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                <title>state highway-70 - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>state highway-70 RSS Feed</description>
                
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                <title>स्टेट हाइवे-70 पर जल्द भरी जाएंगी दरारें, सड़क की दोनों किनारों पर बिछेगी ग्रेवल</title>
                                    <description><![CDATA[ कोटा से गुजर रहे स्टेट हाइवे-70 पर हो रही दरारें अब जल्द ही भरी जाएंगी, साथ ही सड़क के दोनों किनारों पर ग्रेवल बिछाकर रोड के लेवल पर लाया जाएगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cracks-on-state-highway-70-will-be-filled-soon/article-107200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(1)45.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा से गुजर रहे स्टेट हाइवे-70 पर हो रही दरारें अब जल्द ही भरी जाएंगी। साथ ही सड़क के दोनों किनारों पर ग्रेवल बिछाकर रोड के लेवल पर लाया जाएगा। दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद टोल प्रशासन द्वारा शीघ्र ही सुधार कार्य करवाए जाने की बात कही गई है। टोल मैनेजर संदीप भदौरिया का कहना है, यात्रियों की सुविधा के लिए टोल एजेंसी नियमित कार्य कर रही है।</p>
<p>हाल ही में सीसी सड़क के खराब हुए पैनल बदले गए हैं। वहीं, सफेद लाइनिंग व ज्रेबा क्रोसिंग की मार्किंग की गई है, ताकि रात को हाइवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को अपनी लेन का पता रहे। इसके अलावा घुमाव पर संकेतक बोर्ड भी लगवा दिए गए हैं। पिछले कुछ महीनों से मेंटिनेंस कार्य लगातार जारी है। हालांकि, कुछ काम अधूरे हैं, जिन्हें जल्द से जल्द पूरा करवाया जाना प्राथमिकता है।  बता दें, स्टेट हाइवे-70 पर दीगोद से सुल्तानपुर तक करीब 12 किमी सीसी सड़क पर 3 इंच चौड़ी और डेढ़ इंच गहरी दरारें हो रही है। जिनमें वाहनों के टायर फंसने से हादसे का खतरा बना रहता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Mar 2025 17:00:37 +0530</pubDate>
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                <title>स्टेट हाइवे-70 पर मौत की दरारें, फंसकर गिरे तो जान बचना मुश्किल </title>
                                    <description><![CDATA[सड़क के दोनों किनारे जमीन से ऊंचे, वाहन हो रहे अनियंत्रित ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cracks-of-death-on-state-highway-70/article-107199"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/state-highway--70-par-maut-ki-darare...kota-news-11.03.2025.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा से गुजर रहे स्टेट हाइवे-70 पर जगह-जगह मौत घात लगाए बैठी है। टोल टैक्स चुकाने के बावजूद वाहन चालकों की जान खतरे में रहती है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की शह पर टोल संग्रह कम्पनी चेतक जैनको जमकर मनमानी कर रही है। वाहन चालकों से प्रतिदिन लाखों का टैक्स वसूला जा रहा फिर भी सड़कों की मरम्मत नहीं करवाई जा रही।  दरअसल, स्टेट हाइवे-70 पर दीगोद से सुल्तानपुर तक करीब 12 किमी सीसी सड़क पर 3 इंच चौड़ी और डेढ़ इंच गहरी दरारें हो रही है। जिनमें वाहनों के टायर फंसने से हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों व यात्रियों की शिकायत के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। जबकि, हाइवे मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है, इसके बावजूद टोल एजेंसी पर कार्रवाई करने के बजाए आंखें मूंदे पड़े हैं। </p>
