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                <title>foriegn minister s jaishankar - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>foriegn minister s jaishankar RSS Feed</description>
                
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                <title>रूस के खिलाफ नहीं जाएगा भारत : यूरोप की धरती से विदेश मंत्री का साफ संदेश, एस जयशंकर ने कहा- पाकिस्तान और चीन को सुनाई दो टूक</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने फ्रांस की धरती से पश्चिमी देशों को सीधा संदेश दिया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-will-not-go-against-russia-clear-message-of-foreign/article-117043"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news28.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने फ्रांस की धरती से पश्चिमी देशों को सीधा संदेश दिया है। यूक्रेन को लेकर जयशंकर ने साफ कर दिया कि भारत अमेरिका या पश्चिमी देशों के दबाव में अपने पुराने दोस्त रूस से मुंह नहीं फेरेगा। फ्रांसीसी अखबार ला फिगारो को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने पर भारत के आह्वान की पुष्टि की, लेकिन साफ कहा कि भारत इस विवाद में किसी का पक्षा नहीं लेना चाहता। उन्होंने कहा कि यूरोप में आपका नजरिया अलग है, क्योंकि आपका इसका हिस्सा हैं। लेकिन अन्य देशों के लिए यह अलग है। उन्होंने भारत के रुख को दोहराते हुए कहा कि समाधान युद्ध से नहीं निकलेगा। यूक्रेन युद्ध को लेकर पूछे गए सवाल पर जयशंकर ने भारत की गुटनिरपेक्ष स्थिति की पुष्टि की। उन्होंने कहा, हमने यूक्रेन और रूस दोनों की यथासंभव मदद की है। दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत होनी चाहिए और जितनी जल्दी हो सके उतना बेहतर है। उन्होंने कहा, अफ्रीका से लेकर लैटिन अमेरिका और प्रशांत द्वीपों तक दुनिया के बड़े हिस्से को लगता है कि इस संघर्ष से उनकी अर्थव्यवस्था और स्थिरता को नुकसान हुआ है। दुनिया चाहती है कि यह रूक जाए। हम इस मुद्दे पर ग्लोबल साउथ की ओर से बोलते हैं।</p>
<p><strong>डबल स्टैंडर्ड के खिलाफ दी चेतावनी </strong><br />ग्लोबल साउथ के बारे में बोलते हुए जयशंकर ने इसे विकासशील देशों के रूप में बताया, जिन्होंने उपनिवेशवाद की दर्दनाक विरासत को सहा है और अब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में वह स्थान पाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने पाकिस्तान के साथ हालिया तनाव पर भी चर्चा की और कहा इसकी वजह द्विपक्षीय विवाद नहीं, बल्कि आतंकवाद है। पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देता है और उनका समर्थन करता है। 22 अप्रैल के पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर आतंकवादी भारत पर हमला करते हैं, तो हम उन्हें पाकिस्तान समेत कहीं भी खोज निकालेंगे। जब जयशंकर से भारत से सैन्य टकराव के दौरान पाकिस्तान को चीन से मिले समर्थन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने डबल स्टैंडर्ड के खिलाफ चेतावनी दी और कहा, आतंकवाद जैसे मुद्दे पर आप अस्पष्टता बर्दाश्त नहीं कर सकते।</p>
<p><strong>ट्रंप की विदेश नीति पर क्या कहा?</strong><br />डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में भारत-अमेरिका संबंधों पर जयशंकर ने कहा कि पांच अमेरिकी प्रशासनों में द्विपक्षीय संबंध मजबूत हुए हैं। टैरिफ की धमकियों के बावजूद, उन्होंने कहा, हमने पहले ही एक व्यापार समझौते के लिए द्विपक्षीय वार्ता शुरू कर दी है। हमें उम्मीद है कि 9 जुलाई को टैरिफ निलंबन समाप्त होने से पहले हम एक समझौते पर पहुंच जाएंगे। ट्रंप की विदेश नीति पर, जयशंकर ने क्वाड के लिए उनके शुरूआती समर्थन का जिक्र किया और कहा, हम देखते हैं कि अमेरिका अपने तत्काल स्वार्थ के अनुरूप काम कर रहा है। ईमानदारी से कहूं तो मैं भी उनके साथ ऐसा ही करूंगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Jun 2025 11:44:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>हमने शुरू से ही पाक को संदेश दिया था कि हमारा निशाना आतंकवादी ढांचा है, न कि उनकी सेना : एस जयशंकर</title>
