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                <title>Waterlogging - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Waterlogging RSS Feed</description>
                
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                <title>बारिश के बाद महाराज ब्रजराज सिंह स्टेडियम में भरा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[खेल गतिविधियां प्रभावित, खिलाड़ियों ने की स्थायी निकासी व्यवस्था की मांग।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/waterlogging-at-maharaj-brajraj-singh-stadium-following-rainfall/article-159008"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>बपावरकलां। क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश के बाद महाराज ब्रजराज सिंह स्टेडियम में जलभराव की स्थिति बन गई है। मैदान में कई स्थानों पर पानी भर जाने से खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और खिलाड़ियों को अभ्यास करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।बारिश के कारण स्टेडियम परिसर में पानी जमा होने से निर्माण कार्य भी प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान स्टेडियम में जलभराव की समस्या सामने आती है, जिससे खिलाड़ियों के साथ-साथ आमजन को भी असुविधा होती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग एवं ग्राम पंचायत से पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान खेल गतिविधियां बाधित न हों।</p>
<p>अधिक बारिश होने के कारण स्टेडियम में पानी भर गया है। जल्द ही पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था जाएगी, की ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्नं नहो।<br /><strong>- मुरलीधर वैष्णव, ग्राम विकास अधिकारी, बपावरकलां </strong></p>
<p>स्टेडियम में जल निकासी की व्यवस्था शीघ्र कर दी जाएगी, जिससे बारिश का पानी मैदान में जमा नहीं होगा खिलाड़ियों को और नियमित अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।<br /><strong>- घनश्याम सुमन, ग्राम पंचायत प्रशासक, बपावरकलां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:20:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नाली पर अतिक्रमण से रास्ते में जलभराव, मोहल्लेवासी परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूली बच्चों का आवागमन प्रभावित
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/waterlogging-on-the-path-due-to-encroachment-on-the-drain--residents-distressed/article-159006"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>कापरेन। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या-1 स्थित कल्याणपुरा में सरकारी नाली पर अतिक्रमण के कारण आम रास्ते पर जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने सरकारी नाली में गिट्टी-सीमेंट भरकर उसे बंद कर दिया, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई। इसके चलते सड़क और आसपास के मकानों के सामने लगातार पानी जमा रहने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। मोहल्लेवासियों ने बताया कि इसी मार्ग से प्रतिदिन राजकीय विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। जलभराव के कारण बच्चों, महिलाओं और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। </p>
<p>लंबे समय से पानी भरा रहने से गंदगी फैलने के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। पूर्व पार्षद रमेश धोबी, प्रहलाद सिंह हाड़ा, घनश्याम मेघवाल, गोपाल गुर्जर, धनी बाई, लाड़ बाई एवं छोटा बाई ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका में शिकायत की जा चुकी है। पालिका ने संबंधित व्यक्ति को नोटिस भी जारी किया, लेकिन अब तक अतिक्रमण हटाने और नाली खुलवाने की प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाकर जल निकासी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। </p>
<p>नाली निर्माण के लिए कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। शीघ्र ही नाली का निर्माण कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।<br /><strong>- प्रवीण कुमार शर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:01:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हरिपुरा स्कूल में जलभराव समस्या पर शिक्षा विभाग सख्त, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[जलभराव से बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित होती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/education-department-takes-a-firm-stand-on-the-waterlogging-issue-at-haripura-school/article-157569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(6)9.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। दैनिक नवज्योति समाचार पत्र में 17-18 जून के अंक में प्रकाशित खबर के बाद राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हरिपुरा में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO), समग्र शिक्षा ब्लॉक बूंदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। बूंदी-खटकड़ रोड पर स्थित इस विद्यालय में वर्तमान में लगभग 120 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। </p>
