<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/committees/tag-4091" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>committees - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/4091/rss</link>
                <description>committees RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राज्य में दीर्घकालिक कार्ययोजना के लिए बहु-विभागीय समितियों का गठन, सरकार ने जारी की अधिसूचना</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान सरकार ने दीर्घकालिक विकास के लिए छह विषयगत समितियों का गठन किया है। यह समूह सामान्य प्रशासन, अवसंरचना, वित्त, सामाजिक कल्याण, शासन-प्रौद्योगिकी और सुरक्षा क्षेत्रों में कार्य करेंगे। समितियां वर्तमान स्थिति का आकलन कर चुनौतियों की पहचान करेंगी और राज्य के समग्र विकास हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करेंगी। रिपोर्ट समयबद्ध प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-issued-notification-constituting-multi-departmental-committees-for-long-term-action-planning/article-136818"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/secretariat.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य में प्रभावी शासन और समन्वित विकास के उद्देश्य से दीर्घकालिक कार्ययोजना (लॉन्ग टर्म एक्शन प्लान) तैयार करने के लिए विभिन्न विषयगत समितियों के गठन की अधिसूचना जारी की है। प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार अलग–अलग क्षेत्रों के लिए कुल छह समूह (ग्रुप) गठित किए गए हैं, जिनमें संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।</p>
<p>अधिसूचना के तहत ग्रुप–1 सामान्य प्रशासन, ग्रुप–2 अवसंरचना एवं निवेश, ग्रुप–3 वित्त एवं अर्थव्यवस्था, ग्रुप–4 सामाजिक एवं कल्याण, ग्रुप–5 शासन एवं प्रौद्योगिकी तथा ग्रुप–6 सुरक्षा से जुड़े विषयों पर कार्य करेगा। प्रत्येक समूह में संबंधित विभागों के सचिव, प्रमुख सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी सदस्य के रूप में नामित किए गए हैं, जबकि कुछ समूहों में समन्वयक (को-ऑर्डिनेटर) और सह-समन्वयक (को-कोऑर्डिनेटर) की भी व्यवस्था की गई है।</p>
<p>समितियों का प्रमुख दायित्व अपने-अपने क्षेत्र में वर्तमान स्थिति का आकलन करना, प्रमुख चुनौतियों की पहचान करना तथा राज्य के समग्र विकास के लिए ठोस सुझाव और कार्ययोजना तैयार करना होगा। यह कार्ययोजना राज्य सरकार के भविष्य के नीति निर्धारण और प्रशासनिक निर्णयों में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।</p>
<p>प्रशासनिक सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी समितियां आपसी समन्वय से कार्य करते हुए समयबद्ध रूप से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी, ताकि राज्य में सुशासन, विकास और नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-issued-notification-constituting-multi-departmental-committees-for-long-term-action-planning/article-136818</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-issued-notification-constituting-multi-departmental-committees-for-long-term-action-planning/article-136818</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 15:44:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-10/secretariat.png"                         length="440432"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमएसपी खरीद केंद्रों पर एक अधिकारी को एक से अधिक समितियों का नहीं होगा कार्यभार</title>
                                    <description><![CDATA[समर्थन मूल्य पर प्रदेश में सरसों- चना की खरीद 10 अप्रैल से शुरू होगी। खरीद केंद्रों पर किसानों की ओर से की जाने वाली शिकायतों के मध्यनजर नई व्यवस्था की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/an-officer-will-not-have-more-than-one-committees-at/article-109416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/23.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। समर्थन मूल्य पर प्रदेश में सरसों- चना की खरीद 10 अप्रैल से शुरू होगी। खरीद केंद्रों पर किसानों की ओर से की जाने वाली शिकायतों के मध्यनजर नई व्यवस्था की गई है। राजफैड के आदेश के अनुसार क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से रबी और खरीफ के सीजन में समर्थन मूल्य पर जिंसों की खरीद की जाएगी, लेकिन इस दौरान एक अधिकारी को एक से अधिक समितियों का कार्यभार नहीं दिया जाएगा।</p>
<p>इस आदेश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समर्थन मूल्य पर खरीद की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो। राज्यपाल की आज्ञा से, संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड ने इसकी पालना करने के निर्देश दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/an-officer-will-not-have-more-than-one-committees-at/article-109416</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/an-officer-will-not-have-more-than-one-committees-at/article-109416</guid>
                <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 14:18:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-04/23.png"                         length="538776"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इसी महीने होगा जिला कांग्रेस कमेटियों का विस्तार,  संगठन महासचिव जारी करेंगे सूची</title>
