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                <title>Parliament - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Parliament RSS Feed</description>
                
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                <title>महिला आरक्षण पर कमलनाथ का केंद्र सरकार पर निशाना : आरक्षण के नाम पर भ्रम फैलाने का लगाया आरोप, विशेष सत्र पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की कि 33% आरक्षण इसी संसद सत्र से लागू होना चाहिए। कमलनाथ ने चेतावनी दी कि परिसीमन के बहाने दक्षिण भारत के साथ अन्याय न हो और सरकार महंगाई व बेरोजगारी जैसे असली मुद्दों पर ध्यान दे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kamal-nath-targets-central-government-on-womens-reservation-accuses-it/article-151847"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/kamal-nath.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि संसद में आरक्षण के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है। कमलनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए गए अपने ट्वीट में कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है और उस समय कांग्रेस ने इसका समर्थन भी किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी मौजूदा संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के पक्ष में है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन के माध्यम से दक्षिण भारत के राज्यों के साथ अन्याय करने की मंशा रखती है और इसी तथ्य को छुपाने का प्रयास कर रही है। कमलनाथ ने सवाल किया कि यदि भाजपा की नीयत वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देने की है, तो वर्तमान संसद में ही इसे लागू करने में क्या दिक्कत है। पूर्व मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर चर्चा करने के बजाय सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विशेष सत्र बुलाना चाहिए था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 15:54:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महिलाओं के आरक्षण पर बीजद का केंद्र पर निशाना : सत्ताधारी पार्टी इस मुद्दे पर लोगों को कर रही गुमराह, 'राजनीतिक ड्रामा' करने का लगाया आरोप,</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) ने महिला आरक्षण विधेयक को केंद्र का 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया है। सांसद सुलता देव ने आरोप लगाया कि सरकार सशक्तिकरण के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने मांग की कि परिसीमन का इंतजार किए बिना 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, ताकि राज्यों का प्रतिनिधित्व कम न हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjd-targets-center-on-womens-reservation-ruling-party-accused-of/article-151849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/sulta-dev.webp" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर 'राजनीतिक ड्रामा' करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सत्ताधारी पार्टी इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह कर रही है। बीजद की राज्यसभा सांसद सुलता देव और वरिष्ठ महासचिव लेखाश्री सामंतसिंहार ने केंद्र के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 'झूठा प्रचार' करार दिया, वहीं महिला आरक्षण की आड़ में उस पर परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर केंद्र सरकार सचमुच महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध है, तो उसे 543 सांसदों के बीच तुरंत 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए।</p>
<p>सुलता देव ने बताया कि महिला आरक्षण बिल को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' के रूप में पेश किया गया था और वह संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है तथा उसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके बावजूद उसे 2024 के आम चुनावों के दौरान लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र अब देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन आयोजित करते हुए देरी के लिए विपक्ष को दोषी ठहराने की कोशिश कर रही है, जिसे उन्होंने जनता का ध्यान भटकाने के लिए एक 'राजनीतिक ड्रामा' बताया।</p>
<p>सुलता देव के अनुसार यह अधिनियम 2023 में सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से पारित किया गया था, जिससे यह उम्मीद जगी थी कि इसे अगले आम चुनावों में तुरंत लागू किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केंद्र सरकार का कहना था कि जनगणना पूरी होने और उसके बाद निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद ही इसे लागू किया जाएगा। सुलता देव ने हालांकि दावा किया कि पांच राज्यों में चुनावों के दौरान संसद का एक विशेष सत्र बुलाया गया था ताकि आरक्षण प्रस्ताव के साथ-साथ 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन को आगे बढ़ाया जा सके। </p>
