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                <title>शहर ट्रैफिक सिग्नल फ्री, पैदल चलने वालों के लिए जेब्रा क्रॉसिंग ही नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[नागरिकों के सड़क पर सुरक्षित चलने के मौलिक अधिकार का हो रहा हनन।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/city-is-free-of-traffic-signals--yet-lacks-zebra-crossings-for-pedestrians/article-157727"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। औद्योगिक से शिक्षा नगरी और अब पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रहे कोटा शहर में जहां देशभर से लोगों का आवागमन रहता है। उस शहर को ट्रैफिक सिग् नल लाइट फ्री तो बना दिया। वाहन तो बिना रूके निर्बाध रूप से निकल रहे हैं। लेकिन नागरिकों के सड़क पर पैदल चलने के मौलिक अधिकार का हनन हो रहा है। पैदल चलने वालों के लिए सड़क पर फुटपाथ और जेब्रा क्रॉसिंग तक नहीं है। फुटपाथ हैं तो उन पर अतिक्रमण हो रखा है। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को एक अहम फैसले में कहा कि निर्धारित फुटपाथ पर चलने का अधिकार संविधान के तहत स्वतंत्र रूप से आने-जाने के मौलिक अधिकार का हिस्सा है। दो न्यायाधीशों की पीठ द्वारा दिए गए इस फैसले में कहा गया कि इस अधिकार को मोटर वाहनों की आवाजाही और सुविधा पर प्राथमिकता मिलनी चाहिए।</p>
<p>कोर्ट का यह आदेश सराहनीय व आमजन के हित में है। लेकिन कोटा जैसे शहर में जो स्मार्ट सिटी के रूप में चयनित है। उस समय में आबादी बढऩे के साथ ही वाहनों की संख्या भी कई गुना अधिक बढ़ी है। जबकि सड़कें सिकुड़ती जा रही है।</p>
<p><strong>फुटपाथों पर दुकानदारों का कब्जा</strong><br />कोटा शहर में तत्कालीन नगर विकास न्यास व नगर निगम की ओर से सड़क निर्माण के साथ ही हर जगह पर सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ बनाए हुए हैं। कहीं छोटे तो कहीं बड़े हैं। लेकिन सड़क सीमा में बनी दुकानों के मालिकों ने अपनी दुकानों के सामान फुटपाथ पर फेला कर रखे हुए हैं। जिससे फुटपाथ पर पैदल चलने वालों के लिए जगह ही नहीं है।<br />कांग्रेस सरकार के समय में शहर में चौराहों के विकास व सौन्दर्यीकरण के साथ ही सड़कों को भी चौड़ा किया गया। वहीं इसके साथ बनाए गए फुटपाथ व पाथ वे पर आमजन के चलने के लिए लोहे की रैलिंग तक लगाई। लेकिन फुटपाथ पर दुकानदारों व फेरी वालों ने सामान रखकर कब्जा कर लिया। रैलिंग को चोर व नशेड़ी चोरी कर ले गए। जिससे आमजन की सुविधा व मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए खर्च किए गए लाखों-करोड़ों रुपए का लाभ नहीं मिल पा रहा है।</p>
<p><strong>जेबरा क्रासिंग नाम की</strong><br />शहर में महावीर नगर, आर.के. पुरम् व श्रीनाथपुरम. रंगबाड़ी से लेकर दादाबाड़ी, शक्ति नगर, सीएडी रोड, तलवंडी, विज्ञान नगर, झालावाड़ रोड से लेकर नयापुरा और रेलवे स्टेशन तक फुटपाथ तो हैंलेकिन जेब्रा क्रासिंग नहीं है। जहां है वहां नाम की है। नयापुरा स्थित विवेकानंद सर्किल पर निजी ट्रेवल्स एजेंट व होटल रेस्टोरेंट वालों ने पुटपाथ पर ही अपने सामान रखे हुए हैं। झालावाड़ रोड पर पुटपाथ पर फद्दल के ठेले वालों का कब्जा है। रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भी फुटपाथ पर कहीं थड़ी रखी हुई है तो कहीं होटल ढाबे वालों ने कब्जा किया हुआ है। विज्ञान नगर व स्टेशन क्षेत्र में फुटपाथ पर फास्ट फूड के ठेले लगे हुए हैं। जिससे पैदल चलने वाले अपने मौलिक अधिकार का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।</p>
