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                <title>UAPA - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>UAPA RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीें मिलने पर जेएनयू छात्रों का विरोध प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी</title>
                                    <description><![CDATA[जेएनयू परिसर में छात्रों ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज होने के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ नारे लगाए गए, जिसे भाजपा ने 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' की करतूत बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/jnu-students-protested-against-pm-modi-and-shah-for-not/article-138612"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/jnu.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र नेताओं उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने के एक दिन बाद छात्रों के एक समूह ने विश्वविद्यालय परिसर में विरोध-प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की।</p>
<p>सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया गया है, जिसमें जेएनयू परिसर के अंदर इमाम और खालिद को जमानत नहीं मिलने के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन दिखाया गया है। इसमें छात्र सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री  के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर कहा कि ये विवादित नारे जेएनयू में 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग द्वारा लगाए गए थे। उन्होंने कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों के कुछ नेताओं पर खालिद और इमाम के पक्ष में बयान देकर सभी हदें पार करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी संस्कृति से जुड़े छात्र अब पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। शहजाद पूनावाला ने दावा किया कि अदालत के फैसले का विरोध करते हुए उदित राज, वृंदा करात, हुसैन दलवई और पृथ्वीराज चव्हाण जैसे कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों के कुछ नेताओं ने आरोपियों को 'निर्दोष' बताया है। भाजपा नेता ने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि विरोध-प्रदर्शन में लगाए गये नारों से उन्होंने सभी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ये वही लोग हैं जो नक्सलियों को शहीद कहते हैं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, शीर्ष अदालत ने सोमवार को दिल्ली दंगों मामले में सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि यूएपीए की धारा 43डी (5) के तहत जमानत पर कानूनी रोक लागू होती है और इसलिए इस चरण में उनकी लगातार हिरासत में दखल नहीं दिया जा सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 17:29:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>उमर खालिद, शरजील इमाम की जमानत नामंजूर होने पर भाजपा का कांग्रेस पर तंज, कहा-टुकड़े टुकड़े गैंग में दुख का माहौल</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत खारिज होने पर खुशी जताई। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए दिल्ली दंगों को एक सुनियोजित 'हिंदू विरोधी' साजिश करार दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjps-taunt-on-congress-over-rejection-of-bail-of-omar/article-138461"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/bjp-leader-shahzad-poonawalla.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत नामंजूर होने पर कांग्रेस पर तंज कसा है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा, शीर्ष अदालत के निर्णय के बाद से देश के टुकड़े टुकड़े गैंग में दुख का माहौल है।</p>
<p>पूनावाला ने कहा कि आज शीर्ष अदालत का एक निर्णय आया है, जिसके बाद देश के टुकड़े-टुकड़े गैंग को बड़ा दुख और दर्द महसूस हो रहा है। उमर खालिद और शरजील इमाम के लिए सिर्फ कांग्रेस और उसके इकोसिस्टम से नहीं, बल्कि विदेश से भी बहुत सारे पत्र और संवेदनाएं प्रकट हो रही थी। आज उन दोनों आरोपियों को उच्चतम न्यायालय ने किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत को नामंजूर कर दिया है।</p>
