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                <title>electric poles - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>करोड़ों का राजस्व फिर भी नहीं मिल रहीं सुविधाएं, बंद विश्राम गृह और खराब सीसीटीवी से किसान परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश होने पर उपज भीगने का खतरा, वाटर कूलर बंद, जगह-जगह लग रहे गंदगी के ढेर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/despite-generating-crores-in-revenue--facilities-are-lacking--farmers-distressed-by-a-closed-rest-house-and-non-functional-cctv-cameras/article-157356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)34.png" alt=""></a><br /><p>इटावा। कोटा जिले की ए-ग्रेड कृषि उपज मंडी इटावा हर वर्ष करीब 10 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित करती है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के 500 से अधिक गांवों के किसान यहां अपनी उपज बेचने आते हैं। लेकिन सुविधाओं के अभाव और अव्यवस्थाओं के चलते किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। नालियां कचरे से अंटी पड़ी हैं, जिससे बदबू फैल रही है। कलेवा योजना स्थल के आसपास भी गंदगी के ढेर लगे होने से किसान भोजन करने में असहज महसूस करते हैं। मंडी में लगे अधिकांश सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब पड़े हैं। किसानों और व्यापारियों का आरोप है कि उपज चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं, लेकिन कैमरे बंद होने से चोरों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।</p>
<p><strong>खुले में नीलामी, बारिश में भीगती है उपज</strong><br />समर्थन मूल्य पर खरीद के कारण नीलामी शेड का उपयोग अन्य कार्यों में होने से किसानों की उपज की नीलामी खुले में करनी पड़ती है। इससे गर्मी और बारिश दोनों मौसम में किसानों और व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश होने पर उपज भीगने का खतरा बना रहता है। नीलामी क्षेत्र में पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। जिससे विशेष रूप से महिला किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>बंद पड़ा किसान विश्राम गृह</strong><br />किसानों के ठहरने के लिए बना विश्राम गृह रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुका है और उस पर ताला लगा हुआ है। अधिक आवक के दिनों में किसानों को रात खुले में गुजारनी पड़ती है। वहीं मंडी परिसर मैं लगाए गए वाटर कूलर बंद पड़े हैं। ऐसे में किसानों और मजदूरों को सीधेनल का पानी पीना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>अंधेरे में डूबी मंडी, टूटेे बिजली पोल बने खतरा</strong><br />मंडी में कई स्थानों पर रोड लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय अंधेरा छाया रहता है। बिजली कटौती होने पर जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद समय पर संचालन नहीं होने से व्यापारियों और किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई स्थानों पर बिजली के पोल भी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।</p>
<p><strong>इनका कहना  है</strong><br />जगह-जगह गंदगी फैली हुई है और शौचालय व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भीउपलब्ध नहीं हैं। <br /><strong>- चंदालाल मीणा, खेड़ली बेरीसाल निवासी</strong></p>
