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                <title>SMS  Hospital - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>SMS  Hospital RSS Feed</description>
                
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                <title>ACB की बड़ी कार्रवाई : SMS अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग का HOD एक लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, ब्रेन कॉइल सप्लाई के बिल पर साइन के बदले मांगी थी रिश्वत</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में बड़ा भ्रष्टाचार आया सामने। न्यूरो सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. मनीष अग्रवाल को एसीबी ने 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार। रिश्वत ब्रेन कॉइल सप्लाई के ठेकेदार से ली जा रही थी। डॉक्टर के नौकर जगत सिंह को भी किया गया गिरफ्तार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/major-action-of-acb-hod-of-neuro-surgery-department-of/article-129234"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/_4500-px)-(2).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल में बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। न्यूरो सर्जरी विभाग के एचओडी और एसएमएस मेडिकल कॉलेज के एडिशनल प्रिंसिपल डॉ. मनीष अग्रवाल को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार रात रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार डॉ. मनीष अग्रवाल अपने घर गोपालपुरा बाइपास स्थित वसुंधरा कॉलोनी में 1 लाख रुपए की रिश्वत ले रहे थे, उसी दौरान एसीबी टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह रिश्वत एक ठेकेदार से ली जा रही थी, जिसने न्यूरो सर्जरी विभाग में ब्रेन कॉइल सप्लाई की थी। एसीबी ने डॉक्टर के नौकर जगत सिंह को भी गिरफ्तार किया है।</p>
<p><strong>12.5 लाख के बिल पर साइन के लिए मांगी थी घूस</strong><br />एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित ठेकेदार ने एक दिन पहले एसीबी मुख्यालय पहुंचकर शिकायत दी थी कि वह एसएमएस अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग को ब्रेन कॉइल सप्लाई करता है। सप्लाई का बिल 12.5 लाख रुपए का है, लेकिन विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष अग्रवाल बिल पर साइन करने के लिए रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत का सत्यापन किया गया और आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसीबी के डीआईजी अनिल कयाल के निर्देशन में एएसपी संदीप सारस्वत ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।</p>
<p><strong>घर पर भी निजी क्लीनिक </strong><br />एसीबी कार्रवाई में यह भी सामने आया कि डॉ. अग्रवाल ने ठेकेदार से कहा था कि शाम 7 बजे के बाद ही घर आना, क्योंकि उससे पहले मरीज होते हैं। गौरतलब है कि डॉ. अपने घर पर भी निजी क्लीनिक चलाते हैं। एसीबी टीम ने भी ठेकेदार के साथ रहकर मौका देखा और उचित समय पर दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया।</p>
<p><strong>डॉक्टर के ठिकानों पर छापेमारी जारी</strong><br />गिरफ्तारी के तुरंत बाद एसीबी ने डॉक्टर के घर और अन्य ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। शुरुआती जांच में और भी कई दस्तावेज व डिजिटल सबूत जुटाने की कोशिश की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद अस्पताल में अन्य सप्लायर्स से जुड़े मामलों की भी जांच तेज हो सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Oct 2025 09:30:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसएमएस अस्पताल में आग प्रकरण : अस्पतालों में चौबीस घंटे फायरमैन होंगे, कर्मियों को भी ट्रेनिंग मिलेगी </title>
