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                <title>canal road - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सात साल से नहीं बना ढगारिया नहर मार्ग, फसल तैयार, खेतों से निकालना मुश्किल, किसानों की बढ़ी परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[मार्ग पर गहरे गड्ढे होने से कई बार उपज से भरी ट्रॉली पलटने से किसानों का होता है नुकसान ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-dhagaria-canal-road-has-not-been-constructed-for-seven-years--the-crops-are-ready-for-harvest--but-it-s-difficult-to-get-them-out-of-the-fields--increasing-the-problems-for-farmers/article-131315"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(10).png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। क्षेत्र के छप्पनपुरा, ढगारिया, रेबारपुरा, पापड़ली, खोता, लक्ष्मीपुर और पचीपला गांवों को जोड़ने वाला ढगारिया नहर मार्ग पिछले सात वर्षों से बदहाल हालात में है। सड़क पर वर्षों से ग्रेवल नहीं डाले जाने के कारण यह गड्ढों और कीचड़ से भरी पड़ी है। बरसात के बाद स्थिति और भी खराब हो गई है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>फसल तैयार, पर रास्ता बना मुसीबत</strong><br />करीब 3000 बीघा जमीन के किसानों की आजीविका इस मार्ग पर निर्भर है, लेकिन सड़क की जर्जर हालत के चलते खेतों से फसल निकालना कठिन हो गया है। छप्पनपुरा निवासी गिरिराज मीणा, ढगारिया के विष्णु कुमार, रेबारपुरा के सुरेश रायका, पापड़ली के भंवरसिंह और खोता के लेखराज सैनी ने बताया कि मार्ग पर इतने गहरे गड्ढे हैं कि ट्रैक्टर-ट्रॉली तक निकालना जोखिमभरा हो गया है। कई बार उपज से भरी ट्रॉली पलटने से किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है।</p>
<p><strong>प्रशासन से कई बार गुहार, पर सुनवाई नहीं</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि वे बार-बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत करा चुके हैं, पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र ग्रेवल निर्माण नहीं कराया गया तो फसल को मंडी तक पहुंचाना चुनौती बन जाएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ढगारिया नहर मार्ग का शीघ्र सुधार कार्य शुरू कराया जाए, ताकि किसानों और ग्रामीणों को राहत मिल सके।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />यह मार्ग क्षेत्र के कई गांबो को जोड़ने के साथ साथ सैंकड़ों किसानों के खेतों में आवाजाही का एक मात्र रास्ता है प्रशासन को प्राथमिकता से यंहा सड़क निर्माण करवाना चाहिए सीएडी व सम्बंधित विभाग को प्रस्ताव भिजवा रखें है। <br /><strong>- के.सी. वर्मा, जिला परिषद सदस्य। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 17:08:44 +0530</pubDate>
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                <title>लोकार्पण के चार माह बाद भी अधूरा पड़ा केनाल रोड </title>
                                    <description><![CDATA[उम्मेदगंज गांव के समीप पक्षी विहार होने से इस मार्ग पर डामरीकरण और निर्माण कार्य को लेकर वन विभाग ने आपत्ति दर्ज कराई थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/canal-road-remains-incomplete-even-after-four-months-of-inauguration/article-66738"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/photo-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। दांयी मुख्य नहर के सहारे बन रहे केनाल रोड का काम उद्घाटन के चार महीने बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। नहर के किनारे बन रही इस सड़क के करीब 2 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण कार्य अभी भी अधुरा है। वहीं रायपुरा से उम्मेदगंज तक बनी 5 किलामीटर की सड़क पर 20 से 25 जानलेवा गड्ढे मौजूद हैं जो किसी भी बड़े वाहन को आसानी से पलट सकते हैं। ये सड़क स्टील ब्रिज से उम्मेदगंज तथा कैथून से रामनगर तक बनकर तैयार है लेकिन बीच में छूट रहे मात्र 2 किलोमीटर का हिस्सा अभी भी बनने को बाकी है। जिस कारण इस रास्ते से गुजरने वाले वाहनों को गड्ढों और धूल मिट्टी का सामना करना पड़ता है। वहीं अधुरे पड़े कार्य के चलते कई वाहन मालिक इस मार्ग का उपयोग करने से भी बचते हैं।</p>