<p><strong>सिग्नल फ्री बनाया तो खत्म हुए जेब्रा कॉसिंग</strong><br />पिछली कांग्रेस सरकार के समय में कोटा शहर में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए चौराहों का विकास किया गया। फ्लाई ओवर व अंडरपास बनाए गए। ऐसे में शहर को ट्रैफिक लाइट सिग् नल फ्री बनाया गया। लेकिन इस नवाचार के कारण चौराहों पर पैदल सड़क पार करने के लिए बनाए गए जेब्रा कॉसिंग खत्म कर दिए। जिससे पैदल सड़क पार करने वालों के लिए परेशानी तो हुई। साथ ही हादसों का खतरा बन गया। ट्रेफिक सिग् नल नहीं होने से बिना चौराहों पर रूकते ही नहीं। ऐसे में पैदल सड़क पार करने वालों को या तो वाहनों के कम होने का इंतजार करना पड़ता है या कई बार जल्दबाजी में सड़क पार करने पर हादसों का खरा बना रहता है। जबकि उच्चतम न्यायालय ने कहा कि स ड़क पर सुरक्षित पैदल चलना नागरिकों का मौलिक अधिकार है।</p>
<p><strong>जिम्मेदार विभागों को करनी होगी व्यवस्था</strong><br />नयापुरा निवासी देवेन्द्र विजय का कहना है कि कोटा में जेब्रा क्रॉसिंग तो लगभग खत्म से हो गए हैं। पैदल सडक पार करना किसी खतरे से कम नहीं है। वहीं फुटपाथ हैं तो उन पर अतिक्रमण हो रहे हैं। ऐसे में नगर निगम, केडीए या ट्रैफिक जिस भी विभाग की जिम्मेदारी है उन्हें नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए इनकी व्यवस्था करनी होगी।<br />पाटनपोल निवासी मनोज गौतम का कहना है कि शहर में कई जगह पर सुविधा के नाम पर आमजन के लिए परेशानी पैदा कर दी गई है। सिग् नल फ्री शहर में जेब्रा कॉसिंग तो होने ही चाहिए। यह संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />फुटपाथ पर पैदल चलना लोगों का अधिकार है। उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में भी यही कहा है। सरकार की जिम्मेदारी है कि पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ व जेब्रा क्रॉसिंग की व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है। हमने हमारा काम किया अब नई सरकार उसे सुधार ले। जहां कमियां हैं उन्हें सुधारा जाए। फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कर पैदल चलने वालों के लिए सुगम बनाना चाहिए।<br /><strong>-शांति धारीवाल, पूर्व मंत्री व विधायक कोटा उत्तर</strong></p>
<p>यातायात पुलिस का काम ट्रैफिक नियमों की पालना करवाना है। फुटपाथ व जेब्रा क्रॉसिंग की व्यवस्था करना कोटा विकास प्राधिकरण का काम है। रोड सेफ्टी कांग्रेस के सुझावों के आधार पर केडीए, परिवहन समेत अन्य विभाग सुधार कर रहे हैं। शहर में बूंदी रोड समेत कई जगह पर जेब्रा क्रॉसिंग हैं। कई अन्य जगहों पर बनाए जाने हैं। जकि फुटपाथ अ‍े अतिक्रमण हटाना नगर निगम व केडीए की जिम्मेदारी है।<br /><strong>-अशोक कुमार मीणा, उप अधीक्षक, यातायात पुलिस कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:36:19 +0530</pubDate>
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                <title>शहर के सबसे व्यस्त मार्गों पर हो रही बेतरतीब पार्किंग</title>
                                    <description><![CDATA[दिनभर चलने वाले मार्गों पर छोटी मोटी दुर्घटना तो आए दिन होती है और किसी दिन यहां बड़ी घटना भी हो सकती है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/random-parking-on-the-busiest-routes-of-the-city/article-65715"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/sheher-k-sbse-vyast-margo-pr-ho-rhi-betarteeb-parking...kota-news-02-01-2024.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर को ट्रैफिक सिग्नलों से तो निजात मिल गई है लेकिन अवैध पार्किंग से कब छुटकारा मिलेगा इसका किसी के पास जवाब नहीं। शहर का कोई ईलाका ऐसा नहीं जहां बेतरतीब तरीके वाहन खड़े नहीं होते हों। लोगों को जहां जैसे जगह मिल जाती है, वहीं पर बिना सोचे समझे अपने वाहन खड़े कर देते हैं। इस तरह कहीं पर भी वाहन खड़ा कर देने से सड़क की चौड़ाई भी कम हो जाने के कारण जाम की स्थिति तो बनी ही रहती है। साथ ही दिनभर चलने वाले मार्गों पर छोटी मोटी दुर्घटना तो आए दिन होती है और किसी दिन यहां बड़ी घटना भी हो सकती है। </p>
