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                <title>firecracker factory - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>firecracker factory RSS Feed</description>
                
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                <title>कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में घायल शख्स की मौत, मृतकों की संख्या 13 हुई</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में घायलों की संख्या और मौतों का आंकड़ा बढ़कर 13 हो गया है। प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) चिकित्सालय में भर्ती 16 वर्षीय उर्वशी की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। अस्पताल में अन्य घायलों का इलाज जारी है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/man-injured-in-firecracker-factory-explosion-in-kaushambi-dies-death/article-164485"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/death.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में पिछले दिनो पटाखा फैक्ट्री में हुये विस्फोट में घायल एक और व्यक्ति की मौत के साथ हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 13 हो गयी है। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बाया कि पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में घायल उर्वशी (16) की आज तड़के प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में मृत्यु हो गयी। वह पिछले दो दिनो से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थी। चिकित्सकों के सभी संभव प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। विस्फोट में घायल होकर एसआरएन में भर्ती कराए गए पांच मरीजों में से अब तक दो मरीजों की मृत्यु हो चुकी है।, जबकि शेष तीन मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर है। उनका आवश्यक उपचार एवं नियमित निगरानी जारी है। </p>
<p>एसआरएन हॉस्पिटल के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. ए.के. वर्मा के निर्देशन में ट्रामा, क्रिटिकल केयर, सर्जरी एवं संबंधित विभागों की चिकित्सकीय टीम मरीजों के उपचार एवं निगरानी में लगातार जुटी हुई है। गौरतलब है कि कौशांबी जिले में मनौरी स्थित एयरफोर्स स्टेशन के बेहद करीब संचालित पटाखा फैक्ट्री में सोमवार दोपहर हुए भीषण विस्फोट में पांच मजदूरों की मौत हो गयी थी जबकि उसी दिन शाम को छह अन्य घायलों की मृत्यु के बाद यह आंकड़ा बढ़ कर 11 हो गया था। हादसे के शिकार एक अन्य घायल की मंगलवार को एसआरएन अस्पताल में मृत्यु हो गयी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 16:34:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पंजाब में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट : 5 प्रवासी श्रमिकों की मौत, 29 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[लंबी के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) जसपाल सिंह ने कहा कि मलबे से पांच शव बरामद किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/explosion-5-migrant-workers-killed-29-injured-in-cracker-factory/article-115876"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(2)46.png" alt=""></a><br /><p>मुक्तसर। पंजाब में मुक्तसर जिले के सिंघेवाला गांव में तड़के एक बजे एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए विस्फोट में 5 प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई और 29 अन्य घायल हो गए। हरियाणा सीमा के पास स्थित इस फैक्ट्री में पटाखों के उत्पादन और पैकेजिंग में लगे कई प्रवासी कामगार काम करते थे। रात करीब एक बजे हुए इस विस्फोट के कारण पूरी फैक्ट्री ढह गई। मुक्तसर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अखिल चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी से पता चला है कि पटाखा निर्माण क्षेत्र में विस्फोट हुआ। अभी पता कारणों का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि विस्फोट के कारण इमारत ढह गई, जिससे लोग हताहत हुए। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि मौतें आग की बजाय संरचनात्मक क्षति के कारण हुईं।</p>
