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                <title>gram panchayats - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था बदहाल, ग्रामीण परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[लाखों रुपए के बजट का उद्देश्य नहीं हो रहा पूरा ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/sanitation-system-in-village-panchayats-is-in-bad-shape--villagers-are-troubled/article-117063"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(5)7.png" alt=""></a><br /><p>राजपुर। केन्द्र सरकार के चलाए जा रहे स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत अभियान की जमीनी स्तर पर पंख लगने की बजाय शाहाबाद पंचायत समिति क्षेत्र में अनदेखी की जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों को लाखों रुपए का बजट भेजा जा रहा है लेकिन इस बजट का उद्देश्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा। गांवों और कस्बों में कीचड़ और गंदगी से भरे रास्ते इस बात की गवाही दे रहे हैं कि जिम्मेदार कर्मचारी और सफाई ठेकेदार बजट को सिर्फ कागजों पर खर्च दिखाकर इतिश्री कर रहे हैं।</p>
<p><strong>नवज्योति की पड़ताल से समस्या आई सामने</strong><br />नवज्योति टीम ने बुधवार को शाहाबाद पंचायत समिति क्षेत्र के राजपुर, मुंडियर, किराड पहाड़ी, बेहटा, राजपुर सहरिया बस्ती, खांडा सहरोल बिची मामोनी सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों और मोहल्लों का दौरा किया। जहां हालात बद से बदतर मिले। आम रास्ते कीचड़ और गंदगी से अटे पड़े थे, नालियां टूटी-फूटी और जाम थीं। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए थे। जिससे मच्छरों ने डेरा जमा रखा है।</p>
<p><strong>सहरिया बस्तियों में हालात और भयावह</strong><br />सहरिया बस्तियों की स्थिति तो और भी चिंताजनक है। रमेशचंद, दुलार सिंह, फूलचंद, सुनीता बाई, डॉल सिंह, पुनिया बाई सहरिया, रामनाथी सहरिया, और दोजमल सहरिया सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत द्वारा कभी-कभार सफाई सिर्फ दबंगों के मोहल्लों में की जाती है। सहरिया बस्तियों में न सफाई होती है, न ही पानी निकासी की कोई व्यवस्था। बारिश के समय जलभराव की समस्या से लोग बुरी तरह प्रभावित होते हैं।</p>
<p><strong>पंचायती राज मंत्री से जांच की मांग</strong><br />ग्रामीणों ने पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर से मांग की है कि शाहाबाद उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी ठेकेदारों व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही बरसात से पहले नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत का सपना साकार हो सके।</p>
<p>सहरिया बस्तियों में न सफाई होती है और न ही पानी निकासी की कोई व्यवस्था है। जिससे समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। <br /><strong>- लखन सहरिया, बस्तीवासी। </strong></p>
<p>रास्ते में कीचड़ और गंदगी फैली हुई है। जिससे वहां निकलने में भी दिक्कत आती है। वहीं कीचड़ में फिसलने का भय बना रहता है। <br /><strong>- कल्लाराम प्रजापति, कस्बेवासी। </strong></p>
<p>नालियां टूटी फूटी हो रही है और उनमें गंदगी भरी होने से नालियां जाम हो जाती है। जिससे नालियोें का पानी रास्ते में जमा हो जाता है। जिससे आवागमन में परेशानी आती है। <br /><strong>- रश्मि सहरिया, बस्तीवासी </strong><br />    <br />शाहाबाद पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायतों की सहरिया बस्तियों में सफाई व्यवस्था चौपट है। शिकायत मिली है। ग्राम विकास अधिकारियों को निर्देशित कर रखा है कि सभी ग्राम पंचायत के वार्डों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित रखें। अगर कहीं भी इस तरीके की समस्या बनी हुई है तो समस्या का समाधान जल्दी करवा दिया जाएगा। <br /><strong>-  हर्ष महावर, विकास अधिकारी, शाहाबाद।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Jun 2025 16:07:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मूलभूत सुविधाओं को तरसे ग्रामीण, योजनाओं के लाभ के लिए भटक रहे </title>
