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                <title>rajasthan wildlife - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>rajasthan wildlife RSS Feed</description>
                
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                <title>नयी बस्ती  हिंदवाड़ में पुनर्वासित परिवारों से संवाद कर भावनात्मक एवं नैतिक सहयोग प्रदान किया गया</title>
                                    <description><![CDATA[रणथंभौर बाघ परियोजना के तहत पुनर्वासित परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए विशेष संवाद पहल की गई। सोशियोलॉजिस्ट ममता साहू ने विस्थापित परिवारों से मिलकर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका की चुनौतियों पर चर्चा की। इस पहल का उद्देश्य सकारात्मक बदलाव लाना और सरकारी योजनाओं के माध्यम से उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर को सशक्त बनाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/emotional-and-moral-support-was-provided-by-interacting-with-the/article-146140"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jaipur-news1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रणथंभौर बाघ परियोजना के अंतर्गत मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक शारद प्रताप सिंह तथा उपवन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक मानस सिंह के दिशा निर्देशन में सोशियोलॉजिस्ट ममता साहू द्वारा नई बस्ती हिंदवाड़ में हिंदवाड़ से विस्थापित होकर स्थापित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, आजीविका, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यकताओं से जुड़े विषयों पर संवाद किया गया।</p>
<p>इस दौरान प्रत्येक परिवार से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त की गई। पुनर्वास के बाद परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों तथा बच्चों की शिक्षा के स्तर में हुए बेहतर परिणामों पर चर्चा की गई और साथ ही पुनर्वास के पश्चात सामने आ रही चुनौतियों के बारे में भी संवाद किया गया।</p>
<p>परिवारों ने भी खुलकर विस्थापन के बाद अपने जीवन में आए सकारात्मक परिणामों, जीवन शैली तथा सामाजिक स्तर में हुए सुधार के बारे में अपने अनुभव साझा किए। साथ ही उन्होंने वन विभाग द्वारा विस्थापित परिवारों से मिलकर संवाद करने की इस पहल को बहुत ही आवश्यक और सराहनीय बताया। उपवन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक मानस सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पुनर्वासित परिवारों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करना, उनकी समस्याओं को समझना तथा उनके जीवन स्तर और बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में सहयोग सुनिश्चित करना है।</p>
<p>इस अवसर पर समुदाय को आपसी सहयोग, समन्वय तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी जागरूक किया गया, ताकि पुनर्वासित परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 17:54:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नाहरगढ़ जैविक उद्यान में वन्यजीवों के दीदार के लिए उमड़े सैलानी, वर्ष 2026 में महज 39 दिनों में 57 हजार से अधिक पर्यटकों का आगमन</title>
                                    <description><![CDATA[राजधानी जयपुर का नाहरगढ़ जैविक उद्यान सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2026 के अब तक के मात्र 39 दिनों में 57 हजार से अधिक पर्यटक उद्यान में वन्यजीवों के दीदार कर चुके हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tourists-flocked-to-nahargarh-biological-park-to-see-the-wildlife/article-142390"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(3)15.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर का नाहरगढ़ जैविक उद्यान सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2026 के अब तक के मात्र 39 दिनों में 57 हजार से अधिक पर्यटक उद्यान में वन्यजीवों के दीदार कर चुके हैं। एसीएफ देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि रविवार को बदलते मौसम का सुहावना मिजाज और अवकाश के दिन का उत्साह बड़ी संख्या में पर्यटकों को नाहरगढ़ जैविक उद्यान की ओर खींच लाया। इस दौरान कुल 3177 सैलानियों ने उद्यान का भ्रमण कर वन्यजीवों को नजदीक से देखने का अनुभव प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान लायन सफारी और टाइगर सफारी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहीं, कुल 284 पर्यटकों ने दोनों सफारियों का रोमांचक अनुभव लिया। बाघों की गर्जना और शेरों की शाही चाल ने सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नाहरगढ़ जैविक उद्यान में संचालित टाइगर सफारी और लायन सफारी इन दिनों न केवल जयपुरवासियों बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण बनी हुई है।</p>
