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                <title>accountability - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>आप पार्टी का केंद्र पर तीखा हमला : सौरभ भारद्वाज ने अग्निकांड को लेकर सरकार पर साधा निशाना, कहा- दिल्ली में लगातार हो रहे हादसे लेकिन किसी की जवाबदेही नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[आप नेता सौरभ भारद्वाज ने मालवीय नगर के भीषण अग्निकांड को लेकर प्रशासन को घेरा है, जिसमें 21 लोगों की मौत हुई। उन्होंने पालम, विवेक विहार और साकेत हादसों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राजधानी में लगातार हो रहे हादसों के बावजूद किसी की जवाबदेही तय नहीं की जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/aap-partys-sharp-attack-on-the-centre-saurabh-bhardwaj-targeted/article-155849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/saurabh-bhardwaj1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर दिल्ली सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। भारद्वाज ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि मालवीय नगर में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी में लगातार बड़े हादसे हो रहे हैं लेकिन किसी भी मामले में जवाबदेही तय नहीं की जा रही।</p>
<p>आप नेता ने कहा कि हाल की कुछ प्रमुख घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पालम अग्निकांड में नौ लोगों की मौत हुई थी लेकिन तीन महीने बाद भी जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने यह भी कहा कि विवेक विहार अग्निकांड में नौ लोगों की मौत हुई लेकिन अब तक किसी की जवाबदेही तय नहीं हुई। भारद्वाज ने साकेत भवन ढहने की घटना का भी जिक्र किया, जिसमें छह लोगों की जान गई थी। उनका आरोप है कि इस मामले में भी अब तक किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि मालवीय नगर में एक रेस्तरां में आग लग गई जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई और कई लोगों के घायल होने की सूचना है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 16:51:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NHRC ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार को घेरा : 53 गर्भवती महिलाओं की मौत का लिया स्वतः संज्ञान, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश के सीधी जिले में चिकित्सा के अभाव में एक वर्ष में 53 गर्भवती महिलाओं की मौत पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए राज्य के मुख्य सचिव को दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/nhrc-cornered-the-government-on-health-services-took-suo-motu/article-155715"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/nhrc.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के सिधी जिले में चिकित्सा सुविधाओं और जागरूकता के अभाव के कारण एक वर्ष के भीतर 53 गर्भवती महिलाओं की मौत होने की खबर का स्वतः संज्ञान लिया है। एनएचआरसी ने मंगलवार को बताया कि आयोग ने मामले को मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन से जुड़ा बताते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच सिधी जिले में प्रसव पूर्व और प्रसव के बाद कुल 53 महिलाओं की मौत हुई। इनमें अधिकांश महिलाएं पहली या दूसरी बार मां बनने वाली थीं तथा मृतकों की औसत आयु 26 वर्ष बताई गई है। आयोग ने कहा कि यदि रिपोर्ट में बताए गए तथ्य सही हैं तो यह मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर स्थिति को दर्शाता है और नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी अधिकारों के हनन का मामला बनता है।</p>
<p>आयोग ने इस पूरे मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से मातृ मृत्यु के कारणों, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, चिकित्सा कर्मियों की स्थिति तथा सुधारात्मक कदमों के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 13:00:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राहुल गांधी का सीबीएसई पर बड़ा हमला, बोले- शिक्षा को कारोबार बनाना सभी बुराईयों का आधार, कीमत बच्चों को पड़ती है चुकानी </title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीबीएसई द्वारा री-इवैल्यूएशन और डिजिटल कॉपी के लिए वसूले जा रहे शुल्क की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की गलतियों की सजा छात्रों को आर्थिक रूप से भुगतनी पड़ रही है। शिक्षा को सेवा के बजाय कारोबार बनाना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhis-big-attack-on-cbse-said-making-education/article-155608"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rahul-gandhi2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पर उसकी गलतियों के लिये छात्रों से शुल्क वसूली को लूट करार देते हुए कहा है कि जब शिक्षा को सेवा के बजाय कारोबार बना दिया जाता है तो उससे अनेक बुराइयां जन्म लेना शुरू कर देती हैं। राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा, "सीबीएसई की गलती से नंबर गलत आएं तो उसकी कीमत छात्रों को चुकानी पड़ती है। डिजिटल स्कैन कॉपी, री-टोटलिंग और री-इवैल्यूएशन के लिए अलग-अलग शुल्क देना पड़ता है। अपनी ही उत्तर पुस्तिका की सही जांच कराने के लिए एक छात्र को हजारों रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं।"