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                <title>foreign tourists - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>जयपुर पहुंची ‘पैलेस ऑन व्हील्स’: 20वें फेरे में पर्यटकों की संख्या कम, शाही अंदाज में हुआ मेहमानों का स्वागत</title>
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                        <![CDATA[दुनिया की प्रतिष्ठित लग्जरी ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स गुरुवार को अपने 20वें सफर पर जयपुर पहुंची। गांधी नगर स्टेशन पर विदेशी सैलानियों का पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में भव्य स्वागत किया गया। शहर के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करने के बाद, यह शाही ट्रेन अब रणथंभौर में जंगल सफारी के रोमांचक अनुभव के लिए सवाई माधोपुर की ओर रवाना होगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/palace-on-wheels-reached-jaipur-in-its-20th-round-number/article-145349"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/royel-train.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लग्ज़री ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स अपने 20वें फेरे के तहत गुरुवार को जयपुर के गांधी नगर रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन में विभिन्न देशों से क़रीब 10 से 12 पर्यटक सफर कर रहे हैं। इस फेरे में पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम देखने को मिली, फिर भी मेहमानों का स्वागत शाही अंदाज़ में किया गया।</p>
<p>रेलवे स्टेशन पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें विशेष बसों के माध्यम से जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए रवाना किया गया, जहां उन्होंने शहर की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव किया।</p>
<p>दिनभर के भ्रमण के बाद शाम को यह लग्ज़री ट्रेन दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से पर्यटकों को लेकर अपने अगले पड़ाव सवाई माधोपुर के लिए रवाना होगी, जहां पर्यटक रणथंभौर के जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव करेंगे।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 15:40:03 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>गुलाबी नगरी में आज 'ग्लोबल होली', विदेशी मेहमानों ने खासा कोठी में जमकर उड़ाया रंग</title>
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                        <![CDATA[जयपुर के होटल खासा कोठी में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित धुलंडी फेस्टिवल में विदेशी पर्यटकों ने जमकर गुलाल उड़ाया। लोक संगीत और बॉलीवुड गानों पर थिरकते सैलानियों ने राजस्थानी संस्कृति का आनंद लिया। विभाग द्वारा पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के बीच मेहमानों को परंपरागत होली के रंगों में सराबोर कर एक यादगार अनुभव प्रदान किया गया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/global-holi-today-in-pink-city-foreign-guests-spread-colors/article-145206"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर में पर्यटन विभाग की ओर से होटल खासा कोठी में धुलंडी फेस्टिवल का भव्य और रंगारंग आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बॉलीवुड गीतों की धुन पर जमकर डांस किया। पारंपरिक गुलाल, लोक संगीत और सांस्कृतिक माहौल ने मेहमानों को राजस्थान की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया।</p>
<p>पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरे कार्यक्रम के दौरान पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रवेश व्यवस्था से लेकर आयोजन स्थल तक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रही। पर्यटन विभाग के उप निदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और अतिथियों का स्वागत किया।</p>