<p>उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के निर्देशन में उद्यान में पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एसीएफ  राठौड़ एवं रेंजर शुभम शर्मा ने रविवार को सफारियों की सघन मॉनिटरिंग कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। वन विभाग की सतत निगरानी एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते नाहरगढ़ जैविक उद्यान राज्य के प्रमुख और लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शुमार हो गया है। यह उद्यान न केवल पर्यावरण संरक्षण का सशक्त उदाहरण है, बल्कि पर्यटकों के लिए शिक्षाप्रद एवं मनोरंजक अनुभव का केन्द्र भी बनता जा रहा है।</p>
<p><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 12:41:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन्यजीव गणना को लेकर झालाना में हुई ट्रेनिंग : झालाना और आमागढ़ लेपर्ड रिजर्व में 4 दिन बंद रहेगी सुबह की सफारी</title>
                                    <description><![CDATA[इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों की ओर से वन्यजीव गणना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों सहित अन्य जानकारी दी गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/training-in-jhalana-for-wildlife-calculation-and-morning-safari-will/article-113476"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(1)39.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में 12 मई को वाटर होल पद्धति से वन्यजीवों की गणना होगी। इसके लिए वन विभाग की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। इसको लेकर गुरुवार को झालाना नाका स्थित इंटरप्रिटेशन सेंटर में वन विभाग कर्मचारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं को वन्यजीव गणना संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर डीसीएफ विजयपाल सिंह, एसीएफ प्राची चौधरी, क्षेत्रीय वन अधिकारी देवेन्द्र सिंह राठौड़, रेंजर जितेन्द्र सिंह शेखावत सहित स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों की ओर से वन्यजीव गणना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों सहित अन्य जानकारी दी गई। </p>
<p><strong>झालाना और आमागढ़ लेपर्ड रिजर्व में 4 दिन बंद रहेगी सुबह की सफारी</strong><br />झालाना एवं आमागढ़ लेपर्ड सफारी में साइंस और कैमरा ट्रेप सर्वे किया जाएगा। इसके चलते झालाना लेपर्ड सफारी में 12 से 15 मई तक और आमागढ़ लेपर्ड सफारी में 10 से 13 मई तक सुबह की पारी में सफारी बंद रहेगी। रेंजर जितेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि दोनों जगह साइंस और कैमरा ट्रेप सर्वे किया जाना है। इसलिए दोनों सफारियों को सुबह की सफारी के लिए बंद रखा जाएगा। ताकि बिना किसी परेशानी के सर्वे पूरा हो सके। शेखावत ने बताया कि यहां साइंस सर्वे करीब तीन दिन चलेगा। वहीं कैमरा ट्रेप सर्वे करीब 25 दिनों तक चलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 May 2025 10:50:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लॉयन, लेपर्ड, हाथी के बाद अब टाइगर सफारी जल्द </title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश का पहला ऐसा शहर जहां पर्यटकों के लिए सफारी के कई विकल्प]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/after-lion-leopard-elephant-now-tiger-safari-soon/article-65407"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/tiger1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर के पर्यटन स्थलों पर इन दिनों पर्यटकों की रौनक दिखाई दे रही है। मॉन्यूमेंट्स कहें या सफारी हर जगह दिल्ली, हरियाणा, मुम्बई, कोलकाता सहित अन्य राज्यों से आए पर्यटकों का हूजूम देखने को मिल रहा है। कहा जाए तो अब पर्यटक ऐतिहासिक मॉन्यूमेंट्स के अलावा वाइल्ड लाइफ में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। शहर में लॉयन सफारी, झालाना-आमागढ़ लेपर्ड सफारी, हाथी सवारी के बाद अब जल्द ही टाइगर सफारी की सौगात मिलेगी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क स्थित टाइगर सफारी अगले साल मार्च तक शुरू हो सकती है। इसके लिए सफारी का कार्य तेज गति से चल रहा है।</p>
<p><strong>8 की शेप में बन रहा ट्रैक</strong><br />टाइगर सफारी में 8 की शेप में ट्रैक बनाया जा रहा है। सफारी की दीवार, गेट, फेंसिंग आदि का कार्य हो चुका है। वहीं ट्रैक का 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। साथ ही 2 वाटर बॉडीज बनाई जाने हैं। अगर आवश्यकता पड़ी तो इनकी संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Dec 2023 19:10:52 +0530</pubDate>
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