                                    <description><![CDATA[अब हर अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम होगा अनिवार्य। मॉक ड्रिल, अलार्म चेक, स्टाफ ट्रेनिंग और इमरजेंसी एग्जिट होंगे अनिवार्य । फायर ऑडिट के बिना संचालन की नहीं मिलेगी अनुमति । SMS अस्पताल अग्निकांड के बाद सख्त गाइडलाइन होगी लागू ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fire-incident-in-sms-hospital-there-will-be-24-hour-firemen/article-129145"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news30.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर आईसीयू में आग के बाद अब चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में इस तरह के हादसों पर रोक लगाने के लिए फायर फाइटिंग सिस्टम हर अस्पताल में अनिवार्य किए जाने के साथ ही जल्द इसकी गाइडलाइन जारी करने का फैसला किया है। साथ ही बिना फायर फाइटिंग सिस्टम के प्राइवेट अस्पतालों को भी अस्पताल संचालन की अनुमति नहीं होगी। स्थानीय निकायों में भी एनओसी के बिना भवन निर्माण को स्वीकृति नहीं देने के लिए निर्देश दिए जाने की तैयारी है। हालांकि यह गाइडलाइन में तय होगा कि कितने बैड्स के अस्पताल के लिए फायर फाइटिंग सिस्टम को अनिवार्य करने का राइडर तय किया जाए। दूसरी ओर चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव अम्बरीश कुमार ने बुधवार को अस्पतालों में इस तरह के हादसों को रोकने को लेकर बैठक भी की है। जिसमें आला अधिकारियों के साथ उन्होंने गाइडलाइन को लेकर गहन चर्चा की है। संभवत: आगामी एक सप्ताह में यह तैयार हो जाएगी। </p>
<p><strong>नियमित मॉक ड्रिल होगी, इले्ट्रिरक फर्मों का जिम्मा भी तय होगा </strong><br />एसएमएस अस्पताल आईसीयू में आग लगने के बाद फायर अलॉर्म भी नहीं बजा था। ऐसे में आग के बाद प्रशासन को सचेत होने में देरी हुई। ऐसे में अब अस्पतालों में इस तरह के हादसे रोकने के लिए नियमित अंतराल में मॉक ड्रिल होगी। फायर अलॉर्म भी चेक किए जाएंगे। इनका मेंटेनेंस भी इससे समय पर हो सकेगा। गाइडलाइन में मॉक ड्रिल की समयावधि भी तय होगी। इले्ट्रिरक सप्लाई और मेंटेनेस का काम देख रही फर्मों की भी शॉर्ट सर्किट से बचने, सप्लाई चैकिंग इत्यादि के लिए जिम्मेदारी में भागीदारी बनाई जाएगी। हादसा होने पर उनकी जिम्मेदारी भी तय होगी। </p>
<p><strong>सुरक्षा व उपकरणों को दो दिन में बजट मंजूर कर काम होगा</strong><br />बैठक में यह भी फैसला किया है कि अस्पतालों में चौबीस घंटे फायरमैन तैनात हो। फायर फाइटिंग टीम बनें। सेवानिवृत्ति कर्मियों को तुरंत इस कार्य को रखा जा सकता है। अस्पताल कर्मियों को भी फायर फाइटिंग की ट्रेनिंग दी जाए। सुरक्षा और इसके उपकरण फंड से दो दिन में खरीदने को बजट मंजूर हो। आईसीयू में कोई कागज, लकड़ी या फिर ज्वलनशील पदार्थ न रखें जाएं, क्योंकि एसएमएस आईसीयू के स्टोर में ्प्रिरट, कागज इत्यादि रखे होने की प्रारंम्भिक सूचना है। कांच की खिड़कियों के पास हैमर लगाए जाएंगे ताकि इमरजेंसी में इन्हें तोड़ा जा सके। दम घुटने से मौत होने की आशंका कम रहे। जहां फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं, वहां बेसिक डिवाइस लगें। स्मॉक अलॉर्म और बैटरी ऑपरेटेड लाइट की व्यवस्थाएं भी होंगी। इमरजेंसी या फिर संवेदनशील जगहों पर एक्जिट की व्यवस्था हो। आईटी तंत्र इससे जोड़ने, सीसीटीवी लगाने, निकासी द्वार बेहतर होने जैसे निर्णय लिए गए हैं। </p>
<p><strong>एसएमएस की फायर ऑडिट हुई, नियम सख्ती से लागू होंगे</strong><br />एसएमएस अस्पताल की बुधवार की सीआईएसएफ ने फायर ऑडिट भी की है। जल्द अन्य अस्पतालों में टीमें पहुंचेगी। इमरजेंसी में आपात एक्जिट, सेंसेटिव एरिया, आग बुझाने के लिए कर्मियों की ट्रेनिंग सहित कई सुझाव दिए हैं। वहीं केन्द्र की 2016 की फायर सिस्टम को लेकर जारी नियम-प्रावधानों को सख्ती से लागू करने का प्रावधान भी गाइडलाइन में होगा। </p>
<p><strong>दम घुटने से मौतों की प्रारम्भिक रिपोर्ट</strong><br />सभी मेडिकल कॉलेज प्रशासन, पीडब्ल्यूडी, बिजली सप्लाई से जुड़े जिम्मेदारों की बैठक ली। प्रारम्भिक रिपोर्ट में आग से जलने की जगह धुएं से दम घुटने से मौत होने की बात सामने आई है। आपात स्थितियों के मुकाबले के अनुसार आगामी कार्ययोजना बनाई जा रही है।<br />- अम्बरीश कुमार, सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग।  ु </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 09:30:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आरयूएचएस : पूरी यूनिट शिफ्ट करने के आदेश का एक दिन बाद ही विरोध हुआ शुरू, रेजीडेंट्स ने जताई नाराजगी</title>
