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                <title>automation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>automation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>5 जून तक 46 शिविरों में 6470 खनिज परिवहन वाहनों में लगेगा वीटीएस सिस्टम, मौके पर ही होगा इंस्टालेशन कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[खनिज परिवहन को पारदर्शी बनाने के लिए जयपुर कार्यक्षेत्र के 8 जिलों में विशेष वीटीएस (VTS) इंस्टालेशन अभियान शुरू हुआ है। इसके तहत 5 जून तक 46 शिविर लगाकर 6,470 वाहनों में ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इस तकनीक से खनिज गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग होगी और अवैध परिवहन पर रोक लगेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/by-june-5-vts-system-will-be-installed-in-6470/article-154604"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-600-px.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। खान विभाग के अधीक्षण खनि अभियंता (एसएमई) जयपुर कार्यक्षेत्र में खनिज परिवहन वाहनों में व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 5 जून तक जयपुर, सीकर, झुन्झुनू, अलवर, टोंक, कोटपूतली, दौसा और नीमकाथाना सहित 8 कार्यालय क्षेत्रों में 46 शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 6470 खनिज परिवहन वाहनों में मौके पर ही वीटीएस इंस्टालेशन किया जाएगा। अधीक्षण खनि अभियंता एनएस शक्तावत ने बताया कि वीटीएस इंस्टालेशन शिविरों का आयोजन 20 मई से प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि खान विभाग द्वारा तुलाई कांटों और वीटीएस सिस्टम के ऑटोमाइजेशन कार्य में तेजी लाई जा रही है, ताकि खनिज परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जा सके।</p>
<p>उन्होंने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा ने हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में ऑटोमाइजेशन कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में संबंधित क्षेत्रों में शिविर लगाकर वाहनों में मौके पर ही वीटीएस सिस्टम इंस्टॉल किए जा रहे हैं, जिससे वाहन मालिकों और परिवहनकर्ताओं को सुविधा मिल सके। एसएमई जयपुर कार्यक्षेत्र के अंतर्गत खनि अभियंता जयपुर श्याम कापड़ी के क्षेत्र में 25 से 27 मई तक 11 शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें करीब 400 वाहनों में वीटीएस इंस्टालेशन का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 25 मई को जोबनेर तहसील के खनिज उद्यान गांव बामनियास, त्रिवेणी इंडस्ट्रीज गुनावता तथा आमेर के पास ग्राम दादर स्थित बालाजी स्टोन क्रेशर में शिविर लगाए जाएंगे। वहीं 26 मई को दूदू क्षेत्र के पलूकलां गांव स्थित राधा गोविंद स्टोन क्रेशर, घटियाली एमएल रविशंकर तथा बस्सी तहसील के किशनपुरा गांव सहित विभिन्न स्थानों पर वीटीएस इंस्टालेशन कार्य किया जाएगा। खान विभाग के अनुसार इस अभियान से खनिज परिवहन गतिविधियों की मॉनिटरिंग अधिक प्रभावी होगी और अवैध परिवहन पर नियंत्रण लगाने में भी सहायता मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 19:01:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विजिन्जम इंटरनेशनल सीपोर्ट: भारत का उभरता ग्लोबल ट्रांसशिपमेंट हब, समुद्र के बीच बनाई जा रही सड़क</title>
                                    <description><![CDATA[केरल का विजिन्जम पोर्ट जनवरी 2026 में 1.23 लाख TEUs हैंडल कर वैश्विक स्तर पर 83वें स्थान पर पहुँचा। ₹16,000 करोड़ के दूसरे चरण के विस्तार से इसकी क्षमता 5.7 मिलियन TEUs हो जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/vizhinjam-international-seaport-indias-emerging-global-transshipment-hub-road-being/article-143317"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(1)13.png" alt=""></a><br /><p>तिरुअनंतपुरम। केरल के तिरुअनंतपुरम स्थित विजिन्जम इंटरनेशनल सीपोर्ट तेजी से भारत के समुद्री व्यापार के नक्शे पर छा रहा है। यह भारत का पहला गहरा समुद्री ट्रांसशिपमेंट पोर्ट है, जो अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स पर अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह फुल ऑटोमेटिक है, जिसे मशीनों से कंट्रोल किया जाता है। यहां समुद्र के बीच करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है। जनवरी 2026 में विजिन्जम पोर्ट ने अब तक का सबसे बड़ा मासिक कंटेनर थ्रुपुट दर्ज किया। पोर्ट ने 1 लाख 23 हजार 092 ट्वेंटी फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स हैंडल किए, जो अब तक का सर्वोच्च आंकड़ा है। इसी महीने में 62 जहाजों को संभाला गया और ग्रॉस क्रेन रेट 30.12 कंटेनर लिफ्ट्स प्रति घंटा तक पहुंचा। इन उपलब्धियों के साथ पोर्ट वैश्विक कंटेनर हैंडलिंग में 83वें स्थान पर पहुंच गया है। दिसंबर, 2024 से जनवरी, 2026 तक यहां 50 से अधिक अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स (399 मीटर से लंबे) सफलतापूर्वक हैंडल किए जा चुके हैं। </p>
<p><strong>फेज-2 विस्तार: 16 हजार करोड़ का मेगा निवेश</strong></p>
<p>अदानी विजिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ प्रदीप जयरामन ने बताया कि 24 जनवरी, 2026 को अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड ने विजिन्जम पोर्ट के दूसरे चरण के विस्तार की औपचारिक शुरुआत की। इस चरण में 16 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त निवेश किया जा रहा है, जिससे कुल निवेश 30 हजार करोड़ रुपए के आसपास पहुंच जाएगा। यह केरल में अब तक का सबसे बड़ा निजी निवेश है।</p>
<p><strong>विस्तार के प्रमुख बिंदु</strong></p>
<p>- कंटेनर बर्थ की लंबाई 800 मीटर से बढ़ाकर 2000 मीटर।<br />- ब्रेकवॉटर की लंबाई बढ़ाकर लगभग 3900 मीटर।<br />- वार्षिक क्षमता 1 मिलियन टीईयू से बढ़ाकर 5.7 मिलियन ट्वेंटी फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स (2028-29 तक)।<br />- अत्याधुनिक ऑटोमेशन, 21  ऑटोमेटेड एसटीएस क्रेन और 45 आरएमजी क्रेन सहित आधुनिक सुविधाएं।<br />- यह विस्तार भारत को कोलंबो, सिंगापुर जैसे विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा और देश को वैश्विक समुद्री व्यापार में मजबूत स्थिति दिलाएगा।</p>
<p><strong>लॉजिस्टिक्स ईकोसिस्टम को मजबूत करने के कदम</strong></p>
<p>केरल सरकार ने हाल ही में विजिन्जम के आसपास दो मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क की मंजूरी दी है। कॉनकोर और सेंट्रल वेयरहाउस कॉपरेशन की ओर से विकसित ये पार्क पोर्ट की क्षमता को और मजबूत करेंगे। इसके अलावा पोर्ट से सटे क्षेत्र में 550 एकड़ से अधिक भूमि की पहचान की है, जहां पोर्ट-लिंक्ड इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए जाएंगे। विजिन्जम इंटरनेशनल सीपोर्ट न केवल केरल बल्कि पूरे भारत के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो रहा है। यह मैरीटाइम विजन 2030 और अमृत काल विजन 2047 के लक्ष्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे भारत वैश्विक समुद्री व्यापार में एक प्रमुख खिलाड़ी बन सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 11:14:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जर्मनी, इजरायल ने 'साइबरडोम' बनाने के लिए किया समझौता, साइबर और ड्रोन हमलों का लगाएगा पता</title>
                                    <description><![CDATA[जर्मनी और इजरायल ने संयुक्त सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। साइबर व ड्रोन हमलों से निपटने के लिए जर्मन ‘डोम’ सिस्टम विकसित किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/germany-and-israel-sign-agreement-to-build-cyberdome-to-detect/article-139274"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/israel,-germany-sign.png" alt=""></a><br /><p>बर्लिन। जर्मनी और इजरायल ने संयुक्त सुरक्षा कार्य को लेकर एक समझौता किया है, जिसमें साइबर हमलों को रोकने के लिए एक जर्मन 'डोम' का निर्माण भी शामिल है। </p>
<p>जर्मनी के द हैंडेल्सब्लाट अखबार ने की रिपोर्ट के अनुसार इस समझौते पर जर्मनी गृहमंत्री मंत्री अलेक्जेंडर डोबिडट और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ने हस्ताक्षर किया। अखबार की रिपोर्ट के अनुसार ने स्पष्ट किया कि यह समझौता जर्मनी गृहमंत्री मंत्री अलेक्जेंडर डोबिडट के इजराइल के दो दिवसीय दौरे के दौरान हुआ। </p>
<p>अखबार ने बताया है कि यह सिस्टम स्वचालित रूप से साइबर हमलों और ड्रोन हमलों का पता लगाएगा और उन्हें रोकेगा। यह समझौता जर्मनी और इजरायल के साइबर सुरक्षा क्षमताओं के घनिष्ठ एकीकरण का प्रावधान करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 14:05:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्राफ्ट्समैन ऑटोमेशन भिवाड़ी में लगाएगी नया ग्रीन फील्ड प्लांट </title>
