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                <title>viksit bharat - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>भारत बदलती वैश्विक व्यवस्थाओं के बीच तेजी से कर रहा प्रगति :शासन प्रणाली को निरंतर अद्यतन करने की जरुरत, मोदीने कहा-प्रशासन का मूल मंत्र &quot;नागरिक देवो भव&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'कर्मयोगी साधना सप्ताह' को संबोधित करते हुए लोक सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डेटा की समझ को अनिवार्य बताया। उन्होंने प्रशासन को नागरिक-केंद्रित बनाने और "अधिकारी" के बजाय "कर्तव्य" पर ध्यान देने का आह्वान किया। पीएम ने जोर दिया कि विकसित भारत के लिए लोक सेवकों को आधुनिक और संवेदनशील होना होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-is-progressing-rapidly-amidst-the-changing-global-systems-there/article-148878"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/modi-1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य के साथ सार्वजनिक सेवाओं के तालमेल की आवश्यकता पर बल देते हुए गुरुवार को कहा कि भारत बदलती वैश्विक व्यवस्थाओं के बीच तेजी से प्रगति कर रहा है और उसे अपनी शासन प्रणाली को निरंतर अद्यतन करते रहना होगा। पीएम मोदी ने आज क्षमता निर्माण आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर कर्मयोगी साधना सप्ताह को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा, "कर्मयोगी साधना सप्ताह, यह सुनिश्चित करने के प्रयास में एक महत्वपूर्ण कड़ी है कि हमारी सार्वजनिक सेवा 21वीं सदी में प्रासंगिक और उत्तरदायी बनी रहे।"</p>
<p>पीएम मोदी ने मौजूदा शासन के मार्गदर्शक सिद्धांत पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि प्रशासन का मूल मंत्र "नागरिक देवो भव" है, जिसका अर्थ है नागरिक को सर्वोपरि मानना। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोक सेवा को अधिक सक्षम और नागरिकों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने के लिए पुनर्परिभाषित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "शासन को सही मायने में नागरिक-केंद्रित बनाकर उसे एक नई पहचान दी जा रही है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने क्षमता निर्माण आयोग की स्थापना पर विचार रखते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद से अनेक संस्थाएं विभिन्न उद्देश्यों के साथ कार्य कर रही थीं, फिर भी प्रत्येक सरकारी कर्मचारी की क्षमता बढ़ाने के लिए एक समर्पित निकाय की स्पष्ट आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, "इसी सोच ने क्षमता निर्माण आयोग को जन्म दिया, जिसका उद्देश्य व्यवस्था में प्रत्येक कर्मयोगी को सशक्त बनाना है।" आयोग को उसके स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए और आईजीओटी मिशन कर्मयोगी की सफल भूमिका को स्वीकार करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से आधुनिक, सक्षम, समर्पित और संवेदनशील कर्मयोगियों की एक टीम का निर्माण होगा।</p>
<p>पीएम मोदी ने इस पहल को विकसित भारत की व्यापक परिकल्पना से जोड़ते हुए सेवा तीर्थ के उद्घाटन के अवसर पर दिए गए अपने हाल के भाषण का उल्लेख किया और तीव्र आर्थिक विकास, आधुनिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी को अपनाने और कुशल कार्यबल की प्रचुरता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सार्वजनिक संस्थानों और लोक सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा, "आज का भारत आकांक्षी है, प्रत्येक नागरिक के सपने और लक्ष्य हैं और हम सभी का यह दायित्व है कि हम उन्हें पूरा करने के लिए अधिकतम सहयोग प्रदान करें।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने नागरिकों के जीवन की सुगमता और गुणवत्ता में सुधार के लिए शासन व्यवस्था को मानदंड बनाने को आवश्यक बताते हुए लोक सेवकों से प्रतिदिन कुछ नया सीखने और कर्मयोगी की सच्ची भावना को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारी शासन व्यवस्था को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में दिन-प्रतिदिन सुधार हो, यही हमारा सच्चा मानदंड है।" प्रशासनिक संस्कृति में मूलभूत बदलाव का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में 'अधिकारी' होने पर अत्यधिक जोर दिया जाता था, जबकि आज देश का पूरा ध्यान कर्तव्यनिष्ठा पर केंद्रित है। उन्होंने याद दिलाया कि संविधान स्वयं कर्तव्यों के निर्वाह के माध्यम से अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा, "प्रत्येक निर्णय लेने से पहले, जब आप अपने कर्तव्य की मांग पर विचार करते हैं, तो आपके निर्णयों का प्रभाव स्वतः ही कई गुना बढ़ जाता है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने लोक सेवकों से अपने कार्य को भविष्य के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखने का आग्रह करते हुए उनसे निरंतर इस बात पर विचार करने को