                                    <description><![CDATA[आदेश जारी होने के बाद एसएमएस मेडिकल कॉलेज ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-order-to-shift-the-entire-unit-was-protested-a/article-106421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/ruhs.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज यानी आरयूएचएस को रिम्स की तर्ज पर विकसित करने के लिए की जा रही तैयारियों का डॉक्टर्स ने ही विरोध शुरू कर दिया है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट्स डॉक्टर्स ने प्रिसिंपल डॉ. दीपक माहेश्वरी और अतिरिक्त प्रिंसिपल अकेडमिक इंचार्ज डॉ. मोनिका जैन को पत्र लिखकर कॉलेज से हर विभाग की एक पूरी यूनिट को शिफ्ट करने का विरोध जताया है। चेतावनी दी है कि अगर शिफ्टिंग की गई तो रेजीडेंट्स इसके विरोध में आंदोलन पर जाएंगे। दरअसल पिछले दिनों रिम्स की बोर्ड बैठक में ये निर्णय किया था कि आरयूएचएस को रिम्स की तर्ज पर विकसित करने और संचालन करने के लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज से हर डिपार्टमेंट की एक-एक यूनिट को रोटेशन पर आरयूएचएस में लगाया जाएगा। आदेश जारी होने के बाद एसएमएस मेडिकल कॉलेज ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी।</p>
<p>कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने एक आदेश जारी कर हर डिपार्टमेंट के एचओडी को अपने-अपने विभाग से एक-एक यूनिट को आरयूएचएस शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। पीजी में अच्छे अंक, काउंसलिंग में एसएमएस चुना, तो क्यों जाएं आरयूएचएस: एसएमएस मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट्स ने विरोध जताते हुए कहा कि जब नीट पीजी में अच्छे मार्क्स हासिल किए और काउंसलिंग में हमने एसएमएस मेडिकल कॉलेज को चुना है तो फिर आरयूएचएस में हमें क्यों लगाया जा रहा है। इसके साथ ही अगर हमें आरयूएचएस भेजा जाएगा तो एसएमएस में भी व्यवस्थाएं बिगड़ जाएगी और इसका नुकसान मरीजों को होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 11:18:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरयूएचएस में व्यवस्था होगी बेहतर, सवाई मानसिंह अस्पताल से भेजी जाएगी पूरी यूनिट, अलग-अलग विभागों की पूरी भेजेंगे यूनिट्स </title>
                                    <description><![CDATA[आरयूएचएस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को पूरा किया जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-will-be-better-arrangement-in-ruhs-will-be-sent/article-106281"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/ruhs.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार की ओर से राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ एंड साइंसेज में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसे रिम्स की तर्ज पर विकसित किए जाने के भी तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इसके बावजूद मरीजों और चिकित्सकों ने इस आरयूएचएस अस्पताल से दूरी बनाई हुई हैं। इसकी बड़ी वजह आरयूएचएस अस्पताल में चिकित्सकों की काम करने की कम रूचि होना हैं। ऐसे में राज्य सरकार के निर्देश पर चिकित्सा विभाग ने यहां व्यवस्थाएं मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। इसके लिए अब आरयूएचएस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को पूरा किया जाएगा। इसके लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज से पहले कई बार अलग-अलग विभाग के डॉक्टर्स आरयूएचएस भेजे गए हैं, लेकिन उन चिकित्सकों की वहां काम करने की रूचि कम होने के कारण यह योजना सार्थक नहीं हो पा रही है। ऐसे में अब एसएमएस मेडिकल कॉलेज से विशेषज्ञ विभाग की एक पूरी यूनिट को ही आरयूएचएस में भेजा जाएगा।</p>