</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में त्रुटियों का बोझ छात्रों पर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि गलती सीबीएसई करती है और इसकी सज़ा बच्चे को मिलती है और सरकार इससे कमाई करती है। कांग्रेस नेता ने कहा "जब शिक्षा को सेवा नहीं बल्कि कारोबार बना दिया जाता है तो गलतियां सुधरने के बजाय व्यवस्था का हिस्सा बन जाती हैं और इसकी सबसे बड़ी कीमत बच्चों को अपने समय, आत्मविश्वास और भविष्य से चुकानी पड़ती है।" गौरतलब है कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल प्रति, पुनर्गणना तथा पुनर्मूल्यांकन की सुविधा शुल्क पर उपलब्ध कराने को लेकर हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर बहस तेज हुई है, जिसे लेकर राहुल गांधी ने यह टिप्पणी की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 13:17:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सीयूईटी-यूजी 2026 में तकनीकी गड़बड़ी पर 'आप' हमलावर, सौरभ भारद्वाज और आतिशी ने उठाए परीक्षा सुरक्षा पर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने CUET-UG 2026 परीक्षा में हुई तकनीकी दिक्कतों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सौरभ भारद्वाज और आतिशी ने दिल्ली, वाराणसी समेत कई शहरों में सर्वर डाउन होने और प्रश्नपत्र देरी से मिलने को सुरक्षा में बड़ी चूक बताया। हालांकि, एनटीए ने छात्रों को पूरा समय देने का आश्वासन दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/saurabh-bhardwaj-raised-questions-on-the-central-government-on-the/article-155482"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/sourabh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को सीयूईटी(यूजी) 2026 परीक्षा के दौरान विभिन्न केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी की खबरों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी करते हुए परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दिल्ली, नोएडा, अंबाला, वाराणसी, बेंगलुरु, कानपुर समेत कई शहरों के परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा शुरू होने में देरी की खबरें सामने आई हैं।</p>
<p>उन्होंने सवाल किया कि यदि कुछ छात्रों को सुबह 9:30 बजे प्रश्नपत्र उपलब्ध हो गया और अन्य छात्रों को वही प्रश्नपत्र 11:30 बजे मिला, तो क्या इसे परीक्षा सुरक्षा में बड़ी चूक नहीं माना जाएगा? आप नेता और दिल्ली विधान सभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने एक वीडिया साझा करते हुए एक्स पर कहा "वाराणसी से सीयूईटी परीक्षा केंद्र के दृश्य। छात्रों को बताया जा रहा है कि सर्वर काम नहीं कर रहा है।" गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने स्वीकार किया था कि परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी टीसीएस (टीसीएस) के स्तर पर आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण कुछ केंद्रों पर सीयूईटी(यूजी) 2026 परीक्षा शुरू होने में देरी हुई। हालांकि एजेंसी ने कहा है कि समस्या का समाधान कर लिया गया है और प्रभावित अभ्यर्थियों को पूरा परीक्षा समय दिया जा रहा है ताकि किसी को नुकसान न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 18:09:15 +0530</pubDate>
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                <title>CBSE का दावा: सिस्टम सुरक्षित और ऑडिटेड, राजनाथ सिंह के घर पर मीटिंग से बढ़ी हलचल, धर्मेंद्र प्रधान बोले- तय होगी जवाबदेही</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीएसई 12वीं बोर्ड के डिजिटल मूल्यांकन (OSM) विवाद पर सरकार एक्शन मोड में है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गड़बड़ियों को माना। कॉपियों की तकनीकी जांच के लिए आईआईटी कानपुर और मद्रास को जोड़ा गया है, वहीं विपक्ष ने न्यायिक जांच की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cbse-claims-the-system-is-safe-and-audited-meeting-at/article-155268"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rajnath-singh-news.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर उठे विवाद के बाद केंद्र सरकार सक्रिय हो गई है। गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई अहम बैठक में पीएमओ, सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले पर चर्चा की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने माना कि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं और सरकार इस मामले में जवाबदेही तय करेगी।</p>