कहा कि उनके व्यक्तिगत निर्णय लाखों लोगों के जीवन को कैसे बदल सकते हैं और व्यक्तिगत परिवर्तन संस्थागत परिवर्तन का मार्ग कैसे प्रशस्त कर सकता है। अपने व्यक्तिगत अनुभव से उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे परिवर्तनकारी कार्यों के लिए अपार ऊर्जा की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा, "यह ऊर्जा केवल और केवल निस्वार्थ सेवा की भावना से ही प्राप्त हो सकती है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पिछले 11 वर्षों में शासन, सेवा वितरण और अर्थव्यवस्था सहित सरकारी कामकाज में प्रौद्योगिकी के गहन एकीकरण की ओर इंगित किया। उन्होंने जोर दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आगमन से ये परिवर्तन और भी तेजी से आगे बढ़ेंगे।उन्होंने कहा, "एक बेहतर प्रशासक, एक बेहतर लोक सेवक वही होगा जिसे प्रौद्योगिकी और डेटा की अच्छी समझ हो; यही निर्णय लेने का आधार बनेगा।" उन्होंने आशा व्यक्त की कि साधना सप्ताह के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता में क्षमता निर्माण और निरंतर सीखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने भारत की संघीय संरचना की ओर ध्यान दिलाते हुए इस बात पर बल दिया कि देश की सफलता उसके सभी राज्यों की सामूहिक सफलता है। अगड़े राज्य, पिछड़े राज्य, बीमारू राज्य जैसी दशकों पुरानी श्रेणियां समाप्त की जा रही हैं। राज्यों के बीच की खाई को एकसमान प्रयास से पाटना होगा। उन्होंने कहा, "हमें संवादहीनता को खत्म कर बेहतर समन्वय, साझा समझ और समग्र सरकारी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा, तभी हर मिशन सफल होगा।"</p>
<p>पीएम मोदी ने लोक सेवकों को याद दिलाया कि आम नागरिक के लिए स्थानीय सरकारी कार्यालय ही पूरी सरकार का चेहरा होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों की कार्यशैली और व्यवहार सीधे तौर पर लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा, "हम जो भी करें, जिस भी स्तर पर करें, हमें उस विश्वास की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि यही हमारे लोकतंत्र की नींव है।" उन्होंने क्षमता निर्माण आयोग को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि कर्मयोगी साधना सप्ताह भारत के विकसित भारत बनने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 18:28:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी, खरगे और प्रियंका गांधी ने दी देशवासियों को नवरात्र महापर्व की शुभकामनाएं: साहस, आत्मविश्वास, सेवा और सामूहिक राष्ट्र निर्माण के मूल्यों पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा और उगादी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 'विकसित भारत' के संकल्प हेतु साहस, आत्मविश्वास और सेवा के मूल्यों पर बल दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी ने भी शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा से देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-kharge-and-priyanka-gandhi-wished-the-countrymen-on/article-147014"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को देशवासियों को अलग-अलग पोस्ट के माध्यम से नव वर्ष और नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं, साथ ही उन्होंने साहस, आत्मविश्वास, सेवा और सामूहिक राष्ट्र निर्माण के मूल्यों पर बल दिया। नव वर्ष के अवसर पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, नव वर्ष के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि यह नया वर्ष आप सभी के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा भावना को और मजबूत करे, और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को नई शक्ति प्रदान करे।</p>
<p>नव संवत्सर के अवसर पर एक अन्य पोस्ट में उन्होंने इसी तरह की भावना व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाला वर्ष असीम सुख, सफलता और अच्छे स्वास्थ्य लेकर आएगा। साथ ही साहस, आत्मविश्वास और सेवा की भावना को मजबूत करेगा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में हमारे सामूहिक प्रयासों को नई गति प्रदान करेगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं देते हुए देशवासियों को अपने परिवार के सदस्यों के रूप में संबोधित किया और कहा कि शक्ति की पूजा का यह पवित्र अवसर आप सभी के लिए सुख, सौभाग्य, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए। उन्होंने आगे कहा कि मां दुर्गा के आशीर्वाद से विकसित भारत के लिए हमारा संकल्प नई ऊर्जा प्राप्त करेगा। एक अलग संदेश में, उन्होंने मां दुर्गा के चरणों में आदरपूर्वक प्रणाम और श्रद्धा अर्पित की और प्रार्थना किया कि देवी सभी को प्रेम और करुणा का आशीर्वाद दें।