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                <title>Lok Sabha Adjourned - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सत्र के आखिरी दिन भी संसद में रार: लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, सरकार और विपक्ष में टकराव</title>
                                    <description><![CDATA[संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच भारी हंगामा देखने को मिला। गतिरोध खत्म करने के लिए बुलाई गई फ्लोर लीडर्स की बैठक में सहमति न बनने पर लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ruckus-in-parliament-even-on-the-last-day-of-the/article-162806"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/lok-sabha.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। बिरला ने जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरु की तो विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। बिरला ने वंदे मातरम् गाने के लिए सदस्यों से खड़े होने का आग्रह किया। राष्ट्रगीत के बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल तक स्थगित कर दी। इसके साथ ही 20 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र समाप्त हो गया। इस दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित सभी दलों के प्रमुख नेता मौजूद रहे।</p>
<p>सत्र के दौरान नीट पेपरलीक से संबंधित छात्र आंदोलन में पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा और गृह मंत्री से सदन में जवाब की मांग की। चढ़ावा चोरी भी सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे का मुख्य मुद्दा बना रहा। मानसून सत्र में सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराये, हालांकि उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, एमएसएमई विकास संशोधन विधेयक और केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 सहित सात विधेयक बिना किसी चर्चा के पारित किये गये। वहीं सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक जैसे कुछ विधेयकों पर सदन में विस्तृत चर्चा हुई।</p>
<p>सत्र के अंतिम चरण में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने का प्रस्ताव भी लोकसभा ने ध्वनिमत से स्वीकार किया। अपनी मांगों के समर्थन में विपक्ष के हंगामे के बीच आज सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 11:22:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>संसद का मानसून सत्र: सदन में विपक्षी दलों का हंगामा, लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[पेगासस जासूसी केस, महंगाई तथा कृषि कानून समेत अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों का हंगामा मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह के आखिरी दिन भी जारी रहा, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0--%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE--%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%AE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-1308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/parliament_ls_rs.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पेगासस जासूसी केस, महंगाई तथा कृषि कानून समेत अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों का हंगामा मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह के आखिरी दिन भी जारी रहा, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। एक बार के स्थगन के बाद पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल ने 12 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की विपक्ष के सदस्य पहले की तरह हाथों में नारे लिखी तख्तियां लिए सदन के बीचों-बीच आ गए और नारेबाजी तथा शोरशराबा करने लगे। पीठासीन अधिकारी ने शोरशराबे के बीच ही जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाए और सदन को चलाने का प्रयास किया।<br /> <br /> उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि बहुत महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा होनी है। इसके अलावा विपक्ष के सदस्य जिस विषय पर चर्चा करवाना चाहते हैं, वह विषय भी आज सदन में चर्चा के लिए सूचीबद्ध है, इसलिए सभी सदस्य हंगामा करने की बजाए अपनी सीटों पर जाएं और सदन की कार्यवाही होंने दें और चर्चा में हिस्सा लें। सदस्यों ने उनकी एक नहीं सुनी और हंगामा करते रहे। अग्रवाल के आग्रह पर जब सदस्यों ने ध्यान नहीं दिया और हंगामा बढ़ता गया तो उन्होंने सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी।<br /> <br /> इससे पहले 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरला ने भी हंगामे के बीच प्रश्नकाल शुरू किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हम लोग सत्र की शुरुआत से ही पेगासस जासूसी, महंगाई समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन चर्चा नहीं कराई जा रही है। इस पर सत्तापक्ष की तरफ से भी टिप्पणी की जाने लगी और इसी बीच प्रश्नकाल शुरू कर दिया गया। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विपक्ष गैर गंभीर विषयों को मुद्दा बना रहा है जबकि इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दोनों सदन में बयान दे दिया है। विपक्ष बिना मुद्दे के हंगामा कर सदन के कामकाज में अवरोध उत्पन्न कर रहा है। पिछले 8 दिनों से हंगामा करके सदन के कामकाज को ठप करना दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्षी सदस्य नहीं माने और हंगामा बढ़ने लगा तो सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित की गई।</p>
<p> </p>
