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                <title>diplomatic - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>वैश्विक पटल पर भारत की साख : पिछले 10 वर्षों में पीएम मोदी को मिले 33 सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मान, आइए डालते हैं एक नज़र</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले दशक में विभिन्न देशों द्वारा 33 प्रतिष्ठित राजकीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। सऊदी अरब के 'किंग अब्दुलअजीज सैश' से लेकर स्लोवाकिया के 'ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस' तक, ये पुरस्कार भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और मजबूत कूटनीतिक संबंधों का जीवंत प्रमाण हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/in-the-last-decade-prime-minister-modi-received-33-international/article-157218"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले दस वर्षों में दुनिया के विभिन्न देशों द्वारा 33 प्रतिष्ठित नागरिक और राजकीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। ये सम्मान न केवल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और वैश्विक प्रभाव को दर्शाते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती साख और मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों का भी प्रमाण हैं। इन 33 सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मानों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न वैश्विक संस्थाओं और संगठनों द्वारा भी अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। ये सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, मजबूत कूटनीतिक संबंधों और प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाते हैं। आइए एक नजर डालते हैं। उन 33 प्रमुख सम्मानों पर जो विभिन्न देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रदान किए हैं।</p>
<ol>
<li>
<p>अप्रैल 2016 में सऊदी अरब ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘किंग अब्दुलअज़ीज़ सैश’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>वर्ष 2016 में अफगानिस्तान ने उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘स्टेट ऑर्डर ऑफ गाजी अमीर अमानुल्लाह खान’ दिया।</p>
</li>
<li>
<p>फरवरी 2018 में फिलिस्तीन ने ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन’ सम्मान से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>वर्ष 2019 में संयुक्त अरब अमीरात ने अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>रूस ने 2019 में प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित करने की घोषणा की, जिसे उन्होंने जुलाई 2024 में प्राप्त किया।</p>
</li>
<li>
<p>मालदीव ने 2019 में ‘ऑर्डर ऑफ द डिस्टिंग्विश्ड रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’ सम्मान प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>बहरीन ने 2019 में प्रधानमंत्री मोदी को ‘किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>अमेरिका ने 2020 में प्रतिष्ठित ‘लीजन ऑफ मेरिट’ अवॉर्ड प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>दिसंबर 2021 में भूटान ने प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ देने की घोषणा की, जो मार्च 2024 में प्रदान किया गया।</p>
</li>
<li>
<p>मई 2023 में पलाऊ गणराज्य ने ‘एबाकल अवॉर्ड’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>फिजी ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी’ सम्मान प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>पापुआ न्यू गिनी ने ‘ग्रैंड कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू’ सम्मान से नवाजा।</p>
</li>
<li>
<p>जून 2023 में मिस्र ने अपना सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ नाइल’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>जुलाई 2023 में फ्रांस ने ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ सम्मान दिया।</p>
</li>
<li>
<p>अगस्त 2023 में ग्रीस ने ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>नवंबर 2024 में डोमिनिका ने ‘डोमिनिका अवॉर्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>नवंबर 2024 में नाइजीरिया ने ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर’ सम्मान दिया।</p>
</li>
<li>
<p>गुयाना ने नवंबर 2024 में प्रधानमंत्री मोदी को ‘द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>बारबाडोस सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस’ प्रदान करने का निर्णय लिया, जिसे मार्च 2025 में औपचारिक रूप से ग्रहण किया गया।</p>
</li>
<li>
<p>दिसंबर 2024 में कुवैत ने ‘मुबारक अल-कबीर ऑर्डर’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>मार्च 2025 में मॉरिशस ने अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>अप्रैल 2025 में श्रीलंका ने सर्वोच्च सम्मान ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से नवाजा।</p>
</li>
<li>
<p>जून 2025 में साइप्रस ने ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस-III’ सम्मान प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>जुलाई 2025 में घाना ने ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ सम्मान दिया।</p>
</li>
<li>