<p>नीलामी खुले में होती है, चारों तरफ गंदगी है और किसानों के लिए विश्राम गृह की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।<br /><strong>- बद्रीलाल नागर, रजोपा निवासी</strong></p>
<p> किसानों को पेयजल औरं शौचालय जैसी सुविधाओं के लिए भी भटकना पड़ता है, जबकि यहां राजस्थान और मध्यप्रदेश के सैकड़ों गांवों के किसान आते हैं।<br /><strong> - राकेश बैरवा, रणोदिया निवासी</strong></p>
<p>मंडी में सफाई,पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है तथा शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती।<br /><strong>- जोधराज गुर्जर, अध्यक्ष, पल्लेदार एसोसिएशन</strong></p>
<p> सीसीटीवी कैमरे खराब होने से चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। नवीन शेड और अन्य सुविधाओं की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन समाधान नहीं हुआ।<br /><strong>- हरिशंकर मंगल, अध्यक्ष, मंडी व्यापार संघ</strong></p>
<p> करोड़ों रुपए की आय के बावजूद किसानों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। <br /><strong>- उमाशंकर नागर, सह जिला प्रचार प्रमुख, भारतीय किसान संघ</strong></p>
<p> मानसून से पहले नालियों की सफाई करवाई जाएगी। मंडी में सफाई कार्य जारी है। पेयजल, शौचालय, सीसीटीवी कैमरे और अन्य समस्याओं का निरीक्षण कर उन्हें जल्द ठीक कराने के प्रयास किए जाएंगे। किसान विश्राम गृह की मरम्मत के लिए बजट प्रस्ताव भी भेजे जा चुके हैं।<br /><strong>- रवि सिंह पंवार, मंडी सचिव</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:19:11 +0530</pubDate>
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                <title>लोहे के खंभे बने यमदूत, दहशत का माहौल</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के मौसम में तो हालात और ज्यादा खराब हो जाते है तथा उस समय तो मोहल्ले के लोगो में दहशत का माहौल बना रहता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/iron-poles-become-messengers-of-death--an-atmosphere-of-fear/article-93572"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/27rtrer-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>इन्द्रगढ़। इन्द्रगढ शहर के मुख्य बाजार व पुरानी कई बस्तियों में लगे बिजली के खंभों में कभी भी करंट दौड़ जाता है, जिससे कई मवेशियों की मौत हो चुकी है परंतु विभाग द्वारा बिजली के खंभो में वक्त बेवक्त करंट दौड़ने के मामले में खंभों को लेकर किसी प्रकार का कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया जा रहा है। इन्द्रगढ शहर में अधिकतर जगह काफी पुराने समय से ही लोहे के बिजली के खंभे लगे हुए है। खंभों को लगे काफी ज्यादा समय हो जाने से कई खंभे गल चुके है व जीर्ण शीर्ण भी हो चुके है तथा अधिकतर खंभो में नीचे की और लगाया गया सीमेंट का कवच भी टूट चुका है। खंभे लोहे के होने के कारण इनमें विद्युत धारा त्वरित गति से प्रवाहित होती है और प्रवाहित करंट को रोकने के लिए खंभे के नीचे किसी प्रकार का आधार नही होने के कारण खंभे का करंट सीधा नालियों में भरे पानी में या मकानों की दीवारों में आ जाता है जिससे कई मवेशी करंट की चपेट में आने से काल कवलित हो चुके है तथा कई मकानों की दीवारों में करंट उतर आने से मकान में रहने वाले लोगों को बिजली के झटके भी लग चुके है। स्थानीय निवासियों द्वारा जब इस समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग के आला अधिकारीयों को अवगत करवाया जाता है तो थोडी देर बिजली बंद करवाकर करंट की समस्या का अस्थाई समाधान कर दिया जाता है। फिर कुछ दिनों बाद ही बंदरों की उछल कूद से या आंधी तूफान आने से वापस वही समस्या पैदा हो जाती है जिसे बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा अस्थाई रूप से ठीक कर दिया जाता है। परंतु इस समस्या का स्थाई समाधान आज तक भी नहीं हो पाया है।</p>
