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                <title>mid day meal scheme - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>mid day meal scheme RSS Feed</description>
                
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                <title>मिड-डे मील में छिपकली मिलने से मचा हड़कंप : 40 बच्चों की बिगड़ी तबीयत </title>
                                    <description><![CDATA[खाने में छिपकली देखने की दो छात्रों ने शिकायत की और जो खाना परोसने वाला है, उसमें भी छिपकली देखी थी लेकिन इसके बावजूद दाल विद्यार्थी को परोस दी गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/the-lizard-fell-after-eating-mid-day-meal-the-children-fell/article-127060"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)2.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। लसाड़िया थाना क्षेत्र के डाईखेड़ा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में मंगलवार को छिपकली गिरा मिड-डे-मील खाने के बाद 40 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई, खाना खाने के कुछ समय बाद बच्चों को उल्टी-दस्त और चक्कर आने लगे। सभी को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना पर चिकित्सा विभाग की टीमें मौके पर पहुंची। घटना की जानकारी मिलते ही सलूंबर कलक्टर अवधेश मीणा अस्पताल पहुंचे और बच्चों की कुशलक्षेम पहुंची। जानकारी के अनुसार जैसे ही बच्चों ने खाना खाया वह बेहोश होकर गिर पड़े। ऐसे में दाल को चेक किया तो उसमें छिपकली दिखाई दी थी। लसाड़िया के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पवन रावल ने बताया कि स्टाफ और ग्रामीणों की मदद से बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। बच्चों को उल्टी, पेट दर्द की शिकायत सामने आई, जांच के आदेश दे दिए हैं। </p>
<p><strong>लापरवाही की हद</strong><br />खाने में छिपकली देखने की दो छात्रों ने शिकायत की और जो खाना परोसने वाला है, उसमें भी छिपकली देखी थी लेकिन इसके बावजूद दाल विद्यार्थी को परोस दी गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 09:21:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>मिड डे मील की जानकारी अपलोड करने में कोटा और राजस्थान फिसड्डी</title>
                                    <description><![CDATA[ मिड डे मील योजना के आयुक्त की ओर से पोर्टल की रिपोर्ट का अवलोकन करने पर पाया है कि अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-and-rajasthan-lag-behind-in-uploading-mid-day-meal-information/article-74275"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/mid-day-meal-ki-jankari-upload-krne-me-kota-or-rajasthan-fisaddi...kota-news-02-04-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रारंभिक शिक्षा में कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए दोपहर के खाने के लिए चलने वाली मिड डे मील योजना में कोटा के 1.25 लाख से ज्यादा बच्चे लाभांवित होते हैं। जिसकी प्रत्येक दिन लाभांवित और मील में परोसे जाने वाले खाने की जानकारी विद्यालयों को पीएम पोषण पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। लेकिन कोटा सहित राजस्थान के लगभग सभी जिलों में 70 फीसदी से ज्यादा विद्यालय इसकी जानकारी अपलोड नहीं कर रहे हैं। इस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा आपत्ति जताते हुए राज्य सरकार से जवाब मांग है। जिस पर मीड डे मील आयुक्तालय द्वारा इस संबंध में जानकारी अपलोड नहीं करने पर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से 26 मार्च को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, साथ ही संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कारवाई की चेतावनी दी गई है। इससे पहले 14 मार्च को भी आयुक्तालय की ओर से विद्यालयों को नोटिस जारी किया गया था।</p>
