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                <title>illegal fishing - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>10 नाव पकड़ी, दो दर्जन जाल जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[जवाहर सागर रैंजर ने 5 दिन में 18 नाव की नष्ट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/10-boats-caught--two-dozen-nets-confiscated/article-78676"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/10-naav-pkdi-do-darjan-jaal-jabt...kota-news-20-05-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अवैध मतस्य आखेट करने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। शुक्रवार व शनिवार को मछुआरों पर कार्रवाई करते हुए एक दर्जन नांव पकड़ी  और कुछ नांवों को नष्ट कर चंबल में डूबो दिया। वहीं, दो दर्जन से अधिक मछली पकड़ने के जाल बरामद किए। इनलीगल फिशिंग पर कार्रवाई को बोराबास व जवाहर सागर रैंज के वन अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा अंजाम दिया गया। हालांकि, जवाहर सागर रैंज में पिछले 5 दिनों से अवैध मतस्य आखेट के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत धड़ाधड़ कार्रवाई की जा रही है।  मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के डीएफओ अभिमन्यू सहारण ने बताया कि पिछले दो दिन में जवाहर सागर व बोराबास रैंज में अवैध मतस्य आखेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। बारोबास  रैंज में शिवपुरा बस्ती से सटे चंबल नदी किनारे मछुआरो ने 5 नांव लगाकर नदी में जाल बिछा रखे थे, पेट्रोलिंग के दौरान वनकर्मियों ने  सभी नांव व जाल सीज कर लिए। वहीं, जवाहर सागर रैंज में क्षेत्रीय वन अधिकारी के नेतृत्व में पांच दिनों से अभियान चलाया जा रहा है। शुक्रवार शाम को गश्त के दौरान 4 नांव व बड़ी संख्या में जाल बरामद किया है। वहीं, कुछ नांवों को नष्ट कर नदी में डूबा दिया गया।</p>
<p><strong>18 नाव तोड़ चंबल में डूबोई</strong><br />जवाहर सागर रैंज के रैंजर जसवीर सिंह भाटी ने बताया कि उप वन संरक्षक के निर्देश पर इनलीगल फिशिंग रोकथाम को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत जवाहर सागर रैंज की टीम ने पिछले 5 दिन में दो दर्जन से अधिक नांव पकड़ी है। जिसमें से 18 नांवों को नष्ट कर चंबल में डूबा दिया गया है। वहीं, बड़ी मात्रा में जाल बरामद किया है। अभियान लगातार जारी रहेगा। पेट्रोलिंग टीम जावदा से भैंसरोडगढ़ चंबल नदी पर लगातार गश्त कर रही है। </p>
<p><strong>इधर, 5 नाव व एक दर्जन जाल बरामद </strong><br />बोराबास रैंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी जनक सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर को चंबल घड़ियाल सेंचुरी में टीम पेट्रोलिंग कर रही थी। शिवपुरा स्थित नदी किनारे मछुआरों ने 5 नाव छिपाकर रखी थी। वहीं, नदी में जाल बिछा रखा था। वनकर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंच सभी नावों व जाल सीज कर जीटी कार्यालय में रखवाई। उन्होंने बताया कि एक टीम लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। </p>
<p><strong>तीन माह पहले पकड़ी थी10 ट्यूब व तीन नाव</strong><br />कोटा थर्मल स्थित डीयर पार्क से गरड़िया महादेव तक चंबल का ऊपरी इलाका नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी में आता है, जो मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व  का हिस्सा है। बैराज की अप व डाउन स्ट्रीम में लोग अवैध मतस्य आखेट करते हैं। बोराबास रैंज ने 8 फरवरी को डियर पार्क के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 जाल, 10 ट्यूब व 3 नाव जब्त की थी। जिसमें से 2 नाव को मौके पर ही नष्ट कर दी गई थी। