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                <title>Organ transplant - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Organ transplant RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अंग प्रत्यारोपण को लेकर मंथन : देश-विदेश के विशेषज्ञों ने की चर्चा, बागड़े ने कहा- लाखों लोगों की अंगों की अनुपलब्धता के कारण हो जाती है मृत्यु</title>
                                    <description><![CDATA[कॉन्फ्रेंस का विधिवत उद्घाटन करते हुए राज्यपाल हरिभाई बागडे कहा कि हर साल देश में लाखों लोग अंगों की आवश्यकता होने और उनकी अनुपलब्धता की वजह से हो जाते है मृत्यु का शिकार। 1500 से अधिक ट्रांसप्लांट सर्जंस और डॉक्टर्स ले रहे हिस्सा। अंगदान को बताया महादान। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/experts-from-india-and-abroad-discussed-the-brainstorming-on-organ/article-129367"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(4)18.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर के सीतापुरा स्थित जे ई सी आर सी के नोवोटेल कन्वेंशन सेंटर में महात्मा गांधी मेडिकल यूनिवर्सिटी के सहयोग से जारी भारतीय अंग प्रत्यारोपण सोसायटी (ISOT) के 35वें वार्षिक सम्मेलन के तीसरे दिन वैज्ञानिक सत्रों, कार्यशालाओं और संवादों के माध्यम से अंग प्रत्यारोपण, क्रिटिकल केयर तथा मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवीनतम प्रगतियों पर विचार-विमर्श हुआ। इसमें 22 देशों के 120 से अधिक विशेषज्ञों के व्याख्यान हो रहे हैं। 1500 से अधिक ट्रांसप्लांट सर्जंस और डॉक्टर्स हिस्सा ले रहे हैं। कॉन्फ्रेंस का विधिवत उद्घाटन करते हुए राज्यपाल हरिभाई बागडे कहा कि हर साल देश में लाखों लोग अंगों की आवश्यकता होने और उनकी अनुपलब्धता की वजह के मृत्यु का शिकार हो जाते है।</p>
<p>महर्षि दधीचि के देहदान से प्रेरणा लेते हुए समाज में अपनों की जान बचाने के लिए अंगदान करने में आगे आए। अंगदान को उन्होंने महादान बताया। डॉ एम एल स्वर्णकार आयोजन समिति के अध्यक्ष ने अंग प्रत्यारोपण में नीतिगत प्रयोग करने की अपील की। आयोजन सचिव डॉ सूरज गोदारा ने बताया कि 5 लाख अंगदान नहीं हुए की वजह से मृत्यु हो जाती है देश में। ब्रेन डेट के बाद गुर्दा,, फेफड़े, आंत, लिवर, हृदय, त्वचा का दान किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बीमारी की पहचान शुरू में हो, पता लगाने पर इसे टालें नहीं। जानकारी बढ़ाने की आवश्यकता है। जागरूकता बढ़े। स्कूल समय से ही ऐसी जानकारी दी जानी चाहिए। कार्यक्रम में राज्यपाल में अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विशेषज्ञों को सम्मानित भी किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 14:45:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>ऑर्गन ट्रांसप्लांट प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, समय पर मिलेगी एनओसी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में लाइव एवं कैडेवर अंगदान और अंग प्रत्यारोपण को लेकर मेडिकल टूरिज्म के माध्यम से अंग प्रत्यारोपण और अंगदान को बढ़ावा दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/organ-transplant-process-will-be-online-noc-will-be-received/article-84537"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111u1rer-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चिकित्सा शिक्षा विभाग में एसीएस शुभ्रा सिंह की अध्यक्षता में ऑर्गन ट्रांसप्लांट को लेकर बनी स्टेट एडवाइजरी कमेटी की बैठक हुई, जिसमें तय हुआ है कि ऑर्गन ट्रांसप्लांट और अंगदान के सिस्टम को मजबूती देने के लिए अस्पतालों में निचले स्तर तक के कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ट्रांसप्लांट सेंटरों और नॉन ट्रांसप्लांट ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर्स को और अधिक मजबूत बनाने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। शुभ्रा सिंह ने कहा कि अंगदान संवेदनशील विषय है। ऐसे में अंग प्रदाता और उनके परिजनों की काउंसलिंग आवश्यक है। चिकित्सकों, ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर एवं ट्रांस्पलांट टीम सहित प्रत्येक स्तर पर ट्रेनिंग दिए जाने के लिए स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन यानी सोटो काम करेगी। शुभ्रा सिंह ने बताया कि इसमें पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।  </p>
