<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/supreme-court-order/tag-39873" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Supreme Court order - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/39873/rss</link>
                <description>Supreme Court order RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जमीन मामला: अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित रॉय गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट से राहत खत्म होते ही CID ने लिया एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में साल्बोनी में सरकारी जमीन की कथित हेराफेरी मामले में सीआईडी ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित रॉय को गिरफ्तार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने और गिरफ्तारी से अंतरिम राहत हटाए जाने के तुरंत बाद सीआईडी ने यह कार्रवाई की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/land-case-abhishek-banerjees-personal-secretary-sumit-roy-arrested-cid/article-165237"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)17.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल के साल्बोनी में सरकारी जमीन की कथित हेराफेरी से जुड़े मामले में सीआईडी ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित रॉय को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने और गिरफ्तारी से मिली अंतरिम राहत हटाने के बाद हुई।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, सीआईडी की टीम ने गुरुवार को कोलकाता स्थित अभिषेक बनर्जी के कालीघाट आवास से सुमित रॉय को हिरासत में लिया। जांच एजेंसी इससे पहले भी उन्हें पूछताछ के लिए कई बार नोटिस जारी कर चुकी थी।</p>
<p>मामले में रॉय ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अदालत ने छह अगस्त को उन्हें जांच में सहयोग करने की शर्त पर गिरफ्तारी से अस्थायी सुरक्षा दी थी। हालांकि, गुरुवार को शीर्ष अदालत ने अग्रिम जमानत की मांग ठुकरा दी और पहले दी गई गिरफ्तारी से सुरक्षा भी समाप्त कर दी। इसके तुरंत बाद सीआईडी ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/land-case-abhishek-banerjees-personal-secretary-sumit-roy-arrested-cid/article-165237</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/land-case-abhishek-banerjees-personal-secretary-sumit-roy-arrested-cid/article-165237</guid>
                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 15:24:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-09/1200-x-60-px%29-%28youtube-thumbnail%2917.png"                         length="995638"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माघ मेला प्रशासन ने जारी किया स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस, जानें क्यों?</title>
                                    <description><![CDATA[प्रयागराज माघ मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी कर उनके 'शंकराचार्य' पद की वैधता पर सवाल उठाए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/magh-mela-administration-issued-notice-to-swami-avimukteshwaranand-know-why/article-140236"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)6.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने उच्चतम न्यायालय की नोटिस का हवाला देते हुये स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है। मेला प्रशासन द्वारा ज्योतिष पीठ का शंकराचार्य न माने जाने को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का जवाब भी सामने आया है। उन्होंने साफ कहा है कि शंकराचार्य वह है जिसे बाकी अन्य तीन पीठों के शंकराचार्य मान्यता देते हैं। उन्होंने दावा किया है कि बाकी दो पीठों द्वारका पीठ और श्रृंगेरी पीठ के शंकराचार्य उन्हे शंकराचार्य कहते हैं। </p>
<p>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि पिछले माघ मेले में उन्हे साथ लेकर दोनों शंकराचार्य स्नान कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि जब श्रृंगेरी और द्वारका के शंकराचार्य यह कह रहे हैं कि वह ही शंकराचार्य हैं, तो आखिर किस प्रमाण की आवश्यकता है कि हम शंकराचार्य हैं कि नहीं। </p>
<p>उन्होंने कहा, क्या अब यह प्रशासन तय करेगा कि हम शंकराचार्य हैं कि नहीं। क्या उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री या भारत का राष्ट्रपति तय करेगा कि शंकराचार्य कौन है। भारत के राष्ट्रपति को भी यह अधिकार नहीं है कि वह यह तय करें कि शंकराचार्य कौन है। शंकराचार्य का निर्णय शंकराचार्य करते हैं। हम निर्णीत हैं क्योंकि पुरी के शंकराचार्य ने हमारे बारे में कुछ नहीं कहा है। उन्होंने न तो यह कहा कि वह शंकराचार्य नहीं है और ना ही यह कहा कि शंकराचार्य हैं। पुरी के शंकराचार्य इस मामले में मौन हैं। इस विवाद में सुप्रीम कोर्ट में भी जो हलफनामा उनकी ओर से दाखिल किया गया है। उसको लेकर यह भ्रम फैलाया गया कि उन्होंने विरोध किया है लेकिन जब हम लोगों ने हलफनामे की उच्चतम न्यायालय से कापी निकाली तो उसमें यह लिखा गया है कि हमसे कोई समर्थन मांगा नहीं इसलिए हमने समर्थन नहीं दिया है। </p>