<p>क्षैत्र के लोगों का कहना है कि विभाग द्वारा लगाए गए बिजली के खंभे काफी समय पहले लगाए गए थे, उस समय सीमेंट के खंभे नही होते थे इस कारण लोहे के खंभे लगाए गए थे तथा उस समय जहां खंभे लगाए गए थे वहा सघन बस्ती या आबादी क्षैत्र नही था जिस कारण किसी प्रकार की परेशानी नही होती थी तथा उस समय लगाए गए लोहे के खंभों के नीचे के हिस्से में सीमेंट का कवच बनाया जाता था तथा उस पर लोहे के कांटों की बाढ लगाई जाती थी जिससे किसी दुर्घटना से बचा जा सके। अब धीरे धीरे बस्तियों का विकास हुआ है तथा मकानों में लोग रहने लगे है तो लोहे के खंभे उनके लिए घातक सिद्ध हो रहे है। वहीं अब एक भी खंभे पर लोहे के कांटे नही है तथा कई खंभे तो जीर्ण शीर्ण अवस्था में है तथा उनका सीमेंट का कवच भी टूट चुका है ऐसे खंभे कभी भी तेज हवा के साथ गिर भी सकते है तथा किसी बडी दुर्घटना का कारण बन सकते है। विभाग द्वारा कुछ जगह लोहे के खंभो की जगह सीमेंट के खंभे लगाए भी गए है परंतु वहां पूर्व में लगे लोहे के खंभो को नही हटाया है तथा उनके पास ही सीमेंट के खंभे लगाकर उन पर कनेक्शन कर दिए गए है। वो जीर्ण शीर्ण खंभे नीचे से गल चुके है तथा उनका टूटकर गिरने का अंदेशा किसी बडे हादसे को न्यौता दे रहा है। वार्ड नम्बर 12 में हनुमान प्रसाद तिवारी के मकान के पास सघन बस्ती में लगे लोहे के खंभे में कई बार करंट उतर चुका है तथा पास में बनी नाली के पानी में करंट आने के कारण कई अन्य मवेशी अपनी जान गंवा चुके है। शनिवार को भी खंभे में आ रहे करंट के कारण नाली के पानी में करंट आने से एक सुअर की मौत हो गई है। विभाग को सूचना करने पर विभाग द्वारा तार को सही कर अस्थाई समाधान कर दिया गया। जबकि मोहल्ले के लोगो का कहना है कि मोहल्ले में लगे तीन चार लोहे के खंभो को तुरंत प्रभाव से बदलाया जाना चाहिए तथा इनकी जगह सीमेंट के खंभे लगाने चाहिए। इन खंभो में आए दिन बंदरों की उछल कुद व तेज हवा के कारण करंट दौडने लगता है जिससे मोहल्ले में रहने वाले लोगो व आने जाने वाले लोगो के लिए जान माल का खतरा बना रहता है। साथ ही गली मोहल्ले में खेलने वाले छोटे छोटे बच्चों के साथ भी इस अदृश्य मौत का भय निरंतर बना रहता है। कई बार तो खंभे में करंट आने से हनुमान प्रसाद तिवारी के मकान में लगे नलों के पानी में भी करंट आ जाता है जिसके झटके वो खुद व उनके परिवार के लोग कई बार खा चुके है। इसी प्रकार वार्ड नं0 12 के ही निवासी श्रीनाथ शर्मा का कहना है कि उनके मकान के दरवाजे के बिल्कुल पास ही काफी पुराना लोहे का खंभा लगा है, जिस पर कई बार करंट के झटके हमारे परिवार के सदस्यों को लग चुके है तथा घर के दरवाजे पर लगी लोहे की फाटक में तो आए दिन करंट आता रहता है। मुख्य बाजार अहिंसा मार्ग पर जाने वाले मोड पर लगा खंभा नीचे से पूरा गल चुका है तथा उसमें खंभे को रोकने के लिए कोई सपोर्ट भी नही है। बारिश के मौसम में तो हालात और ज्यादा खराब हो जाते है तथा उस समय तो मोहल्ले के लोगो में दहशत का माहौल बना रहता है। पुरानी कोतवाली मे रहने वाले आरिफ का कहना है कि खंभा मेरे मकान के अंदर ही आ रहा है तथा खंभे के पास बनी छत पर ही हम दिन रात काम करते रहते है। बारिश के मौसम में खंभे में कई बार बहुत भंयंकर तरीके से स्पार्किंग होती है जिसके अंगारे छत पर ही गिरते है तो हमेशा हमारी घर परिवार की जान जोखिम में रहती है।</p>
