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                <title>drone survey - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>drone survey RSS Feed</description>
                
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                <title>1 अप्रैल से खानों का ड्रोन सर्वे होगा जरूरी, नहीं तो लीजें होंगी रद्द</title>
                                    <description><![CDATA[खान विभाग ने एक अप्रैल, 2025 से खान लीजधारकों को ड्रोन से खान का वोल्यूमेट्रिक एससमेंट एरियल सर्वे कराना अनिवार्य कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/drone-survey-of-mines-will-be-done-from-april-1/article-107678"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(1)53.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में वैध खानों में अवैध माइनिंग के गोरखधंधे को बंद करने के लिए अब खान विभाग ने एक अप्रैल, 2025 से खान लीजधारकों को ड्रोन से खान का वोल्यूमेट्रिक एससमेंट एरियल सर्वे कराना अनिवार्य कर दिया है। अगर खानधारकों ने आगामी जून माह तक एरियल सर्वे कराके खान विभाग को रिपोर्ट नहीं सौंपी तो उसके ठीक 12 माह बाद यानी जून 2026 में खानों की लीजें रद्द कर दी जाएगी। प्रदेश में वर्तमान में 16 हजार अप्रधान खनिजों की माइनिंग लीज है। लीजधारक अब तक खानों की माइनिंग की भौतिक रिपोर्ट सौंपते रहे हैं, लेकिन वैध खान के नाम पर लीजधारकों के क्षेत्र में अवैध माइनिंग करने की शिकायतें आती हैं। इसके चलते सालाना अरबों रुपए का नुकसान खान विभाग को राजस्व में होता है। ऐसे में अब ड्रोन एरियल सर्वे रिपोर्ट सबमिट करने के लिए लीजधारकों को पाबंद किया गया है। लीजधारकों को एरियल सर्वे के लिए अपडेट किया जाएगा। सर्वे करने वाली कंपनियों से रूबरू भी कराया जाएगा। इसके लिए 19 मार्च को आरआईसी सेंटर में खान विभाग ने लीजधारकों को बुलाया है। यहां ड्रोन सर्वे करने वाली कंपनियां भी आएंगी जो सर्वे के लिए उन्हें ना केवल अपडेट करेगी, बल्कि कंपनियों से उन्हें मुखातिब भी कराएगी। ताकि जल्द ड्रोन सर्वे कार्य हो सके। एक अनुमान के मुताबिक प्रदेश में सरकार को सर्वे से खानधारकों से 200-300 करोड़ रुपए तक की पैनल्टी राजस्व के रूप में प्राप्त होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार खान लीजधारक को अपने खान क्षेत्र और उसके आसपास के 100 मीटर एरिया का एरियल सर्वे कराके देना होगा। ताकि आसपास के क्षेत्र में अवैध खनन का भी पता लग सके। एरियल सर्वे में खान से होकर अवैध खनन का रास्ता नजर आया तो खान लीजधारक को अवैध खनन का दोषी मानते हुए पैनल्टियां लगाकर वसूली होगी।</p>
<p><strong>शुरुआत में खानधारकों को राहत मिलेगी :</strong></p>
<p>सरकार ने वर्तमान में खान लीजधारकों को एरियल सर्वे कराने पर अवैध खनन मिलने पर एकबारीय समाधान स्कीम लागू की है। अभी अवैध खनन पर दस गुना पैनल्टी ली जाती है, लेकिन फिलहाल ड्रोन एरियल सर्वे की शुरुआत के चलते खान क्षेत्र के अंदर अवैध खनन मिलने पर 15 फीसदी यानी डेढ़ गुना और खान क्षेत्र के बाहर अवैध खनन पर 25 फीसदी यानी ढाई गुना पैनल्टी ही पैनल्टी ली जाएगी। </p>
<p><strong>अवैध खनन किया तो ऐसे चलेगा पता :</strong></p>
<p>खानधारकों के द्वारा खनन करते वक्त माइनिंग के वोल्यूमेट्रिक आंकलन की रिपोर्ट पूर्व में प्रस्तुत की हुई है। अब उन्हें ड्रोन से एरियल सर्वे कराना होगा। दोनों रिपोर्ट का मिलान कर मिलने वाले अवैध खनन का आंकलन होगा। इसके बाद पैनेल्टी भरनी होगी। सर्वे रिपोर्ट और उसके बाद पैनल्टी नहीं भरी गई तो खान की लीज निरस्त होगी। ड्रोन के जरिये एरियल सर्वे में खान से निकाले जाने वाले खनन उत्पादन का वोल्यूमैट्रिक आंकलन हो जाएगा। फिर इसका मिलान खान क्षेत्र के ई-रवन्ना में दिए गए खनन के सामने आए खनन की मात्रा से होगा। अगर एरियल सर्वे में वोल्यूमैट्रिक आंकलन में अंतर आया तो जो अतिरिक्त खनन हुआ, उसे अवैध मानते हुए उस पर पैनल्टी वसूली जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 12:59:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड योजना : ड्रोन सर्वेक्षण के जरिए शहरी क्षेत्रों की होगी डिजिटल मैपिंग, नक्शा तैयार करने के लिए ड्रोन सर्वे शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[भारत सरकार के डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत राज्य की 10 चयनित शहरी नगर निकायों में भूमि का डिजिटल नक्शा तैयार करने के लिए ड्रोन सर्वेक्षण शुरू किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/digital-india-land-record-scheme-drone-survey-will-be-of/article-104158"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(3)28.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत सरकार के डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) के तहत राज्य की 10 चयनित शहरी नगर निकायों में भूमि का डिजिटल नक्शा तैयार करने के लिए ड्रोन सर्वेक्षण शुरू किया गया है। यह कार्य शहरी क्षेत्र के भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 141 (81) के तहत अधिसूचित नगरपालिका क्षेत्रों में किया जाएगा।</p>