<p><strong>दरारों में फंसकर गिरे तो जान बचना मुश्किल </strong><br />स्टेट हाइवे-70 पर जोखिमभरा सफर दीगोद से ही शुरू  हो जाता है, जो सुल्तानपुर तक जारी रहता है। करीब, 12 किमी सीसी सड़क पर जगह-जगह गहरी दरारें हो रही है, जिसमें टायर फंसने से बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।  स्थानीय निवासियों का कहना है, हाइवे की चौड़ाई कम है। भारी वाहनों का आवागमन रहता है। ऐसे में गहरी दरारों में टायर फंसने से बाइक असंतुलित हो जाती है और बाइक सवार सड़क पर गिर जाते हैं। इस दरमियान सामने व पीछे से रफ्तार से गुजरते वाहनों के कारण जान बचना मुश्किल हो जाता है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, इसके बावजूद दरारों को भरवाई नहीं गई। </p>
<p><strong>रिटायरमेंट के बाद अधीक्षण अभियंता के बदले सुर</strong><br />स्टेट हाइवे-70 की बदहाली को लेकर दैनिक नवज्योति ने लगातार खबरें प्रकाशित की थी। इस पर गत वर्ष नवम्बर माह में पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता आरके सोनी से दरारों को लेकर बात की थी, इस पर उन्होंने सड़क की दरारें भरने के लिए बाहर से स्पेशल टीम आने की बात कहीं थी। इसके बाद दिसम्बर में वह रिटायर हो गए। लेकिन अब तक न तो स्पेशल टीम आई और न ही दरारें भर सकी। इस पर उनसे बात की तो अब स्पेशल टीम के बारे में कोई जानकारी नहीं होने की बात कहीं  जा रही है। </p>
<p><strong>बाइक सवार महिला की हो चुकी मौत</strong><br />स्टेट हाइवे 1-ए पर गत वर्ष 9 फरवरी को सड़क पर हो रही दरारों में टायर फंसने से बाइक अंसतुलित हो गई थी। जिससे बाइक सवार महिला गायत्री की सिर के बल सड़क पर गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, पिता महावीर प्रजापति व 4 माह का पुत्र चोटिल हो गए। गेंता से इटावा के बीच सड़क के दो हिस्सों के बीच इसी तरह की गहरी दरारे हो रही हैं। </p>
<p><strong>पीडब्ल्यूडी की शह पर </strong><br />पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का सुल्तानपुर से कोटा प्रतिदिन गुजरना होता है। इस बीच दीगोद तक 12 किमी सीसी सड़क की जानलेवा दरारें नजर आती है। इसके बावजूद टोल एजेंसी पर कार्रवाई करने के बजाए वाहन चालकों से खुली लूट की छूट दी जा रही है। अधिकारियों की घोर लापरवाही से वाहन चालकों की जान संकट में रहती है।  </p>
<p><strong>जनसुविधाओं पर ताले, घुमाव पर संकेतक नहीं </strong><br />मारवाड़ा चौकी टोल प्लाजा पर टॉयलेट व शौचालय बने हुए हैं, जिस पर अक्सर ताले लटके रहते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, मारवाड़ा चौकी स्थित अंडरपास का घुमाव खतरनाक है। यहां न तो संकेतक बोर्ड लगाए गए, न ही सड़क पर सफेद लाइनिंग की गई। जबकि, एक ही लेन पर दोनों तरफ के वाहन गुजरते हैं।  वहीं, अंडरपास से गुजरने के दौरान सामने स्थित खाई में वाहन गिरने का डर बना रहता है। क्योंकि, सड़क की मुंडेर पर कोई सुरक्षा दीवार नहीं है। </p>
