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                <title>hindrance - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>हरे पेड़ों की कटाई, बे रोकटोक गुजर रहे वाहन</title>
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                        <![CDATA[हरे भरे पेड़ो की कटाई के कारोबार को नहीं रोका गया तो हजारों पेड़ो को माफिया काटकर नष्ट कर देंगे मोटी कमाई के चक्कर में जंगल को तबाह कर देंगे ।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/cutting-of-green-trees--vehicles-passing-without-any-hindrance/article-108294"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/copy-of-news3.png" alt=""></a><br /><p> पनवाड़। सरकार एक ओर तो पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर लकड़ी माफियाओं द्वारा दिन दहाड़े हरे पेड़ो की कटाई की जा रही है। लकड़ी माफिया बिना किसी रोकटोक से रोजाना हरे भरे पेड़ो की कटाई कर लकड़ी वाहनों में भरकर गुजर रहे हैं जिनको किसी प्रकार की रोक टोक नहीं है और आरा मशीनों पर बेचकर ऊंचे दाम कमा रहे हैं। प्रशाशन की अनदेखी के चलते लगातार जंगलों में हो रही पेड़ो की कटाई से वन क्षेत्र नग्न अवस्था का रूप लेता जा रहा है। ऐसा ही मामला देवली अरनिया स्टेट हाइवे पर दहीखेड़ा ग्राम पंचायत के अंतर्गत जीएसएस के पीछे तालाब के आस पास देखने को मिला जहां पर माफियाओं द्वारा दिन दहाड़े बेरहमी से आरा ओर कुल्हाड़ियों से लगभग 15 - 20 हरे भरे पेड़ों को काट कर ले गए जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगी । इसका पता चलने पर दहीखेड़ा ग्राम पंचायत सेकेट्री द्वारा लकड़ी माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि समय रहते हरे भरे पेड़ो की कटाई के कारोबार को नहीं रोका गया तो हजारों पेड़ो को माफिया काटकर नष्ट कर देंगे मोटी कमाई के चक्कर में जंगल को तबाह कर देंगे । क्योंकि माफिया इतने बेखौफ हैं कि दिन के उजाले में अंधाधुंध आरा कुल्हाड़ियों से पेड़ो को काटकर खुले आम अपने वाहनों से ले जाते हैं और सुरक्षा में तैनात विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगती।<br /> <br />अवैध पेड़ कटाई की सूचना पर मौके पर पहुंचकर देखा लकड़ी माफियाओं  द्वारा लगभग 20 पेड़ काटकर ले गए जिनका पनवाड़ थाने में मामला दर्ज कराया गया ।<br /><strong>-सुरेन्द्र सिंह, सेकेट्री दहीखेड़ा ग्राम पंचायत</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 15:50:23 +0530</pubDate>
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                <title> पानी की निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण राहगीरों पर आफत, कीचड़ बना राह में रोड़ा </title>
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                        <![CDATA[जल निकासी नहीं होने से मुख्य सड़क पर भर रहा गंदा पानी। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/trouble-for-pedestrians--mud-becomes-a-hindrance-in-the-way/article-100283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer14.png" alt=""></a><br /><p>पनवाड़। क्षेत्र की हरिगढ़ ग्राम पंचायत के बोरदा गांव में पंचायत मुख्यालय को जोड़ने वाली संपर्क सड़क पर पानी की निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर गंदा पानी जमा रहता है, इससे निकलने वाले ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंदे पानी की निकासी की समुचित निकासी नहीं होने के कारण सड़क पर गंदा पानी जमा रहता है, इससे सड़क टूटकर बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं, सड़क के दोनों ओर कंटीली झाड़ियां उगी हुई है, जिससे वाहन चालकों को दिक्कत हो रही है।