<p>शहजाद पूनावाला ने कहा कि शीर्ष अदालत ने इसके साथ यह भी कहा कि जिस प्रकार का अपराध उन्होंने किया है, आतंकवाद और दिल्ली को जलाने के जो भी आरोप उन पर लगाए गए हैं, वो प्रथम दृष्टया सही साबित होते हैं। ये कोई आम अपराध नहीं, बल्कि देश के टुकड़े-टुकड़े करने वाला बहुत ही गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से दोनों आरोपियों ने यह कृत्य किए, वह दिखाता है कि जिस तरह से दिल्ली में दंगे किए गए वह पूरी तरह से व्यवस्थित और संगठित है। उन्होंने कहा कि यह दरअसल संयोग नहीं बल्कि सोची समझी और हिंदू विरोध का और वोटबैंक फैक्टर का सबसे बड़ी साजिश थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 18:41:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली दंगे मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका,  जमानत याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने आज छात्र एक्टिविस्ट शरजील इमाम और उमर खालिद को ज़मानत देने से इनकार कर दिया, और 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में आपराधिक साज़िश के सबूतों का हवाला दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-blow-to-umar-khalid-sharjeel-imam-from-supreme-court/article-138390"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/sarzil-imam.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी, 2026 को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़ी 'बड़ी साज़िश' के मामले में छात्र एक्टिविस्ट उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने कहा कि इन दोनों के खिलाफ यूएपीए (UAPA) के तहत लगाए गए आरोप 'प्रथम दृष्टया' (prima facie) सही प्रतीत होते हैं और इनकी भूमिका अन्य आरोपियों से अलग है।</p>
<p><strong>पांच अन्य आरोपियों को मिली राहत</strong></p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में नामज़द पांच अन्य आरोपियों—गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद—को ज़मानत दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट करते हुए कहा कि, ज़मानत का फैसला प्रत्येक आरोपी की 'अपराध में भागीदारी के पदानुक्रम' और व्यक्तिगत भूमिका के आधार पर किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि खालिद और इमाम "गुणात्मक रूप से अलग स्थिति में" हैं।</p>
<p><strong>आतंकवादी कृत्य और UAPA की धारा 15</strong></p>
<p>सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने यूएपीए की धारा 15 की व्याख्या करते हुए कहा, 'आतंकवादी कृत्य' केवल बम धमाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें वे सभी कार्य शामिल हैं जो देश की एकता, अखंडता या आर्थिक सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। दिल्ली पुलिस ने दलीलों में कहा था कि यह दंगा कोई सहज विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के दौरान "शासन परिवर्तन" और अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने के लिए रची गई एक "पैन-इंडिया" साज़िश थी।</p>
<p><strong>एक साल बाद फिर आवेदन की छूट</strong></p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश देते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सुनवाई में तेज़ी लाए। अदालत ने खालिद और इमाम को यह छूट दी है कि वे एक साल बाद या सुरक्षित गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद फिर से ज़मानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 11:55:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बेंगलुरु जेल मामला: एनआईए ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन और आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किए</title>
                                    <description><![CDATA[एनआईए ने बेंगलुरु जेल कट्टरपंथ मामले में डॉक्टर और एएसआई समेत तीन के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। इन पर लश्कर आतंकियों को जेल में रसद और फोन पहुंचाने का आरोप है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bengaluru-jail-case-nia-files-supplementary-chargesheet-against-three-more/article-138136"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/nia-serarch-opration-in-jammu.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 2023 के बेंगलुरु जेल मामले में एक सहायक उप निरीक्षक और एक डॉक्टर समेत तीन और आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।  </p>
<p>इस आरोप पत्र में एक महिला अनीस फातिमा, सहायक उप निरीक्षक चान पाशा ए और मनोचिकित्सक डॉ. नागराज एस को आरोपी बनाया गया है। इन पर भारतीय दंड संहिता, यूएपीए, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एनआईए ने अक्टूबर 2023 में स्थानीय पुलिस से इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इस मामले में भगोड़े जुनैद अहमद सहित नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।</p>
