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                <title>AIADMK - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>तमिलनाडु विधानसभा की सभी 234 सीटों के लिए मतदान शुरू : सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम ; अभिनेता विजय की साख दांव पर, अपराह्न एक बजे तक 56.81 प्रतिशत मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी है। 1.50 लाख सुरक्षाकर्मी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती में 5.67 करोड़ मतदाता 4,023 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। सत्तारूढ़ DMK और AIADMK-BJP गठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला है, जबकि अभिनेता विजय की पार्टी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/voting-begins-for-all-234-seats-of-tamil-nadu-assembly/article-151393"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(4)16.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा की सभी 234 सीटों पर गुरुवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया और शाम छह बजे तक चलेगा। राज्य में सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह से मतदाता अपने मताधिकार को इस्तेमाल करने के लिए पहुंचने शुरू हो गये हैं। चुनाव आयोग ने राज्य में चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये हैं। राज्य भर में कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए गये हैं। इनमें से 5,938 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों की विशेष निगरानी की जा रही है। मतदान को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की लगभग 300 कंपनियों को भी लगाया गया है और उन्हें पूरे राज्य भर में विभिन्न मतदान केंद्रों पर तैनात किया गया है। कुल मिलाकर सुरक्षा व्यवस्था के तहत राज्य के लगभग 1.50 लाख सुरक्षा कर्मी तैनात किए गये हैं। इनमें 1.18 लाख नियमित पुलिसकर्मी, तथा 20,000 कर्मी रैपिड एक्शन फोर्स, होम गार्ड, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी शामिल हैं।</p>
<p>राज्य में कुल 4,023 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत अजमाने उतरे हैं, जिनमें 443 महिला उम्मीदवार हैं। राज्य में 5.67 करोड़ मतदाताओं में से 2.70 करोड़ से अधिक पुरुष, 2.89 करोड़ महिलाएं और 7,728 उभयङ्क्षलगी मतदाता हैं। राज्य में 18-19 आयु वर्ग में कुल 12.51 लाख तथा 20-29 आयु वर्ग में 1.05 करोड़ मतदाता हैं। मतदान के बाद, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें सील करके मतगणना केंद्रों के 'स्ट्रॉन्ग रूमÓ में ले जाया जाएगा, जहाँ 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।</p>
<p>तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ द्रविड़ मनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन और उसके मुख्य प्रतिद्वंदी अन्नाद्रमुक-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन के बीच है। इस बार अभिनय की दुनिया से राजनीति के अखाड़े में उतरे अभिनेता सी जोसफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम ने कुछ सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। मतगणना चार मई को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किये जायेंगे</p>
<p><strong>अपराह्न एक बजे तक 56.81 प्रतिशत मतदान</strong></p>
<p>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गुरूवार को अपराह्न एक बजे तक 56.81 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान प्रतिशत को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि मतदाताओं में खासा उत्साह है। </p>
<p><strong>11.00 बजे तक 37.56 प्रतिशत मतदान</strong></p>
<p>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पूर्वाह्न 11 बजे तक 37.56 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। राज्य की सभी 234 सीटों के लिए मतदान गुरुवार सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक चलेगा। सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह से ही मतदाता कतार में देखे गये और दिन चढ़ने के साथ साथ मतदान प्रतिशत लगा।</p>