<p><strong>पहले भेजी फैकल्टी, अब पूरी यूनिट होगी शिफ्ट</strong><br />आरयूएचएस अस्पताल में मरीजों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देश पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक आदेश निकाला है, जिसके तहत एसएमएस मेडिकल कॉलेज से विशेषज्ञ विभाग की एक-एक यूनिट आरयूएचएस भेजी जाएगी। कॉलेज प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग, शिशु रोग और स्त्री एवं प्रसुति रोग विभाग के एचओडी को पत्र लिखा है, इसमें पांचों विभाग से एक-एक यूनिट तत्काल आरयूएचएस शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, पिछले एक साल से आरयूएचएस में सेवाओं के विस्तार के प्रयास चल रहे हैं। इसके लिए काफी संख्या में फैकल्टी को यहां भेजा गया है, लेकिन चिकित्सक और सेवाओं के अभाव में मरीज आरयूएचएस में इलाज से कतराते हैं।  ऐसे में अब हाईलेवल पर हुए निर्णय के तहत एसएमएस से पूरी यूनिट आरयूएचएस भेजी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 09:37:45 +0530</pubDate>
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                <title>अंगदान कार्यशाला में अंगदान बढ़ाने के प्रयासों पर मंथन </title>
                                    <description><![CDATA[कार्यशाला में अंगदान के लिए सबसे महत्वपूर्ण ब्रेन डैथ डिक्लरेशन व इसके तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/brainstorming-on-efforts-to-increase-organ-donation-in-organ-donation/article-101144"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(8)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अंग प्रत्यारोपण तकनीक पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज में कार्यशाला हुई। सोटो सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज जयपुर ने डीएमई व मोहन फाउण्डेशन के सहयोग से इस कार्यशाला का आयोजन किया था। इसमें आरयूएचएस कुलपति डॉ. धनंजय अग्रवाल, एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, रजिस्ट्रार राजस्थान मेडिकल काउंसिल डॉ. गिरधर गोयल, नोडल ऑफिसर ऑर्गन ट्रांसप्लांट एवं विभागाध्यक्ष न्यूरोसर्जरी डॉ. मनीष अग्रवाल सहित फाउंडेशन से जुड़े सदस्य, चिकित्सक व अंगदान से जुडे 57 लोगों ने भाग लिया। </p>
<p>इस अवसर पर सभी ने अंगदान के लिए किए जा रहे कार्यों व राजस्थान में इसको बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा की। कार्यशाला में अंगदान के लिए सबसे महत्वपूर्ण ब्रेन डैथ डिक्लरेशन व इसके तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की गई। अंगदान से जुड़े लीगल विषयों पर भी चर्चा हुई।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jan 2025 10:25:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसएमएस के चिकित्सकों का पुनर्मिलन कार्यक्रम संपन्न </title>
                                    <description><![CDATA[सभी पुराने छात्र छात्राओं ने गीत संगीत पर झूमते हुए नृत्य आदि की प्रस्तुति डॉ. अर्चना सोगानी के निर्देशन में दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/reunion-program-of-sms-doctors-concluded%C2%A0/article-99043"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(3)22.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के 1980 बैच के चिकित्सकों का 45 वां तीन दिवसीय पुनर्मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें देश-विदेश से लगभग 100 से अधिक प्रतिष्ठित चिकित्सकों ने भाग लिया। कोरोना काल के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में सभी ने अपने सुख दुख साझा करने के साथ अपने अपने क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों पर भी चर्चा की। सभी पुराने छात्र छात्राओं ने गीत संगीत पर झूमते हुए नृत्य आदि की प्रस्तुति डॉ. अर्चना सोगानी के निर्देशन में दी।</p>
