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                <title>World Tourism Day - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>World Tourism Day RSS Feed</description>
                
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                <title> विश्व पर्यटन दिवस आज : टूर ऑपरेटर्स के प्लान में शामिल नहीं होने से नहीं बढ़ पा रहा विदेशी पर्यटकों का ग्राफ</title>
                                    <description><![CDATA[2025 में अभी तक साढ़े छह लाख पर्यटक शहर में आए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/world-tourism-day-today--foreign-tourists-are-not-increasing-due-to-tour-operators-not-being-included-in-their-plans/article-128059"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news45.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चंबल नदी के किनारे व प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर शहर में चंबल रिवर फ्रंट, ऑक्सीजोन सिटी पार्क, आच्छादित दुर्लभ भीतरिया कुंड, अनोखी अधर शिला, किशोर सागर के गहरे तालाब में खड़ा जगमंदिर, चंबल की कराइयों के बीच बसा गरड़िया महादेव, और शहर के बीच स्थित राजकीय संग्रहालय व मुकुंदरा हिल्स नेशनल पार्क तथा रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व सहित शहर में एक दर्जन से अधिक ऐतिहासिक व सौन्दर्य स्थल होने के बावजूद भी शहर में विदेशी पर्यटकों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर तरह से सौन्दर्यीकरण किया गया। जिसमें मुकुंदरा को टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित किया गया। विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए चंबल रिवर फ्रंट और आॅक्सीजोन सिटी पार्क विकसित किए गए। इनको बने करीब दो वर्ष हो चुके हैं, पर अभी तक शहर में विदेशी पर्यटकों की संख्या के ग्राफ को हम नहीं बढ़ा पाए। शहर में वर्ष 2023 में विदेशी पर्यटक 705, वर्ष 2024 में 1107 व 2025 में अगस्त तक 499 पर्यटक आए। वहीं देशी पर्यटकों में वर्ष 2023 में करीब साढ़े नौ लाख, 2024 में दस लाख व 2025 में अभी तक साढ़े छह लाख पर्यटक शहर में आए। कोटा में जब भी पर्यटकों की संभावना की बात होती है तो कहा जाता है एयरपोर्ट नहीं होना सबसे बड़ी कमी है। कोटा पर्यटन विभाग के अधिकारियों से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 से लेकर अगस्त 2025 तक कोटा में कुल 2311 विदेशी पर्यटक आए।</p>
<p>मैं हिन्दुस्तान को पसन्द करती हूं, इंडिया आ चुकी हूं, काफी सुन्दर है। पुष्कर और वृन्दावन तो मैं कई कई दिन रुकी हूं। कोटा नहीं देखा है। मौका मिला तो आउंगी। आई लाइक इंडिया। <br /><strong>- स्टेला मेकरूफ, फ्रांसिसी पर्यटक नाइस </strong></p>
<p>टूर आॅपरेटर्स ने अपने टूर प्लान में बूंदी व जयपुर को शामिल कर रखा है, जिसके चलते शहर में खूबसूरत इमारतें होने के बावजूद भी बहुत ही कम तादाद में विदेशी पर्यटक आते हैं।<br /><strong>- अख्तर हुसैन रेलवे कॉलोनी कोटा </strong></p>
<p>शहर में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए आगामी जनवरी में हाड़ौती ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया जा रहा है, जिसके लिए अभी से ही टूर आॅपरेटर्स सहित अन्य लोगों से संपर्क किया जा रहा है।<br /><strong>- अशोक माहेश्वरी, महासचिव व्यापार संघ</strong></p>
<p>शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हमने दशहरा मेले को विभिन्न आॅनलाइन प्लेटफार्म पर लाया है। साथ ही गरड़िया महादेव को जापान व फ्रांस के ट्रैवल मार्ट में प्रदर्शित किया है। साथ ही विभाग के सोशल मीडिया पेज पर समय-समय पर शहर की ऐतिहासिक जानकारी अपडेट करते हैं।<br /><strong>- संदीप श्रीवास्तव, सहायक निदेशक पर्यटन, कोटा</strong></p>
