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                <title>पैकेज्ड फूड में गड़बड़ी दिखे तो करें शिकायत, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी विक्रेता, त्योहारी सीजन में हाड़ौती के बाजारों में पैकेज्ड फूड की बढ़ रही मांग</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राहकों को खरीदा गया सामान खराब या एक्सपायरी डेट का मिलता है, तो वे इसकी शिकायत कर सकते हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-you-notice-any-defects-in-packaged-food--complain--guilty-vendors-will-not-be-spared/article-129936"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/44.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दीपावली त्योहारों पर कोटा शहर के बाजार चमक रहे हैं  हर गली, हर दुकान पर आकर्षक पैकिंग में बिस्किट, नमकीन, चिप्स, जूस, तेल, आटा, मावा और मिठाई के डिब्बे सजाए गए हैं। बाजारों में हर चमकती पैकिंग के अंदर की हकीकत हमेशा मीठी नहीं होती। हाल के महीनों में खराब या एक्सपायर्ड पैकेज्ड फूड को लेकर कोटा में शिकायतें बढ़ी हैं। सीएमएचओ टीम लगातार बाजारों, दुकानों, मेलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा मॉल्स में जांच अभियान चलाकर कार्रवाई करते रहते है। सीएमएचओ डॉ. नरेन्द्र नागर के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा टीम में संदीप अग्रवाल, चंद्रवीरसिंह जादौन लगातार शहर के प्रमुख बाजारों में रोजाना कार्रवाई कर रही है। जांच सैम्पल को भी तुरंत प्रयोगशाला में भिजवाकर रिपोर्ट को जल्द से जल्द मंगवाकर आरोपियों को उनके अंजाम तक पहुंचा रही है। इन कार्यवाही में  फूड्स पैकेट्स, स्नैक्स, दूध उत्पाद और तेल शामिल हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि पैकेज्ड फूड खरीदते समय उसकी मैन्युफैक्चरिंग व एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें और कोई गड़बड़ी दिखे तो तत्काल सीएमएचओ कार्यालय के कंट्रोल नंबर या हेल्प लाइन पर शिकायत करें।</p>
<p><strong>ये है कानून</strong><br />भारत में पैकेज्ड खाद्य पदार्थों को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 (एफएसएसएआइ एक्ट) और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 लागू हैं। इन कानूनों में सभी दायरे में आते हैं। इन कानूनों के तहत हर पैक्ड फूड आइटम पर स्पष्ट रूप से यह जानकारी होना जरूरी है।<br />- निर्माण तिथि <br />-  समाप्ति तिथि  ल्ल बैच नंबर<br />- निमार्ता का पता और लाइसेंस नंबर<br />- शाकाहारी या मांसाहारी प्रतीक</p>
<p><strong>ये होंगे जिम्मेदार</strong><br />- निर्माता और विक्रेता दोनों जिम्मेदार माने जाएंगे।  <br />- कंपनी पर 1 लाख से 10 लाख तक जुमार्ना <br />- लाइसेंस रद्द होने के भी प्रावधान</p>
<p><strong>कंपनीज की यह है जिम्मेदारी</strong><br />- पैकेजिंग और स्टोरेज सही रखे जाएं।<br />-  एक्सपायर्ड या क्षतिग्रस्त प्रोडक्ट बाजार में न जाएं।<br />- दोषपूर्ण पैक मिलने पर ग्राहक को रीप्लेसमेंट या रिफंड का विकल्प दे।</p>
<p><strong>यह है ग्राहक के पास विकल्प</strong><br />- राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच)<br />1800-11-4000 या 14404<br />- एनसीएच ऐप पर शिकायत दर्ज करें। आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, और कंपनी को जवाब देने की बाध्यता होगी।</p>
<p><strong>आॅनलाइन पैक्ड फूड पर भी है नियम </strong><br />- आॅनलाइन प्लेटफॉर्म को केवल लाइसेंस प्राप्त ब्रांड्स का सामान बेचने की अनुमति है।<br />- अगर गलत, एक्सपायर्ड या नकली प्रोडक्ट डिलीवर होता है, तो जिम्मेदारी कंपनी और प्लेटफॉर्म दोनों की मानी जाती है।</p>