<p>लंबी के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) जसपाल सिंह ने कहा कि मलबे से पांच शव बरामद किए गए हैं। घायलों को उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बठिंडा और मुक्तसर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मलबे को साफ करने और फंसे हुए लोगों की तलाश करने के लिए काम कर रहे थे। फैक्ट्री में करीब 40 कर्मचारी थे। मृतकों और घायलों में से अधिकांश प्रवासी श्रमिक हैं। अग्निशमन विभाग और पुलिस की बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं। कुछ कर्मचारियों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। बचाव कार्य जारी है। विस्फोट के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। किल्लियांवाली थाना की प्रभारी (एसएचओ) करमजीत कौर ने कहा कि पांच लोगों की मौत की खबर है, जबकि 29 लोग घायल हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 May 2025 16:59:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लापरवाही की चिंगारी और राख होती जिंदगियां</title>
                                    <description><![CDATA[भारत में पटाखा फैक्ट्रियों में होने वाले हादसें हर साल कई लोगों की जान लेते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/negligence-sparks-and-ashes-are-the-lives/article-109765"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(7)3.png" alt=""></a><br /><p>भारत में पटाखा फैक्ट्रियों में होने वाले हादसें हर साल कई लोगों की जान लेते हैं। 1 अप्रैल 2025 को गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने इस खतरे को फिर से सामने ला दिया। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मृतकों के शरीर के अंग 200-300 मीटर दूर खेतों में बिखरे मिले। मरने वाले ज्यादातर मजदूर मध्य प्रदेश के हरदा और देवास जिले से थे, जो रोजगार की तलाश में इस जोखिम भरे काम में लगे थे। 2025 में अब तक पटाखा फैक्ट्रियों में हुए हादसों में 40 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। गुजरात की इस घटना में फैक्ट्री अवैध थी और ऐसा माना जा रहा है कि वहां विस्फोटक सामग्रियों का भंडारण और संचालन बिना किसी सुरक्षा मानक के किया गया। </p>
<p>पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन जैसे पोटैशियम नाइट्रेट, सल्फर और एल्यूमीनियम पाउडर बेहद ज्वलनशील होते हैं। इनका असुरक्षित इस्तेमाल या भंडारण छोटी-सी चिंगारी को भी विनाशकारी विस्फोट में बदल सकता है। मजदूरों को इन खतरनाक सामग्रियों को संभालने की कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई थी और संभवत वहां अग्निशमन उपकरण या आपातकालीन निकास भी नहीं थे। यह हादसा सुरक्षा नियमों की अनदेखी और अवैध संचालन का नतीजा है। त्योहारों के मौसम में पटाखों की मांग बढ़ने से उत्पादन का दबाव बढ़ता है और मालिक मुनाफे के लिए सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। मारे गए मजदूर गरीब और अशिक्षित थे, जिनके पास रोजगार के सीमित विकल्प थे, जो सामाजिक और आर्थिक असमानता को उजागर करता है। देश में विस्फोटक नियम 2008 इस उद्योग को नियंत्रित करने वाला प्रमुख कानून है, जो विस्फोटक अधिनियम 1884 के तहत बनाया गया। यह नियम पटाखों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के लिए विस्तृत दिशानिर्देश देता है। इसके तहत फैक्ट्रियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य है, जिसमें विस्फोटक की मात्रा, भंडारण की जगह और सुरक्षा उपायों का उल्लेख है। नियमों में यह भी प्रावधान है कि खतरनाक सामग्रियों को संभालने वाले मजदूरों को प्रशिक्षित किया जाए और फैक्ट्रियों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और उचित दूरी के मानक पूरे किए जाएं। गुजरात की घटना में इन नियमों की पूरी तरह अनदेखी हुई, क्योंकि फैक्ट्री अवैध थी और किसी भी मानक का पालन नहीं किया गया। यह नियम सैद्धांतिक रूप से मजबूत है, लेकिन इसका जमीनी कार्यान्वयन कमजोर है। </p>
<p>लाइसेंसिंग में भ्रष्टाचार, नियमित निरीक्षण की कमी और सजा में देरी इसकी प्रभावशीलता को कम करती है। हादसों के बाद मजदूरों को मिलने वाली सहायता अक्सर नाकाफी होती है। आमतौर पर राज्य सरकारें मृतकों के परिवारों को 2-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार से 1 लाख रुपये देती हैं। यह राशि परिवारों की आजीविका के लिए पर्याप्त नहीं है, खासकर जब मजदूर अकेले कमाने वाले हों। मुआवजा नीतियों में सुधार जरूरी है, क्योंकि वर्तमान व्यवस्था में देरी और असमानता रहती है। अवैध फैक्ट्रियों के मालिकों से मुआवजा वसूलना मुश्किल होता है, जिससे सरकार पर बोझ पड़ता है। मजदूरों के अधिकारों के लिए एक मानकीकृत नीति चाहिए, जिसमें तत्काल सहायता, चिकित्सा और पुनर्वास शामिल हो। सरकार और कंपनियां इस दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठा रही हैं। </p>