<p>स्टेट ऑथोराइजेशन कमेटी भी अंग प्रदान करने के लिए तय समय में ही एनओसी प्रदान करेगी। जिससे अंग प्राप्तकर्ता को अधिक इंतजार ना करना पड़े। प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने के लिए पोर्टल तैयार होगा। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना सहित अन्य स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में अंगदान को पैकेज के रूप में शामिल किया गया है। ताकि परिजनों पर आर्थिक भार ना आए। </p>
<p><strong>ऑर्गन ट्रांसप्लांट और अंगदान को प्रोटोकॉल बनेगा</strong><br />प्रदेश में लाइव एवं कैडेवर अंगदान और अंग प्रत्यारोपण को लेकर मेडिकल टूरिज्म के माध्यम से अंग प्रत्यारोपण और अंगदान को बढ़ावा दिया जाएगा। ब्रेन डेड अंग प्रदाता के केस में ब्रेन डेड मरीज की पहचान, परिजनों की अंगदान के लिए सहमति और अंगदान संबंधी प्रक्रिया का प्रोटोकॉल स्पष्ट और सुनिश्चित होगा। सोटो को प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया है। </p>
<p><strong>अप्रैल से अब तक 75 एनओसी जारी</strong><br />बैठक में फर्जी एनओसी प्रकरण की भी समीक्षा की। इस दौरान एनओसी के लिए तैयार की गई एसओपी का प्रस्तुतीकरण दिया गया। सभी स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक कर एसओपी पर सुझाव लेने के निर्देश दिए।  बैठक में बताया गया कि फर्जी एनओसी प्रकरण के बाद गठित नई राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति द्वारा एनओसी जारी करने के लिए नियमित बैठकें कर एक अप्रैल से 5 जुलाई तक 86 प्रकरण प्राप्त हुए थे, जिनमें से 75 एनओसी जारी की गई है। सात प्रकरण विभिन्न कारणों से निरस्त हुए हैं। शेष एनओसी जारी होना प्रक्रियाधीन हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jul 2024 12:10:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Organ Transplant Fake NOC Case: राजस्थान सरकार के सख्त एक्शन एवं प्रो-एक्टिव एप्रोच को केन्द्र ने सराहा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए ऑथोराइजेशन एवं एडवाजरी कमेटी का गठन, सोटो की स्टीयरिंग कमेटी का पुनर्गठन करने तथा विभिन्न एसओपी बनाने जैसे महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/center-appreciated-rajasthan-governments-strict-action-and-pro-active-approach-in/article-81577"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/bhajanlal-sharmaa.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील पहल पर प्रदेश में अंग प्रत्यारोपण के लिए फर्जी एनओसी प्रकरण में राज्य सरकार के सख्त एक्शन एवं प्रो-एक्टिव एप्रोच के साथ उठाए गए कदमों को केन्द्र सरकार ने सराहा है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक प्रो. डॉ. अतुल गोयल ने इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शुभ्रा सिंह को पत्र लिखकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की प्रशंसा की है। </p>
<p>सिंह ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में चिकित्सा विभाग द्वारा अनाधिकृत रूप से अंग प्रत्यारोपण के मामलों में जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित करने, इसमें लिप्त चिकित्सकों एवं अस्पतालों के विरूद्ध थोटा एक्ट- 1994 के निर्धारित प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज कराने, अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त करने जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं। साथ ही, प्रदेश में अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए ऑथोराइजेशन एवं एडवाजरी कमेटी का गठन, सोटो की स्टीयरिंग कमेटी का पुनर्गठन करने तथा विभिन्न एसओपी बनाने जैसे महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। पारदर्शितापूर्वक अंग प्रत्यारोपण के लिए डोनर एवं रिसीवर की नोटो आईडी अनिवार्य की गई है। </p>
