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                <title>Russian Army - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Russian Army RSS Feed</description>
                
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                <title>रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी के डिप्टी चीफ जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर मॉस्को में हुआ जानलेवा हमला; गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[जीआरयू के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव को अज्ञात हमलावर ने गोली मारी। हालत गंभीर, रूस ने हत्या के प्रयास की जांच शुरू की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/deputy-chief-of-russian-military-intelligence-agency-general-vladimir-alekseyev/article-142180"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(9)5.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी (जीआरयू) के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव शुक्रवार को मॉस्को में एक अज्ञात हमलावर की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए। </p>
<p>राजधानी के उत्तर-पश्चिमी इलाके में स्थित एक आवासीय इमारत के पास घात लगाकर बैठे हमलावर ने जनरल अलेक्सेयेव पर कई गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गया। हमले के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुयी है। रूसी जांच समिति ने इस घटना को हत्या के प्रयास का मामला मानते हुए आपराधिक जांच शुरू कर दी है। जनरल अलेक्सेयेव 2011 से जीआरयू में दूसरे सबसे शक्तिशाली अधिकारी के पद पर तैनात हैं और यूक्रेन युद्ध की रणनीतियों में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय विवादों से उनका पुराना नाता भी रहा है। यूक्रेन उन्हें अंतरराष्ट्रीय अपराधी मानता है। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ(ईयू) ने उन पर 2018 में सैलिसबरी (यूके) में रूसी डबल एजेंट सर्गेई स्क्रीपल और उनकी बेटी पर नोविचोक नर्व एजेंट से हमला कराने का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाया था। इस कारण वे ईयू के प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा साल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के दौरान साइबर हमलों और हस्तक्षेप के आरोपों के चलते अमेरिका ने भी उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। </p>
<p>साल 2023 में वैगनर ग्रुप के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन के विद्रोह के दौरान, अलेक्सेयेव उन प्रमुख अधिकारियों में शामिल थे जिन्होंने विद्रोहियों के साथ बातचीत की थी। रूस में पिछले कुछ समय में कई हाई-प्रोफाइल सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया गया है। इस ताजा हमले ने मॉस्को की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 17:36:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पौने दो लाख के लिए रूस में जान दांव पर लगा रहे नेपाल-भारत के युवा : मोर्चा लेने वालों को 3.50 लाख सैलरी, 10 दिन की ट्रेनिंग में ही जंग में धकेल देती है रूसी सेना</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारतीयों को रूसी सेना में भर्ती नहीं होना चाहिए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-russian-army-pushes-the-youth-of-nepal-and-india/article-126723"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/1115.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारतीयों को रूसी सेना में भर्ती नहीं होना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा-हमने हाल ही में रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की भर्ती की खबरें देखी हैं। सरकार ने पिछले एक साल में कई मौकों पर इस तरह के काम में जुड़े जोखिमों और खतरों को हाइलाइट किया है और भारतीय नागरिकों को इस लेकर आगाह भी किया है। प्रवक्ता ने कहा-हमने दिल्ली और मॉस्को दोनों जगहों पर रूसी अधिकारियों के साथ भी इस मामले को उठाया है और आग्रह किया है कि इसे रोका जाए और हमारे नागरिकों को रिहा किया जाए। ऐसे किसी भी आॅफर से दूर रहें, क्योंकि इसमें रिस्क है। वहीं, नेपाल के भी युवा बड़ी संख्या में रूस की सेना में भर्ती हो रहे हैं। </p>