<p><strong>उम्मेदगंज तक बन चुकी सड़क</strong><br />नहर किनारे करीब 15 करोड़ की लागत से बन रही ये सड़क एक ओर स्टील ब्रिज से उम्मेदगंज गांव तो दूसरी ओर कैथून से रामनगर गांव तक बन चुकी है। लेकिन बीच में छूट रहे 2 किलामीटर का कार्य अभी भी पूरा नहीं हुआ है। जिस कारण जूलाई तक 70 फीसदी कार्य पूरा हो जाने के बाद भी इसका 20 फीसदी काम अभी भी बाकी है। इस सड़क का उम्मेदगंज तक 8 किलोमीटर और 10 मीटर चौड़ी सड़क का डामरीकरण हो चुका है। इसके अलावा उम्मेदगंज गांव के निकट इस सड़क पर स्थित ऐनिकट के ऊपर ब्रिज बनना है जिसका कार्य भी अभी तक अधुरा है। यह मार्ग कैथून व सांगोद से र्इंटों के ट्रैक्टर व किसानों के लिए अपनी फसल लेकर आने का माध्यम है जिससे भारी वाहन भी इस सड़क से गुजरते हैं, वहीं उम्मेदगंज गांव के निकट स्थित ऐनिकट पर ब्रिज चौड़ाई कम होने से दुर्घटना की स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा इस सड़क को नेशनल हाइवे 27 के जोड़ने का काम अभी कुछ तकनीकी खामियों के चलते अटका पड़ा है। </p>
<p><strong>वन विभाग की आपत्ति के चलते रुका था काम</strong><br />उम्मेदगंज गांव के समीप पक्षी विहार होने से इस मार्ग पर डामरीकरण और निर्माण कार्य को लेकर वन विभाग ने आपत्ति दर्ज कराई थी। जिस वजह से मार्ग पर पड़ने वाले कुछ किलोमीटर के हिस्से और एनीकट के उपर ब्रिज बनाने का कार्य अटक गया था। निर्माता कम्पनी के अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग का कहना था कि इस मार्ग पर पक्का निर्माण होना पास ही स्थित पक्षी विहार में रहने वाले पक्षियों को प्रभावित करेगा, जिसके लिए विभाग द्वारा अनुमति आवश्यक है। कम्पनी के अनुसार पिछले महीने ही वन विभाग की ओर से इसे लेकर क्लीयरेंस मिलने से अब निर्माण हो सकेगा।</p>
<p><strong>जो बन चुकी उस पर गड्ढे ही गड्ढे</strong><br />उम्मेदगंज से तो सड़क अभी बनी ही नहीं है लेकिन जो सड़क बन चुकी है उस पर भी हर 10 से 20 मीटर पर एक गड्ढा मौजूद है और कुछ गड्ढों की लम्बाई और चौड़ाई तो इतनी बड़ी है कि उनमें ट्रक और ट्रैक्टर के पहिए तक फंस जाएं। रात के समय में इस सड़क कई बार हादसे भी हो चुके हैं लेकिन गड्ढे अभी वैसे ही बरकरार हैं। </p>
<p><strong>शहर का ट्रैफिक होगा कम</strong><br />शहर से ट्रैफिक कम करने के उद्देश्य से इस सड़क निर्माण किया जा रहा है जिससे कैथून की तरफ जाने वाला ट्रैफिक शहर के अंदर के स्थान पर नहर के सहारे वाली सड़क से बाहर निकल जाए। शहर से करीब हजारों वाहन एरोड्राम से डीसीएम व रायपुरा के रास्ते से कैथून की तरफ जाते हैं जिससे शहर की आंतरिक सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ जाता है। इस सड़क के निर्माण के बाद ये सारे वाहन शहर में अन्दर ना जाकर स्टील ब्रिज से सीधे कैथून निकल पाएंगे। वहीं इस सड़क के निर्माण से समय की भी बचत होगी और पहले की अपेक्षा कम समय में कैथून और सांगोद पहुंचा जा सकेगा। साथ ही ये सड़क धाकड़खेड़ी गांव के निकट नेशनल हाइवे संख्या 27 से भी कनेक्ट होगी जिसका सबसे ज्यादा फायदा कैथून, डीसीएम, कंसुआ, थेकड़ा, छावनी व रायपुरा के निवासियों को होगा जो हाइवे संख्या 27 पर पहुंचने के लिए जगपुरा तक नहीं जाकर इसी इंटरचेंज से पहुंच पाएंगे।</p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br />मेरा गांव सांगोद के पास घानाहेड़ा है जहां आने जाने के लिए कैथून का ही मार्ग है, केनाल मार्ग पूरा नहीं बनने के कारण अभी भी अंदर होकर आना जाना पड़ता है। अगर इसका काम पूरा हो जाए कैथून तक कम समय में पहुंचा जा सकेगा।<br /><strong>- अक्षय पारेता, प्रेम नगर</strong></p>
<p>अभी इसका काम पूरा नहीं होने से कैथून शहर के अंदर होकर आना जाना पड़ता है गांव से आना जाना रहता है और गांव से भामाशाह मंडी में फसल भी लाना रहता है। अंदर होकर आने में ट्रैफिक के कारण बहुत समय लगता है।<br /><strong>- खिलोन श्याम, अंनतपुरा</strong></p>
<p>कैथून तक बने इन मार्ग पर अभी कम ट्रैफिक है बनने के बाद अच्छा ट्रैफिक होगा और कोटा से कैथून जाने में भी कम समय लगेगा हम तो 4 महीने से इसके बनने का इंतजार कर रहे हैं ताकी कैथून तक सफर आसान हो।<br /><strong>- गोविंद सुमन, डीसीएम</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है...</strong><br />पक्षी विहार की आपत्ति के चलते इस हिस्से का काम रूका पड़ा था। जिसे दूर कर लिया गया है। सड़क के डामरीकरण का काम सर्दी के कारण रूका हुआ है जिसे मौसम के ठीक होते ही शुरू कर दिया जाएगा। पुलिया का काम भी नहर में छोड़े गए पानी के चलते बंद था जिसे भी कुछ दिनों में बनाकर तैयार कर लिया जाएगा।<br /><strong>- मान सिंह मीणा,सचिव, यूआईटी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jan 2024 18:53:22 +0530</pubDate>
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