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने पूरे देश में पारंपरिक नव वर्ष के अवसर पर मनाए जाने वाले विभिन्न क्षेत्रीय त्योहारों, जैसे गुड़ी पड़वा, उगादी, चेटी चंद, साजिबू चीराओबा और नवरेह, की भी शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में इन त्योहारों को मनाने वाले लोगों के लिए समृद्धि और एक सुखद वर्ष की कामना की। नव संवत्सर हिंदू चंद्र पंचांग की शुरुआत का प्रतीक है और भारतीय सांस्कृतिक विविधता के साथ विभिन्न राज्यों में इसे अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। यह अवधि नवरात्रि के साथ भी मेल खाती है, जिसमें भक्त देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं, जो बुराई पर अच्छाई की विजय और ब्रह्मांड को बनाए रखने वाली दिव्य ऊर्जा का प्रतीक हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी के संदेश सबका साथ, सबका विकास के व्यापक दृष्टिकोण और विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप हैं, जो राष्ट्रीय और सांस्कृतिक अवसरों पर उनके सार्वजनिक भाषणों में अक्सर देखने को मिलते हैं। आध्यात्मिक अनुष्ठानों को सेवा एवं सामूहिक प्रगति जैसे नागरिक मूल्यों से जोड़कर, प्रधानमंत्री ने नव वर्ष की शुरुआत में नागरिकों के बीच एकता और साझा उद्देश्य की भावना को मजबूत करने की कोशिश की है।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने चैत्र नवरात्र महापर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। खड़गे गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा की आराधना के महापर्व चैत्र नवरात्र स्थापना के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक मंगलकामनाएं। मेरी आशा है कि यह पावन महापर्व आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा आदिशक्ति की कृपा सदैव आप सब पर बनी रहे।</p>
<p>प्रियंका वाड्रा ने कहा, आदिशक्ति जगतजननी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के पावन पर्व चैत्र नवरात्र की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। माता रानी आप सबके जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 12:17:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी ने दी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को शुभकामनाएं, कहा-महिलाएं पक्के इरादे, रचनात्मकता और बेमिसाल जोश के साथ भारत की तरक्की को दे रही आकार</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर देश की 'नारी शक्ति' को बधाई देते हुए उन्हें विकसित भारत का आधार बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दशक की सरकारी योजनाओं ने महिलाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए हैं। पीएम ने जमीनी स्तर पर आए बदलावों का उल्लेख करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय जोश और रचनात्मकता की सराहना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-congratulated-women-on-international-womens-day-and-said/article-145698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/modi-1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को देश भर की महिलाओं को बधाई दी और भारत के विकास में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति की उपलब्धियां देश को प्रेरित करती हैं और एक विकसित भारत की ओर इसके सफऱ को मजबूत करती हैं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर किये गये सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि महिलाएं सभी क्षेत्रों में बदलाव लाने वाली भूमिका निभा रही हैं और देश की तरक्की के केंद्र में हैं। उन्होंने लिखा, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं हमारी सभी नारी शक्ति को बधाई देता हूं। हर क्षेत्र में महिलाएं पक्के इरादे, रचनात्मकता और बेमिसाल जोश के साथ भारत की तरक्की को आकार दे रही हैं। उनकी उपलब्धियां हमारे देश को प्रेरित करती हैं और विकसित भारत बनाने के हमारे सामूहिक इरादे को मजबूत करती हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण पर सरकार के ध्यान का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दस सालों में शुरू की गई कई पहल और योजनाओं का मकसद अवसरों को बढ़ाना और महिलाओं को उनकी पूरी क्षमता का एहसास कराना है। उन्होंने कहा, महिलाओं का सशक्तिकरण हमारी अलग-अलग योजनाओं और पहलों का मुख्य हिस्सा है। हम ऐसे मौके बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिनसे हर महिला अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सके और भारत के विकास के सफऱ में योगदान दे सके। </p>
<p>उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा कि देश भर में महिलाओं की उपलब्धियां भारत के भविष्य को आकार दे रही हैं। पीएम मोदी ने लिखा, भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां गर्व का विषय हैं और राष्ट्र निर्माण में बदलाव लाने वाली भूमिका की एक मजबूत याद दिलाती हैं। जैसे-जैसे भारत आगे बढ़ेगा, महिलाओं की उम्मीदें और योगदान एक मजबूत और खुशहाल देश की ओर हमारी सामूहिक यात्रा को प्रोत्साहित करते रहेंगे।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने जमीनी स्तर पर महिलाओं की सफलता की कहानियों को दिखाने वाला एक वीडियो शेयर करते हुए नये भारत की नारी शक्ति हैशटैग का इस्तेमाल करके लिखा, यह पिछले एक दशक में जमीनी स्तर पर महिलाओं की जिंदगी कैसे बदली है, इसकी एक झलक दिखाता है।</p>