<p>स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक ने पत्र में कहा है कि अंगदान एवं प्रत्यारोपण के कार्य में नैतिकता एवं पारदर्शिता लाने की दिशा में लगातार सख्त कार्रवाई कर राजस्थान ने एक बेहतर उदाहरण पेश किया है। साथ ही, अंगदान जैसे महान कार्य का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कर लोगों में इसके प्रति जागृति पैदा करने एवं जरूरतमंदों का जीवन बचाने की दिशा में राजस्थान सरकार द्वारा किए गए प्रयास मील का पत्थर साबित होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 19:59:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गुजरात के तेजस के अंगों का महादान, 3 को मिला नया जीवन</title>
                                    <description><![CDATA[दो अलग अलग मरीजों में किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mahadan-3-of-gujarats-tejas-organs-get-new-life/article-79328"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(5)26.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुजरात निवासी तेजस उपेंद्र ने अपने जीवन के बाद 3 मरीजों को नया जीवन दे दिया। एक निजी अस्पताल में ब्रेन डेड होने के बाद उनका अंगों का ट्रांसप्लांट किया गया। अंगों में एक किडनी और लिवर यहां एसएमएस मेडिकल कॉलेज की हिपेटोलॉजी और रीनल साइंस विभाग ने दो अलग अलग मरीजों में किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट किए। मेडिकल कॉलेज में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी और ट्रांसप्लांट करने वाले एक्सपर्ट्स ने इसकी जानकारी दी। </p>
<p>डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि पिछले दो महीने से ट्रांसप्लांट से जुड़ी गतिविधि नहीं हो सकी, लेकिन अभी राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह द्वारा गठित की गई नई कमेटी के बाद अब वापस से एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ट्रांसप्लांट प्रोग्राम शुरू हो गया है। इसी कड़ी में दो मरीजों को ब्रेन डेड व्यक्ति के अंग प्रत्यारोपित किए गए हैं। </p>
<p><strong>12 घंटे चली ट्रांसप्लांट प्रक्रिया</strong> <br />लिवर ट्रांसप्लांट करने वाले सीनियर जीआई सर्जन डॉ. दिनेश भारती ने बताया कि ब्रेन डेड व्यक्ति का लिवर 44 वर्षीया महिला को लगाया गया है। एक निजी अस्पताल में व्यक्ति के ब्रेन डेड होने के बाद सोटो के पदाधिकारियों ने उसके परिजनों की काउंसिलिंग की। परिजनों से अंग दान की सहमति प्राप्त होने के बाद शाम 5 बजे से व्यक्ति के अंगों को रिट्रीव करने की प्रक्रिया चली। शाम सवा 8 बजे अंग एसएमएस में पहुंचे और सुबह साढ़े 6 बजे तक लिवर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पूरी हुई। </p>
<p><strong>कोटा निवासी 32 वर्षीय पुरुष को लगी किडनी</strong> <br />किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले सर्जन डॉ. नचिकेत व्यास ने बताया कि किडनी कोटा निवासी एक 32 वर्षीय पुरुष को लगाई गई है जो काफी समय से किडनी फेलियर की समस्या से जूझ रहा था। ट्रांसप्लांट के बाद किडनी अच्छे से काम कर रही है और घंटे 600 एमएल तक यूरीन बना रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 May 2024 16:17:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>1 साल में 945 ट्रांसप्लांट हुए, 269 मामले में मरीज और दानदाता रिश्तेदार नहीं, 171 विदेशियों के ऑर्गन लगे</title>
                                    <description><![CDATA[अवैध ट्रांसप्लांट का रिकॉर्ड नहीं मिला, 2020 से खेल चल रहा लेकिन दस्तावेज गायब मिले, कमेटी केवल एक साल के प्रत्यारोपण के कागजात एकत्रित कर पाई ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/945-transplants-took-place-in-1-year-in-269-cases/article-78153"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(12)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में फर्जी एनओसी से ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग की गठित उच्चस्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट बुधवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान ने चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर को एसीएस शुभ्रा सिंह की मौजूदगी में सौंप दी। रिपोर्ट आने के बाद खींवसर, शुभ्रा सिंह और इकबाल खान ने एक साथ मीडिया से बातचीत करते हुए बताया है कि 2020 से कितने ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुए, फर्जी एनओसी