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                <title>cracks - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सीएडी की नहर में दरारें, ग्रामीणों ने घटिया सामग्री का आरोप लगाया</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच व दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/cracks-in-cad-canal--villagers-allege-use-of-substandard-materials/article-131421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(8)3.png" alt=""></a><br /><p>नमाना।  नमाना क्षेत्र के सिलोर—कालपुरिया—साकड़दा गांवों से होकर गुजर रही सीएडी बाय-मुख्य नहर के निर्माण कार्य को लेकर किसानों व ग्रामीणों में तीखी नाराजगी है। स्थानीय किसानों शंकर सैन, दशरथ कुशवाह, विष्णु गुर्जर, सुरेन्द्र मेघवाल, आशिष सुमन, विनोद सुमन व फोरू प्रजापत ने आरोप लगाया कि नहर निर्माण में संबंधित ठेकेदारों ने घटिया सामग्री उपयोग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साढ़े एक साल में हुए कार्य के पैनलों में जगह-जगह दरारें आ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पैनलों की ऊपरी सतह हटाकर नीचे से मिट्टी निकालने पर दरारें और अधिक स्पष्ट हो जाती हैं। ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच व दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p>ग्रामीणों द्वारा लगाया गया घटिया सामग्री का आरोप गलत है; विभाग अपना कार्य निष्ठा से कर रहा है और बरसात के कारण कुछ साधन स्थानों पर नहीं पहुँच पाए थे, किन्तु जो कमी है उसे शीघ्रता से सुधारा जाएगा। सीएडी डायरेक्ट मैनेजर सुब्बा रेड्डी ने भी घटिया सामग्री के आरोप को असत्य बताया और कहा कि पत्थर की डस्ट को एमसेंड बनाकर लगाने का प्रावधान है; जिन पैनलों को क्षति हुई है उन्हें नवंबर में रिपेयर कर दिया जाएगा।<br /><strong>-अरविंद कुमार मीणा, सीएडी अधीक्षण अभियंता।</strong></p>
<p>इनका कहना है सीएडी डायरेक्ट मैनेजर सुब्बा रेड्डी इन्होंने बताया कि घटिया सामग्री का आरोप गलत है, हम अपना कार्य कर रहे हैं, आगे से सुधार कर लिया जाएगा और जो यह पत्थर की डस्ट है, इसको एमसेंड बना कर इसको लगाने का प्रावधान भी है, और जिस जगह के पैनल डैमेज है उनको हम नवंबर के महीने में रिपेयर कर देंगे, आगे से सुधार कर लिया जाएगा।<br /><strong>-सुब्बा रेड्डी, मैनेजर, सीएडी डायरेक्ट।</strong></p>
<p>भाजपा के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष धनराज सुमन ने भी कहा कि संबंधित ठेकेदार ने घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया है और मामला गंभीर है।उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है।<br /><strong>-धनराज सुमन, पूर्व भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 16:47:01 +0530</pubDate>
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                <title>स्टेट हाइवे-70 पर जल्द भरी जाएंगी दरारें, सड़क की दोनों किनारों पर बिछेगी ग्रेवल</title>
