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                <title>Rouse Avenue Court - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Rouse Avenue Court RSS Feed</description>
                
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                <title>NEET-UG पेपर लीक: CBI का बड़ा खुलासा, केमिस्ट्री के प्रश्न खरीदने के लिए दिए गए थे 5 लाख रुपये</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने विशेष अदालत को सूचित किया है कि नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार लातूर के कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर ने रसायन विज्ञान के सवाल हासिल करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के पैनल सदस्य को पांच लाख रुपये की घूस दी थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/neet-ug-paper-leak-cbis-big-revelation-rs-5-lakh-was/article-160007"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/cbi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने अदालत में बड़ा दावा किया है। एजेंसी के अनुसार, महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने परीक्षा से पहले केमिस्ट्री के प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए 5 लाख रुपये का भुगतान किया था। आरोप है कि यह रकम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल के सदस्य पी.वी. कुलकर्णी तक पहुंचाई गई।</p>
<p>CBI के मुताबिक, मोटेगांवकर का बेटा कुलकर्णी की कोचिंग में पढ़ता था, जहां कथित तौर पर परीक्षा से पहले सवाल उपलब्ध कराए गए। जांच के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से केमिस्ट्री के 132 हस्तलिखित प्रश्नों की 36 तस्वीरें बरामद हुईं। इनमें से 111 प्रश्न NTA के मास्टर प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। एजेंसी का दावा है कि ये नोट्स मोटेगांवकर की लिखावट में हैं और मेटाडेटा से पता चला है कि इनकी तस्वीरें परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ली गई थीं।</p>
<p>CBI ने यह भी बताया कि कथित लेनदेन की रकम सह-आरोपी मनोज भगवानराव शिरुरे की निशानदेही पर बरामद की गई। अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सभी न्यायिक हिरासत में हैं। उल्लेखनीय है कि पेपर लीक के आरोपों के बाद 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर 21 जून को दोबारा आयोजित की गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 12:56:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>चीनी वीजा स्कैम केस में कार्ति चिदंबरम की बढ़ी मुश्किलें, राउज एवेन्यू कोर्ट ने तय किए आरोप, जानें क्या है पूरा मामला?</title>
                                    <description><![CDATA[राउज एवेन्यू कोर्ट ने चीनी वीजा स्कैम में कार्ति चिदंबरम समेत अन्य पर आपराधिक साजिश के तहत आरोप तय किए। मामला 2011 का है। अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/karti-chidambarams-problems-increased-in-chinese-visa-scam-case-rouse/article-136886"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/karti-chidambaram.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने चीनी वीजा स्कैम केस में कार्ति चिदंबरम और अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश के तहत आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने इस मामले में भास्कर रमन को भी आरोपी बनाया है। बताया जा रहा है कि इस केस में अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को होगी। कोर्ट के फैसल के बाद कार्ति चिंदबरम ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि कानून मुझे कई विकल्प देता है और में उन सभी का इस्तेमाल करूंगा।</p>
<p><strong>जानें पूरा मामला</strong></p>
<p>बता दें कि ये मामला साल 2011 का है, उस समय कार्ति चिदंबरम के पिता पी. चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे। बता दें कि कार्ति चिदंबरम और उसके सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने नियमों के विरूद्व जाकर करीब 263 चीनी नागरिकों को वीजा दिलाया था और इस काम के लिए इन सभी ने करीब 50 लाख रूपए की राशि वसूली थी। जिन चीनी नागरिकों को वीजा दिलाया गया था वो सभी पंजाब के वेदाता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड में काम कर रहे थे। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में कार्ति चिदंबरम और अन्य आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।</p>
<p>सीबीआई ने विकास मखारिया को सरकारी गवाह का दर्जा दे दिया है, जिनसे अभियोजन पक्ष के मामले में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है। सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, पंजाब के मानसा स्थित एक निजी कंपनी (तलवंडी साबो पावर लिमिटेड) ने कथित तौर पर चीनी नागरिकों के लिए वीजा जारी करवाने में मदद के लिए बिचौलियों के माध्यम से 50 लाख रुपये का भुगतान किया।</p>