<p>शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शहर में सिटी पार्क, आॅक्सीजोन पार्क सहित अन्य विभिन्न स्थान हैं। साथ ही शहर में ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया जा रहा है, जिससे शहर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विश्व पर्यटन दिवस पर विभिन्न आयोजन आयोजित होंगे। साथ ही हमारा मार्केटिंग विभाग भी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए काम कर रहा है।<br /><strong>-विकास पांड्या, डायरेक्टर टूरिज्म विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Sep 2025 17:00:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विश्व पर्यटन दिवस : जयपुर के हवामहल में मुफ्त प्रवेश, तिलक-माला और रंगोली से पर्यटकों का भव्य स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[ विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर स्मारक हवामहल शनिवार को पर्यटकों को निःशुल्क प्रवेश दिया गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tourists-welcomed-tourists-for-free-admission-on-world-tourism-day/article-128043"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(17)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर स्मारक हवामहल शनिवार को पर्यटकों को निःशुल्क प्रवेश दिया गया। स्मारक के प्रवेश द्वार पर हवामहल स्टाफ ने परंपरागत तरीके से आगंतुकों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर और टॉफी देकर स्वागत किया। वहीं, रंग-बिरंगी रंगोली ने स्वागत को और आकर्षक बना दिया।</p>
<p>हवामहल स्मारक की अधीक्षक सरोजनी चंचलानी ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और राज्य की लोककला को व्यापक पहचान दिलाना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Sep 2025 14:01:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विश्व पर्यटन दिवस आज : किले-महलों के साथ वाइल्डलाइफ भी अब पर्यटकों की पहली पसंद, हाथी गांव में हाथी की सवारी भी बेहद लोकप्रिय</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर अब केवल किले और महलों का शहर नहीं रहा, बल्कि वाइल्ड लाइफ और एडवेंचर टूरिज्म का भी उभरता हुआ केंद्र बन चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/world-tourism-day-today-with-fort-palaces-wildlife-is-also-now/article-128019"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(5)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर अपने भव्य किले, महलों और संग्रहालयों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। हर साल लाखों पर्यटक यहां इतिहास और संस्कृति की झलक देखने आते हैं लेकिन अब जयपुर पर्यटन का दायरा और भी बढ़ रहा है। ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ पर्यटक अब वन्यजीवों के रोमांच को भी अपनी यात्रा में शामिल कर रहे हैं। झालाना, आमागढ़ और बीड़ पापड़ लेपर्ड सफारी से लेकर नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क स्थित लायन एवं टाइगर सफारी और आमेर महल की हाथी सवारी पर्यटकों को नया अनुभव प्रदान कर रही हैं।</p>
<p><strong>शहर के बीचों-बीच झालाना लेपर्ड सफारी </strong><br />झालाना लेपर्ड सफारी जयपुर शहर के बीचों-बीच स्थित है और यहां पर्यटक विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीवों को करीब से देख पाते हैं। खास बात यह है कि यहां के लेपर्ड्स को नाम दिए गए हैं। मेल लेपर्ड्स को राणा, बहादुर, तो मादा लेपर्ड्स को फ्लोरा, चंदा जैसे नाम से जाना जाता है। इनमें से लेपर्ड राणा सबसे बोल्ड साइटिंग के लिए प्रसिद्ध है।</p>
<p><strong>आमागढ़ लेपर्ड रिजर्व का मनमोहक दृश्य</strong><br />गलता के पास स्थित आमागढ़ लेपर्ड रिजर्व पर्यटकों को पहाड़ियों और जलमहल के अद्भुत नजारे दिखाता है। हाल की बारिश के बाद यहां की हरियाली और भी आकर्षक हो गई है। लेपर्ड्स, हायना, नीलगाय, सियार और सर्दियों में आने वाले प्रवासी पक्षी यहां पर्यटकों का दिल जीतते हैं।</p>
<p><strong>बीड़ पापड़ सफारी का डेजर्ट और पहाड़ी रोमांच</strong><br />विद्याधर नगर में बीड़ पापड़ लेपर्ड सफारी का शुभारंभ इसी वर्ष जून में हुआ। यहां सफारी ट्रैक डेजर्ट और पहाड़ी दोनों से होकर गुजरता है। सफारी के एग्जीट रूट की ओर बढ़ने पर बारिश के समय बहता झरना पर्यटकों का मन मोह लेता है। लेकिन गाड़ी से उतरकर इस ओर जाने की मनाही है। लेकिन इस बीच कमी ये है कि यहां झालाना और आमागढ़ की तरह ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध नहीं है। अगर यहां भी ये पर्यटकों को ये सुविधा मिले तो सैलानियों की संख्या में इजाफा हो सकता है। </p>
<p><strong>हाथी की सवारी का अनूठा अनुभव</strong><br />आमेर महल और हाथी गांव में हाथी की सवारी पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। खासकर विदेशी पर्यटक जलेब चौक तक हाथी पर बैठकर महल की भव्यता का आनंद उठाते हैं। वहीं दूसरी ओर दिल्ली रोड स्थित हाथी गांव भी रोमांचक अनुभव प्रदान करता है।</p>