                                    <description><![CDATA[भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद करने पर विदेश मंत्री ने कहा कि यह स्पष्ट है कि गोलीबारी बंद करने की मांग कौन कर रहा था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/we-had-given-a-message-to-pakistan-from-the-beginning/article-114314"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/s-jaishankar11.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हालिया भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इस संघर्ष में चीन की सैटेलाइट ने पाकिस्तान की मदद की। लेकिन दुनिया से हमें काफी समर्थन मिला। उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल द्विपक्षीय होगी। उन्होंने कहा, कहा कि पाकिस्तान से केवल द्विपक्षीय बात होगी ये राष्ट्रीय सहमति है। जयशंकर ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने के अपने लक्ष्य हासिल कर लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमने शुरू से ही पाकिस्तान को संदेश दिया था कि हमारा निशाना आतंकवादी ढांचा है, न कि उनकी सेना। लेकिन पाकिस्तान ने इस सलाह को नजरअंदाज किया। 10 मई की सुबह पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ, जिसकी पुष्टि सैटेलाइट तस्वीरों से हुई। भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद करने पर विदेश मंत्री ने कहा कि यह स्पष्ट है कि गोलीबारी बंद करने की मांग कौन कर रहा था। </p>
<p>उन्होंने कहा कि हमने आतंकवादी ढांचे को नष्ट करके जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, उन्हें हासिल कर लिया है। चूंकि प्रमुख लक्ष्य हासिल कर लिए गए थे, इसलिए मुझे लगता है कि हमने उचित रूप से यह रुख अपनाया, क्योंकि ऑपरेशन की शुरूआत में ही हमने पाकिस्तान को यह संदेश भेज दिया था कि हम आतंकवादी ढांचे पर हमला कर रहे हैं, न कि सेना पर और सेना के पास यह विकल्प है कि वह अलग खड़ी रहे और हस्तक्षेप न करे। उन्होंने उस अच्छी सलाह को न मानने का फैसला किया। एक बार 10 मई की सुबह उन्हें बुरी तरह से नुकसान पहुंचा। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि हमने कितना नुकसान किया और उन्होंने कितना कम नुकसान किया। यह स्पष्ट है कि गोलीबारी बंद करने की मांग कौन कर रहा था।</p>
<p><strong>द्विपक्षीय बातचीत पर जोर</strong><br />विदेश मंत्री ने दोहराया कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल द्विपक्षीय होगी। उन्होंने कहा कि यह वर्षों से राष्ट्रीय सहमति है। बातचीत का विषय केवल आतंकवाद होगा। पाकिस्तान को आतंकवादियों की सूची सौंपनी होगी और उनके बुनियादी ढांचे को बंद करना होगा।</p>
<p><strong>सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी</strong><br />जयशंकर ने कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह नहीं रोकता, तब तक सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कश्मीर पर एकमात्र चर्चा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को खाली करने की होगी। अंतरराष्ट्रीय समर्थन की सराहना विदेश मंत्री ने बताया कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला। उन्होंने होंडुरास दूतावास के उद्घाटन पर कहा, होंडुरास ने पहलगाम आतंकवादी हमले के समय मजबूत एकजुटता दिखाई, जो हमारे लिए महत्वपूर्ण है। भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर क्या बोले विदेश मंत्री विदेश मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता पर कहा, ये जटिल वातार्एं हैं। जब तक सब कुछ तय नहीं हो जाता, तब तक कुछ भी तय नहीं होता। कोई भी व्यापार सौदा परस्पर लाभकारी होना चाहिए; इसे दोनों देशों के लिए कारगर होना चाहिए। व्यापार सौदे से हमारी यही अपेक्षा होगी। जब तक ऐसा नहीं हो जाता, इस पर कोई भी निर्णय लेना जल्दबाजी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 12:23:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>भारत-चीन सीमा पर दो वजहों से हुआ समझौता: जयशंकर</title>