<p>छात्रों ने आरोप लगाए हैं कि स्कैन की गई कॉपियां उनकी हैंडराइटिंग से मेल नहीं खा रहीं और कई उत्तरों की जांच अधूरी दिखाई दे रही है। बढ़ते विवाद के बीच सीबीएसई ने आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास को तकनीकी निगरानी में शामिल किया है। वहीं राहुल गांधी ने मामले में एसआईटी और न्यायिक जांच की मांग की है। फिलहाल सरकार ने छात्रों की शिकायतों के समाधान और रिवैल्यूएशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का भरोसा दिया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 16:39:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिजली संकट पर यूपी सीएम योगी का सख्त संदेश : बोले- लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, बिना रुकावट बिजली आपूर्ति के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से चलें। ट्रांसफार्मर खराब होने या लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी और उपभोक्ताओं को समय पर सही जानकारी दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/up-cm-yogis-strict-message-on-power-crisis-negligence/article-154860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/cm-yogi.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन एवं सभी बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए सभी उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से चलाई जाएं और इनके कामों की लगातार निगरानी हो।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पारेषण तंत्र को और अधिक मजबूत, आधुनिक और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया। उन्होंने फीडर स्तर पर निगरानी और जवाबदेही तय करने को कहा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ट्रांसफार्मर खराब होने, फीडर बाधित होने या शिकायत निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को बिजली आपूर्ति से जुड़ी सही और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराई जाए। संवाद और पारदर्शिता से उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा और शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने उपभोक्ता सेवाओं को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर बल दिया। उन्होंने ऊर्जा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:32:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>प्रिंसिपल की मौत मामले में गहलोत का हमला, बोले-सरकारी लापरवाही से रावल की जान जाने की खबर दुखद</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोटा में गड्ढे में गिरने से प्रिंसिपल रामेश्वर रावल की मौत पर गहरा दुख जताया है। गहलोत ने भाजपा सरकार पर प्रशासनिक लापरवाही और गैर-जवाबदेही का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकसभा स्पीकर के संसदीय क्षेत्र में हुई इस दुखद घटना के जिम्मेदारों पर क्या कोई कार्रवाई होगी?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gehlot-attacks-on-principals-death-case-says-news-of-rawals/article-154661"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ashok-gehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कोटा में एक गड्ढे में गिरने से एक प्रिंसिपल की मौत मामले में सरकार पर हमला बोला है। गहलोत ने कहा है कि कोटा की यह खबर हृदयविदारक है। सरकारी लापरवाही से गई रामेश्वर रावल की जान जाने की खबर बेहद दुखद है। यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस दुखद घटना के जिम्मेदारों पर भाजपा सरकार में कोई कार्रवाई नहीं होगी, क्योंकि भाजपा सरकार के लिए आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं है और न ही सरकार कोई जवाबदेही तय कर सकती है। लोकसभा स्पीकर जहाँ से तीन बार से सांसद हों, क्या वहाँ भी ऐसी लापरवाही से गई जान पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 17:08:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरजी कर मामला: पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल समेत तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर चली शुभेंदु अधिकारी की तलवार, इन लोगों की बढ़ सकती है मुश्किलें</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर बलात्कार-हत्या मामले में लापरवाही बरतने पर पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल सहित तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन पर जांच में कोताही और पीड़ित परिवार को रिश्वत देने के गंभीर आरोप हैं। मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और जांच में खामियों पर सख्त रुख अपनाया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rg-tax-case-shubhendu-adhikaris-sword-on-three-senior-ips/article-153980"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bengal-cm.