<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/social-service/tag-44089" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>social service - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/44089/rss</link>
                <description>social service RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रक्तदान और जांच शिविर का आयोजन: सिविल लाइंस विधायक  गोपाल शर्मा ने ब्लड डोनर्स को प्रशस्ति-पत्र देकर किया सम्मानित</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[देवी नगर में आयोजित शिविर में 40 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने रक्तदाताओं को सम्मानित किया। शिविर में शुगर, ईसीजी और थायरॉयड की निशुल्क जांच के साथ दवाइयां वितरित की गईं। इस दौरान चिकित्सा और मीडिया क्षेत्र की हस्तियों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी नवाजा गया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/civil-lines-mla-honored-blood-donors/article-146596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/gopal-sharam.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर में न्यू सांगानेर रोड स्थित देवी नगर में रविवार को रक्तदान और जांच शिविर का आयोजन हुआ। इस दौरान सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया और उन्हें प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।</p>
<p>मानव समाज सेवा संस्थान अध्यक्ष डॉ. मुकेश गुप्ता ने बताया कि सुबह 9 से 2 बजे तक कैंप का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक की मदद से 40 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। कैंप में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, थायरॉयड, बीएमडी और ईसीजी समेत जांचें की गईं। वहीं दवाइयों का भी वितरण किया गया।यह शिविर इंडियन इंस्टीट्यूट आफ़ होम्योपैथिक फिजिशियंस,राज आँगन फाउंडेशन,ढंड डायबिटीज एसोसिएशन व श्री वार्ष्णेय वैश्य स्पोर्ट्स क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।</p>
<p>कैंप में डॉ. मुकेश गुप्ता, डॉ. अशोक लादुना, डॉ. महेश सिंघल, डॉ. दीप शिखा अग्रवाल, डॉ. विनोद शर्मा, डॉ. अमिता अग्रवाल, डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ. सुनीता जैन, डॉ. अभिनव शर्मा, डॉ. मोहम्मद अमान और डॉ. मोहम्मद अब्बास ने अपनी सेवाएं दीं। वहीं एक्सपर्ट लैब के डायरेक्टर जय करण चारण ने ईसीजी और थायरॉयड की जांच निशुल्क की। कैंप में मरीजों को होम्योपैथिक एवं एलोपैथिक दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इस दौरान आशीष पोरवाल, विजय सैनी,शोर्य शर्मा,विपिन गुप्ता अर्पिता माथुर,इशिता बिंद्रा, डॉ ओम बालोदिया,बिजय गुप्ता,एनएल भाटिया, चेतन गोस्वामी, राकेश गर्ग, प्रदीप यादव आदि मौजूद रहे। इस दौरान स्वास्थ्य एवं मीडिया के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालो को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/civil-lines-mla-honored-blood-donors/article-146596</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/civil-lines-mla-honored-blood-donors/article-146596</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 17:26:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/gopal-sharam.png"                         length="1110167"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गहलोत ने दिल्ली पहुंचकर एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ को दी बधाई : संगठन को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने का किया आह्वान, कहा- सेवा की भावना ही राजनीति का मूल मंत्र </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई दिल्ली में एनएसयूआई के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। गहलोत ने राजनीति में 'संघर्ष, संगठन और सेवा' के महत्व पर जोर देते हुए युवाओं को ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ छात्र हितों की आवाज बुलंद करने हेतु प्रेरित किया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gehlot-reached-delhi-and-congratulated-nsui-president-vinod-jakhar/article-145050"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/vinod-jakhar.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने रविवार को एनएसयूआई राष्ट्रीय कार्यालय नई दिल्ली पहुंचकर एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की। इस अवसर पर उन्होंने संगठन को और अधिक सशक्त, सक्रिय एवं प्रभावी बनाने का आह्वान किया।</p>