                                    <description><![CDATA[दो ग्राम पंचायतों में बंटा होने के कारण वार्ड नंबर 13 का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है, यहां के निवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/ward-13-stuck-in-two--facilities-are-in-trouble/article-102519"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(3)10.png" alt=""></a><br /><p>चौमहला। राजस्थान सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों का पुन: गठन का कार्य किया जा रहा है, ऐसे में ग्राम पंचायत कोलवी उर्फ मंडी राजेंद्रपुर चौमहला के वार्ड क्रमांक 13 का निस्तारण कर दिया जाए तो इस वार्ड के निवासियों को राहत मिल सकेगी। यह वार्ड दो ग्राम पंचायतों में बंटा हुआ है। इसी आशय को लेकर बुधवार को वार्ड 13 के निवासियों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया है। ग्राम पंचायत कोलवी उर्फ मंडी राजेंद्रपुर चौमहला का वार्ड क्रमांक 13 दो पंचायतों में बंटा हुआ होने के कारण इसका समुचित विकास नहीं हो पा रहा है। इस वार्ड की कुछ जमीन ग्राम पंचायत तलावली में आती है, जबकि यहां रहने वाले चौमहला के निवासी कहलाते है, लोगों के राशन कार्ड,मतदाता परिचय पत्र,आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज चौमहला के ही बने हुए है। मकान निर्माण की स्वीकृति ग्राम पंचायत तलावली से लेनी पड़ती है। ग्राम पंचायत कोलवी उर्फ मंडी राजेंद्रपुर चौमहला का वार्ड नंबर 13 नई आबादी,शनि मंदिर रोड,विलावली रोड,सीटी पैलेस रोड आदि ग्राम पंचायत तलावली की जमीन पर बने हुए है, जबकि यह क्षेत्र चौमहला का कहलाता है। ग्राम पंचायत तलावली का गांव विलावली व चौमहला की दूरी मात्र एक किमी है। गांव विलावली व चौमहला दोनों एक हो चुके है, विलावली रोड पर सड़क के दोनों ओर घनी आबादी बस चुकी है,राजस्व रिकॉर्ड में भी यह जमीन तलावली ग्राम पंचायत की दर्शाई जाती है,चौमहला की बढ़ती जनसंख्या व्यापार व्यवसाय को देखते हुए चौमहला बिलावली मार्ग पर काफी दुकानें लग चुकी है। काफी मकान बन गए  इस मार्ग पर काफी चहल पहल रहने लगी है। यह पूरा हिस्सा चौमहला का कहलाता है।</p>
<p><strong>मूलभूत सुविधाओं का अभाव</strong><br />दो ग्राम पंचायतों में बंटा होने के कारण वार्ड नंबर 13 का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है, यहां के निवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां पेयजल का संकट है जलदाय विभाग द्वारा यहां पाइप लाइन नहीं बिछा रखी है,गली मोहल्लों में सड़क नालियों का आभाव है। यहां सफाई भी नहीं होती है मकान मालिक अपने अपने सामने सफाई करते है। बुधवार को वार्ड नंबर 13 के निवासियों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर इस समस्या का निस्तारण करने की मांग की है, उन्होंने तलावली ग्राम पंचायत की भूमि चौमहला पंचायत में शामिल करने की मांग रखी।</p>
<p>हमारे रोड नहीं है, नालियां नहीं है। हमारी कही सुनवाई नहीं हो रही है जबकि हमने जिला कलक्टर, एसडीएम को भी गुहार लगाई है। हमारी न चौमहला ग्राम पंचायत सुनती है ना तलावली।<br /><strong>- महावीर जैन, निवासी वार्ड नंबर 13 चौमहला।</strong></p>
<p>चौमहला व बिलावली के बीच शनि मंदिर क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव है। बारिश में पानी भर जाता है निकलने में भी दिक्कत होती है बच्चें स्कूल नहीं जा पाते है। दोनों ही ग्राम पंचायतों में हमारी कोई सुनवाई नहीं होती है। सफाई भी नहीं होती। <br /><strong>- मनोहर मोदी, निवासी शनि मंदिर रोड चौमहला।</strong></p>
<p>हमारी कही सुनवाई नहीं होती है। रोड व नालियां नहीं होने से बारिश का पानी जमा हो जाता है। जिससे बीमारियां फैलने का डर रहता है। घरों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है।<br /><strong>- प्रदीप जैन, निवासी वार्ड नंबर 13 चौमहला</strong></p>
<p>हम लोग रोड, पेयजल, रोड लाइट्स के लिए परेशान हो रहे है। हम लोग चौमहला व तलावली ग्राम पंचायतों के बीच फंसे हुए है। दोनों ही जगह हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।<br /><strong>- शंकर लाल, निवासी शनि मंदिर रोड चौमहला</strong></p>
<p>वार्ड नंबर 13 के निवासियों का परिवाद प्राप्त हुआ है,ग्राम पंचायतों का पुन गठन का कार्य जारी है नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। <br /><strong>- छत्रपाल सिंह चौधरी, उपखंड अधिकारी, चौमहला</strong></p>
