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                <title>Waterlogging - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Waterlogging RSS Feed</description>
                
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                <title>बपावरकलां न्यू बस स्टैंड पर बिना नाले के बन रही सीसी सड़क</title>
                                    <description><![CDATA[निर्माणाधीन सीसी सड़क दुकानों के स्तर से  एक फीट ऊंची बन रही ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cc-road-being-built-at-bapawarkalan-new-bus-stand-without-a-drainage-channel/article-160646"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(2)61.png" alt=""></a><br /><p>बपावरकलां। लाल बहादुर शास्त्री न्यू बस स्टैंड पर बन रही सीसी सड़क को लेकर दुकानदारों और ग्रामीणों ने जल निकासी व्यवस्था नहीं होने पर चिंता जताई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण से पहले बरसाती पानी की निकासी के लिए नाले या ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में बारिश के दौरान बस स्टैंड क्षेत्र में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है और दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।दुकानदारों का कहना है कि निर्माणाधीन सीसी सड़क दुकानों के स्तर से करीब एक फीट ऊंची बनाई जा रही है। ऐसे में बरसात के दौरान पानी निकासी का रास्ता नहीं होने से पानी दुकानों में घुसने की आशंका बनी हुई है। लोगों ने कहा कि यदि सड़क के साथ नालों का निर्माण नहीं किया गया तो सीसी सड़क बनाने का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।<br /> <br />सीसी रोड निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इसके साथ पानी निकासी के लिए नाले बनाना भी जरूरी है। यदि ड्रेनेज व्यवस्था नहीं हुई तो भविष्य में बस स्टैंड पर पानी भरने की समस्या बनी रहेगी और दुकानदारों को लाखों रुपए का नुकसान हो सकता है।<br /><strong>-गौरव सिंगला , दुकानदार, न्यू बस स्टैंड,बपावरकलां</strong></p>
<p>पहले भी दुकानों में पानी भरने की समस्या रही है। जनप्रतिनिधियों को भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है।</p>
<p>न्यू बस स्टैंउ की जल निकासी समस्या का स्थायी समाधान होना जरूरी है। <br /><strong>- प्रमोद पोर्टर, दुकानदार, न्यू बस स्टैंड, बपावरकलां</strong></p>
<p>विभाग के पास वर्तमान में केवल सीसी सड़क निर्माण का कार्य है, नाला निर्माण काप्रस्ताव नहीं है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से संपर्क कर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।<br /><strong>- राज विजयवर्गीय, एईएन, आरएसआरडीए</strong></p>
<p>सीसी सड़क का निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा नहीं कराया जा रहा है। फिर भी वे इस समस्या को लेकर ऊर्जा मंत्री सेचर्चा करेंगे और समाधान कराने का प्रयास करेंगे।<br /><strong>- मुरलीधर वैष्णव, ग्राम विकास अधिकारी, बपावरकलां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 11:03:27 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का : अटल सरोवर के सामने जलभराव की समस्या से क्षेत्रवासियों को मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[पालिका ने विशेष सफाई अभियान चलाकर सड़क से कीचड़ व गंदगी हटाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--residents-get-relief-from-waterlogging-issues-in-front-of-atal-sarovar/article-159338"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>कापरेन। अटल सरोवर के सामने बारिश के बाद सड़क पर जलभराव, कीचड़ और गंदगी की समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति में 8 जुलाई के अंक में समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत में आ गया। बुधवार सुबह पालिका की सफाई टीम मौके पर पहुंची और विशेष सफाई अभियान चलाकर सड़क पर फैले कीचड़ व गंदगी को हटाया।  साथ ही निर्माण कार्य के दौरान बंद किए गए नाले को खुलवाकर जल निकासी व्यवस्था सुचारु कर दी, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली।</p>