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उजागर किया था अवैध मत्स्याखेट </strong><br />दैनिक नवज्योति ने 30 दिसम्बर के अंक में मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में जमकर चली दारू-नॉनवेज पार्टी शिर्षक से समाचार प्रकाशित कर अवैध मत्स्य आखेट का खेल उजागर किया था। राष्टÑीय चम्बल घड़ियाल सेंचूरी में अवैध गतिविधियों के लाइव फोटो प्रकाशित कर व वीडियो उपलब्ध करवाकर विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था। इसके बाद 4 फरवरी को मतस्याखेट की लाइव तस्वीरें प्रकाशित की थी। इसके बाद विभाग हरकत में आया और पेट्रोलिंग व गश्त बढ़ाकर इनलीगल फिशिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई को अंजाम दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 May 2024 15:59:59 +0530</pubDate>
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                <title>वन्यजीव विभाग की लापरवाही से छिन रहा बेजुबान परिंदों का निवाला </title>
                                    <description><![CDATA[उम्मेदगंज पक्षी विहार में दिनदहाड़ेअवैध फिशिंग होने से पक्षियों का प्राकृतिक आवास नष्ट होने लगा है। 
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/due-to-the-negligence-of-wildlife-department--the-food-of-speechless-birds-is-being-snatched-away/article-71857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/transfer-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। उम्मेदगंज पक्षी विहार में बेजुबान परिंदों का निवाला छिना जा रहा है और वन्यजीव विभाग आंखें मूंदे पड़ा है। अधिकारियों की घोर लापरवाही से पक्षी विहार में दिन दहाड़े अवैध फिशिंग हो रही है। कार्रवाई करना तो दूर पक्षियों की सुरक्षा तक नहीं कर रहे हैं। हालात यह हैं, हजारों मील का सफर कर विदेशों से उम्मेदगंज पहुंचे पक्षियों को भोजन नहीं मिल पा रहा। भूख से बेचेन परिंदे तड़पते नजर आ रहे हैं। नतीजन, उम्मेदगंज पक्षी विहार से पक्षियों का पलायन बढ़ने लगा है।  दरअसल, मतस्य विभाग द्वारा उम्मेदगंज पक्षी विहार से गुजर रही नहर से मछली व्यवसाय के लिए ठेका दिया जाता है। लेकिन, ठेकेदार के कर्मचारी नहर के आमने-सामने स्थित पक्षी विहार के तालाबों में से अवैध रूप से मछली निकाल रहे हैं। जबकि, वर्ष 2020 में मतस्य विभाग के तत्कालीन डायरेक्टर ने अपने विभाग के स्थानीय अधिकारियों को पक्षी विहार से लगती नहर से 500 मीटर का क्षेत्र छोड़कर ठेका करने को पाबंद किया था। लेकिन अधिकारियों ने इसकी पालना नहीं की। जिसकी वजह से बर्ड्स सेंचुरी में अवैध मतस्य आखेट बढ़ गया। नतीजन, पक्षियों के भूखे मरने की नौबत आ गई। </p>
<p><strong>10 हैक्टेयर में हो रही अवैध फिशिंग</strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उम्मेदगंज पक्षी विहार 273 हैक्टेयर में फैला हुआ है। जिसमें से 10 हैक्टेयर में अवैध फिशिंग की जा रही है। वन्यजीव विभाग द्वारा पूर्व में भी मतस्य विभाग को नोटिस जारी कर अवैध मतस्य आखेट रोकने का आग्रह किया था, विभाग ने ध्यान नहीं दिया। नतीजन, अवैध फिशिंग होने से पक्षियों का प्राकृतिक आवास नष्ट होने लगा है। जिसकी वजह से बर्ड्स पलायन करने लगी है। वहीं, वन्यजीव विभाग द्वारा अवैध गतिविधियां रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा।  </p>
