<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/clock/tag-43562" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>clock - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/43562/rss</link>
                <description>clock RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नार्वे में 26 घंटे का दिन लागू करने का प्लान, घड़ी की सूई 13 बजे तक जाएगी </title>
                                    <description><![CDATA[देश के आर्कटिक हिस्से में 26 घंटे का टाइम जोन चलेगा। इस बाबत नार्वे ने यूरोपीय कमीशन को पत्र लिखकर मंजूरी मांगी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/norway-plans-to-implement-26-hour-day-clock-will-move-to/article-75083"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/photo-size-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>नार्वे। हमारे कलाई पर बंधी घड़ी या दीवार पर लगी घड़ी मनुष्य की दिनचर्या की अहम हिस्सा है। मनुष्य सारे काम घड़ी के अनुसार ही करता है। हमारी घड़ी का टाइम जोन 24 घंटे के टाइम जोन के हिसाब से सेट है। लेकिन अगर हम बात करे कि कोई इस टाइम जोन को 24 घंटे की बजाय 26 घंटे का करने जा रहा है। तो यह हैरानीजनक तो लगेगा ही। लेकिन यूरोप महाद्वीप का एक देश नार्वे ऐसा करने जा रहा है। नार्वे में 26 घंटे का टाइम जोन लागू करने का प्लान तैयार कर लिया है। नार्वे की घड़ियों में अब सूई 12 तक नहीं बल्कि 13 तक जाएगी।  </p>
<p>देश के आर्कटिक हिस्से में 26 घंटे का टाइम जोन चलेगा। इस बाबत नार्वे ने यूरोपीय कमीशन को पत्र लिखकर मंजूरी मांगी है।</p>
<p> </p>
<ul>
<li> </li>
</ul>
<ul>
<li> </li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/norway-plans-to-implement-26-hour-day-clock-will-move-to/article-75083</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/norway-plans-to-implement-26-hour-day-clock-will-move-to/article-75083</guid>
                <pubDate>Sun, 14 Apr 2024 11:02:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-04/photo-size-%285%292.png"                         length="541942"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करोड़ों खर्च: सुभाष लाइब्रेरी की घड़ी में बज रहे 12</title>
                                    <description><![CDATA[सुभाष लायब्रेरी में न्यास द्वारा काम होने से इसमें लोगों का आवागमन बंद कर दिया गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/crores-spent--the-clock-of-subhash-library-is-striking-12/article-69872"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/croro-kharch---subhash-library-ki-ghdi-me-bje-rhi-12...kota-news-12-02-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में विकास और सौन्दर्यीकरण पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसा ही एक मामला है सुभाष लाइब्रेरी का जिसके 12 बजे हुए हैं। भीमगंजमंडी क्षेत्र में नगर निगम की बरसों पुरानी लायब्रेरी है जिसका नाम है सुभाष लायब्रेरी। इस लायब्रेरी में पहले नगर निगम की ओर से पुस्तकालय बना हुआ था। जहां लोग आकर अखबार व किताबें पढ़ा करते थे। लेकिन देखरेख के अभाव में यह अपनी आभा खोती जा रही थी। </p>
<p><strong>यूआईटी ने 3.50 करोड़ से कराया विकास</strong><br />सुभाष लायब्रेरी नगर निगम कोटा उत्तर के अधीन है। लेकिन इसका विकास व सौन्दर्यीकरण का काम नगर विकास न्यास ने कराया है। न्यास ने करीब एक से डेढ़ साल पहले इसका काम शुरु किया। तत्कालीन स्वायत्त शासन मंत्री के निर्देश पर न्यास ने करीब 3.50 करोड़ रुपए से इसका विकास व सौन्दर्यीकरण कराया। जिसके तहत इसे हैरीटेज लुक दिया गया। ऐसे में स्टेशन आने व जाने वालों को यह दूर से ही अच्छी नजर आ सके। कुछ समय पहले इसका काम पूरा हो गया। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले इसका लोकार्पण भी कर दिया गया। लेकिन अभी तक भी यह चालू नहीं हो सकी है।</p>