<p>अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, दो शंकराचार्य का प्रत्यक्ष और लिखित व व्यव हारिक समर्थन मुझे प्राप्त है।इसके साथ ही तीसरे पीठ के शंकराचार्य की मौन स्वीकृति हमारे साथ है। ज्योतिष पीठ का आखिर और कौन शंकराचार्य है यह बताइए। निर्विवाद रूप से ज्योतिष पीठ के हम शंकराचार्य हैं। अगर इस पर कोई विवाद दिखता है तो इसका मतलब वह दूषित भावना वाला है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा है कि अगर कोई यह कहता है कि मैं ज्योतिष पीठ पर शंकराचार्य हूं तो वह आकर मुझसे बात करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/magh-mela-administration-issued-notice-to-swami-avimukteshwaranand-know-why/article-140236</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/magh-mela-administration-issued-notice-to-swami-avimukteshwaranand-know-why/article-140236</guid>
                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 14:39:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/500-px%296.png"                         length="1206588"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, टाइगर रिजर्व में मोबाइल फोन के उपयोग पर लगाया प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में मध्यप्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में टूरिज्म जोन के भीतर मोबाइल फोन उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने सभी क्षेत्र संचालकों को निर्देश जारी किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-madhya-pradesh-government-ban-on-use-of/article-136046"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/mobile-phone-ban-in-tiger-resever-park.png" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) मध्यप्रदेश शुभरंजन सेन ने एमपी के टाइगर रिजर्व के समस्त क्षेत्र संचालकों को एक आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से टाइगर रिजर्व में मोबाइल फोन के उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया है। </p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को इस संबंध में आदेश दिया था कि टाइगर रिजर्व के टूरिज्म जोन में मोबाइल फोन का उपयोग नहीं किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-madhya-pradesh-government-ban-on-use-of/article-136046</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-madhya-pradesh-government-ban-on-use-of/article-136046</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 17:43:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/mobile-phone-ban-in-tiger-resever-park.png"                         length="1536284"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Delhi-NCR में सभी पटाखों पर प्रतिबंध, सुप्रीम कोर्ट का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में प्रदूषण के स्तर के मद्देनजर राजधानी में कम प्रदूषण वाले पटाखों (ग्रीन पटाखे) सहित सभी पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-orders-ban-on-all-firecrackers-in-delhi-ncr/article-57760"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/delhi-ncr-firecrackers-supreme-court.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में प्रदूषण के स्तर के मद्देनजर राजधानी में कम प्रदूषण वाले पटाखों (ग्रीन पटाखे) सहित सभी पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया।</p>
<p>न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में'फायरक्रैकर एसोसिएशन द्वारा दायर आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) में पटाखों के निर्माण और उपयोग की अनुमति नहीं दे सकती।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने राजधानी में पटाखे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने में दिल्ली पुलिस की विफलता पर भी सवाल उठाया था।</p>
<p>एसोसिएशन ने अपनी याचिका में ग्रीन पटाखों में बेहतर बदलाव के साथ बेरियम नामक रसायन को शामिल कर पटाखे की अनुमति देने की गुहार लगाई थी।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन राज्यों में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं है, वहां लोग निर्धारित नियमों के अनुसार अपेक्षाकृत ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल कर सकते हैं। अदालत का यह आदेश दीपावली के दौरान प्रदूषण के स्तर और अस्थमा एवं अन्य मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेहद खास है।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने दोहराया कि पटाखों में बेरियम-आधारित रसायनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाले उसके पहले के आदेश दिल्ली-एनसीआर में लागू रहेंगे। न्यायालय ने दीपावली त्योहार से पहले राजधानी में पटाखों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के दिल्ली सरकार के फैसले में भी किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।</p>
<p>शीर्ष अदालत के समक्ष सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अपेक्षाकृत ग्रीन पटाखे फोड़े जाने का समर्थन किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-orders-ban-on-all-firecrackers-in-delhi-ncr/article-57760</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-orders-ban-on-all-firecrackers-in-delhi-ncr/article-57760</guid>
                <pubDate>Fri, 22 Sep 2023 16:17:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/delhi-ncr-firecrackers-supreme-court.png"                         length="616500"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        