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में शुक्रवार को कोलकाता पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और दो अन्य आईपीएस अधिकारियों इंदिरा मुखर्जी तथा अभिषेक गुप्ता को निलंबित कर दिया। उल्लेखनीय है कि तब गोयल कोलकाता (उत्तर) में पुलिस आयुक्त थे और 9 अगस्त, 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक 31 साल की पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डाक्टर की बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। मुखर्जी और गुप्ता उस समय अलग क्षेत्रों में उपायुक्त के पद पर तैनात थे।</p>
<p>सीएम अधिकारी ने कहा कि इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और इसकी विभागीय जांच होगी क्योंकि "वे पीड़ित के परिवार वालों को रिश्वत देने में शामिल थे और कम से कम एक अधिकारी ने कोलकाता पुलिस या गृह मंत्रालय से बिना किसी लिखित आदेश के संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया था।" गौरतलब है कि सरकारी अस्पताल में बलात्कार और हत्या के बाद दुनियाभर में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन भी हुए थे। इस मामले को सीबीआई को सौंपे जाने से पहले कोलकाता पुलिस ने 33 साल के एक पुलिस स्वयंसेवक संजय रॉय को गिरफ्तार किया था।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यह कार्रवाई उस घटना पर कोलकाता पुलिस के जवाब की समीक्षा के बाद की गई, जिसे बहुत गलत तरीके से हैंडल किया गया था। सीएम अधिकारी ने कहा कि चूंकि उनके पास गृह मंत्रालय भी है इसलिए उन्होंने कोलकाता पुलिस के प्रारंभिक जवाब और घटना से निपटने की जांच के तथा अन्य तथ्य खोजने के लिए मुख्य सचिव और गृह सचिव को शामिल किया था। सीएम अधिकारी ने हावड़ा के नबन्ना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "मैंने उनसे आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अपराध के तुरंत बाद उठाए गए कदमों का पता लगाने और विस्तृत विवरण बताने के लिए कहा था। इसके बाद मुझे एक खोजी रिपोर्ट सौंपी गई।" सीएम अधिकारी ने यह भी कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने और जांच करने में ऊंचे स्तर पर कमियां थीं। उन्होंने पीड़ित की मां रत्ना देबनाथ के आरोपों का भी जिक्र किया कि राज्य प्रशासन की तरफ से काम कर रहे दो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रिश्वत देने की कोशिश की और पैसे दिए। सीएम अधिकारी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान एक उपायुक्त के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 18:04:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रिपोर्ट में दावा: हमास ने अक्टूबर 2023 में यौन उत्पीड़न को दिया अंजाम, पीड़ितों में 52 देशों के नागरिक शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[सिविल कमीशन की 300 पन्नों की रिपोर्ट "साइलेंस्ड नो मोर" ने 7 अक्टूबर के हमलों और गाजा में बंधकों के खिलाफ योजनाबद्ध यौन हिंसा का पर्दाफाश किया है। 10,000 साक्ष्यों के आधार पर इसे 'युद्ध का हथियार' और नरसंहार बताया गया है। रिपोर्ट में अपराधियों पर अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत मुकदमा चलाने की मांग की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/israeli-civil-commission-report-claims-hamas-committed-sexual-assault-in/article-153733"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/11-(630-x-400-px)1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। आज सिविल कमीशन ने महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध की अपनी 300 पेज की जाँच रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के अनुसार, इज़रायल में 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमले के दौरान तथा गाज़ा में बंधक बनाकर ले जाए गए लोगों के खिलाफ ‘‘योजनाबद्ध और व्यापक’’ एसजीबीवी को अंजाम दिया गया। ‘‘साइलेंस्ड नो मोरः सेक्सुअल टेरर अनवील्ड’’ नाम की इस रिपोर्ट में जाँचकर्ताओं ने व्यापक प्रमाण और रिकॉर्ड पेश किए हैं, जिनसे यह खुलासा होता है कि ये जघन्य अत्याचार हिंसा की आकस्मिक घटनाओं की बजाय युद्ध के सोचे-समझे हथियार थे।</p>
<p>ये नतीजे डॉ. कोचाव एल्कायम-लेवी के नेतृत्व में की गई दो साल की तहकीकात के बाद मिले हैं। जाँचकर्ताओं द्वारा 10,000 से अधिक फोटो, वीडियो तथा 1,800 घंटे से अधिक के विज़्युअल प्रमाणों की समीक्षा की गई। पीड़ितों, गवाहों, वापस आए बंधकों, विशेषज्ञों और उनके परिवार के सदस्यों के 430 से अधिक साक्षात्कार लिए गए, उनके बयान दर्ज किए गए तथा उनके साथ बैठकें की गईं। कमीशन के अनुसार, पीड़ितों में 52 देशों के नागरिक शामिल थे, जिससे स्पष्ट होता है कि इन अपराधों का दायरा अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक फैला था। कमीशन के मुताबिक उत्पीड़न एक पैटर्न में बार-बार दोहराया गया, जिसमें बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, यौन उत्पीड़न, अंगों को काटना, जबरदस्ती नंगा करना, यौन उत्पीड़न करना, जान से मारकर शव को अपमानित करना और आतंक फैलाने के लिए हिंसा का वीडियो बनाकर उसका प्रसार करना शामिल था।</p>
