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                <title>fiscal deficit - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>संसद में बजट संग्राम: राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष ने लगाया बजट में जरूरतमंदों का ध्यान न रखने का आरोप, सत्तापक्ष ने कहा-आम लोगों की चिंता कर रही सरकार</title>
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                        <![CDATA[राज्यसभा में वित्त विधेयक 2026 पर तीखी बहस हुई। विपक्ष ने कॉरपोरेट टैक्स में कमी और आम जनता पर बढ़ते बोझ का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा। वहीं, भाजपा ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कटौती को जनहितैषी बताया। तृणमूल और द्रमुक ने आर्थिक असमानता और चुनावी राजनीति पर सवाल उठाते हुए सब्सिडी में कटौती की आलोचना की।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/during-the-discussion-in-rajya-sabha-the-opposition-accused-the/article-148130"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/delhi-parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में शुक्रवार को वित्त विधेयक, 2026 ओर विनियोग (संख्या-2) विधेयक, 2026 पर एक साथ चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार पर बजट में जरूरतमंदों की अनदेखी करने का आरोप लगाया जबकि सत्तापक्ष ने कहा कि सरकार आम लोगों की चिंता कर रही है। गुजरात से कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि वित्त विधेयक में सरकार ने जरूरतमंदों, किसानों और महिलाओं का ध्यान नहीं रखा है। वित्त वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के हवाले से उन्होंने कहा कि जहां आयकर के प्राप्त राजस्व 26 प्रतिशत बढ़ा था वहीं सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात में कॉरपोरेशन कर में कमी आयी है। इसका मतलब है कि कर का बोझ आम लोगों पर डाला जा रहा है और उद्योगों को राहत दी जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वित्त विधेयक में साल 2047 तक गुजरात के गांधीनगर स्थित गिफ्टी सिटी को कर में छूट दी गयी है, जहां बड़े-बड़े लोग रहते हैं, लेकिन आम लोगों की, किसानों और महिलाओं को कोई राहत नहीं दी गयी है। कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए श्री गोहिल ने आरोप लगाया कि सरकार उपकर और अधिभार लगाकर घोषित उद्देश्य से इतर उसका इस्तेमाल कर रही है। भाजपा के संजय सेठ ने कहा कि भारत इस समय सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है। आज पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिये गये हैं जबकि भारत में उत्पाद शुल्क कम करके इनके दाम नहीं बढ़ने दिये गये हैं। यह दिखाता है कि सरकार आम लोगों की चिंता कर रही है। उन्होंने कहा कि आयकर देने वालों की संख्या बढ़ रही है जो सरकार में लोगों के विश्वास को दिखाता है। सरकार ने "कर आतंकवाद" को समाप्त कर व्यवसायियों को कर मुक्त किया है।</p>
<p>तृणमूल कांग्रेस के साकेत गोखले ने आरोप लगाया कि उत्पाद शुल्क में कटौती इसलिए की गयी है कि क्योंकि चार राज्यों में चुनाव हैं। यदि सरकार आम लोगों के बारे में सोचती तो पिछले चार साल से रूस से कम कीमत पर कच्चा तेल की खरीद का लाभ उन्हें देती जो नहीं किया गया। उन्होंने वित्त मंत्री से इस बात का आश्वासन मांगा कि चुनाव समाप्त होने के बाद भी पेट्रोल-डीजल की कीमत नहीं बढ़ायी जायेगी। उन्होंने संसद का सत्र होने के बावजूद प्रधानमंत्री के बयान जारी करने के बाद संसद में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा न करने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को इतनी ही चिंता होती तो रसोई गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये नहीं बढ़ाये जाते।</p>
<p>तमिलनाडु से द्रमुक के पी. विल्सन ने कहा कि बजट में आर्थिक असमानता कम करने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है। एक तरफ धनाढ्य लोगों की संपत्ति बढ़ रही है और दूसरी तरफ भुखमरी की रैंकिंग में भारत लगातार नीचे गिर रहा है। खाद्य सब्सिडी, ईंधन पर सब्सिडी और उर्वरक सब्सिडी कम की जा रही है। उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण पर खर्च कम करके और आम लोगों पर बोझ डालकर राजकोषीय घाटा कम करना गलत है। उन्होंंने कहा कि देश की आम गृहणी राजकोषीय घाटे का आंकड़ा नहीं देखती, वह चावल की कीमत  खती है।</p>
<p>उन्होंने केंद्र पर संसाधनों के आवंटन में तमिलनाडु के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि कई फंड सिर्फ कागज पर हैं, लेकिन राज्य सरकार को कोई पैसा नहीं मिला है। पिछले पांच साल में राज्य को कुछ भी नहीं दिया गया है जिसका जवाब विधानसभा चुनाव में जनता देगी।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 17:16:41 +0530</pubDate>
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                <title>विपक्ष ने बजट में पूंजीगत व्यय और राज्यों के आवंटन में कमी पर सरकार को घेरा, सत्ता पक्ष बोला यह देश की आकांक्षाओं को करेगा पूरा</title>