<p><strong>कितने भारतीय रूसी सेना में, कितने लापता</strong><br />भारतीय विदेश मंत्रालय ने 24 जुलाई, 2025 को राज्यसभा को जानकारी दी थी कि रूसी सशस्त्र बलों में 127 भारतीय नागरिक थे, जिनमें से 98 व्यक्तियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इस मामले पर भारत और रूसी सरकारों के बीच निरंतर बातचीत के परिणामस्वरूप, जिसमें उच्चतम स्तर भी शामिल है, 13 भारतीय नागरिक रूसी सशस्त्र बलों में बचे हैं, जिनमें से 12 के लापता होने की सूचना रूसी पक्ष द्वारा दी गई है।</p>
<p><strong>15,000 नेपाली युवा भर्ती</strong><br />अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन पर 11 फरवरी, 2024 को छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने यूक्रेन से युद्ध में लड़ने के लिए 15,000 नेपालियों को भर्ती किया था। कई लोग सदमे में लौट गए। कुछ तो कभी वापस ही नहीं आए।</p>
<p><strong>10 दिन की ट्रेनिंग में ही जंग में धकेल देती है रूसी सेना</strong><br />एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस में भर्ती के लिए एक नेटवर्क एक्टिव है। ये भर्ती के बाद करीब 10 दिन की ट्रेनिंग देते हैं और फिर मरने के लिए यूक्रेन युद्ध में छोड़ देते हैं। यहां तक कि रूसी सेना ने जबरन भर्ती भारतीयों और नेपालियों का वॉट्सऐप डिलीट करवा दिया जाता है, ताकि किसी को हकीकत न पता चले।</p>
<p><strong>यूक्रेन से लड़ने के बदले क्या मिल रहा पैकेज</strong><br />पिछले साल रूसी सरकार ने विदेशी लड़ाकों को देश की सेना में शामिल होने के लिए एक आकर्षक पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज में कम से कम 2,000 डॉलर यानी करीब 2 लाख रुपए प्रति माह वेतन और रूसी पासपोर्ट प्राप्त करने की एक तेज प्रक्रिया शामिल थी।</p>
<p><strong>मॉस्को के पास भाड़े के सैनिकों के लिए ट्रेनिंग सेंटर</strong><br />सीएनएन ने सैटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल करके मॉस्को के बाहरी इलाके में स्थित एक सैन्य अकादमी अवनगार्ड ट्रेनिंग सेंटर को दिखाया था। इस अकादमी को एक युवा सैन्य अकादमी के रूप में डिजाइन किया गया था। यह सेंटर खुद को एक देशभक्ति शिक्षा केंद्र करार देता है। इसे रूसी सेना में भर्ती होने वाले विदेशी भाड़े के सैनिकों के लिए एक प्रशिक्षण अकादमी में बदल दिया गया है।</p>
<p><strong>नेपाली-भारतीयों को रॉकेट लॉन्चर, टैंकों की ट्रेनिंग</strong><br />रूस में एक नेपाली सैनिक ने बताया कि उसने अवनगार्ड में रहते हुए रॉकेट लॉन्चर, बम, मशीन गन, ड्रोन और टैंकों का प्रशिक्षण लिया था। यहां रूस और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति निष्ठा लेने की शपथ भी दिलवाई जाती है।</p>
<p><strong>भारत, अफगानिस्तान और मिस्र से भर्ती हो रहे युवा</strong><br />रूस में एक नेपाली सैनिक ने सीएनएन को अपने साथी अकादमी कैडेटों को वैश्विक दक्षिण से आने वाला बताया। उसने अफगान, भारतीय, कांगो और मिस्र के सहपाठियों का भी जिक्र किया। सोशल मीडिया पर अवनगार्ड की कक्षा की तस्वीरें, जिनमें दर्जनों दक्षिण एशियाई सैनिक दिखाई दे रहे हैं, उनके साथ मूल रूसी प्रशिक्षक भी हैं। </p>
<p><strong>कितने दिन का होता है करार, जानिए</strong><br />सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, जिन्हें भर्ती किया जाता है, उनके साथ एक साल का अनुबंध होता है। सैनिकों को एक रूसी बैंक खाता मिलता है, जहां कम से कम 2,000 डॉलर मासिक वेतन जमा होता है। कई लड़ाकों का कहना है कि उन्हें बोनस भी दिया जाता था। जो मोर्चे पर सबसे आगे, उन्हें उतना ही ज्यादा बोनस मिलता है। कुछ का कहना है कि वे 4,000 डॉलर प्रति माह तक कमा लेते थे। वहीं, भारत-नेपाल में एजेंट किसी तीसरे देश के माध्यम से किसी व्यक्ति के लिए पर्यटक वीजा की व्यवस्था करने के लिए 5,000 से 7,000 डॉलर तक वसूलते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Sep 2025 12:52:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूक्रेन में एक और भारतीय की मौत रूसी सेना ने जबरन भेजा था लड़ने</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास ने भी कहा था कि मॉस्को इस मुद्दे का शीघ्रतम संभव समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/another-indian-dies-in-ukraine-russian-army-forcibly-sent-him/article-86368"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/4111u1rer-(8)1.png" alt=""></a><br /><p>कीव। यूक्रेन में रूस की तरफ से भेजे गए हरियाणा के एक 22 वर्षीय युवक की मौत हुई है। मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास ने रवि मौन (22) की मौत की पुष्टि की है। रवि के परिजनों का दावा है कि उसे धोखा देकर रूस की तरफ से लड़ने के लिए भेजा गया था। साल 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन में ये पांचवें भारतीय की मौत हुई है।</p>