<p>गहलोत ने कहा कि संघर्ष, संगठन और सेवा की भावना ही राजनीति का मूल मंत्र है। उन्होंने युवाओं को ईमानदारी, मेहनत और प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा के पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा शक्ति के सहयोग और समर्पण से एनएसयूआई नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगी तथा छात्र हितों की आवाज़ को और अधिक मजबूती से उठाएगी।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gehlot-reached-delhi-and-congratulated-nsui-president-vinod-jakhar/article-145050</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gehlot-reached-delhi-and-congratulated-nsui-president-vinod-jakhar/article-145050</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 18:14:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/vinod-jakhar.png"                         length="683439"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिंक रत्न सम्मान समारोह का भव्य आयोजन, 151 बेटियों और महिलाओं को ‘पिंक रत्न’ से किया सम्मानित</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[बेटी फाउंडेशन क्लब द्वारा राज आंगन रिसॉर्ट में आयोजित समारोह में 151 महिलाओं को 'पिंक रत्न' से सम्मानित किया गया। साथ ही समाज सेवा के लिए 31 भामाशाहों का भी अभिनंदन हुआ।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/grand-event-of-pink-ratna-award-ceremony-151-daughters-and/article-144282"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/pink-ratan.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। महिला सशक्तिकरण और समाज सेवा के उद्देश्य से कार्यरत बेटी फाउंडेशन क्लब द्वारा जयपुर के राज आँगन रिसॉर्ट में ‘पिंक रत्न सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, कला, खेल, व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली 151 बेटियों और महिलाओं को ‘पिंक रत्न’ सम्मान से नवाजा गया।</p>
<p>इसके साथ ही समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 31 भामाशाहों का भी विशेष सम्मान किया गया। वक्ताओं ने बेटियों को समान अवसर देने और उन्हें आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। आयोजन का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और प्रतिभाशाली महिलाओं को प्रोत्साहित करना रहा। समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/grand-event-of-pink-ratna-award-ceremony-151-daughters-and/article-144282</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/grand-event-of-pink-ratna-award-ceremony-151-daughters-and/article-144282</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 18:28:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/pink-ratan.png"                         length="989554"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनएसएस विद्यार्थियों ने किया नेडलिया गांव का भ्रमण: किसानों और विद्यार्थियों से साझा की नई तकनीक</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[मदस विश्वविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों ने नेडलिया गांव में स्वच्छता रैली निकाली और स्कूली बच्चों को खेल व योग सिखाया। उन्होंने किसानों के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों पर भी चर्चा की।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/nss-students-visited-nedalia-village-and-shared-new-technology-with/article-143973"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/scaled_1002047738.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रथम, द्वितीय व तृतीय इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस शुक्रवार को नेडलिया गांव का भ्रमण किया। वहां स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता रैली का स्वयंसेवकों ने आयोजन किया। कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर मोनिका भटनागर ने बताया कि स्वयंसेवकों ने नेडलिया गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में स्वयंसेवकों द्वारा कार्ड सीट के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा के छात्र-छात्राओं को शिक्षक द्वारा ज्ञान से परिपूर्ण किया। </p>
<p>स्वयं सेवकों ने कार्ड सीट पर दिशाओं का ज्ञान प्रदान किया। स्वयं सेवकों ने गणित के छोटे-छोटे सूत्रों के माध्यम से जोड़, बाकी ,गुणा व भाग करना सिखाया। सामाजिक विज्ञान की जानकारी प्रदान की। विद्यालय के छात्र छात्राओं का उत्साह वर्धन करते हुए उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों पर पारितोषिक भी प्रदान किया गया। स्वयंसेवकों के एक अन्य समूह ने छोटे बच्चों को प्रतिदिन काम में आने वाले योग अभ्यास करवाएं तथा एक अन्य समूह ने छात्र-छात्राओं को शारीरिक पुष्टि के लिए खेल भी खिलाएं। स्वयंसेवकों ने ग्रामीण व कृषि क्षेत्र का भ्रमण कर कृषि क्षेत्र से संबंधित जानकारियां प्राप्त की तथा कुछ नई तकनीकियों के बारे में भी स्वयंसेवकों ने किसानों से अपने विचार साझा किये।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/nss-students-visited-nedalia-village-and-shared-new-technology-with/article-143973</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/nss-students-visited-nedalia-village-and-shared-new-technology-with/article-143973</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 17:07:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/scaled_1002047738.jpg"                         length="52082"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संघ के 100 वर्ष में छवि और हकीकत के बीच रहा अंतर, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण : नितिन गडकरी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[नितिन गडकरी ने फिल्म 'शतक: संघ के 100 वर्ष' का समर्थन करते हुए इसे आरएसएस की विचारधारा समझने का माध्यम बताया। यह फिल्म 20 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-gap-between-image-and-reality-in-the-100-years/article-143607"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/nitin-gadkari.