<p>वार्ड नं0 12 खंभे में करंट की जानकारी प्राप्त हुई है, वहां समस्या का समाधान कर दिया गया है। सीमेंट के खंभों की लबाई कम होने के कारण उन्हे लोहे के खंभों के स्थान पर नही लगाया जा सकता है परंतु कल ही कर्मचारियों को भेजकर इस समस्या को दिखवाया जाएगा तथा बहुत जल्द इस समस्या का स्थाई समाधान किया जाएगा।<br /><strong>- शेलेन्द्र कुमार गुप्ता सहायक अभियंता जेवीवीएनएल इन्द्रगढ़</strong></p>
<p>हमारे घर के पास लोहे का खंभा लगा है जिसमें कभी भी करंट दौड जाता है तथा आए दिन मवेशियों की मौत होती है तथा घर की दीवारों व नल के पानी में भी करंट आता है। खंभे के कारण छत के पास भी तारों का जंजाल बना हुआ है जिस कारण छत पर जाने में भी डर लगा रहता है। विभाग को इस पर जल्द ही ध्यान देना चाहिए।<br /><strong>- हनुमान प्रसाद तिवारी निवासी वार्ड नं0 12 इन्द्रगढ़</strong></p>
<p>पुराने थाने के चैक में लगे लोहे के खंभे के नीचे का सीमेंट का कवच टूट गया है तथा खंभा भी थोडा झुक गया है जो कभी तेज आंधी में गिर भी सकता है। सामने चौक में सुबह से लेकर शाम तक बच्चें खेलते रहते है तो बच्चों के साथ भी किसी हादसे का भय निरंतर बना रहता है। विभाग द्वारा इस तरह के जीर्ण शीर्ण हो चुके खंभो को तुरंत प्रभाव से बदलवाना चाहिए।<br /><strong>- गोपाल लाल गौड निवासी वार्ड नं0 12 इन्द्रगढ।</strong></p>
<p>पुराने समय में लगा खंभा अब पूरी तरह से मेरे मकान की छत पर आ गया है जिस कारण बहुत परेशानी होती है। बारिश के समय छत पर निकलना ही बंद कर देते है। छोटे छोटे बच्चें छत पर खेलते रहते है तो उनके साथ भी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। जल्दी ही इसका कोई स्थाई समाधान जरूर होना चाहिए।<br /><strong>- आरिफ हुसैन निवासी पुरानी कोतवाली इन्द्रगढ।</strong></p>
<p>इन्द्रगढ में इस तरह के पुराने लोहे के खंभे अधिकतर जगह लगे हुए है। जो कई प्रकार से जीर्ण शीर्ण हो चुके है विभाग द्वारा जल्द ही इनके बारे में कुछ निर्णय करना बहुत जरूरी है। अब तो भूमिगत लाइने भी डाली जा सकती है।<br /><strong>-अशोक शर्मा (लाला) निवासी इन्द्रगढ।</strong></p>
<p>मेरे घर के दरवाजे के सामने ही लोहे का खंभा है दिनभर में कई बार घर के बाहर आना जाना पडता है तो हमेशा करंट का भय बना रहता है। घर के दरवाजे पर लगी लोहे की फाटक में तो आए दिन ही झटके लगते है। घर में छोटे छोटे बच्चें भी है तो हादसे की आशका बनी रहती है।<br /><strong>- श्रीनाथ शर्मा निवासी वार्ड नं0 12 इन्द्रगढ़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 21 Oct 2024 15:33:29 +0530</pubDate>
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                <title>चोरी के लिए जान जोखिम में डाल रहे नशेड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[तीसरी आंख की नजर में आए अधिकतर चोर।