<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/tamil-nadu-government/tag-39871" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Tamil Nadu government - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/39871/rss</link>
                <description>Tamil Nadu government RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तीन-भाषा नीति पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, 9वीं से नई भाषा शुरू करने पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने सीबीएसई द्वारा नौवीं कक्षा में तीसरी भाषा अनिवार्य करने पर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि इससे विद्यार्थियों पर मानसिक बोझ बढ़ेगा और स्पष्ट किया कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) किसी राज्य पर हिंदी नहीं थोपती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-courts-comment-on-three-language-policy-raises-questions-on-starting/article-160040"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/supreme-court-of-india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पाठ्यक्रम के तहत नौवीं कक्षा के स्तर पर तीसरी भाषा को शामिल किए जाने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड की परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने यह टिप्पणी तमिलनाडु सरकार की एक अपील पर सुनवाई के दौरान की। यह अपील मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ थी, जिसमें राज्य को हर जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय बनाने की सुविधा देने का निर्देश दिया गया था। गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार नवोदय विद्यालयों की स्थापना का विरोध कर रही है, और उसका तर्क है कि ये विद्यालय त्रि-भाषा नीति का पालन करते हैं।</p>
<p>केंद्र सरकार की त्रिभाषा की नीति की वैधता हालांकि इस मामले में विचाराधीन नहीं थी, फिर भी न्यायमूर्ति नागरत्ना ने नौवीं कक्षा में तीसरी भाषा को शामिल करने के समय पर सवाल उठाया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय बोर्ड की इस त्रि-भाषा नीति को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली एक न्यायपीठ के समक्ष अलग से चुनौती दी गई है। पीठ ने इस नीति के क्रियान्वयन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है और इस मामले को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति नागरत्ना ने टिप्पणी करते हुए कहा कि त्रि-भाषा नीति में तीसरी भाषा के रूप में हिंदी को अनिवार्य नहीं किया गया है। उन्होंने तमिलनाडु की आपत्ति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर छात्र संस्कृत जैसी भाषाओं का विकल्प चुनते हैं तो राज्य को क्या आपत्ति है। जब राज्य सरकार ने कहा कि तीसरी भाषा केवल नौवीं कक्षा से अनिवार्य होती है, तो उन्होंने टिप्पणी की कि उस स्तर पर एक नई भाषा की शुरुआत करना "बहुत खराब" है क्योंकि छात्रों पर बोर्ड परीक्षा का दबाव होता है। इसकी जगह इसे छठी कक्षा से शुरू किया जाना चाहिए।</p>
<p>न्यायमूर्ति नागरत्ना ने स्पष्ट किया कि नीति में तीसरी भाषा के रूप में हिंदी को अनिवार्य नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, "राज्य की भाषा पढ़ाई जानी चाहिए, अंग्रेजी पढ़ाई जानी चाहिए और कोई भी तीसरी भाषा। यह हिंदी नहीं कहता।" प्रतिवादी की वकील जी प्रियदर्शिनी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विशेष रूप से यह प्रावधान करती है कि किसी भी राज्य पर कोई भाषा थोपी नहीं जानी चाहिए। न्यायमूर्ति नागरत्ना ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वे नौवीं कक्षा से तीसरी भाषा लागू न करें, क्योंकि यह बोर्ड परीक्षा की तैयारी के तनाव को बढ़ाती है और इसकी शुरुआत छठी कक्षा से होनी चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु सरकार को यह भी सलाह दी कि वे केंद्रीय योजनाओं को केवल इसलिए खारिज न करें क्योंकि वे केंद्र सरकार से आई हैं। यह देखते हुए कि जवाहर नवोदय विद्यालय स्थापित करने पर चर्चा अभी भी जारी है और राज्य में एक नयी सरकार ने कार्यभार संभाला है, उच्चतम न्यायालय ने मामले को 11 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-courts-comment-on-three-language-policy-raises-questions-on-starting/article-160040</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-courts-comment-on-three-language-policy-raises-questions-on-starting/article-160040</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 15:37:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/supreme-court-of-india.png"                         length="957156"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टालिन के बेटे उदयनिधि के खिलाफ मुकदमे की याचिका पर तमिलनाडु सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु में  दो सितंबर को आयोजित सनातन धर्म उन्मूलन सम्मेलन की सीबीआई से जांच और उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-notice-to-tamil-nadu-government-on-petition-for/article-57754"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/supreme-court--34.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु में  दो सितंबर को आयोजित सनातन धर्म उन्मूलन सम्मेलन की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच और वहां के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के बेटे राज्य के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका पर शुक्रवार को राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।</p>
<p>न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने मद्रास उच्च न्यायालय के वकील बी जगन्नाथ की याचिका पर नोटिस जारी किया। पीठ ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाया। याचिकाकर्ता के एक वकील ने कहा कि अगर यह किसी व्यक्ति विशेष के धर्म के खिलाफ बयानबाजी का मामला होता तो इसे समझा जा सकता था। उन्होंने कहा कि लेकिन यहां एक मंत्री और राज्य मशीनरी एक विशेष धर्म के खिलाफ मोर्चा खोल रही है।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने वकील की इस दलील पर कि घृणास्पद भाषण से संबंधित समान मुद्दे लंबित हैं, मामले में नोटिस जारी किया। याचिका में जगन्नाथ ने मंत्री उदयनिधि, डीएमके नेता पीटर अल्फोंस, ए राजा और थोल थिरुमावलवन और उनके अनुयायियों के खिलाफ सनातन धर्म या हिंदू धर्म के खिलाफ कोई भी नफरत भरा भाषण देने के खिलाफ निषेधाज्ञा की गुहार लगाई गई है।</p>
<p>जगन्नाथ ने अपनी याचिका में शीर्ष अदालत से यह घोषणा करने की मांग की कि 2 सितंबर 2023 को आयोजित सनातन धर्म उन्मूलन सम्मेलन में राज्य के मंत्रियों की भागीदारी असंवैधानिक थी और संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन थी।</p>
<p>याचिकाकर्ता अपनी याचिका में तमिलनाडु राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग को यह निर्देश देने की भी मांग की है  कि कर्नाटक के हिजाब मामले में शीर्ष अदालत के फैसले के अनुसार सभी माध्यमिक विद्यालयों में किसी भी हिंदू धर्म के खिलाफ कोई भी सम्मेलन नहीं होना चाहिए।</p>
<p>वकील की याचिका में शीर्ष अदालत से आग्रह किया गया कि वह तुरंत राज्य के पुलिस महानिदेशक को एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दे कि सम्मेलन को पुलिस की अनुमति कैसे दी गई और उक्त सम्मेलन के लिए जिम्मेदार कथित अपराधियों तथा संगठन के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इसके साथ ही याचिका में तमिलनाडु राज्य के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को शीर्ष अदालत के 2018 के फैसले के अनुसार नफरत फैलाने वाले भाषण के लिए तुरंत एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश देने की मांग की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-notice-to-tamil-nadu-government-on-petition-for/article-57754</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-notice-to-tamil-nadu-government-on-petition-for/article-57754</guid>
                <pubDate>Fri, 22 Sep 2023 18:16:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/supreme-court--34.jpg"                         length="206029"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        