<p>धुलंडी के इस खास आयोजन ने विदेशी मेहमानों को भारतीय संस्कृति के रंगों में सराबोर कर दिया। रंग, संगीत और उमंग से भरे इस उत्सव ने सभी को यादगार अनुभव प्रदान किया और जयपुर की मेहमाननवाजी की छाप छोड़ दी।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 15:11:40 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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            <item>
                <title>आईएचएचए ने विदेशी पर्यटकों के लिए जीएसटी हटाने की मांग की : अमेरिकी टैरिफ के मौजूदा मुद्दों से उत्पन्न विदेशी मुद्रा घाटे की भरपाई में भी मिलेगी मदद</title>
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                        <![CDATA[इंडियन हेरिटेज होटल्स एसोसिएशन (आईएचएचए) की 24वीं एनुअल जनरल मीटिंग और 12वां एनुअल कन्वेंशन जयपुर स्थित कासल कानोता में 6 से 7 सितंबर को होगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ihha-demanded-the-removal-of-gst-for-foreign-tourists-will/article-125634"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/12364.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। इंडियन हेरिटेज होटल्स एसोसिएशन (आईएचएचए) ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को एक ज्ञापन सौंपकर विदेशी पर्यटकों के लिए जीएसटी हटाने की मांग की है। इस कदम से इनबाउंड टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा जिससे भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया और इजराइल जैसे गंतव्यों के साथ अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी। इससे अमेरिकी टैरिफ के मौजूदा मुद्दों से उत्पन्न विदेशी मुद्रा घाटे की भरपाई में भी मदद मिलेगी। यह बात आईएचएचए के सेक्रेटरी जनरल कैप्टन गज सिंह अलसीसर ने मंगलवार को अलसीसर हवेली में 12वें आईएचएचए एनुअल कन्वेंशन से पहले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।</p>
<p>इंडियन हेरिटेज होटल्स एसोसिएशन (आईएचएचए) की 24वीं एनुअल जनरल मीटिंग और 12वां एनुअल कन्वेंशन जयपुर स्थित कासल कानोता में 6 से 7 सितंबर को होगा। कार्यक्रम में भारत से लगभग 150 हेरिटेज होटेलियर्स के शामिल होने की उम्मीद है। कासल कानोता के संरक्षक पृथ्वी सिंह कानोता और प्रताप कानोता ने जानकारी दी कि एनुअल कन्वेंशन के पहले दिन 6 सितंबर को उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी एग्जीबिशन का उद्घाटन करेंगीं। वहीं केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में शिरकत करेंगे।  </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Sep 2025 11:00:28 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
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                <title>विदेशी पर्यटकों को सैर के लिए पसंद आए अक्टूबर से दिसम्बर के महीने</title>
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                        <![CDATA[पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी पर्यटकों को यहां आकर त्योहार सेलिब्रेट करना पसंद है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/foreign-tourists-like-the-months-of-october-to-december-for/article-88832"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(3)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। घरेलू और विदेशी पर्यटक अपने हिसाब से टूर प्लान कर किले-महलों की सुंदरता निहारने के लिए प्रदेश की ओर रूख करते हैं। पर्यटन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार घरेलू पर्यटकों को जुलाई से सितम्बर माह के दौरान प्रदेश घूमना पसंद आया तो वहीं विदेशी पावणे अक्टूबर से दिसम्बर के बीच यहां घूमने आए। पर्यटन विभाग ने साल-2023 में हर तीन माह का विश्लेषण किया, जिसमें यह जानकारी सामने आई। पर्यटन विभाग से मिले साल-2023 के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मार्च तक 23 प्रतिशत, अप्रैल से जून में 20 प्रतिशत, जुलाई से सितम्बर में 30 प्रतिशत और अक्टूबर से दिसम्बर तक 27 प्रतिशत घरेलू पर्यटकों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित किले, महल, स्मारक और संग्रहालयों सहित अन्य पर्यटन स्थलों की विजिट की। </p>