                                    <description><![CDATA[संगठन में सक्रियता बढ़ाने के लिए प्रदेश कांग्रेस इसी महीने जिला कांग्रेस कमेटियों का विस्तार करेगी। करीब आधा दर्जन जिला कांग्रेस कमेटियों की विस्तार सूची को अंतिम रूप दिया जा चुका है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/district-congress-committees-will-expand-this-month/article-99696"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/congress-logo-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। संगठन में सक्रियता बढ़ाने के लिए प्रदेश कांग्रेस इसी महीने जिला कांग्रेस कमेटियों का विस्तार करेगी। करीब आधा दर्जन जिला कांग्रेस कमेटियों की विस्तार सूची को अंतिम रूप दिया जा चुका है। पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा की अनुमति के बाद संगठन महासचिव ललित तूनवाल विस्तार वाली कार्यकारिणी सूची जारी करेंगे।</p>
<p>संगठन की सक्रियता बढ़ाने के लिए फिलहाल शेष ब्लॉक और बूथ कांग्रेस कमेटियों की सूची जारी करने का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके साथ ही, जिला कांग्रेस कमेटियों के विस्तार का काम भी किया जा रहा है। कई जिला कांग्रेस कमेटियों ने विस्तार की मांग उठाई थी, ताकि सक्रिय कार्यकर्त्ताओं को मौका दिया जा सके। पीसीसी ने विस्तार को इस शर्त के साथ मंजूरी दी है कि जिलाध्यक्ष के अलावा अधिकतम 100 सदस्य कार्यकारिणी में रह सकेंगे। फिलहाल जयपुर शहर सहित करीब 6 जिलों की विस्तार वाली कार्यकारिणी पीसीसी मुख्यालय पहुंच चुकी है। </p>
<p>पीसीसी सूत्रों के अनुसार इसी महीने अन्य जिला कांग्रेस कमेटियों की सूची मिलने के बाद करीब 2 दर्जन जिला कांग्रेस कमेटियों को मंजूरी दी जा सकती है। इसके साथ ही, कई जिलों में लंबित ब्लॉक और बूथ कांग्रेस कमेटियों की सूची भी जारी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/district-congress-committees-will-expand-this-month/article-99696</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/district-congress-committees-will-expand-this-month/article-99696</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Jan 2025 15:55:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/congress-logo-%283%29.png"                         length="171377"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नाम की रह गई समितियां, तीन अध्यक्ष ने पाला बदला</title>
                                    <description><![CDATA[दो साल में कई समितियों की तो एक बैठक तक नहीं हुई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/committees-remained-only-in-name--three-chairmen-changed-sides/article-84277"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा में दो नगर निगम होने के बावजूद पिछली कांग्रेस सरकार में कोटा दक्षिण निगम में ही समितियों का गठन किया गया था। लेकिन वह समितियां भी सिर्फ नाम की ही रह गई हैं। समितियों को गठित हुए दो साल का समय हो गया लेकिन न तो उनकी बैठकें हो रही हैं और न ही जनता की समस्याओं का समाधान। कोटा में पहले एक नगर निगम और वार्डों की संख्या 65 थी। पिछली कांग्रेस सरकार में वार्डों का परिसीमन किया गया। दो नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण बना दिए। वार्डों की संख्या ढाई गुना बढ़ाकर 150 कर दी गई। दोनों निगमों में कांग्रेस के बोर्ड हैं। बोर्ड गठित होने के तीन माह के भीतर निगम स्तर पर समितियों का गठन नहीं किया जा सका। ऐसे में समितियों के गठन का  अधिकार रा’य सरकार के पाले में चला गया। सरकार की ओर से भी सिर्फ कोटा दक्षिण निगम में ही समितियों का गठन किया गया। जबकि कोटा उत्तर निगम में तो समितियां ही नहीं बनी।  राज्य सरकार ने जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए समितियों का गठन किया था। जिससे पार्षद समितियों में जन समस्याओं को रख उनका समाधान करवा सकेें। समितियां बना तो दी लेकिन वह जनता के काम करना तो दूर बैठकें तक नहीं कर पा रही। </p>
<p><strong>22 समितियां, गिनती की बैठकें</strong><br />राज्य सरकार द्वारा जुलाई 2022 में कोटा दक्षिण निगम में 22 समितियों का गठन किया गया था। जिनमें से 21 समितियां तो शुद्ध कोटा दक्षिण की है। जबकि एक मेला समिति दोनों निगमों की संयुक्त बनाई गई है। हालत यह है कि समितियों का गठन हुए दो साल का समय हो गया। अधिकतर समितियों की तो दो-दो बैठकें तक नहीं हुई। कई समितियों की परिचयात्मक बैठक तक नहीं हुई। जिन समितियों की बैठकें हुई भी तो वे नाम मात्र की होकर रह गई। उन समितियों की बैठकों में जो निर्णय हुए उनकी पालना हुई या नहीं यह समिति के अध्यक्षों व सदस्यों को ही पता नहीं है। </p>
<p><strong>इन समितियों का किया था गठन</strong><br />राज्य सरकार ने नगर निगम कोटा दक्षिण में जिन समितियों का गठन किया था। उनमें से हर समिति में एक पार्षद को उसका अध्यक्ष और शेष 9 पार्षदों को समिति में सदस्य मनोनीत किया गया। भवन निर्माण स्वीकृति समिति व कार्यकारी समितियों में तो महापौर को उसका अध्यक्ष मनोनीत किया। जबकि सफाई समिति में उप महापौर को अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इनके अलावा वित्त समिति,स्वास्थ्य समिति, नियम उप नियम समिति,गंदी बस्ती सुधार समिति,सार्वजनिक रोशनी व्यवस्था समिति,जल वितरण व्यवस्था समिति,राजस्व कर वसूली समिति,गैराज वाहन समिति,स्वर्ण जयंती रोजगार समिति,गौशाला समिति, अतिक्रमण निरोधक समिति,निर्मण समिति, आपदा प्रबंधन समिति,प्रचार-प्रसार समिति,नगर आयोजन एवं सौन्दर्यीकरण समिति,उद्यान प्रबंध समिति,भूमि भवन सम्पदा समिति बनाई गई थी। </p>
<p><strong>मेला समिति में कोटा उत्तर महापौर अध्यक्ष</strong><br />राज्य सरकार द्वारा गठित समितियों में एक समिति  मेला एवं अन्य उत्सव आयोजन समिति बनाई थी। जिसमें कोटा उत्तर की महापौर को उसका अध्यक्ष मनोनीत किया गया। जबकि कोटा दक्षिण के महापौर व उप महापौर, कोटा उत्तर के उप महापौर, दोनों निगमों के नेता प्रतिपक्ष समेत अन्य पार्षदों को उस समिति में सदस्य मनोनीत किया गया है।  मेला समिति की तो दशहरा मेले के लेकर कई बैठकें हुई थी। लेकिन वह भी मेले से पहले ही होती हैं। उसके बाद समिति की कोई बैठक नहीं हुई।</p>