<p><strong>9 बजे तक 17.69 प्रतिशत मतदान</strong></p>
<p>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मतदान के शुरुआती दो घंटों में (नौ बजे तक) 17.69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य की सभी 234 सीटों के लिए मतदान आज सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक चलेगा। सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह से ही मतदाता कतार में देखे गये और दिन चढ़ने के साथ साथ मतदान प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।</p>
<p><strong>पीएम मोदी ने की मतदाताओं से वोट डालने की अपील</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के मतदाताओं को संबोधित करते हुए एक अलग पोस्ट में कहा, "जैसे ही तमिलनाडु के लोग विधानसभा चुनावों में मतदान करने की तैयारी कर रहे हैं, मैं सभी मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे इस पवित्र लोकतांत्रिक कर्तव्य को बड़े उत्साह के साथ पूरा करें। विशेष रूप से, मैं तमिलनाडु के युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में बाहर निकलने और रिकॉर्ड मतदान का मार्ग प्रशस्त करने का आह्वान करता हूं।"</p>
<p><strong>चिदंबरम ने की वोट डालने की अपील</strong></p>
<p>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने गुरुवार को एक स्थिर सरकार के लिए वोट देने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले बहु-दलीय सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) के लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटने का भरोसा जताया। उन्होंने शिवगंगा ज़िले में अपने गृह नगर कराईकुडी के एक मतदान केन्द्र पर वोट डालने के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में युवा मतदाताओं से स्थिरता, विकास और कल्याण का समर्थन करने का आग्रह किया। यहां से वह रिकॉर्ड आठ बार लोकसभा के लिए चुने गये थे।</p>
<p>उन्होंने युवा मतदाताओं के उत्साह की सराहना भी की, साथ ही उन्हें मनगढ़ंत विचारों से सावधान रहने की चेतावनी भी दी। उन्होंने एक स्थिर सरकार के लिए वोट देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, जो नतीजे दे। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि एसपीए सत्ता में लौटेगा और इस दौरान उन्होंने पिछले पांच वर्षों में लागू किये गये शासन और कल्याणकारी उपायों पर प्रकाश डाला।</p>
<p><strong>सभी मतदाताओं को अपने लोकतांत्रिक कर्तव्य का पालन करना चाहिये: पलानीस्वामी</strong></p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), पीएमके, एएमएमके और टी.एम.सी. वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नेतृत्व कर रहे अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने गुरुवार को चुनाव के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि सभी मतदाताओं को अपने मतदान केंद्र पर जाकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिये। पलानीस्वामी ने अपने पैतृक सलेम जिले के एडप्पादी निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के बाद संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत में यह कहते हुए चुनाव पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया कि आदर्श आचार संहिता लागू है।</p>
<p>वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ एडप्पादी विधानसभा क्षेत्र के सिलुवमपालयम स्थित नेदुनकुलम पंचायत स्कूल के मतदान केंद्र तक पैदल गये, जो उनके निवास से कुछ ही दूरी पर स्थित है, और अपना वोट डाला।मतदान के बाद श्री पलानीस्वामी ने संवाददाताओं से कहा कि सभी मतदाताओं को अपने मतदान केंद्रों पर जाना चाहिये और अपने लोकतांत्रिक कर्तव्य का पालन करना चाहिये। उनसे जब पूरे तमिलनाडु में और कोयंबटूर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में, जहां से द्रमुक के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी चुनाव लड़ रहे हैं, द्रमुक द्वारा कथित तौर पर वोट के लिए नकद़ी बांटे जाने के बारे में पूछा गया, तो श्री पलानीस्वामी ने उत्तर देने से इनकार करते हुए कहा कि चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू है।श्री पलानीस्वामी ने मतदान की व्यवस्थाओं के बारे में पूछे जाने पर कहा कि मतदान अभी शुरू हुआ है और लोग वोट डालना शुरू कर रहे हैं।</p>