से चल रहे खेल के सारे रिकॉर्ड नहीं मिल पाए हैं। पुलिस ने स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ऑर्गेनाइजेशन यानी सोटो का ऑफिस सीज कर रखा था, दस्तावेज इधर-उधर थे। कितने अवैध ट्रांसप्लांट हुए, इसकी भी कोई रिकॉर्ड अनुसार जानकारी अभी नहीं जुटाई जा सकी है। इसके चलते कमेटी ने एक साल में हुए ऑर्गन ट्रांसप्लांट की रिपोर्ट तैयार की है। इसके अनुसार एक साल में अधिकृत 4 सरकारी और 11 प्राइवेट अस्पतालों में कुल 945 ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुए। जिनमें से 82 सरकारी और 863 प्राइवेट अस्पतालों में हुए। इनमें भी 933 का ही रिकॉर्ड मिला है। 882 किडनी और 51 लीवर ट्रांसप्लांट किए गए। करीब 18 फीसदी यानी 171 विदेशियों के अंग लगाए गए, जिनमें 95 फीसदी बांग्लादेशी मरीज थे। शेष 5 फीसदी नेपाली और कम्बोडियन थे। अब यह रिकॉर्ड सरकार द्वारा गठित एसआईटी को दिया जाएगा। प्रदेश में अब थोहा एक्ट के तहत ऑर्गन ट्रांसप्लांट की नई एसओपी भी बनाई जाएगी। </p>
<p><strong>एसआईटी से जांच इसलिए </strong><br />चिकित्सा शिक्षा आयुक्त इकबाल खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग में केवल ऑर्गन ट्रांसप्लांट एक्ट के उल्लंघन पर सीधे कोर्ट में दोषियों पर कार्रवाई का नियम है, लेकिन प्रदेश में हुए मामलों में अंग खरीदे-बेचे गए, पैसों का भारी लेन-देन हुआ, गिरोह लिप्त रहे ऐसे में पुलिस के समुचित प्राधिकारी लगाया गया और जांच एसआईटी के जिम्मे दी गई है। </p>
<p><strong>किस प्राइवेट अस्पताल में कितने ट्रांसप्लांट हुए </strong><br />सबसे ज्यादा फोर्टिज में 103, ईएचसीसी में 34, मणिपाल हॉस्पिटल में 31, महात्मा गांधी अस्पताल में 2 लोगों के ट्रांसप्लांट हुए। इनमें से शक की सुई महात्मा गांधी अस्पताल के अलावा अन्य अस्पतालों पर टिकी है। <br />डॉ. बागड़ी भी निलंबित, डॉ. बगरहट्टा और डॉ.अचल को 16 सीसीए का नोटिस <br />एसएमएस अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र बागड़ी को भी निलंबित कर दिया गया है। वे ट्रांसप्लांट से जुड़ी राज्य प्राधिकार समिति के कोर्डिनेटर थे। बिना तारीख और समय के उनके मीटिंग्स नोटिस मिले हैं। डॉ. बगरहट्टा और डॉ. अचल शर्मा को बर्खास्तगी के बाद अब 16 सीसीए का नोटिस जारी कर आगामी सेवा नियमों में कार्रवाई होगी। </p>
<p><strong>पूर्व सरकार से चला खेल, राजस्थान को देशभर में शर्मिंन्दा होना पड़ा : खींवसर</strong><br />चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि 2020 से यह खेल चल रहा था, हमारी सरकार आने के बाद मामला उजागर हुआ। सीएम ने इस पर जीरो टालरेंस की नीति पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। राजस्थान को मामले में देशभर में शर्मिन्दा होना पड़ा है। तत्कालीन केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत ने दो पत्र तब प्रदेश सरकार को लिखकर ऑर्गन ट्रांसप्लांट में अनियमितताओं पर अपनी बात कही थी। सोटों संचालन पर सवाल उठाए थे। लेकिन सोटों को हाईजैक कर मेडिकल कॉलेज से डॉ भंडारी आरयूएचएस ले गए। तीन की जगह दो ही कमेटियां कर दी गई। सोटो और कमेटियों की बैठकें नहीं होती थी। जो हुई उनकी मिनिट्स तक नहीं मिली। डॉ.बगरहट्टा और डॉ.अचल ने बिना उच्चस्तरीय परमिशन के मामले को एसीबी में दिया। दस दिन बाद एसीएस को बताया, यह गलत है। क्योंकि यह उनका व्यक्गित मामला नहीं था। ये दोनों भी कमेटियों के जिम्मेदार पद पर थे। लापरवाही उनकी भी थी, इसलिए कार्रवाई भी हुई। </p>
<p><strong>एसएमएस में भी हुए विदेशियों के प्रत्यारोपण</strong>  <br />एसएमएस अस्पताल में भी पिछले एक साल में आठ विदेशियों के ऑर्गन ट्रांसप्लांट होने की जानकारी आई है। हालांकि एसीएस शुभ्रा सिंह ने कहा कि यहां पैसों के लेन-देन या डॉक्टरों की संलिप्तता जैसी बात अभी सामने नहीं आई है लेकिन अभी जांच बाकी है, एसआईटी मामले में आगामी परतें खोलेंगी तो जो भी दोषी होगा, उन पर कार्रवाई होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 May 2024 10:05:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी एनओसी से ऑर्गन ट्रांसप्लांट: मंत्री खींवसर को जांच कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में फर्जी एनओसी व ऑर्गन ट्रांसप्लांट ह्यूमन ऑर्गन एक्ट के खिलाफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान ने चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को सौंप दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/investigation-committee-submitted-report-on-fake-noc-to-organ-transplant/article-78122"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/gajendra-singh.