<p><strong>राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित</strong><br /> राज्यसभा में जासूसी मामलों और किसान आंदोलन को लेकर विपक्षी दल के सदस्यों का हंगामा शुक्रवार को भी जारी रहा जिसके कारण शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो सका तथा भोजनावकाश के बाद शोर शराबे के बीच सदन की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी गई। उप सभापति हरिवंश ने 2.30 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए गैर सरकारी सदस्यों के कार्य के लिए सदस्यों का नाम पुकारा तो किसी भी सदस्य ने निजी संकल्प पेश नहीं किया और न ही किसी सदस्य ने निजी संकल्प पर चर्चा शुरू की। इस बीच कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों के सदस्य आसन के समक्ष आ गए और तख्तियां लहराने लगे। हरिवंश ने कहा कि यह सदस्यों के निजी संकल्प का समय है और सदस्यों को सदन का संचालन सुचारू रूप से करने के लिए सहयोग करना चाहिए। उन्होंने बार बार सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और शांत होने की अपील की। <br /> <br /> हंगामे के बीच ही हरिवंश ने सीमित दायित्व भागीदारी (संशोधन) विधेयक 2021 और निपेक्ष बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (संशोधन) विधेयक 2021 पेश कराए। इसके बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने नारियल विकास बोर्ड (संशोधन) विधेयक 2021 चर्चा के लिए पेश किया और बिना चर्चा के ही सदन ने ध्वनिमत से यह विधेयक पारित कर दिया। इसके बाद उप सभापति ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। लोकसभा भी इससे पहले विपक्ष के हंगामे के कारण स्थगित कर दी गई थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jul 2021 16:44:45 +0530</pubDate>
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                <title>मानसून सत्र: जासूसी कांड पर विपक्ष का भारी हंगामा, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा में शुक्रवार को पत्रकारों और वरिष्ठ नेताओं की कथित जासूसी के मामले को लेकर विपक्ष ने भारी हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही 3 स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले भी सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे, फिर 12:30 बजे और फिर 2.30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी थी। उधर पेगासस जासूसी और कृषि कानूनों को लेकर हंगामे के चलते लोकसभा सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0--%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE--%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%AE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-1243"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/e69hrikvcaiqnz3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में शुक्रवार को पत्रकारों और वरिष्ठ नेताओं की कथित जासूसी के मामले को लेकर विपक्ष ने भारी हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही 3 स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। भोजन अवकाश के बाद पीठासीन अधिकारी भुवनेश्वर कलिता ने सदन की कार्रवाई चलाने का प्रयास किया तो सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे खड़े हो गए और उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पत्रकारों और राजनेताओं की जासूसी की जा रही है। कलिता ने उन्हें रोकते हुए कहा कि इस मुद्दे पर मंत्री का बयान हो चुका है और इस पर चर्चा नहीं हो सकती। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी इस पर ऐतराज जताया और कहा कि इस मामले का निपटारा हो चुका है। इसके बाद विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करने लगे और शोर-शराबा करते हुए अपनी सीटों पर खड़े हो गए। कलिता ने सदस्यों से शांत होने और सदन चलने देने की अपील की। इसका असर नहीं होते देख उन्होंने सदन की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। <br /> <br /> इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के निलंबित सदस्य डॉ. शांतनु सेन के सदन से बाहर नहीं जाने के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2.30 बजे तक स्थगित की गई थी। दूसरी बार के स्थगन के बाद उपसभापति हरिवंश ने कार्यवाही शुरू करते ही कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सदस्य शांतनु सेन को इस सदन ने सुबह एक प्रस्ताव पारित कर सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया है। इसलिए उनसे अनुरोध है कि वह सदन से बाहर चले जाएं, जिससे कि सदन की कार्यवाही चल सके। सेन पर उनके अनुरोध का असर न होते देख उप सभापति ने अपना अनुरोध दोहराया और कहा कि कृपया सदन से बाहर चले जाएं जिससे सदन में कार्यवाही शुरू हो सके। सेन द्वारा उनके अनुरोध को अनसुना किए जाने से उपसभापति ने कार्यवाही दोपहर 2.30 तक के लिए स्थगित कर दी।<br /> <br /> इससे पहले सुबह संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने डॉ. शांतनु सेन को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने पारित कर दिया था। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध किया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद इसी मुद्दे पर सदन की कार्यवाही एक बार फिर 12.30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी थी। मुरलीधरन ने कहा कि सेन ने सदन में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के हाथ से कागज छीनकर उसे फाड़कर आसन की ओर उछाला था। बता दें कि संसद का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ था, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बने गतिरोध के कारण केवल कोरोना की स्थिति पर चर्चा के अलावा कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका है।</p>
<p> </p>
