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                <title>e-rickshaws - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>दस हजार ई-रिक्शा का रिकॉर्ड नहीं, इनकी वजह से लगता है जाम</title>
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                        <![CDATA[जयपुर प्रथम में 39,878 और द्वितीय में 1884 ई-रिक्शा पंजीकृत।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-is-no-record-of-ten-thousand-e-rickshaws-due-to/article-86004"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/e-rickshaw.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में कुल 41 हजार 762 ई-रिक्शा चल रहे हैं। यह आंकड़े तो वे हैं, जो राज्य सरकार के पास हैं। इसके अलावा कई ई-रिक्शों की जानकारी भी नहीं है। एक अनुमान के अनुसार बिना रिकॉर्ड के ई-रिक्शा की संख्या करीब दस हजार है। इन ई-रिक्शा की वजह से शहर की यातायात व्यवस्था अक्सर जाम रहती है। राज्य सरकार ने विधानसभा में स्वीकार किया है कि जयपुर शहर में कुल 41 हजार 762 ई-रिक्शा चल रहे हैं। यह आंकड़े तो वे हैं जो सरकार के पास हैं। इसके अलावा कई ई-रिक्शों की जानकारी भी नहीं है। एक अनुमान के अनुसार इनकी संख्या पचास हजार को भी पार जा सकती है। वर्तमान में वाहनों के पंजीयन का कार्य परिवहन विभाग के वाहन पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। जिसमें वाहन स्वामी के पते का संधारण पंजीयन अधिकारी के क्षेत्राधिकार के अनुसार किया जाता है। वर्तमान में जयपुर-प्रथम के क्षेत्राधिकार में कुल 39 हजार 878 ई-रिक्शा पंजीकृत है तथा जयपुर द्वितीय के क्षेत्राधिकार में एक हजार 884 ई-रिक्शा पंजीकृत है। इनमें परकोटे क्षेत्र के ई-रिक्शा भी सम्मिलित है।<br /><br />कंट्रोल के लिए सरकार के प्रयास ऐसा नहीं है कि ई-रिक्शा पर कंट्रोल के लिए राज्य सरकार प्रयास नहीं करती। सरकार ने कई नियम बनाए है। ई-रिक्शा का स्वामित्व लाइसेंस धारक के नाम से ही होना आवश्यक है यानी कि ई-रिक्शा का संचालन उसके पंजीकृत वाहन स्वामी द्वारा ही किया जाएगा। एक व्यक्ति के नाम से एक से अधिक ई-रिक्शा का पंजीयन नहीं किया जाएगा। यातायात परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ई-रिक्शा का विनिर्दिष्ट क्षेत्र अथवा मार्गपर संचालन निषिद्ध करेगी। जयपुर विकास प्राधिकरण के ट्रैफिक कन्ट्रोल बोर्ड की 19 जुलाई को बैठक में जयपुर शहर में ई-रिक्शा के संचालन को नियंत्रित करने के लिए छह जोन बनाने व जोनवार ई-रिक्शों की अधिकतम संख्या का निर्धारण करने का निर्णय लिया गया है।<br /><br /></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 11:46:37 +0530</pubDate>
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                <title>सुविधा के साथ परेशानी, ई रिक्शा के लिए ना कोई रूट ना कोई स्टैंड</title>
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                        <![CDATA[कोटा में ई रिक्शा की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है जिससे सड़कों पर इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/trouble-with-facilities--no-route-and-no-stand-for-e-rickshaw/article-73985"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/suvidha-k-sth-preshani,-e-riksha-k-liye-na-koi-route-na-koi-stand...kota-news-29-03-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा में ई रिक्शा की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, शहर की सड़कों पर ई रिक्शा की बढ़ती संख्या के कारण जाम जैसे हालात बन जाते हैं। छोटे आकार के होने के चलते ई रिक्शा को चालक कहीं भी ले जाते हैं जिससे तंग रास्तों में इन ई रिक्शा की वजह से कई बार रस्ते ब्लॉक हो जाते हैं। साथ ही ई रिक्शा के कारण दूसरे टैक्सी वाहनों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसी ही समस्या पर जयपुर प्रशासन द्वारा संज्ञान लेते हुए जयपुर शहर के भीतर ई रिक्शा के लिए रूट तय करने के साथ ही इनके लिए स्टैंड और प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने के लिए जोन तैयार किए जा रहे हैं। जिसमें जयपुर शहर में चालकों को ई रिक्शा नियमित रूट पर चलाने के लिए परमिट लेने होंगे। वहीं इस प्रकार की व्यवस्था कोटा में भी बनाई जाए तो ई रिक्शा से होने वाली परेशानियों और जाम से निजात मिल सकती है।</p>