                                    <description><![CDATA[ कोटा से गुजर रहे स्टेट हाइवे-70 पर हो रही दरारें अब जल्द ही भरी जाएंगी, साथ ही सड़क के दोनों किनारों पर ग्रेवल बिछाकर रोड के लेवल पर लाया जाएगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cracks-on-state-highway-70-will-be-filled-soon/article-107200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(1)45.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा से गुजर रहे स्टेट हाइवे-70 पर हो रही दरारें अब जल्द ही भरी जाएंगी। साथ ही सड़क के दोनों किनारों पर ग्रेवल बिछाकर रोड के लेवल पर लाया जाएगा। दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद टोल प्रशासन द्वारा शीघ्र ही सुधार कार्य करवाए जाने की बात कही गई है। टोल मैनेजर संदीप भदौरिया का कहना है, यात्रियों की सुविधा के लिए टोल एजेंसी नियमित कार्य कर रही है।</p>
<p>हाल ही में सीसी सड़क के खराब हुए पैनल बदले गए हैं। वहीं, सफेद लाइनिंग व ज्रेबा क्रोसिंग की मार्किंग की गई है, ताकि रात को हाइवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को अपनी लेन का पता रहे। इसके अलावा घुमाव पर संकेतक बोर्ड भी लगवा दिए गए हैं। पिछले कुछ महीनों से मेंटिनेंस कार्य लगातार जारी है। हालांकि, कुछ काम अधूरे हैं, जिन्हें जल्द से जल्द पूरा करवाया जाना प्राथमिकता है।  बता दें, स्टेट हाइवे-70 पर दीगोद से सुल्तानपुर तक करीब 12 किमी सीसी सड़क पर 3 इंच चौड़ी और डेढ़ इंच गहरी दरारें हो रही है। जिनमें वाहनों के टायर फंसने से हादसे का खतरा बना रहता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Mar 2025 17:00:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>स्टेट हाइवे-70 पर मौत की दरारें, फंसकर गिरे तो जान बचना मुश्किल </title>
                                    <description><![CDATA[सड़क के दोनों किनारे जमीन से ऊंचे, वाहन हो रहे अनियंत्रित ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cracks-of-death-on-state-highway-70/article-107199"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/state-highway--70-par-maut-ki-darare...kota-news-11.03.2025.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा से गुजर रहे स्टेट हाइवे-70 पर जगह-जगह मौत घात लगाए बैठी है। टोल टैक्स चुकाने के बावजूद वाहन चालकों की जान खतरे में रहती है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की शह पर टोल संग्रह कम्पनी चेतक जैनको जमकर मनमानी कर रही है। वाहन चालकों से प्रतिदिन लाखों का टैक्स वसूला जा रहा फिर भी सड़कों की मरम्मत नहीं करवाई जा रही।  दरअसल, स्टेट हाइवे-70 पर दीगोद से सुल्तानपुर तक करीब 12 किमी सीसी सड़क पर 3 इंच चौड़ी और डेढ़ इंच गहरी दरारें हो रही है। जिनमें वाहनों के टायर फंसने से हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों व यात्रियों की शिकायत के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। जबकि, हाइवे मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है, इसके बावजूद टोल एजेंसी पर कार्रवाई करने के बजाए आंखें मूंदे पड़े हैं। </p>
<p><strong>दरारों में फंसकर गिरे तो जान बचना मुश्किल </strong><br />स्टेट हाइवे-70 पर जोखिमभरा सफर दीगोद से ही शुरू  हो जाता है, जो सुल्तानपुर तक जारी रहता है। करीब, 12 किमी सीसी सड़क पर जगह-जगह गहरी दरारें हो रही है, जिसमें टायर फंसने से बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।  स्थानीय निवासियों का कहना है, हाइवे की चौड़ाई कम है। भारी वाहनों का आवागमन रहता है। ऐसे में गहरी दरारों में टायर फंसने से बाइक असंतुलित हो जाती है और बाइक सवार सड़क पर गिर जाते हैं। इस दरमियान सामने व पीछे से रफ्तार से गुजरते वाहनों के कारण जान बचना मुश्किल हो जाता है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, इसके बावजूद दरारों को भरवाई नहीं गई। </p>