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/drug-addicts-risking-their-lives-for-theft/article-80333"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नशा करने वालों व चोरों के लिए सड़क पर पड़ी निर्माण सामग्री से लोहे के सरिये चुराना आसान है। घर के अंदर से पानी का मीटर चोरी करना भी आसान है। दुकान के बाहर से दिन दहाड़े बाइक चोरी करना भी चोरों के लिए आसान है। लेकिन चालू लाइट में बिजली के खम्बे से सजावटी लाइटें और वायरिंग चोरी करना मुश्किल ही नहीं जानलेवा भी हो सकता है। कोटा शहर में अब चोरी के लिए नशा करने वाले अपनी जान तक जोखिम में डाल रहे हैं। शहर में लोहे की रैलिंग, पानी के मीटर, सीवरेज के चैम्बर व वाहन और डस्टबीन तो काफी समय से चोरी हो रहे हैं। नगर विकास न्यास व नगर निगम की ओर से बार-बार उन्हें सही कराया जा रहा है और चोर उन्हें निशाना बना रहे हैं। वहीं अब तो चोर बिजली के खम्बों से महंगी सजावटी लाइटें और बिजली के तार तक चोरी करने लगे हैं। चालू लाइट में और दिन दहाड़े व्यस्त व सुनसान रोड पर इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। जानकारों के अनुसार बिजली के खम्बों में करंट रहता है। चालू लाइन में इस तरह से लाइट व तार की चोरी करने से से चोरी करने वालों को करंट लगने व जान जाने तक का खतरा रहता है। लेकिन चोर इस होशियारी से काम कर रहे हैं कि किसो भी भनक  तक नहीं लग रही। </p>
<p><strong>लाइटों पर किए लाखों खर्च, होने लगी दुर्दशा</strong><br />नगर विकास न्यास की ओर से शहर में करवाए गए विकास व सौन्दर्यी करण के तहत मेन रोड पर महंगी सजावटी लाइटें लगाई हैं। जिनकी रोशनी अच्छी होने के साथ ही वे दिखने में भी आकर्षक है। फिर चाहे वह कोटड़ी-छावनी मेन  रोड हो या सेवन वंडर्स रोड। स्टेशन का मुख्य मार्ग हो या नए कोटा का क्षेत्र। यहां तक कि चम्बल रिवर फ्रंट के आस-पास दिन के समय सुनसान रोड होने पर वहां से भी लाइटें चोरी की जा रही हैं।  लेकिन हालत यह है कि महंगी लाइटें होने के बाद भी रात के समय अधिकतर जगह पर अंधेरा छाया रहता है। अधिकतर लाइटें दुर्दशा की शिकार हो गई। कई खम्बों से तो लाइटें गायब हो गई। कई जगह पर टूट गई। कहीं तार गायब है तो कहीं से डीपी। धीरे-धीरे और एक-एक कर अधिकतर जगह की लाइटें चोरी होने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। </p>
<p><strong>दो से तीन लोग दे रहे अंजाम</strong><br />शहर में बिजली के खम्बों से लाइटें व वायरिंग चोरी करने की घटनाओं को एक  बार में दो से तीन जने अंजाम दे रहे हैं। दो-तीन जने मुंह पर  कपड़ा ढककर आते हैं। इधर-उधर देखते हैं। आस-पास कोई नजर नहीं आने  पर बोखौफ होकर खम्बे के पास जाकर उनमें से लाइटें खोलने व तार चोरी करने की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पहली बार में सफल नहीं होने पर दो से तीन बार में प्रयास कर अपने मंसूबों में कामयाब हो रहे हैं। </p>
<p><strong>सीसीटीवी कमरे में कैद हुई अधिकतर घटनाएं</strong><br />शहर  में न्यास की सम्पति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के बारे में जब अधिकारियों ने जानकारी जुटाई। जिन जगह पर इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। वहां आस-पास लगे सीसीटीवी  कैमरे खंगाले तो उनमें अधिकतर घटनाएं कैद हो गई।  मेन रोड पर राह चलते चोर इतनी आसानी से खम्बों से लाइटें चोरी करते हुए नजर आ रहे हैं कि कोई सोच भी नहीं सकता। राह चलते लोग तो उन पर ध्यान भी नहीं देते। ध्यान जाता भी है तो बिजली विभाग या न्यास का कर्मचारी समझकर कोई न तो टोकता है और न ही उन्हें रोकता है।  न्यास अधिकारियों ने नए कोटा क्षेत्र में घटोत्कच्छ चौराहे के आस-पास, जेडीबी से बड़ तिराहा रोड, चम्बल रिवर फ्रंट के आस-पास समेत कई जगह से इस तरह की घटनाओं के फुटेज  लिए हैं। जिनमें चोर व नशेड़ी चोरी करते हुए व उनके तरीके कैद हुए हैं। यहां तक कि कुछ जगह पर तो चोरों को लोगों ने  वायरिंग के साथ पकड़कर थानों के सुपुर्द भी किया है।  सूत्रों के अनुसार अब पुलिस और प्रशासन सतर्क हुआ है। अधिकतर चोरों को सर्विलांस पर लेकर तीसरी आंख के आधार पर पकड़ने का काम किया जा रहा है। </p>