<p>एसएमएस के पूर्व प्राचार्य डॉ. राजीव बगरहट्टा, अबू धाबी से डॉक्टर अन्ना एवं अरुण, अमेरिका से रमेश पटेल, महाराष्टÑ के सूचना आयुक्त डॉ प्रदीप व्यास, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अंजनी शर्मा, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. रूपेश पोखरना एवं डॉ. अनुराग गोविल, एलर्जी विशेषज्ञ डॉ. महेश गोयल, रेटिना विशेषज्ञ डॉ. राज कुमार शर्मा, कैंसर सर्जन डॉ. संजीव पाटनी, पर्यावरणविद डॉ. विवेक एस अग्रवाल, नेत्रहीन बच्चों में कला का विकास कर रही डॉ गीतिका माथुर, रेडियोलॉजिस्ट डॉ राजीव ताम्बी, खादी फैशन डिजाइनर डॉ संजय अग्रवाल सहित अन्य लोग शामिल हुए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Dec 2024 09:58:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भविष्य में पक्षियों के जरिए इंसानों में फैल सकता है संक्रमण, इसे लेकर सरकार ने शुरू की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[डॉक्टर्स के अनुसार एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि भविष्य में जूनोटिक डिजिट का अटैक हो सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-future-infection-can-spread-to-humans-through-birds-government/article-98585"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(1)44.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान समेत दूसरे राज्यों में बर्ड फ्लू के खतरों को देखते हुए एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर में एक वर्कशॉप का आयोजन हुआ। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशन में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अकेडमिक ब्लॉक में इसका आयोजन हुआ। इसमें विभिन्न राज्यों के अलग-अलग विभागों से आए लोगों को बर्ड फ्लू के खतरें और उसके कंट्रोल करने के तरीके के बारे में जानकारी दी। डॉक्टर्स के अनुसार एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि भविष्य में जूनोटिक डिजिट का अटैक हो सकता है। इसके तहत पक्षियों के जरिए संक्रमण फैलाया जा सकता है। नेशनल वन हेल्थ प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ जूनोसेस के तहत जूनोटिक डिजिट यानी जानवरों से इंसान में फैलने वाले संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए देशभर में प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। इसी के तहत ये वर्कशॉप आयोजित की गई। एनओएचपीपीसीजेड क्षेत्रिय कॉर्डिनेटर और एसएमएस मेडिकल कॉलेज की सीनियर प्रोफेसर माइक्रोबायोलोजी डॉ. भारती मल्होत्रा ने बताया कि इस वर्कशॉप में हमने दो सेशन में विशेषज्ञों के जरिए ये ट्रेनिंग दी।</p>
<p>भविष्य में बढ़ सकता है खतरा: डॉ. मल्होत्रा ने बताया कि जिस तरह 2020 में कोविड महामारी आई थी। उसे एक दुनिया में एक तरह का बायोलोजिक अटैक कहा जाने लगा था। अब एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि भविष्य में जूनोटिक डिजिट का अटैक हो सकता है। इसके तहत पक्षियों के जरिए संक्रमण फैलाया जा सकता है। ऐसे में इसे हम इसे कैसे कंट्रोल करेंगे। इसके लिए अभी से सरकार तैयारियां कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Dec 2024 10:29:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने किया एसएमएस अस्पताल का दौरा</title>
                                    <description><![CDATA[राठौड़ ने चिकित्सकों से वार्ता कर घायलों के समूचित इलाज के लिए आवश्यक दिशा—निर्देश दिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bjp-state-president-visited-sms-hospital/article-98311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(3)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने एसएमएस अस्पताल पहुंचकर, सड़क हादसे में गंभीर घायलों की कुशलक्षेम जानी और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।</p>
