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                <title>महिला समानता दिवस विशेष : एक सच के तहफ्फुज के लिए  सबसे लड़ी हूं</title>
                                    <description><![CDATA[बोली: गिव-अप कभी न करें, समान सोच व अवसर मिले तो नजीर बनती है नारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/women-s-equality-day-special--i-fought-for-the-sake-of-a-truth/article-163929"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(2)65.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर हो या ग्रामीण अंचल, संकीर्ण सोच और बंदिशों के बंधन अब ढीले पड़ चुके हैं। महिला समानता दिवस का असली अर्थ बल्कि खुद को साबित करने के लिए 'समान अवसर' हासिल करना है। आज का समाज भी इस सच को सहर्ष स्वीकार कर रहा है कि नारी अब किसी की मोहताज नहीं, बल्कि समाज और धर्म की असली धुरी है।सशक्तिकरण की शुरुआत समानता से ही संभव है। जब तक समान सोच और समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक असली बदलाव नहीं आ सकता।</p>
<p><strong>समान सोच और अवसर से ही तय होगी महिला सशक्तिकरण की राह</strong><br />पुलिसिंग जैसे चुनौतीपूर्ण माने जाने वाले क्षेत्र में रूढ़िवादी धारणाओं (स्टीरियोटाइप) को तोड़ना एक बड़ा चैलेंज था। एक्स्ट्रा मेहनत और समर्पित कार्यशैली के बल पर ही उन्होंने इस क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। एसपी तेजस्विनी गौतम ने कहा कि समानता केवल महिलाओं का विषय नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सोच से जुड़ी प्रक्रिया है। महिलाओं को 'देवी' या 'सहनशीलता की मूरत' कहकर उन पर अतिरिक्त सामाजिक दबाव बनाने के बजाय उन्हें पुरुषों के समान देखा जाना चाहिए। आज भी महिलाओं को बराबरी के अवसर नहीं मिलते। जब तक घर और बच्चों की जिम्मेदारी का बोझ केवल महिला पर रहेगा, तब तक अवसरों की असमानता बनी रहेगी।<br /><strong>- तेजस्विनी गौतम, पुलिस अधीक्षक</strong></p>
<p><strong>चुनौतियों से न डरें, गिव-अप कभी न करें</strong><br />राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (फरफळउ) के कोटा आगार में कार्यरत गेराज प्रबंधक सुचिता गुप्ता की कहानी महिला सशक्तिकरण और अदम्य साहस की एक मिसाल है। सुुचिता ने बताया कि उनके लिए सबसे पहली चुनौती पुरुषों का वर्चस्व माने जाने वाले मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्षेत्र को चुना और 90 लड़कों की क्लास में महज 9-10 लड़कियों के बीच पढ़ाई पूरी करने के रूप में रही । इसके बाद ऑटोमोबाइल जैसे सरकारी क्षेत्र में वर्कशॉप मैनेजर (गेराज प्रबंधक) के पद पर काम करना है। महिलाओं की कार्यक्षमता को लेकर बनी पारंपरिक रूढ़िवादी सोच को तोड़ना और खुद को हर कदम पर साबित करना उनके लिए एक दोहरी चुनौती रही।<br /><strong>- सुचिता गुप्ता, गेराज प्रबंधक (राजस्थान रोडवेज, कोटा)</strong></p>
<p><strong>तुलना नही अवसर की बात होनी चाहिए</strong><br />उदयपुर मूल की 59 वर्षीय वरिष्ठ शिक्षाविद आशा शर्मा (ट.रू., ट.ए.ि) पिछले करीब चार दशकों से शिक्षा जगत के माध्यम से समाज को दिशा दे रही हैं। वे कहती हैं कि महिलाओं को खुद को 'बेचारी' समझना बंद करना होगा। उन्हें किसी विशेष छूट की बैसाखी नहीं, बल्कि अपनी योग्यता साबित करने के लिए समान अवसरों की आवश्यकता है। पुरुषों और महिलाओं की तुलना के बजाय दोनों की अलग-अलग क्षमताओं और सहनशीलता का सम्मान किया जाना चाहिए।<br /><strong>-आशा शर्मा (शिक्षाविद)</strong></p>
<p><strong>महिलाओं को बना रही स्वावलम्बन दिखा रही दिशा</strong><br />बी.ए. तक शिक्षित  पेशे से होम लोन काउंसलर  और फाइनेंस के क्षेत्र से जुड़ी हुई नीलम कहती हैं, समानता माँगने की नहीं, बल्कि अपने अधिकार और क्षमता से स्थापित करने की सोच है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (उअकळ) की विमेंस विंग कोटा के माध्यम से 150 से अधिक महिला उद्यमियों को एक मंच पर जोड़ा। कैट की नेशनल कन्वीनर के रूप में उन्होनें दिल्ली के 'भारत मंडपम' में आयोजित 'नारी वंदन' जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी कोटा की महिलाओं की भागीदारी करा चुकी हैं।<br /><strong>-नीलम विजय,होम लोन काउंसलर</strong></p>
<p><strong>पुनः शक्ति पूजन की ओर बढ़ रहा समाज</strong><br />महिला को समानता विषय पर वरिष्ठ महिला धर्मगुरु हेमा सरस्वती (महामंडलेश्वर) ने कहा कि अपवादों को छोड़ दें तो शिक्षित समाज अब नारी को धर्म, समाज और राष्ट्र की रीढ़ मानकर उसका पुराना गौरवशाली स्थान वापस लौटा रहा है। कभी पुरुषों के वर्चस्व वाले अखाड़ों और धार्मिक आयोजनों में भी अब महिलाओं को नेतृत्व मिल रहा है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण 70-72 वर्षों के इतिहास में पहली बार अनंत चतुर्दशी आयोजन समिति की कमान एक महिला अध्यक्ष को सौंपा जाना है। देश कुृरीतियों के दौर से निकलकर व्यवहारिक बदलाव की और बढ़ रहा है।<br /><strong>-हेमा सरस्मवती, महामंडलेश्वर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 15:26:50 +0530</pubDate>
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