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को राष्ट्र निर्माण और मूल्यों पर आधारित विकास पर अपने विशेष ध्यान के लिए जाना जाता है। हाल ही में जारी एक वीडियो के जरिए उन्होंने फिल्म शतक: संघ के 100 वर्ष देखने की अपील की है। उनके अनुसार इस फिल्म को देखकर लोग संघ को सही तरीके से समझ पाएंगे। नितिन गडकरी ने कहा, एक स्वयंसेवक के रूप में मुझे कई बार लगता है कि संघ की छवि और असलियत के बीच अंतर रहा है। </p>
<p>लोगों की धारणा और जमीन की सच्चाई अलग रही है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे संघ की विचारधारा को समझें, उसके त्याग, समर्पण और देशभक्ति की भावना को जानें। आदिवासी क्षेत्रों में सेवा, सहकारी संस्थाओं और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में संघ ने बड़ा काम किया है। लाखों स्वयंसेवकों का योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने आगे कहा, देश के विकास में संघ का बड़ा योगदान है। हमें देश के इतिहास के इस महत्वपूर्ण शतक के सफर को मिलकर मनाना चाहिए, संघ को समझना चाहिए और उसकी विचारधारा को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। मैं सभी से निवेदन करता हूं कि यह फिल्म जरूर देखें। </p>
<p><strong>हमारा लक्ष्य भारत को दुनिया में अग्रणी बनाना</strong></p>
<p>संघ के बारे में बात करते हुए गडकरी ने कहा, पिछले 100 वर्षों में आरएसएस ने लाखों युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण की भावना जगाई है। मुझे गर्व है कि मैं भी उन स्वयंसेवकों में से एक हूं जिन्हें यह प्रेरणा मिली है। अभी बहुत काम बाकी है और हमारा लक्ष्य भारत को दुनिया में अग्रणी बनाना है। सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक हर क्षेत्र में देश को आगे बढ़ाना है। गडकरी ने यह भी कहा, हम दलितों, वंचितों और गरीबों के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं। </p>
<p>हिंदुत्व न तो जातिवादी है और न ही सांप्रदायिक। यह किसी एक धर्म से जुड़ा नहीं है, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है। सभी धर्मों के लोग भारतीय हो सकते हैं। भारतीय पहचान हमारी संस्कृति, इतिहास और परंपरा से जुड़ी है। यही प्रेरणा हमें संघ से मिली है। शतक फिल्म संघ की विचारधारा, उससे जुड़ी गलतफहमियों, उसके सामाजिक कार्यों और पिछले 100 वर्षों की यात्रा को दर्शाती है। हाल ही में जारी किए गए इसके ट्रेलर को लेकर लोगों में काफी चर्चा है। यह फिल्म 20 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-gap-between-image-and-reality-in-the-100-years/article-143607</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-gap-between-image-and-reality-in-the-100-years/article-143607</guid>
                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 11:38:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/nitin-gadkari.jpg"                         length="30363"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भगवान महावीर के संदेश 'जीओ और जीने दो' को करेगें सार्थक: राजस्थान जैन सभा के तत्वावधान में मार्च माह में 108 स्थानों पर लगेगें स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, 2625 यूनिट रक्त एकत्रित करने का लक्ष्य</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[भगवान महावीर के 2625वें जन्म कल्याणक पर राजस्थान जैन सभा 108 रक्तदान शिविर आयोजित करेगी। मार्च के प्रत्येक रविवार को आयोजित इन शिविरों में 2625 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lord-mahavirs-message-live-and-let-live-will-be-meaningful/article-143538"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/jaipur.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जैन समाज का एक मात्र प्रादेशिक पंजीकृत प्रतिनिधि संगठन राजस्थान जैन सभा जयपुर के तत्वावधान में भगवान महावीर के 2625 वें जन्म कल्याणक महोत्सव (जन्म जयंती समारोह ) के अवसर पर  मानव सेवार्थ, धार्मिक एवं सामाजिक सेवा के कई कार्यक्रम किए जाएँगे। भगवान महावीर के 'जीओ और जीने दो' के सिद्धांत को सार्थक करने के लिए मार्च माह के प्रत्येक रविवार को- 01 मार्च से रविवार 29 मार्च के दौरान 108 स्थानों पर स्वैच्छिक रक्त शिविर आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p>सभा के अध्यक्ष सुभाष चन्द जैन एवं महामंत्री मनीष बैद ने बताया कि भगवान महावीर का 2625 वां जन्म कल्याणक महोत्सव के दौरान मानव सेवार्थ 108 स्थानों पर आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों में 2625 युनिट रक्त एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। </p>