<p>हाल ही में पीएम मोदी की मॉस्को यात्रा के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली से वादा किया था कि यूक्रेन में रूसी सेना के लिए काम कर रहे सभी भारतीयों को मुक्त कर दिया जाएगा और उनकी वापसी की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन रवि की मौत के बाद ये साबित हो गया है कि रूसी सेना अभी भी यूक्रेन में भारतीयों की तैनाती किए हुए है।</p>
<p><strong>ट्रांसपोर्टेशन के नाम पर भेजा गया था रूस</strong><br />रवि के भाई अजय मौन ने दावा किया है कि वह इसी साल 13 मई को रूस गया था। एक एजेंट ने उसे ट्रांसपोर्टेशन की नौकरी के लिए रूस भेजा था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद सेना में शामिल कर लिया गया। अजय मोहन ने 21 जुलाई को अपने भाई के बारे में पता लगाने के लिए लिखा था। दूतावास ने बताया कि रवि की मौत हो गई है। भारतीय दूतावास ने शव की पहचान के लिए परिजनों से डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट मांगी है। अजय मोहन ने यह भी दावा किया कि रूसी सेना ने उनके भाई से कहा था कि वह मोर्चे पर यूक्रेनी सेना के खिलाफ लड़ने जाए या फिर 10 साल की जेल के लिए तैयार रहे। रवि को खाई खोदने के लिए ट्रेनिंग दी गई थी और बाद में उसे मोर्चे पर भेज दिया गया। रवि 12 मार्च तक अपने परिवार के संपर्क में रहा था। भारतीय दूतावास की तरफ से रवि के भाई को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि रूस ने मौत की पुष्टि की है। हालांकि, शव की पहचान के लिए उन्हें करीबी परिजन से डीएनए टेस्ट की जरूरत होगी। परिजनों ने शव वापस लाने के लिए पीएम मोदी से गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि शव लाने के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं। परिजनों ने रवि को भेजने के लिए एक एकड़ जमीन बेचकर 11.50 लाख रुपए खर्च किए गए थे।</p>
<p><strong>रूस के लिए लड़ रहे कई भारतीय</strong><br />दर्जनों भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में गैर-लड़ाकू नौकरियों या नागरिक क्षेत्र में रोजगार का वादा करके यूक्रेन में भेज दिया गया है। कहा जाता है कि कई ऐसे भी हैं जिन्हें कथित तौर पर वीजा नियमों में उल्लंघन करने के बाद रूस में गिरफ्तार किया गया और कहा गया कि उन्हें एक साल के लिए सेना में सेवा देनी होगी या दस साल जेल में बिताने होंगे। इसी जुलाई की शुरूआत में मॉस्को यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन के सामने यूक्रेन में भारतीयों को भेजे जाने का मुद्दा उठाया था। उस समय पुतिन ने भरोसा दिया था कि भारतीयों को इससे अलग किया जाएगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि रूसी पक्ष ने सभी भारतीयों को जल्द छोड़े जाने का वादा किया है। </p>
<p>नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास ने भी कहा था कि मॉस्को इस मुद्दे का शीघ्रतम संभव समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 12:49:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>पुतिन ने रूसी सशस्त्र बलों में सेवारत विदेशियों को नागरिकता देने के आदेश पर किए हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[दस्तावेज के अनुसार वही अधिकार उन विदेशी नागरिकों के जीवनसाथी और उनके बच्चों को दिया जाएगा जिन्होंने विशेष सैन्य अभियान के दौरान रूसी सशस्त्र बलों से इस्तीफा दे दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/putin-signs-order-granting-citizenship-to-foreigners-serving-in-the/article-65977"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/putin.jpg" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को रूसी सशस्त्र बलों में सेवा करने के लिए अनुबंध करने वाले विदेशियों और उनके परिवार के सदस्यों को रूसी नागरिकता देने वाले कानून पर हस्ताक्षर किए। रूस के कानूनी सूचना पोर्टल पर प्रकाशित एक दस्तावेज से यह जानकारी मिली।</p>
<p>रूसी नागरिकता दस्तावेज में कहा गया है कि विदेशी नागरिक जिन्होंने विशेष सैन्य अभियान के दौरान रूसी सशस्त्र बलों या सैन्य संरचनाओं में सैन्य सेवा के लिए अनुबंध किया है या जो विशेष सैन्य अभियान के दौरान रूसी सशस्त्र बलों या सैन्य संरचनाओं में सेवा कर रहे हैं, उन्हें आवेदन करने का अधिकार है।</p>
<p>दस्तावेज के अनुसार वही अधिकार उन विदेशी नागरिकों के जीवनसाथी और उनके बच्चों को दिया जाएगा जिन्होंने विशेष सैन्य अभियान के दौरान रूसी सशस्त्र बलों से इस्तीफा दे दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jan 2024 19:26:59 +0530</pubDate>
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