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                <title>expiry date - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मिठाइयों पर दुकानदार नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट</title>
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                        <![CDATA[नियम बने चार साल हो गए, विभाग अभी समझाइश ही कर रहा]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/shopkeepers-are-not-writing-expiry-date-on-sweets/article-111330"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । हीटवेव व गर्मी के चलते इन दिनों मावा व पनीर और अन्य मिठाईयां जल्दी खराब हो रही है। दुकानदार फ्रीजर में रखी मिठाई  धडल्ले से बेच रहे है।  जैसे ही ग्राहक मिठाई खरीद कर घर ले जाता है उसमें खट्टापन आ जाता है।  ऐसे में ग्राहक अपने को ठगा ठगा महसूस करता है। उल्लेखनीय है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने 2021 में एक पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए थे कि मिठाई की प्रत्येक दुकान पर एक्सपायरी डेट की पर्ची डिस्प्ले बोर्ड पर लगाई जाए। मिठाई निर्माण की तारीख और उस मिठाई की एक्सपायरी डेट प्रत्येक मिठाई की प्लेट के सामने ग्राहक को दिखना चाहिए, लेकिन शहर के कई मिठाई विक्रेता एफएसएसएआई के दिशा निदेर्शों को ही डकार गए और किसी भी मिठाई की दुकान में एफएसएसएआई की गाइडलाइन के अनुसार डिस्प्ले बोर्ड पर मिठाई की एक्सपायरी डेट देखने को नहीं मिल रही है, जबकि गर्मी के दिनों में कई मिठाई एक दिन में ही खराब हो जाती हैं, उनका दूसरे दिन उपयोग नहीं किया जा सकता है। मिठाई विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों के साथ की जा रही धोखाधड़ी को रोकने की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं की जा रही है।  फूड एण्ड सेफ्टी विभाग अधिकारी चार साल में  मिठाई विक्रेताओं को समझाइश ही कर रहे है। दिशा-निदेर्शों का पालन कराने और जुर्माना नहीं कर रहे है।</p>
<p><strong>बासी मिठाई का नहीं चल पा रहा पता</strong><br />लोगों को बासी मिठाई खाने से बचाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अक्टूबर 2021 से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने के आदेश जारी किए थे। इसमें  छोटी  बड़ी सभी दुकानों  पर मिठाई बनाने, उसकी एक्सपायरी डेट, कब तक खाना है कि पूरी जानकारी मिठाई की ट्रे के उपर लिखना जरूरी किया था। इससे ग्राहक को पता चल सके कि मिठाई ताजा है या बासी है। अब तक यह सुविधा पैकिंग वस्तुओं पर ही लागू थी । इसे एक अक्टूबर 2021 से देश में खुली वस्तुओं की बिक्री पर भी लागू कर दिया है। लेकिन  चार साल बीतने आए फिर भी शहर में अभी इस नियम का पालन  मिठाइयों की दुकानों पर होता दिखाई नही दे रहा है। हालांकि शहर के कुछ प्रतिष्ठ मिठाई की दुकानों वाले जरूर इस नियम का पालन कर रहे है लेकिन वो भी रोज तारीख ही बदलते माल नहीं। बाकी बचे अधिकांश दुकानदार अभी मिठाई दुकानदार पुराने ढ़र्रे पर ही बिना एक्सपायरी डेट लिखे फ्रीजर में रखी मिठाइयां बेच रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पिछले साढे तीन साल से नए नियमों को को लेकर समझाइश ही कर रहे अभी तक किसी पर जुर्माना कार्रवाई नहीं होने से व्यापारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे है। अभी कई दुकानदारों  को तो इस नियम की पूरी जानकारी ही नहीं है। दूसरी तरफ मिठाई कारोबारियों को का कहना है कि  हालांकि शहर की कुछ बड़ी मिठाई की दुकानों ने तो एक्सपायरी डेट लिखना शुरू किया लेकिन वो भी रोज डेट बदल कर ग्राहकों चुना ही लगा रहे है।</p>