<p>वार्ड नंबर 13 के निवासियों का परिवाद प्राप्त हुआ है,ग्राम पंचायतों का पुन गठन का कार्य जारी है नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। <br /><strong>- छत्रपाल सिंह चौधरी, उपखंड अधिकारी, चौमहला</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 16:26:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>50 से अधिक नगर पालिकाएं फिर से बन सकती हैं ग्राम पंचायतें, गहलोत सरकार का बदलेगा एक और फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[स्वायत्त शासन और यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि  पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय केवल वोट बैंक के लिए पालिकाओं का गठन कर दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/more-than-50-municipalities-can-become-gram-panchayats-again/article-84239"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/jhabar-singh-kharra.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भाजपा की भजनलाल सरकार पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार का एक और फैसला बदलने की तैयारी कर रही है। कांग्रेसराज में ग्राम पंचायतों से बनी नई नगरपालिकाओं का फिर से रिव्यू होगा अर्थात 50 से अधिक पालिकाएं फिर से ग्राम पंचायतें बन सकती हैं। इस मसले पर उच्च स्तरीय मंथन भी हो चुका है। अब सरकार के स्तर पर एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जो इन पालिकाओं की समीक्षा करते हुए रिपोर्ट तैयार करेगी।</p>
<p><strong>कब-कब बनी पालिकाएं</strong><br />पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अपने बजट 2020-21, 2021-22, 20022-23 एवं 2023-24 में घोषणा करते हुए नई नगरपालिकाओं का गठन किया। इन पालिकाओं के लिए वार्डों की संख्या जनगणना-2011 के अनुसार प्रस्तावित कर दी, लेकिन इनका परिसीमन का कार्य नहीं हो सका।</p>
<p><strong>सर्वाधिक अलवर में दस और 18 जिलों में एक-एक पालिका बनी</strong><br />कांग्रेस सरकार के शासन में सबसे ज्यादा पालिकाओं का गठन अलवर जिले में किया गया अर्थात दस नई पालिकाएं गठित की गई। इसके अलावा दौसा में सात, जयपुर ग्रामीण, उदयपुर एवं कोटपूतली-बहरोड़ में चार-चार पालिकाएं गठित की गई, जबकि खैरथल-तिजारा एवं बारां में तीन-तीन, दूदू, नीमकाथाना, झुंझुनूं, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, गंगापुरसिटी, कोटा, बूंदी, नागौर, भीलवाड़ा, जोधपुर ग्रामीण, हनुमानगढ़, सलूंबर, प्रतापगढ़ व डूंगरपुर में दो-दो तथा  सीकर, डीग, भरतपुर, केकड़ी, टोंक, सांचौर, जालौर, सिरोही, पाली, जोधपुर, फलौदी, जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, बालोतरा, राजसमंद, चित्तौडगढ़ व बांसवाड़ा में एक-एक पालिका का गठन किया गया था।<br />आठ पालिकाओं की जनसंख्या दस हजार से भी कम: वैसे तो नगर पालिका गठन में जनगणना वर्ष 2011 की आबादी को आधार रखा गया, लेकिन आठ पालिकाएं ऐसी हैं, जिनकी आबादी दस हजार से भी कम हैं, जिसमें के आधार पर रामगढ़-पचवारा, टपूकड़ा, कोटकासिम, मण्डरायल, रायपुर, सीमलवाड़ा, आसपुर, दलोट शामिल हैं। </p>
<p>स्वायत्त शासन और यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि  पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय केवल वोट बैंक के लिए पालिकाओं का गठन कर दिया गया। कई जगहों से लोगों ने शिकायत की है कि हमें ग्रामीण से जबर्दस्ती शहरी क्षेत्र में डाल दिया गया। हम तो वापस ग्रामीण क्षेत्र में ही रहना चाहते हैं। ऐसे में इन सभी पालिकाओं का नए सिरे से रिव्यू किया जाएगा।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 10:54:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परेशानी: सहरिया इलाकों में नही है दमकल</title>