<p>उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के कदम से ओडिशा और कई दक्षिणी तथा पूर्वी राज्यों जैसे राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा, जिसके चलते विपक्षी दलों ने अपना समर्थन वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव विफल होने के बाद भाजपा ने विपक्षी दलों को महिला-विरोधी के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। सुलता देव ने केंद्र सरकार पर इस मुद्दे पर 'न्याय में देरी' करने के बावजूद खुद को महिला-समर्थक के रूप में पेश करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया और कहा कि मतदाता ऐसे दावों के पीछे की सच्चाई को पहले ही समझ चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 15:14:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका : राज्यसभा सभापति ने दी आप से अलग हुए सात सदस्यों को भाजपा में विलय की मान्यता, राज्यसभा में सांसदों की संख्या 113 हुई</title>
                                    <description><![CDATA[आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए राघव चड्ढा अब राज्यसभा में भाजपा के सदस्य बन गए हैं। राज्यसभा सचिवालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे उच्च सदन में भाजपा की सदस्य संख्या 113 पहुंच गई है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने चड्ढा का स्वागत करते हुए इसे एक स्वाभाविक बदलाव बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-blow-to-aam-aadmi-party-rajya-sabha-chairman-gave/article-151800"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/raghav.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है क्योंकि भाजपा में शामिल होने वाले राघव चड्ढा को पार्टी से बड़ा इनाम मिला है। दरअसल, राज्यसभा में उनको भाजपा पार्टी में शामिल होने की मंजूरी मिल चुकी है। इस मौके पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, "ये स्वाभाविक था। उनके कुछ सांसद भी आ रहे हैं तो हम उनका स्वागत करते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इसको लेकर राज्यसभा सचिवालय से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। </p>
<p>राज्यसभा सचिवालय द्वारा सोमवार को जारी सदन में विभिन्न दलों की सदस्य सूची में आम आदमी पार्टी से अलग होकर भाजपा में शामिल होने की घोषणा करने वाले सदस्यों के नाम भाजपा की सूची में आ गए हैं और पार्टी की सदस्य संख्या 106 से बढ़कर 113 हो गई है। उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी से निर्वाचित सदस्य राघव चड्ढा, डॉ संदीप कुमार पाठक और डॉ अशोक कुमार मित्तल ने गत 24 अप्रैल को राजधानी में एक संवाददाता सम्मेलन कर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सात सदस्यों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा की थी।</p>
<p>इन सदस्यों में उपरोक्त तीन के अलावा क्रिकेटर हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। राज्यसभा सचिवालय की ओर से आज जारी सूची के अनुसार इन सदस्यों को 24 अप्रैल से ही भाजपा के सदस्य के रूप में मान्यता दी गई है। इस सूची में आम आदमी पार्टी के सदस्यों की संख्या घटकर तीन हो गई है। सदन में अब आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह के अलावा दो सदस्य  नारायण दास गुप्ता और संत बलबीर सिंह के नाम हैं। आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उप नेता पद से हटा दिया था। उसी के बाद से पार्टी में समस्या उत्पन्न हुई है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 11:48:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कांग्रेस का केंद्र पर हमला : महिला आरक्षण क्रियान्वयन की इच्छुक नहीं सरकार, रणनीतिक तरीके से इसे परिसीमन विधेयक से जोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण को जानबूझकर टालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 10 वर्षों से इसके पक्ष में है, लेकिन सरकार ने इसे परिसीमन से जोड़कर देरी की रणनीति अपनाई है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा लिखे पत्रों के बावजूद क्रियान्वयन में हो रही देरी महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की उदासीनता दर्शाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-attack-on-the-central-government-not-being-willing-to/article-151183"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jairam-ramesh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रहा है और इसके लिए वह समय-समय पर वह सरकार पर दबाव भी बनाती रही है लेकिन केंद्र सरकार रणनीति के तहत इसको लागू नहीं कर रही है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि उनकी पार्टी करीब 10 साल से सरकार पर महिलाओं को आरक्षण देने का दबाव बना रही है और इस विधेयक को संसद में पारित कराने में भी अपना समर्थन दिया लेकिन सरकार ने जानबूझकर और रणनीतिक तरीके से इसे परिसीमन विधेयक से जोड़ दिया, जिससे इसे लागू करने में अड़चन आयी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 2017 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के संबंध में केंद्र को पत्र लिखा था। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी 16 जुलाई, 2018 को केंद्र को पत्र लिखकर महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग की थी। केंद्र सरकार ने इस मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया और फिर परिसीमन से जोड़कर इसे टालने की कोशिश की। जयराम रमेश ने कहा, "कांग्रेस का रुख महिला आरक्षण को लेकर अडिग और अपरिवर्तित रहा है। राहुल गांधी के लिखे पत्र के आठ साल बाद भी, केंद्र सरकार-परिसीमन से जोड़कर आरक्षण के कार्यान्वयन में देरी करने के इच्छुक हैं और इसलिए वह इस मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 15:53:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस का केंद्र पर हमला: महिला आरक्षण के नाम पर बहा रहे हैं घड़ियाली आंसू, सुप्रिया श्रीनेत ने कहा-सरकार महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहती</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र पर महिला आरक्षण रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परिसीमन का 'षड्यंत्र' विफल होने पर सरकार घड़ियाली आंसू बहा रही है। कांग्रेस ने मांग की कि मौजूदा 543 सीटों पर ही 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को उनका वास्तविक संवैधानिक अधिकार मिल सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-the-centre-crocodile-tears-are-being-shed-in/article-151002"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/supriya.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि केंद्र सरकार हमेशा महिलाओं को आरक्षण देने के खिलाफ रही है और यही वजह है कि इस बार उसने महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन लाने का षड्यंत्र किया, जिसके कारण संसद में पेश संविधान संशोधन विधेयक गिर गया और केंद्र को मुंह की खानी पड़ी। पार्टी ने कहा कि केंद्र शुरू से ही महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती है। यह हमेशा महिला आरक्षण के विरुद्ध रही है और यही कारण था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी 1990 में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लेकर आए थे, तो केंद्र ने इसका विरोध किया था, जिसके कारण वह विधेयक संसद में पारित नहीं हो सका था।</p>
<p>कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को यहां पार्टी मुख्यालय पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार डरी हुई हैं, इसलिए उन्होंने राष्ट्र के नाम शनिवार को 29 मिनट के संबोधन में 58 बार, यानी लगभग हर 30 सेकंड में कांग्रेस का नाम लिया। इससे साफ है कि महिला आरक्षण की आड़ में केंद्र परिसीमन के अपने कथित षड्यंत्र के विफल होने के कारण देश के नाम संबोधन के दौरान घड़ियाली आंसू बहा रहे थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक गिरने पर दुखी होने की बजाय 543 लोकसभा सीटों के आधार पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए और कांग्रेस इस व्यवस्था का पूरी तरह समर्थन करेगी। उनका कहना था कि मौजूदा 543 सीटों में से 181 सीटें महिलाओं को दे दीजिए और इसमें रोड़ा मत बनिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र पर महिलाओं के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि देश में जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, वहां केंद्र सरकार कुछ नहीं बोलती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी के लिए 'कांग्रेस की विधवा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर महिलाओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की बात करने वाली केंद्र सरकार को यह याद रखना चाहिए कि जब राजीव गांधी के शासनकाल में महिला आरक्षण विधेयक लाया गया था, तब उन्होंने ने इसके खिलाफ मतदान किया था।</p>
<p>कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। पार्टी के अनुसार, ऐसे मामलों की संख्या 4 लाख से अधिक हो गई है और दुष्कर्म के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के 1600 से अधिक विधायकों में केवल 167 महिलाएं हैं। देश के कई राज्यों में केंद्र की सरकार होने के बावजूद केवल एक राज्य में ही महिला मुख्यमंत्री है। पार्टी का कहना है कि इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील नहीं है और यही कारण है कि उसे संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने में संसद में असफलता का सामना करना पड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 18:10:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महिला आरक्षण बिल गिरने पर विपक्ष ने जश्न मनाकर महिलाओं का अपमान किया: सावित्री ठाकुर </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने महिला आरक्षण बिल न पचने पर विपक्ष के जश्न को स्वर्ण अवसर खोना और महिलाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण ऐतिहासिक विधेयक को रोका। मंत्री ने स्पष्ट किया कि परिसीमन महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए आवश्यक है और देश की नारी शक्ति इसका करारा जवाब देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/savitri-thakur-opposition-insulted-women-by-celebrating-when-womens-reservation/article-151018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)23.