<p><strong>जुर्माने का प्रावधान फिर भी कार्रवाई नहीं</strong><br />एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम नहीं लिखे होने पर पांच लाख तक के जुर्माने का है प्रावधान किसी दुकानदार द्वारा गलत तारीख लिखी है और उसकी शिकायत खाद्य विभाग में हो जाती है तो उस शिकायत के आधार पर दुकान जांच होगी। खाद्य पदार्थ के सैंपल का टेस्ट होगा। खुले रूप से बिकने वाली मिठाई की भी जांच की होती है। एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम यदि बोर्ड नहीं लिखे होंगे तो यह गंभीर मामला माना जाएगा। ऐसी स्थिति एफएसएसएआई का उल्लंघन करने पर गंभीर मामला मानते हुए उस दुकानदार पर पांच लाख रुपए तक का  जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।  लेकिन शहर में अभी तक किसी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।</p>
<p><strong>कौन सी मिठाई कितने दिन तक उपयोग करने योग्य</strong><br /><strong>- 4 दिन तक उपयोग होने वाली मिठाई :</strong>  मिल्क केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बफी, पिस्ता बफी, कोकोनट बर्फी, चॉकलेट बफी, सफेद पेड़ा, कोकोनट लड्डू, लाल लड्डू के अतिरिक्त मोतीचूर मोदक, खोया बदाम, मेवा भाटी, फ्रूट केक खोया तिल, केसर कोकोनट लड्डू और मलाई घेवर आदि।<br /><strong>- एक दिन उपयोग में आने वाली मिठाई :</strong> कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, रोज कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद।<br /><strong>- दो दिन तक उपयोग वाली मिठाई:</strong> दुग्ध उत्पादन व मिल्क बादाम रसगुल्ला, रस मालाई, रबाड़ी रसमालाई, शाही टोस्ट, राजभोग, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, हिरमानी व हरी भोग, अनारकली, माधुरी, पाकोजा, रस कदम, रस काटा, सौर मोहन, गुड़ रसमलाई, गुड रबड़ी, गुड़ रसगुल्ला।<br /><strong>- 7 दिन उपयोग होने वाली मिठाई व ड्राई फ्रूट : </strong>फूट लडडू, काजू कतली, घेवर, शक्कर पारा, गुड़ पारा, शाही लड्डू मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट गुजिया, बेदी लडू, काजू केसर बर्फी, काजू ब्रेक्स गुजिया, बादाम लोग, बालूशाही, बादाम बर्फी, केसर बड़ी मलाई, चंद्रकला, केसर गुजिया, मेदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्ता लौंग, छोटा केसर घेवर, केसर चंद्रकला, काजू लड्डू, काजू रोज कतली।<br /><strong>- एक महीने तक उपयोग होने वाली मिठाई:</strong> आटा लड्डू, बेसन लड्डू, चना लड्डू, चना बर्फी, अंजीर खजूर बर्फी, कराची हलवा, सोहन हलवा, गजक व चक्की।</p>
<p><strong>नियम की नहीं हो रही पालना</strong><br />बासी और पुरानी मिठाइयां बेचने की लगातार आ रही शिकायतों के बाद भारतीय  खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने मिठाई की दुकानों के लिए यह नियम अनिवार्य कर दिया कि था कि वो मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट को लिखें। लेकिन शहर मेें इसकी पालना नहीं हो रही है। 10 अप्रैल में मैने एक दुकान से मिठाई खरीदी घर जाने के बाद वो मिठाई कठोर हो गई और उसका ेखाया तो खट्टापन आ रहा था। अगर दुकान पर एक्सपायरी डेट लिखी होती तो में वो मिठाई नहीं खरीदता। सरकार को शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में मिठाई विक्रेताओं की जांच करनी चाहिए वो एक्सपायरी व निर्माण तिथि क्यों नहीं लिख रहे है। <br /><strong>- अशोक चौधरी, अधिवक्ता</strong></p>
<p><strong>शहर में दो सौ दुकानें</strong><br />शहर में करीब दो सौ से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। अधिकांश छोटे दुकानदार है  बडे दुकानदार तो पालना कर रहे लेकिन छोटे दुकानदार जो रोज मिठाई तैयार करते और बेचते वो एक्सपायरी डेट नहीं लिखते उनकी मिठाई रोज ही बिक जाती है। ऐसे खराब होने वाली बात ही नहीं रहती है।<br /><strong>- राजू अग्रवाल, मिठाई व्यापारी कोटा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में एक अक्टूबर 2021 से खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने का नियम लागू है।  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान मिठाई दुकानदारों को इसके लिए पाबंद किया जा रहा है। विभाग की ओर से अनवरत जांच का अभियान जारी है। दुकानों की जांच कर सैंपल लेने का कार्य जारी है।  बिना एक्सपायरी लिखी मिठाई की दुकानों पर कार्रवाई की जाती है। <br /><strong>- संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 14:47:33 +0530</pubDate>