<p>गौरतलब है कि शक्ति चौराहा पर चल रहे नाला निर्माण कार्य के दौरान शिवनगर की ओर से आने वाले नाले का रास्ता बंद कर दिया गया था। मंगलवार को हुई बारिश के बाद पानी की निकासी नहीं होने से अटल सरोवर के सामने मुख्य सड़क पर जलभराव हो गया। पानी उतरने के बाद सड़क पर कीचड़ फैल गया और आसपास दुर्गंध की स्थिति बन गई थी। स्थानीय लोगों ने इस समस्या से प्रशासन को पूर्व में भी अवगत कराया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफाई अभियान चलाया तथा बंद नाले को खुलवाकर जल निकासी व्यवस्था बहाल कर दी। स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में निर्माण कार्य के दौरान ऐसी लापरवाही नहीं बरती जाएगी, ताकि बारिश के समय आमजन को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।पालिका ने विशेष सफाई अभियान चलाकर सड़क से कीचड़ व गंदगी हटाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:41:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बारिश बनी एमबीएस अस्पताल की सबसे बड़ी परीक्षा : बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था बनी मरीजों की मुसीबत</title>
                                    <description><![CDATA[ नई बिल्डिंग, सेंट्रल लैब और अधीक्षक कार्यालय तक जाने वाले रास्तों पर भरता है पानी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rain-poses-the-biggest-challenge-for-mbs-hospital--poor-drainage-system-causes-trouble-for-patients/article-159324"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(1)20.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में मानसून की पहली बारिश के साथ ही वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या फिर सामने आने लगती है। अस्पताल की नई बिल्डिंग के बाहर, सेंट्रल लैब, अधीक्षक कार्यालय तक जाने वाले मार्ग सहित कई स्थानों पर थोड़ी सी बारिश के बाद ही पानी भर जाता है। मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ को पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार स्ट्रेचर और व्हीलचेयर निकालने तक में परेशानी होती है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार तक पहुंचाने में दिक्कत आती है।</p>
<p>अस्पताल प्रशासन ने पिछले कुछ समय में पुरानी बिल्डिंग से पर्ची काउंटर, जांच काउंटर और इमरजेंसी ओपीडी जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को नई बिल्डिंग में स्थानांतरित कर दिया है। इससे मरीजों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिला है और एक ही स्थान पर अधिकांश सेवाएं उपलब्ध होने लगी हैं। लेकिन बारिश के दौरान नई बिल्डिंग के बाहर जलभराव होने से मरीजों को इन सुविधाओं तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ती है। हालांकि पुरानी बिल्डिंग में अब मुख्य रूप से भर्ती मरीजों को रखा जाता है, लेकिन बारिश के मौसम में वहां भी सीलन, पानी टपकने और आसपास जलभराव जैसी समस्याएं सामने आती हैं।</p>
<p><strong>मोर्चरी तक पहुंचने वाला रास्ता बना सबसे बड़ी चिंता</strong><br />एमबीएस अस्पताल से मोर्चरी की ओर जाने वाला मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में एंबुलेंस, शव वाहन, अस्पताल के अन्य वाहन और पैदल आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालात इतने खराब हो जाते हैं कि कई बार मोर्चरी तक पहुंचना भी चुनौती बन जाता है। शव लेकर आने वाले परिजनों को भी कीचड़ और जलभराव के बीच से गुजरना पड़ता है। अस्पताल परिसर का यह मार्ग वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रहा है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।</p>
<p>डॉक्टरों की सेवाएं और चिकित्सा सुविधाएं बेहतर हैं, लेकिन बारिश के मौसम में अस्पताल परिसर की स्थिति चिंता बढ़ा देती है।<br /><strong>-सुशिला बाई, मरीज</strong></p>
<p>- नई बिल्डिंग बनने से सुविधाएं तो बढ़ी हैं, लेकिन बारिश के समय बाहर पानी भर जाता है। बुजुर्ग और गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में काफी परेशानी होती है।<br /><strong>सुरज सिंह, मरीज</strong></p>
<p>सेंट्रल लैब और जांच काउंटर तक जाने में पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। प्रशासन को ड्रेनेज व्यवस्था स्थायी रूप से सुधारनी चाहिए। मोर्चरी की सड़क इतनी खराब है कि बारिश में गड्ढे दिखाई ही नहीं देते। एंबुलेंस तक हिचकोले खाती हुई गुजरती है। अस्पताल परिसर की सड़कें जल्द से जल्द बनाई जानी चाहिए।<br /><strong>- श्वेता गुर्जर, मरीज</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मानसून को देखते हुए अस्पताल परिसर की सभी प्रमुख नालियों की सफाई करवाई जा रही है ताकि पानी की निकासी बाधित न हो। संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि स्थायी समाधान के लिए केडीए को ड्रेनेज निर्माण का कार्य सौंप दिया गया है। फिलहाल वर्क ऑर्डर जारी होने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही कार्यादेश मिलेगा, सबसे पहले अस्पताल परिसर में आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके बाद क्षतिग्रस्त और जर्जर सड़कों का पुनर्निर्माण कराया जाएगा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिल सके।