<p><strong>इसलिए नहीं कर पाते ग्राहक शिकायत</strong><br />- जानकारी का अभाव: लोग नहीं जानते कि शिकायत कहां करें।<br />- झंझट और देरी का डर: आॅनलाइन फॉर्म भरना या जवाब का इंतजार झंझट लगता है।<br />- छोटी रकम का सोचकर छोड़ देना: कई बार लोग सोचते हैं 50-100 की चीज पर क्या शिकायत करें।<br />- कंपनी की देरी: ग्राहक बार-बार फोन करता है, लेकिन जवाब नहीं मिलता।</p>
<p><strong>ये है उपभोक्ता के अधिकार</strong><br />- सुरक्षा का अधिकार: मिलावटी या दूषित भोजन से सुरक्षा।<br />- जानकारी का अधिकार: लेबल, तारीख और सामग्री की जानकारी।<br />- चयन का अधिकार: सही उत्पाद चुनने की स्वतंत्रता।<br />- सुनवाई का अधिकार: शिकायत दर्ज करने और सुनवाई पाने का हक।<br />- निवारण का अधिकार: नुकसान का मुआवजा पाने का अधिकार।<br />- शिक्षा का अधिकार: जागरूकता और जानकारी प्राप्त करने का अधिकार।</p>
<p><strong>ग्राहक भी सतर्क रहें</strong><br />यदि ग्राहकों को खरीदा गया सामान खराब या एक्सपायरी डेट का मिलता है, तो वे इसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है। शिकायत की पुष्टि होने पर संबंधित कंपनी का लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है। ग्राहक अपनी शिकायत सीएमएचओ कार्यालय, कोटा के कंट्रोल रूम नंबर 2329259 पर दर्ज करवा सकते हैं। त्योहारों के समय ग्राहकों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।<br /><strong>- डॉ. नरेंद्र नागर, सीएमएचओ, कोटा</strong></p>
<p><strong>एक्सपर्ट व्यू एक्सपायरी डेट प्रोडक्ट्स से दुकानदार भी परेशान: सुखेजा</strong><br />कंपनियों द्वारा एक्सपायरी डेट के प्रोडक्ट बाजार में भेजे जाने से न केवल ग्राहकों को परेशानी होती है बल्कि दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। ग्राहक शिकायत लेकर सीधे दुकानदार के पास पहुंचते हैं, जबकि दुकानदार को आगे कंपनी से संपर्क कर समाधान कराना पड़ता है। कोटा के सीएमएचओ तथा खाद्य निरीक्षक को समय-समय पर कंपनियों को पाबंद करना चाहिए ताकि एक्सपायरी डेट का माल बाजार में न पहुंचे। यह जिम्मेदारी सबकी है कंपनी, दुकानदार और प्रशासन तीनों को मिलकर एक्सपायरी माल को रोकना चाहिए। कंपनियों को भी चाहिए कि वे एक्सपायरी डेट का सामान दुकानदार के न पहुंचे। अगर गलती से भेज दिए गए हों तो उन्हें तुरंत वापस लें। उन्होंने कहा कि छोटे दुकानदारों को इस स्थिति में सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान होता है, इसलिए ग्राहकों के साथ-साथ कंपनियों को भी जागरूक रहना चाहिए। -जयदेव सुखेजा, राजस्थान खुदरा किराणा विक्रेता संघ  के प्रदेश मंत्री एवं मीडिया प्रवक्ता</p>
<p><strong>रोजाना कर रहे जांच</strong><br />त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए रोजाना सीएमएचओ डॉ. नरेन्द्र नागर के निर्देशन रेलवे स्टेशन, दशहरा मेला, बस स्टैंड, सब्जी मंडी तथा शहर की कई प्रमुख जगहों पर रोजाना खाद्य पदार्थों को चेक किया जा रहा है। वहीं एक्सपाइयरी सामान मिलने पर तुरंत नष्ट भी करवा रहे है। वहीं ग्राहकों की शिकायत मिलने पर भी कार्यवाही करते है। वहीं गड़बड़ी की आशंका के चलते जांच के नमूने लेकर प्रयोशाला में भी भिजवा रहे है।<br /><strong>- संदीप अग्रवाल, खाद्य निरीक्षक, सीएमएचओ कार्यालय, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Oct 2025 14:29:54 +0530</pubDate>