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                <title>हाईकोर्ट की कैंटीन में सड़ी सब्जियां एक्सपाइरी डेट के मिले मसाले</title>
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                        <![CDATA[अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त पंकज ओझा के नेतृत्व में जब टीम वहां जांच के लिए पहुंची तो कैंटीन में सड़े गले आलू, प्याज, एक्सपाइरी डेट के मसाले, जंग लगे हुए मसाला दानी, बेसन में पड़ी हुई इल्लियां, दीवारों पर गंदगी मिली।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rotten-vegetables-and-spices-with-expiry-date-found-in-high/article-89409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/rajasthan-highcourt.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट परिसर स्थित कैंटीन और दुकानों पर सोमवार को चिकित्सा विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण किया। मौके पर गंदगी और हालात देखकर टीम और वहां मौजूद वकीलों के होश उड़ गए।</p>
<p>दरअसल अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त पंकज ओझा के नेतृत्व में जब टीम वहां जांच के लिए पहुंची तो कैंटीन में सड़े गले आलू, प्याज, एक्सपाइरी डेट के मसाले, जंग लगे हुए मसाला दानी, बेसन में पड़ी हुई इल्लियां, दीवारों पर गंदगी मिली।</p>
<p>ओझा ने बताया कि राजस्थान बार काउंसिल के अध्यक्ष की ओर से हाईकोर्ट परिसर में चल रही कैंटीनों की जांच के लिए लिखा गया था। इसके बाद हमने यह जांच की है। यहां खाने में खराब और गंदा तेल, गंदे बर्तन आदि इस्तेमाल किए जा रहे थे। कैंटीन की गंदी दीवारों पर राष्ट्र ध्वज लगाकर उसे भी धुंए में काला किया जा रहा था, जिससे झंडे का अपमान हो रहा है। </p>
<p><strong>घरेलू सिलेंडर मिले, फूड लाइसेंस भी नहीं था<br /></strong>ओझा ने बताया कि यहां की दुकानों और कैंटीनों में 10 से 12 घरेलू गैस सिलेंडर भी मिले। जयपुर कलक्टर को सूचना देकर इन सभी सिलेंडरों को जब्त कराया गया। परिसर में जितनी भी कैंटीन और चाय की दुकानें थी किसी के पास भी फूड लाइसेंस नहीं पाया गया। खाने में मिलाने के लिए हानिकारक कलर पाए गए। </p>
<p><strong>लाइसेंस बनने तक लगाई रोक, सैंपल लिए</strong><br />हाईकोर्ट परिसर में सभी दुकानदारों को लाइसेंस बनने तक सभी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। साथ ही दो कैंटीन से जांच के लिए कड़ाई का तेल, सांभर, लस्सी, चने की दाल, चटनी, बेसन और रिफाइंड सोयाबीन तेज के सैंपल लिए गए। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 09:40:21 +0530</pubDate>
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                <title>मिठाइयों पर अधिकांश दुकानदार नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट</title>
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                        <![CDATA[एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम यदि बोर्ड नहीं लिखे होंगे तो यह गंभीर मामला माना जाएगा। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/most-shopkeepers-are-not-writing-expiry-date-on-sweets/article-83405"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/mithaiyop-pr-adhikansh-dukandar-nhi-likh-rhi-expiry-date...kota-news-02-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने 2021 में एक पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए थे कि मिठाई की प्रत्येक दुकान पर एक्सपायरी डेट की पर्ची डिस्प्ले बोर्ड पर लगाई जाए। मिठाई निर्माण की तारीख और उस मिठाई की एक्सपायरी डेट प्रत्येक मिठाई की प्लेट के सामने ग्राहक को दिखना चाहिए, लेकिन शहर के कई मिठाई विक्रेता एफएसएसएआई के दिशा निदेर्शों को ही डकार गए और किसी भी मिठाई की दुकान में एफएसएसएआई की गाइडलाइन के अनुसार डिस्प्ले बोर्ड पर मिठाई की एक्सपायरी डेट देखने को नहीं मिल रही है, जबकि गर्मी के दिनों में कई मिठाई एक दिन में ही खराब हो जाती हैं, उनका दूसरे दिन उपयोग नहीं किया जा सकता है। मिठाई विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों के साथ की जा रही धोखाधड़ी को रोकने की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं की जा रही है।  