<p><strong>समिति कांग्रेस पार्षदों की, अध्यक्षों ने बदला पाला</strong><br />राज्य की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कोटा दक्षिण के कांग्रेस बोर्ड में कांग्रेस पार्षदों की समितियों का गठन किया था। लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान कई समितियों के अध्यक्षों ने ही पाला बदल लिया और वे भाजपा में शामिल हो गए। भवन निर्माण स्वीकृति व कार्यकारी समिति के अध्यक्ष व महापौर राजीव अग्रवाल, गौशाला समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, अतिक्रमण निरोधक समिति के अध्यक्ष पी.डी. गुप्ता के अलावा समितियों के कई सदस्य कांग्रेस पार्षद भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। ऐसे में समितियां काम ही नहीं कर पा रही। हालांकि गौशाला समिति के अध्यक्ष ही एक मात्र ऐसे हैं जो नियमित रूप से गौशाला जाकर  उसमें सुधार के प्रयास में जुटे हैं। जबकि कई समिति अध्यक्षों को तो निगम में आए हुए ही काफी समय हो गया। </p>
<p><strong>समिति अध्यक्षों की पीड़ा</strong><br />वित्त समिति की दो बैठकें हुई। उन समितियों में जो निर्णय किए अधिकारियों ने उनकी पालना ही नहीं की। बजट से पहले दो बार बैठकें करने का प्रयास किया लेकिन नहीं हो सकी। वित्त से संबंधित जो निर्णय व काम हो रहे हैं उसके बारे में अधिकारी जानकारी ही नहीं दे रहे। ऐसे में समिति की बैठकें करने का कोई औचित्य ही नहीं रह जाता। अधिकारी जब बोर्ड के निर्णयों की ही पालना नहीं कर पा रहे हैं तो समितियों की बैठकों के निर्णयों की पालना करना तो दूर की बात है। <br /><strong>- देवेश तिवारी, अध्यक्ष, वित्त समिति </strong></p>
<p>राज्य सरकार ने समितियों का गठन जनता के कामों को करवाने के लिए किया है। समिति की बैठकें कर उसमें जो निर्णय लिए उन निर्णयों की  पालना हुई या नहीं इस बारे में अधिकारियों ने जानकारी ही नहीं दी। नियमानुसार निर्माण से संबंधित जो भी काम होने हैं उनका अनुमोदन समिति में करवाना आवश्यक है। लेकिन अधिकारी मनमानी चला रहे हैं। ऐसे में समिति का होना न होना बराबर है। <br /><strong>- इसरार मोहम्मद, अध्यक्ष, निर्माण समिति </strong></p>
<p>शुरुआत में समिति की बैठकें की। उसमें शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार से संबंधित निर्णय लिए गए। लेकिन अधिकारियों द्वारा उन निर्णयों की पालना ही नहीं की गई। उसके बाद अधिकारियों ने बैठकों में रुचि नहीं ली। जिससे बाद में न तो बैठक हुई और न ही अधिकारियों द्वारा सफाई से संबंधित निर्णयों के बारे में समिति को कोई जानकारी दी जा रही है। ऐसे में समिति नाम की रह गई है। <br /><strong>- पवन मीणा, उप महापौर व अध्यक्ष सफाई समिति</strong></p>
<p>राज्य सरकार द्वारा गठित समितियों में से अधिकर की तो बैठकें हुई हैं। हर समिति के अपने अधिकारी नियुक्त किए हुए हैं। समिति अध्यक्ष बैठकें बुला सकते हैं। लेकिन अधिकारी बैठकों के निर्णयों की पालना ही नहीं कर रहे हैं। ऐसे में बैठकें करने का कोई मलतब नहीं निकल रहा। हालांकि पिछले 9 माह से तो पहले विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव के कारण ही अधिकतर समय आचार संहिता में निकल गया। भवन निर्माण स्वीकृति से सबंधित कुछ पत्रावलियां आई हैं। अब शीघ्र ही बैठक कर उन पर निर्णय किया जाएगा। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/committees-remained-only-in-name--three-chairmen-changed-sides/article-84277</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/committees-remained-only-in-name--three-chairmen-changed-sides/article-84277</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 16:07:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/photo-size-%281%299.png"                         length="542081"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा दक्षिण समिति अध्यक्षों को शीघ्र मिल सकती है बैठक की सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[ समिति अध्यक्षों का कहना है कि सरकार की ओर से जब नेता प्रतिपक्ष को सुविधाएं दी जा सकती हैं तो वे तो सरकार द्वारा गठित समितियों के अध्यक्ष हैं। उन्हें भी बैठने के लिए कक्ष की सुविधा दी जाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-dakshin-samiti-presidents-can-get-meeting-facility-soon/article-35018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/kota-dakshin-samiti-adhyaksho-ko-shighra-mil-sakti-hai-baithak-ki-suvidha..kota-news..16.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण की समितियों के अध्यक्षों को शीघ्र ही बैठक सुविधा मिल सकती है। उनके लिए निगम भवन में तीसरी मंजिल पर हॉल में कैबिन बनाने की योजना है। साथ ही एक चौथाई समिति अध्यक्षों की जगह निर्धारित है। नगर निगम कोटा दक्षिण में 22 समितियों का गठन हुए करीब 6 महीने का समय हो गया है। लेकिन अभी तक महापौर व उप महापौर के अलावा अन्य समिति अध्यक्षों के बैठने की स्थायी सुविधा नहीं है। समिति के अध्यक्ष उनके बैठने के लिए कक्ष की सुविधा की मांग कर चुके हैं। आयुक्त व अतिरिक्त आयुक्त को ज्ञापन भी दे चुके हैं। समिति अध्यक्षों का कहना है कि सरकार की ओर से जब नेता प्रतिपक्ष को सुविधाएं दी जा सकती हैं तो वे तो सरकार द्वारा गठित समितियों के अध्यक्ष हैं। उन्हें भी बैठने के लिए कक्ष की सुविधा दी जाए। साथ ही उनक अनुभाग से सबंधित फाइलें उनके पास आनी चाहिए। निर्माण समिति के अध्यक्ष मोहम्मद इसरार, वित्त समिति के अध्यक्ष देवेश तिवारी व अतिक्रमण समिति के अध्यक्ष पी.डी. गुप्ता का कहना है कि उन्हें बैठने की सुविधा दी जानी चाहिए। जिससे वे अपने अनुभाग का कामकाज सही ढंग से कर सके। </p>