<p>एकत्रित रक्त को जरुरतमंद रोगियों को नि:शुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा। इन रक्तदान शिविरों के बहुरंगीय पोस्टर का विमोचन एक सादा समारोह में दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के अध्यक्ष सुधान्शु कासलीवाल ने किया। इस मौके पर सभा के अध्यक्ष सुभाष चन्द जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप जैन, उपाध्यक्ष विनोद जैन कोटखावदा, महामंत्री मनीष बैद, रक्त दान शिविर मुख्य संयोजक राजीव पा सहित बडी संख्या में गणमान्य लोग शामिल हुए।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lord-mahavirs-message-live-and-let-live-will-be-meaningful/article-143538</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lord-mahavirs-message-live-and-let-live-will-be-meaningful/article-143538</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 15:51:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/jaipur.png"                         length="1283308"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निःशुल्क एक दिवसीय चिकित्सा शिविर का आयोजन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ लुनियावास गोनेर रोड स्थित बालकनाथ यात्रा को लेकर मंगलवार को निःशुल्क एक दिवसीय चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। आश्रम के बाबा बस्तीनाथ जी ने बताया कि शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और चिकित्सकों के स्वागत के साथ गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/organization-of-free-one-day-medical-camp-at-goner-road/article-142587"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(3)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लुनियावास गोनेर रोड स्थित बालकनाथ यात्रा को लेकर मंगलवार को निःशुल्क एक दिवसीय चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। आश्रम के बाबा बस्तीनाथ जी ने बताया कि शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और चिकित्सकों के स्वागत के साथ गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थय लाभ लिया। डॉ. लक्ष्य भार्गव तथा डॉ. अक्षय शर्मा की उपस्थिति में 130 से अधिक रोगियों को निःशुल्क दवाइयां, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।</p>
<p></p><video style="width:582px;height:291px;" src="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)1.mp4" controls=""></video>
<p>कार्यक्रम में कैलाश श्रीमाली, पूर्व विधायक कैलाश जटवाड़ा, ईश्वरचंद, प्रकाश मादरेचा, तुषार, योगेश, वार्ड पंच मदन लाल राव, लहर सिंह, गेमर सिंह, सुभाष, सुरेश कोठारी, कालीचरण सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इस तरह के जनसेवा कार्यक्रमों की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/organization-of-free-one-day-medical-camp-at-goner-road/article-142587</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/organization-of-free-one-day-medical-camp-at-goner-road/article-142587</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:21:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%283%299.png"                         length="1168707"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओडिशा में कोरेई की पूर्व विधायक संचिता मोहंती का निधन, सीएम मोहन चरण माझी और नवीन पटनायक ने जताया शोक</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[भाजपा की वरिष्ठ नेता और कोरेई से पूर्व विधायक संचिता मोहंती का 67 वर्ष की आयु में कैंसर से निधन हो गया। मुख्यमंत्री माझी और नवीन पटनायक ने उनके जनसेवा कार्यों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/former-korei-mla-sanchita-mohanty-passes-away-in-odisha-cm/article-137302"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/sanchita-mohanty.png" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता और जाजपुर के कोरेई क्षेत्र से पूर्व विधायक रहीं संचिता मोहंती का शुक्रवार सुबह भुवनेश्वर स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 67 वर्ष की थीं और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, मोहंती को एक सप्ताह पहले ही कैंसर की बीमारी का पता चला था। उनके पुत्र सत्यकाम मोहंती ने बताया कि गुरुवार रात वह अपने पोते के जन्मदिन समारोह में शामिल हुई, लेकिन शुक्रवार सुबह करीब 7:40 बजे वह अचानक अचेत होकर गिर गईं, जिसके बाद उनका निधन हो गया।</p>
<p>वर्ष 2004 से 2009 तक विधायक रहीं मोहंती को उनके क्षेत्र में स्थानीय विकास कार्यों के लिए जाना जाता है। उनके निधन पर प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गयी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उनके आवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने उन्हें याद करते हुए कहा, जाजपुर जिले में संगठन को मजबूत करने में उनका अतुलनीय योगदान रहा है।</p>