<br />  <br />इस बारे में ग्रामीणों द्वारा कई बार जिला प्रशासन,स्थानीय प्रशासन को शिकायत की भी की गई, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही,समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। ग्रामीण परमानंद नागर,बृजराज सिंह हाडा सहित अन्य लोगों ने बताया कि बोरदा गांव से ग्राम पंचायत मुख्यालय को जोड़ने वाली संपर्क सड़क पर पानी की समुचित निकासी नहीं होने के कारण सड़क पर गहरे गड्ढे हो रहे है, जिसने गंदा पानी भरा रहता है, जिससे ग्रामीणों विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है और बताया कि गांव से थोड़ी दूर पर सड़क पर तालाब के सीपेंच के पानी की निकासी के लिए सड़क पर रपट बनी हुई है, जिसमें वर्षभर पानी रहने से गहरी हो चुकी है, जिसमें कृषि कार्य के लिए वाहन दुपहिया वाहन चार पहिया वाहन आए दिन फंसते रहते है, जिससे ग्रामीणों को निरंतर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत मुख्यालय पर गांव से पढ़ने के लिए कई छात्र छात्राएं इसी कीचड़ गड्ढे वाली सड़क से निकलते है, जिस पर कई बार फिसल कर गिर भी जाते है, जिससे उनकी ड्रेस खराब हो जाती है और विद्यालय से वंचित होना पड़ रहा है। </p>
<p>कई बार तो छात्र साइकिल से गिरकर घायल हो चुके है। इसी सड़क पर दुपहिया चालक ग्रामीण सहित राहगीर कई बार गड्ढों में फिसलकर गिर जाते है। हरिगढ़ से बोरदा गांव तक सड़क के दोनों ओर कई मात्रा में कंटीली झाड़ियां भी उगी हुई है, जिसमें आमने सामने आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते है, जिससे आए दिन दुर्घटना घटित होने का खतरा बना रहता है ।  इस समस्या के लिए जनप्रतिनिधियों व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को अवगत करवाया गया। मगर अभी तक समस्या का कुछ समाधान नहीं हुआ। समस्या का निवारण नहीं होने पर सभी ग्रामीणों ने मिलकर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।Ñ</p>
<p><strong>छात्र छात्राओं की पीड़ा</strong><br />बोरदा गांव से हरिगढ़ विद्यालय में पढ़ने आने वाले छात्र छात्राओं ने बताया कि गांव से हरिगढ़ तक जाने वाली सड़क पर गंदा पानी भरा रहता है, जिससे सड़क पर गड्ढे हो गए हैं, विद्यालय जाने के लिए इसी सड़क से निकलना पड़ता है, जिससे कई बार गंदे पानी कीचड़ में फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे ड्रेस खराब हो जाती है जिससे पढ़ाई खराब होती है। कई बार तो साइकिल से आने जाने वाले छात्र छात्राएं भी गिरकर घायल हो चुके हैं। प्रशासन से गुहार है कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराई जाए और गंदे पानी की निकासी की जाए। </p>
<p>पानी की निकासी नहीं होने के कारण सड़क पर कीचड़ फैला हुआ जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। <br /><strong>- प्रकाशचंद नागर, ग्रामीण </strong></p>
<p>सड़क पर गड्ढे व कीचड़ होने से राहगीर व स्कूल जाने वाले विद्यार्थी गिरकर चोटिल हो जाते है जिस कारण से विद्यार्थियों की पढाई का नुकसान होता है। <br /><strong>- दशरथ सिंह हाडा, ग्रामीण</strong></p>
<p>सड़क पर पानी व कीचड़ होने से कई कीड़ व मच्छर पैदा होने का आशंका है जिस कारण मौसमी बीमारियां व डेंगू मलेरिया बुखार आदि हो सकते है इस लिए जल्द से जल्द समस्या का समाधान होना चाहिए।  <br /><strong>- नरेश नागर, वार्ड पंच </strong></p>
<p>सड़क पर आ रहे पानी के लिए 500 फीट तक डब्ल्यूबीएम ग्राम पंचायत द्वारा डलवा दी गई है। गांव का पानी सड़क पर आ रहा है, सड़क सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीन है, जिसके लिए सहायक अभियंता को अवगत करवा रखा है।<br /><strong>- भवानीशंकर बैरवा,  सरपंच ग्राम पंचायत हरिगढ़ </strong></p>
