहते है। खाद बीज को नगद या उधार लेकर फसल तैयार करते है लेकिन कभी कभी जब प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों की फसल चौपट हो जाती है तो किसान बीमा क्लेम राशि के लिए सारी प्रकिया तो कर देते है लेकिन फसल मुआवजा अधर झूल में ही अटक जाती है।  फसल बीमा योजना किसानों के लिए छलावा साबित हो रही है। सहकारी समिति या सरकारी और निजी बैंकों से किसान फसल ऋण या किसान क्रेडिट कार्ड योजना से ऋण लेता है तो उसकी प्रीमियम उसके खाते से जमीन के रकबे के हिसाब से रबी और खरीब दोनों के लिए अलग अलग काटकर खाते में फसल बीमा प्रीमियम कटौती के रूप ने जोड़ दिया जाता है। जब किसानों की फसल प्राकृतिक आपदा जैसे बेमौसम बारिश, आग, तूफान, ओलावृष्टि के कारण खराब होती है तो किसान को 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचना देनी होती बीमा कंपनी के टोल फ्री नं पर या ऐप के माध्यम से खेत पर जाकर फोटो अपलोड करने होते है । वाट्सअप नं पर भी सूचना दी जा सकती है। फिर बीमा कंपनियों के सर्वेयर , कृषि विभाग का सर्वे , राजस्व विभाग सर्वे किया जाता है। लेकिन कही ना कही किसानों को बीमा योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसान फसल बोने के लिए पैसे उधार लेता है और खेती करता है लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण जब फसल खराब या नष्ट हो जाती है तो किसानों को फसल मुआवजा के लिए इधर उधर चक्कर काटने पड़ते है। </p>
<p>सोयाबीन की फसल प्राकृतिक प्रकोप से बिगड़ चुकी है और धरतीपुत्र परेशान चल रहे हैं। दीपावली का त्यौहार भी कैसे मनाएंगे। क्लेम किया है तो तुरंत मिलना चाहिए।<br /><strong>- उग्रसेन नागर किसान </strong></p>
<p>अभी हमने जो सोयाबीन फसल बोई है उसे फसल में हमारी जितनी आमद लग रही है वह आमद भी पूरी नहीं आ रही है फायदा तो दूर की बात है त्यौहार सर पर आ रहे हैं कैसे त्यौहार मनाएंगे । किसानों को तुरंत बीमा राशि मिले। <br /><strong>- सत्यनारायण मौर्य, किसान </strong></p>
<p>सोयाबीन की फसल प्राकृतिक प्रकोप से बिगड़ चुकी है और जितनी सोयाबीन निकल रही है वह इतनी है जैसे कि ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है तो जो क्लेम राशि काटी जाती है वह क्लेम हमें प्रदान करने का कष्ट करें।<br /><strong>- नरेंद्र मालव, किसान </strong></p>
<p>प्राकृतिक प्रकोप से सोयाबीन फसल नष्ट हो चुकी है जिससे किसान चिंतित है। समस्या का समाधान होना चाहिए। <br /><strong>- रमेश मेहता, किसान </strong></p>
<p>प्राकृतिक प्रकोप से फसलें चौपट हो चुकी है। किसानों को फसल खराबा मुआवजा मिलना चाहिए। <br /><strong>- पपला गुर्जर, किसान </strong></p>
<p>अभी सर्वे चल रहा है फसल कटाई प्रयोग में सभी जगह लगभग नुकसान आ रहा है तो सभी किसानों को बीमा क्लेम मिलेगा कार्य प्रगति पर है ।<br /><strong>- ललित मीणा जिला कृषि समन्वयक झालावाड़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-farmer-insurance-claim-process-is-completed--but-the-crop-compensation-amount-is-in-limbo/article-129534</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-farmer-insurance-claim-process-is-completed--but-the-crop-compensation-amount-is-in-limbo/article-129534</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 16:09:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/y-of-news.png"                         length="534248"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरसात से कटाई के बाद रखी फसल खराब होने पर मिलेगा बीमा क्लेम, 72 घंटे में देनी होगी सूचना</title>
                                    <description><![CDATA[रखी फसल खराब होने पर किसानों को पीएम फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा। 72 घंटे के भीतर पोर्टल, हेल्पलाइन 14447, ऐप या कृषि कार्यालय में सूचना देना जरूरी। विभाग ने शिविर लगाकर किसानों से सूचना लेकर बीमा कंपनी को तुरंत भेजने के दिए निर्देश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/insurance-claim-will-be-given-if-the-crop-stored-after/article-129163"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(3)21.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में मानूसन के चलते खेतों में काटकर रखी गई फसल के खराब होने पर किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को 72 घंटे में पोर्टल पर इसकी जानकारी देनी होगी। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के शासन सचिव राजन विशाल ने बताया कि राज्य में वर्तमान में हो रही बेमौसम बरसात, ओलावृष्टि, चक्रवर्ती वर्षा एवं चक्रवात से कटाई के बाद 14 दिन तक की अवधि तक खेत में सुखाने के लिए रखी फसल खराब होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत नुकसान की भरपाई हो सकेगी।</p>
