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                <title>Kyrgyzstan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>आतंकवाद के पूरे तंत्र को करना है ध्वस्त! SCO में बोले PM Modi- आतंकवाद पर दोहरे मापदंड की कोई जगह नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के दृष्टिकोण को सुरक्षा, संपर्क और अवसर के तीन स्तंभों पर आधारित बताया। उन्होंने आतंकवाद के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने, दोहरे मापदंड समाप्त करने और युद्ध के स्थान पर संवाद व कूटनीति अपनाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-entire-system-of-terrorism-has-to-be-demolished-pm/article-164365"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भारत की सोच को सुरक्षा, संपर्क और अवसर के तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित बताया और कहा कि इसके लिए आतंकवाद के समूचे तंत्र को ध्वस्त करना जरूरी है। मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में सोमवार को एससीओ शिखर सम्मेलन में विस्तार से भारत का दृष्टिकोण रखा। उन्होंने एससीओ के अगले 25 वर्षों के लिए भारत की सोच के तीन स्तंभ सुरक्षा, संपर्क और अवसर को आगे बढ़ाकर ठोस परिणामों में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसकी पहली आवश्यकता शांति और सुरक्षा है तथा आतंकवाद के वित्तपोषण, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित पनाहगाहों के पूरे तंत्र को ध्वस्त करना होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा, "इसकी पहली आवश्यकता है – शांति और सुरक्षा। आतंकवाद आज भी पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। इसके विरुद्ध लड़ाई में हम एक्शन-रिएक्शन की सोच तक सीमित नहीं रह सकते। हमें आतंकवाद के वित्त पोषण, भर्ती , कट्टरपंथ,और सुरक्षित ठिकानों के पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करना होगा। हमें एक स्वर में बोलना होगा कि इस गंभीर विषय पर दोहरे मापदंड के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता।"</p>
<p>उन्होंंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति की मौजूदगी में जोर देकर कहा कि आतंकवाद पर दोहरे मापदंड की कोई जगह नहीं हो सकती और जो देश आतंकवाद को अपनी नीति का साधन बनाते हैं तथा आतंकियों को पनाह और समर्थन देते हैं, उन्हें स्पष्ट संदेश देना होगा कि आतंकवाद किसी के लिए रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता। मोदी ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में एससीओ ने यूरेशिया के विशाल भूभाग में संवाद और सहयोग की मजबूत परंपरा विकसित की है। अब अगले 25 वर्षों में सहयोग को स्पष्ट परिणामों में बदलना लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है और साझा भूगोल को साझा अवसरों में बदलकर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल कार्रवाई और प्रतिक्रिया की सोच तक सीमित नहीं रह सकती। शांत और सुरक्षित यूरेशिया की साझा आकांक्षा अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता से भी जुड़ी है। भारत अफगानिस्तान के लोगों के विकास और मानवीय सहायता में योगदान देता रहा है और आगे भी देता रहेगा। उन्होंने कहा कि आज की परस्पर जुड़ी दुनिया में किसी एक क्षेत्र का संघर्ष वहीं तक सीमित नहीं रहता। पश्चिम एशिया के संकट का प्रभाव पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ता है और इसका सबसे अधिक खामियाजा वैश्विक दक्षिण के देशों को भुगतना पड़ता है। इसलिए सभी तनावों और युद्धों का समाधान युद्धक्षेत्र पर नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति से ही संभव है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने मादक पदार्थों की तस्करी को केवल अपराध नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि एससीओ के तहत सुरक्षा खतरों, संगठित अपराध, सूचना सुरक्षा और मादक पदार्थों जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए स्थापित किए जा रहे केंद्रों को व्यावहारिक समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई का प्रभावी माध्यम बनाया जाना चाहिए। संपर्क को साझा विकास का दूसरा आधार बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत उन सभी प्रयासों का समर्थन करता है जो बाजारों को जोड़ते हैं, व्यापार को सुगम बनाते हैं और विकास के नए रास्ते खोलते हैं। हालांकि, इन प्रयासों में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान आवश्यक है, जो एससीओ के घोषणापत्र की मूल भावना भी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सड़कों, रेलवे और हवाई गलियारों के साथ सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल बनाना, डिजिटल दस्तावेजीकरण को बढ़ावा देना और रसद नेटवर्क को अधिक दक्ष बनाना होगा।</p>
<p>अवसर को तीसरा स्तंभ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एससीओ के सहयोग का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचना चाहिए। भारत के लिए एससीओ महान सभ्यताओं, संस्कृतियों और विचारों का संगम है और अगले 25 वर्षों में लोगों के बीच संबंधों को सहयोग के केंद्र में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सफलता की वास्तविक कसौटी यह होगी कि युवाओं को कितने नए अवसर मिले, उद्यमियों के लिए कितने नए बाजार खुले, किसानों को प्रौद्योगिकी का कितना लाभ मिला और नागरिकों का जीवन कितना बेहतर हुआ।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि एससीओ में सहयोग केवल सरकार के नेतृत्व वाला नहीं, बल्कि लोगों के नेतृत्व वाला होना चाहिए। किर्गिस्तान की अध्यक्षता में एससीओ में युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने एससीओ में स्टार्ट-अप मंच, युवा लेखक सम्मेलन और युवा वैज्ञानिक मंच जैसी पहल की हैं। पिछले वर्ष भारत ने एससीओ सभ्यतागत संवाद मंच का प्रस्ताव रखा था और इसका पहला सत्र इस वर्ष भारत में आयोजित होगा।</p>