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि महिला आरक्षण से जुड़ा यह विधेयक पारित हो जाता, तो यह वर्ष इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता। उन्होंने कहा कि 2023 में विपक्ष ने चुनावी मजबूरी के कारण इसका समर्थन किया, लेकिन बाद में अपने राजनीतिक हितों के चलते इसका विरोध किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को हर योजना के केंद्र में रखा है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। इस बिल से महिलाओं में एक नई उम्मीद जगी थी कि उन्हें राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। सावित्री ठाकुर ने कहा कि विपक्षी दलों को यह डर था कि इससे उनके राजनीतिक समीकरण प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने स्पष्ट किया था कि किसी भी राज्य के हितों को नुकसान नहीं होगा, इसके बावजूद भ्रम फैलाया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जब यह बिल पारित नहीं हो सका, तो देशभर की महिलाओं में निराशा फैल गई, जबकि विपक्ष ने जश्न मनाया, जो महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि देश की महिला शक्ति इसका जवाब अवश्य देगी। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती जनसंख्या के मद्देनजर परिसीमन आवश्यक है, जिससे महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:50:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सरकार परिसीमन की आड़ में देश का निर्वाचक मानचित्र बदलना चाहती है : राहुल गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने परिसीमन विधेयक का पुरजोर विरोध करते हुए इसे ओबीसी और दलितों के हितों पर हमला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आरक्षण के नाम पर जनता को भ्रमित कर रही है और चुनावी लाभ के लिए भारत का चुनावी नक्शा बदलना चाहती है। राहुल ने इसे 'मनुवाद' का प्रयास करार दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-government-wants-to-change-the-electoral-map-of-the/article-150845"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rahul-gandhi-on-mnerga.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार परिसीमन की आड़ में भारत का निर्वाचक मानचित्र बदल देना चाहती है लेकिन इससे महिलाओं का सशक्तीकरण नहीं होने वाला है। राहुल गांधी ने संसदीय सीटों के परिसीमन विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह 'देश द्रोह' है और विपक्ष इसे किसी कीमत नहीं होने देगा। राहुल गांधी ने परिसीमन विधेयक 2026, संविधान ( एक सौ इकतीसवां संशोधन ) विधेयक 2026 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक 2026 पर हो रही चर्चा में शामिल होते हुए यह भी कहा कि सरकार लोक सभा सीटों का परिसीमन और विधायिका में महिलाओं का आरक्षण जिस तरह से देना चाहती है, वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) , दलितों और अल्पसंख्यकों के हितों पर हमला है। विपक्षी सदस्य इसका कड़ा विरोध करते हैं।</p>
<p>उन्होंने सत्ता पक्ष से कहा, "आप ओबीसी को, दलितों को हिन्दू तो कहते हैं लेकिन सत्ता में उन्हें स्थान नहीं देते। आप इन्हें हिन्दू तो कहते हैं, लेकिन इन्हें कोई स्थान नहीं देते। कार्पोरेट में ओबीसी, दलित कहां हैं, शिक्षा क्षेत्र में वंचित वर्ग कहां है, निजी क्षेत्र में ओबीसी-दलित कहां हैं। सार्वजनिक क्षेत्र से वंचित वर्गों को हटाया जा रहा है।" राहुल गांधी ने सरकार से कहा कि महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने वाला पुराना विधेयक लाइये, वह उसका समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि अतीत में ओबीसी, दलित और अल्पसंख्यकों के लोगों के साथ बहुत क्रूर बर्ताव किया गया। अब यह विधेयक लाकर उनके साथ बिल्कुल वही काम किया जा रहा है। ऐसा काम किया जा रहा है, जिससे पिछड़ों और दलितों के हाथ में सत्ता कभी न आने दी जाये। उन्होंने कहा, " मनुवाद संविधान पर हावी है। "</p>
<p>विपक्ष के नेता ने कहा कि सरकार जनता को भ्रमित करना चाहती है, वह जानती है कि संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं होगा। वह महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने के नाम पर चुनावी लाभ लेना चाहती है। अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी से कहा कि वह ऐसा कुछ नहीं कहें, जो सदन की गरिमा और मर्यादा के खिलाफ हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 18:06:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विपक्षी दलों ने किया परिसीमन विधेयक का विरोध: लोकसभा सीटों में कमी होने की जताई आशंका, परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को नकारा नहीं जा सकता</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में विपक्षी दलों ने परिसीमन विधेयक का कड़ा विरोध किया है। कनिमोझी और शशि थरूर ने तर्क दिया कि नई व्यवस्था से दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा। उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग कर तुरंत लागू करने और सहकारी संघवाद के तहत छोटे राज्यों के हित सुरक्षित करने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/opposition-parties-opposed-the-delimitation-bill-expressed-fear-of-reduction/article-150823"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/shashi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोक सभा में शुक्रवार को विपक्षी दलों ने परिसीमन विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि विधेयक के इस रूप में पारित होने से दक्षिण और छोटे राज्यों का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कम होगा और उनके हक़ मारे जाने की आशंका बनी रहेगी। सदन में परिसीमन विधेयक 2026, संविधान ( 137वां संशोधन ) विधेयक 2026 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक 2026 पर अधूरी रही चर्चा की शुरुआत करते हुए द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की कनिमोझी ने आज कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन के बाद राज्यों की बढ़ने वाली लोक सभा की सीटें बढ़ाने का जो सूत्र बताया है उसे भविष्य में बदला जा सकता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि परिसीमन के मामले में सरकार अपना एजेंडा लागू कर सकती है। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को नकारा भी जा सकता है। ऐसी स्थिति में न्याय कहां मिलेगा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की द्रमुक सरकार सहकारी संघवाद मानती है। द्रमुक सरकार ने महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने के लिए केन्द्र को पत्र लिखा था, द्रमुक की महिला मोर्चा ने इसके लिए दिल्ली में रैली की थी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भारतीय महिलाओं को शील्ड के रूप में इस्तेमाल कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आंकड़े दर्शाते हैं कि इस सरकार ने सदन में किये गये 80 से 90 प्रतिशत आश्वासनों को पूरा नहीं किया है। सरकार सहकारी संघवाद की भावना का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने महिलाओं को आरक्षण देने का विधेयक तुरंत लागू करने की मांग की। उन्होंने परिसीमन विधेयक को ऐसी संसदीय समिति को भेजने की मांग की जो सभी दलों के सदस्यों से सलाह-मशविरा करके अपनी रिपोर्ट दे। इस मामले में जल्दबाजी न करें और पूरी प्रक्रिया को कम से कम तीन महीने तक जनता के समक्ष रखे और सबकी राय के बाद ही महिला आरक्षण को लागू किया जाये।</p>
<p>कांग्रेस के शशि थरूर ने कहा कि विधायिका में महिला आरक्षण की व्यवस्था को तुरंत लागू किया जाये, इसे परिसीमन से जोड़कर क्यों रखा जा रहा है।उन्होंने कहा कि राज्यों की बढ़ने का जो सूत्र बताया गया है, उसे बदला भी जा सकता है। थरूर ने कहा कि लोक सभा में 850 सीटें हो जाने से यह बड़ी बोझिल हो जायेगी, कार्यवाही का संचालन बहुत दुष्कर हो जायेगा। प्रश्न काल और शून्य काल में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका कैसे मिलेगा। उन्होंने कहा,"हमें ऐसा सूत्र बनाना चाहिए जिससे छोटे-छोटे राज्य भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व कर सकें। हितधारकों और राज्यों के साथ व्यापक परामर्श करके सीटों का निर्धारण किया जाना चाहिए। ऐसी क्रियाविधि अपनायी जाये जिससे नया भारत आपस में विभाजित न हो।" उन्होंने कहा कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिण के राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में महती योगदान दिया है और ये राज्य केन्द्र को तुलनात्मक रूप से अधिक राजस्व देते हैं जिससे केन्द्र सरकार चलती है।</p>
<p>ऐसी स्थिति में इन राज्यों के साथ लोक सभा सीटों के मामले में अन्याय न हो, इसके विधायी प्रावधान किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वह सरकार से कहते हैं, "कृपया देश हित में दूरदृष्टि रखें, छोटे-छोटे लाभ न देखें।" वाईएसआरसीपी के पी वी मिधुन रेड्डी ने चर्चा में शामिल होते हुए कहा कि परिसीमन प्रक्रिया में सभी दलों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए। विपक्षी दलों को नुकसान पहुंचाने का कार्य नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों के लिए कड़े कानून बनाये जायें। महिलाओं का सशक्तीकरण तभी हो सकता है जब उनकी सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाये जायेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 17:34:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी की अपील : सोच-विचार कर संवेदनशीलता से महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें सांसद, आज होगी वोटिंग</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के लिए सभी सांसदों से एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने मतदान से पहले सांसदों से अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने और दशकों पुराने इस अधिकार को सुनिश्चित करने की अपील की। पीएम ने कहा कि यह इतिहास रचने और देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने का महान अवसर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modis-appeal-to-mps-to-vote-thoughtfully-and-sensitively/article-150805"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi-maan-ki-baat.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के लिए चल रही चर्चा के बीच सांसदों से सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लेने तथा महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करने की अपील की है। लोकसभा में यह चर्चा गुरुवार को शुरू हुई थी और मैराथन चर्चा तथा इस पर जवाब के बाद शाम को मतदान होना निर्धारित है। पीएम मोदी ने कल इस चर्चा में हिस्सा लेते हुए सांसदों से राजनीति से ऊपर उठकर इसका समर्थन करने को कहा था। शुक्रवार को उन्होंने मतदान से पहले सभी सांसदों से सोशल मीडिया के माध्यम से अपील कर कहा, "संसद में इस समय नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है। कल रात भी एक बजे तक चर्चा चली है। जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है। हर आशंका का समाधान किया गया है। जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं। किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है। </p>