<p>इस रिपोर्ट के मुताबिक ये अपराध किनसाईडल यौन हिंसा पर केंद्रित थे। इस रिपोर्ट में आतंक के डिजिटल थिएटर का विस्तार से जिक्र किया गया है। यानी इन दुष्कृत्यों का वीडियो बनाया गया और उन्हें पीड़ितों के अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से हाथों-हाथ प्रसारित किया गया। यह रिपोर्ट यूनाईटेड नेशंस की विशेष प्रतिनिधि, प्रमिला पाटन द्वारा पहले दिए गए नतीजों की पुष्टि करती है, जिनके मुताबिक हमलों के दौरान और बाद में इस तरह की हिंसक घटनाएं हुई थीं, इस पर यकीन करने के ठोस आधार मौजूद हैं।</p>
<p>कमीशन के अनुसार ये अपराध अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध, मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार की श्रेणी में आते हैं। कमीशन ने निष्कर्ष दिया कि इन अपराधों के खिलाफ तुरंत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। सार्वभौम न्यायक्षेत्र का उपयोग करके अपराधियों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए तथा युद्ध के समय हुई यौन हिंसा के लिए विशेष ज्यूडिशियल चैंबर स्थापित किए जाने चाहिए। डॉ. एल्कायम-लेवी ने इस बात पर जोर दिया कि न्याय के लिए इन अपराधों को औपचारिक पहचान दिया जाना सबसे महत्वपूर्ण है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इन घटनाओं को स्थायी ऐतिहासिक रिकॉर्ड में सही-सही दर्ज किया जाए।</p>
<p>सिविल कमीशन एक स्वतंत्र, गैर-सरकारी संगठन है, जिसमें युद्ध अपराधों को दर्ज करने के लिए समर्पित कानूनी विशेषज्ञ और मानव अधिकार कार्यकर्ता शामिल हैं। इस रिपोर्ट में अंतर्राष्ट्रीय कानूनी अधिकारियों, जैसे माननीय इरविन कोटलर और प्रोफेसर डेविड क्रेन ने अपना योगदान दिया है। यह रिपोर्ट सार्वजनिक और न्यायिक समीक्षा के लिए कमीशन की आधिकारिक वेबसाईट पर उपलब्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 15:32:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान-अमेरिका वार्ता पर तनाव : ईरानी प्रवक्ता इब्राहिम रजाई का कड़ा रुख, बोले-मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान के पास नहीं है आवश्यक विश्वसनीयता</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी संसद ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के पास अमेरिका के साथ बातचीत के लिए आवश्यक विश्वसनीयता नहीं है। प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने कहा कि इस्लामाबाद डोनाल्ड ट्रंप के हितों के आगे निष्पक्ष रहने में विफल रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य संकट और ऊर्जा युद्ध के बीच, ईरान ने सीधी बातचीत से इनकार करते हुए तटस्थ मध्यस्थ की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tension-on-iran-america-talks-iranian-spokesperson-takes-a-tough-stance/article-151845"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pakistan3.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरानी संसद के प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने सोमवार को ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता को लेकर पाकिस्तान की मध्यस्थता पर कड़ी आलोचना करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि 'मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान के पास आवश्यक विश्वसनीयता नहीं है।' सांसद ने आरोप लगाया कि इस्लामाबाद 'हमेशा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हितों का ध्यान रखता है और अमेरिकियों की इच्छा के विरुद्ध एक शब्द भी नहीं बोलता। पाकिस्तान हमारा एक अच्छा दोस्त और पड़ोसी है, लेकिन वह बातचीत के लिए उपयुक्त मध्यस्थ नहीं है।' उन्होंने कहा कि ईरान का मानना है कि एक मध्यस्थ को निष्पक्ष होना चाहिए और दोनों पक्षों को असहज सच बोलने के लिए तैयार रहना चाहिए, जिसमें पाकिस्तान विफल रहा है।</p>
<p>रजाई के अनुसार, पाकिस्तान यह सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने को तैयार नहीं है कि अमेरिका ने शुरू में प्रस्ताव स्वीकार किया और फिर उससे पीछे हट गया। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान लेबनान और ईरान की रुकी हुई वित्तीय संपत्तियों के संबंध में अमेरिका को उसकी प्रतिबद्धताओं के लिए जवाबदेह ठहराने में विफल रहा है। सबसे गंभीर आरोप उस 10-सूत्रीय वार्ता ढांचे को लेकर है, जिसे ईरान का दावा है कि तेहरान यात्रा के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को सीधे सौंपा गया था। ईरान के अनुसार, जनरल मुनीर को यह प्रस्ताव इस समझ के साथ दिया गया था कि इसे अमेरिकी पक्ष तक पहुँचाया जाएगा, लेकिन ईरान का कहना है कि उसे अब तक कोई प्रतिक्रिया या पावती नहीं मिली है।</p>