<p>राठौड़ ने चिकित्सकों से वार्ता कर घायलों के समूचित इलाज के लिए आवश्यक दिशा—निर्देश दिए। राठौड़ ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक की संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Dec 2024 16:27:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में पहली बार एयर लिफ्ट कर अंगों को लाया गया, इस वर्ष का यह 13 वां अंगदान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में पहली बार लंग्स का प्रत्यारोपण किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/for-the-first-time-in-the-state-organs-were-brought/article-97741"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में पहली बार एक ब्रेन डेड व्यक्ति के आठ अंगों का प्रत्यारोपण किया गया। इस लिहाज से भी पहला अवसर रहा, जब एक ही व्यक्ति के लंग्स और हृदय का प्रत्यारोपण एक ही रोगी को किया गया। साथ ही, प्रदेश में पहली बार लंग्स का प्रत्यारोपण किया गया। अंगों को झालावाड़ से हेलीकॉप्टर से एसएमएस अस्पताल भेजकर सफ लतापूर्वक प्रत्यारोपण किया गया। चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार एवं चिकित्सा शिक्षा आयुक्त इकबाल खान ने अंगदान की इस प्रक्रिया में एयर एम्बुलेंस के लिए आवश्यक प्रक्रिया को पूरा करवाया, जिससे यह अंगदान एवं प्रत्यारोपण सफ लतापूर्वक हो सका। इस वर्ष का यह 13 वां अंगदान था। </p>
<p><strong>कौन-कैसे हुआ ब्रेन डेड:</strong>  विष्णु प्रसाद (33) को गम्भीर रूप से घायल हो जाने पर 11 दिसंबर को झालावाड़ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया था। चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद विष्णु को बचा पाना सम्भव नहीं हो पाया। विष्णु को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। ब्रेन डेड घोषित हो जाने के बाद विष्णु के परिवारजन को अंगदान के बारे में प्रेरित किया गया। परिवार विष्णु के अंगों दोनों किडनियां, लिवर, हार्ट, लंग्स व दोनों कॉर्निया को दान करने के लिए सहमत हो गया। इसमें नोडल अधिकारी डॉ. रामसेवक ने अहम भूमिका निभाई। </p>
<p><strong>हेलीकॉप्टर की सहायता से झालावाड़ से जयपुर आए अंग:</strong> पहली बार हेलीकॉप्टर से अंगों को झालावाड़ से सवाई मानसिंह चिकित्सालय में प्रत्यारोपण के लिए लाया गया। एक किडनी व लिवर का प्रत्यारोपण एम्स जोधपुर में किया गया, एम्स जोधपुर में भी अंगों को झालावाड़ से जोधपुर हवाई जहाज के माध्यम से ले जाया गया। डॉ. मनीष अग्रवाल ने एसएमएस हॉस्पिटल में समन्वय के रूप में कार्य किया और एम्स में डॉ. शिवचरण नवारिया की विशेष भूमिका रही।</p>
<p><strong>इनका रहा विशेष योगदान : </strong>एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ दीपक माहेश्वरी एवं समुचित प्राधिकारी डॉ. रश्मि गुप्ता, एसएमएस में न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ.मनीष अग्रवालए का विशेष योगदान रहा। अंगों का आवंटन स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन के माध्यम और समन्वय से किया गया, जिसमें सोटो पदाधिकारी डॉ. मृणाल, डॉ.अजीत, डॉ. धर्मेश और रोशन की अहम भूमिका रही। इस कार्य में नोटो के निदेशक डॉ.अनिल कुमार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 10:22:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ठंड ने बढ़ाई सांस, अस्थमा और एलर्जी के मरीजों की परेशानी, बच्चों और बुजुर्गों को हो रही ज्यादा तकलीफ</title>
                                    <description><![CDATA[वायु प्रदूषण में मौजूद हानिकारक गैसें और कण फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और कैंसर का खतरा भी बढ़ा सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cold-increases-the-problems-of-asthma-and-allergy-patients-children/article-97575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(9)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सर्दियों का मौसम आते ही कई प्रकार की मौसमी बीमारियां आमजन को जकड़ लेती हैं, लेकिन विशेष तौर पर अस्थमा और एलर्जी के मरीज ठंड के मौसम में ज्यादा परेशान होते हैं। इसके साथ ही सर्दियों में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ जाता है। यह तकलीफ को और बढ़ा देता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो दुनिया भर में हर 250 में से एक मौत अस्थमा के कारण होती है। इस बीमारी का असर सर्दियों में ज्यादा रहता है। ठंड में सांस लेना मुश्किल हो सकता है और अस्थमा के अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके चलते सवाईमानसिंह सहित अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में भी इन दिनों अस्थमा, सांस और एलर्जी के मरीजों की अच्छी खासी तादाद देखने को मिल रही है। ओपीडी में सामान्य से 20 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।</p>