<p>बारिश के दिनों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से बच्चों की पढ़ाई एवं सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो जाता है। इसी को देखते हुए विभाग ने मानसून से पहले स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए हैं। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रीति शर्मा ने राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम (RSRDC) के सहायक अभियंता, सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, बूंदी को आधिकारिक पत्र भेजकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की गई है। </p>
<p>पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मानसून शुरू होने से पूर्व जलभराव की समस्या का स्थायी निस्तारण किया जाए। विभाग ने सड़क विकास एजेंसी से आग्रह किया है कि बच्चों की सुरक्षा एवं शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही की जाए, ताकि आगामी बारिश के मौसम में विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शिक्षा विभाग की इस पहल को बच्चों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:00:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का : हरिपुरा विद्यालय में जलभराव समाधान पर आपात बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[मानसून से पहले स्थाई निकासी व्यवस्था की उठी मांग ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news-report--emergency-meeting-held-to-address-waterlogging-at-haripura-school/article-157358"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)40.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। हरिपुरा राजकीय विद्यालय में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) की आपात बैठक आयोजित की गई। दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन एवं विद्यालय प्रबंधन सक्रिय हुआ और मानसून से पहले समस्या के स्थाई समाधान को लेकर चर्चा की गई।बैठक में निर्णय लिया गया कि मानसून की शुरुआत से पहले इस समस्या का जानकारी उच्च अधिकारियों को लिखित रूप से भेजी जाएगी, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि वर्षा ऋतु से पूर्व ही जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था करना अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा विद्यालय परिसर में पुनः जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।</p>
<p>बैठक में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए दो प्रमुख विकल्पों पर विचार किया गया। पहला विकल्प यह रखा गया कि दक्षिण दिशा में बूंदी-खटकड़ रोड एवं विद्यालय बाउंड्री के पास बने सीमेंटेड नाले को लगभग तीन फीट नीचे किया जाए, क्योंकि वर्तमान में यह नाला जमीन से लगभग दो फीट ऊंचा होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही है। यह नाला राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आरएसआरडीसी) द्वारा निर्मित बताया गया है।दूसरा विकल्प पूर्व दिशा में पूर्व में मौजूद जल निकासी मार्ग को पुनः बहाल करने का रखा गया, जो मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया था। इसे हटाकर पुराने निकास को पुनः चालू करने पर विचार किया गया। </p>
<p>बैठक में पीईओ बंशीलाल मीणा, प्रधानाचार्य घनश्याम नकलक, सरपंच प्रतिनिधि लेखराज मीणा, ठेकेदार प्रेमराज मीणा, अध्यापक के ओमप्रकाश नागर, एसएमसी से अध्यक्ष गणेश मीणा, राजकुमार मेघवाल, सोनू गुर्जर सहित अन्य सदस्य एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:20:34 +0530</pubDate>
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                <title>पहली बारिश में डूबी व्यवस्थाएं : लाखों खर्च के बावजूद सफाई व्यवस्था फेल</title>