<p><strong>एक्सपर्ट - व्यू</strong><br />टोल एजेंसी को रेगुलर रोड का मेंटिनेंस करवाना चाहिए। जब एजेंसी टोल वसूल रही है तो मरम्मत करवाना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। इसके बावजूद मेंटिनेंस नहीं करवाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने का पीडब्ल्यूडी को अधिकार है। पीडब्ल्यूडी टोल एजेंसी पर जुर्माना लगा सकता है और उससे वसूली राशि से खुद मेंटिनेंस करवा सकते हैं। इस तरह की अव्यवस्था वाहन चालकों के लिए घातक है।<br /><strong>- धीरेंद्र माथूर, पूर्व चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सीसी सड़क के पैनल खराब हो रहे थे, जिसे बदलने के टोल एजेंसी को निर्देश दिए थे। उस समय टोल एजेंसी प्रतिनिधि ने कहा था कि उनकी कोई स्पेशल टीम आ रही है, जो सड़क की इन दरारों को भरेगी। इसके बाद मैं रिटायर्ड हो गया। इसके बाद क्या हुआ  क्या नहीं, जानकारी नहीं है।<br /><strong>- आरके सोनी, तत्कालीन एसई पीडब्ल्यूडी</strong></p>
<p>मैं पिछले महीने की 24 तारीख को साइट पर गया था, तब भी बोल कर आया था। नोटिस देकर इनके खिलाफ कार्रवाई कर समस्याओं का समाधान करवाएंगे। <br /><strong>- जेपी गुप्ता, वर्तमान एसई पीडब्ल्यूडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Mar 2025 16:02:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - जागी पीडब्ल्यूडी, भरवाई स्टेट हाइवे-70 की जानलेवा दरारें</title>
                                    <description><![CDATA[खबर प्रकाशित होने के बाद अधीक्षण अभियंता ने टोल प्रतिनिधि को फटकार लगाते हुए तुरंत गिट्टी सीमेंट करवाकर दरारें भरवाने के सख्त निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---pwd-wakes-up--filled-deadly-cracks-on-state-highway-70/article-64145"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/11112.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा से गुजर रहे स्टेट हाइवे-70 पर हो रहे जानलेवा दरारों की खबर दैनिक नवज्योति में प्रकाशित होने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग हरकत में आ गया। अधीक्षण अभियंता आरके सोनी और सुल्तानपुर एक्सईएन सत्यनारायण मीणा ने बुधवार सुबह 12 किमी सड़क का निरीक्षण किया। हाइवे पर मिली खामियों पर नाराजगी जताते हुए टोल संग्रह कम्पनी चेतक जैनको के टोल प्रतिनिधि को फटकार लगाकर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करवाने के निर्देश दिए। इस पर टोल कम्पनी ने सड़क पर हो रही 3 इंच चौड़ी और डेढ़ इंच गहरी दरारें  भरने का काम शुरू करवा दिया। बरसों पुरानी समस्या का समाधान होता देख क्षेत्रवासियों ने नवज्योति का आभार व्यक्त किया। बता दें, दैनिक नवज्योति ने 11 दिसम्बर के अंक में सावधान : स्टेट हाइवे 70 पर घात लगाए बैठी मौत, खतरे में वाहन चालकों की जान! शिर्षक से सामाचार प्रमुखता से प्रकाशित कर ज्वलंत मामला पीडब्ल्यूडी व जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में आया था। कंवरपुरा से सुल्तानपुर तक भरी जा रही दरारें: सुल्तानपुर एक्सईएन सत्यनारायण मीणा ने बताया कि सुबह अधीक्षण अभियंता  के साथ दीगोद से सुल्तानपुर तक सड़क का निरीक्षण किया था। हाइवे पर कई खामियां थी। सीसी सड़क के दोनों पार्ट के बीच गहरी दरारें थी, जिससे वाहन चालकों पर हादसे का खतरा रहता है। अधीक्षण अभियंता ने टोल प्रतिनिधि को फटकार लगाते हुए तुरंत गिट्टी सीमेंट करवाकर दरारें भरवाने के सख्त निर्देश दिए। इसके बाद टोल कम्पनी ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। पहले दिन कंवरपुरा से दरारें भरना शुरू किया गया। यह कार्य सुल्तानपुर तक जारी रहेगा।  </p>
