<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/city-bus/tag-42675" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>City Bus - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/42675/rss</link>
                <description>City Bus RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>28 लाख लगे, उद्घाटन भी नहीं हुआ, अब बंद होने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[ चार्जिंग सुविधा के अभाव में नई ई-बसों का ठहराव भी असंभव।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/%E2%82%B928-lakh-spent--yet-no-inauguration--now-facing-closure/article-160023"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(2)43.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में एक तरफ जहाँ पब्लिक ट्रांसपोर्ट में 'पीएम ई-बस सेवा' के तहत 100 नई इलेक्ट्रिक एसी (AC) बसों के साथ एक नई क्रांति की शुरुआत होने जा रही है, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम कोटा की पुरानी लचर प्लानिंग का एक बड़ा खामियाजा सामने आ रहा है। अगस्त महीने से शहर की सड़कों पर 40 नई ई-बसें दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन इस बड़े बदलाव के बीच रामचंद्रपुरा- संजय नगर(80 फीट रोड) रोड़ स्थित सिटी बस स्टैंड अब पूरी तरह वीरान होने की कगार पर पहुँच गया है।</p>
<p><strong>28 लाख की लागत बेकार, उद्घाटन से पहले ही खस्ताहाल</strong><br />लगभग तीन साल पहले, पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान करीब 28 लाख रुपए की लागत से इस सिटी बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था। लेकिन विभागीय उदासीनता और तत्कालीन कारणों के चलते आज तक इस बस स्टैंड का उद्घाटन तक नहीं नसीब हो सका। स्थानीय पार्षद किशन प्रजापति ने बताया कि 2022 में तैयार हाेने के बाद से ही इसका उद्घाटन ही नहीं हुआ,वर्तमान में इस स्टैंड के मुख्य गेट के पास की दीवार भी टूटी हुई है, जिसे ठीक कराने की जहमत तक नहीं उठाई गई है।</p>
<p><strong>क्यों खत्म हो जाएगी उपयोगिता?</strong><br />इस डिपो की बस क्षमता 30 है जहां नगर निगम के बेड़े में शामिल 28 लो-फ्लोर बसें आराम से खड़ी हुआ करती है। लेकिन उनके हटने के बाद यह स्टैंड पूरी तरह अनुपयोगी हो जायेगा । शहर में आने वाली नई आधुनिक ई-बसों के संचालन और उनके रात्रि ठहराव के लिए सबसे पहली जरूरत 'बेसिक चार्जिंग स्टेशन' का होना है। चूंकि नई बसों को खड़े रहने के दौरान ही चार्ज करने का प्रावधान होता है,जबकि 80 फीट रोड स्थित इस बस स्टैंड पर चार्जिंग की कोई सुविधा विकसित ही नहीं की गई है। इसलिए यहाँ नई ई-बसों का ठहराव संभव ही नहीं है।</p>
<p><strong>28 लाख लगाए थे, 3 साल बाद अनुपयोगी</strong><br />स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता का कहना है कि जब सरकार प्रदूषण मुक्त शहर बनाने के लिए 28 पुरानी डीजल बसों को हटाकर नई बसें ला रही है, तो ऐसे में पुराने बस स्टैंड पर भी ई-बसों के लिए चार्जिंग सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए थीं, ताकि हाल ही विकास के लिए खर्च किए गये 28 लाख रूपये का सही उपयोग हो सके और यह जगह वीरान होने से बच सके। फिलहाल, बिना चार्जिंग पॉइंट के यह बस स्टैंड महज़ एक सफेद हाथी बनकर रह जायेगा।<br /> </p>
<p>प्राइमरी स्टेज में सुभाष नगर में बनायें गए ई बस चार्जिंग स्टेशन पर ही बसों का ठहराव रखने के लिए इसे तैयार किया गया है। 80 फीट रोड़ वाले स्टॉप के बारे में फिलहाल में कोई नई योजना पर काम नहीं चल रहा है। इसके बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं है।<br /><strong>- एक्यू कुरैशी, अधिशासी अभियंता नगर निगम कोटा</strong></p>