<p><strong>यहां बैठ सकते है समिति अध्यक्ष</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की 22 समितियों में से दो समितियों में महापौर व उप महापौर ही अध्यक्ष हैं। ऐसे में उनके लिए तो निगम कार्यालय में ही कक्ष मिले हुए हैं। जबकि कुछ समितियां ऐसी हैं जिनके अनुभाग में ही कक्ष है जहां  समितियों के अध्यक्ष भी बैठ सकते हैं। उद्यान समिति के अध्यक्ष गांधी उद्यान में बने कक्ष में बैठ सकते हैं। गैराज समिति के अध्यक्ष गैराज में, गौशाला समिति के अध्यक्ष गौशाला में, अतिक्रमण समिति के अध्यक्ष अतिक्रमण अनुभाग में और आपदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्रीनाथपुरम् स्थित फायर स्टेशन में बैठकर काम कर सकते हैं। हालाकि पूर्व में भी अधिकतर समितियों के अध्यक्ष इसी तरह से बैठते रहे हैं। जबकि शेष समिति अध्यक्षों के लिए कक्ष नहीं है। </p>
<p><strong>तीसरी मंजिल पर हॉल बनाने की है योजना</strong><br />नगर निगम कार्यालय में तीसरी मंजिल पर हॉल में कैबिन बनाने की योजना है। जिसमें समिति अध्यक्षों को बैठाया जा सकता है। एक हॉल में अलग-अलग कैबिन होने से सभी को कक्ष की सुविधा मिल सकेगी। इस तरह के कैबिन निगम के कई अनुभागों के कर्मचारियों के लिए बने हुए हैं। स्मार्ट सिटी व राजस्व अनुभाग में इस तरह के कैबिन बने हुए हैं। इधर सूत्रों के अनुसार समिति अध्यक्षों के पास  टैंडर संबंधी फाइलें भेजने व अलग से सभी के लिए कक्ष की सुविधा का निगम में कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि अधिकारियों के स्तर पर निगम में इस तरह के प्रावधान व व्यवस्था संबंधी जानकारी जुटाई जा रही है। </p>
<p>कई समितियों के अध्यक्ष तो उनके अनुभागों में बने कक्ष में बैठ सकते हैं। गैराज, गौशाला व उद्यान में कक्ष  की सुविधा है। वहीं शेष समिति अध्यक्षों के लिए निगम कार्यालय की तीसरी मंजिल पर एक हॉल में कैबिन बनाने की योजना है।  जहां समिति अध्यक्षों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। <br /><strong>- राजपाल सिंह, आयुक्त, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-dakshin-samiti-presidents-can-get-meeting-facility-soon/article-35018</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-dakshin-samiti-presidents-can-get-meeting-facility-soon/article-35018</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Jan 2023 15:27:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-01/kota-dakshin-samiti-adhyaksho-ko-shighra-mil-sakti-hai-baithak-ki-suvidha..kota-news..16.1.2023.jpg"                         length="260791"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संसदीय समितियों में विपक्षी दल को नहीं दिया जा रहा है महत्व : कांग्रेस </title>
                                    <description><![CDATA[ लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर इस संबंध में आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि समितियों के पुनर्गठन में प्रमुख विपक्षी दल की भूमिका को महत्व नहीं दिया जा रहा है और उसके महत्व को कम करने का संसद में लगातार प्रयास किया जा रहा ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-to-giving-importance-to-parliamentary-committees--says-congress/article-24247"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/46546546599.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा कि संसद की स्थायी समितियों में प्रमुख विपक्षी दल को महत्व नहीं दिया जा रहा है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर इस संबंध में आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि समितियों के पुनर्गठन में प्रमुख विपक्षी दल की भूमिका को महत्व नहीं दिया जा रहा है और उसके महत्व को कम करने का संसद में लगातार प्रयास किया जा रहा है। चौधरी ने पत्र में कहा कि सरकार सूचना तकनीकी यानी आईटी विभाग की समिति को अपने पास रखने की कोशिश कर रही है, जबकि परंपरा संसद की महत्वपूर्ण समितियों में प्रमुख विपक्ष दलों की अहम भूमिका देने की रही है। उन्होंने कहा कि 16वीं लोकसभा में भी गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की समितियों में से 3 समितियां प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के पास थी। सदन में कांग्रेस के तब 44 सांसद थे, लेकिन इस बार इन तीनों समितियों को उससे ले लिया गया है और अब आईटी समिति को भी सरकार अपने पास रखने जा रही है।</p>
<p>चौधरी ने कहा कि यदि आईटी मंत्रालय की समिति को सरकार लेती है, तो फिर प्रमुख विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस को विदेश मंत्रालय की समिति दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि सरकार के इस कदम से लगता है कि वह संसद में भी लोकतांत्रिक परंपराओं के साथ खिलवाड़ करने लग गई है और उसका यह कदम लोकतंत्र के हित में नहीं है। इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को उन्होंने पत्र लिखा था, लेकिन बिरला ने अब तक उनके पत्र का जवाब नहीं दिया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-to-giving-importance-to-parliamentary-committees--says-congress/article-24247</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-to-giving-importance-to-parliamentary-committees--says-congress/article-24247</guid>