<p>यह कंपनी 1,980 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट स्थापित कर रही थी, जिसका निर्माण कार्य एक चीनी कंपनी को आउटसोर्स किया गया था। परियोजना में देरी होने के कारण, कंपनी ने कथित तौर पर गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा निर्धारित वीजा सीमा से अधिक चीनी पेशेवरों को लाने की कोशिश की।</p>
<p>सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि इन प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों ने अपने सहयोगियों के माध्यम से चेन्नई स्थित एक व्यक्ति से संपर्क किया। आरोप है कि चीनी अधिकारियों को पहले दिए गए 263 प्रोजेक्ट वीजा का पुन: उपयोग करने की योजना बनाई गई, जिससे गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित सीमा को प्रभावी ढंग से दरकिनार किया जा सके।</p>
<p>इसके बाद, वीजा के पुन: उपयोग की मंजूरी के लिए गृह मंत्रालय को एक अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसे एक महीने के भीतर मंजूरी मिल गई। जांचकर्ताओं के अनुसार, चेन्नई स्थित व्यक्ति ने 50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की, जिसे पंजाब स्थित फर्म ने अदा किया।</p>
<p>आरोप है कि यह पैसा मुंबई स्थित एक कंपनी के माध्यम से परामर्श और वीजा संबंधी कार्यों के लिए किए गए खर्चों के बहाने भेजा गया था। सीबीआई का दावा है कि मुंबई स्थित फर्म की वीजा प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं थी और वह वास्तव में औद्योगिक औजारों के व्यवसाय में लगी हुई </p>
<p>एजेंसी ने आगे आरोप लगाया है कि कार्ति चिदंबरम के पिता, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने स्थापित नियमों का उल्लंघन करते हुए चीनी नागरिकों के लिए वीजा दिलाने में मदद की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 12:09:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नेशनल हेराल्ड मामला: अदालत ने गांधी परिवार को एफआईआर की कॉपी देने से किया इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की एफआईआर की प्रमाणित कॉपी मांगने वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि जानकारी दी जा सकती है, लेकिन कॉपी नहीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/national-herald-case-court-refuses-to-give-copy-of-fir/article-136187"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/territorial-jurisdiction,-cbi,-rouse-avenue-court-complex.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गयी नयी एफआईआर की कॉपी की मांग की थी।</p>
<p>याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने मंगलवार को कहा कि एफआईआर के बारे में जानकारी साझा की जा सकती है, लेकिन दस्तावेज की प्रमाणित कॉपी सात आरोपियों को नहीं दी जाएगी। इससे संबंधित एक घटनाक्रम में, सत्र न्यायालय ने निचली अदालत के पहले के आदेश को रद्द करके इस निर्णय को बरकरार रखा।</p>
<p>दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ एक नया आपराधिक मामला दर्ज किया है। तीन अक्टूबर को दर्ज की गई एफआईआर में छह अन्य व्यक्तियों एवं कंपनियों को भी नामजद किया गया है जिन पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर धोखाधड़ी से नियंत्रण प्राप्त करने की आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है।</p>
<p>आरोप है कि गांधी परिवार ने यंग इंडियन कंपनी में अपनी 76 प्रतिशत हिस्सेदारी के माध्यम से एजेएल के अधिग्रहण की साजिश रची, जो कांग्रेस से जुड़ी एक इकाई है और जिसके पास अनुमानित 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/national-herald-case-court-refuses-to-give-copy-of-fir/article-136187</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 19:39:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेशनल हेराल्ड केस: राहुल और सोनिया गांधी को राहत, कोर्ट ने ED की याचिका को बताया आधारहीन, कांग्रेस ने सत्य की जीत बताया</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि बिना पूर्ण एफआईआर के मनी लॉन्ड्रिंग जांच नहीं चल सकती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/national-herald-case-relief-to-rahul-and-sonia-gandhi-court/article-136106"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/national-herald-case.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग  मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दायर ईडी की याचिका को आधारहीन करार दिया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि, जब अपराध की पूरी तरीके से एफआईआर दर्ज ही नहीं हुई है तो उसमें मनी लॉन्ड्रिंग की जांच भी नहीं हो सकती है। बता दें कि ईडी ने अपनी चार्जशीट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया था।</p>