<p>14 साल पहले यूआईटी द्वारा तैयार किया गया यह सिटी बस स्टैण्ड़ शहर के बीचो बीच स्थित है,साथ ही यहां सामने चौड़ा सडक मार्ग है। पास ही नया रोडवेज का बस स्टैण्ड़ है ऐसे में इसे भी नई आवश्यकताओं के रूप में विकसित करना चाहिए।<br /><strong>-इसरार मोहम्मद पाषर्द वार्ड़ 43</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/%E2%82%B928-lakh-spent--yet-no-inauguration--now-facing-closure/article-160023</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/%E2%82%B928-lakh-spent--yet-no-inauguration--now-facing-closure/article-160023</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 15:08:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/1200-x-600-px%29-%282%2943.png"                         length="1421630"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूट छोड़कर चल रही 1800 सिटी बसों पर कार्रवाई, परमिट होंगे निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में रूट नियमों का उल्लंघन कर रही करीब 1800 सिटी बसों पर परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/action-on-1800-city-buses-running-on-the-route-will/article-118713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(5)22.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर में रूट नियमों का उल्लंघन कर रही करीब 1800 सिटी बसों पर परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। ये बसें सिटी रूट पर चलने की बजाय फैक्ट्रियों और कंपनियों में निजी सेवाओं के लिए चलाई जा रही हैं।</p>
<p>विभाग को सिटी परमिट के तहत हर बस से सालाना 4200 रुपए टैक्स मिलता है, जबकि फैक्ट्री या कंपनी रूट के लिए 70 हजार रुपए से ज्यादा टैक्स देय होता है। इस अंतर से विभाग को बड़ा राजस्व नुकसान हो रहा है और आम जनता को भी नियमित परिवहन सुविधा में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  विभाग ने परमिट निलंबन के नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है और मंगलवार तक सभी रूट्स का सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/action-on-1800-city-buses-running-on-the-route-will/article-118713</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/action-on-1800-city-buses-running-on-the-route-will/article-118713</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Jun 2025 18:32:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/news-%285%2922.png"                         length="264381"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कहीं भी, कभी भी रुक जाती हैं सिटी बसें</title>
                                    <description><![CDATA[शेल्टरों पर बस नहीं रुकने से सवारियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/city-buses-stop-anywhere--anytime/article-71364"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/transfer-(3)16.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में 2017 से संचालित सिटी बस सेवा की हालत दिन प्रतिदिन सुधरने की जगह खराब होती जा रही है। एक ओर जहां बसें पुरानी और खस्ता हाल में पहुंच रही हैं वहीं दूसरी ओर बसों के ठहराव के लिए बनाए गए बस शेल्टरों में रूट चार्ट तक मौजूद नहीं हैं। शहर में कौनसी बस कहां जाएगी और कब आएगी किसी को नहीं पता। क्योंकि बस शेल्टरों में इसकी जानकारी की जगह पर विज्ञापन के पोस्टर चिपके हुए हैं। इसके अलावा सिटी बसों के ड्राइवर भी अपनी मनमानी करते हुए बस स्टॉप को छोड़कर कहीं भी बस रोक देते हैं। ऐसे में सवारियों को किस बस में बैठना है किस में नहीं कुछ पता नहीं चलता। </p>