<p><strong>तेज ठंड और प्रदूषण घातक : डॉ. शिवानी</strong><br />नारायणा हॉस्पिटल की सीनियर कंसलटेंट पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. शिवानी स्वामी ने बताया कि ठंड के समय हवा में धुएं और धूल के कण जमा हो जाते हैं, जिन्हें स्मॉग कहा जाता है। यह स्मॉग सांस लेने में परेशानी पैदा करता है। सर्दियों में हवा भी धीमी चलती है, जिससे प्रदूषित कण हवा में लंबे समय तक टिके रहते हैं। यह प्रदूषित कण फेफड़ों में जलन पैदा कर सकते हैं और श्वसन तंत्र को कमजोर कर सकते हैं। सर्दियों के मौसम में ठंडी-सूखी हवा और प्रदूषण फेफड़ों के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है। जब अस्थमा से प्रभावित व्यक्ति ठंडी हवा में सांस लेते हैं तो उनके वायुमार्ग सिकुड़ जाते हैं और यह अस्थमा के अटैक को ट्रिगर कर सकता है। बच्चों और बुजुर्गों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है इसलिए वे इस समय प्रदूषण से जल्दी प्रभावित हो सकते हैं। वायु प्रदूषण में मौजूद हानिकारक गैसें और कण फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और कैंसर का खतरा भी बढ़ा सकते हैं।</p>
<p><strong>ऐसे करें बचाव</strong><br /> जब भी आप घर से बाहर जाएं अच्छी क्वालिटी का मास्क पहनें।  ठंडी हवा से बचने के लिए हमेशा गर्म कपड़े पहनें। ठंड के मौसम में जब जरूरी हो तो ही बाहर निकलें।  घर के अंदर की हवा साफ  रखने के लिए एयर प्यूरीफायर लगाएं। बाहर ठंड और प्रदूषण अधिक हो तो खुले में व्यायाम न करें। ठंड के दौरान गुनगुना पानी पीने से गले और श्वसन तंत्र को राहत मिलती है। इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने के लिए ताजे फल, सब्जियां और विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ खाएं। अगर अस्थमा के लक्षण बढ़ें तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। इन्हेलर और दवाइयां हमेशा अपने पास रखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Dec 2024 11:23:23 +0530</pubDate>
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                <title> नई सुविधा का शुभारंभ, अब कम्प्यूटर नेविगेशन से होगी जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी</title>
                                    <description><![CDATA[ मरीज के कम चीरा लगता है और रक्तस्त्राव भी कम होता है, ऑपरेशन की शाम से ही मरीज का चलना-फिरना शुरू हो जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-facility-will-be-launched-now-joint-replacement-surgery-will/article-95535"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/257rtrer-(3)2.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal">जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाईमानसिंह में अब मरीजों के घुटने और कूल्हे के जोड़ का प्रत्यारोपण कम्प्यूटर नेविगेशन जैसी आधुनिक तकनीक से हो सकेगा। इस नई सुविधा का शुभारंभ गुरुवार को एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी और अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी ने किया। अस्थि रोग विभाग के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश चन्द बंशीवाल ने बताया कि आजकल घुटने व कूल्हे के प्रत्यारोपण के मरीज दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। इसलिए यह सुविधा शुरू होने से मरीजो को बहुत लाभ मिलेगा। राजस्थान में सभी सरकारी क्षेत्र में सवाई मानसिंह चिकित्सालय ही एक ऐसा अस्पताल है जहां कम्पयूटर नेविगेशन से जोड़ प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हुई है।