<p>ज्यादातर फैक्ट्रियां असंगठित क्षेत्र में हैं, जहां मजदूरों का बीमा या सामाजिक सुरक्षा नहीं होती। कानूनी सख्ती का असर भी सीमित है। विस्फोटक नियम 2008 के तहत उल्लंघन पर सजा का प्रावधान है, लेकिन कुछ ही मामलों में कार्रवाई हुई है। लिहाजा अवैध फैक्ट्रियां और नियमों की अनदेखी बदस्तूर जारी है। ज्यादातर मामलों में सजा में देरी होती है या मुआवजा देकर मामला खत्म कर दिया जाता है। कानूनी प्रक्रिया को तेज और कठोर बनाने की जरूरत है, ताकि मालिकों में जवाबदेही आए। सरकार की मौजूदा नीतियां इस समस्या से निपटने में कमजोर हैं। विस्फोटक नियम 2008 के अलावा हाल के वर्षों में कोई नई राष्ट्रीय नीति या दिशा-निर्देश लागू नहीं हुए। पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन इस उद्योग पर निगरानी रखता है, लेकिन इसके पास कर्मचारियों और संसाधनों की कमी है। देश भर में हजारों फैक्ट्रियों की तुलना में इसके पास तकनीकी अधिकारी नगण्य हैं,  जिससे प्रभावी निरीक्षण नहीं हो पाता। </p>
<p>पीईएसओ की  भूमिका को मजबूत करने के लिए स्टाफ बढ़ाना, डिजिटल निगरानी शुरू करना और स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल जरूरी है। एक राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की जरूरत है, जिसमें नियमित ऑडिट, मजदूरों की ट्रेनिंग और अग्निशमन उपकरण अनिवार्य हों। हादसों को रोकने के लिए तकनीकी सुधार भी जरूरी हैं। कुछ जगहों पर कम ज्वलनशील रसायनों और स्वचालित मशीनों का इस्तेमाल शुरू हुआ है, जिससे जोखिम कम हुआ है। ऐसी तकनीकों को देश भर में लागू करना चाहिए। समाज की भूमिका भी अहम है। पटाखों की मांग कम करने से उत्पादन का दबाव घटेगा। यह सिर्फ नियमों का मसला नहीं, बल्कि उन परिवारों की जिंदगी का सवाल है जो एक पल में उजड़ जाते हैं। समय आ गया है कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।</p>
<p><strong>-देवेन्द्रराज सुथार</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 12:17:08 +0530</pubDate>
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                <title>कौशांबी:पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, चार की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र में रविवार को एक मकान में चल रही पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लग जाने से हुए भयानक विस्फोट से पूरा मकान ध्वस्त हो गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/four-killed-in-explosion-in-kaushambi-firecracker-factory/article-71135"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/blast-2.png" alt=""></a><br /><p>कौशांबी। उत्तर प्रदेश में कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र में रविवार को एक मकान में चल रही पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लग जाने से हुए भयानक विस्फोट से पूरा मकान ध्वस्त हो गया। इस हादसे में फैक्ट्री  के अंदर 4 व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी जबकि कई अन्य मजदूर घायल हो गए।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार कोखराज थानाक्षेत्र में नगर पालिका परिषद भरवारी के वार्ड नंबर 17 खल्लाबाद मोहल्ले में यह हादसा हुआ। यहां का निवासी शराफत अतिशबाजी का धंधा करता है। कई वर्षों से गांव के किनारे पटाखा फैक्ट्री संचालित कर रहा है। आज लगभग  मजदूर फैक्ट्री के अंदर 24 से 25 मजदूर पटाखे  तैयार कर रहे थे इसी दौरान अचानक फैक्ट्री के अंदर आग लग गई और  झुलस कर चार लोगों की मृत्यु हो गई। </p>
<p>बताया जा रहा है कि विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री के आसपास के मकानों की दीवारें हिल गई और अफरातफरी मच गयी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की गाडियां मौके पर पहुंची। खबर लिखे जाने तक दमकमकर्मी आग पर काबू पाने के लिए मशक्कत कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव जिलाधिकारी राजेश राय सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Feb 2024 19:20:22 +0530</pubDate>
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