                                    <description><![CDATA[एल्यूमिनियम उत्पादों के लिए प्रथम चरण में प्रारंभिक निवेश लगभग 150 करोड़ रु. होगा और चरण 2 में व्यवसाय की आवश्यकता के आधार पर ओर निवेश किया जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/craftsman-automation-will-set-up-a-new-green-field-plant/article-74630"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/6633-copy9.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में औद्योगिक परिवेश की सुधरती छवि के द्योतक के रूप में सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि दक्षिण भारत की प्रमुख ऑटो कम्पोनन्ट एवं इंजीनियरिंग सेक्टर की कंपनियां अब राजस्थान की ओर रुख करने लगी हैं। इस क्रम में कोयम्बटूर, तमिलनाडु की एक अग्रणी पब्लिक लिमिटेड कंपनी क्राफ्ट्समैन ऑटोमेशन राजस्थान के भिवाड़ी में रीको से जमीन ले चुकी है। यह कंपनी औद्योगिक क्षेत्र सलारपुर (भिवाड़ी) राजस्थान में एक नया ग्रीन फील्ड प्लांट स्थापित कर रही है। एल्यूमिनियम उत्पादों के लिए प्रथम चरण में प्रारंभिक निवेश लगभग 150 करोड़ रु. होगा और चरण 2 में व्यवसाय की आवश्यकता के आधार पर ओर निवेश किया जाएगा। </p>
<p>कंपनी के निदेशक गौतम राम ने उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव अजिताभ शर्मा से भेंट के दौरान कहा की हम राजस्थान सरकार द्वारा प्रदान की सहायता एवं औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों से काफी प्रभावित हुए है। हम ‘ग्रो विद राजस्थान’ का हिस्सा बनकर अगले 12 महीनों की समय सीमा में इस संयंत्र को चालू करने का हर संभव प्रयास करेंगे। वर्ष 1986 में स्थापित, इस कंपनी के पास 3000 कर्मचारियों के साथ लगभग 4000 करोड़ का समेकित कारोबार और लगभग 9000 करोड़ रु. की बाजार पूंजी है।</p>
<p>कंपनी के सीएमडी एस रवि ने बताया की मेक इन इंडिया के लिए सरकार आह्वान से उत्तर भारत में बड़े पैमाने पर बढ़ते व्यापार के अवसरों को भुनाने में भिवाड़ी में स्थापित किया जा रहा हमारा यह प्लांट अत्यंत उपयोगी साबित होगा। यह ग्रीनफील्ड यूनिट फरीदाबाद में हमारी वर्तमान इकाई के साथ अच्छे तालमेल से, हमें अपने ग्राहकों को बेहतर और तेज सेवा प्रदान करने, उत्तर भारत में हमारी उपस्थिति को मजबूत करने मदद करेगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Apr 2024 14:51:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन विषय पर कार्यक्रम संपन्न</title>
                                    <description><![CDATA[आई ट्रिपलई रीजन 10 इंडस्ट्री रिलेशंस कमेटी (आईआरसी) द्वारा वित्त पोषित यह प्रोग्राम आई ट्रिपलई दिल्ली सेक्शन, आई ट्रिपलई सर्किट एंड सिस्टम्स सोसायटी (सीएएसएस) दिल्ली चैप्टर और आई ट्रिपलई दिल्ली सेक्शन एलएमएजी जैसे प्रतिष्ठित संगठनों के सहयोग से आयोजित किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/program-on-the-industrial-automation-concluded/article-59568"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/untitled-1-copy14.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्णिमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की ओर से एप्लीकेशन ऑफ आईओटी इन इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन विषय पर एक दिवसीय टीचर्स टीचर इन सर्विस कार्यक्रम (टीआईएसपी) संपन्न हुआ। आई ट्रिपलई रीजन 10 इंडस्ट्री रिलेशंस कमेटी (आईआरसी) द्वारा वित्त पोषित यह प्रोग्राम आई ट्रिपलई दिल्ली सेक्शन, आई ट्रिपलई सर्किट एंड सिस्टम्स सोसायटी (सीएएसएस) दिल्ली चैप्टर और आई ट्रिपलई दिल्ली सेक्शन एलएमएजी जैसे प्रतिष्ठित संगठनों के सहयोग से आयोजित किया गया।</p>
<p>इसमें आई ट्रिपलई इंडिया काउंसिल के अध्यक्ष प्रोफेसर देबब्रत दास मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अन्य वक्ताओं में संजय चौधरी, इंजीनियर गुंजन सक्सेना, डॉ. प्रीति बजाज, प्रीत यादव, डॉ. धर्मेंद्र बूलचंदानी, पूर्णिमा निदेशक डॉ. महेश बुंदेले, डॉ. पंकज धेमला और डॉ. गरिमा माथुर शामिल थे।  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Oct 2023 10:26:29 +0530</pubDate>
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