<p><strong>फोरेस्ट लैंड में बनाई टैंटनुमा झोपड़ी</strong><br />उम्मेदगंज में अवैध मतस्य आखेट करने वालों ने वन विभाग व सिंचाई विभाग की जमीन पर ही टैंट लगाकर अस्थाई वेयर हाउस बना लिया है। जहां मछली पकड़ने के जाल, नाव, कैरेट सहित अन्य सामान रखे जाते हैं। नहर के आमने सामने दोनों तालाबों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मछली निकाली जाती है, जिसे इस टेंट में रखी कैरेट में भरकर स्टोर की जा रही है। वन्यजीव विभाग के अधिकारियोें व कर्मचारियों को यह दिखाई नही दे रहा। विशेषज्ञों का तर्क है कि अवैध मतस्य आखेट विभाग की मिलीभगत से चल रहा है। ऐसे में सरकार को अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की जांच करवानी चाहिए। </p>
<p><strong>लाडपुरा विधायक ने उठाया था मामला</strong><br />गत 28 फरवरी को वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा के कोटा प्रवास के दौरान लाडपुरा विधायक कल्पना सिंह ने उम्मेदगंज पक्षी विहार में अवैध मतस्य का मामला उठाया था। इस पर मंत्री ने वन्यजीव विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अधिकारियों ने इस दिशा में कोई सार्थक प्रयास नहीं किए। </p>
<p><strong>नियमानुसार करेंगे कारवाई</strong><br />उम्मेदगंज पक्षी विहार कंजर्वेशन रिजर्व में अवैध मतस्य आखेट का मामला संज्ञान में आया है। जिसे रोकने के लिए नियमानुसार  कार्रवाई कर रहे हैं। <br /><strong>- अनुराग भटनागर, उपवन संरक्षक, वन्यजीव विभाग </strong></p>
<p>मैने अभी विभाग ज्वाइन नहीं किया है। यदि फोरेस्ट लैंड में अवैध रूप से फिशिंग की जा रही है तो ठेकेदार को पाबंद कर रुकवाएंगे। <br /><strong>- इरशाद खान, सहायक निदेशक, मतस्य विभाग </strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं पक्षी प्रेमी</strong><br /><strong>10 हजार पक्षियों के भोजन पर डाका</strong><br />पिछले चार वर्षों से उम्मेदगंज पक्षी विहार कंर्जरवेशन रिजर्व में अवैध मतस्य आखेट किया जा रहा है। लेकिन, वन्यजीव अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रहा। जबकि, उम्मेदगंज में 10 हजार से ज्यादा पक्षी विदेशों से आते हैं। इनमें से अधिकतर पक्षी मछली पर निर्भर होते हैं। ऐसे में वन विभाग के तालाबों में से लोग अवैध रूप से मछली निकाल बेजुबान परिंदों के भोजन पर डाका डाल रहे हैं और वन्यजीव विभाग के अधिकारी तमाशा देख रहे हैं। केवलादेवी पक्षी अभयारणय की तर्ज पर उम्मेदगंज को विकसित करने के सरकार के उद्देश्य को बर्बाद करने पर तुले हैं। वन अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध गतिविधियां हो रही है। सरकार को ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। <br /><strong>- देवव्रत सिंह हाड़ा, संस्थापक, पगमार्क फाउंडेशन </strong></p>
<p><strong>130 प्रजातियों के पक्षियों का नष्ट हो रहा आवास</strong><br />उम्मेदगंज पक्षी विहार में हर साल उत्तरी अमेरिका, ब्रिटेन, इराक, ईरान, उज्बेकिस्थान, रशिया, चीन, मंगोल सहित कई देशों से 130 प्रजातियों के पक्षी हजारों पक्षी यहां आते हैं। इनमें से अधिकतर पक्षियों का मुख्य भोजन मछली होता है। लेकिन, वन्यजीव विभाग की लापरवाही से अवैध फिशिंग और संदिग्ध गतिविधियां बढ़ रही है। जिससे पक्षियों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है। उन्हें खाने के लिए मछलियां नहीं मिल रही। मजबूरन पक्षियों का पलायन करने लगे हैं। वॉच टावर स्थित तालाब पर पहले सारस क्रेन का जोड़ा आता था लेकिन अब इस स्थान पर नहीं आते।  वहीं, पक्षियों की सुरक्षा को लेकर भी अनदेखी बरती जा रही है।<br /><strong>- एएच जैदी, नेचर प्रमोटर</strong></p>