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                <title>साप्ताहिक हाट बाजार में जाम बना राहगीरों की मुसीबत</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य मार्ग पर आए दिन लगने वाले इस जाम से लोग काफी परेशान हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/jam-in-the-weekly-market-has-become-a-problem-for-the-passersby/article-81057"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/saptahik-hat-bazaar-bna-rahgiro-ki-musibat...panwar,-jhalawar-news-10-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>पनवाड़। पनवाड़ क्षेत्र के हरिगढ़ में पनवाड़ बाघेर सड़क मार्ग पर लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार में फुटकर सब्जी विक्रेता,हाथ ठेलो वालों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है, जिसके कारण सुबह से शाम तक राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण बंटी बंजारा, महावीर, सुरेश, सागर, हरलाल, टिंकू,कमलेश सहित अन्य ने बताया कि कस्बे में शुक्रवार को साप्ताहिक हाट का आयोजन होता है जिसमे फल सब्जी एवं अन्य विक्रेता मैन मार्केट में बाघेर - पनवाड़ सड़क मार्ग पर दोनो ओर अपनी दुकानें लगाते है और मार्ग के दोनो ओर ठेले वाले जगह जगह सड़क किनारे खड़े रहते है। इसके अलावा बाजार में खरीदारी करने आए लोगों ने अपनी बाइकों को मुख्य मार्ग के किनारे आड़ा-तिरछा खड़ा कर देते है, इसके कारण सारा दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। मुख्य मार्ग पर आए दिन लगने वाले इस जाम से लोग काफी परेशान हैं। जिसके कारण यातायात बाधित होने पर जाम की स्थिति बन जाती हैं और आवाजाही मुस्किल हो जाती है इससे यहा से गुजरने वाले लोगो को दिक्खतो का सामना करना पड़ रहा है। इन फुटकर विक्रेताओं को हाट में सब्जी फल फ्रूट की दुकानें लगाने के लिए ग्राम पंचायत द्वारा तोलानी राशि की वसूली ली जाती है इसके बावजूद गांव में सब्जी मंडी परिसर होने के बाद भी ग्राम पंचायत की उदासीनता के कारण लोगो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्येक शुक्रवार को सड़क किनारे दुकानें लगने से स्थानीय लोगो के अलावा स्कूल आने जाने वाले छोटे बच्चो को लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं सड़क पर ही आवारा पशु घूमते है, सड़क पर बिक रही सब्जी एवं खाने पीने के सामानों पर मुंह मारते के फिराक में रहते है कभी कभी आवारा घूमने वाले पशुओं को दुकानदारों द्वारा खदेड़े जाने पर दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। यही नहीं कभी कभी हाट बाजार में बड़े वाहनों की आवाजाही पर लड़ाई झगडे की नौबत आ जाती है इसके लिए ग्रामीणों ने हाट बाजार को बाघेर पनवाड़ मार्ग से हटाकर सब्जी मंडी परिसर में लगाए जाने की ग्राम पंचायत से गुहार लगाई है। </p>
<p>हाट बाजार में यातायात व्यवस्था सही नहीं होने के कारण जाम लग जाता है, जिससे परेशानी होती है।<br /><strong>- गायत्री गुर्जर, ग्रामीण </strong></p>
<p>सड़क पर आड़े तिरछे वाहन लोग खड़े कर देते है , जिससे भी रास्ते पर भीड लग जाती है।<br /><strong>- घनश्याम, ग्रामीण</strong> </p>
<p>साप्ताहिक हाट बाजार में आवारा मवेशी सब्जियां उठाकर ले जाते है कई बार तो मवेशियों की लडाई में आमजन भी दुर्घटना का शिकार हो जाते है। <br /><strong>- बद्रीलाल बंजारा, ग्रामीण </strong></p>
<p>हाट बाजार की समस्या के बारे में ग्रामीणों ने अवगत कराया था, दो चार दिन में बैठक कर सभी से प्रस्ताव लेकर हाट बाजार को सब्जी मंडी में शिफ्ट कर दिया जाएगा । <br /><strong>- भवानी शंकर बैरवा, सरपंच हरिगढ़ ग्राम पंचायत</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 18:35:13 +0530</pubDate>