<p><strong>रिटायरमेंट के बाद अधीक्षण अभियंता के बदले सुर</strong><br />स्टेट हाइवे-70 की बदहाली को लेकर दैनिक नवज्योति ने लगातार खबरें प्रकाशित की थी। इस पर गत वर्ष नवम्बर माह में पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता आरके सोनी से दरारों को लेकर बात की थी, इस पर उन्होंने सड़क की दरारें भरने के लिए बाहर से स्पेशल टीम आने की बात कहीं थी। इसके बाद दिसम्बर में वह रिटायर हो गए। लेकिन अब तक न तो स्पेशल टीम आई और न ही दरारें भर सकी। इस पर उनसे बात की तो अब स्पेशल टीम के बारे में कोई जानकारी नहीं होने की बात कहीं  जा रही है। </p>
<p><strong>बाइक सवार महिला की हो चुकी मौत</strong><br />स्टेट हाइवे 1-ए पर गत वर्ष 9 फरवरी को सड़क पर हो रही दरारों में टायर फंसने से बाइक अंसतुलित हो गई थी। जिससे बाइक सवार महिला गायत्री की सिर के बल सड़क पर गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, पिता महावीर प्रजापति व 4 माह का पुत्र चोटिल हो गए। गेंता से इटावा के बीच सड़क के दो हिस्सों के बीच इसी तरह की गहरी दरारे हो रही हैं। </p>
<p><strong>पीडब्ल्यूडी की शह पर </strong><br />पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का सुल्तानपुर से कोटा प्रतिदिन गुजरना होता है। इस बीच दीगोद तक 12 किमी सीसी सड़क की जानलेवा दरारें नजर आती है। इसके बावजूद टोल एजेंसी पर कार्रवाई करने के बजाए वाहन चालकों से खुली लूट की छूट दी जा रही है। अधिकारियों की घोर लापरवाही से वाहन चालकों की जान संकट में रहती है।  </p>
<p><strong>जनसुविधाओं पर ताले, घुमाव पर संकेतक नहीं </strong><br />मारवाड़ा चौकी टोल प्लाजा पर टॉयलेट व शौचालय बने हुए हैं, जिस पर अक्सर ताले लटके रहते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, मारवाड़ा चौकी स्थित अंडरपास का घुमाव खतरनाक है। यहां न तो संकेतक बोर्ड लगाए गए, न ही सड़क पर सफेद लाइनिंग की गई। जबकि, एक ही लेन पर दोनों तरफ के वाहन गुजरते हैं।  वहीं, अंडरपास से गुजरने के दौरान सामने स्थित खाई में वाहन गिरने का डर बना रहता है। क्योंकि, सड़क की मुंडेर पर कोई सुरक्षा दीवार नहीं है। </p>
<p><strong>एक्सपर्ट - व्यू</strong><br />टोल एजेंसी को रेगुलर रोड का मेंटिनेंस करवाना चाहिए। जब एजेंसी टोल वसूल रही है तो मरम्मत करवाना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। इसके बावजूद मेंटिनेंस नहीं करवाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने का पीडब्ल्यूडी को अधिकार है। पीडब्ल्यूडी टोल एजेंसी पर जुर्माना लगा सकता है और उससे वसूली राशि से खुद मेंटिनेंस करवा सकते हैं। इस तरह की अव्यवस्था वाहन चालकों के लिए घातक है।<br /><strong>- धीरेंद्र माथूर, पूर्व चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सीसी सड़क के पैनल खराब हो रहे थे, जिसे बदलने के टोल एजेंसी को निर्देश दिए थे। उस समय टोल एजेंसी प्रतिनिधि ने कहा था कि उनकी कोई स्पेशल टीम आ रही है, जो सड़क की इन दरारों को भरेगी। इसके बाद मैं रिटायर्ड हो गया। इसके बाद क्या हुआ  क्या नहीं, जानकारी नहीं है।<br /><strong>- आरके सोनी, तत्कालीन एसई पीडब्ल्यूडी</strong></p>