<p>केंद्र सरकार ने हाल के सालों में महिलाओं के सशक्तिकरण पर केन्द्रित कई कार्यक्रम शुरू किये हैं, जिनमें वित्तीय समावेशन, उद्यमिता, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता से जुड़े पहलें शामिल हैं। सरकार ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शासन और सशस्त्र बल जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया है। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि हर साल दुनिया भर में आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इसे महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने के साथ ही दुनिया भर में महिलाओं के लिए लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के तौर पर मनाया जाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 13:05:36 +0530</pubDate>
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                <title>नए भारत का निर्माण:  इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बड़ी सफलताओं का वर्ष 2025, रेल, सड़क, उड्डयन, समुद्र और डिजिटल क्षेत्र में हकीकत बने नागरिकों के सपने</title>
                                    <description><![CDATA[वर्ष 2025 भारत की विकास यात्रा का स्वर्णिम अध्याय सिद्ध हुआ। ₹11.21 लाख करोड़ के निवेश के साथ मिजोरम का रेल नेटवर्क से जुड़ना, दुनिया के सबसे ऊंचे 'चिनाब ब्रिज' और पहले वर्टिकल लिफ्ट 'पंबन ब्रिज' का उद्घाटन प्रमुख उपलब्धियां रहीं। कनेक्टिविटी में यह अभूतपूर्व विस्तार 'विकसित भारत' की नींव मजबूत कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/building-a-new-india-2025-is-a-year-of-major/article-137487"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/india&#039;s-infrastructure-revolution.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। 2025 भारत की विकास यात्रा में एक अहम अध्याय है। इंफ्रास्ट्रक्चर के हर क्षेत्र में: रेल, सड़क, उड्डयन, समुद्र और डिजिटल, इस वर्ष भारत की विकास की महत्वाकांक्षाएं करोड़ों नागरिकों के लिए वास्तविकता में बदल गई। देश के सबसे दूरदराज के इलाकों से लेकर सबसे बड़े शहरी केंद्रों तक, कनेक्टिविटी बढ़ी, दूरियां घटीं, और लोगों की उम्मीदों को स्टील, कंक्रीट और ट्रैक का सहारा मिला। वित्त वर्ष 2025-26 में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए सरकार का पूंजीगत निवेश बढ़कर 11.21 लाख करोड़ (लगभग 128.64 बिलियन अमेरिकी डॉलर) हो गया है, जो जीडीपी का 3.1 प्रतिशत है, जबकि अनुमान के मुताबिक 2047 तक भारत हर 12-18 महीनों में अपनी जीडीपी में 1 ट्रिलियन डॉलर जोड़ेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर आर्थिक विकास का गुणक बन गया है, और साल 2025 वह वर्ष है, जब इस गुणक से साफ नतीजे नजर आने शुरू हुए।</p>
<p>मिजोरम पहली बार भारत के राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ा: मिजोरम के आखिरकार भारत के राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ने पर इतिहास रच गया, जो पूर्वोत्तर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है और राज्य के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई। इस उपलब्धि के साथ, मिजोरम भारत के रेलवे मैप में शामिल हो गया, जिसमें 51 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरंग रेलवे लाइन है, यह प्रोजेक्ट 8,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनाया गया है, जो आजाद भारत के इतिहास में पहली बार आइजोल को सीधे भारत के राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ता है। मिजोरम की आबादी के लिए एक सिंगल रेलवे लाइन से इमरजेंसी सेवाएं, सैन्य लॉजिस्टिक्स, आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच, शिक्षा और रोजगार के मौकों में बड़ा बदलाव आया है। इतना ही नहीं, पहली माल ढुलाई 14 सितंबर, 2025 को हुई, जब असम से 21 सीमेंट वैगन आइजोल भेजे गए। बांस, बागवानी, खास फसलों जैसे स्थानीय कृषि उत्पाद अब सड़क परिवहन के अधिक खर्च के बिना पूरे भारत के बाजारों तक पहुच सकते हैं।</p>
<p>सबसे कठिन इलाके पर जीत: दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का उद्घाटन: उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक प्रोजेक्ट के अंतर्गत दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल, चिनाब ब्रिज के उद्घाटन के साथ भारत के अभियांत्रिकी भरोसे ने नई ऊंचाइयों को छुआ। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने कश्मीर घाटी को पूरे देश से हर मौसम में रेल कनेक्टिविटी के जरिए जोड़ा, जिससे एक लंबे समय से चले आ रहे राष्ट्रीय लक्ष्य को वास्तविकता में बदला गया।</p>