<p>महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है। अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें। आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं। अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं… अपील करता हूं...कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें। मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा… कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों। देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें।"</p>
<p>एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह सांसदों के लिए बड़ा अवसर है और वे अपनी मां , बहन, बेटी और पत्नी सभी का स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा के आधार पर निर्णय लें। उन्होंने कहा , "मैं सभी सांसदों से कहूंगा...आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए ...देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है। उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए। ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होगी… देश का लोकतंत्र और सशक्त होगा। आइए… हम मिलकर आज इतिहास रचें। भारत की नारी को… देश की आधी आबादी को उसका हक दें।" उल्लेखनीय है कि सरकार ने वर्ष 2023 में महिलाओं को विधायिका में 33 प्रतिशत आरक्षण देने से संबंधित नारी शक्ति वंदन विधेयक पारित किया था। अब इस कानून को अमल में लाने के लिए संबंधित अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modis-appeal-to-mps-to-vote-thoughtfully-and-sensitively/article-150805</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 16:04:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उप सभापति चुने गए हरिवंश : पीएम मोदी और खरगे ने दी बधाई, कहा-सदन का आपके प्रति गहरा विश्वास</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हरिवंश को लगातार तीसरी बार उपसभापति चुने जाने पर बधाई दी। पीएम ने उनकी सौम्यता और समय की पाबंदी की सराहना की, जबकि खरगे ने लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद खाली होने पर सवाल उठाए। सदन ने उनकी निष्पक्षता और समृद्ध अनुभव पर भरोसा जताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/harivansh-elected-deputy-chairman-of-rajya-sabha-for-the-third/article-150772"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/harivansh-narayan-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य दलों के नेताओं ने सदन में लगातार तीसरी बार उपसभापति चुने जाने पर श्री हरिवंश को बधाई दी। मोदी ने कहा, "राज्य सभा के उपसभापति के रूप में लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना, इस सदन का आपके प्रति गहरे विश्वास और बीते समय में सबको साथ लेकर चलने के आपके प्रयास पर एक तरह से सदन की मुहर है।" खरगे ने उम्मीद जताई कि उपसभापति विपक्ष के सदस्यों का विशेष ध्यान रखेंगे, उन्हें उचित महत्व देंगे। उन्होंने तीसरे कार्यकाल के लिए समूचे विपक्ष और पूरे सदन की तरफ से उन्हें बधाई दी।</p>
<p>प्रधानमंत्री से पहले अपनी बात रखते हुए उन्होंने लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद रिक्त होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक भावना के विपरीत लोकसभा में 2019 से उपाध्यक्ष का पद खाली है। अच्छा होता कि लोकसभा में भी राज्यसभा की तरह उपाध्यक्ष का चयन हो जाता। खरगे ने कहा, "आप लोकतंत्र की बात करते हैं लेकिन सात साल से उपाध्यक्ष उस सदन में नहीं है, तो इसे क्या कहेंगे? एक संवैधानिक पद को आपने सात साल से खाली रखा है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने हरिवंश के पिछले दो कार्यकालों की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सदन की शक्ति और प्रभावी हुई है। वह अपने निजी जीवन के अनुभवों का भी सदन को समृद्ध करने में इस्तेमाल करते हैं। इससे सदन का संचालन और माहौल और अधिक परिपक्व बनाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके कार्यकाल में सदन के संचालन को नयी ऊंचाई मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश का सार्वजनिक जीवन केवल संसदीय कामों तक सीमित नहीं रहा है। पत्रकारिता में उच्च मानदंड को उन्होंने हमेशा आधार माना। उनकी लेखनी में धार है लेकिन वाणी और व्यवहार में सौम्यता और शिष्टता रही है। वह अपने लेखों में अपना पक्ष काफी दृढ़ता के साथ रखते थे। पत्रकारिता में भी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का उनका प्रयास रहा। उनके राजनीतिक जीवन में भी उसकी छाया नजर आती है।</p>