<p><strong>घटनाएं बढ़ी तो हरकत में आया  न्यास प्रशासन</strong><br />शहर में सुंदरता को ग्रहण लगाने व आए दिन हो रही चोरियों पर पहले तो नगर विकास न्यास प्रशासन ने भी ध्यान नहीं दिया। संवेदक के माध्यम से लाइटों को बार-बार सही करवाने व नया लगवा दिया गया। लेकिन इस तरह की घटनाएं अधिक होने व बढ़ने पर न्यास प्रशासन हरकत में आया। उन्होंने इस तरह की घटनाओं की जानकारी जुटाई तो अधिकारी भी अचम्भित हो गए। बिजली के खम्बों का रखरखाव करने वाली संवेदक फर्म ने पूर्व में महावीर नगर थाने में भी इस संबंध में रिपोर्ट दी थी। </p>
<p><strong>एसपी को पत्र लिखकर दी जानकारी</strong><br />शहर में सरकारी सम्पति की चोरी करने के मामले लगातार हो रहे हैं। पिछले कुछ समय से तो बिजली के खम्बों से लाइटें व  वायरिंग तक चोरी होने लगे। इसकी जानकारी के लिए सीसीटीवी खंगाले तो उनमें चोरी की घटनाएं होती साफ नजर आ रही हैं। उन फुटेज के आधार पर शहर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। जिसमें इस तरह की चोरी की घटनाओं पर निगरानी रखने व चोरों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है। <br /><strong>- कुशल कोठारी, सचिव नगर विकास न्यास </strong></p>
<p>अभी तक इस तरह की चोरी से संबंधित कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। न्यास ने एसपी को पत्र लिखा है तो उसके आधार पर सभी थानों को निर्देश प्राप्त हो जाएंगे। पुलिस ने रात में भी गश्त बढ़ाई है। अब इस तरह से संदिग्ध नजर आने वालों पर सख्ती की जाएगी। <br /><strong>- राजेश सोनी, उप अधीषकपुलिस वृत्त</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Jun 2024 18:09:30 +0530</pubDate>
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                <title>सड़क के बीच खड़े यमदूत: नई रोड बना दी पर बीच में आ रहे 35  बिजली के पोल हटाए तक नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[सभी ग्रामीणों ने बताया की उपखंड अधिकारी से लेकर कलेक्टर तक सभी विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/yamdoot-standing-in-the-middle-of-the-road--a-new-road-was-built-but-the-35-electric-poles-coming-in-the-middle-were-not-even-removed/article-64466"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/si.jpg" alt=""></a><br /><p>गुड़ली। बूंदी जिले के मेहराना गांव से देहित गांव तक बना रहे नया रोड बीच में 35 चालू बिजली के पोल को हटाया तक नहीं गया। पीडब्ल्यूडी विभाग ने लापरवाही बरतते हुए पोल को हटाए बिना ही सड़क बना दी। सड़क के बीच आ रहे इन पोल से  हादसों का खतरा बना हुआ है। रात के समय सबसे अधिक  ये बिजली के पोल लोगों की मौत का कारण बन सकते है। घना कोहरा छाया रहने पर ये पोल वाहन चालकों को नहीं दिखने पर वाहन इनसे टकरा जाएंगे। यहीं नहीं पोल को बांधने के लिए साइड में जो तार बांधे गए है उससे भी उलझकर जनहानि का खतरा बन गया है।   सीनता पंचायत के मेहराना गांव से देहित गांव तक रोड का निर्माण कार्य चल रहा है जो 3.50 किलोमीटर लंबा है।  