                <pubDate>Sat, 24 Sep 2022 15:54:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-09/46546546599.jpg"                         length="105289"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निगम में नहीं बनी समितियां, आमजन के काम हो रहे प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम कोटा में बोर्ड को बने हुए करीब डेढ़ साल का समये हो गया है। लेकिन अभी तक भी निगम में समितियों का गठन नहीं हुआ है। जिससे आमजन के कामों को गति नहीं मिल पा रही है। समितियों का मामला राज्य सरकार के स्तर पर अटका हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/committees-not-formed-in-the-corporation--the-work-of-the-common-man-is-getting-affected/article-10985"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/nigam-mei-nahi-bani-samitiya-kota.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा में बोर्ड को बने हुए करीब डेढ़ साल का समये हो गया है। लेकिन अभी तक भी निगम में समितियों का गठन नहीं हुआ है। जिससे आमजन के कामों को गति नहीं मिल पा रही है। समितियों का मामला राज्य सरकार के स्तर पर अटका हुआ है। कोटा में पहले जहां एक ही नगर निगम थी। उस समय कोटा में 65 वार्ड और भाजपा का बोर्ड था। लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन होते ही कांग्रेस सरकार बनी तो कोटा समेत तीन शहरों में वार्डों का परिसीमन कर दिया गया। कोटा में नगर निगम को कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण निगम में बांट दिया गया। साथ ही वार्डों की संख्या भी करीब ढाई गुना अधिक बढ़ाकर 150 कर दी गई। कोटा उत्तर निगम में 70 व कोटा दक्षिण निगम में 80 वार्ड बनाए गए हैं। वार्डों की संख्या अधिक होने से वार्ड पहले से काफी छोटे भी हो गए हैं। नगर निगम के पूर्व के सभी बोर्ड में निगम के कामकाज को सरल करने के लिए समितियों का गठन किया गया था। जिससे उन समितियों के माध्यम से आमजन के कामकाज को समय पर निस्तारण किया जा रहा था। लेकिन कोटा के दोनों निगमों में कांग्रेस के बोर्ड होने व राज्य सरकार भी कांग्रेस की होने के बाद भी निगम में डेढ़ साल बाद तक समितियों का गठन नहीं किया  गया है। वह भी उस स्थिति में जब स्वायत्त शासन मंत्री भी कोटा के ही हैं। कांग्रेस का उदयपुर व कोटा में चिंतन शिविर भी हो चुके हैं। निगम में निर्वाचित पार्षदों के अलावा सहवरित पार्षद भी मनोनीत हो चुके हैं। उसके बाद भी समितियां नहीं बन सकी हैं। <br /><br /><strong>निगम में हैं दो दर्जन समितियां</strong> <br />नगर निगम में कामकाज की दृष्टि से दो दर्जन समितियां बनाई गई हैं। जिनमें कार्यकारी समिति, भवन निर्माण स्वीकृति समिति, सफाई व्यवस्था समिति, वित्तीय समिति, स्वास्थ्य समिति,कच्ची बस्ती सुधार समिति,राजस्व कर वसूली समिति,गैराज वाहन संचालन व्यवसथा समिति, स्वर्ण जयंती रोजगार प्रबंध समिति,गौशाला समिति, अतिक्रमण निरोधक समिति, निर्माण समिति,उद्यान समिति, मेला समिति, सुरक्षा समिति समेत कई अन्य समितियां बनी हुई थी। <br /><br /><strong>दस सदस्यीय समिति मेंं एक अध्यक्ष</strong> <br />नगर निगम में पूर्व में बनी दो दर्जन समितियों में  अधिकतर पार्षदों को शामिल किया गया था। दस सदस्यीय हर समिति में एक अध्यक्ष होता है और शेष सदस्य। सभी समितियों में महापौर व उप महापौर तक को शामिल किया जाता है। महापौर जहां कार्यकारी व भवन निर्माण स्वीकृति समेत अन्य समितियों में अध्यक्ष रहे हैं। वहीं उप महापौर सफाई समिति के अध्यक्ष रहे थे। हालांकि निगम के पिछले बोर्ड में दो सफाई समितियां थी कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण के हिसाब से लेकिन उनमें से एक की अध्यक्ष उप महापौर व दूसरे के एक पार्षद अध्यक्ष थे।  <br /><br /><strong>90 दिन तक महापौर को अधिकार, बाद में सरकार के पाले में</strong><br />नगर निगम में समितियों के गठन का अधिकारी बोर्ड  बनने के तीन माह तक तो स्थानीय स्तर पर ही महापौर के अधिकार क्षेत्र में रहता है। लेकिन उससे अधिक समय होने के बाद वह मामला राज्य सरकार के पाले में चला जाता है। कोटा में बोर्ड गठन के तीन माह में दोनों ही निगमों के महापौर समितियों का गठन नहीं कर सके। ऐसे में अब यह मामला राज्य सरकार के पास लम्बित है। <br /><br /><strong>हर दो से तीन माह में बैठकों का प्रावधान</strong><br />नगर निगम की पूर्व गैराज समिति के अध्यक्ष गोपालाम मंडा ने बताया कि निगम में समितियों का गठन आमजन के कामों को गति प्रदान करने के लिए किया गया है। जिस अनुभाग से संबंधित मामला निगम में आता था वह संबंधित समिति के पास पहुंच जाता था। समिति के सदस्य हर दो से तीन माह में बैठक कर उन मामलों का निस्तारण करते थे। उसके बाद अधिकारी उसे आगे बढ़ाते थे। जिससे जनता के काम समय पर हो रहे थे। लेकिन निगम में समितियां नहीं बनने से अधिकतर काम अधिकारियों के पास है। अधिकारियों के पास पहले से ही काफी अधिक काम हैं। निगम के अलावा अन्य बैठकों में भी लगातार जाने के कारण उन्हें समय कम मिल पा रहा है। जिससे भवन निर्माण समेत कई मामलों का समय पर निस्तारण नहीं हो पा रहा है।  <br /><br /><strong>दशहरा मेले का काम मेला समिति के जिम्मे</strong><br />नगर निगम द्वारा हर साल दशहरा मेले का आयोजन किया जाता है। जिसकी पूरी तैयारी निगम की मेला समिति ही करती है। अधिकारियों के साथ बैठक कर उसकी पूरी रूपरेखा तैयार करने से लेकर कलाकारों को बुलाने, कार्यक्रम तय करने, दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया और मेले में आमजन की सुविधा को ध्यान रखते हुए शहर वासियों का सहयोग लेने और मेले को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने समेत सभी काम समिति सदस्यों द्वारा किए जाते रहे हैं। हांलाकि कोरोना संक्रमण के चलते दो साल से मेले का आयोजन नहीं हो रहा है। सिर्फ रावण दहन की परम्परा का निर्वहन हो रहा है। लेकिन इस बार कोरोना का खतरा अभी तक तो नहीं है। ऐसे में यदि मेला भरता है तो समिति नहीं होने से पूरा आयोजन अधिकारियों के हाथों में होगा। <br /><br /><strong>नेता प्रतिपक्ष भी नहीं बने</strong><br />नगर निगम में कांग्रेस के बोर्ड में जहां अभी तक समितियों का गठन नहीं हो सका है। वहीं दोनों निगमों में विपक्ष की भूमिका में भाजपा भी अपने नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं कर सके हैं। दोनों नगर निगमों में बिना नेता प्रतिपक्ष के ही अभी तक बोर्ड की बैठकें हुई हैं। ऐसे में विपक्ष भी एकजुट नहीं दिख पाता। वहीं भाजपा शहर अध्यक्ष कृष्ण कुमार सोनी का कहना है कि पूरे प्रदेश की निगमों में अभी तक नेता प्रतिपक्ष नहीं बने हैं। पार्टी जब उचित समझेगी तो सभी जगह पर एक साथ नेता प्रतिपक्ष का चयन करेगी। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />निगम में समितियों के गठन का अधिकार क्षेत्र राज्य सरकार के पास है। सरकार जब उचित समझेगी तब समितियों का गठन कर दिया जाएगा। वैसे निगम में कामकाज चल रहा है। समितियां बन जाएंगी तो काम उनके हिसाब से किया जाएगा। <br /><strong>-मंजू मेहरा, महापौर, नगर निगम कोटा उत्तर</strong><br /><br />नगर निगम में समितियों के गठन का अधिकार हमारे पास तीन माह तक था। उससे अधिक समय हो गया है। अब यह मामला राज्य सरकार के पास है। समितियों का गठन कब तक होगा इस बारे में स्वायत्त शासन मंत्री ही कुछ बता सकते हैं। सरकार जब समितियों का गठन कर देगी तो काम का बंटवारा कर दिया जाएगा। लेकिन फिलहाल कामकाज चल रहा है। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/committees-not-formed-in-the-corporation--the-work-of-the-common-man-is-getting-affected/article-10985</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/committees-not-formed-in-the-corporation--the-work-of-the-common-man-is-getting-affected/article-10985</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jun 2022 16:27:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/nigam-mei-nahi-bani-samitiya-kota.jpg"                         length="61460"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस ने उदयपुर संकल्प के तहत गठित की तीन समितियां, राजस्थान से 2 नेता शामिल, भंवर जितेंद्र सिंह और सचिन पायलट को मिली जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/-congress-formed-three-committees-under-udaipur-resolution--2-leaders-from-rajasthan-included--bhanwar-jitendra-singh-and-sachin-pilot-got-the-responsibility/article-10356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/congress6.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी 2024 के आम चुनाव से पहले पूरे संगठन को सक्रिय करने की कवायत के लिए तीन महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया है। पार्टी के उदयपुर नव संकल्प शिविर में लिये गये निर्णयों के तहत 'टास्क फाक 2024' राजनीतिक समिति और 'भारत जोड़ो यात्रा' के समन्वयन समिति का गठन किया है जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को रखा गया है।कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इन सभी समितियों के गठन को मंजूरी दी है। <br /><br />उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी राजनीतिक मामलों की समिति की अध्यक्ष होंगी। समिति में  राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खडग़े, गुलामनबी आजाद,  अम्बिका सोनी, दिग्विजय सिंह, आनंद शर्मा, केसी वेणुगोपाल और जितेंद्र सिंह शामिल हैं।<br /><br />पार्टी ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आठ सदस्यीय 'टास्क फोर्स 2024' का गठन किया है। इस टास्क् फोर्स में पी चिदम्बरम, मुकुल वासनिक, जयराम रमेश, के सी वेणुगोपाल, अजय माकन, प्रियंका गांधी वाड्रा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और सुनील कानुगोलु साहित आठ सदस्य शामिल हैं। टास्क फोर्स के सदस्यों में से हर एक को बाद में संगठन, संचार एवं मीडिया, लोगों तक पहुंच, वित्तीय एवं चुनाव प्रबंधन जैसे दायित्व सौंपे जाएंगे और फिर इन सभी विषयों की अलग अलग विशेष समितियां बनेंगी। समितियों में बाकी सदस्य किसको बनाना है इस बारे में बाद में अलग से घोषणा की जाएगी।<br /><br />उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स का दायित्व संगठन को मजबूत बनाने के लिए विशेष कदम उठाना है और उदयपुर नव संकल्प ऐलानों के तहत उसे क्रियान्वित करना है। इसके अलावा यह समिति ङ्क्षचतिन शिविर के लिए गठित छह समितियों की रिपोर्टों को आधार पार्टी को मजबूत बनाने के लिए भी काम करेगी। <br /><br />उदयपुर सकंल्प के तहत देश के आम आदमी से जुडऩे के लिए पार्टी इस साल दो अक्टूबर से कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक 'भारत जोड़ो यात्रा' शुरु करेगी। इस यात्रा के समन्वयन के लिए पार्टी ने एक केंद्रीय समिति का गठन किया है। जिसमें वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, सचिन पायलट, डॉ शशि थरूर, रवनीत सिंह  बिट्टू, के जे ज्योर्ज, सुरी ज्योति मणि, प्रद्युत बोरडोलोई, जितू पटवारी  तथा सलीम अहमद शामिल हैं।<br /><br />उदयपुर चिंतन शिविर के करीब एक सप्ताह के भीतर इन समितियों के गठन से साफ  हो गया है कि पार्टी चिंतन शिविर में लिये गये फैसलों के क्रियान्वन को  लेकर तत्परता के साथ सभी जरूरी कदम उठाने को तैयार है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने ङ्क्षचतन शिविर से पहले यूनीवाता से भी कहा था कि पार्टी पंचमढ़ी और शिमिला शिविरों की गलतियां नहीं दोहराएगी और उदयपुर ङ्क्षचतन शिविर के संकल्पों को पूरी तरह जमीन पर उतारेगी। आम चुनाव 2024 से पहले पार्टी को गुजरात, हिमालचल प्रदेश और राजस्थान में विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से सीधे टक्कर लेनी है। राजस्थान में उसके समक्ष चुनौती अपनी सरकार को दोबारा सत्ता में लाने की होगी जबकि गुजरात और हिमाचल में सत्ता हासिल करने की होगी। ये तीनों राज्य कांग्रेस की इस कवायद की प्रारंभिक परीक्षा भी हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/-congress-formed-three-committees-under-udaipur-resolution--2-leaders-from-rajasthan-included--bhanwar-jitendra-singh-and-sachin-pilot-got-the-responsibility/article-10356</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/-congress-formed-three-committees-under-udaipur-resolution--2-leaders-from-rajasthan-included--bhanwar-jitendra-singh-and-sachin-pilot-got-the-responsibility/article-10356</guid>