<p>अदालत ने मंगलवार को ईडी की ओर से दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार करते हुए कहा कि यह आधारहीन है क्योंकि यह किसी प्राथमिकी के बजाए एक निजी शिकायत पर आधारित है। अदालत ने कहा कि इस मामले में अभी दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज किया, ऐसे में इस पर अभी ईडी द्वारा दाखिल आरोप पत्र पर निर्णय देना जल्दबाजी होगी। अदालत ने ईडी की जांच पर बड़ा सवाल उठाते हुए कहा,'सीबीआई ने अब तक कोई विधेय अपराध (प्रेडिकेट ऑफेंस) दर्ज नहीं किया है, इसके बावजूद ईडी ने जांच जारी रखी। अदालत ने यह भी कहा कि जब मूल अपराध ही दर्ज नहीं है, तो मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कैसे आगे बढ़ाई जा सकती है।  </p>
<p>विधेय अपराध का अर्थ है वह मूल या प्रारंभिक आपराधिक कृत्य जिससे अवैध पैसा या संपत्ति कमायी जाती है। नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत से कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बड़ी राहत मिलने पर पार्टी ने इसे सत्य की जीत करार दिया है। गौरतलब है कि, अदालत ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार तथा अन्य के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। </p>
<p>अदालत के इस फैसले को कांग्रेस ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया पर सत्य की जीत बताया है। पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार की बदनीयत और गैरकानूनी तरीके से की गई कार्यवाही पूरी तरह से बेनकाब हो गई है। कांग्रेस ने लिखा, माननीय अदालत ने यंग इंडियन मामले में कांग्रेस नेतृत्व सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की कार्यवाही को अवैध और दुर्भावना से ग्रसित पाया है। अदालत ने फैसला दिया है कि यह मामला ईडी के क्षेत्राधिकार से बाहर है, उसके पास कोई एफआईआर नहीं है जिसके बिना कोई मामला ही नहीं बनता।</p>
<p>कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा पिछले एक दशक से मुख्य विपक्षी दल के खिलाफ, राजनैतिक प्रतिशोध और बदले की भावना से की जा रही यह कार्रवाई आज पूरे देश के सामने बेनकाब हो गयी है। नेशनल हेराल्ड मामले को कांग्रेस ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला नहीं माना है। कांग्रेस ने कहा, मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि अपराध की कोई आय नहीं और संपत्ति का कोई हस्तांतरण नहीं हुआ है। ये सभी निराधार आरोप हैं जो निम्नस्तरीय राजनीति, द्वेष की भावना और पार्टी के सम्मान पर हमला करने की भावना से प्रेरित हैं। आज सब धराशायी हो गए। कांग्रेस पार्टी और हमारा नेतृत्व सत्य के लिए और हर भारतीय के अधिकारों के लिए लडऩे के लिए प्रतिबद्ध है, हमें कोई भी डरा नहीं सकता क्योंकि हम सत्य के लिए लड़ते हैं, सत्यमेव जयते। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि, नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली की अदालत ने ईडी की जांच पर बड़ा सवाल उठाते हुए कहा,'सीबीआई ने अब तक कोई मूल अपराध दर्ज नहीं किया है, इसके बावजूद ईडी ने जांच जारी रखी। अदालत ने यह भी कहा कि जब मूल अपराध ही दर्ज नहीं है, तो मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कैसे आगे बढ़ाई जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 12:26:11 +0530</pubDate>
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                <title>केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मानहानि प्रकरण, मुख्यमंत्री गहलोत की अर्जी पर राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री गहलोत के वकील रमेश गुप्ता ने कहा कि अगर कोई बयान सच है और ऑन रिकॉर्ड है तो ऐसे मामलों पर मानहानि के मामला नहीं बनता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hearing-on-the-petition-of-chief-minister-gehlot-in-the/article-59691"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/ashok_gehlot_10052021.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मानहानि प्ररकण में मुख्यमंत्री अशोक गहलतो की अर्जी पर आज राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। ACMM हरजीत सिंह जसपाल की अदालत में सीएम गहलोत वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री गहलोत के वकील रमेश गुप्ता ने कहा कि अगर कोई बयान सच है और ऑन रिकॉर्ड है तो ऐसे मामलों पर मानहानि के मामला नहीं बनता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत का संजीवनी घोटाले से कोई लेना देना नहीं है, हमने कभी नहीं कहा कि शिकायतकर्ता आरोपी है, लेकिन अब हम कह रहे हैं कि शिकायतकर्ता ही आरोपी है, क्योंकि उन्होंने इस केस से जुड़े दस्तावेज इस कोर्ट से छिपाए हैं, गहलोत के वकील रमेश गुप्ता ने 251 की अर्जी पर बहस पूरी की. अगली सुनवाई में शेखावत की वकील विकास पाहवा अपना पक्ष रखेंगे. अब 20 अक्टूबर को सुबह 10 बजे प्रकरण पर अगली सुनवाई होगी. CRPC 91 और 251 के तहत मुख्यमंत्री गहलोत ने अर्जी दी है. अर्जी में हाईकोर्ट में लंबित मामले से जुड़े दस्तावेजों की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Oct 2023 14:54:56 +0530</pubDate>
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