<p><strong>शेल्टरों में रुट चार्ट नहीं विज्ञापन चस्पा</strong><br />सिटी बसों के संचालन में सबसे जरुरी बसों का रुट चार्ट होता है जहां बसों के रुट के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। लेकिन शहर के बस शेल्टरों में रुट चार्ट तक मौजूद नहीं हैं। ऐसे में सवारियों को बसों के रुट के बारे में जानकारी नहीं होने से बस पकड़ने में परेशानी होती है। बस शेल्टरों में रुट चार्ट से इतर विज्ञापन चस्पा हैं, जो शेल्टरों की सूरत को बिगाड़ रहे हैं। </p>
<p><strong>बस स्टॉप की जगह कहीं रुक रही बसें</strong><br />शहर में अहमदाबाद की निजी कम्पनी के द्वारा करीब 28 सिटी बसें संचालित हैं। जिनके करीब 10 रुट तय किए हुए हैं इन रुटों पर चलने वाली बसों के ठहराव के लिए यूआईटी और निगम द्वारा बस शेल्टर या बस स्टॉप बनाए हुए हैं। लेकिन बसों के ड्राइवर इनके ठहराव के लिए शेल्टरों का उपयोग करने के स्थान पर कहीं पर भी बस खड़ी कर दे रहे हैं। शेल्टरों पर बस नहीं रुकने से सवारियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। कई रुटों पर ड्राइवर बीच सड़क पर ही बस रोक देते हैं। जिससे वाहन चालकों को भी समस्य होती है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /><strong>बसों के रुट तय हैं जिसके अनुसार ही बसें संचालित हैं रुट </strong><br />चार्ट नहीं होने का मालूम नहीं ऐसी कोई समस्या है तो उसको ठीक करवाएंगे। ड्राइवरों को बस स्टॉप पर ही बस रोकने के लिए पाबंद करेंगे।<br /><strong>-अनुराग भार्गव, आयुक्त, नगर निगम कोटा उत्तर</strong></p>
<p><strong>रुट और समय पता नहीं होने से छूट जाती है बस</strong><br />मुझे कोटा में आए हुए अभी 6 महीने हुए हैं और मैं रानपुर एक फैक्ट्री में काम करता हंू तो आने जाने के लिए बस का ही इस्तेमाल करता हूं ऐसे में बसों का रुट और समय पता नहीं होने से कई बार बस छूट जाती है।<br /><strong>- राकेश प्रजापति, विज्ञान नगर</strong></p>
<p>कॉलेज जाने के लिए सिटी बस का ही उपयोग करता हूं कई बार बस स्टॉप में बैठे रहने पर बस ड्राइवर बिना रोके ही निकाल कर ले जाता है उसे रोकने के लिए आवाज देनी पड़ती है।<br /><strong>- विजय नाथावत, देवली अरब</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/city-buses-stop-anywhere--anytime/article-71364</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/city-buses-stop-anywhere--anytime/article-71364</guid>
                <pubDate>Wed, 28 Feb 2024 18:58:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-02/transfer-%283%2916.jpg"                         length="72409"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अव्यवस्था के चक्कों पर चढ़ी कोटा की सिटी बसें</title>
                                    <description><![CDATA[बसों की हालत यहां तक खराब है कि उनका नीचे का फ्लोर तक उखड़ गया है। जो यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-city-s-city-buses-were-in-chaos/article-66309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/city-bus.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में कोटा बस सर्विस लिमिटेड द्वारा संचालित सिटी बसें शहरवासियों के लिए आवागमन का एक किफायती साधन है जिससे हजारों लोग रोज सफर करते हैं। इसके अलावा कई कोशिशों और मुश्किलों के बाद ये सिटी बसें शहर में संचालित हो पाई थी। इन बसों का संचालन तो कर लिया गया लेकिन बसों की हालत में कोई सुधार नहीं किया गया। आज भी शहर में संचालित इन सिटी बसों में से कई बसों की हालत खराब हुई पड़ी है। </p>