                                    <description><![CDATA[जाम नालियों से बढ़ी परेशानी, नगरपालिका की कार्यशैली पर उठाए सवाल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/systems-overwhelmed-by-the-first-rain--sanitation-efforts-fail-despite-heavy-spending/article-157354"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(3)26.png" alt=""></a><br /><p>अटरू। राज्य सरकार के शहरी सेवा शिविरों में जनसमस्याओं के समाधान के दावों के बीच अटरू कस्बे में पहली ही बारिश ने नगरपालिका की तैयारियों की हकीकत उजागर कर दी। मुख्य बाजार, मुख्य सड़क और कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नालियों की सफाई नहीं होने और जल निकासी व्यवस्था के कमजोर होने से आमजन में नाराजगी देखने को मिली। राज्य सरकार, के निर्देशानुसार आयोजित शहरी सेवा शिविरों में आमजन की समस्याओं के समाधान के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अटरू कस्बे की सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। पहली बारिश ने नगरपालिका की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। मुख्य बाजार, मुख्य रोड और कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>
<p><strong>नालियों पर बने पक्के ढकान बने समस्या की वजह</strong><br />स्थानीय नागरिक पवन मालवीय, गणेश सेन और लोकेश पंचोली ने बताया कि मुख्य रोड क्षेत्र में कई स्थानों पर दुकानों के सामने नालियों पर पक्के ढकान बना दिए गए हैं। इन डंकानों के कारण नालियों की नियमित सफाई नहीं हो पाती, जिससे उनमें गाद और कचरा जमा हो जाता है। परिणामस्वरूप पानी का प्रवाह बाधित हो जाता हैऔर थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। नागरिकों का कहना है कि पहले नालियों से पानी का निकास सुचारु रूप से हो जाता था, लेकिन अब सफाई व्यवस्था की अनदेखी और अवरोधों के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं।</p>
<p><strong>जनता की ये है प्रमुख मांगें</strong><br />अटरू कस्बे में जलभराव और सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और नगरपालिका के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगे रखी हैं। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में राहत देने के लिए तत्काल कराई जाए। साथ ही नालों पर बने अवैध एवं स्थायी अवरोधों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके। पूरे कस्बे की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए तथा सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर प्रभावी कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।</p>
<p><strong>सड़कों पर भरा बारिश का पानी</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात से पूर्व नालियों की समुचित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर भर गया। कई स्थानों पर गंदा पानी दुकानों के सामने तक पहुंच गया, जिससे व्यापारियों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी। हालात ऐसे बने कि कई जगह लोगों को स्वयं नालियों की सफाई कर पानी की निकासी करनी पड़ी।</p>
<p><strong>कलेक्टर के निर्देशों पर उठे सवाल</strong><br />गौरतलब है कि जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा समय-समय पर शहरी सेवा शिविरों एवं नगर निकायों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे हैं। इसके बावजूद पहली ही बरसात में जलभराव और गंदगी की स्थिति सामने आने से व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।  स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया तो आगामी बरसात में स्थिति और गंभीर हो सकती है।</p>
<p><strong>दुकानदार खुद कर रहे जाम नालियों की सफाई</strong><br />नगरपालिका की ओर से समय पर सफाई नहीं होने के कारण मुख्य बाजार क्षेत्र के दुकानदारों को खुद नालियों की सफाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बारिश के दौरान जब नालियों का पानी सड़कों और दुकानों के सामने जमा हो गया, तब कई व्यापारियों ने फावड़े और अन्य उपकरणों की मदद से नालियों में जमा कचरा और गाद निकालकर पानी की निकासी का प्रयास किया। दुकानदारों का कहना है कि नियमित सफाई होती तो उन्हें यह काम स्वयं नहीं करना पड़ता। उन्होंने बताया कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सफाई व्यवस्था धरातल पर नजर नहीं आ रही है, जिसका खामियाजा आमजन और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p>मुख्य रोड एवं बाजार क्षेत्र में जलभराव तथा नालियों की समस्या को शिकायतें संज्ञान में आई हैं। प्रशासन द्वारा तथा नगरपालिका प्रशासन को आवश्यक निर्देश देकर समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई कराई जाएगी। जहां भी नालियों में अवरोध, जाम या जलनिकासी संबंधी समस्या पाई जाएगी, वहाँ तत्काल सफाई एवं आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराए जाएंगे, ताकि बरसात के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है। <br /><strong>-अभिमन्यु कुंतल, कार्यवाहक उपखंड अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:18:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भण्डेड़ा में जलभराव समस्या पर किसानों की मांग तेज, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[पाइप बंद होते ही ऊपरी क्षेत्र के खेतों