<p>इसके लिए प्रभावित बीमित फसल के काश्तकार को 72 घंटे के भीतर खराबे की सूचना कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 14447 अथवा क्रोप इन्श्योरेंस एप, नजदीकी बैंक या कृषि कार्यालय में पर देनी होगी। उन्होंने तकनीकी कारणों से टोल फ्री नम्बर पर  बीमित कृषकों की ओर से नियत अवधि में शिविर लगाकर पात्र बीमित कृषकों से इन्टीमेशन प्राप्त कर संबंधित बीमा कंपनी को उसी दिन सुपुर्द करने के निर्देश दिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/insurance-claim-will-be-given-if-the-crop-stored-after/article-129163</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/insurance-claim-will-be-given-if-the-crop-stored-after/article-129163</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 11:59:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/copy-of-news-%283%2921.png"                         length="554933"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरसात से कटाई के बाद रखी फसल खराब होने पर मिल सकेगा बीमा क्लेम, 72 घण्टे में देनी होगी सूचना</title>
                                    <description><![CDATA[कृषि आयुक्त गौरव अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों एवं बीमा कम्पनियों को तत्काल फील्ड में पहुंचकर फसल खराबे का सर्वे प्रारंभ करने के निर्देश दिये है, ताकि प्रभावित किसानों को बीमित फसलों के नुकसान का क्लेम दिलवाकर राहत प्रदान की जा सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/insurance-claim-will-be-available-if-the-crop-stored-after/article-57450"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/crops.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य में वर्तमान में हो रही बरसात से कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी फसल खराब होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत नुकसान की भरपाई हो सकेगी, जिसके लिए प्रभावित बीमित फसल के काश्तकार को 72 घण्टे के भीतर खराबे की सूचना सम्बन्धित जिले में कार्यरत बीमा कम्पनी को देनी होगी। कृषि विभाग नेें बीमा कम्पनियों को तत्काल सर्वे कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं।</p>
<p>कृृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने बताया कि राज्य में कुछ स्थानों पर असामयिक वर्षा के कारण खरीफ की फसलों में नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत असामयिक वर्षा के कारण फसल कटाई उपरान्त खेत में सुखाने के लिए रखी फसल को 14 दिन की अवधि में नुकसान होने पर व्यक्तिगत आधार पर बीमा आवरण उपलब्ध है। कटारिया ने बताया कि असामयिक वर्षा से प्रभावित काश्तकारों के लिए बीमित फसल के नुकसान की सूचना 72 घण्टे के भीतर जिले में कार्यरत बीमा कम्पनी को देना जरूरी है, ताकि नुकसान का आंकलन कर बीमा क्लेम देने की कार्यवाही की जा सके। उन्होंने बताया कि फसल में हुए नुकसान की सूचना बीमा कम्पनी के टॉल फ्री नम्बर या क्रॉप इंश्योरेन्स ऐप के माध्यम से दी जा सकती है। इसके अलावा प्रभावित किसान जिले में कार्यरत बीमा कम्पनी, कृृषि कार्यालय अथवा सम्बन्धित बैंक को भी हानि प्रपत्र भरकर सूचना दे सकते है। </p>
<p>कृषि आयुक्त गौरव अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों एवं बीमा कम्पनियों को तत्काल फील्ड में पहुंचकर फसल खराबे का सर्वे प्रारंभ करने के निर्देश दिये है, ताकि प्रभावित किसानों को बीमित फसलों के नुकसान का क्लेम दिलवाकर राहत प्रदान की जा सके।</p>
<p><strong>किसान इन टॉल फ्री नम्बरों पर दे सकते हैं सूचना</strong><br />कृषि मंत्री कटारिया ने राज्य में कार्यरत बीमा कम्पनियों की जानकारी देते हुए बताया कि अलवर, बूंदी और श्रीगंगानगर जिले के किसान क्षेमा जनरल इंश्योरेन्स कम्पनी के टॉल फ्री नम्बर 18005723013 पर सूचना दे सकते है। इसी प्रकार भरतपुर, चूरू, डूंगरपुर, जालौर, करौली, राजसंमद और टोंक जिले के किसान रिलाइन्स जनरल इंश्योरेन्स कम्पनी के टॉल फ्री नम्बर 18001024088 पर तथा अजमेर, बांसवाडा, बांरा, बाडमेर, भीलवाडा, बीकानेर चित्तौडगढ, दौसा, धौलपुर, हनुमानगढ, जयपुर, जैसलमेर, झालावाड, जोधपुर, झुन्झूनू, कोटा, नागौर, पाली, प्रतापगढ, सवाईमाधोपुर, सीकर, सिरोही एवं उदयपुर जिले के किसान एग्रीकल्चर इंश्योरेन्स कम्पनी ऑफ इण्डिया लि0 के टॉल फ्री नम्बर 18001809519 पर सूचना दे सकते है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/insurance-claim-will-be-available-if-the-crop-stored-after/article-57450</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/insurance-claim-will-be-available-if-the-crop-stored-after/article-57450</guid>
                <pubDate>Mon, 18 Sep 2023 20:38:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/crops.png"                         length="564336"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        