<p>जयपुर अब केवल किले और महलों का शहर नहीं रहा, बल्कि वाइल्ड लाइफ और एडवेंचर टूरिज्म का भी उभरता हुआ केंद्र बन चुका है। यहां की लेपर्ड, टाइगर और लायन सफारी तथा हाथी की सवारी पर्यटकों को इतिहास और प्रकृति दोनों का रोमांचक संगम प्रदान करती हैं।<br />संजय कौशिक, पर्यटन विशेषज्ञ  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Sep 2025 11:16:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पर्यटन शांति और समृद्धि का प्रमुख वाहक: उपराष्ट्रपति धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[ इंडिया, यानी भारत, अब एक पसंदीदा वैश्विक पर्यटन स्थल है। आध्यात्मिकता, उत्कृष्टता और 5,000 साल पुरानी सभ्यता के लोकाचार की भूमि से, पर्यटक पूरे साल, सभी मौसमों का अनुभव कर सकते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tourism-is-the-main-carrier-of-peace-and-prosperity-vice/article-91759"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/630400-size-(5)9.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पर्यटन को शांति और समृद्धि का वाहक करार देते हुए कहा है कि आर्थिक विकास के इंजन के रूप में पर्यटन भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। धनखड़ ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक शांति, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पर्यटन मानवता को जोड़ता है, जिसकी आज की दुनिया में बहुत ज़रूरत है। पर्यटन शांति में बहुत बड़ा योगदान देता है। पूरी दुनिया शांति के लिए तरस रही है और कहीं भी लगने वाली आग सभी के लिए पीड़ादायक है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला और अर्थव्यवस्था बाधित होती है।</p>
<p>इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, पर्यटन और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी और पर्यटन मंत्रालय में सचिव वी. विद्यावती और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।</p>
<p>उपराष्ट्रपति ने कहा कि इंडिया, यानी भारत, अब एक पसंदीदा वैश्विक पर्यटन स्थल है। आध्यात्मिकता, उत्कृष्टता और 5,000 साल पुरानी सभ्यता के लोकाचार की भूमि से, पर्यटक पूरे साल, सभी मौसमों का अनुभव कर सकते हैं। आर्थिक विकास के इंजन के रूप में पर्यटन, भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण क्षमता रखता है। हर पर्यटक एक सपना लेकर आता है। वह एक सहज अनुभव चाहता है और हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे मानव संसाधन इसे प्रदान करने के लिए कुशल हों।</p>
<p>धनखड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की और उन्हें पर्यटन का सबसे बड़ा राजदूत बताया। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने लक्षद्वीप में कुछ ही पल बिताए और पूरी दुनिया को इसके बारे में पता चल गया।</p>
<p>उन्होंने ने वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भारत की स्थिति को ऊपर उठाने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता का आह्वान किया। उन्होंने जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करने और विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों में परिणाम उत्पन्न करने के लिए टास्क फोर्स के गठन पर बल दिया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि यात्रा के माध्यम से कोई बड़ी शिक्षा नहीं है और पर्यटन के माध्यम से कोई बड़ा सहज संबंध नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Sep 2024 19:00:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अल्बर्ट हॉल पर सांस्कृतिक संध्या का हुआ आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि सोशल मीडिया कन्टेन्ट क्रिएटर्स प्रदेश के पर्यटन स्थलों के बारे में लिखे, जिससे ज़्यादा से ज़्यादा पर्यटन स्थलों का प्रचार प्रसार हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cultural-evening-organized-at-albert-hall/article-91761"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/630400-size-(4)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन विभाग की ओर से अल्बर्ट हॉल पर शाम 6 बजे राजस्थानी लोक कला व सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस सांस्कृतिक संध्या में दर्शकों को जयपुर घराने का परम्परागत कथक व राजस्थानी लोक नृत्यों की जुगलबंदी देखने को मिली। इस दौरान कलाकारों ने कालबेलिया व घूमर नृत्य की भी प्रस्तुतियां दी। </p>
