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                <title>garbage dump - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>दिया तले अंधेरा, निगम की करोड़ों की जमीन बनी कचरा घर</title>
                                    <description><![CDATA[कचरा डालने वाले अब अंदर जाने की जगह मेन गेट पर ही कचरा डाल रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/darkness-under-the-lamp--the-corporation-s-multi-crore-land-becomes-a-garbage-dump/article-135996"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)32.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दिया तले ही अंधेरा...यह कहावत सुनी तो सभी ने है लेकिन इसकी हकीकत नजर आ रही है सीएडी रोड पर। जहां नगर निगम कार्यालय के नजदीक और निगम के ही करोड़ों रुपए का भूखंड व मेन रोड ही कचरा घर बना हुआ है। नगर निगम की ओर से एक तरफ तो पूरे शहर में साफ सफाई करवाई जा रही है। वार्डों के साथ ही मुख्य मार्गों को चमकाने का दावा किया जा रहा है। मेन रोड पर रात को भी सफाई की जा रही है। जिससे शहर में सफाई नजर भी आ रही है।</p>
<p>लेकिन हालत यह है कि नगर निगम कार्यालय से कुछ ही दूरी पर सीएडी रोड स्थित बकरा मंडी के पास निगम की भूमि पर ही कचरे का अम्बार लगा हुआ है। जिस तरह से वहां कचरा पड़ा हुआ है और रोजाना डल रहा है। उसे देखकर लगता है जैसे महीनों से वहां न तो सफाई हुई है और न ही वहां से कचरा उठ रहा है। भूखंड पर मेन गेट के पास से ही कचरा डाला जा रहा है जो अंदर तक डल रहा है। कचरा डालने वाले अब अंदर जाने की जगह मेन गेट पर ही कचरा डाल रहे हैं। जिससे वह बाहर तक बिखर रहा है। उस कचरे पर मवेशियों का जमघट लगा होने से वह फेल रहा है। साथ ही उस कचरे की दुर्गंध के बीच से ही लोगों को निकलना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>मेन रोड पर कचरे का अम्बार</strong><br />निगम के भूखंड पर ही नहीं, बकरा मंडी के भूखंड की चार दीवारी के सहारे मेन रोड पर ही कचरे का अम्बार लगा हुआ है। वह भी काफी बड़े हिस्से में। जिससे वहां से गुजरने वाले  और वहां रहने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करने के साथ ही बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है। यहां जिस जगह पर कचरा डाला जा रहा है वहां चाय की थड़ी व अन्य दुकानें भी है। जहां दिनभर लोग बैठे रहते हैं। उसके बाद भी यहां काफी समय से सफाई नहीं हुई है।</p>
<p><strong>सफाई का सिर्फ दावा</strong><br />लोगों का कहना है कि नगर निगम पूरे शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने का दावा कर रहा है। निगम में सैकड़ों की संख्या में स्थायी व अस्थायी सफाई कर्मचारी दो पारियों में सफाई कर रहे हैं। उसके बाद भी हालत काफी खराब है। यह तो एक जगह है। शहर में ऐसी अनेकों जगह हैं जहां मेन रोड पर ही कचरा डाला जा रहा है। हालांकि यह कचरा स्थानीय लोग ही डाल रहे हैं। लेकिन कचरा डलने के बाद न तो सफाई हो रही है और न ही नियमित कचरा उठ रहा है। इसे देखकर ऐसा लग रहा है जब निगम कार्यालय के पास ही यह हालत है तो इससे अन्य जगहों का अंदाजा लगाया जा सकता है।</p>
<p><strong>वार्ड के स्तर पर होती है सफाई</strong><br />नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी रिचा गौतम ने बताया कि शहर में सभी जगह पर मेन रोड व वार्डों में सफाई हो रही है। सीएडी रोड पर बकरा मंडी के पास की जो जगह है वहां भी वार्ड के स्तर पर ही सफाई हो रही होगी। फिर भी उसे दिखवाया जाएगा। यदि गंदगी हो रही होगी तो उसे साफ करवा दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 15:42:20 +0530</pubDate>
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                <title>झपायता गांव की मुख्य तलाई बनी कूड़ादान, ग्रामीण परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[जागरूक ग्रामीणों ने इस तलाई की चार दिवारी बनाने की मांग कर है लेकिन अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/-jhapayata-village-s-main-pond-becomes-dustbin--villagers-worried/article-69694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/japayata-gav-ki-mukya-talai-bani-kudadan,gramin-paresan...deikheda,-bundi-news-10-02-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। ग्राम पंचायत घाट का बराना के गांव झपायता की 50 साल पुरानी मुख्य तलाई की कच्ची दीवार ढहने