में जलभराव हो जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/farmers-in-bhandeda-intensify-demands-regarding-waterlogging-issue/article-156656"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र में आगामी बरसात को देखते हुए किसानों ने मुख्य सड़कों पर बरसाती पानी निकासी के लिए लगाए गए पाइप बंद करने वाले लोगों के खिलाफ समय रहते सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि विभाग पहले से ही ऐसे लोगों को पाबंद कर दे, तो खरीफ फसलों को हर साल होने वाले भारी नुकसान से बचाया जा सकता है। जानकारी के अनुसार बांसी-कालानला मार्ग एवं भण्डेड़ा-सादेड़ा मुख्य मार्ग पर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के दौरान पानी निकासी के लिए पाइप लगाए गए थे, ताकि बारिश का पानी खेतों में जमा न होकर आगे निकल सके। लेकिन कई स्थानों पर निचले क्षेत्र के किसान अपने खेतों में पानी जाने से रोकने के लिए इन पाइपों को बंद कर देते हैं। पाइप बंद होते ही ऊपरी क्षेत्र के खेतों में जलभराव की स्थिति बन जाती है और लगातार बारिश के कारण फसलें पूरी तरह खराब हो जाती हैं।</p>
<p> पिछले तीन वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है, जिससे हजारों बीघा फसल हर साल बर्बाद हो रही है। किसानों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभाग केवल औपचारिक कार्रवाई करता है और मौके पर जाकर स्थिति देखकर लौट जाता है। इससे ऐसे लोगों का हौसला बढ़ता जा रहा है और पाइप बंद करने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि आगामी बरसात से पहले ही ऐसे लोगों को चिन्हित कर पाबंद किया जाए तथा पाइपलाइन व्यवस्था को सुचारू रखा जाए, ताकि किसानों की मेहनत और लाखों की फसल बर्बाद होने से बच सके।</p>
<p><strong>अधिकारी का कहना है </strong><br />क्षेत्र में इस तरह पानी निकासी के पाइप को बन्द करने वाले किसानों को समय से पहले ही पाबंद करवाया जाएगा। फिर भी किसी व्यक्ति ने पाइप बन्द किया, तो उसी समय पुलिस साथ लेकर बंद पाइप को खुलवाया जाएगा। संबंधित व्यक्ति पर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।<br /><strong>- हरिराम मीणा, अधिशाषी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, नैनवां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 14:38:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एमबीएस अस्पताल में जलभराव बना खतरा, मरीजों को मुख्य रास्ते पर  फैले गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा</title>
                                    <description><![CDATA[पुराने निकासी मार्गों की मरम्मत नहीं होने से बारिश या सीवरेज का पानी जमा हो जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/waterlogging-at-mbs-hospital-poses-a-threat--patients-have-to-wade-through-dirty-water-on-the-main-pathway/article-142047"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(1)10.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाडौती के सबसे बडे एमबीएस परिसर में सीवरेज का गंदा पानी जमा होने से मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी हो रही है। जानकारी के अनुसार, यह समस्या खराब जल निकासी व्यवस्था, अवरुद्ध नालियों और सीवरेज चैम्बर के ओवर फ्लो के कारण उत्पन्न हुई है। दूषित सीवरेज के पानी में हानिकारक कीटाणु,बैक्टीरिया और औषधीय अवशेष मौजूद होते हैं, जो संक्रमण फैलने का बड़ा कारण बन सकते हैं। अस्पताल में भर्ती कमजोर रोगियों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक मानी जा रही है। लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि ओपीडी के बाहर और वार्डों के रास्तों में पानी भरे रहने से स्ट्रेचर और व्हीलचेयर ले जाना मुश्किल हो गया है। मुख्य रास्ते पर ही फैले गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।</p>
<p><strong>50 से अधिक बैड संख्या वाले अस्पतालों में प्लांट की जरूरत</strong><br />स्वास्थ्य नियमों के तहत अस्पतालों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट होना अनिवार्य है, ताकि गंदे पानी को शुद्ध किए बिना खुले में न छोड़ा जाए। फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। हालांकि मरीजों और नागरिकों ने मांग की है कि जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए और सीवरेज के पानी से होने वाले संक्रमण के खतरे को रोका जाए।वर्तमान में कोटा एमबीबीएस के नई बिल्डिंग में संचालित लीफटो की क्या स्थिति है अस्पतालों में एसटीपी की अनिवार्यता मुख्य रूप से जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत आती है। उढउइ (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशानिदेर्शों के अनुसार, सभी अस्पतालों को उनके अपशिष्ट जल (सीवरेज) को बाहर छोड़ने से पहले उपचारित करना अनिवार्य है। इसमें बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स का पालन करना भी शामिल है।</p>