<p><strong>अधिकारी गैर जिम्मेदार, उजड़ रहा संसार</strong><br />उम्मेदगंज पक्षी विहार कंजर्वेशन रिजर्व में गत 30 जनवरी को वन्यजीव विभाग की ओर से पक्षी गणना करवाई गई थी। जिसमें यहां कोमन पोचार्ड, क्रेस्टेड पोचर्ड, टफ्टेड , लिटिल गीब गल, स्टार्क, प्रेटीनकोल, लिटिल रिंग फ्लॉवर, रफ, कॉमन टील, नार्थन सोवलर, ब्लू थ्रोट, जिंटिंग सिस्टिकोला, विस्किर्ड टर्न, रिवर टर्न, कॉमन कूट, गेडवेल, कॉटन पिग्मी गीज, सारस क्रेन, सहित अन्य कई प्रजाति के प्रवासी पक्षी रिकॉर्ड किए गए थे। इसके बाद विभाग ने कभी पक्षी विहार की तरफ झांका तक नहीं। अवैध फिशिंग व संदिग्ध घुसपैठ लंबे समय से चल रही है। गैर जिम्मेदार वन अधिकारियों की वजह से इन परिंदों का संसार उजड़ रहा है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। <br /><strong>- रवि नागर, बायोलॉजिस्ट </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Mar 2024 17:22:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - चंबल के मछुआरों पर बड़ी कार्रवाई, 2 नाव तोड़ी, 15 जाल जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति ने कई बार लाइव तस्वीरों के साथ समाचार प्रकाशित कर विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---big-action-against-fishermen-of-chambal--2-boats-broken--15-nets-seized/article-69563"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/asar-khabar-ka---chambal-k-machuaro-pr-bdi-karywayi,-do-naav-todi,-15-jaal-zapt...kota-news-09-02-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व ने अवैध मतस्य आखेट करने वालों के खिलाफ गुरुवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बोराबांस रेंज की टीम ने भीतरीया कुंड के सामने चंबल नदी में मछुआरों के अवैध 15 जाल, 10 ट्यूब व 3 नाव जब्त किए। इनमें से दो नाव को मौके पर ही तोड़कर चंबल में बहा दी गई। वहीं, एक नाव को सीसीएफ कार्यालय स्थित जेटी पर लाया गया।  दरअसल, कोटा थर्मल स्थित डियर पार्क से गरड़िया महादेव तक चंबल का ऊपरी इलाका नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी में आता है, जो मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व  का हिस्सा है। बैराज की अप व डाउन स्ट्रीम में लोग अवैध मतस्य आखेट करते हैं। दैनिक नवज्योति ने कई बार लाइव तस्वीरों के साथ समाचार प्रकाशित कर विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था। इसके बाद मुकुंदरा प्रशासन हरकत में आया और नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।</p>
<p>जाल के साथ 10 ट्यूब की जब्त की: बोराबांस रेंजर एवं कार्यवाहक एसीएफ जनक सिंह ने बताया कि थर्मल स्थित डियर पार्क से गराड़िया महादेव तक मुकुंदरा टाइगर रिजर्व द्वारा नियमित गश्त की जा रही है। अवैध मतस्य आखेट रोकने के लिए पेट्रोलिंग कर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार दोपहर को गश्ती दल गरड़िया महादेव से सीसीएफ आॅफिस स्थित जेटी तक गश्त की जा रही थी। इस दौरान डियर पार्क के पास नदी में मछुआरों की तीन अवैध नाव दिखाई दी। वहां पहुंचे तो नदी में ट्यूब के सहारे एक  दर्जन से अधिक मछली पकड़ने के लिए जाल बिछाई हुई थी। इस पर कार्रवाई करते हुए 15 जाल, 10 ट्यूब व 3 नाव जब्त की। जिसमें से 2 नाव को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उजागर किया था अवैध मतस्य आखेट </strong><br />दैनिक नवज्योति ने 30 दिसम्बर के अंक में मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में जमकर चली दारू-नॉनवेज पार्टी शिर्षक से समाचार प्रकाशित कर अवैध मतस्य आखेट का खेल उजागर किया था। राष्टÑीय चम्बल घड़ियाल सेंचूरी में अवैध गतिविधियों के लाइव फोटो प्रकाशित कर व वीडियो उपलब्ध करवाकर विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था। इसके बाद 4 फरवरी को मतस्याखेट की लाइव तस्वीरें प्रकाशित की थी। इसके बाद विभाग हरकत में आया और पेट्रोलिंग व गश्त बढ़ाकर इललीगल फिशिंग के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Feb 2024 17:03:49 +0530</pubDate>
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