<p><strong>तमिलनाडु में भारत के पहले वर्टिकल-लिफ्ट समुद्री पुल का उद्घाटन</strong></p>
<p>2025 में भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर कहानी समुद्र तक भी पहुच गई। पीएम मोदी ने तमिलनाडु में नए पंबन पुल का उद्घाटन किया।<br />नया पंबन पुल भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट समुद्री पुल है और यह अपनी तकनीकी तरक्की और अनोखे डिजाइन के लिए दुनिया भर में मशहूर दूसरे पुलों जैसा ही है। इसमें अमेरिका का गोल्डन गेट ब्रिज, लंदन का टॉवर ब्रिज और डेनमार्क-स्वीडन का ओरेसंड ब्रिज शामिल हैं। <br />भारत के पहले डेडिकेटेड कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट का लॉन्च: पीएम ने 8,900 करोड़ रुपए के विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय गहरे पानी के बहुउद्देशीय बंदरगाह का उद्घाटन किया। यह देश का पहला समर्पित कंटेनर ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह है, जो विकसित भारत के एकीकृत विजन के अंतर्गत भारत के समुद्री क्षेत्र में हो रही बदलाव लाने वाली प्रगति को दिखाता है। </p>
<p>बिहार में पहली वंदे मेट्रो का लॉन्च: बिहार की पहली वंदे मेट्रो, जिसे नमो भारत रैपिड रेल के नाम से भी जाना जाता है, को जयनगर को पटना से जोड़ने के लिए लॉन्च किया गया, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अपनी तरह की यह पहली, पूरी तरह से एयर-कंडीशन्ड और बिना रिजर्वेशन वाली ट्रेन मौजूदा ट्रेनों से लगभग आठ घंटे की तुलना में सिर्फ साढ़े पांच घंटे में पटना पहुचती है।</p>
<p>जेड-मोड़ टनल: जम्मू और कश्मीर में हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित: 2025 में, पीएम ने जम्मू और कश्मीर में रणनीतिक जेड-मोड़ टनल का उद्घाटन किया, जो एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है, जो सोनमर्ग को पूरे साल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करती है और लद्दाख क्षेत्र तक पहुंच को मजबूत करती है। श्रीनगर-लेह हाईवे पर हिमस्खलन वाले हिस्सों को बायपास करने के लिए बनाई गई यह टनल नागरिकों की आवाजाही, पर्यटन प्रवाह और इमरजेंसी पहुंच में काफी सुधार करती है, साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा लॉजिस्टिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति के तौर पर भी काम करती है। </p>
<p>पहली बार जम्मू से श्रीनगर तक रेल द्वारा सीधी कनेक्टिविटी: पीएम मोदी हाई-टेक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन ने किया और इससे पहली बार जम्मू से श्रीनगर तक रेल के जरिए सीधी कनेक्टिविटी संभव हुई है। </p>
<p>दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस): दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर का आखिरी हिस्सा पूरी तरह से वाणिज्यिक कार्यान्वयन के लिए खुल गया है, जिससे दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक 82.15 किलोमीटर का लिंक पूरा हो गया है। आरआरटीएस मेट्रोपॉलिटन कम्यूटिंग को नया रूप देता है। ये 180 किलोमीटर/ घंटे के कॉरिडोर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए भारत के विजन को दिखाते हैं, जो शहरी मेट्रो और इंटरसिटी रेल के बीच कड़े अंतर से आगे बढ़कर अलग-अलग दूरी के लिए तैयार किए गए तेज आवागमन के स्पेक्ट्रम की ओर बढ़ रहा है।</p>
<p>नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन: नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण के उद्घाटन के साथ भारत की विमानन क्षमता में एक बड़ी छलांग लगी। इस मील के पत्थर से मुंबई के मौजूदा हवाई अड्डे पर बोझ कम हुआ और यात्री और कार्गो में तेजी की अगली लहर के लिए भारत की तैयारी मजबूत हुई। </p>
<p>नौसैना इंफ्रा के लिए बड़ा साल: 2025 नौसैनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी एक ऐतिहासिक वर्ष था। अगस्त 2025 में, भारत ने 75% से अधिक स्वदेशी सामान के साथ दो स्टील्थ फ्रिगेट, आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि को शामिल किया।  <br />बेंगलुरु में येलो लाइन सेवा की शुरूआत: पीएम ने आर. वी. रोड मेट्रो स्टेशन पर येलो लाइन मेट्रो सेवाओं का उद्घाटन किया, जो बेंगलुरु के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट को इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के टेक हब से जोड़ती है। </p>
<p>बिजली की आखिरी छोर तक पहुंच: मई 2025 में, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के 17 दूरदराज के गांवों में आजादी के बाद पहली बार ग्रिड बिजली पहुंची, जिससे 540 परिवारों को लाभ मिला। </p>
<p>पहली बस की पहुंच: काटेझारी, गढ़चिरौली में गतिशीलता: 2025 में, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सल प्रभावित आदिवासी गांव काटेझारी को आजादी के बाद पहली बार बस परिवहन की सुविधा मिली और गांव वालों ने बस के आने का जश्न मनाया। दिसंबर 2025 में, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के कोंडापल्ली गांव में आजादी के बाद पहली बार एक मोबाइल टावर लगाया गया, यह इलाका लंबे समय से बाहरी दुनिया से कटा हुआ था।</p>