<br /><strong>कम्प्यूटर नेविगेशन के ये हैं फायदे</strong><br />अस्पताल के रोबोटिक एवं कम्प्यूटर नेविगेशन जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. मुकेश असवाल ने बताया कि इस तकनीक से जोड़ प्रत्यारोपण से इम्पलान्ट लगाने में सटीकता आती है। पैर का अलाइन्मेन्ट ठीक हो जाता है और गलती होने की संभावना नही होती। जिससे जोड़ लम्बे समय तक चलता है। मरीज के कम चीरा लगता है और रक्तस्त्राव भी कम होता है। मरीज का पैर बिल्कुल सीधा हो जाता है। ऑपरेशन की शाम से ही मरीज का चलना-फिरना शुरू हो जाता है। कुछ दिनो में ही मरीज अपनी दैनिक दिनचर्या पहले की तरह करना शुरू कर देता है। प्राईवेट अस्पतालों में इस सुविधा के लिए लाखो रुपए खर्च करने पड़ते हैं लेकिन एसएमएस में यह सुविधा निशुल्क प्रदान की जाएगी</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Nov 2024 11:54:17 +0530</pubDate>
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                <title>International Nurses Day : अस्पतालों में मरीजों का बढ़ता भार, नर्सेज की भारी कमी नतीजा: मरीजों को नहीं मिल पा रही क्वालिटी नर्सिंग केयर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाईमानसिंह सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में नर्सेज जरूरत के अनुपात में काफी कम है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-nurses-day-increasing-load-of-patients-in-hospitals-severe/article-77693"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/nurse.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में चिकित्सा के क्षेत्र में अब काफी विस्तार हो चुका है। जयपुर तो मेडिकल हब बन चुका है। वहीं प्रदेश के लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं लेकिन बावजूद इसके अस्पतालों में आज भी मैन पावर की बहुत कमी है। इनमें सबसे ज्यादा जरूरत अगर किसी संवर्ग की है तो वो है नर्सिंग संवर्ग। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाईमानसिंह सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में नर्सेज जरूरत के अनुपात में काफी कम है। <br />ऐसे में ऑपरेशन या इलाज के बाद जो नर्सिंग केयर मरीजों को मिलनी चाहिए वो नहीं मिल पा रही है। वर्तमान में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में करीब 70 हजार नर्सिंग ऑफिसर और नर्सिंगकर्मी हैं। जबकि करीब 18 हजार संविदा नर्सेज अस्पतालों में काम कर रहे हैं। 20 हजार से ज्यादा नर्सिंगकर्मियों की इन अस्पतालों में अब भी जरूरत है। वहीं नर्सिंग स्टाफ के अवकाश लेने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियमों के अनुसार 30 प्रतिशत लीव रिजर्व नर्सेज स्टाफ भी होना चाहिए। ऐसे में वर्तमान संख्या के साथ ही करीब 40 हजार नर्सेज की प्रदेश में और जरूरत है। </p>
<p><strong>पूरा वार्ड एक या दो नर्सिंगकर्मियों के भरोसे</strong><br />इंडियन मेडिकल काउंसिल के नॉर्म्स के अनुसार अस्पतालों में मरीजों के अनुपात में नर्सेज की भारी कमी है। प्रदेश के सबसे बड़े सवाईमानसिंह अस्पताल सहित अन्य मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में एक वार्ड में 50-50 मरीज सिर्फ एक या दो नर्सिंगकर्मियों के भरोसे हैं। डॉक्टर और मरीज के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी नर्सिंग स्टाफ  है। इसके बावजूद सरकार अस्पतालों में इनकी कमी को नजरअंदाज किया जा रहा है।  </p>
<p><strong>क्या कहते हैं आईएनसी के नियम</strong><br />इंडियन नर्सिंग काउंसिल के तय मापदंडों के अनुसार आईसीयू में भर्ती तीन मरीजों पर एक नर्स का होना जरूरी है। अगर मरीज ज्यादा गंभीर है तो एक बैड पर एक नर्स होना चाहिए। जनरल वार्ड में छह मरीजों पर एक नर्स होनी चाहिए, लेकिन प्रदेश में वर्तमान स्थिति में ये मापदंड सिर्फ  कागजों में ही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 May 2024 12:35:06 +0530</pubDate>
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