<p>मैं पिछले महीने की 24 तारीख को साइट पर गया था, तब भी बोल कर आया था। नोटिस देकर इनके खिलाफ कार्रवाई कर समस्याओं का समाधान करवाएंगे। <br /><strong>- जेपी गुप्ता, वर्तमान एसई पीडब्ल्यूडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Mar 2025 16:02:02 +0530</pubDate>
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                <title>आधा दर्जन से अधिक मकानों में दरारें, मौत के साए में परिवार</title>
                                    <description><![CDATA[जैन मंदिर में दरार, पर्युषण पर्व के तहत जैन श्रद्धालु भी दहशत में। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/-cracks-in-more-than-half-a-dozen-houses--families-in-the-shadow-of-death/article-90248"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के बांसी कस्बे में टंकी वाले मोहल्ले में आधा दर्जन से अधिक मकानों व जैन समाज के सुपार्श्वनाथ भगवान के मन्दिर में दरारें आ रही है। फिर भी मकान मालिक ऐसी स्थिति में भी पारिवारिक सदस्यों के साथ निवासरत है। कभी-भी अनहोनी हो सकती है। इस मोहल्ले में सीसी सड़क तक में भी दरारें नजर आ रही है। इसकी सूचना पर हल्का पटवारी व ग्राम पंचायत सरपंच मंगलवार को मौके पर पहुंचें। सभी मकानों सहित मन्दिरों पर पहुंचकर हालातों का जायजा लिया है। मौके पर नजर आए मकानों में खतरा व सड़क में आई दरारें का पेयजलापूर्ति की भूमिगत पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने का अंदेशा या फिर इस क्षेत्र की भूमि बैठने का अनुमान जताया है। दरारे आने का मुख्य कारणों का अभी पता नहीं लगा है। इस जानकारी में बांसी सरपंच व हल्का पटवारी जुटे हुए है। गनीमत है कि इस मोहल्ले में निवासरत पारिवारिक सदस्यों के साथ अभी तक कोई हादसा घटित नहीं हुआ है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार बांसी के पानी की टंकी वाले मोहल्ले में आधा दर्जन से अधिक मकानों में लगभग एक माह से मकानों में हल्की-फूल्की दरारें नजर आने लगी थी। मोहल्लेवासियों के पारिवारिक सदस्यों का कहना है कि हररोज देखते थे जो पहले तो नीम बैठने की मानकर समस्या को सह रहे थे। पर एक-दूसरे परिवारों से जब जानकारी मिलने लगी तो पता चला। कि इस मोहल्ले के मकानों में दरारें आ रही है। जो अब धीरे-धीरे ज्यादा नजर आने लगी तो मोहल्ले के  परिवार एक-दूसरे से जानकारी जुटाई तो पता चला कि इस मोहल्ले के आधा दर्जन मकानों में यह समस्या होने लगी है। धीरे-धीरे अब तो यह हाल नजर आने लगे है कि दो मंजिल मकान आपस में दीवारो में भी तीन से चार इंच तक जगह नजर आने लगी है। मकानों में गेट के पक्के पत्थर के लगे गेट के ऊपर के पत्थर टूट गए। कमरों की दीवारों में दरारें, कमरों के फर्स में भी दरारें, दीवारों की अलमारी की जगहों पर भी दरारें, अलमारी के हो रहा निर्माण की इट्टे भी झुकी हुई नजर आ रही है। मोहल्ले की सीसी सड़क पर भी जगह-जगह पर हल्की-फूल्की दरारें नजर आने लगी है। जैन समाज के मन्दिर की दीवारो में दरारें नजर आ रही है। मकानों में आ रही दरारें के बाद भी मोहल्ले में सभी परिवार अपने अपने मकानों में निवासरत है। इस तरह के हाल में दिनरात रहने वाले परिवार खतरे के साये में निवासरत होने से कभी-भी बड़ा हादसा हो सकता है। मोहल्ले में बहुत-से मकान दो मंजिल है। यह पट्टियों की छत से बने हुए है। जिनके मुख्य गेट के ऊपर लगे पत्थर भी टूटे हुए नजर आ रहे है। </p>