फूड एण्ड सेफ्टी विभाग अधिकारी साढे तीन साल  मिठाई विक्रेताओं को समझाइश ही कर रहे है। दिशा-निदेर्शों का पालन कराने और जुर्माना नहीं कर रहे है।  लोगों को बासी मिठाई खाने से बचाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अक्टूबर 2021 से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने के आदेश जारी किए थे। इसमें  छोटी  बड़ी सभी दुकानों  पर मिठाई बनाने, उसकी एक्सपायरी डेट, कब तक खाना है कि पूरी जानकारी मिठाई की ट्रे के उपर लिखना जरूरी किया था।  बासी और खराब पर रोक के लिए बनाया था नियम: बासी और पुरानी मिठाइयां बेचने की लगातार आ रही शिकायतों के बाद  भारतीय  खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने इसे 1 अक्टूबर 2021 से लागू किया। तीन साल पहले लागू हुए  इस नियम की कोटा जिले में पालना होती नहीं दिखाई दे रही है। जबकि सरकार ने प्रदेश में भी सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस नियम की पालना कराने के निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर की ओर से जारी किए हैं। लेकिन पालना अभी भी नहीं हुई है।</p>
<p><strong>जुर्माने का प्रावधान फिर भी कार्रवाई नही</strong><br />एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम नहीं लिखे होने पर पांच लाख तक के जुर्माने का है प्रावधान किसी दुकानदार द्वारा गलत तारीख लिखी है और उसकी शिकायत खाद्य विभाग में हो जाती है तो उस शिकायत के आधार पर दुकान जांच होगी। खाद्य पदार्थ के सैंपल का टेस्ट होगा। खुले रूप से बिकने वाली मिठाई की भीजांच की होती है। एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम यदि बोर्ड नहीं लिखे होंगे तो यह गंभीर मामला माना जाएगा। ऐसी स्थिति एफएसएसएआई का उल्लंघन करने पर गंभीर मामला मानते हुए उस दुकानदार पर पांच लाख रुपए तक का  जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।  लेकिन शहर में अभी तक किसी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।</p>
<p><strong>7 दिन उपयोग होने वाली मिठाई व ड्राई फ्रूट</strong><br />फूट लडडू, काजू कतली, घेवर, शक्कर पारा, गुड़ पारा, शाही लड्डू मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट गुजिया, बेदी लडू, काजू केसर बर्फी, काजू ब्रेक्स गुजिया, बादाम लोग, बालूशाही, बादाम बर्फी, केसर बड़ी मलाई, चंद्रकला, केसर गुजिया, मेदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्ता लौंग, छोटा केसर घेवर, केसर चंद्रकला, काजू लड्डू, काजू रोज कतली। </p>
<p><strong>कौन सी मिठाई कितने दिन तक उपयोग करने योग्य</strong><br />4 दिन तक उपयोग होने वाली मिठाई: मिल्क केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बफी, पिस्ता बफी, कोकोनट बर्फी, चॉकलेट बफी, सफेद पेड़ा, कोकोनट लड्डू, लाल लड्डू के अतिरिक्त मोतीचूर मोदक, खोया बदाम, मेर्वा भाटी, फ्रूट केक खोया तिल, केसर कोकोनट लड्डू और मलाई घेवर आदि। एक दिन उपयोग में आने वाली मिठाई : कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, रोज कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद। दो दिन तक उपयोग वाली मिठाई:  दुग्ध उत्पादन व मिल्क बादाम रसगुल्ला, रस मालाई, रबाड़ी रसमालाई, शाही टोस्ट, राजभोग, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, हिरमानी व हरी भोग, अनारकली, माधुरी, पाकोजा, रस कदम, रस काटा, सौर मोहन, गुड़ रसमलाई, गुड रबड़ी, गुड़ रसगुल्ला।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में एक अक्टूबर 2021 से खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने का नियम लागू है।  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान मिठाई दुकानदारों को इसके लिए पाबंद किया जा रहा है। विभाग की ओर से अनवरत जांच का अभियान जारी है। दुकानों की जांच कर सैंपल लेने का कार्य जारी है। द बिना एक्सपायरी लिखी मिठाई की दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>- संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा</strong></p>