<p>इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री पर्यटन दिया कुमारी ने आरटीडीसी जोधपुर के मारवाड हॉल का वर्चु्अल उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में सोशल मीडिया कन्टेन्ट क्रिएटर्स को भी डिप्टी सीएम द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पर्यटन सचिव रवि जैन, पर्यटन आयुक्त वीपी सिंह, आरटीडीसी की प्रबंध निदेशक सुषमा अरोड़ा, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन राकेश शर्मा, पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ.पंकज धरेंद्र सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न टूर पैकेज भी लॉन्च किए गए।</p>
<p>इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि आज का जमाना सोशल मीडिया का है। सोशल मीडिया कन्टेन्ट क्रिएटर्स प्रदेश के पर्यटन स्थलों के बारे में लिखे। जिससे ज़्यादा से ज़्यादा पर्यटन स्थलों का प्रचार प्रसार हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Sep 2024 18:21:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित भारत के लिए पर्यटन का महत्व </title>
                                    <description><![CDATA[माननीय प्रधानमंत्री के जन भागीदारी के विजन से प्रेरित होकर, मंत्रालय ने देखो अपना देश पीपुल्स च्वाइस 2024 शुरू किया है, ताकि नागरिक 5 श्रेणियों में भारत में अपने सबसे पसंदीदा पर्यटक स्थलों और गंतव्यों के बारे में जानकारी दे सकें। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/importance-of-tourism-for-developed-india%C2%A0/article-91698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/gajendra-singh-shekhawat-.jpg" alt=""></a><br /><p>एक दशक पहले तक भारतीय पर्यटन अन्य देशों के समकक्ष स्थापित करने के लिए एक ब्रांड एम्बेसडर की जरूरत सामान्य बात थी। जिस तरह अन्य देश अपने यहां पर्यटन के प्रचार-प्रसार के लिए सुविख्यात फिल्मी सितारों और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को आकर्षित करने के लिए विज्ञापन राशि खर्च कर रहे थे  ठीक उसी तरह यहां भी यह महसूस किया गया कि अतुल्य भारत को एक नया रूप दिए जाने की आवश्यकता है।</p>
<p>पिछले एक दशक में और पिछले 100 दिनों से भारत के केन्द्रीय पर्यटन मंत्री के रूप में कार्य करते हुए मैंने सभी को यह कहते सुना है कि इस देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि हमारे बीच एक ऐसे नेता हैं, जो न केवल हमारे प्रधानमंत्री हैं बल्कि वे अतुल्य भारत के सबसे बड़े वैश्विक ब्रांड एम्बेसडर और हिमायती हैं। मैं यह देखकर अत्यंत विस्मित और प्रेरित होता हूं कि माननीय प्रधानमंत्री सदैव पर्यटन को अत्यंत महत्व देते हैं। एक प्रधानमंत्री के रूप में वे निरंतर हमें यह याद दिलाते हैं कि हमें देश में पर्यटन की समग्र प्रगति और विकास के लिए प्रत्येक स्तर पर कार्य करना है। लगभग 1,50,000 किलोमीटर लम्बा सड़क नेटवर्क बनाए जाने, बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के लिए 500 नए हवाई रूट और 150 हवाईअड्डे शुरू किए जाने, तेज गति वाली वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत और लगभग 100 पर्यटन परियोजनाओं को पूरा किए जाने के परिणामस्वरूप भारत में 250 करोड़ घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं, जो वर्ष 2014 में भारत द्वारा दर्ज 128 करोड़ घरेलू पर्यटक यात्राओं का लगभग दोगुना है। उनके नेतृत्व में भारत की जी.20 अध्यक्षता इस मायने में अनूठी रही कि इन बैठकों का आयोजन देश भर के 60 अलग-अलग स्थानों पर किया गया। एक जननायक के रूप में उन्होंने विश्व की यात्रा पर निकलने से पहले अपने देश भारत को समझने के लिए देखो अपना देश के लिए प्रेरित किया है। हर अवसर पर वैश्विक प्रवासी भारतीयों को अतुल्य भारत का प्रतिनिधि बनने की उनकी भूमिका निरंतर याद दिलाती है कि वे अपने विदेशी मित्रों और परिचितों को इस बात की जानकारी दें कि भारत की यात्रा किस प्रकार उनके लिए अविस्मरणीय हो सकती है। सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले वैश्विक नेताओं में से एक के रूप में उनके द्वारा लक्षद्वीप, काजीरंगा, कन्याकुमारी, श्रीनगर और अन्य कई स्थलों की यात्रा करने मात्र से घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय  पर्यटकों में ऐसे गंतव्यों की यात्रा करने और भारत की कम लोकप्रिय पर्यटन पेशकशों का अनुभव करने की अभूतपूर्व रुचि देखी गई है।</p>