                                    <description><![CDATA[ पेट्रोलिंग के लिए सीमित सैनिकों की संख्या तय की गई है। ये संख्या कितनी है, इसकी अभी जानकारी सामने नहीं आई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/jaishankar-reached-agreement-on-india-china-border-for-two-reasons/article-93954"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/s-jaishankar11.jpg" alt=""></a><br /><p>पुणे। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत-चीन के बीच एलएसी पर पेट्रोलिंग को लेकर हुए समझौते पर कहा कि भारत सरकार का अपनी बात पर अड़े रहना काम कर गया। आज हम जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसके दो कारण हैं। जयशंकर ने एक कार्यक्रम में कहा कि हम अपनी बात से पीछे नहीं हटे यह केवल इसलिए संभव हो सका क्योंकि सेना देश की रक्षा के लिए हर मौके पर डटी रही। सेना ने अपना काम किया। जयशंकर ने कहा कि मुझे लगता है कि इन दो कारणों के चलते भारत-चीन सीमा विवाद पर पेट्रोलिंग का मुद्दा हल हो सका है। अब आगे बातचीत जारी रहेगी।</p>
<p><strong>विवादित पॉइंट्स से हट रही सेनाएं</strong><br />गौरतलब है कि भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में चार साल से सीमा विवाद को लेकर तनाव था। दो साल की लंबी बातचीत के बाद पिछले दिनों एक समझौता हुआ है। दोनों सेनाएं विवादित पॉइंट्स देपसांग और डेमचोक से पीछे हटेंगी। सेना के सूत्रों के मुताबिक 28 और 29 अक्टूबर तक दोनों देश देपसांग और डेमचोक से अपनी-अपनी सेनाएं पूरी तरह हटा लेंगे। पेट्रोलिंग के लिए सीमित सैनिकों की संख्या तय की गई है। ये संख्या कितनी है, इसकी अभी जानकारी सामने नहीं आई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Oct 2024 13:57:07 +0530</pubDate>
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                <title>कतर में मौत की सजायाफ्ता भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों के परिवार से मिले विदेश मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कतर में मौत की सजा पाये आठ भारतीयों के परिवारों से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी रिहाई के लिए हरसंभव  प्रयास करना जारी रखेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/external-affairs-minister-meets-the-families-of-eight-former-indian/article-60850"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/s-jaishankar.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कतर में मौत की सजा पाये आठ भारतीयों के परिवारों से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास करना जारी रखेगी।</p>
<p>डॉ जयशंकर ने कहा कि सरकार इस मामले को प्राथमिकता दे रही है तथा उनके परिवारों की चिंताओं और दर्द में सहभागी है। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास जारी रखेगी।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि मैं इस संबंध में पीड़ितों के परिवारों के साथ निकटता से समन्वय करुंगा।</p>
<p>गौरतलब है कि कतर की अदालत ने पिछले सप्ताह भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को मौत की सजा सुनाई है, जो एक निजी कंपनी दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए काम कर रहे थे। यह कंपनी कतर के सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण और संबंधित सेवाएं प्रदान करती थी। भारतीय नागरिकों को कतर की खुफिया एजेंसी ने अगस्त 2022 में कथित तौर पर इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था, लेकिन उनके खिलाफ आरोपों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Oct 2023 13:04:18 +0530</pubDate>
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