<p>उपसभापति को नये सांसदों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्होंने कहा कि वे उनसे काफी कुछ सीख सकते हैं। समय की पाबंदी उनकी विशेषता रही है। जबसे वह राज्यसभा के सदस्य बने हैं, पूरे समय सदन में होते हैं। अपने दायित्व के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण यह संभव होता है। उन्होंने कहा कि सदन के बाहर भी वह अपने दायित्वों को कैसे निभाते हैं यह ध्यान आकर्षित करने वाला है। उनके काम सराहनीय होने के साथ अनुकरणीय भी हैं। उन्होंने अपने सांसद निधि का इस्तेमाल शिक्षा क्षेत्र और युवा पीढ़ी को केंद्र में रखकर किया है, विश्वविद्यालयों में अनुसंधान और अध्ययन केंद्र बनवाए हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि हरिवंश का जीवन आज भी अपने गांव से जुड़ा रहता है। वह लगातार वहां अपना योगदान देते रहते हैं। नये सदन के निर्माण में भी उन्होंने काफी योगदान दिया है - चाहे द्वारों के नामकरण हों या आर्ट गैलरी को स्वरूप देना। तमिलनाडु से द्रमुक के तिरुचि शिवा ने उम्मीद जताई कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के साथ सामंजस्य बिठाकर अपना दायित्व निभायेंगे। आंध्र प्रदेश से वाईएसआरसीपी के सुभाष  चंद्र बोस पिल्ली ने श्री हरिवंश के सदन संचालन के तौर-तरीकों की तारीफ करते हुए कहा कि वह अनुशासन बनाने के लिए शिष्टापूर्वक सख्ती बरतते हैं।</p>
<p>ओडिशा से बीजू जनता दल के मानव रंजन मंगराज ने कहा कि वह निष्पक्ष तरीके से सदन का संचालन करते हैं और उम्मीद जतायी वह आगे भी ऐसा करते रहेंगे। तमिलनाडु से अन्नाद्रमुक के एम. तंबी दुरै ने कहा कि आसन की सफलता नियमों और संचालन प्रक्रियाओं को लागू कराने से कहीं अधिक सदस्यों की भावनाओं को समझने में है। बिहार से जदयू के संजय झा ने श्री हरिवंश का नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में पिछले 20 साल में जो भी सकारात्मक काम हुए उनमें अपनी पत्रकारिता और एक सांसद के तौर पर उन्होंने योगदान दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 12:41:06 +0530</pubDate>
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                <title>विधायिका में महिलाओं को आरक्षण देने से किसी राज्य का सीटों का नुकसान नहीं होगा ; जो दल विरोध करेंगे, चुनावों में भुगतना पड़ेगा खामियाजा : पीएम मोदी </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में आश्वासन दिया कि महिला आरक्षण और परिसीमन से किसी राज्य या दल का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने विरोध करने वाले दलों को चुनावी नतीजों की चेतावनी देते हुए इसे राजनीति से ऊपर रखने की अपील की। पीएम ने इसे लैंगिक समानता और राष्ट्र विकास के लिए 'प्रायश्चित और गौरव' का क्षण बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/by-giving-reservation-to-women-in-the-legislature-no-state/article-150719"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi10.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को लोक सभा में कहा कि महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने से किसी राज्य का नुकसान नहीं होगा और जो दल इसका विरोध करेंगे, उन्हें चुनावों में खामियाजा भुगतना पड़ेगा। पीएम मोदी ने आश्वासन दिया कि महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने से न तो पुरुषों के लिए सीटें कम होंगी और न ही किसी राज्य को सीटों के लिहाज से कोई नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि वह सदन में 'गारंटी' देने का तैयार हैं कि किसी दल या राज्य को इससे कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि देश की महिलायें सब देख रही हैं और जो दल महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने का विरोध करेंगे, उन्हें चुनावों में इसका नुकसान उठाना ही पड़ेगा</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,"मैं जिम्मेदारी से कह रहा हूं कि दक्षिण, उत्तर, पूरब हो या छोटे-बड़े राज्य हों, यह निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी। किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी। वह गारंटी देते हैं कि किसी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा। वह इसका वादा करते हैं।" उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि 'गारंटी' के लिए तमिल भाषा में कोई शब्द हो तो वह उसे भी यहां बोलने के लिए तैयार हैं। पीएम मोदी ने परिसीमन विधेयक, 2026 संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक 2026 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक 2026 पर सदन में एक साथ हो रही चर्चा के दौरान कहा कि महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने में पहले ही बहुत देरी हो चुकी है और अब यह क्षण आये हैं, जो राजनीतिक दल तकनीकी और अन्य बहानों से इसका विरोध करेंगे, उनका चुनावों में नुकसान होना तय है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों ने हालांकि इसका सैद्धांतिक विरोध नहीं किया है लेकिन सदन में विभिन्न कारण पेश करते हुए इसका समर्थन नहीं