से तलाई से पानी खाली हो गया है। वर्तमान में इस तलाई कुड़ा-कचरा से अटी हुई है। इस वजह से इस तलाई में दुर्गंध आसपास सटी आबादी में फैलने से बीमारियों का खतरा बना हुआ है। यहीं नहीं कीर बस्ती के सामने तलाई के किनारे बरसात का पानी निकलने से सात फीट गहरा गड्ढा हो गया है। जिससे बच्चों और ग्रामीणों के गिरने से जनहानि का खतरा भी बना हुआ है। इस गड्ढे में मवेशी भी गिर जाते है। इस संबंध में ग्राम पंचायत को अवगत कराया लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण परेशान है। जागरूक ग्रामीणों ने इस तलाई की चार दिवारी बनाने की मांग कर है लेकिन अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार गांव झपायता के बीच में सरकारी तलाई बनी हुई है। ग्रामीणों ने मवेशियों के पीने के पानी के लिए 3 बीघा जमीन पर इस तलाई का निर्माण 50 साल पूर्व किया था। तब तलाई के चारों तरफ ईंट की दीवार बनाई गई थी। तलाई के चारों गांव की आबादी से गिरी हुई है। बस्ती के आने जाने वाली सारी गलियां तलाई से होकर निकलती है। ग्राम झपायता की पुरानी बस्ती को छोड़कर नई बस्ती निर्माण 50 वर्ष पूर्व किया गया था। जो तलाई आज कचरे के देर में तब्दील हो रही है। ग्राम पंचायत द्वारा 6-7 वर्ष पूर्व नरेगा द्वारा तलाई के चारों ओर मिट्टी खुदाई कर फाल निर्माण मजदूरों द्वारा करवाया गया था। उसके बाद ग्राम पंचायत द्वारा 1 वर्ष पूर्व महात्मा गांधी नरेगा द्वारा पक्का निर्माण तलाई की पाल ढहने से तलाई में नीम खुदाई कर पत्थर डालकर कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। </p>
<p><strong>ग्रामीणों का क्या है कहना</strong><br />ग्राम वासी नंदकिशोर केवट बताते हैं कि जब नई आबादी बसाई गई थी तब ग्रामवासियों द्वारा मवेशियों और गांव वासियों की सुविधा को देखकर ग्रामीणों ने तलाई निर्माण कर बनाई गई थी। लेकिन वर्तमान में तलाई की चारदिवारी नहीं होने से तलाई में पानी नहीं ठहरता है। तलाई में गंदगी फैली हुई है। जिससे ग्रामीण परेशान है।<br /> <br />राकेश केवट बताते हैं कि तलाई की दीवार ढहने से पानी का रूकाव नहीं होने से तलाई अनुपयोगी हो गई है। इससे आने जाने वाले रास्ते भी बस्ती वालों के लिए खतरनाक घटना होने का डर लगा रहता है। ग्रामीणों द्वारा कचरा डालने यह तलाई सिकुड़ती जा रही है। कतिपय लोगों द्वारा तलाई के आसपास अतिक्रमण भी किया जा रहा है। </p>
<p>ओमप्रकाश केवट बताते हैं कि पूरे गांव के आने जाने वाले रास्ते की गलियों से आने वाला पानी तलाई में गिरता है। इससे कीचड़ ओर दुर्गंध हो रही है। गंदगी से बीमािरयों का खतरा बढ़ गया है। मच्छर मक्खी बढ़ रहे हैं। इससे बीमार होते जा रहे हैं। इससे महिला बच्चे बुजुर्ग वह प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए आने जाने में परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है। </p>
<p>वार्ड पंच मोनू मेहरा वार्ड नंबर 11 ग्रामवासी घाट का बराना बताते हैं कि बस्ती वाले ग्राम पंचायत में आवाज उठाते आ रहे हैं। जनप्रतिनिधि और उच्चाधिकारियों को अवगत करवाते रहे है। कोई पूछ परख लेने वाला नहीं है। हमारी कोई नहीं सुनता है।</p>
<p>वार्ड पंच ग्राम झपायता मायाराम केवट बताते हैं कि यह तलाई वार्ड नंबर 10 ,11 में स्थित है। ग्राम पंचायत द्वारा महात्मा गांधी नरेगा द्वारा मिट्टी खुदाई तलाई की फाल दीवार को दुरुस्त करवाने के लिए नीवं खुदाई का कार्य रुका हुआ है। बजट नहीं होना बताया जा रहा है ।  </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />तलाई की दीवार को बनाने के लिए  बजट  स्वीकृ हो गया हैं। ठेकेदार को टेंडर कर दिया गया है। फसल काटने के बाद तलाई की दीवार बनाने के लिए मटेरियल पहुंच जाएगा। निर्माण कार्य जल्द पूरा करवा कर ग्रामवासियों की समस्या का समाधान किया जाएगा। <br /><strong>- कमला शंकर मीणा, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत घाट का बराना  </strong></p>
<p>वर्तमान में रास्ता नहीं होने से तलाई निर्माण के लिए निर्माण सामग्री नहीं लाई जा सकती है। फसल कटते ही रास्ता खुलने पर सामग्री लाई जा सकेगी। चारदिवारी निर्माण के लिए पत्थर भरने की तैयारी पूरी कर ली गई है। तलाई की चारदिवारी के लिए विधायक कोष से 5 लाख का बजट आ गया है। <br /><strong>- कृष्णमुरारी मीणा, सरपंच ग्राम पंचायत घाट का बराना</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Feb 2024 18:39:43 +0530</pubDate>
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