<br /><strong>- डॉ. आर.के. सिंह, अधीक्षक एमबीएस अस्पताल</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:36:30 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बारिश के बाद महाराज ब्रजराज सिंह स्टेडियम में भरा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[खेल गतिविधियां प्रभावित, खिलाड़ियों ने की स्थायी निकासी व्यवस्था की मांग।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/waterlogging-at-maharaj-brajraj-singh-stadium-following-rainfall/article-159008"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>बपावरकलां। क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश के बाद महाराज ब्रजराज सिंह स्टेडियम में जलभराव की स्थिति बन गई है। मैदान में कई स्थानों पर पानी भर जाने से खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और खिलाड़ियों को अभ्यास करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।बारिश के कारण स्टेडियम परिसर में पानी जमा होने से निर्माण कार्य भी प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान स्टेडियम में जलभराव की समस्या सामने आती है, जिससे खिलाड़ियों के साथ-साथ आमजन को भी असुविधा होती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग एवं ग्राम पंचायत से पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान खेल गतिविधियां बाधित न हों।</p>
<p>अधिक बारिश होने के कारण स्टेडियम में पानी भर गया है। जल्द ही पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था जाएगी, की ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्नं नहो।<br /><strong>- मुरलीधर वैष्णव, ग्राम विकास अधिकारी, बपावरकलां </strong></p>
<p>स्टेडियम में जल निकासी की व्यवस्था शीघ्र कर दी जाएगी, जिससे बारिश का पानी मैदान में जमा नहीं होगा खिलाड़ियों को और नियमित अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।<br /><strong>- घनश्याम सुमन, ग्राम पंचायत प्रशासक, बपावरकलां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:20:20 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नाली पर अतिक्रमण से रास्ते में जलभराव, मोहल्लेवासी परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूली बच्चों का आवागमन प्रभावित
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/waterlogging-on-the-path-due-to-encroachment-on-the-drain--residents-distressed/article-159006"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>कापरेन। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या-1 स्थित कल्याणपुरा में सरकारी नाली पर अतिक्रमण के कारण आम रास्ते पर जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने सरकारी नाली में गिट्टी-सीमेंट भरकर उसे बंद कर दिया, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई। इसके चलते सड़क और आसपास के मकानों के सामने लगातार पानी जमा रहने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। मोहल्लेवासियों ने बताया कि इसी मार्ग से प्रतिदिन राजकीय विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। जलभराव के कारण बच्चों, महिलाओं और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। </p>
<p>लंबे समय से पानी भरा रहने से गंदगी फैलने के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। पूर्व पार्षद रमेश धोबी, प्रहलाद सिंह हाड़ा, घनश्याम मेघवाल, गोपाल गुर्जर, धनी बाई, लाड़ बाई एवं छोटा बाई ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका में शिकायत की जा चुकी है। पालिका ने संबंधित व्यक्ति को नोटिस भी जारी किया, लेकिन अब तक अतिक्रमण हटाने और नाली खुलवाने की प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाकर जल निकासी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। </p>
<p>नाली निर्माण के लिए कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। शीघ्र ही नाली का निर्माण कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।<br /><strong>- प्रवीण कुमार शर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:01:43 +0530</pubDate>