<p><strong>सड़क किनारें भी करवाई जाएगी समतल</strong><br />एक्सईएन मीणा ने बताया कि हाइवे के दोनों किनारों पर ग्रेवल बिछाकर सड़क की ऊंचाई तक समतल किया जाएगा। ताकि, वाहन चालकों को आवागमन के दौरान सुविधा रहे और दुर्घटना का खतरा न रहे। बता दें, हाइवे पर सड़क के दोनों तरफ कच्ची जमीन है, जो सड़क से काफी नीचे है। दरारों के कारण वाहन असंतुलित होने पर या सामने से भारी वाहनों के आने के दौरान साइड देने पर वाहन सड़क से नीचे उतर जाते हैं। जिन्हें वापस सड़क पर चढ़ाने के दौरान वाहन अनियंत्रित होकर खेतों में या खाई में गिरने से दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। </p>
<p><strong>12 किमी तक हो रही 3 इंच चौड़ी दरारें</strong><br />स्टेट हाइवे-70 पर जोखिमभरा सफर दीगोद से ही शुरू हो जाता है, जो सुल्तानपुर तक जारी रहता है। 12 किमी की इस सीसी सड़क पर जगह-जगह गहरी दरारें व गड्ढ़े हो रहे हैं। जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। सड़क के दोनों हिस्सों के बीच करीब 3 इंच चौड़ी और डेढ़ इंच गहरी दरारें हैं। जिनमें टायर फंसने से वाहनों का बैलेंस बिगड़ रहा है। कई बार वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है, आए दिन इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का गुजरना होता है। इसके बावजूद उन्हें सड़कों की दुर्दशा दिखाई नहीं देती। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Dec 2023 14:16:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>सावधान : स्टेट हाइवे 70 पर घात लगाए बैठी मौत, खतरे में वाहन चालकों की जान !</title>
                                    <description><![CDATA[स्टेट हाइवे-70 पर जोखिमभरा सफर दीगोद से ही शुरू हो जाता है, जो सुल्तानपुर तक जारी रहता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/caution--death-lurks-on-state-highway-70--drivers--lives-in-danger/article-63921"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/savdhan--state-highway-70-pr-ghat-lgaye-bethi-maut,-khtre-me-vahan-chalko-ki-jaan...kota-news-11-12-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा से गुजर रहे स्टेट हाइवे-70 पर जगह-जगह मौत घात लगाए बैठी है। टोल टैक्स चुकाने के बावजूद वाहन चालकों की जान खतरे में रहती है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की शह पर टोल संग्रह कम्पनी चेतक जैनको जमकर मनमानी कर रही है। वाहन चालकों से प्रतिदिन लाखों का टैक्स वसूला जा रहा फिर भी सड़कों की मरम्मत नहीं करवाई जा रही। दरअसल, स्टेट हाइवे-70 पर दीगोद से सुल्तानपुर तक करीब 12 किमी की सीसी सड़क पर 3 इंच चौड़ी और डेढ़ इंच गहरी दरारें आ रही हैं। जिनमें वाहनों के टायर फंसने से हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। जबकि, हाइवे मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है, फिर भी अधिकारी आंखें मूंदे पड़े हैं।</p>
<p><strong>सड़क पर 3 इंच चौड़ी व डेढ़ इंच गहरी दरारें</strong><br />स्टेट हाइवे-70 पर जोखिमभरा सफर दीगोद से ही शुरू हो जाता है, जो सुल्तानपुर तक जारी रहता है। 12 किमी की इस सीसी सड़क पर जगह-जगह गहरी दरारें व गड्ढ़े हो रहे हैं। जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। हालात यह है, सड़क के दोनों हिस्सों के बीच करीब 3 इंच चौड़ी और डेढ़ इंच गहरी दरारें हैं। जिनमें टायर फंसने से वाहनों का बैलेंस बिगड़ रहा है। कई बार वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है, आए दिन इस मार्ग से पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का गुजरना होता है। इसके बावजूद उन्हें सड़कों की दुर्दशा दिखाई नहीं देती। </p>