<p><strong>प्रमुख हस्तियों ने सुबह ही डाले वोट</strong></p>
<p>मतदान केन्द्रों पर सुबह से मतदाताओं की काफी संख्या देखी जा रही है। प्रमुख हस्तियां सबसे पहले वोट डालने वालों में शामिल रहीं। तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिन लोगों के पास भी मताधिकार है, उन्हें अनिवार्य रूप से अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए। कुछ केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में मामूली तकनीकी खराबी के कारण मतदान प्रक्रिया शुरू होने में थोड़ी देरी हुई, जिन्हें बाद में ठीक कर दिया गया या बदल दिया गया। लोग, विशेष रूप से महिलाएं, अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए बड़ी संख्या में कतारों में खड़ी देखी गयीं।</p>
<p>सबसे पहले मतदान करने वालों में अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी शामिल थे, जो राज्य में राजग का नेतृत्व कर रहे हैं और गठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा भी हैं। इनके अलावा भाजपा की मायलापुर से उम्मीदवार और पुड्डुचेरी एवं तेलंगाना की पूर्व उपराज्यपाल सुश्री तमिलिसाई सौंदरराजन, प्रसिद्ध फिल्म युगल सुंदर सी. (जो न्यू जस्टिस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मदुरै सेंट्रल से अन्नाद्रमुक के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ रहे हैं), उनकी पत्नी और भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष सुश्री खुशबू सुंदर, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन, नाम तमिलर काची के संस्थापक और अभिनेता-निर्देशक सीमान, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता पी. चिदंबरम, मक्कल निधि मय्यम के संस्थापक और राज्यसभा सांसद कमल हासन एवं उनकी पुत्री अभिनेत्री श्रुति हासन, तमिलगा वेत्री कज़गम के संस्थापक और अभिनेता-राजनेता विजय ( जिनकी पार्टी पहली बार अकेले सभी 234 सीटों पर चुनाव लड़ रही है), देमुद्रक की महासचिव सुश्री प्रेमलता विजयकांत, सत्तारूढ़ द्रमुक के मंत्री और पूर्व मंत्री तथा सुपरस्टार रजनीकांत, अभिनेता अजीत कुमार, शिवकार्तिकेयन, निर्देशक मणिरत्नम और उनकी पत्नी अभिनेत्री सुहासिनी मणिरत्नम जैसी फिल्मी हस्तियां मतदान करने वालों में शामिल थीं।</p>
<p>शहर में थाउजेंड लाइट्स निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के लिए अपने पोएस गार्डन निवास से निकलते समय संचार माध्यमों के साथ संक्षिप्त बातचीत में रजनीकांत ने कहा, “ जिनके पास भी मताधिकार है, उन्हें अनिवार्य रूप से अपना वोट डालना चाहिए।” पलानीस्वामी ने अपने पैतृक क्षेत्र सलेम जिले के एडप्पादी में आठवीं बार चुनाव लड़ते हुये अपने परिवार के साथ घर के पास स्थित केंद्र पर पैदल जाकर मतदान किया, सुश्री तमिलिसाई ने विरुगंबाक्कम में, सुंदर सी. और खुशबू ने शहर के मंदावेली क्षेत्र में, एल. मुरुगन ने कोयम्बेडु में, सीमान ने नीलांकरई में, चिदंबरम ने कराइकुडी में, कमल और उनकी पुत्री ने अलवरपेट में, विजय ने नीलांकरई के शोलिंगनल्लूर में और प्रेमलता ने विरुगंबाक्कम में आम मतदाताओं के साथ कतार में लगकर अपना वोट डाला।</p>