<p><strong>बेसमेन्ट में सीवरेज का पानी</strong><br />अभी हाल ही में बने आईपीडी भवन के बेसमेंट पार्किंग के लिफ्ट एरिया में भरा हुआ पानी सडा़ंध मार रहा था। सवाल यह है कि हाल ही में तैयार हुए भवनों में यह हाल है तो जब यह इमारतें पुरानी होगीं तब क्या होगा।जानकारों के अनुसार, एमबीएस में सीवरेज से जुड़ा बुनियादी ढांचा पुराना हो चुका है। ऐसे में परिसर में नये भवन भी बन गये है जिससे इन की क्षमता कम  पड़ती जा रही है । वहीं पुराने निकासी मार्गों की पूरी मरम्मत नहीं की जाती, जिससे बारिश या सीवरेज का पानी जमा हो जाता है।</p>
<p><strong>अटी पडी गंदगी</strong><br />करीब महीने भर से जयपुर फुट और आक्सीजन स्टोर रूम वाली सड़क पर भी सीवरेज का पाईप  टूटा हुआ है जिससे यहां सड़क पर  गंदगी फैल गयी है। बडी बात यह है कि यह रास्ता रेजीडेन्ट हॉस्टल के साथ एएनएम जीएनएम सेन्टर के साथ मॉर्चरी की और जाने वाले एक मात्र रास्ता है ।</p>
<p>ओपीडी और नयी इमरजेन्सी के बाहर बरसात का पानी भरा हुआ है। यह मार्ग जेके लोन व एमबीएस के बीच मुख्य सडक पर होने से समस्या का कारण बना हुआ है। यहां एक और लेबोरेट?री के कारण दिनभर लोगों की भीड़ रहती है ऐसे में वहीं दूसरी और गाड़ियां खड़ी रहने के कारण रास्ता संकरा रहता है उपर से यहां जमा पानी के कारण पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है।<br /><strong>- दुष्यंत कुमार सुमन, तीमारदार</strong></p>
<p>आज ही हमने जहां पर भी पानी और गंदगी की जानकारी मिली वहां पर स्टाफ को काम पर लगाया है। बडी़ समस्या पुरानी लाईनोें से है एसटीपी प्लांट लगने तक व्यवस्था निगम को कहकर करवा रहे है।<br /><strong>- डॉ. कर्नेश गोयल, उपअध्यक्ष एमबीएस हॉस्पिटल कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 15:34:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सिंचाई के दौरान खेतों के रास्ते में भरा पानी, किसानों को हो रही परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[इस रास्ते पर गत वर्ष कराया गया कंक्रीट कार्य पहली ही बरसात में पूरी तरह खराब हो गया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/waterlogging-on-the-road-leading-to-the-fields-during-irrigation-causes-problems-for-farmers/article-141904"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)7.png" alt=""></a><br /><p>अरण्डखेडा। अरण्डखेडा पंचायत के घना तलाई से बंधा की ओर खेतों पर जाने वाले रास्ते में सिंचाई के दौरान खेतों का पानी भर जाने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रास्ता अवरुद्ध होने के कारण किसानों को कृषि कार्य के लिए खेतों तक पहुंचने में करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। स्थानीय किसानों ने बताया कि इसी रास्ते पर गत वर्ष पंचायत प्रशासन द्वारा मनरेगा योजना के तहत ग्रेवल सड़क पर नाममात्र का कंक्रीट कार्य कराया गया था, जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित हुआ। पहली ही बरसात में यह रास्ता पूरी तरह खराब हो गया और वर्तमान में खेतों का पानी भर जाने से रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है।</p>
<p><strong>खेती-बाड़ी के कार्य हो रहे प्रभावित</strong><br />किसानों का कहना है कि पंचायत द्वारा किया गया कंक्रीट ग्रेवल कार्य गुणवत्ताहीन था, जिससे समस्या और अधिक बढ़ गई है। मार्ग बंद होने से खेती-बाड़ी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और किसानों को समय व धन दोनों की अतिरिक्त हानि उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की है, जिससे किसानों को खेतों तक आवागमन में सुविधा मिल सके।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />उक्त रास्ते में पूर्व में कार्य कराया गया था, जिसका भुगतान अभी लंबित है। भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद रास्ते का दुबारा निर्माण कार्य कराया जाएगा। ताकि किसानों को राहत मिल सके।<br /><strong>- हिमांशु सिंह, ग्राम विकास अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 14:18:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लोगों की परेशानी : निकासी के अभाव में जलभराव से बस स्टैंड मार्ग बना तालाब ,मकानों को नुकसान का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[दो साल से यह समस्या लाल बहादुर शास्त्री बस स्टैंड के पास स्थित कॉलोनी में  बनी हुई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/problems-of-the-people--in-the-absence-of-drainage--the-bus-stand-road-has-become-a-pond-due-to-waterlogging--there-is-a-danger-of-damage-to-the-houses/article-141675"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>बपावरकलां। बपावरकलां