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                <title>स्मार्ट सिटी कोटा में आज भी सड़कों पर लग रही सब्जी मंडियां</title>
                                    <description><![CDATA[रोज शाम होते ही सब्जियों के ठेले नुक्कड़ चौराहों पर जमने लग जाते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-today--vegetable-markets-are-being-set-up-on-the-roads-in-smart-city-kota/article-78463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/smart-city-kota-me-aaj-bhi-sadako-pr-lg-rhi--sbzimandi...kota-news-18-05-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर भारत की स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल है, लेकिन कई इलाके आज भी स्मार्ट नहीं बन पाए हैं। शहर के इन इलाकों में आज भी सब्जी मंडी सड़कों पर लग रही है। नतीजन मुख्य सड़कों पर लगने वाली इन मंडियों के कारण लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। स्मार्ट सिटी का तमगा लिए कोटा शहर रोजमर्रा की चीजों के बाजार के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं बना पा रहा है। रोज शाम होते ही सब्जियों के ठेले नुक्कड़ चौराहों पर जमने लग जाते हैं। ऐसे में सब्जी विक्रेताओं के लिए व्यवस्थित मंडी बना दी जाए तो लाखों लोगों को परेशानी से निजात मिल सकती है। </p>
<p><strong>कुन्हाड़ी से लेकर केशवपुरा तक सड़क पर सब्जी मंडी</strong><br />शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक सड़क पर ही मंडियां लग रही हैं। कुन्हाड़ी में रोज शाम को सब्जी विक्रेता अपने ठेले खड़े कर लेते हैं जिससे कोटा बूंदी मार्ग पर जाने वाले वाहनों को रेंगते हुए चलना पड़ता है। इसी तरह बोरखेड़ा चौराहे पर भी रोज शाम को सब्जी मंडी सज जाती है। जबकि बोरखेड़ा चौराहा शहर के सबसे व्यस्तम चौराहों में से एक है, जहां से बारां के लिए हजारों वाहन निकलते हैं। वहीं नए कोटा के केशवपुरा और संतोषी नगर चौराहे के भी समान हालात हैं। केशवपुरा चौराहे से तीन बत्ती और संतोषी नगर चौराहे की ओर जाने वाले मार्ग पर होनों तरफ सब्जी के ठेले लगे रहते हैं। कोचिंग एरिया में होने के कारण इस इलाके में देर रात तक वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में रोज हजारों वाहनों के गुजरने और सब्जी के ठेलों के कारण यहां हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है।</p>
<p><strong>विज्ञान नगर में मंडी के बाहर लगते ठेले</strong><br />शहर के विज्ञान नगर क्षेत्र में सब्जी मंडी तो मौजूद है लेकिन वो अब छोटी पड़ने लगी है। यहां दुकानें होने के बावजूद भी सब्जी वाले अपने ठेले मंडी के बाहर खड़े कर रहे हैं। जो आने जाने वलों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। वहीं औद्योगिक क्षेत्र में भी समान हालात हैं। औद्योगिक क्षेत्र में एक मात्र सब्जी मंडी डीसीएम में मौजूद है। जिसकी क्षमता क्षेत्र की आबादी के अनुसार बहुत कम है वहीं इस इलाके में नई सब्जी मंडी को लेकर कई सालों से मांग चल रही है। लेकिन प्रशासन जमीन न होने की बात कह कर टाल देता है। इसके अलावा अनंतपुरा में निगम द्वारा सब्जी मंडी तो बना दी लेकिन अभी तक उसमें दूकानों का आवंटन नहीं किया जिससे मंडी की जगह होने के बाद भी सब्जी के ठेले सड़क पर लग रहे हैं।</p>