<p><strong>शिकायतों के बावजूद नहीं भरी दरारें</strong><br />दीगोद निवासी छत्रपाल सिंह, गोविंद मेहरा ने बताया कि कस्बे से सुल्तानपुर मार्ग पर दरारें गहरी व चौड़ी हैं। वहीं, कई जगह गडढ़े हो रहे हैं। आवागमन के दौरान सबसे ज्यादा हादसे का खतरा बाइक सवारों के साथ रहता है। पूर्व में इस मार्ग पर कई हादसे हो चुके हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों व टोल मैनेजर से शिकायत की थी। इसके बाद टोल कम्पनी ने दीगोद से कंवरपुरा तक दरारों के बीच आधा-अधूरा डामर भरवाकर खानापूर्ति कर दी, जो कुछ ही दिनों बाद वापस दरारें चौड़ी हो गई। </p>
<p><strong>खतरनाक घुमाव पर  संकेतक नहीं</strong><br />सुल्तानपुर निवासी लोकेश कहार, नेमीचंद गुप्ता, सौरभ का कहना है, कंवरपुरा से सुल्तानपुर मार्ग पर दुर्घटना का खतरा अधिक रहता है। कंवरपुरा बीएड कॉलेज से खतरनाक घूमाव आता है, यहां संकेतक बोर्ड नहीं है। वहीं, नाली निर्माण के दौरान निकला मलबे का ढेर भी सड़क पर फैला होने से चौड़ाई कम हो गई। जबकि, यहां से ट्रकों का आवागमन रहता है। ऐसे में सुल्तानपुर से दीगोद की तरफ आने वाले वाहन चालकों को सामने से आते वाहन दिखाई नहीं देते। जिससे हादसे का खतरा अधिक रहता है।  </p>
<p><strong>सड़क  के  दोनों किनारे भी क्षतिग्रस्त </strong><br />सड़क के दोनों तरफ कच्ची जमीन है, जो सड़क से काफी नीचे है। दरारों के कारण वाहन असंतुलित होने पर या सामने से भारी वाहनों के आने के दौरान साइड देने पर वाहन सड़क से नीचे उतर जाते हैं। जिन्हें वापस सड़क पर चढ़ाने के दौरान वाहन अनियंत्रित होकर खेतों में या खाई में गिरने से दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। जबकि, नियमानुसार सड़क के दोनों ओर खाली जमीन को ग्रेवल बिछाकर सड़क से समतल की जानी चाहिए। ताकि, वाहनों के सड़क से नीचे उतरने पर दुघर्टनाग्रस्त होने से बच सके।</p>
<p><strong>12 किमी की सड़क पर हादसे का खतरा अधिक</strong><br />स्टेट हाइवे-70 का टोल ताथेड़ से शुरू हो जाता है, जो इटावा तक रहता है। मूंडला तक डामर सड़क बनी हुई है।  जबकि, दीगोद से सुल्तानपुर तक सीसी है। दोनों कस्बोें के बीच करीब 12 किमी का फासला है। प्रतिदिन 3 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं, जिनसे टोल कम्पनी लाखों का टैक्स वसूलती है। इसके बावजूद सड़कों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। जबकि, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का यहां से गुजरना होता है फिर भी उन्हें हाइवे की बदहाली दिखाई नहीं देती।</p>
<p><strong>बाइक सवारों को सबसे ज्यादा खतरा</strong><br />सुल्तानपुर से दीगोद तक सीसी सड़क पर तीन इंच चौड़ी दरारों से दुर्घटना का सबसे ज्यादा खतरा बाइक सवारों को होता है। कई बार ओवरटेक के दौरान भारी वाहन सड़क की दूसरी साइड़ पर आ जाते हैं। ऐसे में साइड़ बदलने के दौरान बाइक के पहिए दरारों में फंस जाते हैं। जिससे वाहन अनियंत्रित होने से चालक दुर्घटनाग्रस्त हो जाती हैं। पूर्व में कई वाहन चालक हादसों का शिकार हो चुके हैं। </p>
<p><strong>स्टेट हाइवे 1-ए पर बाइक सवार महिला की हो चुकी मौत</strong><br />स्टेट हाइवे 1-ए पर गत 9 फरवरी को सड़क पर हो रही दरारों में टायर फंसने से बाइक अंसतुलित हो गई थी। जिससे बाइक सवार महिला गायत्री की सिर के बल  गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, पिता महावीर प्रजापति व 4 माह का पुत्र घायल हो गए। गेंता से इटावा के बीच इस सड़क के दो हिस्सों के बीच करीब 4 इंच चौड़ी व 3 इंच गहरी दरार आ रही है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की लापरवाही से हंसता खेलता परिवार उजड़ गया। वर्ष 2018 में पीडब्ल्यूडी ने सड़क का निर्माण करवाया था। इसके बाद से ही सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई।</p>