<p><strong>क्या क्या करना होता है अपलोड</strong><br />हर स्कूल में मिड डे मील प्रभारी या संस्था प्रधान को हर दिन उपयोग में आए गेहूं व चावल की मात्रा भरने के साथ स्कूल में बचे खाद्यान्न की जानकारी अपलोड करनी होती है। इस पोर्टल से पता लगाया जा सकता है कि प्रदेश के किसी स्कूल में कक्षा पहली से आठवीं तक के कितने विद्यार्थियों ने पोषाहार खाया। जिसमें स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम होने पर संस्था प्रधान से सवाल किया जा सकेगा। मिड डे मील में कक्षा पहली से 5वीं तक के विद्यार्थियों को रोजाना 100 ग्राम गेहूं या चावल तथा कक्षा 6 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को 150 ग्राम गेहूं या चावल परोसा जाता है। इस मात्रा के आधार पर रोजाना स्कूल आने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति के अनुसार ही नापकर पोषाहार पकाया जाता है। जैसे किसी स्कूल में कक्षा एक से पांचवीं तक के 10 विद्यार्थी आए तो पोषाहार में 1000 ग्राम गेहूं या चावल का उपयोग होगा। इसी तरह कक्षा 6 से 8वीं तक 10 विद्यार्थी आने पर 1500 ग्राम खाद्यान्न का उपयोग होगा। इस तरह एक दिन में 2500 ग्राम खाद्यान्न उपयोग होने की जानकारी पोर्टल में भरनी होती है।</p>
<p><strong>भारत सरकार कर रही है पोर्टल की मॉनिटरिंग</strong><br />पीएम पोषण योजना के तहत संचालित आॅटोमेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम (एमडीएमएचपी पोर्टल) पर सरकारी विद्यालयों को रोज भोजन परोसे जाने के बाद पोर्टल पर लाभार्थियों की संख्या और खाद्यान्न की जानकारी अपलोड करनी होती है। जिसकी मॉनिटरिंग भारत सरकार कर रही है। एमडीएमएचपी पोर्टल पर राजस्थान राज्य का दैनिक रिपोर्ट का स्टेट्स केवल 21.09 फीसदी रहने पर भारत सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मिड डे मील योजना के आयुक्त की ओर से पोर्टल की रिपोर्ट का अवलोकन करने पर पाया है कि अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं। साथ ही आयुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए नोटिस में दैनिक सूचना नहीं भिजवाने स्कूलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा है। </p>
<p><strong>कोटा के मात्र 170 विद्यालय ही कर रहे जानकारी अपलोड</strong><br />एमडीएमएचपी यानी पीएम पोषण पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली जानकारी में कोटा के स्कूल लगातार फिसड्डी साबित हो रहे हैं। क्योंकि कोटा जिले के 1 हजार 173 विद्यालयों में से हर दिन 120 से 170 विद्यालय ही जानकारी अपलोड कर रहे हैं। सोमवार को भी 1 हजार 173 विद्यालयों में से केवल 90 विद्यालयों ने ही मिड डे मील की जानकारी अपलोड की है, तथा लगभग 1 हजार विद्यालय समय पर कोई भी जानकारी अपलोड नहीं कर रहे हैं। वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को इन विद्यालयों में मिड डे मील के तहत दिए जाने वाले खाने के बारे में उचित जानकारी नहीं पहुंच पा रही है। साथ ही कितने बच्चों को इस योजना के तहत खाना पहुंचाया गया इसकी भी जानकारी मंत्रालय को नहीं मिल पा रही है। बात करें राजस्थान की तो प्रदेश के 67 हजार 040 विद्यालयों में से मात्र 14 हजार 193 विद्यालय ही मिड डे मील की जानाकरी अपलोड कर रहे हैं। राजस्थान में जानकारी अपलोड करने वाले विद्यालयों की संख्या बिल्कुल कम होने पर केंद्रीय मंत्रालय ने इसे गंभीरता से लिया है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />जिले में 8वीं, 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा और चुनावी कार्य के चलते डेटा अपलोड करने में परेशानी आ रही है। फिर भी सभी विद्यालयों को नोटिस देकर जानकारी अपलोड नहीं करने का कारण पूछा गया है। जिस पर जवाब आते ही आयुक्तालय को भेज दिया जाएगा। जो विद्यालय समय पर जानकारी अपलोड नहीं कर रहे हैं उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कारवाई की जाएगी।<br /><strong>- चारूमित्रा सोनी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, कोटा</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Apr 2024 16:44:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - 283 स्कूलों के 22 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जल्द मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति के प्रयास रंग लाए, जिस पर शिक्षकों ने दैनिक नवज्योति का आभार जताया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---more-than-22-thousand-students-of-283-schools-will-soon-get-relief/article-60614"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/asar-khabar-ka---283-schoolo-k-22-hazaar-s-zyada-vidhyarthiyo-ko-jald-milegi-rahat...karwar,-bundi-news-27-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>करवर। नैनवां ब्लॉक में 283 स्कूलों के 22 हजार 892 विद्यार्थियों के गुरुवार को राहत की खबर आई। मिड डे मिल योजना के तहत खाद्यान्न का वितरण शुरु हो गया है। स्कूलों में खाद्यान्न पहुंचने से पोषाहार प्रभारी ने राहत की सांस ली। गौरतलब है बुधवार को दैनिक नवज्योति के अंक में 283 स्कूलों के 22 हजार 892 विद्यार्थियों पर पोषाहार का संकट...शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होते ही शिक्षा विभाग हरकत में आया और खाद्यान का वितरण शुरू कर दिया गया। दैनिक नवज्योति के प्रयास रंग लाए। जिस पर शिक्षकों ने दैनिक नवज्योति का आभार जताया। अक्टूबर से दिसंबर त्रैमासिक का खाद्यान्न नहीं आने से शिक्षकों द्वारा उच्च अधिकारियों को बार-बार लेटर लिखे रहे थे ,लेकिन विभाग द्वारा कोई सुनवाई नहीं हो रही थी, जिस कारण दबाव में शिक्षक गांवों में जाकर भामाशाहों या राशन की दुकान से गेंहू लेकर योजना का संचालन कर रहे थे। प्रदेश सहित देश के सरकारी विद्यालयों में पहली से आठवीं तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को मिड डे मील नि:शुल्क मिलता है। इसकी राशि केंद्र व राज्य सरकार की ओर से तय 60 व 40 प्रतिशत के अनुसार वहन की जाती है और खाद्यान्न केन्द्र सरकार की ओर से स्कूलों में पहुंचाया जाता है। इसके लिए कक्षा 1 से 5 तक मे 5.45 व 1-8 मे 8.17 रू प्रति लाभान्वित विद्यार्थी के हिसाब से कुकिंग कन्वर्जन राशि दी जाती है जो तेल, मिर्च, मसाले,सब्जी,आटा पिसाई आदि में खर्च की जाती है। एमडीएम योजना में पोषाहार पकाने के लिए स्कूलों में गेहूं और चावल केंद्र सरकार उपलब्ध करवाती है, इसके अलावा गर्म भोजन पकाने में लगने वाली सामग्री की व्यवस्था पोषाहार प्रभारी करते हैं। इसके लिए उन्हें विभाग से कुकिंग कंवर्जन राशि मिलती है, जिसमें कक्षा 1 से 5 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 5 रुपए 45 पैसे प्रतिदिन प्रति विद्यार्थी और कक्षा 6 से आठ 8 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 8रुपए 17 पैसे प्रतिदिन प्रति विद्यार्थी के हिसाब से कंवर्जन राशि दी जाती है। कुक कम हेल्पर को प्रतिमाह 2003 रुपए मानदेय मिलता है। प्राथमिक शिक्षा के सार्वजनिकरण को बढ़ावा देना के लिए स्कूलों में बच्चों का नामांकन ठहराव और उपस्थिति बढ़ाना,ड्रॉप आउट को रोकना तथा शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देना है।</p>
<p>गुरुवार को पोषाहार सप्लाई शुरु हो गया है जिससे अब एमडीएम योजना चलाने में दिक्कत नही होगी। <br /><strong>- नाथूलाल बैरवा, शिक्षक </strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />पोषाहार की सप्लाई शुरू होने पर अब शिक्षको को गांवों में जाकर गेंहू उधार नही लेना पड़ेगा,समस्या का समाधान करवाने पर दैनिक नवज्योति की बदौलत यह राहत मिल पाई है।<br /><strong>- पंकज जैन, मिडिया प्रभारी शिक्षक संघ राष्ट्रीय नैनवां</strong></p>
<p>खाद्यान्न की सप्लाई शुरू हो गई है अब शिक्षको को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा,दैनिक नवज्योति का आभार हौ। <br /><strong>- सुगनचंद मीणा, अध्यक्ष शिक्षक संघ राष्ट्रीय नैनवां</strong></p>
<p>खाद्यान्न सप्लाई करने के लिए हमने दो दिन पहले बड़ा प्रदर्शन की चेतावनी दी थी जिससे जिले के उच्चाधिकारी हरकत में आए और गुरुवार को ही सप्लाई शुरू हो गई।<br /><strong>- बाबूलाल शर्मा, संयुक्त कर्मचारी महासंघ एकीकृत अध्यक्ष नैनवा</strong></p>
<p>पोषाहार की गाड़ियां आने से अब शिक्षकों को अन्य जगह से मांगकर पोषाहार चलाना नही पड़ेगा।<br /><strong>- राधेश्याम मीणा, अध्यापक </strong></p>
<p>पोषाहार आने से अब हमारी समस्या का समाधान हो गया है। इसका श्रेय दैनिक नवज्योति का को जाता है। प्रमुखता से खबर का प्रकाशित की।  <br /><strong>- मोहन प्रजापत, पोषाहार प्रभारी</strong></p>
<p>गुरुवार को पोषाहार सप्लाई हो गया है।<br /><strong>- नाथूलाल बैरवा,संस्था प्रधान</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />आज से पोषाहार की सप्लाई शुरू कर दी गई है। एक दो दिन में नैनवां ब्लॉक के सभी स्कूलों में मीड डे मिल योजना का पोषाहार की सप्लाई कर दी जाएगी। <br /><strong>- अनिल गोयल, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, नैनवां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Oct 2023 16:17:38 +0530</pubDate>
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