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                <title>हरिपुरा स्कूल में जलभराव समस्या पर शिक्षा विभाग सख्त, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[जलभराव से बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित होती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/education-department-takes-a-firm-stand-on-the-waterlogging-issue-at-haripura-school/article-157569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(6)9.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। दैनिक नवज्योति समाचार पत्र में 17-18 जून के अंक में प्रकाशित खबर के बाद राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हरिपुरा में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO), समग्र शिक्षा ब्लॉक बूंदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। बूंदी-खटकड़ रोड पर स्थित इस विद्यालय में वर्तमान में लगभग 120 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। </p>
<p>बारिश के दिनों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से बच्चों की पढ़ाई एवं सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो जाता है। इसी को देखते हुए विभाग ने मानसून से पहले स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए हैं। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रीति शर्मा ने राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम (RSRDC) के सहायक अभियंता, सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, बूंदी को आधिकारिक पत्र भेजकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की गई है। </p>
<p>पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मानसून शुरू होने से पूर्व जलभराव की समस्या का स्थायी निस्तारण किया जाए। विभाग ने सड़क विकास एजेंसी से आग्रह किया है कि बच्चों की सुरक्षा एवं शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही की जाए, ताकि आगामी बारिश के मौसम में विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शिक्षा विभाग की इस पहल को बच्चों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:00:38 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : हरिपुरा विद्यालय में जलभराव समाधान पर आपात बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[मानसून से पहले स्थाई निकासी व्यवस्था की उठी मांग ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news-report--emergency-meeting-held-to-address-waterlogging-at-haripura-school/article-157358"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)40.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। हरिपुरा राजकीय विद्यालय में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) की आपात बैठक आयोजित की गई। दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन एवं विद्यालय प्रबंधन सक्रिय हुआ और मानसून से पहले समस्या के स्थाई समाधान को लेकर चर्चा की गई।बैठक में निर्णय लिया गया कि मानसून की शुरुआत से पहले इस समस्या का जानकारी उच्च अधिकारियों को लिखित रूप से भेजी जाएगी, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि वर्षा ऋतु से पूर्व ही जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था करना अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा विद्यालय परिसर में पुनः जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।</p>
<p>बैठक में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए दो प्रमुख विकल्पों पर विचार किया गया। पहला विकल्प यह रखा गया कि दक्षिण दिशा में बूंदी-खटकड़ रोड एवं विद्यालय बाउंड्री के पास बने सीमेंटेड नाले को लगभग तीन फीट नीचे किया जाए, क्योंकि वर्तमान में यह नाला जमीन से लगभग दो फीट ऊंचा होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही है। यह नाला राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आरएसआरडीसी) द्वारा निर्मित बताया गया है।दूसरा विकल्प पूर्व दिशा में पूर्व में मौजूद जल निकासी मार्ग को पुनः बहाल करने का रखा गया, जो मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया था। इसे हटाकर पुराने निकास को पुनः चालू करने पर विचार किया गया। </p>
<p>बैठक में पीईओ बंशीलाल मीणा, प्रधानाचार्य घनश्याम नकलक, सरपंच प्रतिनिधि लेखराज मीणा, ठेकेदार प्रेमराज मीणा, अध्यापक के ओमप्रकाश नागर, एसएमसी से अध्यक्ष गणेश मीणा, राजकुमार मेघवाल, सोनू गुर्जर सहित अन्य सदस्य एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:20:34 +0530</pubDate>