                                    <description><![CDATA[आगजनी की घटनाओं में समय पर आग न बुझाने से होता है भारी नुकसान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/problem--there-is-no-fire-brigade-in-sahariya-areas/article-75640"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/pareshani---sehriya-elako-mai-nahi-hai-damkal...rajpur.-baran-news-22-04-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>राजपुर। राजपुर सहित आसपास के सहरिया क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में एक भी दमकल नहीं है। ऐसे में जब आगजनी की घटनाएं होती है तो समय पर आग न बुझा पाने से भारी तबाही होती है। वन क्षेत्र में वन संपदा और वन्यजीवों को नुकसान होता है। आबादी में भी आग को बुझाने के लिए फायर बिग्रेड की कमी से कई बार लाखों का नुकसान हो जाता है। कहने को तो शाहबाद मुख्यालय है लेकिन उपखंड मुख्यालय इलाके में कई मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को सुविधाओं के लिए वर्षों से तरसना पड़ रहा है। उपखंड मुख्यालय के तहत कई ग्राम पंचायत मुख्यालय जुड़े हुए हैं लेकिन सबसे बड़ी बात तो यह है कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही हर वर्ष शाहबाद क्षेत्र के जंगलों में आगजनी की घटनाएं आए दिन देखने को मिलती हैं तथा आबादी क्षेत्र में आगजनी की घटना होती रहती हैं। इसी को लेकर लंबे समय से क्षेत्र के लोग दमकल की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं लेकिन अभी तक लोगों की मांग पूरी नहीं हुई है। उपखंड मुख्यालय पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं होने के चलते क्षेत्र में आगजनी की घटनाएं घातक होती हैं तो दौरान भारी नुकसान झेलना पड़ता है। उस समय फायर ब्रिगेड की कमी क्षेत्रवासियों को खलती है। </p>
<p>सचिन शुक्ला, डेविड भार्गव, हेमराज नामदेव, जितेंद्र राठौर, हेमंत खत्री, अखिलेश भार्गव आदि ने बताया है कि उपखंड मुख्यालय पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी लगाने की मांग क्षेत्र के लोग लंबे समय से करते आ रहे हैं लेकिन जब भी क्षेत्र में कोई जनप्रतिनिधि आते हैं तो इस मांग को कई बार उनके सामने रखा है लेकिन झूठे आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है। अभी क्षेत्र में बीते 8 दिनों से आगजनी की घटनाएं ज्यादा हो रही है। शाहबाद के जंगलों में बीते दो दोनों में भयंकर आग का तांडव देखने को मिला है जिसमें पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ है। वही प्रशासन में आम लोगों को भी परेशानी का सामना इस दौरान करना पड़ा है। इस भयंकर आग के तांडव की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल चुकी थी इसको लेकर मौके पर जिला कलक्टर सहित प्रशासनिक अमला की घटना स्थल पर पहुंचा लेकिन इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद भी कोई सबक लेता नजर नहीं आ रहा है क्षेत्र में जब भी आज जाने की घटनाएं देखने को मिलती हैं तो कई पीड़ित परिवारों का फायर ब्रिगेड की कमी के चलते काफी नुकसान हो जाता है। अगर उपखंड मुख्यालय पर प्रशासन फायर ब्रिगेड की सुविधा उपलब्ध कराए तो कई लोगों को राहत मिलेगी। क्षेत्र के लोगों ने उपखंड मुख्यालय को फायर ब्रिगेड की गाड़ी लगाने की मांग क्षेत्रीय विधायक ललित मीणा और जिला कलक्टर से की है।</p>
<p>शाहबाद सहरिया क्षेत्र में आगजनी की घटनाएं घटित होती रहती हैं। इसको लेकर प्रशासन जन प्रतिनिधियों को ध्यान देना चाहिए और उपखंड मुख्यालय पर फायर ब्रिगेड गाड़ी की सुविधा करवाना चाहिए।<br /><strong>- कल्लाराम प्रजापत </strong></p>
<p>दमकल की कमी आगजनी की घटना होने पर खलती इलाके में सुविधा होनी चाहिए किसी भी फंड से दमकल की सुविधा सहरिया इलाके में मुहैया करानी चाहिए।<br /><strong>- राहुल शर्मा, दुकानदार </strong></p>
<p>फायर बिग्रेड की मांग लम्बे समय से लोग करते आ रहे हैं तहसील व उपतहसील मुख्यालय पर ये सुविधा नही हैं। सहरिया परियोजना विभाग,विधायक कोष के फंड से फायर बिग्रेड की गाड़ी मिलना चाहिए।<br /><strong>- ओमप्रकाश वशिष्ठ, किसान </strong></p>
<p>विधानसभा क्षेत्र में आगजनी की घटनाएं होती हैं तो दमकल की कमी खलती है। आगजनी की घटना होने पर कई लोगों को काफी नुकसान झेलना पड़ता है। उपखंड मुख्यालय पर प्रशासन को फायर ब्रिगेड की सुविधा मुहैया करवाना चाहिए।<br /><strong>- अखिलेश भार्गव, ग्रामीण।</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />सहरिया क्षेत्र के लोगों की समस्या है लंबे समय से मांग जारी है। फायर ब्रिगेड की सुविधा मुहैया कराने के प्रयास किए जाएंगे।<br /><strong>- जब्बर सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर शाहाबाद </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Apr 2024 17:41:39 +0530</pubDate>
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