करते। वे चुनावों में हालांकि इसका खामियाजा भी भुगतते रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2023 में नारी वंदन विधेयक जब सदन में लाया गया तो सभी दलों ने इसका समर्थन किया, जिससे 2024 के आम चुनावों के दौरान यह मुद्दा-विषय ही नहीं बना। पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने देखा है कि महिलाएं जिन-जिन क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका में रहीं, वहां बेहतर काम हुए। उन्होंने कहा कि पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण देने से लाखों महिलायें नेता बन चुकी हैं। उन्हें अब और आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है। जो दल इसका विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि एक बार महिलाओं को लोक सभा और विधानसभा में आने तो दीजिए, वे निर्णय करेंगी कि आगे क्या करना है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नारी शक्ति देश का गौरव बढ़ाने वाली है। वह विपक्षी दलों से अपील करते हैं कि इस विषय को राजनीति के तराजू से न तौलिए। उन्होंने कहा, " नारी शक्ति हमारे निर्णय देखेगी, निर्णय से ज्यादा हमारी नीयत देखेगी। यदि इसका विरोध करते हैं, तो नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। यह समय की मांग है, ज्यादा विलंब न करें। "पीएम मोदी ने कहा कि जब नीयत साफ हो तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, " हम भ्रम में न रहें, हम अहंकार में न रहें। नारी शक्ति देख रही है। उसका हक है, हमने कई दशक तक उसे रोककर रखा है। इससे प्रायश्चित करके, उससे मुक्ति का यह समय है।"</p>
<p>उन्होंने कहा, "बहानेबाजी और तकनीकी बातों काे अब छोड़ दें, तीन दशक तक हम इसे नहीं कर पाये, अब तो करें। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए। सर्वसम्मति से इसे पारित करें। नारी शक्ति की राष्ट्र के विकास में सहभागिता सुनिश्चित करें। हम आग्रह करते हैं कि सर्वसम्मति से इस पर आगे बढ़ें। हम इसे राजनीतिक तराजू में न तौलें। इसे पारित करने से अतिरिक्त शक्ति जुड़ेगी और किसी का हक नहीं मारा जायेगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 18:43:15 +0530</pubDate>
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                <title>महिला आरक्षण समय की जरूरत, उम्मीद है सभी करेंगे इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन : अमित शाह</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने को राष्ट्र सशक्तिकरण के लिए अनिवार्य। पीएम मोदी के पत्र को साझा करते हुए कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं का अधिकार । अमित शाह ने सभी दलों से इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करने की अपील की। नीति निर्माण में नारी शक्ति की भागीदारी हो सके सुनिश्चित ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/women-reservation-is-the-need-of-the-hour-hope-everyone/article-150421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/amit-shah1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण विधेयक को जल्द से जल्द लागू किये जाने को समय की जरूरत बताते हुए उम्मीद जतायी है कि सभी राजनीतिक दल इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करेंगे। अमित शाह ने महिला आरक्षण को लागू करने से संबंधित विधेयक के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश की नारी शक्ति को मंगलवार लिखे गये पत्र को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इस पर प्रतिक्रिया करते हुए यह बात कही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "महिला आरक्षण विधेयक समय की आवश्यकता है। यह हमारी नारी शक्ति का उचित अधिकार है कि वे नीति निर्माण में योगदान दें और राष्ट्र को सशक्त बनाएं। मोदी सरकार इस विधेयक को लाने और लागू करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। यह एक ऐसा परिवर्तन है जो निश्चित रूप से बेहतर के लिए बिना किसी देरी के होना चाहिए। मुझे आशा है कि सभी लोग आगे आएंगे और इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करेंगे।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने के लिए संसद में गुरुवार को लाये जाने वाले संशोधन विधेयक से पहले नारी शक्ति को लिखे पत्र में कहा है, "यह भारत की नारी शक्ति के नाम मेरा पत्र है, जिसमें हम दशकों से लंबित इस कार्य को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहे हैं।"</p>
<p>अपने संदेश में पीएम मोदी ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया और नीतिगत उपायों तथा निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में बढ़ी हुई भागीदारी के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने पर सरकार के ध्यान को रेखांकित किया है। उल्लेखनीय है कि सरकार विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से संबंधित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जल्द से जल्द लागू करने के लिए इस में संशोधन के लिए गुरुवार को संसद में विधेयक लाने जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 18:26:17 +0530</pubDate>
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