<p>पर्यटन में माननीय प्रधानमंत्री की निजी रुचि और भागीदारी को और अधिक स्पष्ट करने के लिए मैं आप सबको यह बताना चाहूंगा कि उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के पर्यटन विभाग में मुझे अपनी सेवा प्रदान करने का अवसर देते समय कहा था कि वह मुझे एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप रहे हैं। तब से मेरा निरंतर यह प्रयास रहा है कि सामाजिक-आर्थिक प्रगति और विकास के माध्यम के रूप में पर्यटन क्षेत्र के महत्व को ध्यान में रखते हुए हम भारत में इसके लिए एक व्यावसायिक योजना तैयार करें। नए पर्यटन गंतव्य विकसित करना इस व्यावसायिक योजना का सबसे महत्वपूर्ण घटक है। नए भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए और अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेते हुए पर्यटकों के समग्र अनुभव को बेहतर बनाने के लिए इन नए गंतव्यों की परिकल्पना की गई है। वर्ष 2018 में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा विश्व को एकता नगर और स्टैच्यू ऑफ  यूनिटी की भेंट देने के बाद से इसमें परिवर्तन आया है। माननीय प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप एकता नगर में पर्यटन को प्रमुख आधार के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए और अनेक उपाय किए गए। रोजमर्रा के आधार पर गंतव्य के रख-रखाव और प्रबंधन के लिए विशिष्ट स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र का विकास करने के साथ अंतिम बिंदु तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित की गई। युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने के लिए कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की गई। अच्छे होटल, रिजॉर्ट और अन्य आवास स्थापित करने के लिए निजी निवेशों को शामिल किया गया। पीपीपी मोड में विभिन्न थीमों में अनेक नए आकर्षणों, कार्यकलापों और अनुभवों की शुरुआत की गई। एकता नगर में पर्यटकों की संख्या वर्ष 2018 में 4.5 लाख से 10 गुना बढ़कर वर्ष 2023 में 45 लाख हो गई थी।</p>
<p>इसके अलावा, इन सभी प्रयासों से एकता नगर के स्थानीय लोगों के लिए पर्यटन अर्थव्यवस्था के माध्यम से आजीविका के नए साधन का सृजन हुआ है, जो वर्ष 2014 से पहले इस क्षेत्र में उपलब्ध नहीं था। स्वदेश दर्शन और पर्यटक गंतव्यों के विकास जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री द्वारा स्थापित मॉडल से प्रेरणा लेते हुए, पर्यटन मंत्रालय अब सरकार के हर स्तर पर चयनित गंतव्यों को विकसित करने के संयुक्त प्रयासों द्वारा देश में पर्यटन संबंधी गंतव्य का विकास कर रहा है। इन गंतव्यों में मंत्रालय की विभिन्न पहलों के माध्यम से, कौशल निर्माण और डिजिटलीकरण जैसे पर्यटन साधनों को बेहतर बनाने के लिए भी कार्रवाई की जा रही है ताकि पर्यटन के लाभ प्राप्त हो सकें। </p>
<p>माननीय प्रधानमंत्री के जन भागीदारी के विजन से प्रेरित होकर, मंत्रालय ने देखो अपना देश पीपुल्स च्वाइस 2024 शुरू किया है, ताकि नागरिक 5 श्रेणियों में भारत में अपने सबसे पसंदीदा पर्यटक स्थलों और गंतव्यों के बारे में जानकारी दे सकें। पीपुल्स च्वाइस 2024 में शीर्ष पर आने वाले गंतव्यों को विशेष सहायता और निधि प्रदान की जाएगी, ताकि उन्हें दुनिया के समक्ष सर्वश्रेष्ठ अतुल्य भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले वैश्विक पर्यटन स्थलों के रूप में परिवर्तित किया जा सके। इस विश्व पर्यटन दिवस पर, मैं इस विजन को पूरा करने में अपनी भूमिका निभाने के लिए आप सबका आह्वान करता हूं, ताकि हम अपने माननीय प्रधानमंत्री जी की ही तरह अतुल्य भारतीय बन सकें। </p>
<p><strong>-गजेन्द्र सिंह शेखावत</strong><br /><strong>केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Sep 2024 11:58:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>हेरिटेज वॉक में स्वादिष्ट व्यंजनों का किया अनुभव </title>