<p><strong>जैन श्रावकों को हादसे का खतरा</strong><br />जैन समाज के इस समय भादो माह के पर्युषण पर्व चल रहे है। हर रोज समाजबंधु का आनाजाना बना रहता है। जैन मन्दिर में साफ-सफाई करने वाले माली के परिवार का भी आनाजाना बना हुआ है। संबंधित विभाग द्वारा समय रहते इसे गंभीरतापूर्वक नही लिया जाएगा तो बड़े हादसा होने का खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>मोहल्ले में इन मकानों व जैन मन्दिर में हो रही समस्या </strong><br />जैन समाज के सुपार्श्वनाथ भगवान के मन्दिर में वेदी परिसर में दीवार में दरार, वही वेदी कक्ष के सामने बरामदे की दीवार में भी दरारें नजर आने लगी है। हर रोज समाज के छोटे से लेकर बुजुर्गों की आवाजाही रहती है। मदनलाल पंचोली के मकान के बरामदे में तीन इंच की दरारें, कैलाशचंद जैन के नवनिर्माण मकान के कमरों में दरारें देने से तीन से चार इंच की जगह नजर आने लगी है। वही कमरों की अलमारियों के पास तो बहुत-ही चौड़ी जगह नजर आने लगी है। मकान में खतरे के साए में निवासरत परिवार के सदस्य है। बाबूलाल जैन के मकान मे भी दरारें नजर आ रही है। रमेशचंद्र शर्मा के पूरा मकान में दरारें आने से मकान पुरी तरह से क्षतिग्रस्त नजर आने लगा है। फिर भी खतरे के साये में परिवार निवासरत है। महावीर अजमेरा के मकान में भी दरारें खतरे के साये मे निवासरत पारिवारिक सदस्य, सत्यनारयण सेन के मकान में मुख्य गेट के लगने वाली देहल का पत्थर टुट गया व दो कमरों में दीवारों में दरारे गेट के बालसोद क्षतिग्रस्त, पुरूषोत्तम पालीवाल के मकान में दरार आने से मकान मालिक ने एक गेट के हाथोंहाथ निर्माण करवाकर एक पिलर बनवाया है, पर फिर भी खतरा नजर आ रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />सूचना पर मैं हल्का पटवारी के साथ मोहल्ले में पहुंचा था। आधा दर्जन मकानों व जैन समाज के भगवान के मन्दिर की दीवारों में दरारे व गेट के पत्थर टूटे हुए नजर आए है। बहुत से मकानो में दो-तीन इंच जगह दे रखी है। सभी परिवार निवासरत है, पेयजलापूर्ति के अधिकारी से भी बात की है। हो सकता है, कुछ मोहल्ले में पेयजलापूर्ति में भी समस्या बताई जा रही है। भुमिगत पाइपलाइन क्षतिग्रस्त भी हो सकती है। <br /><strong>- सत्यप्रकाश शर्मा, सरपंच बांसी ग्राम पंचायत </strong></p>
<p>मोहल्ले के मकानो में आए दरारें की सूचना मिली थी। जिस पर मोके पर पहुंचकर सभी जगहों पर पहुंचकर देखा है। मोहल्ले में समस्या होने के बाद भी अभी भी परिवार निवासरत है। इस समस्या से हमारे राजस्व विभाग के कानूनगो व तहसीलदार को अवगत करवा दिया गया है। <br /><strong>- नारायण चौधरी, हल्का पटवारी राजस्व विभाग बांसी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Sep 2024 17:33:33 +0530</pubDate>