<p>सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को फोन के माध्यम से संपर्क किया मगर फोन रिसीव नहीं किया ।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 16:49:33 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा से मुंबई तक एक्सप्रेस रफ्तार में अभी दरा टनल और गुजरात की बाधा</title>
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                        <![CDATA[दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे देश के छ राज्यों से गुजर रहा है। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dara-tunnel-and-gujarat-are-still-a-hindrance-in-the-speed-of-the-expressway-from-kota-to-mumbai/article-85518"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/kota-s-mumbai-tk-express-raftar-me-abhi-dara-tunnel-or-gujrat-ki-badha...kota-news-22-07-2024.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा से मुंबई तेज रफ्तार से जाने के लिए अभी और लंबा इंतजार करना होगा। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के पूरा होने में दरा के पास बन रही टनल का कार्य धीमा होना बाधा बन गया है। जिसका कार्य अगले साल अक्टूबर तक पूरा हो पाएगा। इसके अलावा एक्सप्रेस वे के गुजरात में चल रहे कार्य को भी पूरा होने में एक से डेढ़ साल का समय लग सकता है। जिसके बाद ही एक्सप्रेस वे पूरी तरह से चालू हो पाएगा। हालांकि इस दौरान वाहनों को अन्य वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। जिससे वाहनों को एक्सप्रेस वे से बार बार चढ़ना और उतरना पड़ेगा। जिसमें समय के साथ ईधन भी ज्यादा लगेगा। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सूत्रों के अनुसार जल्द ही बचे हुए कार्यों को पूरा करके एक्सप्रेस वे को पूरी तरह से खोला जाएगा।</p>
<p><strong>एनएचएआई ने बदली टनल खोदने की प्रक्रिया</strong><br />दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर दरा में मुकुंदरा हिल्स के नीचे बन रही टनल का कार्य अभी धीमा हो गया है। जिसकी वजह टनल के सबसे कमजोर भाग में खुदाई का कार्य चलना है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि टनल की खुदाई का लगभग 50 फीसदी कार्य हो चुका है। वहीं ये कार्य टनल के सबसे कमजोर भाग में पहुंच गया है जहां से इसके उपर 500 मीटर तक एक प्राकृतिक नाला गुजर रहा है। ऐसे में टनल की खुदाई के लिए तरीका भी बदना पड़ा है जिसमें पहले टनल की खुदाई मशीनों से ड्रिल एवं ब्लास्ट करके की जा रही थी, लेकिन अब इसके लिए पाइप रूफिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसके तहत पहले टनल में पाइप रूफिंग की जाती है जिससे उपरी भाग सुरक्षित हो जाए। टनल के इस हिस्से में 8 गुणा 7 मीटर का पायलट हॉल बनाकर उसे धीरे-धीरे गहरा किया जा रहा है, जिससे पहाड़ का कमजोर हिस्से में किसी प्रकार का क्रेक न आए और जमीन धंसे नहीं। इस प्रक्रिया में एक से डेढ़ साल का समय लग सकता है जिसके अनुसार टनल अब अगले साल अक्टूबर तक ही चालू हो पाएगी।</p>
<p><strong>एक बार में टनल की 1.2 मीटर खुदाई होती है </strong><br />पाइप रूफिंग तकनी के माध्यम से टनल की एक बार में 1.2 मीटर की खुदाई हो पाती है। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि इस नई तकनीक के द्वारा टनल की एक बार खुदाई करने पर 8 मीटर चौड़ा और 7 मीटर उंचा का एक पायलट हॉल बनाया जाता है, जिसमें 300 एमएम का पाइप 15 मीटर गहराई में डालकर उसी से टनल में कांक्रीट डाला जाता है। इस प्रक्रिया से पहाड़ जिस हिस्से में खुदाई हो रही है उसके ऊपरी हिस्से में खोखलापन या कमजोरी नहीं आती है और वो सुरक्षित रहता है। इस तरह से एक बार में केवल 1.2 मीटर टनल आगे बढ़ती है, जिसके बाद फिर से पाइप रूफिंग की जाती है। टनल की कुल लंबाई 4900 मीटर होगी, जिसमें से 3300 मीटर की टनल पहाड़ के नीचे से बनाई जाएगी और बाहर की ओर दोनों तरफ 500-500 मीटर के हिस्से को बफर बनाया जाएगा। वहीं पहाड़ के नीचे वाले हिस्से में टनल की अभी तक 2855 मीटर की खुदाई हो चुकी है।</p>