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                <title>पहली बारिश में डूबी व्यवस्थाएं : लाखों खर्च के बावजूद सफाई व्यवस्था फेल</title>
                                    <description><![CDATA[जाम नालियों से बढ़ी परेशानी, नगरपालिका की कार्यशैली पर उठाए सवाल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/systems-overwhelmed-by-the-first-rain--sanitation-efforts-fail-despite-heavy-spending/article-157354"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(3)26.png" alt=""></a><br /><p>अटरू। राज्य सरकार के शहरी सेवा शिविरों में जनसमस्याओं के समाधान के दावों के बीच अटरू कस्बे में पहली ही बारिश ने नगरपालिका की तैयारियों की हकीकत उजागर कर दी। मुख्य बाजार, मुख्य सड़क और कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नालियों की सफाई नहीं होने और जल निकासी व्यवस्था के कमजोर होने से आमजन में नाराजगी देखने को मिली। राज्य सरकार, के निर्देशानुसार आयोजित शहरी सेवा शिविरों में आमजन की समस्याओं के समाधान के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अटरू कस्बे की सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। पहली बारिश ने नगरपालिका की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। मुख्य बाजार, मुख्य रोड और कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>
<p><strong>नालियों पर बने पक्के ढकान बने समस्या की वजह</strong><br />स्थानीय नागरिक पवन मालवीय, गणेश सेन और लोकेश पंचोली ने बताया कि मुख्य रोड क्षेत्र में कई स्थानों पर दुकानों के सामने नालियों पर पक्के ढकान बना दिए गए हैं। इन डंकानों के कारण नालियों की नियमित सफाई नहीं हो पाती, जिससे उनमें गाद और कचरा जमा हो जाता है। परिणामस्वरूप पानी का प्रवाह बाधित हो जाता हैऔर थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। नागरिकों का कहना है कि पहले नालियों से पानी का निकास सुचारु रूप से हो जाता था, लेकिन अब सफाई व्यवस्था की अनदेखी और अवरोधों के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं।</p>
<p><strong>जनता की ये है प्रमुख मांगें</strong><br />अटरू कस्बे में जलभराव और सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और नगरपालिका के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगे रखी हैं। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में राहत देने के लिए तत्काल कराई जाए। साथ ही नालों पर बने अवैध एवं स्थायी अवरोधों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके। पूरे कस्बे की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए तथा सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर प्रभावी कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।</p>
<p><strong>सड़कों पर भरा बारिश का पानी</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात से पूर्व नालियों की समुचित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर भर गया। कई स्थानों पर गंदा पानी दुकानों के सामने तक पहुंच गया, जिससे व्यापारियों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी। हालात ऐसे बने कि कई जगह लोगों को स्वयं नालियों की सफाई कर पानी की निकासी करनी पड़ी।</p>
<p><strong>कलेक्टर के निर्देशों पर उठे सवाल</strong><br />गौरतलब है कि जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा समय-समय पर शहरी सेवा शिविरों एवं नगर निकायों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे हैं। इसके बावजूद पहली ही बरसात में जलभराव और गंदगी की स्थिति सामने आने से व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।  स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया तो आगामी बरसात में स्थिति और गंभीर हो सकती है।</p>