<p><strong>अक्टूबर से दिसम्बर के बीच 41 प्रतिशत  </strong><br />पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी पर्यटकों को यहां आकर त्योहार सेलिब्रेट करना पसंद है। साल-2023 के तहत जनवरी से मार्च तक 30 प्रतिशत, अप्रैल से जून तक 11 प्रतिशत, जुलाई से सितम्बर तक 18 प्रतिशत और अक्टूबर से दिसम्बर तक 41 प्रतिशत विदेशी पावणों ने प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। </p>
<p><strong>इनका कहना...</strong><br />दे खने में आया है कि घरेलू पर्यटकों को जुलाई से सितम्बर माह के बीच प्रदेश विजिट करना ज्यादा पसंद आया। वहीं विदेशी पर्यटक अक्टूबर से दिसम्बर माह के बीच दीपावली, क्रिसमस जैसे त्योहारों के सेलिब्रेशन के साथ अपनी विजिट को यादगार बनाते हैं। <br />-संजय कौशिक, पर्यटन विशेषज्ञ </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 10:41:45 +0530</pubDate>
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                <title>गर्मी का असर पर्यटन स्थलों पर भी, ख़ासकर विदेशी पर्यटको की संख्या में दिख रही कमी </title>
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                        <![CDATA[भीषण गर्मी का असर सब जगह दिखाई दे रहा है। दोपहर होते होते शहर की सड़कों पर ट्रेफ़िक कम हो जाता है तो वहीं इस गर्मी में शहर के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में भी कमी देखने को मिल रही है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-effect-of-heat-is-also-visible-on-tourist-places/article-79084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/photo-size-(10)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भीषण गर्मी का असर सब जगह दिखाई दे रहा है। दोपहर होते होते शहर की सड़कों पर ट्रेफ़िक कम हो जाता है तो वहीं इस गर्मी में शहर के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में भी कमी देखने को मिल रही है। आलम ये है कि हज़ारों की संख्या में आने वाले पर्यटकों की अगुवाई करने वाले मॉन्यूमेंट्स पर इस समय पर्यटकों की संख्या डेढ़ से ढाई हज़ार के बीच रह गई है। ख़ासकर विदेशी पर्यटकों की संख्या में तो भारी कमी देखने को मिल रही है। </p>
<p>पुरातत्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को हवामहल स्मारक में कुल 2248 पर्यटक आए थे। इनमे विदेशी पर्यटकों की संख्या केवल 31 ही रही। आमेर महल में कुल पर्यटक संख्या 2574 रही। इसमें विदेशी पर्यटको की संख्या क़रीब 150 देखी गई। जंतर मंतर में  कुल 1453 पर्यटकों ने विज़िट की। इनमे विदेशी पर्यटकों की संख्या केवल 127 थी। अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में कुल 1486 पर्यटकों में से विदेशी पर्यटकों की संख्या केवल 24 ही रही। पर्यटन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि अब मानसून की बारिश के बाद ही शहर के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इस बार गर्मी भी भीषण पड़ रही है। ऐसे में विदेशी पर्यटक भी कम ही आते हैं।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 May 2024 17:08:37 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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            <item>
                <title>राजस्थान आने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या में 328.52 प्रतिशत की वृद्धि</title>