                <pubDate>Tue, 24 May 2022 18:36:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/congress6.jpg"                         length="42493"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गहलोत सरकार ने मंत्रियों की छह कमेटियों को किया रिवाइज,  शिक्षक भर्ती, संविदा कर्मियों, अधिवक्ताओं की समस्याओं से जुड़े मामलों पर सरकार को देंगी सुझाव</title>
                                    <description><![CDATA[तृतीय श्रेणी शिक्षक व नर्स भर्ती संबंधी समिति का पुनर्गठन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--gehlot-government-has-revised-six-committees-of-ministers--will-give-suggestions-to-the-government-on-matters-related-to-teacher-recruitment--problems-of-contract-workers--advocatesa/article-9700"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/secretariat.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विभिन्न मामलों को  लेकर मंत्रियों की छह कमेटियों को रिवाइज कर दिया है। यह कमेटियां तृतीय तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती, अधिवक्ताओं की समस्याओं और संविदा कर्मियों से जुड़े मसले पर विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करते हुए सरकार को अपनी रिपोर्ट देंगी। <br /><br /><strong>कौनसी कमेटी में कौन शामिल:-</strong><br />- विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों की समस्या निवारण के लिए बनी समिति का पुनर्गठन किया है, जिसमें मंत्री बुलाकी दास कल्ला समिति के संयोजक तथा मंत्री महेश जोशी, रामलाल जाट ममता भूपेश, अशोक चांदना समिति के सदस्य होंगे। इसका प्रशासनिक विभाग कार्मिक विभाग होगा और इसके सदस्य सचिव कार्मिक प्रमुख सचिव होंगे।</p>
<p><br />-- तृतीय श्रेणी शिक्षक व नर्स भर्ती संबंधी समिति का पुनर्गठन कर मंत्री बुलाकी दास कल्ला को समिति अध्यक्ष बनया, परसादी लाल मीणा, गोविंद राम मेघवाल ,जाहिदा खान और  सुभाष गर्ग इस समिति के सदस्य होंगे जबकि प्रशासनिक विभाग  कार्मिक विभाग  होगा। इसके सदस्य सचिव कार्मिक विभाग प्रमुख सचिव होंगे।</p>
<p><br />--  राज्य की सारी नजूल संपत्तियों के शीघ्र निस्तारण के लिए गठित समिति का पुनर्गठन किया है, जिसमें शांति धारीवाल कमेटी के संयोजक  होंगे। परसादी लाल मीणा, रामलाल जाट, भजन लाल जाटव,मुरारी लाल मीणा समिति के सदस्य होंगे, जबकि प्रशासनिक विभाग संपदा विभाग  होगा और सदस्य सचिव संपदा सचिव होंगे।</p>
<p><br />-- अधिवक्ताओं के समय समय पर उठाए मुद्दों का परीक्षण के लिए गठित कैबिनेट उपसमिति का पुनर्गठन किया है। इसमें मंत्री शांति धारीवाल कमेटी के संयोजक, मंत्री लालचंद कटारिया, महेश जोशी रामलाल जाट,प्रताप सिंह खाचरियावास, डॉ सुभाष गर्ग कमेटी के सदस्य होंगे। यह समिति जल्द ही रिपोर्ट सीएम को प्रस्तुत करेगी । विधि विभाग इसका प्रशासनिक विभाग होगा। विधि प्रमुख सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे।</p>
<p><br />--गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के मध्य सहमति के बिंदुओं की समीक्षा के लिए गठित कैबिनेट समिति का पुनर्गठन किया गया। इसमें मंत्री बुलाकी दास कल्ला संयोजक होंगे, जबकि मंत्री रामलाल जाट,विश्वेंद्र सिंह, शकुंतला रावत,राजेंद्र गुढ़ा, अशोक चांदना होंगे समिति के सदस्य होंगे। सामाजिक न्याय होगा समिति का प्रशासनिक विभाग और सामाजिक न्याय सचिव समिति के सदस्य सचिव होंगे।</p>
<p><br />-- यूडीएच,LSG और उद्योग विभाग के लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए गठित समिति का पुनर्गठन होगा। मंत्रिमंडलीय एंपावर्ड समिति का पुनर्गठन किया। इसमें मंत्री शांति धारीवाल  समिति के संयोजक होंगे। इसमें मंत्री परसादी लाल मीणा, मंत्री रामलाल जाट, ममता भूपेश,भजन लाल जाटव शकुंतला रावत, अर्जुन सिंह बामनिया और राजेंद्र सिंह यादव समिति के सदस्य होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--gehlot-government-has-revised-six-committees-of-ministers--will-give-suggestions-to-the-government-on-matters-related-to-teacher-recruitment--problems-of-contract-workers--advocatesa/article-9700</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--gehlot-government-has-revised-six-committees-of-ministers--will-give-suggestions-to-the-government-on-matters-related-to-teacher-recruitment--problems-of-contract-workers--advocatesa/article-9700</guid>
                <pubDate>Fri, 13 May 2022 16:37:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/secretariat.jpg"                         length="48209"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नव संकल्प शिविर के लिए बनाई गई कमेटियों में 54 सदस्य</title>
                                    <description><![CDATA[ कांग्रेस के नव संकल्प शिविर के लिए बनाई गई 6 कमेटियों में कुल 54 सदस्य है, जिसमें राजस्थान से एकमात्र सचिन पायलट शामिल हैं। कमेटियों में खेती-किसानी प्रस्ताव में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को इस कमेटी का कन्वीनर बनाया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/54-members-in-committees-formed-for-camp/article-9679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/congress3.