<p><strong>दुकानदार खुद कर रहे जाम नालियों की सफाई</strong><br />नगरपालिका की ओर से समय पर सफाई नहीं होने के कारण मुख्य बाजार क्षेत्र के दुकानदारों को खुद नालियों की सफाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बारिश के दौरान जब नालियों का पानी सड़कों और दुकानों के सामने जमा हो गया, तब कई व्यापारियों ने फावड़े और अन्य उपकरणों की मदद से नालियों में जमा कचरा और गाद निकालकर पानी की निकासी का प्रयास किया। दुकानदारों का कहना है कि नियमित सफाई होती तो उन्हें यह काम स्वयं नहीं करना पड़ता। उन्होंने बताया कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सफाई व्यवस्था धरातल पर नजर नहीं आ रही है, जिसका खामियाजा आमजन और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p>मुख्य रोड एवं बाजार क्षेत्र में जलभराव तथा नालियों की समस्या को शिकायतें संज्ञान में आई हैं। प्रशासन द्वारा तथा नगरपालिका प्रशासन को आवश्यक निर्देश देकर समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई कराई जाएगी। जहां भी नालियों में अवरोध, जाम या जलनिकासी संबंधी समस्या पाई जाएगी, वहाँ तत्काल सफाई एवं आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराए जाएंगे, ताकि बरसात के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है। <br /><strong>-अभिमन्यु कुंतल, कार्यवाहक उपखंड अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:18:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भण्डेड़ा में जलभराव समस्या पर किसानों की मांग तेज, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[पाइप बंद होते ही ऊपरी क्षेत्र के खेतों में जलभराव हो जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/farmers-in-bhandeda-intensify-demands-regarding-waterlogging-issue/article-156656"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र में आगामी बरसात को देखते हुए किसानों ने मुख्य सड़कों पर बरसाती पानी निकासी के लिए लगाए गए पाइप बंद करने वाले लोगों के खिलाफ समय रहते सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि विभाग पहले से ही ऐसे लोगों को पाबंद कर दे, तो खरीफ फसलों को हर साल होने वाले भारी नुकसान से बचाया जा सकता है। जानकारी के अनुसार बांसी-कालानला मार्ग एवं भण्डेड़ा-सादेड़ा मुख्य मार्ग पर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के दौरान पानी निकासी के लिए पाइप लगाए गए थे, ताकि बारिश का पानी खेतों में जमा न होकर आगे निकल सके। लेकिन कई स्थानों पर निचले क्षेत्र के किसान अपने खेतों में पानी जाने से रोकने के लिए इन पाइपों को बंद कर देते हैं। पाइप बंद होते ही ऊपरी क्षेत्र के खेतों में जलभराव की स्थिति बन जाती है और लगातार बारिश के कारण फसलें पूरी तरह खराब हो जाती हैं।</p>
<p> पिछले तीन वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है, जिससे हजारों बीघा फसल हर साल बर्बाद हो रही है। किसानों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभाग केवल औपचारिक कार्रवाई करता है और मौके पर जाकर स्थिति देखकर लौट जाता है। इससे ऐसे लोगों का हौसला बढ़ता जा रहा है और पाइप बंद करने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि आगामी बरसात से पहले ही ऐसे लोगों को चिन्हित कर पाबंद किया जाए तथा पाइपलाइन व्यवस्था को सुचारू रखा जाए, ताकि किसानों की मेहनत और लाखों की फसल बर्बाद होने से बच सके।</p>
<p><strong>अधिकारी का कहना है </strong><br />क्षेत्र में इस तरह पानी निकासी के पाइप को बन्द करने वाले किसानों को समय से पहले ही पाबंद करवाया जाएगा। फिर भी किसी व्यक्ति ने पाइप बन्द किया, तो उसी समय पुलिस साथ लेकर बंद पाइप को खुलवाया जाएगा। संबंधित व्यक्ति पर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।<br /><strong>- हरिराम मीणा, अधिशाषी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, नैनवां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 14:38:39 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>एमबीएस अस्पताल में जलभराव बना खतरा, मरीजों को मुख्य रास्ते पर  फैले गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा</title>
                                    <description><![CDATA[पुराने निकासी मार्गों की मरम्मत नहीं होने से बारिश या सीवरेज का पानी जमा हो जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/waterlogging-at-mbs-hospital-poses-a-threat--patients-have-to-wade-through-dirty-water-on-the-main-pathway/article-142047"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(1)10.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाडौती के सबसे बडे एमबीएस परिसर में सीवरेज का गंदा पानी जमा होने से मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी हो रही है। जानकारी के अनुसार, यह समस्या खराब जल निकासी व्यवस्था, अवरुद्ध नालियों और सीवरेज चैम्बर के ओवर फ्लो के कारण उत्पन्न हुई है। दूषित सीवरेज के पानी में हानिकारक कीटाणु,बैक्टीरिया और औषधीय अवशेष मौजूद होते हैं, जो संक्रमण फैलने का बड़ा कारण बन सकते हैं। अस्पताल में भर्ती कमजोर रोगियों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक मानी जा रही है। लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि ओपीडी के बाहर और वार्डों के रास्तों में पानी भरे रहने से स्ट्रेचर और व्हीलचेयर ले जाना मुश्किल हो गया है। मुख्य रास्ते पर ही फैले गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।</p>