<p><strong>पूरानी के साथ नई कॉलोनियों में हो मंडी की जगह</strong><br />शहर की लगभग सभी कॉलोनियों में सब्जी मंडी को लेकर अव्यवस्थाएं सामने आती हैं। ऐसे में निगम प्रशासन भविष्य में बनने वाली कॉलोनियों और बस्तियों में मंडियों के लिए अलग से स्थान होना सुनिश्चित करे। क्योंकि सब्जी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तु है। मंडियों में घूमने वाले आवारा जानवर कई बार लोगों को गंभीर रूप से घायल भी कर देते हैं। </p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br />इलाके में कहीं भी सब्जी मंडी के लिए व्यवस्था नहीं है। सब्जी विक्रेता सड़कों पर ही अपने ठेले जमा लेते हैं। जिसकी वजह से रोज जाम लग जाता है। निगम प्रशासन को मंडी के लिए व्यवस्था करनी चाहिए। <br /><strong>- जितेंद्र नामा, बोरखेड़ा</strong></p>
<p>औद्योगिक क्षेत्र में एकमात्र मंडी डीसीएम चौराहे पर ही है इसके अलावा पूरे क्षेत्र में कहीं भी मंडी नहीं है। जिससे यहां हर रोज शाम को जाम की स्थिति बन जाती है। कई बार मंडी में आवारा पशुओं ने लोगों पर हमले भी किए लेकिन स्थिति कोई बदलाव नहीं आता है।<br /><strong>- संजु जैन, डीसीएम</strong></p>
<p>मंडी के लिए कई बार निगम प्रशासन को बोला हुआ है, हर बार बनाने का खाली आश्वासन देते हैं। आगे कोई प्रक्रिया नहीं होती है। हमें भी सड़क पर अच्छा नहीं लगता लेकिन जगह नहीं होने से मजबूरन सड़क पर ही ठेले लगाने पड़ते हैं।<br /><strong>- संतोष बाई, सब्जी विक्रेता, केशवपुरा</strong></p>
<p>सड़क पर सब्जी बेचने वालों पर निरंतर कारवाई करते हैं, कई जगहों से मंडी बनाने की मांग आती है लेकिन जगह की कमी होने से मंडी का निर्माण नहीं हो पाता। अब कॉलोनियां बनाते समय दुकानें देने लगे हैं ताकि ऐसी समस्या न हो।<br /><strong>- अनुराग भार्गव, आयुक्त, नगर निगम उत्तर</strong></p>
<p>चौराहों और सड़क पर मंडी लगने की शिकायतें आती हैं उन पर कारवाई भी की जाती है। लेकिन ये वापस आ जाते हैं। मंडियों के लिए जमीन होने पर बनाने की पूरी कोशिश की जाएगी।<br /><strong>- सरिता, आयुक्त, नगर निगम दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 18 May 2024 15:34:00 +0530</pubDate>
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                <title>अवैध वेंडर का फैला कारोबार, बेखौफ बेच रहे प्रतिबंधित सामग्री</title>
                                    <description><![CDATA[यात्रियों की सेहत से खुलेआम हो रहे खिलवाड़ के बाद भी रेल प्रशासन और सुरक्षा कर्मी चुप्पी साधे बैठे हुए है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/illegal-vendors-are-spreading-their-business--selling-banned-items-without-any-fear/article-72054"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/train.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा मंडल के रेलवे स्टेशनों पर अवैध वेंडरों का कारोबार लगातार फैलता जा रहा है। इन पर अनवरत कार्रवाई नहीं होने से यह बेखौफ होकर प्रतिबंधित सामग्री बेच रहे है। वहीं गुणवत्ता युक्त सामग्री नहीं होने से यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे है। रेलवे प्रशासन के यात्रियों को गुणवत्ता युक्त और पोष्टिक आहार देने के दावे खोखले साबित हो रहे है। खास बात यह है कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को सुलभ और गुणवत्तापूर्व खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के स्टॉल संचालित किए जा रहे हैं। इसके बाद भी यात्रियों को गुणवत्ता विहीन खाद्य सामग्री मिल रही है। ये सामग्री कोई और नहीं बल्कि स्टेशन पर बिना अनुमति व्यापार करने वाले अवैध वेंडर उपलब्ध करा रहे हैं। फरवरी के पहले पखवाडे में रेलवे की ओर से कार्रवाई की गई जिसमें कई अवैध वेंडर पकड़े लेकिन कुछ दिन बाद ही फिर से यह सक्रिय हो गए है। लंबे समय से आरपीएफ और रेलवे के कॉमर्शियल विभाग द्वारा कार्रवाई न किए जाने के कारण इनका कारोबार एक बार फिर तेजी से फैल गया है। इन वेंडरों द्वारा अधिकृत स्टॉल से सामग्री बेचने की बजाय स्टेशन के आसपास की होटलों में बन रही सामग्री लाकर बेची जा रही है जिसकी जांच नहीं की जा रही। यात्रियों की सेहत से खुलेआम हो रहे खिलवाड़ के बाद भी रेल प्रशासन और सुरक्षा कर्मी चुप्पी साधे बैठे हुए है।</p>