<p>विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जनसेवा और समाज के उत्थान के लिए किए गए मोहंती के कार्य सदैव याद रखे जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी सहित राज्य के कई मंत्रियों और विधायकों ने भी शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/former-korei-mla-sanchita-mohanty-passes-away-in-odisha-cm/article-137302</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/former-korei-mla-sanchita-mohanty-passes-away-in-odisha-cm/article-137302</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 14:28:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/sanchita-mohanty.png"                         length="1441917"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मारवाड़ी समाज भामाशाह के रूप में कर रहा समाज सेवा, मदन दिलावर ने की योगदान की सराहना</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[मदन दिलावर ने भुवनेश्वर में तेरापंथ सभा भवन में विभिन्न समाजों के स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए मारवाड़ी समाज की समाजसेवा और योगदान की सराहना की। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/madan-dilawar-appreciated-the-contribution-by-social-service-madan-dilawar/article-108315"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/copy-of-news-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने भुवनेश्वर में तेरापंथ सभा भवन में विभिन्न समाजों के स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए मारवाड़ी समाज की समाजसेवा और योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज न केवल व्यापार और उद्योग में अपनी सफलता का परचम लहरा रहा है, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहकर भामाशाह की भूमिका निभाते हुए शिक्षा, स्वच्छता और सामुदायिक विकास में भी योगदान दे रहा है।</p>
<p>तेरापंथ समाज के अध्यक्ष रंजीत सिंह ने मदन दिलावर की सराहना करते हुए कहा कि वे शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार कर रहे हैं और उनके उच्च विचार व समर्पण उन्हें समाज के लिए प्रेरणा पुंज बनाते हैं। उन्होंने दिलावर को राजस्थान का गौरव बताया।  </p>
<p>स्वागत समारोह के बाद मंत्री मदन दिलावर ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर पहुंचकर उनके पिता स्वर्गीय देवेन्द्र प्रधान को पुष्पांजलि अर्पित की और मंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की।</p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/madan-dilawar-appreciated-the-contribution-by-social-service-madan-dilawar/article-108315</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/madan-dilawar-appreciated-the-contribution-by-social-service-madan-dilawar/article-108315</guid>
                <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:38:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/copy-of-news-%284%292.png"                         length="366075"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ शिक्षिका की सरकारी नौकरी छोड़ समाज सेवा का उठाया बीड़ा। 
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/whatever-she-gets-on-the-path-of-struggle-is-also-right--that-is-also-right/article-92287"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रसन्ना भंडारी के विशाल आकाश में सुमन का खिलना कोई आसान काम नहीं था। यहां सास के विशाल आभा मंडल और समाज सेवा के समर्पण में सुमन रूपी फूल की पहचान बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है। लोगों को लगता है कि सुमन भंडारी  समाज सेविका प्रसन्ना भंडारी द्वारा तैयार की करणी विकास समिति, शिशु गृह, आश्रय, श्रद्धा वृद्धा आश्रम के  विरासत में मिले सेटअप को ही आगे बढ़ा रही है, ऐसा नहीं है। आकाश की कोई सीमा नहीं है ऐसे ही समाज सेवा के पथ पर चलना कोई आसान काम नहीं है। जो लोगों दिखता है वैसा होता नहीं उसके पीछे एक संघर्ष छिपा होता है जो सुमन को सुमन भंडारी बनाया है। आज से 39 साल पहले 1985 में पहली बार भंडारी परिवार में शादी करके आई तो यहां देखा की सासू मां नवजात बच्चों की देखभाल का एक बाल शिशु गृह स्वयंसेवी संस्था चला रही थी।  जब में इस घर में आई में सरकारी नौकरी में बतौर शिक्षिका थी। मैने देखा पूरा परिवार ही इन नवजात अनाथ बच्चों के लालन पालन में जुटा  है तो पहले तो मुझे अजीब लगा चहुंओर बच्चे ही बच्चे उनकी देखभाल में ससूरजी सासू मां के काम हाथ बंटा रहे है। बच्चों के डाइपर बदल रहे तो कोई पोटी साफ कर रहा है। पहले लगा यह क्या है। मैं जिस परिवेश से आई वहां के और ससुराल के माहौल में जमीन आसमान का अंतर था। मेरे पिता पुलिस में डिप्टी की पोस्ट पर थे। पूरा परिवार अनुशासन और पढ़ाई वाला था जबकि ससुराल में सारा उल्टा पति, सास, ससुर सभी समाज सेवा में लगे हुए थे। जब पहली बार शादी करके ससुराल आई तो वहां देखा की सासू मां के बेड पर पांच छह नन्हें शिशु सो रहे थे। एक बार लगा यह क्या है। फिर इसकी आदत हो गई मुझे यह सब करने में आनंद आने लगा। </p>