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                        <![CDATA[बांसवाड़ा, बूंदी, माउन्टआबू, उदयपुर और कुम्भलगढ़ हैं मानसून पर्यटन के खास स्थल। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/32852-percent-increase-in-the-number-of-foreign-tourists-coming/article-78787"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(14)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में मानसून पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। ये कहना है पर्यटन विभाग के उपनिदेशक दलीप सिंह राठौड़ का। उनके अनुसार वर्ष-2022 की तुलना में वर्ष-2023  में  राजस्थान आने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या में 328.52 प्रतिश्त की वृद्धि हुई।विदेशी सैलानियों का ये आंकड़ा ही राजस्थान का पर्यटन महत्व बताने के लिए काफी है वहीं घरेलु पर्यटकों की संख्या में 65.29 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई। वर्ष-2023 में राजस्थान घूमने आने वालों की संख्या 18,07,51,794 ( अट्ठारह करोड़ सात लाख इक्यावन हजार सात सौ चौरानवें) थी। राठौड़ का कहना है कि राजस्थान पर्यटन की विदेशी ट्रेवल मार्ट व ट्रेड फेयर में सशक्त उपस्थित का ही परिणाम है कि राजस्थान विदेशी सैलानियों का रूख राज्य की ओर मोड सका। </p>
<p>उनके अनुसार राज्य में अब वर्ष पर्यन्त पर्यटन है। ऐसे में मानसून के दौरान राज्य में आने वाले पर्यटकों को राजस्थान वो अलौकिक स्वरूप देखने को मिलेगा जिसे देख पर्यटक यह नहीं कहेंगे कि राजस्थान की पहचान सिर्फ रेगिस्तान है। राज्य में मानूसन पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।ये चौंकाने वाली बात नहीं हैं क्योंकि राजस्थान का चेरापूंजी कहलाने वाला बांसवाडा भी राज्य का ही हिस्सा है और सौ टापूओं का शहर कहलाता है। मानसून में राजस्थान घूमने वाले पर्यटकों को बांसवाडा, बूंदी, माउन्टआबू, उदयपुर और कुम्भलगढ़ जरूर देखने चाहिए।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 May 2024 14:49:37 +0530</pubDate>
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                <title>आखिर विदेशी सैलानियों को क्यों नहीं आकर्षित कर पा रही कोटा नगरी </title>
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                        <![CDATA[जब तक सरकार डेस्टिनेशन को प्रमोट करने के लिए काम नहीं करेगी तब तक बेनिफिट नहीं होगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/why-is-kota-city-not-able-to-attract-foreign-tourists/article-67576"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/akhir-videshi-selaniyo-ko-kyu-nhi-akarshit-kr-pa-rhi-kota-nagri...kota-news-20-01-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर आज पर्यटन की दृष्टि से बहुत समृद्ध हैं। विदेशी पर्यटकों के आकर्षण के लिए कोटा शहर में वह सब कुछ है जो पूरे प्रदेश में कहीं नहीं हैं। लेकिन उसके बाद भी कोटा को देश विदेश में पर्यटन के मानचित्र पर उभारने के प्रयासों के लिए जो प्रयास किए जाने चाहिए वैसे अब तक नहीं किए गए। यहीं कारण है कि विदेशी पर्यटक कोटा के समीप बूंदी देखने तो आते हैं किन्तु कोटा नहीं आते। कुछ विदेशी पर्यटक अगर कोटा आते हैं तो वह निजी ट्रैवल कंपनियों व टूर ऑपरेटर्स की मेहनत का नतीजा है। कोटा में हवाईसेवा शुरू होने से भी पर्यटन को और भी बढ़ावा मिलेगा। कोटा में विदेशी पर्यटकों के  नहीं आने की क्या वजह है, इस बारे में टूर ऑपरेटर और स्थानीय पर्यटन विभाग से दैनिक नवज्योति ने बात की तो कई चीजें सामने आई, उनमें कोटा में एयरपोर्ट का नहीं होना भी बड़ी वजह है।</p>