<p>मोदी ने कहा कि एससीओ की विविधता उसकी पहचान और साझा उद्देश्य उसकी शक्ति है। बिश्केक से साझा भूगोल से साझा अवसरों की ओर, दृष्टि से परिणामों की ओर और सरकार के नेतृत्व वाले सहयोग से लोगों के नेतृत्व वाली साझेदारी की ओर बढ़ने का संकल्प लेना चाहिए। भारत इसी विश्वास और प्रतिबद्धता के साथ एससीओ परिवार की साझा यात्रा में अपना योगदान देने के लिए तैयार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 14:24:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>किर्गिस्तान में पढ़ रहे राजस्थानी विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार- मुख्यमंत्री </title>
                                    <description><![CDATA[दूतावास ने आग्रह किया गया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-state-government-is-committed-to-the-safety-of-rajasthani/article-79073"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/bhajanlal-sharma-cm-rajasthan.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किर्गिस्तान में चल रहे घटनाक्रम पर राज्य सरकार लगातार निगरानी रख रही है तथा वहां पढ़ रहे राजस्थानी विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।<br /> <br />विदेश मंत्रालय द्वारा भी इस मामले में गाइड लाइन जारी की गई है। मंत्रालय ने बताया कि बिश्केक में विदेशी छात्रों के खिलाफ हिंसा की हालिया घटनाओं पर दूतावास चिंतित है। पिछले कुछ दिनों के दौरान बिश्केक में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। परिवहन या लोगों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हालाँकि, एहतियात के तौर पर कक्षाएं ऑनलाइन मोड में आयोजित की जा रही हैं।</p>
<p>दूतावास, विश्वविद्यालयों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है। छात्रों की मदद के लिए दो हेल्पलाइन 0555710041 और 0555005538 247 जारी किए गए हैं। दूतावास ने आग्रह किया गया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि हर साल बड़ी संख्या में भारतीय छात्र किर्गिज़ गणराज्य के मेडिकल और अन्य विश्वविद्यालयों में दाखिला लेते हैं। इस समय, लगभग 17 हजार भारतीय छात्र किर्गिज़ गणराज्य के कई शहरों में फैले हुए हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश बिश्केक में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 May 2024 20:08:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>भीषण ठंड की वजह से किर्गिस्तान के स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[किर्गिस्तान की हाइड्रोमेटोरोलॉजी एजेंसी के मुताबिक देश के कुछ इलाकों में इन दिनों हवा का तापमान शून्य से 35 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिरने की आशंका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/kyrgyzstan-schools-start-online-studies-due-to-severe-cold/article-64167"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/kyrgyzstan.png" alt=""></a><br /><p>बिश्केक। किर्गिस्तान में भीषण ठंड के बाद सभी स्कूलों ने बुधवार से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी है। देश के शिक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार तक ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी।</p>
<p>किर्गिस्तान की हाइड्रोमेटोरोलॉजी एजेंसी के मुताबिक देश के कुछ इलाकों में इन दिनों हवा का तापमान शून्य से 35 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिरने की आशंका है। आपातकालीन स्थिति मंत्रालय ने बताया कि किर्गिस्तान के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण हिमस्खलन की आशंका है। इसके अलावा, सड़कों पर बर्फ का बहाव, बर्फबारी और बर्फीली स्थिति पैदा हो सकती है। देश के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि वर्षा के कारण कुछ पहाड़ी सड़कें और दर्रे बंद हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Dec 2023 18:19:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किर्गिस्तान में इन्फ्लुएंजा ए- एच3एन2 के मामले आए सामने</title>
                                    <description><![CDATA[किर्गिस्तान में पिछले सप्ताह में 5,737 तीव्र श्वसन वायरल संक्रमण और फ्लू के मामले दर्ज किए गए थे। बीमारों में 67.2 प्रतिशत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हैं, इस तरह कुल 3,858 मामले हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/cases-of-influenza-a-h3n2-reported-in-kyrgyzstan/article-63570"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/gan-(6)1.png" alt=""></a><br /><p>बिश्केक ((एजेंसी)/शिन्हुआ)। मध्य एशियाई देश किर्गिस्तान के दक्षिण में ओश शहर में इन्फ्लूएंजा ए एच3एन2 के मामले सामने आये है। यहां स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकरी दी।</p>
<p>मंत्रालय के रोग निवारण और राज्य स्वच्छता और महामारी विज्ञान पर्यवेक्षण विभाग ने कहा कि प्रयोगशाला परीक्षण के नतीजों से पता चला है कि शहर में कई मरीज इन्फ्लूएंजा ए एच3एन2 पॉजिटिव है। मंत्रालय ने कहा कि यह बीमारी मौसमी है और देश में हर साल दर्ज की जाती है।</p>
<p>प्रयोगशाला के परिणामों से देश में तीव्र श्वसन वायरल संक्रमण का पता चला है, जिसमें पैरेन्फ्लुएंजा, बोकावायरस, रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस, मौसमी कोरोनावायरस, एडेनोवायरस और मेटान्यूमोवायरस शामिल हैं। लेकिन बिश्केक में महामारी की स्थिति स्थिर है।</p>
<p>किर्गिस्तान में पिछले सप्ताह में 5,737 तीव्र श्वसन वायरल संक्रमण और फ्लू के मामले दर्ज किए गए थे। बीमारों में 67.2 प्रतिशत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हैं, इस तरह कुल 3,858 मामले हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Dec 2023 20:42:30 +0530</pubDate>
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