के लाल बहादुर शास्त्री बस स्टैंड के पास स्थित कॉलोनी में निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण पिछले दो वर्षों से लगातार जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। भरी हुई नालियों और गंदे पानी के बीच से होकर कॉलोनी वासियों, दुकानदारों एवं राहगीरों को निकलना पड़ रहा है। जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि लाल बहादुर शास्त्री बस स्टैंड आने-जाने का यह प्रमुख मार्ग है। लेकिन यहां तालाब जैसी स्थिति बनी रहती है। बस स्टैंड स्थित सुलभ शौचालय की ट्यूबवेल लगातार चलने तथा कॉलोनी के मकानों से निकलने वाला गंदा पानी गलियों में भर जाने से हालात और बिगड़ गए हैं। नालियों की समुचित निकासी नहीं होने के कारण पूरे मोहल्ले में पानी भरा रहता है।</p>
<p>मोहल्ले वासियों का कहना है कि लंबे समय से पानी भरे रहने के कारण उनके मकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। पास ही स्थित ग्राम पंचायत की करोड़ों रुपये की संपत्ति महाराणा प्रताप सामुदायिक भवन भी जलभराव की चपेट में आ गया है। पानी भरने से भवन की उपयोगिता लगभग समाप्त हो गई है। जहां पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक आयोजन और शादी-विवाह होते थे, वहीं अब भवन बदहाली का शिकार हो गया है। मजबूरी में ग्रामीणों को शादी-विवाह के लिए महंगे रिसोर्ट बुक करने पड़ रहे हैं।</p>
<p><strong>जनप्रतिनिधियों को कई बार करवा चुके हैं अवगत </strong><br />मोहल्लेवासी मोहन एवं हेमंत कुमार शर्मा ने बताया कि पूरे क्षेत्र की नालियों के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था ग्राम पंचायत द्वारा नहीं की गई है। इस समस्या से जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। वहीं तेज सिंह राजपूत ने बताया कि सामुदायिक भवन के सामने ऊंचा सीसी रोड बना हुआ है, जिससे बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।</p>
<p>यह समस्या लगातार दो वर्षों से बनी हुई है। सभी जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। यहां तक कि पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर को भी समस्या से अवगत कराया गया। लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। लेकिन बाद में कोई सुध नहीं लेता।<br /><strong>- केशव सोनी, दुकानदार</strong></p>
<p>पानी की निकासी नहीं होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है और जल्द ही इसका समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। <br /><strong>- मुरलीधर वैष्णव, ग्राम विकास अधिकारी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:16:25 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>किराड़ी में जलभराव के लिए 'आप' जिम्मेदार: 11 वर्षो में नहीं बनाई सीवर व्यवस्था, भाजपा मंत्री ने केजरीवाल पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश सिंह ने किराड़ी जलभराव के लिए पूर्व आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया, कहा वर्षों तक सीवर और ड्रेनेज नहीं बने, अब परियोजनाएं तेज़ी से पूरी होंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/aap-is-responsible-for-waterlogging-in-kirari-sewer-system-has/article-140505"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(2)44.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रहे जलभराव को लेकर पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुये आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में इलाके में न तो सीवर व्यवस्था बनाई गई और न ही समुचित जल निकासी प्रणाली विकसित किया गया।</p>
<p>प्रवेश सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में गुरूवार को कहा कि पिछले एक सप्ताह से किराड़ी में जलभराव के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। किराड़ी की कॉलोनियों में नालियों और सीवर का पानी भरने की समस्या बीते 10 वर्षों से लगातार सामने आती रही है, जिसकी मीडिया रिपोर्ट मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने थे, तब शर्मा कॉलोनी जैसे इलाकों में जलभराव नहीं होता था, लेकिन वर्ष 2022 तक वहां नालियों का पानी जमा होने लगा। शर्मा कॉलोनी एक निचले क्षेत्र में स्थित है और किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में लगभग 10 लाख की आबादी रहती है। यह कॉलोनी वर्ष 2000 से पहले विकसित हुई थी, लेकिन कांग्रेस और आप, दोनों ही सरकारों ने यहां सीवर लाइन बिछाने का कोई ठोस काम नहीं किया।