<p>विजय, जो अपनी पहली चुनावी पारी में दो सीटों- पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट से चुनाव लड़ रहे हैं, उन्होंने पिछले चुनावों में एक अभिनेता और साधारण मतदाता के रूप में वोट डालने के बाद पहली बार एक उम्मीदवार के रूप में मतदान किया। मतदान केंद्र की ओर जाते समय उन्होंने सड़क पर गिरा हुआ एक मोबाइल फोन उठाकर संबंधित व्यक्ति को सौंपा। जल्दी मतदान करने वाले वर्तमान मंत्रियों में द्रमुक के अनबिल महेश पोय्यामोझी, के. एन. नेहरू, पी. के. शेखर बाबू, सुश्री गीता जीवन शामिल थे। अन्नाद्रमुक के पूर्व मंत्री डी. जयकुमार ने भी सुबह ही अपना वोट डाला। दिन भर चलने वाले मतदान के दौरान 443 महिलाओं सहित कुल 4,023 उम्मीदवारों की किस्मत वोटिंग मशीनों में लॉक हो जाएगी और मतगणना चार मई को होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:30:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तमिलनाडु चुनाव: पूर्व सीएम पलानीस्वामी ने की अमित शाह से मुलाकात; सीट बंटवारे को लेकर हुई चर्चा, तमिलगा वेट्री कषगम को एनडीए में शामिल करने की अटकलों को किया खारिज </title>
                                    <description><![CDATA[अन्नाद्रमुक नेता ई.के. पलानीस्वामी ने अमित शाह से मुलाकात के बाद घोषणा की है कि तमिलनाडु में एनडीए का सीट बंटवारा चार दिनों में फाइनल होगा। एआईएडीएमके करीब 170 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जबकि भाजपा और अन्य सहयोगियों के बीच शेष सीटों का समन्वय होगा। अगले सप्ताह चुनावी घोषणापत्र जारी होने के साथ ही प्रचार तेज होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/before-tamil-nadu-elections-cm-palaniswami-met-amit-shah-discussed/article-147189"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/amit-shah.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा है कि तमिलनाडु में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत शनिवार से शुरू होगी और चार दिनों के भीतर इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।</p>
<p>चेन्नई रवाना होने से पूर्व दिल्ली एयरपोर्ट पर शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में पलानीस्वामी ने कहा कि एनडीए सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे को लेकर कोई मतभेद नहीं है। बातचीत पूरी होने के बाद सभी दलों के लिए सीटों और निर्वाचन क्षेत्रों को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके बाद चुनावी अभियान तेज किया जाएगा। पलानीस्वामी की अमित शाह से कल रात मुलाकात हुई थी। ऐसी खबरें हैं कि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) 234 सदस्यीय विधानसभा में करीब 165-170 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी 40-45 सीटों पर दावा कर सकती है। शेष सीटें अन्य सहयोगी दलों को दी जाएंगी।</p>
<p>पलानीस्वामी ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम को एनडीए में शामिल करने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि इस संबंध में कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्नाद्रमुक का चुनावी घोषणापत्र एक सप्ताह के भीतर जारी किया जाएगा और पार्टी को जीत की पूरी उम्मीद है। इस बीच, एनडीए के अन्य सहयोगी जैसे अंबुमणि रामदास और टी टी वी दिनाकरन भी सीट बंटवारे पर चर्चा के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कहा है कि सीटों को लेकर कोई विवाद नहीं है और अंतिम निर्णय बातचीत के जरिए लिया जाएगा। एनडीए में भाजपा, पीएमके, एएमएमके के अलावा तमिल मनीला कांग्रेस और अन्य छोटे दल भी शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 14:01:34 +0530</pubDate>
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                <title>अन्नाद्रमुक का विक्रवांडी उपचुनाव का बहिष्कार राजग की मदद के लिए: चिदंबरम</title>
                                    <description><![CDATA[चिदंबरम ने कहा कि इंडिया समूह को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) उम्मीदवार की शानदार जीत सुनिश्चित करनी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/aiadmk-boycotts-vikravandi-bypoll-to-help-nda-chidambaram/article-81752"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/p-chidambaramm.png" alt=""></a><br /><p>मदुरै। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी.चिदंबरम ने आरोप लगाया कि विक्रवांडी उपचुनाव का बहिष्कार करने का अन्नाद्रमुक का निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवार की चुनावी संभावनाओं को सुविधाजनक बनाने के लिए है। </p>