<p><strong>मेरी बेटी  भी घर में पल रहे छोटे बच्चों के बीच ही बड़ी हुई</strong><br />छोटे बच्चों की देखभाल और नौकरी करते के दौरान ही हमारे घर बेटी का जन्म हुआ। घर में पहले ही पांच बच्चे थे बेटी और आ गई तो परिवार बढ़ गया। अब एक साथ छह बच्चों को देखना होता तो कई बार बाकी बच्चों के साथ बेटी को सुला देती थी। कई बार बच्चो को गोद लेने के लिए लोग घर पर आते तो बच्चों के बीच सोई मेरी बेटी को ही पंसद करते उस समय मेरी सास कहती यह तो मेरी पौती है। तो लोग कहते तुम्हारी बहू को अनाथ बच्चों और अपनी बेटी कोई फर्क नहीं लगता है क्या? पता नहीं चला इन बच्चों के बीच कब मेरी बेटी बड़ी हो गई। मेरे दो बेटे एक बेटी लेकिन मैने अनाथ बच्चों मेरे बच्चों कोई फर्क नहीं किया। </p>
<p><strong>बीमार बच्ची को छोड़कर काउंसिंग करने गांव पहुंची</strong><br />एक दिन मुझे एक कैंप में जाना था बच्ची को छोटी माता निकली थी। सुबह 4 बजे निकलना था रात परेशान थी सास ने कहा तुम्हे कैंप में जाना जरूरी है। बच्ची को मैं देख लूंगी वो बेटी को अपने साथ सेंटर पर लेकर गई मन नहीं माना लेकिन कैंप में जाना जरूरी था बीमार बच्ची को छोड़कर समाज सेवा के कैंप में जाकर काउंसिंग की और देर रात घर लौटी। लोगों ने कहा जॉब छोड़ दो लेकिन परिवार वालों कभी मुझे नहीं कहा नौकरी छोड़ दो। मैने जॉब और परिवार में संतुलन बिठाना सीख लिया था। </p>
<p><strong>संयुक्त परिवार में नौकरी करना नहीं था आसान</strong><br />नौकरी करते हुए समाज सेवा करना आसान ही था। इसके लिए टाइम मैनेजमेंट करना पड़ता है। सुबह 5 बजे उठकर संयुक्त परिवार का नाश्ता खाना बनाना और फिर नौकरी पर जाना आसन नहीं था। जैन परिवार में सूर्य अस्त के बाद खाना नहीं खाते है शाम को स्कूल से आकर भरे पूरे परिवार का खाना बनना आसान नहीं था दिनभर की थकान और आते बिना साड़ी चेज किए किचन में घुसना और समय पर आठ दस लोगों के लिए खाना बनाना चुनौती था। उस पर छोटे बच्चों संभालने में माताजी मदद करना मेरे लिए आसन नहीं था लेकिन सास ने टाइम मैनेमेंट सिखाया तो सब आसान हो गया। </p>
<p><strong>अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए शादी के चार साल बाद छोड़ दी नौकरी</strong><br />प्रसन्ना भंडारी के शिशुगृह में बच्चों की संख्या बढ़ने लगी उस समय आया नहीं मिलती थी। माताजी के काम हेल्प कराने के बाद उन पर भार बढ़ रहा था। मेरा जॉब में ट्रांसर्फर होते रहते ऐसे में परिवार, समाज सेवा और छोटे बच्चों को संभालना आसान नहीं था। इसलिए मैंने सास के काम को आगे बढ़ाने की सोची और शादी के चार साल बाद 1989 सरकारी नौकरी छोड़ कर बच्चों की सेवा में जुट गई। उस समय करणी नगर विकास समिति स्थान पर फैमिली काउंसिलिग सेंटर चलता था। मैने एम ए अर्थशास्त्र में किया था। बीएड किया हुआ था। ससुरजी ने कहा इस काउंसिंग सेंटर चलाने के लिए तुम समाज शास्त्र या मनोविज्ञान में एमए कर लो बाल गृह मम्मी संभाल रही है तुम इस सेंटर को चलाना। तब मैने उदयपुर से एमएसडब्ल्यू किया और समाज शास्त्र में एमए किया और काउंसिलिंग का प्रशिक्षण लिया। 1990 में पूरी तरह इस संस्था से जुड़ गई। बच्चों पढ़ना, टूटे घरों को फिर से जोड़ना यही जीवन का लक्ष्य बन गया।  </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/whatever-she-gets-on-the-path-of-struggle-is-also-right--that-is-also-right/article-92287</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/whatever-she-gets-on-the-path-of-struggle-is-also-right--that-is-also-right/article-92287</guid>
                <pubDate>Fri, 04 Oct 2024 18:00:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-10/4427rtrer8.png"                         length="516269"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>JECRC के छात्र जुटे समाज सेवा में </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[हैड ऑफ डिपार्टमेंट, स्कूल ऑफ लॉ, डॉ. नमिता जैन ने बताया कि स्कूल ऑफ लॉ की मूट कोर्ट सोसायटी, जिसमें छात्र और शिक्षक शामिल हैं, हमारे छात्रों को व्यावहारिक कानूनी कौशल सिखाने में मदद करती है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jecrc-students-engaged-in-social-service%C2%A0/article-83493"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(8).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ के छात्रों ने कैंपस परे लीगल एड क्लिनिक के माध्यम से समाज सेवा कर रहे है। इस दौरान लोगों को उनके अधिकारों को समझाया और वहां के बच्चों की शिक्षा को समर्थन देने के लिए एक सामाजिक पुस्तकालय स्थापित किया। डीन, स्कूल ऑफ लॉ, प्रो. महेश कूलवाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च पढ़ाई और शोध के जरिए अच्छी कानूनी शिक्षा देना और समाज  में कानूनी जागरूकता फैलाना, जिस से की सभी को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक न्याय मिल सके। हैड ऑफ डिपार्टमेंट, स्कूल ऑफ लॉ, डॉ. नमिता जैन ने बताया कि स्कूल ऑफ लॉ की मूट कोर्ट सोसायटी, जिसमें छात्र और शिक्षक शामिल हैं, हमारे छात्रों को व्यावहारिक कानूनी कौशल सिखाने में मदद करती है।