<p>जुलाई 2023 में बेंगलुरु सिटी पुलिस के सामने आया यह मामला आदतन अपराधियों से हथियारों, गोला-बारूद और डिजिटल उपकरणों की बरामदगी से संबंधित था। इन लोगों ने देश की संप्रभुता और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से शहर में आतंक फैलाने की योजना बनाई थी। उनकी साजिश यह भी थी कि कई आतंकी मामलों के आजीवन कारावास के दोषी टी. नसीर के जेल से अदालत जाते समय भागने में मदद की जाए। नसीर उस समय 2008 के बेंगलुरु सिलसिलेवार विस्फोट मामलों में विचाराधीन कैदी था। </p>
<p>ताजा आरोप पत्र के अनुसार, अनीस फातिमा की पहचान जुनैद की मां के रूप में की गई है। उसने बेंगलुरु के केंद्रीय कारागार परप्पन अग्रहारा के अंदर टी. नसीर को रसद और धन पहुंचाया। वह अपने बेटे के निर्देश पर हथगोले और वॉकी-टॉकी संभालने में भी शामिल थी। उसने एक अन्य आरोपी सलमान खान को दुबई भगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सलमान को बाद में रवांडा से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था।</p>
<p>इस मामले में सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है। सिटी आम्र्ड रिजर्व में तैनात सहायक उप निरीक्षक चान पाशा ए पर आरोप है कि उसने रिश्वत लेकर नसीर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी गोपनीय जानकारियां साझा कीं। वहीं, केंद्रीय जेल अस्पताल में प्रतिनियुक्ति पर तैनात डॉ. नागराज एस अवैध रूप से जेल के भीतर मोबाइल फोन तस्करी करने और उन्हें कैदियों को बेचने के दोषी पाए गए हैं। इन्हीं में से एक फोन का इस्तेमाल आतंकी नसीर ने बाहर बैठे अपने साथियों के साथ साजिश रचने के लिए किया था। एनआईए ने कहा है कि वह इस मामले में अन्य फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 15:15:26 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>NIA अदालत ने हिजबुल आतंकी साजिश के आरोपी को दी आजीवन कारावास की सजा, जांच जारी</title>
                                    <description><![CDATA[एनआईए अदालत ने असम में हिजबुल मुजाहिदीन मॉड्यूल स्थापित करने के आरोपी मोहम्मद कमरुज जमान और दो अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इन पर आतंकी गतिविधियों और भर्ती की साजिश रचने का दोष सिद्ध हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/nia-court-gives-life-imprisonment-to-hizbul-terrorist-conspiracy-accused/article-137868"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/nia-court.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने असम के गुवाहाटी स्थित हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी साजिश मामले के एक प्रमुख आरोपी को दोषी ठहराया और उसे साधारण कारावास की सजा सुनाई। यह जानकारी एनआईए अधिकारियों ने बुधवार को दी।</p>
<p>एनआईए अदालत ने मंगलवार को आरोपियों मोहम्मद कमरुज जमान, डॉ. हुरैरा और कमरुद्दीन को अलग-अलग साधारण कारावास की सजा सुनाई गई, जिसमें अधिकतम सजा आजीवन कारावास है।</p>
<p>ये सजाए एक साथ-साथ चलेंगी, जिनमें यू.ए.(पी) अधिनियम, 1967 की धारा 18 के अंतर्गत आजीवन कारावास और यू.ए.(पी) अधिनियम, 1967 की धारा 18बी के अंतर्गत, धारा 120बी आईपीसी के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 38 और यू.ए.(पी) अधिनियम के अंतर्गत पांच-पांच साल का साधारण कारावास की सजा शामिल है।</p>
<p>अदालत ने तीनों आरोपियों को 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और जुर्माना नहीं भरने पर तीन महीने की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा का भी आदेश दिया।</p>
<p>असम के होजाई जिले के जमुनामुख में केस संख्या आरसी 08/2018/एनआईए-जीयूडब्ल्यू, कामरुज जमान द्वारा 2017-18 के दौरान आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए असम में प्रतिबंधित हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन का एक मॉड्यूल स्थापित करने की साजिश से संबंधित है।</p>
<p>इस साजिश का उद्देश्य लोगों में दहशत फैलाना था। एनआईए की जांच के अनुसार, कामरुज ने इस उद्देश्य के लिए आरोपी शाहनवाज आलम, सैदुल आलम, उमर फारूक और अन्य लोगों को भर्ती किया था। एनआईए ने मार्च 2019 में उपर्युक्त चार लोगों सहित पांच लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। शाहनवाज आलम, सैदुल आलम और उमर फारूक ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद उन्हें दोषी ठहराया गया जबकि पांचवें आरोपी जैनाल उद्दीन की मुकदमे की सुनवाई के दौरान बीमारी से मौत हो गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 13:11:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जम्मू-कश्मीर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आतंकी मामले में बारह जगहों पर की छापेमारी</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर ने आतंकवाद से जुड़े एक मामले में सात जिलों में 12 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई आतंकी गतिविधियों और ऑनलाइन कट्टरपंथी प्रचार से जुड़े 2023 के मामले के तहत की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-action-by-jammu-and-kashmir-police-raids-at-twelve/article-136133"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/jammu-police-cik-raid.