<p><strong>एक साल से तो बिजली कनेक् शन ही कटा हुआ</strong><br />सुभाष लायब्रेरी में न्यास द्वारा काम होने से इसमें लोगों का आवागमन बंद कर दिया गया था। यूआईटी द्वारा काम करवाने से नगर निगम ने इस पर ध्यान भी नहीं दिया। हालत यह हो गई कि इस लायब्रेरी का बिजली बिल बकाया होता गया। यह बिल बढ़कर 37 हजार रुपए से अधिक का हो गया।  नगर निगम द्वारा बिल जमा नहीं करवाने पर निजी बिजली कम्पनी ने उस लायब्रेरी का बिजली कनेक् शन 20 दिसम्बर 2022 को काट दिया। उसके बाद से अभी तक करीब एक साल से अधिक  का समय हो गया। न तो निगम ने बिल जमा कराया और न ही कनेक् शन चालू हो पाया है। </p>
<p><strong>घड़ी में 12 बजे रहे, अतिक्रमण से घिरी</strong><br />इतना ही नहीं करोड़ों रुपए खर्च करके जिस लायब्रेरी को हैरीटेज लुक दिया गया। उस लायब्रेरी के घंटाघर पर लगी विशाल घड़ी तक चालू नहीं है। उस घड़ी में 12 बजे का समय हो  रहा है।  साथ ही उस लायब्रेरी के चारों तरफ अतिक्रमण हो रहा है। आॅटो चालकों व ठेले वालों ने उसे घेर रखा है। जिससे उसकी दुर्दशा हो रही है। इसे देखकर वहां से निकलने वालों लोगों के मुंह से यही निकलता है कि लायप्रेरी की 12 बज रही है। </p>
<p><strong>पार्षद ने कने क् शन चालू करवाने का दिया ज्ञापन</strong><br />इधर नगर निगम कोटा उत्तर  वार्ड 64 की पार्षद निशा गौतम के नेतृत्व में  क्षेत्र के अन्य पार्षदों ने गत दिनों महापौर मंजू मेहरा को ज्ञापन दिया।पार्षद गौतम ने बताया कि सुभाष लायब्रीरी के बंद होने से लोगों को राम मंदिर में जाकर अखबार पढ़ना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />हाल ही में स्थानीय पार्षद द्वारा ज्ञापन देने के बाद पता चला कि लायब्रेरी का बिजली बिल बकाया है और कनेक् शन एक साल से कटा हुआ है। यूआईटी द्वारा काम करवाने से उस दौरान वहांं जाकर देखा भी नहीं। अब बिजली अनुभाग के एक्सईएन को निर्देश दिए हैं कि लाइएब्रेरी के बिल की जानकारी लेकर उसका समाधान कराया जाए।  ऐसा होने के बाद वहां जाकर देखूंगी और बंद घड़ी को भी चालू कराया जाएगा।  <br /><strong>- मंजू मेहरा, महापौर, नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>
<p>गत दिनों पार्षदों के ज्ञापन के बाद महापौर ने उन्हें बिल की जानकारी कर कनेक् शन चालू करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बिजली कम्पनी से सम्पर्क कर बिल निकलवाया है। उसके बाद फाइल तैयार कर आगे बढ़ाई है। शीघ्र ही बिल जमा करवाकर कनेक् शन चालू करवा दिया जाएगा। पहले निगम 15 अगस्त 26 जनवरी के दिन लायब्रेरी पर लाइटिंग करवाते थे लेकिन न्यास के काम के बाद वह भी बंद कर दी है। <br /><strong>- सचिन यादव, एक्सईएन, नगर निगम कोटा उत्तर बिजली अनुभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/crores-spent--the-clock-of-subhash-library-is-striking-12/article-69872</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/crores-spent--the-clock-of-subhash-library-is-striking-12/article-69872</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Feb 2024 14:57:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-02/croro-kharch---subhash-library-ki-ghdi-me-bje-rhi-12...kota-news-12-02-2024.jpg"                         length="525756"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        