<p><strong>50 से अधिक बैड संख्या वाले अस्पतालों में प्लांट की जरूरत</strong><br />स्वास्थ्य नियमों के तहत अस्पतालों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट होना अनिवार्य है, ताकि गंदे पानी को शुद्ध किए बिना खुले में न छोड़ा जाए। फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। हालांकि मरीजों और नागरिकों ने मांग की है कि जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए और सीवरेज के पानी से होने वाले संक्रमण के खतरे को रोका जाए।वर्तमान में कोटा एमबीबीएस के नई बिल्डिंग में संचालित लीफटो की क्या स्थिति है अस्पतालों में एसटीपी की अनिवार्यता मुख्य रूप से जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत आती है। उढउइ (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशानिदेर्शों के अनुसार, सभी अस्पतालों को उनके अपशिष्ट जल (सीवरेज) को बाहर छोड़ने से पहले उपचारित करना अनिवार्य है। इसमें बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स का पालन करना भी शामिल है।</p>
<p><strong>बेसमेन्ट में सीवरेज का पानी</strong><br />अभी हाल ही में बने आईपीडी भवन के बेसमेंट पार्किंग के लिफ्ट एरिया में भरा हुआ पानी सडा़ंध मार रहा था। सवाल यह है कि हाल ही में तैयार हुए भवनों में यह हाल है तो जब यह इमारतें पुरानी होगीं तब क्या होगा।जानकारों के अनुसार, एमबीएस में सीवरेज से जुड़ा बुनियादी ढांचा पुराना हो चुका है। ऐसे में परिसर में नये भवन भी बन गये है जिससे इन की क्षमता कम  पड़ती जा रही है । वहीं पुराने निकासी मार्गों की पूरी मरम्मत नहीं की जाती, जिससे बारिश या सीवरेज का पानी जमा हो जाता है।</p>
<p><strong>अटी पडी गंदगी</strong><br />करीब महीने भर से जयपुर फुट और आक्सीजन स्टोर रूम वाली सड़क पर भी सीवरेज का पाईप  टूटा हुआ है जिससे यहां सड़क पर  गंदगी फैल गयी है। बडी बात यह है कि यह रास्ता रेजीडेन्ट हॉस्टल के साथ एएनएम जीएनएम सेन्टर के साथ मॉर्चरी की और जाने वाले एक मात्र रास्ता है ।</p>
<p>ओपीडी और नयी इमरजेन्सी के बाहर बरसात का पानी भरा हुआ है। यह मार्ग जेके लोन व एमबीएस के बीच मुख्य सडक पर होने से समस्या का कारण बना हुआ है। यहां एक और लेबोरेट?री के कारण दिनभर लोगों की भीड़ रहती है ऐसे में वहीं दूसरी और गाड़ियां खड़ी रहने के कारण रास्ता संकरा रहता है उपर से यहां जमा पानी के कारण पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है।<br /><strong>- दुष्यंत कुमार सुमन, तीमारदार</strong></p>
<p>आज ही हमने जहां पर भी पानी और गंदगी की जानकारी मिली वहां पर स्टाफ को काम पर लगाया है। बडी़ समस्या पुरानी लाईनोें से है एसटीपी प्लांट लगने तक व्यवस्था निगम को कहकर करवा रहे है।<br /><strong>- डॉ. कर्नेश गोयल, उपअध्यक्ष एमबीएस हॉस्पिटल कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 15:34:10 +0530</pubDate>
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                <title>सिंचाई के दौरान खेतों के रास्ते में भरा पानी, किसानों को हो रही परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[इस रास्ते पर गत वर्ष कराया गया कंक्रीट कार्य पहली ही बरसात में पूरी तरह खराब हो गया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/waterlogging-on-the-road-leading-to-the-fields-during-irrigation-causes-problems-for-farmers/article-141904"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)7.png" alt=""></a><br /><p>अरण्डखेडा। अरण्डखेडा पंचायत के घना तलाई से बंधा की ओर खेतों पर जाने वाले रास्ते में सिंचाई के दौरान खेतों का पानी भर जाने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रास्ता अवरुद्ध होने के कारण किसानों को कृषि कार्य के लिए खेतों तक पहुंचने में करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। स्थानीय किसानों ने बताया कि इसी रास्ते पर गत वर्ष पंचायत प्रशासन द्वारा मनरेगा योजना के तहत ग्रेवल सड़क पर नाममात्र का कंक्रीट कार्य कराया गया था, जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित हुआ। पहली ही बरसात में यह रास्ता पूरी तरह खराब हो गया और वर्तमान में खेतों का पानी भर जाने से रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है।</p>