<p><strong>गुजरात में दो पैकेज का कार्य भी अधूरा</strong><br />दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे देश के छ राज्यों से गुजर रहा है। जिसमें इसका कार्य केवल गुजरात को छोड़कर वहीं बाकि राज्यों में लगभग पूरा हो चुका है। एक्सप्रेस वे का गुजरात के वलसाड जिले में 35 किलोमीटर और नवसारी जिले में 27 किलोमीटर का कार्य अधूरा है। इसमें भी वलसाड सेक्शन का कार्य अप्रैल और नवसारी सेक्शन का कार्य इसी माह शुरू हुआ है। जिन्हें पूरा होने में लगभग एक साल का समय लगेगा जिसके बाद ही एक्सप्रेस वे पूरी तरह से चालू हो पाएगा।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 18:30:54 +0530</pubDate>
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                <title>धीमी गति से चल रहा सड़क निर्माण कार्य बना परेशानी का सबब</title>
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                        <![CDATA[जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते लोगों में रोष व्याप्त है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/slow-road-construction-work-becoming-a-cause-of-trouble/article-58647"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/kota.png" alt=""></a><br /><p>खेड़ारसूलपुर। कैथून-सांगोद मुख्य मार्ग पर धीमी गति से हो रहा सड़क निर्माण लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इस मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण के कारण धूल उड़ने से राहगीरों व ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की आवाजाही में उड़ती धूल बाधक बन रही है। ग्रामीणों व राहगीरों ने बताया कि उड़ती धूल राहगीरों की आंखों में पड़ रही है। जिसके कारण कई बार राहगीर गिर कर चोटिल हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि कैथून-सांगोद मार्ग पर बन सही सड़क के निर्माण का कार्य धीमी गति से हो रहा है। जिसका खामियाजा राहगीरों व ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों के लिए सड़क पर उड़ती धूल एक बड़ी समस्या बन गई है।</p>
<p>ग्रामीणों ने बताया कि इन दिनों कैथून-सांगोद मार्ग पर कैथून क्षेत्र से धाकड़खेड़ी क्षेत्र तक मुख्य सड़क का चौड़ीकरण व नवीन सड़क निर्माण का कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा करवाया जा रहा है। ठेकेदार ने सड़क को खोद कर चौड़ीकरण कर गिट्टियां डाल दी हैं। जिससे सड़क पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं। जिसके कारण वाहन चालकों व राहगीरों को काफी समस्या हो रही है। कछुए की चाल से चल रहे निर्माण के कारण मार्ग पर बड़े वाहनों के गुजरने से पीछे चल रहे राहगीरों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। वाहनों के पीछे चलने वाले बाइक चालकों को धूल के गुबार में कुछ भी दिखाई नहीं देता। इससे सामने से आने वाले लोग व वाहन कुछ दिखाई नहीं देते। जिससे आए दिन बाइक चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इसके साथ ही लोगों की आंखों में धूल के कण चले जाने से दिखाई देने में समस्या हो रही है।</p>