                                    <description><![CDATA[ प्रतिभागियों ने दौरे के दौरान जयपुर के प्रसिद्ध खाद्य पदार्थों के स्वादिष्ट व्यंजनों का अनुभव किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/experienced-delicious-cuisine-at-heritage-walk%C2%A0/article-91447"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/427rtrer-(5)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार स्थानीय लोगों में जागरूकता करने के लिए देश में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर रहा है। इस श्रृंखला में भारत पर्यटन जयपुर (पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार) ने जयपुर शहर में राजकीय महाराजा गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 40 युवा टूरिज्म क्लब सदस्यों के एक समूह के लिए फूड और हेरिटेज वॉक का आयोजन किया।</p>
<p>इसका उद्देश्य जयपुर के पर्यटन उत्पादों, विशेष रूप से भोजन और विरासत के बारे में जागरूकता उतपन्न करना और छात्रों के बीच विरासत के संरक्षण की भावना उत्पन्न करना था। प्रतिभागियों ने दौरे के दौरान जयपुर के प्रसिद्ध खाद्य पदार्थों जैसे चूरू वालो के रास्ते में स्थित पूरण जी हींग कचोरी वाला की दही कचौरी, लाल जी सांड वालो का रास्ता स्थित सौंधिया हलवाई की मिठाइयाँ, जी सी डेयरी का सुगंधित मक्खन आदि के स्वादिष्ट व्यंजनों का अनुभव किया और हैरिटेज हवेलियों का दौरा किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Sep 2024 14:33:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पावणों को खूब भाया जयपुर, लिखकर बयां किए विजिट के अनुभव</title>
                                    <description><![CDATA[ पिछले कुछ सालों में नेपाल, अमेरिका, फ्रांस सहित अन्य देशों से आए विशिष्ठ अतिथियों ने आमेर महल, हवामहल स्मारक, जंतर-मंतर स्मारक में विजिट के दौरान अपने अनुभवों के बारे में विजिटर बुक में लिखा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/world-tourism-day-jaipur-rajasthan-tourism-hindi-news/article-58161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/jaipur-tourism.png" alt=""></a><br /><p>नवज्योति, जयपुर। गुलाबी नगरी के ऐतिहासिक किले, महल और संग्रहालय हमेशा से ही देशी और विदेशी पर्यटकों के आकर्षण केन्द्र रहे हैं। पर्यटक यहां आकर इनके इतिहास से रूबरू होते हैं। इनकी खूबसूरती को कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर विजिट के अनुभवों को शब्दों के जरिए साझा करते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य देशों से आने वाले विशिष्ठ अतिथि भी स्मारकों, संग्रहालयों और किले में रखी वीआईपी बुक में अपनी विजिट के यादगार लम्हों को शब्दों के जरिए बयां करते हैं। पिछले कुछ सालों में नेपाल, अमेरिका, फ्रांस सहित अन्य देशों से आए विशिष्ठ अतिथियों ने आमेर महल, हवामहल स्मारक, जंतर-मंतर स्मारक में विजिट के दौरान अपने अनुभवों के बारे में विजिटर बुक में लिखा। आज विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर दैनिक नवज्योति विजिटर बुक में दर्ज इनके अनुभवों को पाठकों के बीच साझा कर रहा है। </p>
<p><strong>कई विदेशी मेहमानों ने लिखे नोट</strong><br />यूनेस्को ने एक अच्छी विरासत जंतर-मंतर स्मारक को अपनी सूची में शामिल किया है। यहां के यंत्रों की कार्यप्रणाली वाकई बेहतर है। इसलिए यहां विजिट के लिए फिर से आई हूं। <br /><br />- हिलेरी क्लिंटन, अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री<br />(13 दिसम्बर, 2022 को जंतर-मंतर आई थीं)</p>
<p>मैंने असाधारण विरासत आमेर महल की विजिट की। जिसकी बनावट और स्थापत्य कला अपने आप में बेहतर कारीगरी का नमूमा है। यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में आमेर महल के पंजीकरण पर मुझे गर्व है। <br />-ऑड्रे अजोले, डायरेक्टर जनरल, यूनेस्को<br /><br />हवामहल स्मारक अपने आप में सालों पुरानी विरासत को समेटे हुए हैं। वास्तव में यहां की कारीगरी अविश्वसनीय है। यहां की विजिट मेरे लिए खास रही।<br />-मैनुएल लैनिन, भारत में फ्रांस के राजदूत<br /><br />मेरे लिए खुशी और गर्व की बात है कि मैं हवामहल स्मारक विजिट पर आया। यहां की स्थापत्य कला और स्मारक की बनावट बेहद खूबसूरत है। <br />- वाल्डिस डोंब्रोव्स्की, एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, यूरोपियन कमीशन</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Sep 2023 14:11:09 +0530</pubDate>
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                <title>World Tourism Day: पर्यटन ही है शांति एवं जीवन मुस्कान का जरिया</title>