<p><strong>अब 160 से ज्यादा हवाई अड्डे</strong></p>
<p>भारत का आसमान पहले से कहीं अधिक व्यस्त हो गया है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन बाजार बन गया है। हवाई अड्डों की संख्या 2014 में 74 से बढ़कर 2025 में 163 हो गई है। इस बीच, जब भारत 2047 में आजादी के सौ वर्ष मनाएगा, तो सरकार का विजन तब तक एयरपोर्ट की संख्या बढ़ाकर 350-400 करना है। </p>
<p><strong>99 प्रतिशत रेलवे का विद्युतीकरण</strong></p>
<p>भारतीय रेलवे अपने लगभग पूरे ब्रॉड-गेज नेटवर्क के विद्युतीकरण को पूरा करने के करीब है, जिसमें 99% से अधिक का विद्युतीकरण पहले ही हो चुका है और बाकी हिस्सों का काम भी जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। पिछले कुछ वर्ष में काम में बहुत तेजी रही है। </p>
<p><strong>तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क</strong></p>
<p>भारत का मेट्रो नेटवर्क 248 किलोमीटर (2014) से बढ़कर 1,013 किलोमीटर (2025) हो गया है। भारत अब गर्व से दुनिया के तीसरे सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क के रूप में खड़ा है, जो शहरी परिवहन विस्तार में इसकी तेज प्रगति को दिखाता है। </p>
<p><strong>सड़कें और राजमार्ग</strong></p>
<p>देश में एनएच नेटवर्क की लंबाई मार्च 2019 में 1,32,499 किलोमीटर से बढ़कर अभी 1,46,560 किलोमीटर हो गई। 4-लेन और उससे अधिक वाले एनएच नेटवर्क की लंबाई 2019 में 31,066 किलोमीटर से बढ़कर 43,512 किलोमीटर हो गई है, जो 1.4 गुना अधिक है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 11:32:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>मजबूत संकल्प पर विकसित भारत की नींव</title>
                                    <description><![CDATA[भारत की उपलब्धियां धरती के वायुमंडल से परे आकाश तक गूंज रही हैं। इसका लोहा दुनियाभर के देश मान रहे हैं। चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर अपना झंडा फहराने वाला भारत पहला देश बना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/the-foundation-of-developed-india-on-strong-determination/article-69488"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/satish-poonia.png" alt=""></a><br /><p>भारत के नए संसद भवन में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संबोधन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस उद्घोष की नींव रखी है, जिसमें प्रधानमंत्री 2047 तक विकसित भारत का स्वप्न देखते हैं। हाल ही में भारत ने अपनी स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मनाया। इस वर्ष संविधान लागू होने का 75वां वर्ष देश मना रहा है। भारत के पिछले दस वर्ष ऐसी अनेक उपलब्धियों से भरे हुए रहे हैं, जिन पर भारत की आने वाली पीढ़ियां गर्व करेंगी। कोविड के गंभीर संकटकाल को लांघकर भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को न सिर्फ  संभाला बल्कि वह तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था बनी। लगातार दो तिमाही में भारत की विकास दर 7.5 प्रतिशत से ऊपर रही।<br /><br />भारत की उपलब्धियां धरती के वायुमंडल से परे आकाश तक गूंज रही हैं। इसका लोहा दुनियाभर के देश मान रहे हैं। चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर अपना झंडा फहराने वाला भारत पहला देश बना है। आदित्य मिशन के माध्यम से धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर अपना सैटेलाइट पहुंचाया है। जी-ट्वंटी के माध्यम से भारत ने सर्वसमावेशी और वसुधैव कुटुंबकम के भारतीय दर्शन से दुनियाभर के देशों को अपना संदेश दिया। भारत की स्वतंत्रता के अमृतकाल में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए अमृत महोत्सव में जिस तरह भारतीय जनता ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया, उसने पूरे भारत में एक उत्सव का माहौल बना दिया था। इस दौरान मेरी माटी मेरा अभियान के माध्यम से देशभर के हर गांव की मिट्टी के साथ अमृत कलश दिल्ली लाए गए। तीन करोड़ से ज्यादा लोगों ने पंच प्राण की शपथ ली। 70 हजार से ज्यादा अमृत सरोवर बने, दो लाख से ज्यादा अमृत वाटिकाएं स्थापित की गई। 16 करोड़ से ज्यादा लोगों ने तिरंगे के साथ सेल्फी अपलोड की। देश को लोगों को अपनी मिट्टी से जोड़ने का यह विशाल अभियान बन गया था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम मोदी सरकार का भारत की नारी शक्ति को दिया गया सबसे बड़ा अधिकार है। इससे लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी। राष्टÑपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिला आधारित विकास मोदी सरकार का संकल्प है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने भी अपने अंतरिम बजट में इसी बात का उल्लेख किया है। मोदी सरकार ने 30 करोड़ से ज्यादा मुद्राण महिला उद्यमियों को आवंटित किए हैं। उच्च शिक्षा में बालिकाओं का नामांकन 28 प्रतिशत तक बढ़ा है। पीएम आवास योजना में 70 प्रतिशत से अधिक आवास ग्रामीण महिलाओं को दिए गए।