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में फर्जी एनओसी व ऑर्गन ट्रांसप्लांट ह्यूमन ऑर्गन एक्ट के खिलाफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान ने चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को सौंप दी है। सरकार अब रिपोर्ट के आधार पर दोषियों और लापरवाह जिम्मेदारों पर बड़ा कानूनी एक्शन लेने के मूड में है। वहीं पुख्ता सिस्टम बनाने के लिए सिफारिशों को लागू करने की कार्ययोजना बन सकती है। रिपोर्ट में फर्जी एनओसी से हुए ऑर्गन ट्रांसप्लांट में हुई अनियमितताओं, प्राप्त रिकॉर्ड से अवैध ट्रांसप्लांट के मामलों का ब्यौरा, ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए बनी कमेटियों की कब बैठकें हुई और उसमें क्या लापरवाही बरती गई, कमेटियों को तीन से घटाकर दो क्यों किया गया, बिना नियम चेयरमैन पद पर एसएमएस अस्पताल के प्रिंसिपल के अलावा अन्य क्यों लगे रहे, स्टेट ऑर्गन और टिश्यू ऑर्गेनाइजेशन यानी सोटों में मॉनिटरिंग में क्या कमी रहीं, एनओसी जारी बिना नियम अवैध रूप से कैसे होती रही, अस्पताल बेस्ड एडवाइजरी कमेटी में क्या कमियां रहीं, उसकी मॉनिटरिंग में क्या खामियां रहीं, जिम्मेदारों पर क्या-क्या सवाल खड़े हो रहे हैं, केन्द्र की एडवाइजरी के मुताबिक ट्रांसप्लांट की मंजूरी का प्रोसिजर क्यों नहीं अपनाया गया इत्यादि के बारे में पूरा विस्तृत ब्यौरा देगी। आगामी दिनों में अब ऑर्गन ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को ट्रांसप्लांट ऑफ ह्यूमन एक्ट के तहत कैसे मंजूरी दी जाए, उसकी मंजूरी का सिस्टम किस तरह से हाईटेक और रियल टाइम मॉनिटरिंग वाला हो, डोनर रिसीवर के दस्तावेजों के सत्यापन की क्या प्रक्रिया हो, उनका ऑनलाइन यूनिक आईडी कैसे विकसित किया जाए इत्यादि की सुझाव और सिफारिशें भी जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट में चिकित्सा मंत्री के मार्फत सरकार को करेगी।</p>
<p>प्रदेश में फर्जी एनओसी व ऑर्गन ट्रांसप्लांट ह्यूमन ऑर्गन एक्ट के खिलाफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान ने चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को सौंप दी है। सरकार अब रिपोर्ट के आधार पर दोषियों और लापरवाह जिम्मेदारों पर बड़ा कानूनी एक्शन लेने के मूड में है। वहीं पुख्ता सिस्टम बनाने के लिए सिफारिशों को लागू करने की कार्ययोजना बन सकती है। रिपोर्ट में फर्जी एनओसी से हुए ऑर्गन ट्रांसप्लांट में हुई अनियमितताओं, प्राप्त रिकॉर्ड से अवैध ट्रांसप्लांट के मामलों का ब्यौरा, ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए बनी कमेटियों की कब बैठकें हुई और उसमें क्या लापरवाही बरती गई, कमेटियों को तीन से घटाकर दो क्यों किया गया, बिना नियम चेयरमैन पद पर एसएमएस अस्पताल के प्रिंसिपल के अलावा अन्य क्यों लगे रहे, स्टेट ऑर्गन और टिश्यू ऑर्गेनाइजेशन यानी सोटों में मॉनिटरिंग में क्या कमी रहीं, एनओसी जारी बिना नियम अवैध रूप से कैसे होती रही, अस्पताल बेस्ड एडवाइजरी कमेटी में क्या कमियां रहीं, उसकी मॉनिटरिंग में क्या खामियां रहीं, जिम्मेदारों पर क्या-क्या सवाल खड़े हो रहे हैं, केन्द्र की एडवाइजरी के मुताबिक ट्रांसप्लांट की मंजूरी का प्रोसिजर क्यों नहीं अपनाया गया इत्यादि के बारे में पूरा विस्तृत ब्यौरा देगी।आगामी दिनों में अब ऑर्गन ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को ट्रांसप्लांट ऑफ ह्यूमन एक्ट के तहत कैसे मंजूरी दी जाए, उसकी मंजूरी का सिस्टम किस तरह से हाईटेक और रियल टाइम मॉनिटरिंग वाला हो, डोनर रिसीवर के दस्तावेजों के सत्यापन की क्या प्रक्रिया हो, उनका ऑनलाइन यूनिक आईडी कैसे विकसित किया जाए इत्यादि की सुझाव और सिफारिशें भी जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट में चिकित्सा मंत्री के मार्फत सरकार को करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 May 2024 18:00:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मानव