                                    <description><![CDATA[भारत एक विविधतापूर्ण पर्यटन संभावनाओं एवं समृद्धि वाला देश है और यह सांस्कृतिक, प्रकृति, विरासत, शैक्षिक, खेल, ग्रामीण, पर्यावरण-पर्यटन आदि सहित कई प्रकार के पर्यटन प्रदान करता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/world-tourism-day-tourism-is-the-source-of-peace-and-smile-in-life/article-58147"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/world-tourism-day1.png" alt=""></a><br /><p>विश्व पर्यटन दिवस हर साल 27 सितंबर को मनाया जाता है। वर्ष- 2023 की विश्व पर्यटन दिवस की थीम ‘पर्यटन और हरित निवेश’ है। हर साल यूनाइटेठ नेशन वर्ल्ड टूरिज्म ओरगेनाइजेशन द्वारा किसी एक देश को पर्यटन दिवस की मेजबानी के लिए चुना जाता है, 2023 में ‘रियाद, सऊदी अरब साम्राज्य इस महत्वपूर्ण दिन के कार्यक्रमों की मेजबानी कर रहा है। पिछली साल 2022 में बाली, इंडोनेशिया को मेजबान देश (होस्टिंग कंट्री) चुना गया था। आज विश्वस्तर पर युद्ध की स्थितियां गहराई हुई है, हर व्यक्ति महंगाई, बेरोजागारी, बीमारी, महामारी आदि किसी-ना-किसी परेशानी से घिरा हुआ है, भय और जीवन संकट के इस दौर में ऐसा लगता है मानो खुशी एवं मुस्कान तो कहीं गुम हो गई है। बावजूद इन सबके हर व्यक्ति को अपने जीवन में कुछ समय ऐसा जरूर निकालना चाहिए जिसमें खुशी, शांति एवं प्रसन्नता के पल जीवंत हो सके, इसका सशक्त माध्यम है पर्यटन। खुशियों एवं शांतिपूर्ण जीवन को गले लगाने के लिए पर्यटन पर जरूर निकलना चाहिए।<br />पर्यटन सिर्फ  हमारे जीवन में खुशियों के पलों को वापस लाने में ही मदद नहीं करेगा बल्कि यह किसी भी देश के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का माध्यम भी बनेगा। अनेक कारणों से दुनिया में आर्थिक संकट के बादल मंडरा रहे हैं, इन हालातों से  हर देश की पहली जरूरत अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है उसमें पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। क्योंकि कई देशों की अर्थव्यवस्था पर्यटन-उद्योग के इर्द-गिर्द घूमती रही है। यूरोपीय देश, तटीय अफ्रीकी देश, पूर्वी एशियाई देश, कनाडा, आॅस्ट्रेलिया और भारत आदि ऐसे देश हैं जहां पर पर्यटन उद्योग से प्राप्त आय वहां की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है। भारत ने अतीत में अपने कल्पित धन, सांस्कृतिक वैभव, प्रकृति एवं मनोरम छटाओं के कारण बहुत से विदेशी यात्रियों को आकर्षित किया। चीनी बौद्ध धर्मनिष्ठ ह्वेनसांग की यात्रा इसका एक उदाहरण है। तीर्थ यात्रा को सम्राट अशोक और सम्राट हर्ष ने बल देने के लिए अनेक निर्माण करवाए। भारतीय अर्थशास्त्र सरकारों के लिए पर्यटन क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के महत्व को इंगित करता है, जिसने अतीत में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के पश्चात पर्यटन क्षेत्र लगातार पंचवर्षीय योजनाओं का हिस्सा बना रहा है। सातवीं पंचवर्षीय योजना के बाद भारत में पर्यटन के विभिन्न रूप जैसे- व्यापार पर्यटन, स्वास्थ्य पर्यटन और वन्यजीव पर्यटन आदि प्रस्तुत किए गए। वर्ष 2021 में विश्व यात्रा और पर्यटन परिषद की रिपोर्ट में 178.0 बिलियन अमेरिकी डॉलर के योगदान के साथ भारत का पर्यटन क्षेत्र विश्व सकल घरेलू उत्पादन (जीडीपी) में अपने योगदान में छठे स्थान पर है।<br /><br />भारत एक विविधतापूर्ण पर्यटन संभावनाओं एवं समृद्धि वाला देश है और यह सांस्कृतिक, प्रकृति, विरासत, शैक्षिक, खेल, ग्रामीण, पर्यावरण-पर्यटन आदि सहित कई प्रकार के पर्यटन प्रदान करता है। भारत की यह विविधता इसे पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बनाती है। भारत में पर्यटन में तेज, अधिक टिकाऊ और अधिक समावेशी विकास को बढ़ावा देने की क्षमता है। विश्व पर्यटन दिवस के लिए 27 सितंबर का दिन चुना गया क्योंकि इसी दिन 1970 में विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था। पर्यटन दिवस को वैश्विक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास के लिए मील के पत्थर के रूप में देखा जाता है एवं इस दिवस को मनाने का उद्देश्य विश्व में इस बात को प्रसारित तथा जागरूकता फैलाने के लिए हैं कि किस प्रकार पर्यटन वैश्विक रूप से दुनिया को एक परिवार के रूप में विकसित करते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक तथा आर्थिक मूल्यों को तथा आपसी समझ बढ़ाने में सहायता कर सकता है। यह विश्व शांति का मुख्य आधार है। भारत जैसे देशों के लिए पर्यटन का खास महत्व है। देश की पुरातात्विक विरासत या सांस्कृतिक