<br /><br />भारत में पिछले दस वर्षों में अनेक ऐसे कार्य हुए हैं, जिनकी भारत को कई दशकों और सदियों से प्रतीक्षा थी। राम मंदिर के निर्माण ने भारत के करोड़ों लोगों की आस्था को पुष्ट किया है। इसी तरह जम्मू कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाने को लेकर जो शंकाएं पिछले कई दशक से थीं वह आज इतिहास हो चुकी हैं। तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं के लिए त्रासदी जैसा था, लेकिन महिला सशक्तिकरण की दिशा में मोदी सरकार ने तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को कानूनी अधिकार दिया। पड़ोसी देशों से आए पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने वाला कानून बनाया। वित्त मंत्री ने अपने अंतरिम बजट भाषण में रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की बात की। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में निश्चित ही अगली पीढ़ी के सुधारों को हाथ में लिया जाएगा। राष्ट्रपति ने भी अपने उद्बोधन में कहा कि मोदी सरकार का बड़ा रिफॉर्म डिजिटल इंडिया का निर्माण रहा है। इसमें कोई शक नहीं है कि डिजिटल इंडिया ने देश में जीवन को बहुत आसान बना दिया है। अमरीका और यूरोपीय देशों में भी भारत जैसा डिजिटल सिस्टम नहीं है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने जयपुर में रोड शो के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को भी डिजिटल भुगतान के जरिए डिजिटल भारत की सुंदर तस्वीर दिखाई। आज गांव-गांव और ढ़ाणी-ढ़ाणी में खरीद-बिक्री डिजिटल तरीके से हो रही है। दुनिया में कुल रियल टाइम डिजिटल लेन-देन का 46 प्रतिशत भारत में होता है। यह डिजिटल भारत की वह तस्वीर है, जिसके बारे में लोगों ने सोचा भी नहीं था। देश में अब तक रिकॉर्ड 34 लाख करोड़ रुपए का हस्तांतरण डीबीटी से हो चुका है। जनधन, आधार और मोबाइल ने भ्रष्टाचार पर लगाने कसने में मदद की है।<br /><br />पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत की स्वर्णिम चतुर्भुज के माध्यम से जिस आधारभूत ढांचे की नींव रखी थी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे कई गुना आगे बढ़ाकर भारत के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को मजबूत करने और उसे गति देने का काम किया। मोदी सरकार में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए रिकॉर्ड निवेश हुआ। इस दौरान गांवों में पौने चार लाख किलोमीटर नई सड़कें बनीं।  राष्ट्रीय राजमार्ग, फ ोर- लेन हाइवे, हाई स्पीड कॉरिडोर, हवाईअड्डों और मेट्रो सेवा का विस्तार हुआ है।    <br /><br />-डॉ. सतीश पूनिया<br />(भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Feb 2024 11:02:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>शिक्षा की बदौलत ही साकार होगा विकसित भारत का सपना</title>
                                    <description><![CDATA[सवाल उठता है कि आखिर क्यों हमारे बच्चे पढ़ने के लिए विदेश की ओर दौड़ लगा रहे हैं? क्यों हम उन्हें देश में ही विश्व स्तरीय शिक्षा मुहैया नहीं करा पा रहे हैं? और क्यों विदेशों के बच्चे हमारे देश में आकर पढ़ने में रुचि नहीं ले रहे हैं?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/the-dream-of-developed-india-will-come-true-only-with/article-65199"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/education.png" alt=""></a><br /><p>केन्द्र सरकार वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित देश के रूप में देखना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल में एक कार्यशाला के दौरान देशभर के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, संस्थानों के प्रमुखों और संकाय सदस्यों को संबोधित किया। इसमें मोदी ने प्रत्येक विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और युवाओं की ऊर्जा को विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में लगाने पर बल दिया है। मोदी ने विकसित भारत के सपने के साथ विश्वविद्यालयों को क्यों जोड़ा है, इस पर हमें व्यापक चिंतन करने की जरूरत है। मैं 44 साल तक दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहा हूं। एक शिक्षक के रूप में लंबे अनुभव की बदौलत मेरी दृढ़ मान्यता है कि शिक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षा की सीढ़ी पर चढ़कर ही विकास की प्रत्येक मंजिल पर पहुंचा जा सकता है। यदि हम आजादी के सौ साल पूरे होने के अवसर पर वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित देश के रूप में देखना चाहते हैं तो यह सपना शिक्षा की बदौलत ही साकार रूप ले सकता है, लेकिन यह इतना सरल और सहज नहीं है। इसके लिए  देश के विश्वविद्यालयों के लिए जमकर काम करना होगा। मोदी चाहते हैं कि विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की ऊर्जा को विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में लगाया जाए। उनकी यह सोच दूरगामी है, लेकिन इससे पहले विश्वविद्यालयों को ऊर्जावान बनाना होगा। अभी देश के विश्वविद्यालयों की जो हालत है, वह बेहद चिंताजनक है।