<p>यह कूटनीतिक तनाव 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष की पृष्ठभूमि में सामने आया है। इस युद्ध ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से इनकार कर दिया है। दूसरी ओर, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर संकेत दिया कि यदि ईरान बात करना चाहता है, तो उन्हें बस फोन करना चाहिए, लेकिन अमेरिका अब इस्लामाबाद में वरिष्ठ वार्ताकार नहीं भेजेगा। पाकिस्तान की मुस्लिम जगत के शांति मध्यस्थ बनने की महत्वाकांक्षा को इस कूटनीतिक गतिरोध से बड़ा झटका लगा है। ईरान का संदेश स्पष्ट है- तटस्थता दिखाई देनी चाहिए, केवल उसका दावा करना पर्याप्त नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 15:53:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>‘राज उन्नति’ की चतुर्थ बैठक में सीएम सख्त, परियोजनाएं समय पर पूरी करने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'राज उन्नति' की चौथी बैठक में परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए जनहित के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-fourth-meeting-of-raj-unnati-chief-minister-gave/article-151592"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bhajanlal1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित ‘राज उन्नति’ की चतुर्थ बैठक को संबोधित करते हुए अधिकारियों को परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने राज्य सरकार की चयनित परियोजनाओं, कार्यक्रमों एवं परिवेदनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्य तय समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।</p>
<p>उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो कार्मिक अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई और लंबित मामलों को प्राथमिकता के साथ निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाकर आमजन को त्वरित लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे समन्वय और पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए राज्य के विकास को गति प्रदान करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:32:56 +0530</pubDate>
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                <title>राशन डीलर्स से अफसर की मिलीभगत गरीबों का 63 लाख का गेंहू डकार गए, सचिव की जांच में और ज्यादा मिला गेंहू गबन</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में 63 लाख रुपये के गेहूं गबन मामले में प्रवर्तन अधिकारी रेखा खींची को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जांच में खैरथल-तिजारा के आठ डीलर्स के साथ मिलकर 2,338 क्विंटल गेहूं की हेराफेरी उजागर हुई। सरकार आरोपी अधिकारी और डीलर्स से पूरी राशि की वसूली करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/officers-collusion-with-ration-dealers-wheat-worth-rs-63-lakh/article-151515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rasan.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीबों को मिलने वाले गेंहू का आठ राशन डीलर्स के साथ मिलकर 63 लाख के 2,338 क्विंटल गेंहू का गबन करने के आरोप में खाद्य सचिव अम्बरीश कुमार ने खैरथल-तिजारा की ईओ (प्रवर्तन अधिकारी) रहीं रेखा खींची को सेवा से बर्खास्त किया है। खींची को अतिरिक्त खाद्य आयुक्त की जांच में दोषी पाए जाने पर पहले दंड के रूप में एक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश 14 अगस्त 2025 को किया गया था, लेकिन खुद को निर्दोष बताते हुए रेखा ने इसकी सुनवाई अपील 27 फरवरी 2026 को सचिव अम्बरीश कुमार के यहां कर दी। उन्होंने सुनवाई के बाद तथ्यों की जांच में दोष को अत्यंत गंभीर मानते हुए वेतन वृद्धि को नाकाफी माना और उन्हें सेवा से बर्खास्त किया।  </p>
<p>मामले की शिकायत किशनगढ़ बास के पूर्व विधायक रामहेत यादव ने सीएमओ में की थी। अतिरिक्त खाद्य आयुक्त ने जांच में छह दुकानों पर 1842.26 क्विंटल गेंहू का गबन माना, लेकिन जब सचिव स्तर पर मामले की गहन जांच हुई तो रेखा के 2 साल 6 माह के कार्यकाल में आठ डीलर्स के यहां अनियमितताएं और गबन हुए गेंहू की मात्रा 2338 क्विंटल मिली। </p>
<p><strong>रेखा से 15.75 लाख और डीलर्स से 47.25 की वसूली भी होगी </strong></p>
<p>27 रुपए प्रति किलोग्राम गेंहू का मूल्य तय कर गबन हुए 63 लाख रुपए के सरकारी गेंहू की कीमत अब रेखा खींची और डीलर्स से वसूली जाएगी। रेखा से 25 फीसदी यानी 15.75 लाख और दोषी डीलर्स से 47.25 लाख रुपए की वसूली तीन माह में होगी। खींची के प्रोबीडेन्ट फंड, जीपीएफ या पेंशन फंड से राशि ली जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 09:38:26 +0530</pubDate>
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