<br /><br /></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jecrc-students-engaged-in-social-service%C2%A0/article-83493</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jecrc-students-engaged-in-social-service%C2%A0/article-83493</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jul 2024 13:10:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/u1rer-%288%29.png"                         length="576466"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : महिलाएं यदि ठान ले तो बहुत कुछ कर सकती हैं</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[शिक्षा, साहित्य में नाम कमाया और समाजसेवा कर रही है नारी शक्ति ।  ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/international-women-s-day-special--women-can-do-a-lot-if-they-are-determined/article-72173"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/ph-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>बून्दी। कहा गया है कि जब व्यक्ति के दिल और दिमाग की सोच केंद्रित होकर विचार करती हैं तो सेवा का भाव प्रकट होने लगता है, फिर सकारात्मक सोच के साथ आम व्यक्ति भी सेवा के कार्य में जुड़ जाता है। धीरे धीरे यह कारवां बढ़़ता जाता हैं और लोग जुड़ते जाते है। इन सेवा कार्य से मिलने वाली आत्मसंतुष्टि ऐसे सेवाभावी लोगों को प्रतिदिन नई ऊर्जा प्रदान करती है। चाहे वह सेवा किसी प्राणी मात्र की हो, कला की हो या फिर साहित्य की हो। सेवा किसी भी रूप में हो सकती हैं, बस सेवा करने वाला शुद्ध व सात्विक मन से कसारातमक सोच से जुड़ा होना चाहिए। आज महिला दिवस पर आपको ऐसी महिलाओं से रूबरू करवा रहे हैं, जिन्होंने अपने गृहस्थ जीवन को साधते हुए सेवा के इस जज्बें को सार्थक किया। इन्होंने अपने व्यस्ततम समय में से कुछ समय निकाल कर सकारात्मक सोच के साथ सेवा के काय में संलग्न रही। जहां सुमित्रा ओझा अन्नपूर्णा की पर्याय बन क्षुधापीड़ितों की सेवा कर रही हैं, वहीं रेखा शर्मा शिक्षा व साहित्य और ऊषा शर्मा की संगीत की सेवा में शामिल हैं, तो अनुराधा ने तय किया आखर ज्ञान से डिजिटल लर्निंग तक का सफर।</p>
<p><strong>अन्नपूर्णा की पर्याय बनी  सुमित्रा ओझा</strong><br />ईश्वर जिस व्यक्ति को सेवा के लिए प्रेरित करता हैं, उसके अंतरात्मा में ही सेवा का जज्बा जगाता हैं और वहीं व्यक्ति सेवा के लिए समर्पित भी होता हैं। सेवा की इसी प्रेरणा से जुड़ी हुई हैं, 72 वर्षीय सेवानिवृत व्याख्याता सुमित्रा ओझा। पिछले 22 वर्षों से वह बून्दी शहर के खोजागेट स्थित गणेश मन्दिर परिसर में संचालित श्री गणपति सेवा आश्रम की संरक्षिका बन असहाय, निर्धन, निराश्रित व्यक्तियों को निशुल्क भोजन कराने की सेवा में संलग्न हैं। नौकरी के साथ इस सेवा कार्य में इन्हें कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ा। कहीं बार बच्चों की समस्या सामने अई तो कहीं बार विद्यालय की समस्याऐं, लेकिन इन्होंने अपने सेवा के व्रत को नहीं छोड़ा। वर्ष 2012 में  सेवानिवृति के बाद यह पूरी तरह से इस सेवा कार्य के प्रति समर्पित हो गई। श्री गणपति सेवा आश्रम में हर दिन हर दिन लगभग 50 से 80 असहाय व निर्धन लोग निशुल्क भोजन ग्रहण करते हैं। खासकर इन लोगों में मानसिक विमंदित भी शामिल हैं, जो अपने परिवार के साथ नहीं रहते। इनमें कुछ लोग ऐसे भी हैं जो काफी वृद्ध और असहाय हैं तो उनके लिए खाना टिफिन में पैक किया जाता है। सुमित्रा ओझा ने एक बच्ची को गोद लिया हुआ है, जिसके पिता की मौत हो चुकी है और मां लकवाग्रस्त है।  बच्ची पढ़ाई लिखाई आदि सभी आम जरूरतों का जिम्मा यहीं उठा रही हैं। सुनिया ओझा की इस सेवा व लगन के चलते शहर के दानदाता मी इस पुण्य कार्य में दरियादिली से अपना सहयोग समय समय पर करते रहते है। आज आश्रम के भंडार में 6 माह तक का राशन हर समय उपलब्ध रहता है, जो उनके इस सेवा कार्य की सफलता बयां कर रहा हैं। आज वहां की बेहतर व्यवस्था को देख कई लोग विभिन्न अवसरों जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ या पुण्य स्मृति के अवसर पर भोजन करवाने में आर्थिक सहयोग दरियादिली से करते हैं। इसके अतिरिक्त वहां आए लोगों को जरूरत व मौसम अनुसार कपड़े, जूते, चप्पल व अन्य तरह का सहयोग भी किया जा रहा है। श्रीगणपती सेना आश्रय की सेवाओं तथा इनरव्हील बूंदी की अध्यक्ष के रूप में विभिन्न प्रोजेक्ट्स के माध्यम से सेवा कार्य कर चुकी सुमित्रा ओझा को जिला प्रशासन द्वारा गणतंत्र दिवस सम्मान, वुमेन इंस्पायर अवार्ड 2019 सम्मानित किया गया। सेवा के लिए ओझा की सोच है, कि सेवा से बढ़ करकर कोई सुख नहीं होता। प्रेम से बढ़कर कोई प्रार्थना नहीं होती और सहानुभूति बढ़ कर कोई सौन्दर्य कहीं होता।</p>