<p><strong>एलईडी सालों से बंद</strong><br />शहर में करीब 10 रूटों पर ये सिटी बसें संचालित हैं, इन सभी रूटों पर चलने वाली बसों के विंडशिल्ड पर लगी एलईडी में रूट की जानकारी प्रदर्शित होना तय था, जो शुरूआती संचालन में तो हुआ लेकिन उसके बाद बंद हो गया और अभी तक बंद ही है। एलईडी के खराब होने पर बसों की विंडशिल्ड पर रूट की जानकारी भी चस्पा नहीं है। एलईडी बंद होने और जानकारी चस्पा नहीं होने से यात्रियों को बसों के रूट के बारे में पता नहीं चलता और वे बहुत बार गलत बस में चढ़ जाते हैं। </p>
<p><strong>फ्लोर उखड़ा, सीटें टूटी</strong><br />बसों की हालत यहां तक खराब है कि उनका नीचे का फ्लोर तक उखड़ गया है। जो यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। जरा सी चूक से गम्भीर चोट लग सकती है। नयागांव दौलतगंज रूट पर चलने वाली बसों के फ्लोर इस तरह से उखड़े हैं कि ध्यान से चलने के बावजूद कोई भी आसानी से चोटिल हो सकता है। वहीं बात करें सीटों की स्थिति की तो इनमें से कई बसों की सीटें भी टूटी पड़ी हैं, जो सवारियों को बैठने में भी परेशानी खड़ी करती है। </p>
<p><strong>आपातकालीन स्थितियों के लिए नहीं उपकरण</strong><br />मोटर वाहन अधिनियम के मुताबिक हर यात्री वाहन में फर्स्ट एड किट बॉक्स और फायर एक्सटिंग्विशर होना आवश्यक है ताकि आपातकालीन या दूर्घटना की स्थिति में घायलों को प्राथमिक उपचार किया जा सके या ऐसी स्थिति को संभाला जा सके। लेकिन कोटा में संचालित इन बसों में फर्स्ट एड किट बॉक्स तो मिले लेकिन उनमें रहने वाली दवाईयां मौजूद ही नहीं थी और जो थी वो कभी बदली ही नहीं गई। इसके अलावा बसों में उपस्थित फायर एक्सटिंग्विशर की एक्सपायरी डेट खत्म हो चुकी है दूसरी ओर इनके बक्सों पर जंग तक लग चुका है। </p>
<p><strong>दरवाजे रस्सियों से बंधे, हैण्डलबार टूटे</strong><br />इन बसों के आॅटोमैटिक बंद होने वाले दरवाजे रस्सियों से बंधे मिले ड्राइवर से इसके बारे में पूछा तो बताया कि दरवाजे ठीक कराने के लिए संचालन कम्पनी को बोला हुआ अब कब होंगे ये पता नहीं। वहीं दूसरी ओर बसों में खड़े रहने वाले यात्रियों के लगे हैण्डलबार भी मौजूद नहीं है। जबकी इन बसों में शुराआती दौर में ये सब सुविधाएं उपलब्ध थी निगम की ओर से निगरानी की कमी और कम्पनी की लापरवाही के कारण ये बसें खस्ताल में पहुंच चुकी हैं, जिनमें चारों और कमियां ही कमियां नजर आ रही हैं।</p>
<p>सिटी बसों में रोज आना जाना होता है अभी सर्दी के मौसम में बस में जाते हैं तो गेट खुले होने से ठंड का सामना करना पड़ता है। हैण्डलबार टूटे होने से कई बार खड़े होकर सफर करने में परेशानी होती है। <br /><strong>- राकेश जादम, संजय नगर</strong></p>
<p>बसें चली थी तब खुशी हुई थी की अब हमारे कोटा में भी सिटी बसें चलेगी लेकिन धीरे धीरे ये भी लापरवाही और रखरखाव में कमी बरतने के चलते कंडम हो रही है।<br /><strong>- सौहेल कुरैशी, गोविंद नगर</strong></p>
<p>मैं रोज एरोड्राम से रानपुर तक कॉलेज जाने के लिए सिटी बस का उपयोग करती हूं शुरूआत में ये बसें एक दम ठीक थी लेकिन अब सीटों से लेकर गेट सब खराब हो रहे हैं इन बसों की ठीक से मरम्मत भी नहीं की जा रही है।<br /><strong>- कृतिका शर्मा, छावनी</strong></p>
<p>बसों को नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है, बसों से जुड़ी समस्या में जो कमी है उसे अभियान चलाकर ठीक करवाया जाएगा। अगर कहीं पर खमी है तो संचालक कम्पनी को नोटिस देकर कारवाई जुर्माना वसूला जाएगा।<br /><strong>- अजय कुमार बब्बर, सहायक अभियंता, गैराज नगर निगम </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-city-s-city-buses-were-in-chaos/article-66309</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-city-s-city-buses-were-in-chaos/article-66309</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Jan 2024 14:59:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-01/city-bus.jpg"                         length="212384"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        