इस रोड पर देहित गांव तक रोड बनकर कंप्लीट कर दिया गया है थोड़ा सा रोड बचा हुआ है और रोड के बीचों बीच चालू बिजली के 35 पोल आ रहे हैं जो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि हमने पीडब्ल्यूडी विभाग डिस्कॉम विभाग सभी अधिकारी को ज्ञापन दिया है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है इसलिए सभी ग्रामीणों ने मजबूरन धरने पर बैठने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p><strong>विधायक, कलक्टर, उपखंड अधिकारी को भी दे चुके हैं ज्ञापन</strong><br />सभी ग्रामीणों ने बताया की उपखंड अधिकारी से लेकर कलेक्टर तक सभी विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके हैं। ज्ञापन दिया जिसमें लिखा है कि  सड़क निर्माण कार्य के तहत रोड के बीचो-बीच 35 बिजली के बड़े पोल आ रहे हैं जो रात्रि में बड़ा हादसा हो सकता है। आने वाली सर्दियों में कोहरे के कारण दिखाई नहीं देने से भी किसी की जान जा सकती है कोई भी इसे टकराकर मर सकता है इसका जिम्मेदार कौन होगा जिम्मेदार पूरी तरह से मौन है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने बताई पीड़ा</strong><br />जानकी लाल, नवल किशोर, लक्ष्मण , नन्द किशोर, अशोक, गोलू , बाबूलाल सत्यनारायण, चन्द्र प्रकाश, सोनू दीपक,  युवराज, दुर्गा शंकर, महावीर, राजेन्द्र,मुरारी बाबूलाल, भैरूलाल, नन्द किशोर, नन्द बिहारी, ओमप्रकाश, मुकेश, पिकू पप्पू लाल, शिवप्रसाद, जगदीश ने बताया कि जब तक बिजली के पोल नहीं हटेंगे तब तक हम किसी भी व्यक्ति को कम नहीं करने देंगे यह हमारे गांव के लिए रोड नहीं मौत का रोड बन रहा है। जब तक बिजली के पोल नहीं हटेंगे तब तक रोड का काम नहीं होने देंगे समस्त ग्रामीण  देहित ने काम रुकवाया</p>
<p><strong>ठेकेदार के ऊपर ग्रामीणों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप</strong><br />इधर समस्त ग्रामीण का कहना है कि अभी रोड का निर्माण कार्य चल रहा है इसमें ठेकेदार किला पुरवाई सामने  हाथ से गिट्टी और डामर उखाड़ कर हाथ में आ रहा है। वाहनों से उखड़ जाता है यह कौन सा निर्माण कार्य हो रहा है कोई देखने नहीं आ रहा है बिना अधिकारी के मौजूदगी में काम हो रहा है।</p>
<p><strong>दो बड़े ट्रांसफार्मर 11 केवी के बीच रोड पर आ रहे हैं</strong><br />उसके बाद भी निर्माण कार्य चालू है पीडब्ल्यूडी विभाग जानबूझकर अनजान बना हुआ है। इसके बाद भी प्रशासन इनके ऊपर कानूनी कार्रवाई नहीं कर रहा है गांव वालों ने इस मुद्दे को बड़ा आंदोलन चेतावनी दी है। पूर्व डायरेक्टर कमल माहेश्वरी ने बताया कि हमने सभी जगह पर ज्ञापन दिया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ अब हमें धरने पर बैठना पड़ेगा। हम मजबूर है क्योंकि यहां पर हमारे लोगों की ही जान जाएगी यदि पल नहीं हटते हैं तो और दोनों साइडों पर जगह नहीं है वन साइड कहां पर लगा दोनों तरफ मौत की ट्रेन बनी हुई है। इस संबंध में जब पीडब्ल्यूडी विभाग के एईएन सत्यनारायण मीणा को फोन किया था उन्होंने फोन तक रिसिव नहीं किया। <br /> <br /><strong>इनका कहना है </strong><br />मेरे को ग्रामीणों के द्वारा अवगत करवा दिया गया है। मैंने अधिकारियों को अवगत कर दिया है ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया जाएगा।<br /><strong>- डॉ. रविंद्र गोस्वामी, कलक्टर बूंदी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Dec 2023 18:23:40 +0530</pubDate>
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