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। कांग्रेस के नव संकल्प शिविर के लिए बनाई गई 6 कमेटियों में कुल 54 सदस्य है, जिसमें राजस्थान से एकमात्र सचिन पायलट शामिल हैं। कमेटियों में खेती-किसानी प्रस्ताव में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को इस कमेटी का कन्वीनर बनाया गया है। इस कमेटी में टी एस सिंह देव, शक्ति सिंह गोहिल, नाना पटोले, प्रताप सिंह बाजवा, अरुण यादव,अखिलेश प्रसाद सिंह, गीता कोरा और अजय कुमार लल्लू शामिल हैं। राजनीतिक प्रस्ताव में मल्लिकार्जुन खरगे की चेयरमैनशिप में बनाई गई कमेटी में गुलाम नबी आजाद, अशोक चौहान, उत्तम कुमार रेड्डी, शशि थरूर, शंकर, पवन खेड़ा और रागिनी नायक शामिल है। आर्थिक प्रस्ताव प्रस्ताव में पी चिदंबरम को इस कमेटी का कन्वीनर बनाया गया है। इसमें सिद्धारमैया, आनंद शर्मा, सचिन पायलट, मनीष तिवारी, राजीव अरोड़ा, परिणीति शिंदे, गौरव वल्लभ और सुप्रिया श्रीनाते शामिल है। सोशल एंपावरमेंट प्रस्ताव के तहत सलमान खुर्शीद के नेतृत्व में बनाई गई कमेटी में मीरा कुमार, दिग्विजय सिंह, कुमारी शैलजा, सुखजिंदर सिंह,नाम टूकि, नारायण भाई, एन्टोनी एके राजू शामिल है। संगठनात्मक प्रस्ताव कमेटी में मुकुल वासनिक को कनविनर बनाया गया है, जिसमें अजय माकन, तारिक अनवर, रमेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला, अधीर रंजन चौधरी, नेता डिसूजा और मीनाक्षी नटराजन शामिल है। यूथ एंड एंपावरमेंट प्रस्ताव के तहत अमरिंदर सिंह राजा को कमेटी का कन्वीनर बनाया गया है। जिसमें श्रीनिवास बीवी, नीरज कुंदन, कृष्णा गौरा, कृष्णा अल्लावरु, अलका लाम्बा, रोजी ऐमजॉन,अभिषेक दत्त, करिश्मा ठाकुर और संगीता दत्ता शामिल है।</p>
<p><strong>6 कमेटियां इन प्रस्तावों पर करेगी चर्चा</strong><br />शिविर में आने वाले राजनीतिक प्रस्ताव में राजनीतिक और सामाजिक धु्रवीकरण, सेंटर स्टेट रिलेशन, जम्मू कश्मीर डीलिमिटेशन का मुद्दा है। इसके साथ ही नॉर्थ ईस्ट की पहचान बदलने की कोशिश पर चर्चा होगी। आर्थिक एजेंडा पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की तरफ  से रखा जाएगा। जिसमे पब्लिक सेक्टर का निजीकरण, महंगाई, नोटबंदी के बाद इकोनॉमी का गिरावट, जीएसटी, कोविड मिस मैनेजमेंट, राज्यों के जीएसटी बकाया, पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों का जिक्र होगा।<br />सामाजिक और न्याय एजेंडा में सलमान खुर्शीद इस बार सामाजिक न्याय का एजेंडा पेश करेंगे। जिसमे खासतौर से अनुसूचित जाति, महिला, ट्राइबल कानून के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया जाएगा। साथ ही पिछड़े वर्गों को संगठन में उनके प्रतिनिधित्व पर चर्चा होगी। युवा एंपावरमेंट एजेंडा में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व युवा कांग्रेस के अध्यक्ष राजा बरार ने युवाओं को लेकर इस बार कई नए प्रयोग करने की बात कही है। इस बार शिविर में 50 प्रतिशत लोग 50 साल से कम आयु के होंगे। युवा एजेंडा में शिक्षा और रोजगार को सबसे ज्यादा तवज्जो दिया गया है। न्यू एजुकेशन पॉलिसी और इतिहास को दुाारा से लिखने को मोदी सरकार की कोशिश को एजेंडा में रखा गया है। किसान और खेत मजदूर का ग्रुप में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा इस ग्रुप के कन्वेनर है। वो लगातार किसान संगठन के लोगों से फीडौक लेकर एजेंडा तैयार कर रहे है। इस एजेंडे में खेती किसानी से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। इस बार एमएसपी का मुद्दा, कर्ज माफी का मुद्दा सबसे अहम रहेगा। संगठनात्मक एजेंडा कांग्रेस पार्टी के लिहाज से सासे महत्वपूर्ण एजेंडा होगा। जिसमे भविष्य की दिशा और दशा को लेकर मंथन होगा। इसका एजेंडा मुकुल वासनिक की टीम ने तैयार किया है। संगठन में सुधार, राज्य और जिला स्तर पर बदलाव। इसके साथ ही संगठन के एजेंडे में दिग्विजय सिंह और प्रियंका गांधी के एजिटेशन ग्रुप द्वारा दिए गए सुझावों को भी शामिल किया गया है। इस ग्रुप ने अगले दो साल के लिए रोड मैप तैयार किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/54-members-in-committees-formed-for-camp/article-9679</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/54-members-in-committees-formed-for-camp/article-9679</guid>
                <pubDate>Fri, 13 May 2022 13:28:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/congress3.jpg"                         length="168703"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निगम हैरिटेज के निर्दलीय पार्षद बैठे धरने पर, कमेटियों के गठन की मांग को लेकर बढ़ाया सियासी पारा</title>
                                    <description><![CDATA[यदि जल्द कमेटियों का गठन नहीं किया गया तो समर्थन वापस लिया जाएगा और बोर्ड अल्पमत में आ जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61dfd74856357/article-3974"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/14.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नगर निगम जयपुर हेरिटेज में कमेटियों का गठन नहीं करने पर 8 निर्दलीय पार्षद हेरिटेज मुख्यालय धरने पर बैठ गए हैं। निर्दलीय पार्षद मोहम्मद जकरिया ने कहा कि निगम हेरिटेज के बोर्ड को बने हुए 1 साल से अधिक समय हो गया लेकिन अभी तक कमेटियों का गठन नहीं किया गया है जबकि निगम के बोर्ड के गठन में निर्दलीय पार्षदों की बड़ी भूमिका है। कांग्रेस जब अल्पमत में थी, तो उन्होंने निर्दलीयों का सहारा लिया और भरोसा दिलाया कि उनको कमेटियों का चेयरमैन बना दिया जाएगा। इस संबंध में विधायक अमीन कागजी और महेश जोशी इसकी मांग कर चुके हैं। लेकिन कमेटियों का गठन नहीं किया जा रहा है। यदि जल्द कमेटियों का गठन नहीं किया गया तो समर्थन वापस लिया जाएगा और बोर्ड अल्पमत में आ जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61dfd74856357/article-3974</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61dfd74856357/article-3974</guid>
                <pubDate>Thu, 13 Jan 2022 14:30:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-01/14.jpg"                         length="213249"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        