<p>चिदंबरम ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि विक्रमवांडी उपचुनाव का बहिष्कार करने का अन्नाद्रमुक का निर्णय इस बात का स्पष्ट सबूत है कि उसे राजग उम्मीदवार (पट्टाली मक्कल काची) की चुनावी संभावनाओं को सुविधाजनक बनाने के लिए ऊपर से निर्देश मिले हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भाजपा और अन्नाद्रमुक दोनों प्रॉक्सी (पीएमके) के जरिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया समूह को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) उम्मीदवार की शानदार जीत सुनिश्चित करनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Jun 2024 17:00:39 +0530</pubDate>
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                <title>अन्नाद्रमुक और बीजेपी का गठबंधन टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[ अगले छ: महीने बाद देश में लोकसभा चुनाव है। पार्टी को केंद्र में फिर सत्ता आने के लिए एन डी के घटक दलों की जरूरत होगी। ऐसी स्थिति  में अन्नाद्रमुक पर निर्भर किया जा सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/aiadmk-and-bjp-alliance-broken/article-59645"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sizte-13.png" alt=""></a><br /><p>जब से बीजेपी के आलाकमान ने के. अन्नामलाई को तमिलनाडु में राज्य पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया है तब से अपने सहयोगी दल अन्नाद्रमुक में कुछ खटपट होनी शुरू हो गई थी। अन्नामलाई एक पूर्व आई. पी.एस. अधिकारी है तथा पड़ोसी राज्य कर्नाटक के कैडर के थे। वहां विभिन्न पदों में रहकर बहुत अच्छा काम किया था। जिन-जिन जिलों में वे रहे, वे वहां काफी लोकप्रिय अधिकारी रहे। दो ढाई वर्ष पूर्व उन्होंने पुलिस अधिकारी की नौकरी छोड़कर राजनीति में कूदने का फैसला किया। वे तमिलनाडु  के रहने वाले है। अपने राज्य में वापस लौटने के बाद वे बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी काफी लम्बे समय से दक्षिण के इस  राज्य में अपने पैर जमाने में लगी है, लेकिन अधिक  सफलता नहीं मिल पाई। यहां जयललिता के काल से अन्नाद्रमुक एनडीए का हिस्सा रही है। <br /><br />बीजेपी के केंद्रीय नेताओं को लगा कि अन्नामलाई के रूप में उन्हें ऐसा नेता मिल गया है, जो इस राज्य में पार्टी को आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने जल्दी ही राज्य पार्टी का अध्यक्ष बना दिया गया। अन्नामलाई को लगता था कि जब तक पार्टी अन्नाद्रमुक का दुमछल्ला बनी रहेगी तब तक वह राज्य में अपनी पैठ नहीं जमा पाएगी। <br /><br />हालांकि पार्टी के केंद्रीय नेता उनके इस आकलन से पूरी तरह सहमत नहीं थे फिर भी उसे अपनी सोच के अनुसार आगे बढ़ने दिया गया। कुछ महीने पूर्व उन्होंने राज्य की लंबी पदयात्रा की थी जिसमें काफी भीड़ जुटी। इससे उनका उत्साह और बढ़ गया। उन्हें जब भी मौका मिलता अन्नाद्रमुक के नेताओं की आलोचना करते रहे। उनको लगता था कि वे अपनी लोकप्रियता के चलते पार्टी को आगे बढ़ा सकते हैं।<br />उधर अन्नाद्रमुक के नेता बार-बार बीजेपी के केंद्रीय नेताओं को जताते थे कि अन्नामलाई के चलते राज्य में दोनों पार्टियों में मनमुटाव बढ़  रहा है। पार्टी के स्थानीय स्तर के नेता लगातार उन्हें अन्नामलाई के बारे में शिकायत भेजते आ रहे हैं। अन्नाद्रमुक के नेताओं को यह लगने  लगा था कि अगर अन्नामलाई के रथ को रोका नहीं गया तो बीजेपी उनकी राजनीतिक जमीन पर कब्जा करती जाएगी। बीच-बीच में बीजेपी के केंद्रीय नेता अन्नामलाई को यह कहते रहते थे कि वे अन्नाद्रमुक की आलोचना को कम करें। अन्नामलाई कुछ दिन चुप रहते और फिर वही अन्नाद्रमुक की आलोचना पर लौट आते। एक अच्छे वक्ता होने के साथ-साथ अन्नामलाई एक अच्छे  संगठनकर्ता हैं। इसके चलते जिला स्तर पर पार्टी का संगठन मजबूत हो रहा था। पार्टी राज्य के पश्चिम इलाके में पैठ बढ़ा रही थी। <br /><br />यह एक-एक गौंदर समुदाय का इलाका है। अन्नामलाई  इसी समुदाय से आते हैं। उधर अन्नाद्रमुक के पूर्व मुख्यमंत्री पलानिस्वामी भी इसी समुदाय के हैं। इस समय वे पार्टी के सबसे बड़े पद के महासचिव पर हैं। पार्टी में उनका अच्छा खासा दबदबा है। कुछ राजनीति परिवेक्षक यह मानते हैं कि गौंदर समुदाय में अन्नामलाई के बढ़ते कद से पलानिस्वामी  कुछ परेशान हो रहे थे। इसलिए वे नहीं चाहते कि बीजेपी के नेता रूप में अन्नामलाई का कद उनके समुदाय में और बढ़े।