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षा जल और सीवर के पानी की निकासी के लिए उचित आउटलेट न होने के कारण निचले इलाकों में जलभराव होता है। उन्होंने दावा किया कि आप सरकार ने अपने कार्यकाल में किराड़ी में सीवर से जुड़े कार्यों पर मात्र 43 लाख रुपये खर्च किए। इसके आगे उन्होंने बताया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने वर्ष 2020 में 100 करोड़ रुपये की लागत से एक ड्रेनेज परियोजना की योजना बनाई थी, जिस पर अब काम शुरू हो चुका है। इसके बाद दिल्ली जल बोर्ड ने किराड़ी सहित 114 अनधिकृत कॉलोनियों में 480 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन परियोजनाएं शुरू कीं, लेकिन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से कनेक्टिविटी की योजना नहीं बनाई गई। सीवर का यह कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन भुगतान न होने के कारण ठेकेदारों ने काम रोक दिया। उन्होंने कहा हमारी सरकार आने के बाद काम दोबारा शुरू हुआ है और इसे जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।</p>
<p>पीडब्ल्यूडी मंत्री ने बताया कि गंदे पानी को रोहिणी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने के लिए तीन सीवेज पंपिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा 220 करोड़ रुपये की लागत से 4.5 किलोमीटर लंबा नया नाला बनाया जा रहा है, जिसे डेढ़ साल में पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किराड़ी में जमीन की भराई कर लेवल ऊंचा किया जा रहा है और सीवर लाइनें जमीन के स्तर से ऊपर बिछाई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि छह महीने के भीतर किराड़ी में सीवर ओवरफ्लो की समस्या नहीं दिखेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देओली, बदरपुर, नजफगढ़ और तुगलकाबाद में भी सीवर नेटवर्क परियोजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने आप पार्टी को चुनौती देते हुए पूछा कि क्या उसके शासनकाल में इन इलाकों में कोई सीवर नेटवर्क, ड्रेनेज सिस्टम या ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया था।</p>
<p>प्रवेश सिंह ने बताया कि किराड़ी से वर्षा जल की निकासी के लिए 112 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कार्य भी चल रहे हैं, जबकि शर्मा कॉलोनी में ड्रेनेज का काम सांसद निधि से शुरू किया गया है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को एक्स पर किराड़ी की स्थिति को लेकर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया था आज हर आम भारतीय की जिंदगी नर्क की यातना बन गयी है। देश में लालच की महामारी फैल चुकी है, शहरी सडऩ जिसका सबसे डरावना चेहरा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 17:06:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कापरेन में बदलेगा ड्रेन का स्वरूप, 19 करोड़ की लागत से होगा पक्का निर्माण, मिलेगी जलभराव से राहत</title>
                                    <description><![CDATA[पीडब्ल्यूडी ने पुनर्निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/drain-in-kapren-to-be-revamped--permanent-construction-to-cost-rs-19-crore--providing-relief-from-waterlogging/article-131981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>कापरेन। नगरवासियों के लिए राहतभरी खबर है। कस्बे के बीच से गुजरने वाली मुख्य ड्रेन के पक्के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत इस कार्य के लिए 19 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। नगरपालिका को कार्यकारी एजेंसी बनाया गया है। पालिका प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो 12 नवंबर को खोले जाएंगे। कार्य की समयावधि 18 माह निर्धारित की गई है। पालिका ईओ प्रवीण कुमार शर्मा ने बताया कि शंकर कॉलोनी से लेकर जोस्या खेड़ा की पुलिया तक ड्रेन का पक्का निर्माण किया जाएगा। ड्रेन की खुदाई व गहरीकरण से वर्षा ऋतु में जलभराव की समस्या समाप्त होगी। बरसात में खेतों व छोटे-बड़े नालों का पानी इसी ड्रेन से होकर निकलता है, जिससे तेजाजी मेला ग्राउंड, अस्पताल और शक्ति चौराहे पर जलभराव हो जाता था। अब नगरवासियों को इस परेशानी से राहत मिलेगी और गंदगी की स्थिति में भी सुधार होगा।</p>
<p><strong>सौंदर्यीकरण के साथ बनेगा फुटपाथ</strong><br />निर्माण कार्य के दौरान ड्रेन के दोनों ओर सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। जहां पर्याप्त स्थान रहेगा, वहां फुटपाथ बनाया जाएगा। सौंदर्यीकरण के तहत पौधरोपण और लाइटिंग की भी व्यवस्था होगी। इससे कस्बे का स्वरूप और आकर्षक बनेगा।</p>
<p><strong>शक्ति चौराहे की पुलिया का पुनर्निर्माण प्रस्तावित</strong><br />हाल ही में आई बाढ़ में शक्ति चौराहे की पुलिया बह जाने से आवागमन बाधित हो गया था। इस पर पीडब्ल्यूडी ने पुनर्निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।</p>