<p><strong>विज्ञान नगर फ्लाई ओवर के नीचे वाहनों की कतारें</strong><br />शहर के सबसे प्रमुख मार्गों में से एक झालावाड़ रोड पर यूआईटी द्वारा राजीव गांधी की प्रतिमा से ईएसआई हॉस्पिटल तक फ्लाईओवर का निर्माण किया था। ताकि इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को किसी बाधा का सामना ना करना पड़े और विज्ञान नगर चौराहे पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सके। शुरूआत में तो इस मार्ग पर जाम में कमी आई और यातायात सुगम हुआ पर धीरे धीरे इस फ्लाईओवर के नीचे अवैध पार्किंग शुरू हुई जो बढ़कर इस हद तक जा पहुंची है कि अब कोई भी आकर अपना वाहन कहीं भी खड़ा कर जाता है। जिससे छ लेन की ये सड़क मात्र डेढ़ लेन की रह जाती है। इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, इन हजारों वाहनों के गुजरने की पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण नित जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं इस मार्ग पर वाहन भी तेजी से गुजरते हैं जहां जरा सी चूक से बड़ा हादसा हा सकता है।</p>
<p><strong>एरोड्राम स्लिप लेन में भी वाहनों का जमघट</strong><br />विज्ञान फ्लाईओवर की तरह ही एरोड्राम सर्किल पर भी अंडर पास बनने के बावजूद चारों तरफ के मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां पर भी लोग अपने वाहनों को बेढंगे तरीके से खड़े कर देते हैं। छावनी वाले छोर पर एक तरफ कचौरी की दुकान दूसरी तरफ एसबीआई बैंक होने से यहां आने वाले राहगीर सड़क पर ही अपना वाहन खड़ा करके चलते बनते हैं जिससे इस व्यस्त मार्ग पर जाम की स्थिति हमेशा बनी रहती है। वहीं झालावाड़ रोड की तरफ वाले छोर पर एक साइड बस स्टैंड और दूसरी साइड मौजूद आॅटो स्टैंड के कारण हर समय जाम लगा रहता है। इन स्टैंड के होने के कारण आॅटो बसों के अलावा निजी वाहन भी खड़े रहते हैं जो जाम की स्थिति पैदा कर देते हैं। </p>
<p><strong>नयापुरा चौराहे पर भी एक समान हालात</strong><br />इसी तरह शहर के व्यस्तम चौराहों में से एक नयापुरा चौराहा भी पार्किंग की समस्या से परेशान है यहां पर भी दुकानों और बस स्टैंड के चलते लोग सड़क पर ही वाहन खड़े कर जाते हैं जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। स्लिप लेन के साथ ही मुख्य सड़क पर भी इन वाहनों के खड़े होने के कारण सड़क की चौड़ाई भी कम होती है और वाहनों का आवागमन भी बाधित होता है। दूसरी ओर यातायात पुलिस भी कहीं पर कारवाई करती है कहीं ऐसे ही छोड़ देती है। जो वाहनों के बेतरतीब तरीके से खड़े करने में मदद ही कर रहा है।</p>
<p>एरोड्राम चौराहे से रोज निकलना होता है सुबह के समय तो एक दो वाहन ही होते हैं लेकिन जैसे जैसे दिन बढ़ता है इनकी संख्या भी बढ़ती है और शाम होने पर तो रोजाना जाम लगता है। <br /><strong>-  कुमावत, विज्ञान नगर</strong></p>
<p>वाहन एक निश्चित जगह पर खड़े होना चाहिए ताकि जाम ना लगे, लेकिन मरीजों के परिजन पार्किंग में वाहन खड़ा ना करके सड़क पर ही खड़ कर जाते हैं जिससे रास्ता और संकरा हो जाता है।<br /><strong>- हरीओम नागर, विज्ञान नगर</strong></p>
<p>कुछ समय के लिए तो ठीक है लेकिन ज्यादा समय तक वाहनों के खड़े रहने से आने जाने में परेशानी होती ही है साथ ही र्इंधन और समय का भी नुकसान होता है। इन वहनों का चालान बनाकर जब्त करना चाहिए।<br /><strong>- दिनेश कश्यप, नयापुरा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सड़क पर अवैध तरीके से खड़े होने वाले वाहनों पर नियमित कारवाई की जाती है और उनको चालान बनाने के साथ जब्त भी किया जाता है। जहां भी नो पार्किंग में वाहन खड़े होंगे उन्हें जब्त कर कारवाई करेंगे।<br /><strong>- पूरण सिंह मीणा, ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jan 2024 17:01:16 +0530</pubDate>
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