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                        <![CDATA[राज्यसभा में बजट पर विपक्ष ने कटौती, बेरोजगारी पर सवाल उठाए, जबकि सत्तापक्ष ने इसे विकसित भारत की दिशा में जनआकांक्षाओं को पूरा करने वाला बताया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-opposition-cornered-the-government-on-the-lack-of-capital/article-142525"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(24).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में आम बजट को लेकर सोमवार को विपक्ष और सत्ता पक्ष ने अपनी- अपनी दलीलें दी जिसमें विपक्षी दलों ने जहां बजट में पूंजीगत व्यय, मंत्रालयों और राज्यों के आवंटन में कमी तथा पिछले वादों को पूरा नहीं करने का मुद्दा उठाया वहीं सत्ता पक्ष ने इसे लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने तथा देश को विकसित भारत की ओर तेजी से आगे बढाने वाला बजट करार दिया। पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदम्बरम ने बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय के साथ-साथ रक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शहरी आवास और सामाजिक कल्याण के आवंटन में कमी की गयी है। उन्होंने मुख्य रूप से पूंजीगत निवेश में कमी, बढती बेरोजगारी और धीमी विकास दर को लेकर सरकार को घेरते हुए कटाक्ष किया कि उसकी रिफॉर्म एक्सप्रेस पटरी से उतर गयी है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक सर्वेक्षण में बयान की गयी हकीकतों की अनदेखी की गयी है।</p>
<p>बजट पर अपनी सटीक प्रतिक्रिया करते हुए उन्होंने कहा, यह बजट सतर्क है, कंजूस है और बीते वर्ष को भुला देने वाला है,यह जल्द ही परिदृश्य से ग़ायब हो जाएगा। यह अखबारों से भी ग़ायब हो चुका है और किसी और सौदे तथा किसी और मंत्री ने सुर्खयिाँ घेर ली है। यह एक भुला दिए जाने वाला बजट है, जिसे एक ऐसी वित्त मंत्री ने तैयार किया है जिसने पिछले साल सदन में किए गए अपने वादों को भुला दिया। </p>
<p>चिदम्बरम ने कहा कि देश में बेरोजगारी की दर 15 प्रतिशत पहुंच गयी है और 25 प्रतिशत से भी कम कार्यबल के पास नियमित रोजगार है। लोगों को अपने काम करने की ओर रुख करना पड़ रहा है।  प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 2024-24 में बहुत अधिक घट गया है और निजी निवेश भी 22 प्रतिशत पर आ गया है। उन्होंने कहा कि निवेश नहीं आने के बावजूद सरकार ने पूंजीगत व्यय में 44 लाख करोड़ की कमी की है। </p>
<p>कांग्रेस सदस्य ने कहा कि कुल मिलाकर देखें तो सरकार ने पूंजीगत खर्च में एक लाख करोड़ रुपये की कमी लेकिन रिजर्व बैंक ने ही तीन लाख करोड़ रुपये का लाभांश दिया है तो फिर यह कमी क्यों की गयी। उन्होंने कहा कि अजीब स्थिति है कि निवेश भी नहीं आ रहा है और सरकार भी पूंजीगत खर्च कम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के लिए पैसे का आवंटन कम कर दिया है। जल जीवन मिशन में पिछले वर्ष केवल 17 हजार करोड रुपये का खर्च किया गया है और इस बार सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये की कमी कर दी। उन्होंने कहा कि राज्यों को दी जाने वाली राशि में </p>
<p>33 हजार करोड़ रुपये की कमी की गयी है। सदस्य ने कहा कि रक्षा क्षेत्र का बजट जीडीपी का 1.6 प्रतिशत है जो काफी कम है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बजट में भी कमी की गई है। चिदम्बरम ने कहा कि बायो फार्मा क्षेत्र के लिए बजट में पांच वर्ष के लिए दस हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जिसमें से आगामी वित्त वर्ष के लिए केवल 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।</p>
<p>सत्तापक्ष के अरूण सिंह ने कहा कि विपक्ष आलोचना करते समय इस बात को भूल जाता है कि उसके समय में बजट के लिए किया जाने वाला आवंटन अब 16. 6 करोड से बढकर 53.5 लाख करोड रुपये पहुंच गया है जो तीन गुना बढा है। उन्होंने कहा कि यह देश के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला तथा विकसित भारत के लिए आर्थिक प्रगति को तेज करने का संकल्प दिखता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि बजट में पूंजीगत खर्च के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वित्तीय घाटे का 4.3 प्रतिशत का लक्ष्य सराहनीय है और उसे देखते हुए पूंजीगत खर्च को धीरे धीरे बढाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूंजीगत खर्च बढकर बजट का 22.8 प्रतिशत पहुंच गया है जो कांग्रेस के समय 6.7 प्रतिशत था। </p>