<p>मुख्य ड्रेन के पक्के निर्माण की बजट स्वीकृति मिल गई है, तकनीकी प्रक्रिया पूरी होते ही ड्रेन निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। जहां जगह रहेगी वहां फुटपाथ भी प्रस्तावित है। साथ ही सौंदर्यीकरण में पौधरोपण व लाइटिंग भी शामिल है।शक्ति चौराहे की टूटी पुलिया को लेकर भी डेढ़ करोड़ का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी ने भेज दिया है। जैसे ही बजट स्वीकृत होगा, निर्माण कराया जाएगा। फिलहाल मुख्य ड्रेन का काम प्राथमिकता में है।<br /><strong>- प्रवीण कुमार शर्मा,ईओ नगरपालिका कापरेन।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 16:51:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 45 -गंदगी, जलभराव और आधारभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हरिजन बस्ती के निवासी </title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड में सामुदायिक भवन का अभाव, पार्क केवल औपचारिकता के लिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-45---residents-of-harijan-basti-struggling-with-filth--waterlogging--and-lack-of-basic-amenities/article-130492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 45 की स्थिति शहर की मूलभूत सुविधाओं की हकीकत बयां करती है। वार्ड के कई इलाकों में नागरिकों को अब भी गंदगी, जलभराव और आधारभूत सुविधाओं की कमी से दो-चार होना पड़ रहा है। प्रशासनिक दावे और योजनाएं कागजों पर तो नजर आती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कहानी बयां करती है। वार्ड क्षेत्र में बने पार्क में झूले व अन्य सुविधाएं जोड़ी जाएं ताकि बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए यह क्षेत्र उपयोगी बन सके। शहर की तरक्की का आईना उसके वार्ड होते हैं, लेकिन वार्ड 45 की यह तस्वीर सवाल खड़े करती है कि क्या विकास केवल शहरी केंद्रों तक सीमित रह गया है?</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />आर.ई.टाईप-3 रेलवे कॉलोनी, पुरानी रेल्वे कॉलोनी वर्कशॉप, जे.पी. कॉलोनी, उड़िया बस्ती, हरिजन बस्ती, रेलवे प्लेट फार्म नं. 4 के सामने का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>हरिजन बस्ती में गंदे पानी का साम्राज्य</strong><br />वार्ड में आने वाली हरिजन बस्ती में खाली पड़ी जगहों पर सीवरेज का गंदा पानी लंबे समय से जमा है। यह पानी सड़कों पर फैलकर बदबू और मच्छरों का अड्डा बन चुका है। बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद न तो सीवरेज की सफाई होती है और न ही निकासी की स्थायी व्यवस्था की गई है।<br /><strong>- जितेन्द्र पटोना</strong></p>
<p><strong>जेपी कॉलोनी में टूटी नालियों के पानी की समस्या</strong><br />वार्ड के दूसरे हिस्से में आने वाली जेपी कॉलोनी भी वर्षों पुरानी नालियों के जर्जर होने से जूझ रही है। जगह-जगह नालियां टूट चुकी हैं, जिनसे गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। इससे स्थानीय लोगों को बदबू और बीमारी का खतरा बना रहता है। इसके अलावा कॉलोनी में जलापूर्ति भी बड़ी समस्या है। यहां पानी बेहद कम दबाव से आता है, जिससे कई घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता।<br /><strong>- बाबू लाल</strong></p>
<p><strong>सामुदायिक भवन का अभाव</strong><br />वार्ड में नगर निगम द्वारा पार्क तो बना दिया गया, लेकिन उसमें झूले और अन्य बच्चों के खेल उपकरण नहीं लगाए गए। इससे पार्क केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। वहीं वार्ड में सामुदायिक भवन का भी अभाव है, जिससे सामाजिक कार्यक्रमों, बैठकों और आयोजनों के लिए लोगों को निजी स्थलों का सहारा लेना पड़ता है।<br /><strong>- लक्ष्मण</strong></p>
<p><strong>स्थानीयों की उम्मीदें प्रशासन से जुड़ी</strong><br />वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सीवरेज व्यवस्था सुधारी जाए, टूटी नालियों का नवीनीकरण किया जाए और जलापूर्ति को सुचारू बनाया जाए। ताकि वार्डवासियों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके।<br /><strong>- सुरेश कुमार</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड क्षेत्र में हरिजन बस्ती के निवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से उन्हें रहने के लिए नई जगह आवंटित की गई है, लेकिन अधिकांश परिवार वहां जाने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में स्थिति हमारे नियंत्रण से बाहर है। वहीं, जेपी कॉलोनी में नियमित रूप से सुबह-शाम सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से की जाती है। पानी की बात करें तो सुबह के समय अधिकांश लोग मोटर लगाकर पानी भरते हैं, जिससे निचले क्षेत्रों में जल आपूर्ति धीमी हो जाती है। इस दिशा में नागरिकों को भी थोड़ी जागरूकता और सहयोग दिखाने की आवश्यकता है।<br /><strong>- हिना बानो, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Oct 2025 15:00:07 +0530</pubDate>
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