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                <title>करबला क्षेत्र में सौ से अधिक मकानों में आई दरार</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय लोगों ने बताया कि मकानों में दरार आने से कभी भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cracks-in-more-than-a-hundred-houses-in-karbala-area/article-72171"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/karbala-khsetra-me-so-s-adhik-mkano-me-ayi-darar...kota-news-08-03-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा उत्तर के वार्ड 36 करबला क्षेत्र में फोर्टवाल के ऊपर बने करीब सौ से अधिक मकानों में दरार आ रही है। जिससे वे मकान कभी भी ध्वस्त हो सकते हैं। ऐसे में उन मकानों में रहने वाले परिवारों में हादसे की आशंका से दहशत बनी हुई है। लोग रात को सो नहीं पा रहे हैं और कई लोग तो कर के कारण मकान खाली कर दूसरी जगह जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि  फोर्ट वाल के ऊपर की तरफ  करीब सौ से डेढ़ सो मकान  बने हुए हैं। वे कई बरसों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। यहां पुरानी सीवरेज लाइन डली हुई थी। जिससे घरों से निकलने वाला सीवरेज का गंदा पानी सीधे नदी में जा रहा था। लेकिन नदी किनारे चम्बल रिवर फ्रंट बनने से सीवरेज के पानी को सीधे नदी में जाने से रोकने के लिए नगर विकास न्यास की ओर से वार्ड में सीवरेज की नई लाइन डाली गई। करीब एक से डेढ़ साल पहले यह लाइन डाली गई है। लेकिन सही ढंग से नहीं डालने से उनके मकानों को भारी नुकसान हो गया है। </p>
<p><strong>अधिकतर मकानों में दरार, कई में फटी दीवार</strong><br />क्षेत्र में जाकर जब मकानों की हालत देखी तो वह बद से बदतर नजर आई। हालत यह है कि अधिकतर मकान चाहे एक मंजिल हो या दो मंजिल। सभी में बड़ी-बड़ी दरारे हो गई हैं। छत से लेकर फर्श तक में दरारे होने से घर में रहना तक मुश्किल हो गया है। इतना ही नहीं कई मकान तो ऐसे हैं जिनमें दरार धीरे-धीरे बढ़कर इतनी बड़ी हो गई कि दीवारों को दो टुकड़ों में फाड़ दिया। दीवार आर-पार होकर दो हिस्सों में बट गई है। दीवार पर एलईडी टीवी लगा हुआ है कि पीछे की दीवार टूटी हुई है। कहीं छत झूलने लगी है। कहीं लोहे का भारी लेंटर लटक गया है। </p>
<p><strong>सीवरेज के साथ मकानों को सही कराया जाए</strong><br />स्थानीय निवासी इस्लाम अब्बासी, अकरम खान,जाकिर हुसैन, मुस्तफा अली व रहमान हुसैन समेत सभी लोगों का कहना है कि उन्होंने निगम व न्यास अधिकारियों को इस संबंध में अवगत करवा दिया है। लेकिन अभी तक किसी ने भी आकर मौका नहीं देखा है। उनकी मांग है कि सीवरेज लाइन को सही करवाने के साथ ही उनके मकानों को भी सही कराया जाए वरना कभी भी हादसा होने पर कई लोगों की जान जा सकती है। </p>
<p><strong>निकास नहीं होने से जाम हैं सीवरेज</strong><br />स्थानीय लोगों ने बताया कि लाइन में प्लास्टिक के पाइप डाले गए। उनका सही ढंग से निकास भी नहीं किया गया। जिससे सीवरेज चैम्बर भरे हुए हैं। ढक्कन से गंदा पानी ऊपर घरों के बाहर तो आता ही है। साथ ही सीवरेज के कारण उनके मकान बैठक लेने लगे हैं। अधिकतर मकान अपनी जगह छोड़ते जा रहे हैं। कई मकान तो टेढ़े होकर झुक गए हैं। </p>
<p><strong>दहशत के कारण अधिकतर लोग घरों के बाहर</strong><br />स्थानीय लोगों ने बताया कि मकानों में दरार आने से कभी भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में रात के समय सही ढंग से सौ भी नहीं पा रहे हैं। लोगों ने बताया कि दिन के समय अधिकतर पुरुष तो काम पर चले जाते हैं। घरों पर महिलाएं व बच्चे रहते हैं। वे भी दहशत के कारण अधिकतर समय घरों से बाहर ही रहते हैं। जबकि कई लोग तो मकान खाली कर अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। </p>
