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                <title>slaughter - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>slaughter RSS Feed</description>
                
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                <title>शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला : सार्वजनिक जगहों पर पशु वध पर प्रतिबंध, जानें उल्लघंन पर कितनी होगी सजा ?</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अधिसूचना के अनुसार, केवल 14 वर्ष से अधिक आयु के "अनुपयुक्त" पशुओं का वध ही प्रमाणित बूचड़खानों में संभव होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जेल और जुर्माने का कड़ा प्रावधान किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-shubhendu-government-ban-on-slaughter-of-animals/article-153769"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/west-bengal-(2).png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता संभालने के चार दिन बाद भारतीय जनता पार्टी सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध पर प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना जारी की। अधिसूचना में राज्य सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 को पूरे राज्य में सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। अधिसूचना में कहा गया है कि यह कलकत्ता उच्च न्यायालय के 6 अगस्त, 2018 के फैसले और 8 जून, 2022 को जारी संबंधित सरकारी दिशानिर्देश के अनुसार जारी की गई है।</p>
<p>यह अधिसूचना ऐसे समय में आई है जब आरोप लगे थे कि एक विशेष समुदाय सड़क पर पशुओं का वध कर रहा था, जिससे आस-पड़ोस में रहने वाले अन्य लोगों को असुविधा हो रही थी। आठ सूत्रीय निर्देश में, राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल के सभी वैध बूचड़खानों को पशु वध संबंधी कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। अधिसूचना के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को बैल, बछड़े, गाय, बछड़े, नर और मादा भैंस, भैंस के बच्चे और बधिया भैंस सहित किसी भी पशु का वध करने की अनुमति नहीं होगी, जब तक कि पशु को वध के लिए उपयुक्त घोषित करने वाला प्रमाण पत्र प्राप्त न हो जाए।</p>
<p>अधिसूचना में कहा गया है कि ऐसे प्रमाण पत्र नगरपालिका के अध्यक्ष या पंचायत समिति के अध्यक्ष द्वारा सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारी के साथ संयुक्त रूप से जारी किए जा सकते हैं। प्रमाण पत्र तब जारी किया जा सकता है जब अधिकारी लिखित रूप से संतुष्ट हों कि पशु 14 वर्ष से अधिक आयु का है और प्रजनन या काम के लिए उपयुक्त नहीं है, या आयु, चोट, विकृति या बीमारी के कारण स्थायी रूप से अक्षम हो गया है।</p>
<p>इसमें आगे कहा गया है कि यदि ऐसे प्रमाण पत्र के लिए आवेदन अस्वीकृत कर दिया जाता है, तो प्रभावित व्यक्ति अस्वीकृति प्राप्त होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार से संपर्क कर सकता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन पशुओं के लिए वध प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, उनका वध केवल नगर निगम के वधशालाओं या स्थानीय प्रशासन द्वारा नामित वधशालाओं में ही किया जा सकता है। ऐसे पशुओं का खुले सार्वजनिक स्थानों पर वध करना सख्त वर्जित है।</p>
<p>अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि नगर निगम अध्यक्षों, पंचायत समिति अध्यक्षों, सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारियों या उनके द्वारा कानून के प्रवर्तन के लिए अधिकृत किसी भी व्यक्ति द्वारा अधिनियम के तहत किए गए निरीक्षणों में किसी को भी बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। राज्य सरकार ने चेतावनी दी है कि पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करने पर छह महीने तक की कैद या 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि 1950 के अधिनियम के तहत सभी अपराधों को गंभीर प्रकृति का माना जाएगा। अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि इस मामले से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय और कलकत्ता उच्च न्यायालय के प्रासंगिक निर्णय सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 13:23:33 +0530</pubDate>
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                <title>कटने के लिए जा रहे 27 गोवंश को आजाद करवाया</title>
                                    <description><![CDATA[लालसोट पुलिस व गौ रक्षक दल ने गत रात्रि को कार्रवाई करते हुए कटने के लिए ले जाए जा रहे 27 गोवंशों को मुक्त करवाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/27-cows-going-for-slaughter-were-freed/article-64676"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/dausa.png" alt=""></a><br /><p>लालसोट। लालसोट पुलिस व गौ रक्षक दल ने गत रात्रि को कार्रवाई करते हुए कटने के लिए ले जाए जा रहे 27 गोवंशों को मुक्त करवाया। जानकारी के अनुसार बीती रात आरटीओ की रोड पर चेकिंग के दौरान यह मामला सामने आया। जबकि इधर पुलिस रात्री गश्त करने का दम भरते नहीं थकती। कई बार गौरक्षक दल द्वारा कटने के लिए जा रहे गोवंशों को बचाने की खबरें समय-समय पर सामने आती रही है।  मंगलवार देर रात्रि को आरटीओ गश्ती टीम द्वारा वाहनों की की जा रही जांच के दौरान एमपी नंबर इस ट्रक को रुकवाया। ट्रक रुकते ही ट्रक चालक और खलासी फरार हो गए। मध्य प्रदेश नंबर ट्रक की जब जांच की गई तो सामने आया कि ट्रक में जाली लगाकर ऊपर तूडे के कट्टे रखे हुए हैं तथा नीचे ठूंस- ठूंस कर गोवंश भरे हुए हैं। गिनती करने पर पता चला कि इस ट्रक में 27 गोवंशों को भरा गया है। जिसकी सूचना परिवहन इंस्पेक्टर हनुमान ने लालसोट थाने को दी। लालसोट अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामचंद्र सिंह नेहरा ने बताया कि परिवहन अधिकारी हनुमान की सूचना पर लालसोट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गोवंश भरे  वाहन को नंदिनी गौशाला पहुंचा कर में गोवंश को वहां छोड़ा। गोवंशों से भरे इस ट्रक को देखने से पता चलता है कि स्पेशल रूप से जानवरों को लाने ले जाने के लिए काम लिया जाता है। पकड़े जाने के बाद ट्रक चालक और खलासी दोनों फरार है। इसके बाद अब लालसोट पुलिस मध्य प्रदेश नंबर इस ट्रक के मालिक की जानकारी जुटाने में लगी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि राजस्थान पुलिस जहां एक और रात्रि कालीन गश्त का दावा करती है वहीं दूसरी ओर परिवहन अधिकारी द्वारा गोवंश से भरे इस ट्रक को जांच के लिए रुकवाने के बाद लालसोट थाने को सूचना दी। उसके बाद लालसोट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं जनता गौरक्षा दल के कमांडो ब्रजमोहन सैनी ने बताया कि आरटीओ हनुमान मीणा की सूचना पर घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस व गौरक्षकों की सहायता से 27 गोवंश को ग्राम पंचायत इंदावा में संचालित नंदनी गोशाला में सुरक्षित छोड़ा गया। लालसोट पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Dec 2023 18:59:23 +0530</pubDate>
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