<p><strong>नौकरी के प्रस्ताव छोड़ की शिक्षा व साहित्य की सेवा</strong><br />उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में जन्मी रेखा शर्मा 1976 में विवाह के बाद अपने पति अनिल शर्मा एडवोकेट के साथ बून्दी आई और तन मन से बून्दी की होकर रह गई। कानपुर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज से पढ़ी लिखी रेखा शर्मा की बचपन से ही संगीत, नृत्य, खेल कूद, साहित्य में रुचि रही। इन्होंने एनसीसी कैडेट, इंटरमीडिएट  में खो-खो तथा बैडमिंटन, डिस्कस, जैवलिन, शॉटपुट में मेडल्स प्राप्त किए तो कॉलेज प्रेसीडेंट भी रही और कॉलेज मैगजीन की एडिटर भी रही। इंटरमीडिएट, बीए तथा एमए में कॉलेज टॉपर रही रेखा शर्मा ने बीए में यूनिवर्सिटी में मेरिट लेकर नेशनल स्कॉलरशिप प्राप्त की। विवाह के पश्चात इन्हें बाहर से बाहर से नौकरी के बहुत प्रस्ताव आए, लेकिन बूंदी में गृहस्थ जीवन को सुचारू चलाने की सोच से उन सभी प्रस्तावों को ठुकरा दिया। उस समय बून्दी में शिक्षा की स्थिति उतनी अच्छी नहीं थी, जितनी आज हैं, विशेष तौर से बालिकाओं की। उच्च शिक्षित बहुमुखी प्रतिभा की धनी रेखा शर्मा ने कुछ अच्छा व कुछ सार्थक करने के विचार से 1986 में लिटिल एंजील शिक्षा समिति की स्थापना कर कड़ी मेहनत तथा निस्वार्थ समर्पण से अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। रेखा शर्मा को शिक्षा ,संस्कृति तथा सामाजिक क्षेत्र में जिला स्तर पर दो बार सम्मानित ,राज्य स्तर पर शिक्षक रत्न ,समाज कल्याण विभाग जयपुर द्वारा वृद्धजन सम्मान, साहित्य क्षेत्र में नीरज काव्य स्मृति सम्मान ,महादेवी कवियत्री सम्मान ,अमृता प्रीतम मेमोरियल सम्मान ,कल्पना चावला शिक्षक रत्न सम्मान ,राष्ट्र भाषा भूषण सम्मान ,नारी गौरव सम्मान,नारी रत्न सम्मान , हाड़ौती सम्मान ,प्रेमचंद शोध सम्मान , आइडियल इंडियन वूमन सम्मान तथा अन्य अनेक संस्थाओं से अनेकों सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इनके सफल निर्देशन व नेतृत्व में छात्राएं अंतरराष्ट्रीय किचन जंबूरी में फूड टेबल प्रेजेंटेशन में भारत में प्रथम स्थान पर भी रही हैं। अपने गृहस्थ जीवन को कुशलता से चलाते हुए उन्होंने शहर की बालिकाओं को सर्वगुण संपन्न बनाने की पहल पर निरन्तर चलती रही। यह उस दौर में जब राजस्थान में महिलाओं को घर से बाहर निकलने की मनाई हुआ करती थी, तब न केवल शिक्षा की सेवा में संलग्न रही, साथ ही सभी पारिवारिक दायित्वों को पूरा करते हुए लेखन, समाज सेवा, असहाय शोषित जरूरतमंद वर्ग की सहायता में समर्पित रही हैं। पिछले 45 वर्षो से इनके सफल निर्देशन व नेतृत्व में शहर की कई बालिकाऐं कामयाबी के शिखर तक पहुंची हैं औश्र जिले ही अपितु राज्य राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी छाप छोड़ चुकी हैं।</p>
<p><strong>अनुराधा का रहा आखर ज्ञान से डिजिटल लर्निंग तक का सफर</strong><br />आज चारों ओर डिजिटल का दौर है, फिर भला शिक्षा विभाग इसमें कैसे पीछे रह सकता था। शिक्षा के क्षेत्र में जब हम प्राथमिक शिक्षा की बात करते हैं, तो सुकोमल अबोध बच्चे व उनकी स्लेट कॉपी का चित्र उभरता है। परंतु यदि प्राथमिक विद्यालय में सभी कक्षाओं के बच्चे स्मार्ट डिजिटल एजुकेशन से जुड़े हुए मिले तो एक स्वप्न सा ही लगता है, ऐसे ही एक स्वप्न को साकार किया बूंदी जिले की नवाचारी शिक्षिका अनुराधा जैन ने। आज से 5 वर्ष पूर्व 2018 में डिजिटल शिक्षा की ओर पहला कदम बढ़ाया और राजकीय प्राथमिक विद्यालय झापड़ी पंचायत समिति हिंडोली जिला बूंदी में 2018 में प्रथम एलईडी लगाई गई। शिक्षिका का उद्देश्य था की अबोध बालक जब पहली बार विद्यालय में कदम रखें तो उन्हें विद्यालय का वातावरण रुचिकर और आनंदमय लगे। नामांकन के साथ ठहराव में भी हो और प्रगति भी हो। जब प्रथम एलईडी जो की भामाशाहों व विद्यालय परिवार के सहयोग से लगाई गई, तो उसके परिणाम सकारात्मक मिलने प्रारंभ हुए। विद्यालय के नामांकन में अत्यधिक वृद्धि हुई, बच्चे गीत कविताओं के माध्यम से अध्ययन में रुचि लेने लगे। तब अध्यापिका ने इसकी उपयोगिता को समझते हुए दूसरी एलईडी भामाशाह  के सहयोग से लगवाई। डिजिटल लर्निंग से बच्चे विद्यालय में बैठे-बैठे ही देश-विदेश की जानकारियां प्राप्त करने लगे अंग्रेजी के उच्चारण में सुधार हुआ। शिक्षिका अनुराधा जैन ने बताया कि सबसे ज्यादा लाभ कोविड़ के समय में मिला जब शिक्षण संस्थाएं बंद थी, परंतु झापड़ी के बच्चों का अध्ययन निर्बाध चलता रहा। अब नन्हें हाथ युटयुब व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पढ़ाई भी कर रहे हैं और होमवर्क भी कर रहे हैं। डिजिटल लर्निंग के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए बच्चों के हित में संपूर्ण विद्यालयों को ही डिजिटल बनाने की ठानी और विद्यालय परिवार तथा मुख्यमंत्री जनसहभागिता से गीत वह भामाशाहों के सहयोग से संपूर्ण विद्यालयों को डिजिटल कर दिखाया अभी हाल में ही दिसंबर माह में एक संस्था के द्वारा पांचवी एलइडी विद्यालय को भेंट की गई इसके साथ-साथ 2018 में देखा गया स्वप्न डिजिटल विद्यालय का 2023 में सरकार हुआ शिक्षिका ने अपने जुनून वी हौसले से प्राथमिक विद्यालयों को राजस्थान के प्रथम पायदान पर लाकर खड़ा कर दिया बिना किसी सरकारी सुविधा सहयोग के डिजिटल विद्यालय का सपना साकार हुआ।</p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/international-women-s-day-special--women-can-do-a-lot-if-they-are-determined/article-72173</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/international-women-s-day-special--women-can-do-a-lot-if-they-are-determined/article-72173</guid>
                <pubDate>Fri, 08 Mar 2024 17:18:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-03/ph-%281%295.png"                         length="368769"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        