<br /><br />धीरे-धीरे इन दोनों नेताओं में टकराव बढ़ता चला गया। पलानिस्वामी ऐसा मौका ढूंढ रहे थे, जिससे अन्नामलाई  और बीजेपी को आगे बढ़ने से रोका जा सके। कुछ सप्ताह पूर्व अन्नामलाई ने अन्नाद्रमुक के मसीहा कहे जाने वाले और राज्य में अविभाजित द्रमुक पार्टी को पहली बार सत्ता में लाने वाले अन्नादुराई पर सार्जनिक रूप से कुछ ऐसी टिप्पणियां की जो पार्टी नेताओं को नहीं भायी। पलानिस्वामी ने आनन-फानन में पार्टी की कार्यकारणी के बैठक बुलाई, इसमें पार्टी ने बीजेपी के साथ अपने गठबंधन को खत्म करने का फैसला किया।<br /><br />उधर दिल्ली में बीजेपी के नेताओं ने यह सब होता हुआ अच्छा नहीं लगा। यह तय किया गया कि इस गठबंधन के टूटने पर कोई केंद्रीय नेता कोई टिप्पणी नहीं करेगा। राज्य पार्टी के नेताओं को भी यह निर्देश दिया कि वे भी इस मामले पर चुप रहे। ऐसा माना जाता है कि बीजेपी के केंद्रीय नेता अन्नाद्रमुक से पूरा नाता खत्म करने के पक्ष में नहीं। <br /><br />अगले छ: महीने बाद देश में लोकसभा चुनाव है। पार्टी को केंद्र में फिर सत्ता आने के लिए एन डी के घटक दलों की जरूरत होगी। ऐसी स्थिति  में अन्नाद्रमुक पर निर्भर किया जा सकता है। 2014 लोकसभ चुनावों में बीजेपी को पहली बार इस पार्टी के सहयोग से एक सीट मिली थी।  पिछले विधानसभा चुनावों में बीजेपी के चार विधायक जीतने में सफल रहे थे।<br /><br />-लोकपाल सेठी<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Oct 2023 10:19:55 +0530</pubDate>
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                <title>अन्नाद्रमुक ने भाजपा से नाता तोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[ अन्नाद्रमुक की एक आपातकालीन बैठक में एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर इस आशय का निर्णय लिया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/aiadmk-breaks-ties-with-bjp-hindi-news/article-58037"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/aiadmk-bjp.png" alt=""></a><br /><p>एजेंसी/चेन्नई। बढ़ती खींचतान और दरार के बीच तमिलनाडु में मुख्य विपक्षी अन्नाद्रमुक ने सोमवार को भाजपा से अपना नाता तोड़ लिया और भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से बाहर भी हो गई। अन्नाद्रमुक की एक आपातकालीन बैठक में एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर इस आशय का निर्णय लिया गया। प्रस्ताव में कहा गया है कि भाजपा का राज्य नेतृत्व पिछले एक साल से द्रविड़ दिग्गज सीएन अन्नादुरई और अन्नाद्रमुक नेताओं एमजीआर एवं जे.जयललिता के खिलाफ अपमानजनक बयान दे रहा है तथा अन्नाद्रमुक की नीतियों की आलोचना कर रहा है।</p>
<p><strong>भाजपा ने महासम्मेलन को कमतर आंकने की बात कही </strong><br />इसके अलावा, भाजपा राज्य नेतृत्व ने 20 अगस्त को मदुरै में अन्नाद्रमुक की ओर से आयोजित महासम्मेलन को कमतर आंकने की बात कही थी और पलानीस्वामी, जो विपक्ष के नेता हैं और दो करोड़ अन्नाद्रमुक कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं, की भी आलोचनात्मक टिप्पणी की थी। इससे अन्नाद्रमुक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी है।</p>
<p><strong>कार्यकर्ताओं ने बांटी मिठाइयां</strong><br />प्रस्ताव पारित होने के तुरंत बाद, अन्नाद्रमुक के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय में जमा हो गए और उन्होंने पटाखे फोड़कर तथा मिठाइयां बांटकर इसका जश्न मनाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Sep 2023 10:27:10 +0530</pubDate>
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