धरोहर केवल दार्शनिक, धार्मिक, सांस्कृतिक स्थल के लिए नहीं है बल्कि यह राजस्व प्राप्ति का भी स्रोत है। पर्यटन क्षेत्रों से कई लोगों की रोजी-रोटी भी जुड़ी है। आज भारत जैसे देशों को देखकर ही विश्व के लगभग सभी देशों में पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण, संवर्द्धन किया जाने लगा है। भारत असंख्य पर्यटन अनुभवों और मोहक स्थलों का देश है। चाहे भव्य स्मारक हों, प्राचीन मंदिर या मकबरे हों, नदी-झरने, प्राकृतिक मनोरम स्थल हो, इसके चमकीले रंगों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रौद्योगिकी से चलने वाले इसके वर्तमान से अटूट संबंध है। केरल, शिमला, गोवा, आगरा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, मथुरा, काशी जैसी जगहें तो अपने विदेशी पर्यटकों के लिए हमेशा चर्चा में रहती हैं। भारत में अपने लोगों के साथ लाखों विदेशी लोग प्रति वर्ष भारत घूमने आते हैं। यहां सभी प्रकार के पर्यटकों को चाहे वे साहसिक यात्रा पर हों, सांस्कृतिक यात्रा पर या वह तीर्थयात्रा करने आए हों या खूबसूरत समुद्री-तटों की यात्रा पर निकले हों। <br /><br />-ललित गर्ग<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Sep 2023 11:16:17 +0530</pubDate>
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                <title>27 सितंबर को प्रदेशभर में मनाया जायेगा विश्व पर्यटन दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[ पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर जयपुर समेत प्रदेशभर के सभी स्मारकों और संग्रहालयों में पर्यटकों को निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/world-tourism-day-will-be-celebrated-across-rajasthan-on-27th-september/article-57958"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/world-tourism-day.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व पर्यटन दिवस ( 27 सितंबर ) पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेशभर में मनाया जाएगा। विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन विभाग द्वारा जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, भारत पर्यटन कार्यालय, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, जयपुर और गाइड एसोसियेशन के संयुक्त तत्वाधान में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।<br /><br />पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर जयपुर समेत प्रदेशभर के सभी स्मारकों और संग्रहालयों में पर्यटकों को निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। स्मारकों पर पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकों का स्वागत सत्कार मालाओं और तिलक लगाकर किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन कर राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू करवाया जाएगा,ताकि प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।<br /><br />शेखावत ने बताया कि पर्यटन विभाग एवं पर्यटक स्वागत केंद्र, जयपुर द्वारा जयपुर भ्रमण करने आने वाले देशी-विदेशी पावणों का प्रमुख स्मारक आमेर महल, हवामहल, जंतर-मंतर और अल्बर्ट हॉल पर माला पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा। पर्यटकों को राजस्थानी लोक संस्कृति से रूबरू कराने के लिए इन स्मारकों पर लोक कलाकारों द्वारा कच्ची घोड़ी नृत्य, कालबेलिया नृत्य, बहरुपिया स्वांग, शहनाई वादन सहित मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएगी।<br /><br />शेखावत ने बताया कि परकोटे में दो रुट पर हेरीटेज वॉक का आयोजन किया जाएगा। हेरिटेज वॉक में पर्यटकों के साथ साथ आईएचएम जयपुर के विधार्थियों को भी भ्रमण करवाया जाएगा,जोकि राजस्थान की वास्तुकला, वॉक वे में किए गए संरक्षण और सौंदर्यकरण के कार्यों से रूबरू हो सकेंगे। साथ ही इस क्षेत्र में स्थित शिल्पी-कारीगरों के पारम्परिक कार्यों को नजदीक से देख कर इनके बारे में जान सकेंगे। उन्होंने बताया कि आमेर में आई.एच.एम के छात्रों के लिए नेचर ट्रैक और होटल खासा कोठी से आमेर महल तक साईकिल टूर का भी आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में सभी वॉलंटियर्स को पर्यटन विभाग द्वारा सर्टिफिकेट दिए जायेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Sep 2023 10:54:54 +0530</pubDate>
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