<p>जुलाई 2025 में त्रिनिदाद एवं टोबैगो ने ‘ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>जुलाई 2025 में ब्राजील ने ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>नामीबिया ने जुलाई 2025 में ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस’ सम्मान से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>दिसंबर 2025 में इथियोपिया ने अपना सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>दिसंबर 2025 में ओमान ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ ओमान – फर्स्ट क्लास’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>फरवरी 2026 में इजराइल ने ‘मेडल ऑफ द नेसेट’ सम्मान प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>मई 2026 में स्वीडन ने ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया, जो किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।</p>
</li>
<li>
<p>नॉर्वे ने ओस्लो यात्रा के दौरान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>जून 2026 में स्लोवाकिया ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
</ol>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 11:50:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>अमेरिका के साथ अपने राजनयिक संबंधों को कम कर सकता है रूस</title>
                                    <description><![CDATA[ यह आवश्यक रूप से कीव के लिए आगे के समर्थन से संबंधित नहीं है, बल्कि रूसी संपत्ति या अन्य आर्थिक कार्रवाइयों पर भी लागू हो सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-may-reduce-its-diplomatic-relations-with-america--give-information/article-78334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/russia-flag.jpg" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस ने कुछ परिदृश्यों में अमेरिका के साथ अपने राजनयिक संबंधों को कम करने की संभावना से इनकार नहीं किया है। रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने यह जानकारी दी। रायबकोव ने कहा कि रूस ने  अमेरिका या अन्य उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) देशों के साथ अपने संबंधों में इस तरह के कदम उठाने की पहल कभी नहीं की है। उन्होंने कहा कि हालांकि मेरी राय में अगर पश्चिमी समूह तनाव बढ़ाने का रास्ता चुनता है, तो ये काफी संभव हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह आवश्यक रूप से कीव के लिए आगे के समर्थन से संबंधित नहीं है, बल्कि रूसी संपत्ति या अन्य आर्थिक कार्रवाइयों पर भी लागू हो सकता है। उन्होंने कहा कि वास्तव में ऐसी स्थिति किस कारण उत्पन्न होगी यह का प्रश्न नहीं है। कम से कम मैं इस विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं हूं। रयाबकोव ने कहा कि अगर आगे कोई समस्या होती है तो यह राजनीतिक नेतृत्व के स्तर पर अलग विश्लेषण और निर्णय लेने का विषय होगा।Þ</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 May 2024 12:57:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाउरू ने चीन से बनाए राजनियक संबंध</title>
                                    <description><![CDATA[चीन यह दावा करता रहा है कि ताइवान उसका हिस्सा है। यह अकसर विकास सहायता के वादे के साथ द्वीपीय क्षेत्र के राजनयिक सहयोगियों को हटाता रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/nauru-established-diplomatic-relations-with-china/article-67116"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/photo-(6)1.png" alt=""></a><br /><p>ताइपे। प्रशांत महासागर के द्वीपीय राष्ट्र नाउरू ने कहा कि वह अपनी राजनयिक मान्यता ताइवान से हटाकर अब चीन के साथ संबद्ध कर रहा है। नाउरू द्वारा ताइवान से अपनी राजनयिक मान्यता हटाए जाने के बाद इस द्वीपीय राष्ट्र के अब 11 देशों तथा वेटिकन सिटी के साथ राजनयिक संबंध रह गए हैं। संबंधित 11 देशों में से सात लातिन अमेरिका और कैरेबिया में हैं, जबकि तीन प्रशांत द्वीप समूह में और एक अफ्रीका में है। नाउरू सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि वह ताइवान के साथ संबंध तोड़ रही है और चीन के साथ राजनयिक संबंध फिर से शुरू करने का विचार कर रही है।</p>
<p>चीन यह दावा करता रहा है कि ताइवान उसका हिस्सा है। यह अकसर विकास सहायता के वादे के साथ द्वीपीय क्षेत्र के राजनयिक सहयोगियों को हटाता रहा है। यह दोनों के बीच लंबे समय से चली आ रही प्रतिस्पर्धा है जो हाल के वर्षों में चीन की तरफ झुकती दिखाई दी है। नाउरू सरकार ने विज्ञप्ति में कहा कि यह नीति परिवर्तन नाउरू के लिए विकास के साथ आगे बढ़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहला कदम है। यह घोषणा ताइवान द्वारा नया राष्ट्रपति चुने जाने के ठीक दो दिन बाद आई, जिन्हें चीन ने अलगाववादी बताया है। उनकी पार्टी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी यथास्थिति बनाए रखने की वकालत करती है जिसमें ताइवान की अपनी सरकार हो और वह चीन का हिस्सा न हो। चीन का कहना है कि ताइवान को किसी न किसी बिंदु पर उसके नियंत्रण में आना होगा और उसने अपना दृढ़ संकल्प प्रदर्शित करने के लिए द्वीप के चारों ओर सैन्य अभ्यास किया है। ताइवान के उप विदेश मंत्री टीएन चुंग-क्वांग ने कहा, चीन का इरादा उस लोकतंत्र और स्वतंत्रता पर हमला करना है जिस पर ताइवान के लोगों को गर्व है। इस घोषणा ने ताइवान में नाउरू के राजदूत जार्डन केफास को आश्चर्यचकित कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे कुछ भी नहीं कहना है। मेरी सरकार ने इसकी घोषणा की है तथा मुझसे कहा गया है कि सामान पैक करो और निकलो।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jan 2024 12:05:12 +0530</pubDate>
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