<p><strong>कोटा में इस तरह बढ़े ई रिक्शा</strong><br />कोटा में ई रिक्शा की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है जिससे सड़कों पर इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। शहर में साल 2021 में मात्र 80 ई रिक्शा मौजूद थे जो बिना किसी रजिस्ट्रेशन के संचालित थे। वहीं साल 2022 में इनकी संख्या बढ़कर 210 हुई वहीं साल 2023 में इनकी संख्या 980 से अधिक हो गई। इसके अलावा वर्तमान की बात करें तो शहर में 1200 से अधिक ई रिक्शा संचालन में हैं जिनमें से अधिकतर के चालकों के पास लाइसेंस तक नहीं है। परिवहन विभाग के अनुसार शहर में अब हर दिन 4 से 6 ई रिक्शा सड़क पर उतर रहे हैं। जिनकी संख्या में बढ़ोतरी होने के साथ ही इनके सड़क पर उतरने की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में भविष्य को देखते हुए इनके लिए पर्याप्त स्टैंड और रूट मेप बनाने की सख्त जरूरत है जिससे यातायात में आने वाली समस्याओं से निपटा जा सके।</p>
<p><strong>ये इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित</strong><br />वैसे तो शहर में ई रिक्शा हर ईलाके में दौड़ते नजर आ जाएंगे लेकिन शहर के कुछ इलाके ऐसे हैं जहां इनकी तादाद बहुत ज्यादा जिस कारण ट्रैफिक की समस्या के साथ में ये अन्य आॅटो चालकों के व्यवसाय पर भी असर डाल रहे हैं। शहर के रामपुरा, एरोड्राम सर्किल, गुमानपुरा, केशवपुरा, छावनी, विज्ञान नगर, पुरानी सब्जी मंडी, नयापुरा और स्टेशन क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके हैं। जिनमें ई रिक्शा चालक अपना वाहन कहीं भी खड़ा कर देते हैं। जिससे बेवजह जाम की स्थिति पनप जाती है। वहीं इन रिक्शा की गति सीमा भी कम होती है जिससे धीरे चलने के कारण ये अन्य वाहनों के लिए मुसिबत खड़ी कर देते हैं।</p>
<p><strong>स्टैंड व रूट तय हो तो बने बात</strong><br />शहर में फिलहाल आॅटो, मैजिक और सिटी बसों के लिए ही रूट और स्टैंड तय किए हुए या बनाए हुए हैं। जिससे इन्हें खड़े करने या इनके संचालन में समस्या उत्पन्न नहीं होती है। लेकिन प्रशासन द्वारा ई रिक्शा के लिए ना कोई स्टैंड बनाया हुआ है और ना ही कोई रूट तय किए हुए हैं। जिस कारण ई रिक्शा चालक अपने वाहन को कहीं भी खड़ा करने के साथ सवारी को ढो रहे हैं। जो अनचाही यातायात समस्या का कारण बन रहे हैं। ऐसे में ई रिक्शा को लेकर पॉलिसी बनने के साथ रूट तय हो तो इनसे होनी वाली समस्याओं से निजात मिल सकती है।</p>
<p><strong>क्या कहते हैं ई रिक्शा वाले</strong><br />प्रशासन रूट तय करे तो बेहतर होगा क्योंकि रूट नहीं होने के कारण आए दिन आॅटो और मैजिक वालों से झगड़ा होता है और कमाई पर भी असर पड़ता है। रूट और स्टैंड बनने से हमें भी राहत मिलेगी।<br /><strong>- महावीर सुवालका, विज्ञान नगर</strong></p>
<p>ई रिक्शा को चलाते समय कई बार अन्य आॅटो वालों से झगड़ा हो जाता है क्योंकि अन्य आॅटो वाले ई रिक्शा खड़ा करने का विरोध करते हैं जिस वजह से हम भी अन्य स्थानों पर खड़े करने का मजबूर हैं। अगर रूट और स्टैंड बन जाए तो हमें भी सहुलियत होगी।<br /><strong>- मोहम्मद शाकीर, छावनी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br /><strong>लोगों का कहना है</strong><br />ई रिक्शा से एक तरफ सुविधा मिलती है तो दुसरी तरफ इनसे परेशानी भी उठानी पड़ती है। क्योंकि बेतरतीब तरीके से चलने के कारण ये यातायात व्यवस्था का बिगाड़ देते हैं जिससे आनजाने वालों को काफी परेशानी होती है।<br /><strong>- संजय नायक, न्यू क्लॉथ मार्केट</strong></p>
<p>ई रिक्शा के लिए रूट तय होने के साथ इनके स्टैंड बनने जरूरी है जिससे बाकी लोगों को होने वाली परेशानी से बहुत हद तक छुटकारा मिलेगा क्योंकि रूट तय होने पर यातायात व्यवस्था बाधित नहीं होगी।<br /><strong>- मुकुट शर्मा, नयापुरा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />ई रिक्शा के लिए अभी कोई पॉलिसी या रूट तय नहीं है, अगर आवश्यकता होगी तो इस पर विचार करके रूट तय करने के साथ ही स्टैंड बनाए जाएंगे। साथ ही बिना लाइसेंस के रिक्शा चलाने वालों पर कारवाई करेंगे।<br /><strong>- दिनेश सिंह सागर, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, कोटा</strong></p>]]>
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                <pubDate>Fri, 29 Mar 2024 16:35:39 +0530</pubDate>
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