<p><strong>अंदर ही नहीं बाहर से छज्जा भी क्षतिग्रस्त</strong><br />मकानों के अंदर ही नहीं बाहर से मकानों के छज्जे तक क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। जिससे उनके कभी भी गिरने व हादसा होने का खतरा बना हुआ है। इस्लाम अब्बासी का मकान हो या मोहम्मद जाकिर का। अब्दुल मजीद का मकान हो या अब्दुल हनीफ का। मुस्तफा का मकान हो या रहमान अली का सभी के मकानों में दरार हो रही है। ये तो उदाहरण मात्र हैं। क्षेत्र के अधिकतर लोगों के मकानो की हालत इसी तरह की है। </p>
<p>करबला क्षेत्र में सीवरेज लाइन के कारण मकानों में दरार आने की जानकारी गुरुवार को ही क्षेत्र के लोगों ने दी है। इससे पहले किसी ने भी इस बारे में नहीं बताया। स्थानीय पार्षद को जानकारी दी होगी लेकिन उन्होंने भी नहीं बताया था। अभी दो दिन पहले ही उनका निधन हो गया। जानका री मिलते ही नगर विकास न्यास अधिकारियों से बात की है। उन्होंने मौका देखकर उसे सही करवाने का आश्वासन दिया है। मैं स्वयं भी शुक्रवार को मौका देखूंगी। <br /><strong>- मंजू मेहरा, महापौर, नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>
<p>सीवरेज लाइन नगर विकास न्यास ने डाली है या किसी अन्य एजेंसी ने। इस संबंध में शुक्रवार को भी संबंधित अधिकारियों को भेजकर मौका दिखवा लेंगे। न्यास के स्तर पर कमी रही है तो उसी सही करवा दिया जाएगा। <br /><strong>- कुशल कोठारी, सचिव, नगर विकास न्यास </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Mar 2024 17:42:48 +0530</pubDate>
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                <title>बरसात से पहले ही सड़कें हुई बूढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के मुख्य मार्गों से लेकर अंदरूनी इलाकों की सड़कों की हालत सभी जगह पर बदहाल हो रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-become-old-even-before-the-rains/article-71015"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/barsat-k-phle-sadak-hui-budhi...kota-news-24-02-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । स्मार्ट सिटी और पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रहे शिक्षा की छोटी काशी  कोटा शहर में बरसात से पहले ही सड़कें बदहाल होने लगी हैं। नई सड़कों का डामर उखड़ने लगा है और सीसी रोड में दरारें पड़ गई है। ऐसे में बरसात के समय उन सड़कों में पानी भरने व दुर्घटनाएं होने का खतरा बढ़ गया है। शहर में नगर विकास न्यास की ओर से समय-समय पर करोड़ों रुपए खर्च कर सड़कों की दशा सुषारी गई। न्यास व स्मार्ट सिटी के तहत शहर में हुए विकास व सौन्दर्यीकरण के तहत मेन रोड समेत कई चौराहों पर तो डामर की नई सड़कें बनाई गई थी। जिन पर करोड़ों रुपए खर्च कि एगए थे। दीपावली से पहले ही बनी ये सड़कें कुछ समय तक तो ऐसी चमकी कि उन पर वाहन सरपट दौड़ने लगे। लेकिन कुछ समय बाद ही उन सड़कों की हालत ऐसी हो गई कि उन पर वाहन चलते समय हिचकौले खाने पड़ रहे हैं। </p>