<p><strong>क्या कमी है</strong><br />- होटल्स की वजह से डेस्टिनेशन प्रमोट होता है। हमारे यहां शुरू से होटल्स की कमी रही है। उस लेवल के होटल्स नहीं हैं जिससे फॉरेन टूरिस्ट को प्रमोट किया जा सकें। अतिथि देवो भव वाली बात हैं वह हमारे क्षेत्र में नहीं हैं। क किसी भी डेस्टीनेशन को टूर ऑपरेटर प्रमोट करता है। इसके लिए टूर ऑपरेटर्स, और  दिल्ली-मुंबई में ट्रेवल कंपनीयों को प्रमोट करना होता है। उन्हें वहां जाकर बताना होता है या बुलाना पड़ता है कि हमारे पास ये चीजें हैं। इसे देखो और  बताओ आपको क्या चाहिए । <br />- ट्रैवल एजेन्ट  डेस्टीनेशन को शामिल करने में  इसलिए भी डरता हैं कि उन्हें पूरी इनवेन्ट्री चाहिए । एक होटल में 60 से लेकर 85 कमरे हो तो उसे डेस्टिनेशन शामिल करने में परेशानी नहीं होती हैं। बूंदी में यहां से बहुत ज्यादा कमरे होटल्स में है। हमारे यहां हेरीटेज प्रोपर्टी में कुल मिलाकर 55 से 60 कमरे निकलते है। 60 कमरों में क्या टूरिज्म चला पाएंगे। <br />-  एयरपोर्ट आवश्यकता है। छोटे-छोटे गांवों में टूरिज्म डेस्टीनेशन पर एयरलाइंस है। कोटा बड़ा शहर है यहां रिक्वायरमेंट है।  एयरपोर्ट होगा तो कनेक्टिविटी बढ़ेगी । जब तक सरकार डेस्टिनेशन को प्रमोट करने के लिए काम नहीं करेगी तब तक बेनिफिट नहीं होगा।</p>
<p><strong>टूर ऑपरेटर्स की-पर्सन</strong><br />द रॉयल हाड़ौती ट्रैवल्स के नीरज भटनागर बताते है कि टूरिज्म फेयर आईटीबी(इंडियन ट्रेवल बाजार) यूरोप में लगता है। इसमें दिल्ली के टूर ऑपरेटर्स अपने-अपने पैकेजिस लेकर जाते है। उस पैकेज को यूरोप में क्लाइंट को सेल करते है। फिर उनके मार्फत विदेशी पर्यटक आते हैं। इस सिम्प्ल  प्रक्रिया को किसी ने भी नहीं किया । राजस्थान टूरिज्म ने भी नहीं किया है। हमारे पास महल हैं, नेचर है एक्टिविटी है। लेकिन इस प्रमोट नहीं कर पाए। </p>
<p><strong>कोरोना से पहले आते थे करीब 3500 विदेशी पर्यटक </strong><br />कोटा में जर्मनी के लोग ज्यादा आते है। कोविड के पहले करीब 3500 विदेशी पर्यटक हर सीजन ( सितंबर से मार्च ) में आते थे।  2019-20 तक भी यहीं था। अभी बिल्कुल कम है। अभी तो जो आ रहे ट्रांंजिट नाइट यानि एक नाइट के लिए  आ रहे है। </p>
<p><strong>विदेशी पर्यटक को </strong><strong>क्या पसंद आता है</strong><br />कोटा साफ सुथरा शहर लगता है चौड़ी-चौड़ी सड़कें है। पुराना शहर  पुरानी सिटी, पुराना हेरीटेज विदेशी पर्यटकों को बहुत लुभाता है। चंबल की बोट सफारी ,कोटा गढ़ पैलेस की पेंटिंग पसंद की जा रही है। पर्यटक लोकल लोगों को शॉपिंग करते देखना पसंद करते है। कोटा में उन्हें यह सबसे अच्छा लगता है कि उन्हें कोई दुकानों में आने के लिए जबरन खींचता नहीं है। शॉपिंग, हेरीटेज, बिल्डिंग्स पारंपरिक खाना उन्हें ये सब कोटा में अच्छा लगता है।</p>
<p>हमारे पास वह चीजें हैं जो पूरे राजस्थान में नहीं है।  चंबल में फ्लोरा-फॉना में वेरियस वेजीटेशन हैं अश्वगंधा, शखपुष्पी के पौधे  हैं जो कहीं भी नहीं मिलते। हाड़ौती में हर्बल खेती होती हैं। जो पूरे राजस्थान में नहीं होती है। एग्रो टूरिज्म,वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, टाइगर रिजर्व  ब्लैक बग सेंचुरी सोरसन में, बर्ड वॉचिंग उम्मेदगंज एरिया मेंं  है।  वल्चर्स की एशिया की बिगेस्ट कॉलोनी है,क्रोकोडाइल सेंचुरी है,लेपर्ड्स  है। जरूरत है, पांच व सात सितारा होटल्स की जिनमें 80कमरे  हो, अच्छे हो जो सिर्फ लैजर टूरिज्म के लिए काम करते हो। अपने आप टूरिस्ट आ जाएंगें। एक सीजन में सभी टूर ऑपरेटर्स को बुलाकर प्रमोट किया जाए । <br /><strong>- नीरज भटनागर, प्रोपराइटर द रॉयल हाड़ौती ट्रैवल्स एवं उपाध्यक्ष हाड़ौती ट्यूरिज्म डेवलपेंट सोसायटी, कोटा</strong></p>
<p>कोरोना के बाद विदेशी पर्यटकों की संख्या में कमी आई हैं। कोटा में विदेशी पर्यटक आइटीनरी वाइज आते हैं गढ़ पैलेस घूमकर, चंबल में बोटिंग करके निकल जाते हैं। यहां उदयपुर, अजमेर पुष्कर की तरह विदेशी टूरिस्ट नहीं घूमते।  कोटा की ऑक्युपेंसी में कमरे महंगी दर पर हैं यहां पहले से कॉरपोरेट क्लाइंट, एजुकेशन ट्यूरिज्म से हाइक रहती हैं । अब गेटवे हाड़ौती भी खुल रहा है। कनेक्टिविटी बढ़ने से आवाजाही बढ़ेगी। ग्रीन एयरपोर्ट तैयार हो जाएगा तो बहुत बड़ा रेवोल्यूशन आएंगा।<br /><strong>- संदीप श्रीवास्तव, सहायक निदेशक पर्यटन, कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jan 2024 14:41:34 +0530</pubDate>
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