<p>सत्तापक्ष के नेता ने कहा कि सरकार की नीतियों और सुधार प्रक्रिया से लोगों का उस पर भरोसा बढा है और आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या कांग्रेस के समय के चार करोड से बढकर नौ करोड़ पहुंच गयी है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में और मोबाइल के क्षेत्र में निर्यात निरंतर बढ रहा है। इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में भी निर्यात पहले की तुलना में तीन गुना बढा है। उन्होंने कहा कि चालू खाते का घाटा भी जल्दी ही सरपल्स पर चला जायेगा। साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार लगातार बढ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया के सबसे बड़े देशों के साथ व्यापार समझौते किये हैं जिससे भारत के प्रति बढते विश्वास का पता चलता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों में महंगाई की दर 9.4 प्रतिशत थी जो अब 2.4 प्रतिशत से भी कम है। बजट में आवास क्षेत्र के लिए 85 हजार करोड का बजट आवंटित किया गया है। किसानों और गरीबों का आर्थिक सशक्तीकरण किया जा रहा है। विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस बार विकसित भारत जी राम जी का बजट 42 प्रतिशत बढाकर 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये किया गया है। </p>
<p>तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बजट आम आदमी से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह खामोश है। उन्होंने सवाल किया कि जब राज्यों का बजट कम किया जायेगा तो देश विकास कैसे करेगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसके छह बजट बिना जनगणना के लाये गये हैं ऐसे में इन बजटों के आवंटन को कैसे सही माना जा सकता है। उन्होंने जनगणना में स्व गणना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने यह काम कोविड के समय जनगणना रोकने के बजाय उस समय क्यों नहीं किया। </p>
<p>उन्होंने जन धन योजना के 13 करोड़ खाते बंद किये जाने का उल्लेख करते हुए सरकार के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर करने के दावों पर भी सवाल उठाया। सदस्य ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत के विकास और जीडीपी के आंकड़ों को लेकर बेस ईयर पर सवाल उठाया है लेकिन सरकार पर इसका असर नहीं है। बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कितने युवाओं को रोजगार दिया इसकी संख्या कभी नहीं बतायी जाती। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी 40 प्रतिशत कम हुई है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनसे रुपया गिर रहा है। </p>
<p>तृणमूल नेता ने राज्यों के साथ भेदभाव का सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल का दो लाख करोड़ रुपया रोका गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य का मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना का सबसे अधिक पैसा रोका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के नाम पर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) ला रही है।</p>
<p>द्रमुक के पी विल्सन ने कहा कि भारत का कर्ज निरंतर बढ रहा है और इस चक्रव्यूह से बाहर निकलने तथा कर्ज को कम करने की कोई योजना नहीं दिखाई देती। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर आशंकाओं को दूर नहीं किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि भारत ने इस समझौते में अमेरिका से 500 अरब डालर की खरीद की प्रतिबद्धता जतायी है। इसे एकतरफा समझौता बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत जीरो टैरिफ लगा रहा है तो अमेरिका की ओर से 18 प्रतिशत टैरिफ क्यों लगाया जा रहा है। उन्होंने कर धोखाधड़ी कर विदेश भागने वाले भगोड़ों को जल्द देश लाये जाने की मांग की। </p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार अमृत और स्मार्ट सिटी के लिए बजट को नहीं बढा रही है और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अपने वादे को भी पूरा नहीं कर रही। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 18:50:41 +0530</pubDate>
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                <title>बजट 2026-27 : आम बजट से विकसित भारत को मिलेगी नई ऊर्जा और गति, जानें बजट 2026 पर क्या क्या बोलें पीएम मोदी ?</title>
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                        <![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी ने बजट 2026-27 को विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा, यह सुधारों, युवाओं, महिला शक्ति और उच्च विकास को नई गति देगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-developed-india-will-get-new-energy-and-momentum/article-141584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट को 2047 तक विकसित भारत की ओर हमारी उच्च उड़ान के लिए एक मजबूत आधार बताते हुए कहा कि भारत जिस सुधार की रफ्तार पर सवार है, उसे इस बजट से नई ऊर्जा और गति मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह बजट विश्वास आधारित शासन और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे की परिकल्पना को दर्शाता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के एक ट्रस्टेड डेमोक्रेटिक पार्टनर और ट्रस्टेड क्वालिटी सप्लायर के रूप में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है,  हाल ही में जो बड़ी-बड़ी ट्रेड डील्स भारत ने की हैं, 'मदर ऑफ ऑल डील' का अधिकतम लाभ भारत के युवाओं को मिले, भारत के लघु और मध्यम उद्योग वालों को मिले, इस दिशा में बजट में बड़े-बड़े कदम उठाए गए हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत जिस रिफाॅर्म एक्सप्रेस पर सवार है, इस बजट से उसे नई ऊर्जा, नई गति मिलेगी, जो पाथ ब्रेकिंग रिफॉर्म्स किए गए हैं, वो एस्पिरेशन से भरे हुए भारत के साहसिक, टैलेंटेड युवाओं को उड़ने के लिए खुला आसमान देते हैं। ये बजट भारत की वैश्विक भूमिका को नए सिरे से सशक्त करता है, भारत के 140 करोड़ नागरिक सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनकर ही संतुष्ट नहीं हैं, हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं, ये करोड़ों देशवासियों का संकल्प है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह एक विशिष्ट बजट है जो राजकोषीय घाटे को कम करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने को प्राथमिकता देता है। साथ ही उच्च पूंजीगत व्यय को मजबूत आर्थिक विकास के साथ संतुलित करता है। उन्होंने कहा, 'आज का बजट ऐतिहासिक है, यह देश की महिला शक्ति के सशक्त सशक्तिकरण को दर्शाता है, महिला वित्त मंत्री के रूप में निर्मला जी ने लगातार नौवीं बार देश का बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है,  यह बजट अपार अवसरों का द्वार है, यह आज की आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदलता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता है।' पीएम मोदी ने कहा कि यह एक ऐसा यूनिक बजट है, जिसमें फिसकल डेफिसिट कम करने पर फोकस है, इसके साथ बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का समन्वय है, यह देश की ग्लोबल भूमिका को नए सिरे सशक्त करता है।</p>]]>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:15:25 +0530</pubDate>
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                <title>Interim Budget: टैक्स स्लॉट में कोई छूट नहीं, राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.1 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य </title>
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                        <![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतारिम बजट में कराधान व्यवस्था को यथावत बनाये रखने की परंपरा का पालन करते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.1 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/interim-budget-no-relaxation-in-tax-slots-target-to-limit/article-68869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/fiscal-deficit.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतारिम बजट में कराधान व्यवस्था को यथावत बनाये रखने की परंपरा का पालन करते हुये गुरुवार को वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.1 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है, लेकिन उन्होंने 25 हजार करोड़ रुपये की कुछ पूर्व की बकाया कर मांग को माफ करने की घोषणा की जिससे एक करोड़ करदाताओं को लाभ होगा।</p>
<p>सीतारमण ने लोकसभा में अपने छठे बजट भाषण में कहा कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि की तेजी और राजस्व प्राप्तियों में सुधार से राजकोषीय घाटा का पुनरीक्षित अनुमान 5.8 प्रतिशत है जबकि बजट अनुमान 5.9 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि मैं पहले घोषित अपनी राजकोषीय सुदृढ़ीकरण योजना के अनुसार 2025-26 तक इस घाटे को जीडीपी के 4.5 प्रतिशत तक सीमित करने के रास्ते पर कायम हूं।</p>
<p>सीतारमण ने बजट भाषण में सरकार के कामों और उसके प्रति मजबूत जनविश्वास को रेखांकित करते हुए कहा कि आम चुनाव के बाद नई सरकार द्वारा जुलाई में पेश किये जाने वाला बजट विकसित भारत का रोडमैप होगा। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2047 में आजादी के अमृतकाल के पूर्ण होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है।       </p>
<p>उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के व्यय का संशोधित अनुमान 44.90 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस वित्त वर्ष में राजस्व प्राप्तियां 30.30 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो बजट अनुमान से अधिक है। उधारी को छोड़कर सरकार की कुल प्राप्तियां 27.56 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जिसमें कर प्राप्तियां 23.24 लाख करोड़ रुपए होंगे।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में कुल व्यय 47.66 लाख करोड़ रुपये रहने और उधारी को छोड़कर कुल प्राप्तियां 30.80 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में कर प्राप्तियां 26.02 लाख करोड़ रुपये रहने और राजकोषीय घाटा जीडीपी के 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए 50 साल के ब्याज मुक्त ऋण योजना अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष में जारी रखी जायेगी और इसके लिए 1.3 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया जायेगा। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Feb 2024 14:43:03 +0530</pubDate>
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