<p><strong>हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित</strong><br /> कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदल तथा अन्य विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दूसरी बार दोपहर 12 बजे जैसे ही शुरू हुई विपक्षी सदस्य फिर से नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के समक्ष आ गए। पीठासीन अधिकारी किरीट सोलंकी ने हंगामे के बीच ही कहा कि कुछ सदस्यों ने कार्य स्थगन का प्रस्ताव अध्यक्ष के समक्ष रखा है, लेकिन इनमें से किसी पर भी स्वीकृति नहीं दी है। सोलंकी ने सदस्यों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। विभिन्न दलों के सदस्य अलग-अलग मुद्दों पर आधारित तख्तियां हाथों में लहरा रहे थे। तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्य अपने हाथ में मोबाइल दिखाकर नारेबाजी कर रहे थे। हंगामे के बीच ही पीठासीन अधिकारी ने जरूरी दस्तावेज सदन पटल पर रखवाए। इसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी। <br /> <br /> इससे पहले सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, अध्यक्ष ओम बिरला ने टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल को शुभकामनाएं दीं। इसके बाद उन्होंने प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू की। इसी बीच विपक्षी सदस्य अपने हाथों में तख्तियां लिए नारेबाजी करते हुए आसन के पास आ गए। वे कथित जासूसी के आरोपों, किसानों के मुद्दों तथा अन्य विषयों पर सरकार से जवाब मांग रहे थे और डाउन, डाउन के नारे लगा रहे थे। अध्यक्ष ने कोविड-19 प्रोटोकॉल की पालना करने की अपील करते हुए कहा कि वे मास्क लगाएं और अपनी सीटों पर जाएं। शोर-शराबे के बीच ही पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने अपने मंत्रालयों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए। इस दौरान मंडाविया कोविड टीके से जुड़े प्रश्न का उत्तर दे ही रहे थे, जब विपक्ष की नारेबाजी तेज हो गई। बिरला ने एक बार फिर हंगामा कर रहे सदस्यों से शांति बनाने की अपील की, लेकिन जब उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ तो उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 23 Jul 2021 17:47:56 +0530</pubDate>
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                <title>संसद का मानसून सत्र: फोन टैपिंग के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा, दूसरे दिन भी नहीं चली लोकसभा की कार्यवाही</title>
                                    <description><![CDATA[संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन फोन टैपिंग, महंगाई, किसान एवं डीजल-पेट्रोल के दामों को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण दो बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 3 बजे कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के आसपास आ गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0--%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%9F%E0%A5%88%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE--%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%9A%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80/article-1207"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/e6uu8yvx0asawuu.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन फोन टैपिंग, महंगाई, किसान एवं डीजल-पेट्रोल के दामों को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण दो बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 3 बजे कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के आसपास आ गए। पीठासीन सभापति किरीट सोलंकी ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने एवं सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। सोलंकी ने हंगामा नहीं थमता देख कर सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।<br /> <br /> इससे पहले सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई कांग्रेस तथा कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। वे जासूसी के कथित आरोपों, महंगाई, किसानों से जुड़े मसलों तथा अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा कर रहे थे। बिरला ने विपक्षी सदस्यों से शांति बनाये रखने की अपील की और प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू की। कृषि एवं कृषक कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने शोर-शराबे के बीच ही आधुनिक कृषि से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दिया। इस बीच विपक्ष के कुछ सदस्य हाथों में तख्तियां लिए सदन के बीचों-बीच आ गए। बिरला ने एक बार फिर उनसे शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन में तख्तियां लाना नियम-प्रक्रिया के अधीन नहीं है। कृपया सदस्य नारेबाजी और तख्तियां दिखाना बंद करें। उन्होंने कहा कि आप जिस भी मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं, सरकार चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन जब विपक्षी सदस्यों पर उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ तो उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर बाद 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।<br /> <br /> स्थगन के बाद अपराह्न 2 बजे जैसे ही सदन समवेत हुआ, कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों ने सदन के बीचोंबीच आकर शोर शराबा किया और कार्यवाही को बाधित किया। हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी किरीट प्रेमजी भाई सोलंकी ने विभिन्न मंत्रालयों और समितियों के कामकाज से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात सभापटल पर रखवाए। इस बीच विपक्षी दलों के सदस्य अपना विरोध दर्ज कराते हुए हाथों में तख्तियां लेकर पीठासीन अधिकारी के सामने आ गए। सोलंकी ने हंगामा कर रहे सदस्यों से आग्रह किया कि यह मानसून सत्र बेहद महत्वपूर्ण है कृपया सदन में शांति बनाएं रखें। इस दौरान भी हंगामा जारी रहने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही 3 बजे तक के स्थगित कर दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jul 2021 16:56:09 +0530</pubDate>
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