अंग प्रत्यारोपण की फर्जी एनओसी मामला : चिकित्सा शिक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कमेटी गठित</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर प्रदेश में मानव अंग प्रत्यारोपण की फर्जी एनओसी मामले एवं निजी अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण प्रकरण के संबंध में जांच के लिए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fake-noc-case-of-human-organ-transplant-5-member-committee/article-74384"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/6633-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर प्रदेश में मानव अंग प्रत्यारोपण की फर्जी एनओसी मामले एवं निजी अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण प्रकरण के संबंध में जांच के लिए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है। यह समिति 15 दिवस ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा शुभ्रा सिंह ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में गठित इस उच्च स्तरीय कमेटी में रजिस्ट्रार राजस्थान मेडिकल कौंसिल, मानव अंग एवं उत्तक प्रत्यारोपण के प्राधिकृत अधिकारी, वरिष्ठ विधि परामर्शी तथा शासन उप सचिव चिकित्सा शिक्षा को सदस्य एवं नोडल अधिकारी-एनओटीपी को सदस्य सचिव के रूप में नामित किया गया है। </p>
<p>यह समिति अंग प्रत्यारोण की फर्जी एनओसी प्रकरण, निर्धारित प्रावधानों के तहत मानव अंग प्रत्यारोपण के लिए पंजीकृत सभी निजी अस्पतालों के संबंध में निदेशक जनस्वास्थ्य द्वारा गठित निरीक्षण दलों के माध्यम से प्राप्त सत्यापित रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगी। इसके साथ ही राज्य स्तरीय अधिप्रमाणन समिति की कार्य प्रणाली का परीक्षण कर लाइव ट्रांसप्लांट की मॉनिटरिंग के लिए एसओपी तैयार करने एवं एनओसी प्रक्रिया का विस्तृत अध्ययन कर आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत करेगी। उल्लेखनीय है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शुभ्रा सिंह ने स्व प्रसंज्ञान लेते हुए मानव अंग प्रत्यारोपण की फर्जी एनओसी एवं निजी अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण प्रकरण के संबंध में जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर 15 दिवस में रिपोर्ट सौपने के निर्देश दिए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Apr 2024 19:41:16 +0530</pubDate>
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                <title>ऑर्गन ट्रांसप्लांट एनओसी की प्रक्रिया अब होगी ऑनलाइन </title>
                                    <description><![CDATA[ ऑर्गन ट्रांसप्लांट एनओसी जारी करने में हुए फर्जीवाड़े से हरकत में आई राज्य सरकार के निर्देश के बाद एमएमएस मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को सुबह ऑर्गन ट्रांसप्लांट एनओसी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर बैठक आयोजित हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/organ-transplant-noc-process-will-now-be-online/article-74272"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/sms.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ऑर्गन ट्रांसप्लांट एनओसी जारी करने में हुए फर्जीवाड़े से हरकत में आई राज्य सरकार के निर्देश के बाद एमएमएस मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को सुबह ऑर्गन ट्रांसप्लांट एनओसी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर बैठक आयोजित हुई। कॉलेज प्राचार्य डॉ. राजीव बगरहट्टा की अध्यक्षता में आयोजित इस, बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में तय हुआ कि ऑर्गन ट्रांसप्लांट की पूरी प्रक्रिया को अब ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित निजी हॉस्पिटल से भी क्रॉस चेक किया जाएगा। वहीं ऑर्गन ट्रांसप्लांट की NOC की रेगुलर मीटिंग के भी प्रयास किए जाएंगे। बैठक में  एसएमएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा, नेफ्रोलॉजी HOD डॉ. धनंजय अग्रवाल, ट्रोमा इंचार्ज डॉ. अनुराग धाकड़ सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Apr 2024 16:16:34 +0530</pubDate>
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