<p><strong>ठेकेदार को पाबंद करने की मांग की </strong><br />ग्रामीणों ने जिला कलक्टर से कैथून-सांगोद सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने एवं सड़क पर पानी का नियमित रूप से छिड़काव करने के लिए निर्माण एजेंसी ठेकेदार को पाबंद करने की मांग की है। साथ ही शिकायत के बावजूद ठेकेदार पर कार्यवाही नहीं करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर उचित कार्यवाही करने की मांग भी की है। </p>
<p><strong>लोगों को सांस लेने में होने लगी है दिक्कत </strong><br />ग्रामीण रामबिलास सैनी, मोनू माली, लोकेश मालव ने बताया कि धीमी गति से चल रहे कैथून-सांगोद सड़क निर्माण के कारण सड़क पर धूल उड़ती रहती है। ठेकेदार के सड़क पर पानी नहीं डालने से धूल उड़ रही है। इससे राहगीरों के साथ आसपास रह रहे लोगों को भी बहुत परेशानी हो रही है। सड़क किनारे बसे लोगों के घर धूल से भर जाते हैं। सड़क किनारे के दुकानदार भी परेशान हैं। दुकानों की सफाई दिन में कई बार करनी पड़ रही है। लोगों को एलर्जी, श्वास व अस्थमा की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।</p>
<p><strong>शिकायत के बावजूद नहीं हुई सुनवाई</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण कार्य धीमी गति से करने व सड़क पर पानी का छिड़काव पर्याप्त मात्रा में नहीं करने की कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग के सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता से की गई। फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते लोगों में रोष व्याप्त है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सड़क का निर्माण शुरू हुआ तो लगा कि अब गड्ढों व हिचकोलों से राहत मिलेगी। लेकिन सड़क निर्माण में धीमी गति व पानी का छिड़काव नहीं होने से हर समय धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। जिससे गुजरते समय कुछ भी दिखाई नहीं देता। आवागमन में परेशानी हो रही है।<br /><strong>- हरिशंकर पारेता, ग्रामीण</strong></p>
<p>सड़क पर उड़ रही धूल से आंखों व सांस की बीमारियां होने का खतरा बना हुआ है। शीघ्र ही सड़क पर विभाग द्वारा पानी का छिड़काव नियमित रूप से करवाया जाए। जिससे धूल से राहत मिल सके। <br /><strong>- धनराज अजेमरा, ग्रामीण</strong></p>
<p>सड़क पर पानी का छिड़काव नही होंने से धूल दुकानों में भर जाती है। उड़ती धूल से सब्जियां खराब हो जाती हैं। जिससे धंधा भी कम चल रहा है। नुकसान उठाना पड़ता है। दिन भर दुकान की कई बार सफाई करनी पड़ती है। ठेकेदार से पानी का छिड़काव करने के लिए कई बार बोला। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। सड़क पर पानी का नियमित छिड़काव किया जाए।<br /><strong>- कैलाश सैनी, सब्जी विक्रेता</strong></p>
<p>उड़ती धूल लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालती है। अस्थमा और सांस के मरीजों के लिए बहुत ही ज्यादा हानिकारक है। निरंतर धूल के संपर्क में रहने से लोगों को अस्थमा का अटैक भी आ सकता है। उड़ती धूल के कारण आंखों की बीमारी हो जाती है। धूल के त्वचा के निरंतर संपर्क में रहने से त्वचा रोग भी हो जाते हंै।<br /><strong>- डॉ. राजेश सामर, फिजीशियन, सीएचसी प्रभारी, कैथून </strong></p>
<p>ठेकेदार को सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव करने व निर्माण कार्य में गति लाने के लिए पाबन्द कर दिया जाएगा।<br /><strong>- मुकेश मीणा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी </strong></p>]]>
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                <pubDate>Tue, 03 Oct 2023 19:04:24 +0530</pubDate>
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