<p><strong>क्या कहते हैं अधिकारी</strong><br />सड़कों के बीच दरारें हैं। टोल कम्पनी के प्रतिनिधि को दरारें भरने व सड़क किनारे ग्रेवल बिछाकर जगह समतल करवाने के लिए पाबंद करेंगे। पूर्व में ग्रमाीणों की शिकायत मिलने पर हमने डामर करवाकर दरारें भरवाई थी। उचित कार्रवाई के लिए अधीक्षण अभियंता को रिपोर्ट सौंपेंगे। <br /><strong>- कमलराम मीणा, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी, दीगोद</strong></p>
<p>टोल कम्पनी को मेंटीनेंस के लिए हर महीने नोटिस दिए जाते हैं। पूर्व में दीगोद से सुल्तानपुर मार्ग पर हो रही दरारें भरवाई गई थी। कहीं पर सड़कों के ज्वाइंट खुले हैं तो दोबारा फिर से भरवाने के लिए कहेंगे। <br /><strong>- सत्यनारायण मीणा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, सुल्तानपुर</strong></p>
<p>पहले भी दरारें भरवाई गई थी, फिर से भरवा देंगे। सड़कों के दोनों किनारों को ग्रेवल डाल समतल करने, धनवां के आसपास हो रहे गड्ढ़े भरवाने के लिए पत्र लिखा है। एक्सईएन को भी काम करवाने को बोला है। जल्द ही समस्याओं का समाधान होगा। <br /><strong>- आरके सोनी, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूटी कोटा </strong></p>
<p>दीगोद से सुल्तानपुर सड़क पर ज्वाइंट खुले हैं, जिसे हमने पहले भी डामर भरवाकर बंद किए थे। ट्रैफिक रहने के कारण वो हट गया होगा। वैसे, हम जो भी मेंटिनेंस करवाते हैं लोग वैसा रहने नहीं देते। बरहाल, थोड़े दिनों में मेंटिनेंस कार्य करवाए जाएंगे, सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। <br /><strong>- संजीत सिंह भदौरिया, मैनेजर, चेतक जैनको टोल कम्पनी</strong></p>
<p><strong>जनप्रतिनिधि बोले करेंगे कार्रवाई</strong><br />पीडब्ल्यूडी से जुड़ी शिकायतें मिल रही है। अधिकारियों के साथ एक बार मिटिंग कर संबंधित समस्याओं पर चर्चा कर समाधान करवाने के लिए पाबंद करेंगे। इसके बावजूद काम नहीं किया तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करूंगा। कार्य में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।<br /><strong>- चेतन पटेल, विधायक, पीपल्दा</strong></p>
<p>टोल कम्पनी और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की घोर लापरवाही है। टोल पूरा वसूलने के बावजूद सड़कों की मरम्मत नहीं करवाई जा रही। सड़क बनवाने के दौरान कमी छोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाएंगे। पिछले पांच साल में सड़क निर्माण व मेंटिनेंस में जो लापरवाई बरती गई, उसकी जांच करवाएंगे। क्षेत्रवासियों व वाहन चालकों की परेशानी सहन नहीं करेंगे। <br /><strong>- प्रेमचंद गोचर, भाजपा देहात जिलाध्यक्ष </strong></p>
<p><strong>जनता की तकलीफ बर्दाश्त नहीं करेंगे</strong><br />दीगोद से सुल्तानपुर मार्ग पर गहरी दरारें हैं, शिकायत भी मिली हंै। सड़क के दोनों किनारें कटे हुए हैं, हादसे का खतरा रहता है। जनता की तकलीफ बर्दाश्त नहीं करेंगे। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को सख्ती से पाबंद कर दरारें, गड्ढ़े भरवाएंगे, साइडें भी समतल करवाएंगे। क्षेत्रवासियों की परेशानियों को नजरअंदाज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। <br /><strong>- हीरालाल नागर, विधायक, सांगोद </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Dec 2023 18:24:45 +0530</pubDate>
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