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने मंगलवार को एक आतंकी मामले के सिलसिले में कश्मीर घाटी में 12 जगहों पर छापे मारे। अधिकारियों ने बताया कि सीआईके पुलिस स्टेशन में 2023 में आईपीसी की धारा 153-ए और 505 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 13 और 18 के तहत दर्ज मामले में तलाशी वारंट मिलने के बाद सात जिलों में 12 जगहों पर तलाशी ली गई।</p>
<p>यह मामला आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों और आतंकवाद के ऑनलाइन समर्थन से संबंधित है, जिसका मकसद कथित तौर पर चरमपंथी गतिविधियों के लिए लोगों की भर्ती करना था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 16:24:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>UAPA में गिरफ्तार Newsclick के संस्थापक पुरकायस्थ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[ उच्चतम न्यायालय ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार न्यूज पोर्टल न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और इसके मानव संसाधन (एचआर) प्रमुख अमित चक्रवर्ती की अयाचिका पर वह गुरुवार को सुनवाई करेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-will-hear-tomorrow-the-petition-of-newsclick-founder/article-59881"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/supreme-court--34.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार न्यूज पोर्टल न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और इसके मानव संसाधन (एचआर) प्रमुख अमित चक्रवर्ती की अयाचिका पर वह गुरुवार को सुनवाई करेगा। न्यायमूर्ति बी आर गवाई और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने यह कहते हुए सुनवाई 19 अक्टूबर के लिए स्थगित कर दी कि वह संबंधित फाइल का अवलोकन करना चाहती है।</p>
<p>इससे पहले याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और देवदत्त कामत ने पीठ के समक्ष कहा कि मामले में नोटिस जारी किया जाना चाहिए। दोनों आरोपियों ने अपनी गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने के बाद शीर्ष न्यायालय का दरवाजा खटखटा आया है। उन्होंने  विशेष अनुमति याचिका दायर कर दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिक रद्द करने की गुहार लगाई है। उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से 13 अक्टूबर को अपनी याचिका खारिज होने के बाद उस आदेश को विशेष अनुमति याचिका के जरिए शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।</p>
<p>याचिकाकर्ता पुरकायस्थ और चक्रवर्ती को चीन से धन लेकर उसके पक्ष में प्रचार प्रसार करने के आरोप में तीन अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां सात दिनों की दिल्ली पुलिस की हिरासत में भेज दिया गया था। पुलिस हिरासत 10 अक्टूबर को समाप्त होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिसकी अवधि 20 अक्टूबर को समाप्त होने वाली है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़. न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने इस मामले की शीघ्र सुनवाई करने की वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की गुहार पर सोमवार को कहा था कि वह इसे शीघ्र सूचीबद्ध करने पर विचार करेगी।</p>
<p>न्यूजक्लिक के संस्थापक सह प्रधान संपादक पुरकायस्थ और इसके एचआर प्रमुख चक्रवर्ती की ओर से पेश सिब्बल ने पीठ के समक्ष अनुरोध करते हुए कहा था कि जो पत्रकार  हिरासत में है। वह 70 साल से अधिक उम्र का व्यक्ति है। दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की एकल पीठ ने हिरासत आदेश को चुनौती देने वाली पुरकायस्थ और चक्रवर्ती द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था।</p>
<p>अभियोजन पक्ष का आरोप है कि आरोपीयों ने चीन समर्थक प्रचार-प्रसार के लिए धन प्राप्त किया था। जांच एजेंसी ओर की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दावा किया था कि आरोपियों के खिलाफ जिस मामले की जांच चल रही है, वे गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Oct 2023 15:17:47 +0530</pubDate>
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