<br /><br />हमारे देश में प्राइवेट विश्वविद्यालय निरंतर विस्तार कर रहे हैं, पैसा कमा रहे हैं, लेकिन इसके विपरीत यूजीसी की फंडिंग वाले विश्वविद्यालय पिछड़ रहे हैं। हमारे ज्यादातर विश्वविद्यालयों का बुनियादी ढांचा मजबूत नहीं है। उनमें विश्व स्तरीय स्मार्ट क्लास रूम का अभाव है। अच्छे आॅडिटोरियम, लाइब्रेरी, एकेडमिक ब्लॉक्स और बेहतरीन लैब की कमी खलती है। जो भारत प्राचीन काल में समूचे विश्व में शिक्षा का प्रमुख केन्द्र था, जिस भारत में उच्च शिक्षा के दुनिया के पहले विश्वविद्यालयों में शामिल सर्वाधिक महत्वपूर्ण और विख्यात नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, उस भारत में विश्वविद्यालयों की मौजूदा स्थिति विचारणीय है। इस वजह से देश में उच्च शिक्षा गुणवत्ता के लिहाज से पिछड़ रही है। धनवान लोगों के बच्चे तो उच्च शिक्षा के लिए विदेश चले जाते हैं और वहीं कॅरियर बनाकर बस भी जाते हैं। आम लोगों के बच्चे प्राइवेट विश्वविद्यालयों में शोषण झेल रहे हैं। यूजीसी फंडिंग वाले विश्वविद्यालयों की स्थिति सुधारी जाए तो हालात बदले जा सकते हैं। ऐसा तभी संभव है, जब हम हमारे विश्वविद्यालयों को वर्ल्ड रैंकिंग में लाएंगे।  उन्हें बड़ा ब्रांड बनाने की दिशा में काम करेंगे। आज पूरी दुनिया में ब्रांड-रैंकिंग की वेल्यू है।  हार्वर्ड, केम्ब्रिज, आॅक्सफोर्ड जैसे संस्थानों में पढ़े युवाओं को बड़े-बड़े पद तुरंत मिल जाते हैं। यह सब उनकी ब्रांड-रैंकिंग वेल्यू का ही कमाल है। यह कमाल भारत के विश्वविद्यालय भी कर सकते हैं लेकिन अफसोस है देश की आजादी के बाद इस दिशा में सात दशकों तक सोचा ही नहीं गया। हमारे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय भी पिछले सात दशकों में पिछड़ते ही चले गए हैं।<br /><br />भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली की गिनती विश्व की तीसरी सबसे बड़ी उच्च शिक्षा प्रणाली के रूप में होती है। हमारी उच्च शिक्षा प्रणाली यूएसए व चीन के बाद तीसरे स्थान पर है। हमारे यहां  एक हजार से अधिक विश्वविद्यालय और विवि स्तर के संस्थान हैं, इनसे 37 हजार से ज्यादा कॉलेज सम्बद्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति यह है कि चीन के बाद भारत ऐसा वह देश है, जहां से प्रति वर्ष सबसे अधिक बच्चे पढ़ने के लिए विदेश जा रहे हैं। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने इस साल लोकसभा में बताया है कि 2017 से 2022 के दौरान 30 लाख से अधिक भारतीय उच्च शिक्षा के लिए विदेश गए।<br /><br />सवाल उठता है कि आखिर क्यों हमारे बच्चे पढ़ने के लिए विदेश की ओर दौड़ लगा रहे हैं? क्यों हम उन्हें देश में ही विश्व स्तरीय शिक्षा मुहैया नहीं करा पा रहे हैं? और क्यों विदेशों के बच्चे हमारे देश में आकर पढ़ने में रुचि नहीं ले रहे हैं? इसकी प्रमुख वजह हमारा वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में पिछड़ना है। एक ओर जहां विभिन्न देशों के विवि टॉप 100 में हैं, वहीं हमारी यूनिवर्सिटी की गिनती टॉप 500 में भी नहीं होती है। उदाहरण के रूप में, टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) की ओर से जारी वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 को देखा जा सकता है। इसमें 108 देशों और रीजन की 1904 यूनिवर्सिटी शामिल हैं। दुनिया में टॉप वन यूनिवर्सिटी में पहले नंबर पर लंदन की आॅक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी है। दूसरे नंबर पर यूनाइटेड स्टेट की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और तीसरे नंबर पर यूनाइटेड किंडगम की यूनिवर्सिटी आॅफ  कैंब्रिज का नाम शामिल है। इस बार भारत की 91 यूनिवर्सिटी को टीएचई वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में जगह मिली है, इनमें केवल आईआईएस बेंगलुरू ही वर्ष 2017 के बाद पहली बार टॉप 250 यूनिवर्सिटीज की लिस्ट में जगह बना सकी है। इस रैंकिंग में टॉप 501 से 600 के बीच नंबर वन पर दक्षिण भारत की अन्ना यूनिवर्सिटी है। अन्ना यूनिवर्सिटी को एनआईआरएफ 2022 रैंकिंग में 20वां और समग्र श्रेणी के तहत 22वां स्थान प्राप्त है। टीएचई रैंकिंग में दूसरे नंबर पर नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया, तीसरे नंबर पर वर्धा का महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, चौथे नंबर पर शूलिनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एवं मैनेजमेंट साइंस का नाम शामिल है। शेष सभी यूनिवर्सिटी टॉप 601 से 1000 के बीच हैं।<br /><br />-प्रो. महेश चंद गुप्ता<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>
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                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Dec 2023 10:12:00 +0530</pubDate>
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