<p><strong>शहर में दो सौ दुकानें</strong><br />एफएसएसआई को टर्नओवर और एक से अधिक दुकान जैसी कई श्रेणी बनाकर इस प्रकार के नियम लगाने चाहिए थे। शहर में करीब दो सौ से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। अधिकांश छोटे दुकानदार है कैसे करेंगे नियमों की पालना।<br /><strong>- राजू अग्रवाल , मिठाई व्यापारी कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jul 2024 15:09:12 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का -कलक्टर ने पूरे जिले में फ्री राशन वितरण पर लगाई रोक</title>
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                        <![CDATA[जिसमें एक्सपायरी डेट की सामग्री के पैकेट सील कर कार्रवाई की। जिला फूड इंस्पेक्टर घनश्याम ने सेंपलिंग के लिए फ्री राशन सामग्री योजना के पैकेट को सीजकर सील किया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---collector-bans-distribution-of-free-ration-in-the-entire-district/article-72396"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/transfer-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा। दैनिक नवज्योति में रविवार को रावतभाटा क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की फोटो लगा फ्री राशन किट एक्सपायरी डेट होने के बावजूद भी ग्राहकों को देने वाली खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। तुरंत एक्शन में आते हुए जिला कलक्टर आलोक रंजन ने फ्री राशन योजना के डिस्ट्रीब्यूटर मोहन ट्रेडर्स जिला उदयपुर पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए। जानकारी के अनुसार रावतभाटा उपखंड अधिकारी महेश गोगरीया और जिला रसद अधिकारी के नेतृत्व में क्षेत्र के राशन डीलर की दुकानों पर जाकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की फोटो लगी सामग्री का निरीक्षण किया। जिसमें एक्सपायरी डेट की सामग्री के पैकेट सील कर कार्रवाई की। जिला फूड इंस्पेक्टर घनश्याम ने सेंपलिंग के लिए फ्री राशन सामग्री योजना के पैकेट को सीजकर सील किया। </p>
<p><strong>निरीक्षण में मिले पूर्व मुख्यमंत्री की फोटो लगे किट</strong><br />उपखंड अधिकारी महेश गोगरीया और जिला रसद अधिकारी ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के फोटो लगे फ्री राशन योजना के एक्सपायरी डेट के किट सीज किए। राशन डीलर को हिदायत दी कि किसी भी प्रकार से इस योजना के किटों का वितरण नहीं किया जाए।</p>
<p>कलक्टर आलोक रंजन के आदेशानुसार राशन डीलर की दुकान का रात्रि में निरीक्षण कर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के फोटो लगे एक्सपायरी डेट फ्री राशन किट को जब्त कर सीज किया गया। उच्च अधिकारियों को जानकारी भेजी गई।<br /><strong>-महेश गोगरीया, उपखंड अधिकारी</strong></p>
<p>निरीक्षण के दौरान मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल जाटव की मौजूदगी में सामग्री को सीज कर सेंपलिंग के लिए उदयपुर भेजा जाएगा। आगे की जो भी कार्रवाई होगी वह अधिकारी के आदेशानुसार मान्य होगी।<br /><strong>-घनश्याम, जिला फूड इंस्पेक्टर</strong></p>
<p>हमारी दुकान में 674 फ्री राशन किट आए थे। जिसमें से 239 राशन किट बांट दिए गए और बाकी बचे किट को वितरण से रोक दिया गया है। इन किट का क्या करना है इसकी कोई जानकारी विभाग द्वारा अभी तक हमें नहीं दी गई है।<br /><strong>-श्याम गुलाटी, राशन डीलर</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 11 Mar 2024 12:45:54 +0530</pubDate>
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