<p><strong>खेती-बाड़ी के कार्य हो रहे प्रभावित</strong><br />किसानों का कहना है कि पंचायत द्वारा किया गया कंक्रीट ग्रेवल कार्य गुणवत्ताहीन था, जिससे समस्या और अधिक बढ़ गई है। मार्ग बंद होने से खेती-बाड़ी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और किसानों को समय व धन दोनों की अतिरिक्त हानि उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की है, जिससे किसानों को खेतों तक आवागमन में सुविधा मिल सके।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />उक्त रास्ते में पूर्व में कार्य कराया गया था, जिसका भुगतान अभी लंबित है। भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद रास्ते का दुबारा निर्माण कार्य कराया जाएगा। ताकि किसानों को राहत मिल सके।<br /><strong>- हिमांशु सिंह, ग्राम विकास अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 14:18:33 +0530</pubDate>
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                <title>लोगों की परेशानी : निकासी के अभाव में जलभराव से बस स्टैंड मार्ग बना तालाब ,मकानों को नुकसान का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[दो साल से यह समस्या लाल बहादुर शास्त्री बस स्टैंड के पास स्थित कॉलोनी में  बनी हुई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/problems-of-the-people--in-the-absence-of-drainage--the-bus-stand-road-has-become-a-pond-due-to-waterlogging--there-is-a-danger-of-damage-to-the-houses/article-141675"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>बपावरकलां। बपावरकलां के लाल बहादुर शास्त्री बस स्टैंड के पास स्थित कॉलोनी में निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण पिछले दो वर्षों से लगातार जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। भरी हुई नालियों और गंदे पानी के बीच से होकर कॉलोनी वासियों, दुकानदारों एवं राहगीरों को निकलना पड़ रहा है। जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि लाल बहादुर शास्त्री बस स्टैंड आने-जाने का यह प्रमुख मार्ग है। लेकिन यहां तालाब जैसी स्थिति बनी रहती है। बस स्टैंड स्थित सुलभ शौचालय की ट्यूबवेल लगातार चलने तथा कॉलोनी के मकानों से निकलने वाला गंदा पानी गलियों में भर जाने से हालात और बिगड़ गए हैं। नालियों की समुचित निकासी नहीं होने के कारण पूरे मोहल्ले में पानी भरा रहता है।</p>
<p>मोहल्ले वासियों का कहना है कि लंबे समय से पानी भरे रहने के कारण उनके मकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। पास ही स्थित ग्राम पंचायत की करोड़ों रुपये की संपत्ति महाराणा प्रताप सामुदायिक भवन भी जलभराव की चपेट में आ गया है। पानी भरने से भवन की उपयोगिता लगभग समाप्त हो गई है। जहां पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक आयोजन और शादी-विवाह होते थे, वहीं अब भवन बदहाली का शिकार हो गया है। मजबूरी में ग्रामीणों को शादी-विवाह के लिए महंगे रिसोर्ट बुक करने पड़ रहे हैं।</p>
<p><strong>जनप्रतिनिधियों को कई बार करवा चुके हैं अवगत </strong><br />मोहल्लेवासी मोहन एवं हेमंत कुमार शर्मा ने बताया कि पूरे क्षेत्र की नालियों के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था ग्राम पंचायत द्वारा नहीं की गई है। इस समस्या से जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। वहीं तेज सिंह राजपूत ने बताया कि सामुदायिक भवन के सामने ऊंचा सीसी रोड बना हुआ है, जिससे बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।</p>
<p>यह समस्या लगातार दो वर्षों से बनी हुई है। सभी जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। यहां तक कि पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर को भी समस्या से अवगत कराया गया। लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। लेकिन बाद में कोई सुध नहीं लेता।<br /><strong>- केशव सोनी, दुकानदार</strong></p>
<p>पानी की निकासी नहीं होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है और जल्द ही इसका समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। <br /><strong>- मुरलीधर वैष्णव, ग्राम विकास अधिकारी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:16:25 +0530</pubDate>
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