<p><strong>आईआरसीटीसी से लाइसेंस होल्डर के अलावा अन्य बेच रहे सामग्री</strong><br />स्टेशन पर यात्रियों को नाश्ते से लेकर अन्य प्रकार की खाद्य सामग्री मुहैया कराने आईआरसीटीसी से लाइसेंस पर प्लेटफॉर्म पर स्टॉल दिए जाते हैं। इसके अलावा रेस्टॉरेंट तक संचालित किए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को शुद्ध गुणवत्ता युक्त खाद्य सामग्री मिल सके।</p>
<p><strong>स्टॉल पर भी बिना मानक की खाद्य सामग्री</strong><br />कोटा मंडल के प्लेटफॉर्म पर संचालित हो रहे स्टॉल पर तय मानक की खाद्य सामग्री बेचने का प्रावधान है लेकिन  कोटा मुख्य स्टेशन के साथ ही आसपास संचालित हो रहे स्टेशनों पर जो खाद्य सामग्री बेची जा रही है वो कहां से आ रही है, रेलवे अधिकारियों को भी यह नहीं मालूम होता। मुख्य स्टेशन के अधिकांश स्टॉल्स पर स्टेशन के बाहर संचालित हो रहे होटल से खाद्य सामग्री पहुंच रही है, जिसकी गुणवत्ता की कभी जांच ही नहीं होती। इस तरह यात्रियों को बिना जांच व मानक के गुणवत्ताविहीन खाद्य सामग्री बेची जा रही है।<br /><strong>- अभिषेक गुप्ता, यात्री कोटा</strong></p>
<p><strong>ट्रेन आते ही दौड़ पड़ते हैं अवैध वेंडर</strong><br />कोटा मंडल के प्लेटफॉर्म पर जब दूर-दराज की ट्रेने पहुंचती हैं, तब अवैध वेंडरों की भीड़ आ जाती है। जो चाय, नाश्ता, कचोरी, समोसा लेकर पहुंच जाते है। ट्रेन आउटर से प्लेटफार्म पर प्रवेश के दौरान ही यह अवैध वेंडर ट्रेन में चढ जाते है।  ट्रेनों में खाद्य सामग्री बेचकर रफूचक्कर हो जाती है। इसके अलावा जिन स्टॉल्स पर वेंडरों की संख्या निर्धारित की गई वहां भी स्टॉल संचालकों द्वारा निर्धारित संख्या से अधिक वेंडरों को स्टेशन पर लगाया जा रहा है। इन सब के बावजूद भी रेलवे के अधिकारियों व सुरक्षा कर्मियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। <strong> - रामचरण वैष्णव, यात्री</strong></p>
<p><strong>ड्रेस कोड होने बाद भी नहीं पहनते ड्रेस</strong><br />रेलवे की ओर से अधिकृत वेंडर को ड्रेस कोड और शर्ट पर नेम प्लेट लगानी होती लेकिन स्टेशनों पर बिना ड्रेस पहने ही वेंडर सामग्री बचते है। ऐसे में वैध और अवैध वेंडर में यात्री पहचान नहीं हो पाती है। अवैध वेंडर से खाद्य सामग्री खरीदकर अपना पेट खराब कर हो जाता है।<br /><strong>- विशाल गर्ग, यात्री</strong></p>
<p><strong>पेटीकार खाना भी नहीं मिलता शुद्ध</strong><br />राजधानी एक्सप्रेस में टायलेट गंदे है। पेटीकार की खाद्य सामग्री भी गुणवत्ता युक्त नहीं पुराने आटे की रोटियां दी जाती है।  सुबह तैयार चावल शाम को दे दिए जाते है। इनकी शिकायत करने के लिए दिए टोल फ्री नंबर ट्रेन में लगते ही नहीं है।<br /><strong>- निशा वर्मा, यात्री</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कोटा मंडल में अवैध रूप से खाद्य सामग्री बेचने वालों पर अनवरत कारवाई जा रही है। लगातार अभियान चलाकर इन कार्रवाई हो रही है।  लाइसेंस होल्डर वेंडर की खाद्य सामग्री की जांच कर अमानक पाए जाने पर उसको नष्ट कराया जाता है। <br /><strong>- रोहित मालवीय, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कोटा  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Mar 2024 17:48:23 +0530</pubDate>
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