<p>ड्रोन सर्वेक्षण से सभी प्रकार की भूमि की डिजिटल मैपिंग होगी, जिसके आधार पर भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 141 (G) के तहत "शहरी जमाबंदी" नामक अधिकार अभिलेख तैयार किया जाएगा। इस कार्य में आम जनता का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। </p>
<p>भूमि/भवन/भूखंड के स्वामित्वधारियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी संपत्ति की सीमाओं पर सीमा चिन्ह स्थापित करें और भूखंडों या भवनों के मध्य की सीमा को पीले रंग से चिह्नित करें। यह प्रक्रिया ड्रोन फोटोग्राफी के जरिए सटीक क्षेत्रफल और वास्तविक आकृति (ग्राउंड ट्रुथिंग) की गणना में मदद करेगी। एलएसजी ने सभी संबंधित व्यक्तियों से अपील की जाती है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें ताकि अधिकार अभिलेख समय पर और सटीक रूप से तैयार किए जा सकें।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 15:04:34 +0530</pubDate>
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                <title>ड्रोन सर्वे में बड़ा खुलासा, टोंक के पांच स्थानों पर 16 लाख टन से अधिक अवैध बजरी खनन</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ 15 जनवरी से चलाये जा रहे संयुक्त अभियान में खनिज खनन के ड्रोन सर्वे में अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-revelation-in-drone-survey-more-than-16-lakh-tonnes/article-68920"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/photo-(3)2.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">जयपुर।</span> राजस्थान में अवैध खनन के खिलाफ 15 जनवरी से चलाये जा रहे संयुक्त अभियान में खनिज खनन के ड्रोन सर्वें में अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है। </p>
<p>खान सचिव आनन्दी ने बताया कि बड़े खनन क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार ड्रोन डीजीपीएस सर्वें कराने का निर्णय किया गया और टोंक जिले में बजरी खनन के पांच क्षेत्रों में कराये गये ड्रोन सर्वे में 16 लाख 18 हजार अवैध बजरी खनन का खुलासा हुआ है।  </p>
<p>उन्होंने बताया कि ड्रोन सर्वें की प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर एएमई टोंक को संबंधित लीज धारकों के खिलाफ नियमानुसार शास्ती लगाने और आवश्यक कार्यवााही के निर्देश दिये गये हैं। टोंक जिले के पलाड़ा, डोडवारी, मूंडियां, साईदाबाद और मंडावर में बजरी खनन का ड्रोन सर्वे कराया गया जिसकी रिपोर्ट प्राप्त होने पर पाया गया कि लीज धारकों द्वारा दिखाए गए स्टॉक से 16 लाख 18 हजार टन अधिक अवैध बजरी खनन कर बेच दिया गया और सरकारी राजस्व में करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। </p>
<p>ड्रोन सर्वें के अनुसार पांच स्थानों पर 40 लाख 1732.02 लाख टन बजरी का खनन किया गया जबकि स्टॉक में 23 लाख 83 हजार 10 लाख टन बजरी खनन दर्शाया गया। इस तरह से पांच स्थानों पर ही लीज धारकों द्वारा 16 लाख 18 हजार टन से अधिक का अवैध बजरी खनन कर  नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p>ड्रोन सर्वें रिपोर्ट के अनुसार टोंक जिले के पलारा में 986711.09 टन बजरी खनन किया गया जबकि स्टॉक में 616598 टन बजरी खनन करना ही दर्शाया गया। इसी तरह से टोंक जिले के ही डोडवारी में 382912.34 टन बजरी खनन किया गया जबकि स्टॉक में 246893 टन ही बजरी खनन दिखाया गया। यहां के ही मूंडिया में दो स्थानों पर क्रमश: 384354.02 टन और 678183.14 टन बजरी खनन पाया गया जबकि रेकार्ड के अनुसार क्रमश: 206749 टन और 528906 टन बताया गया। सईदाबाद में 749940.07 टन बजरी खनन पाया गया जबकि 413750 टन ही बजरी खनन बताया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Feb 2024 20:26:37 +0530</pubDate>
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