<p><strong>सरकारी कार्यालय जाने वाली रोड ही बदहाल</strong><br />अदालत चौराहे से राज भवन रोड पर एसबीआई बैंक के सामने की रोड काफी खराब हो रही है। जबकि यह रोड पूर्व यूडीएच मंत्री के आवास तक भी जा रही है। इसी रोड पर सार्वजनिक निर्माण विभाग का कार्यालय भी है। नगर विकास न्यास और राजस्थान आवासन मंडल कार्यालय में आने-जाने वाला रोड जो कुछ समय पहले ही डामर का नया बनाया गया था। उस रोड की हालत इतनी अधिक खराब हो रही है कि पूरा डामर जगह-जगह से उखड़ा हुआ है। जिससे वाहनों के स्लीप होने और दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>बरसों से खस्ताहाल सड़क</strong><br />इतना ही नहीं कंसुवा से डीसीएम चौराहे तक आने जाने वाला रोड गुरुद्वारे के सामने से उखड़ा हुआ है। जिससे बचने के प्रयास में वाहन साइड से निकलने का प्रयास करते हैं तो पीछे से तेज गति से आने वाले वाहनों से दुर्घटना का खतरा रहता है। इसी तरह से रायपुरा चौराहे से देवली अरब रोड काफी बदहाल है। एसएफएस चौराहे से पावर हाउस की तरफ जाने वाली पुलिया की सड़क बरसों से खस्ताहाल है। लेकिन उसकी सुध किसी ने नहीं ली है। वहीं नयापुरा सब्जीमंडी से मुक्ति मार्ग रोड और टीचर्स कॉलोनी से संतोषी नगर चौराहा रोड भी बदहाल हो रही है। </p>
<p><strong>हर सड़क के हाल- बेहाल</strong><br />शहर के मुख्य मार्गों से लेकर अंदरूनी इलाकों की सड़कों की हालत सभी जगह पर बदहाल हो रही है। फिर चाहे नयापुरा स्थित विवेकानंद सर्किल की सड़क हो या बारां रोड पर एसपी आॅफिस रोड। एसपी आॅफिस से स्टील ब्रिज के बीच बजरंग नगर मेन रोड की हालत इतनी अधिक खराब है कि सीसी रोड होने के बाद भी उस पर चलना आसान नहीं है। थोड़ी-थोड़ी दूरी पर सड़क के गड्ढ़े वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का कारण होने के साथ ही सुरक्षित निकलने में कष्ट दायक भी हैं। बजरंग नगर पुलिस चौकी के सामने से सड़क उखड़ी हुई है।  नाग नागिन मंदिर से नहर के किनारे होते हुए स्टील ब्रिज के बीच की सीसी रोड के सारे स्पीड ब्रेकर टूटे हुए हैं। साथ ही रोड जगह-जगह से टूटा हुआ है। कई जगह पर तो बीच में ही दरार पड़ रही है। जिससे दो पहिया वाहनों के उनमें फंसने पर गिरने का खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>निर्माण कार्य सही नहीं होने से समस्या</strong><br />नयापुरा निवासी राकेश विजय ने बताया कि सड़क बनाते समय निर्माण कार्य सही नहीं होने से हर बार यह समस्या होती है। अभी तो बरसात भी नहीं आई है। उससे पहले ही सड़कों का डामर उखड़ा हुआ है। यदि समय रहते इन्हें सही नहीं किया तो बरसात में यह समस्या अधिक हो जाएगी। महावीर नगर तृतीय निवासी सुमन मेहरा ने बताया कि मेन रोड ही नहीं शहर के अंदरूनी इलाकों की सड़कें इतनी अधिक खराब है कि वहां स्कूटी चलाना मतलब दुर्घटना को न्यौता देना है। जगह-जगह से डामर उखड़ा होने से हादसों का डर लगा रहता है। बरसात से पहले सड़कों को सही करने पर संबंधित विभागों को ध्यान देना चाहिए। </p>
<p><strong>बरसात से पहले सही करवाएंगे सड़कों को</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर की महापौर मंजू मेहरा ने बताया कि मेन रोड की अधिकतर सड़कों का काम नगर विकास न्यास ने कराया है। जबकि वार्डों के अंदर की सड़कें नगर निगम बनवाता है। पूर्व मंत्री शांति धारीवाल के प्रयासों से वाडोरं में विकास कार्य व सड़कों के काम हुए। लेकिन सीवरेज लाइनें डालने से सड़कों में टूटफूट हुई है। बरसात से पहले उन सभी सड़कों को सही करवाने का प्रयास किया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Feb 2024 19:40:12 +0530</pubDate>
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