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                <title>47 इतना छोटा और 34 इतना बड़ा वार्ड कैसे</title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड 34 में सबसे अधिक 23,779 मतदाता हैं, जबकि वार्ड 47 में सबसे कम 3,805 मतदाता हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-ward--municipal-corporation--voters--elections--election-department/article-164896"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(2)18.png" alt=""></a><br /><p> कोटा।  नगर निगम कोटा के 100 वार्डों के लिए 11 सितम्बर को होने वाले मतदान में इस बार 8 लाख 26 हजार 923 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इस बार 100 में से 65 वार्ड ऐसे हैं जिनमें मतदाताओं की संख्या 5 से 10 हजार के बीच है।कोटा में पहले जहां दो नगर निगम और वार्डों की संख्या 150 थी। वहीं सरकार बदलने के बाद कोटा में फिर से एक नगर निगम बनाया गया। साथ ही वार्डों की संख्या घटाकर 100 कर दी गई। ऐसे में पांच साल पहले हुए परिसीमन के बाद इस बार फिर से नए सिरे से परिसीमन किया गया। परिसीमन से पहले जहां वार्ड छोटे व मतदाताओं की संख्या कम थी। वहीं परिसीमन के बाद वार्ड बड़े हो गए और मतदाताओं की संख्या बढ़ गई। इसके बाद भी कई वार्ड तो बहुत कम मतदाता वाले हैं और कई वार्ड अधिक मतदाता वाले।</p>
<p>जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटा में वार्ड 34 मतदाताओं के हिसाब से सबसे बड़ा है। यहां सबसे अधिक 23779 मतदाता हैं। जबकि सबसे छोटा वार्ड 47 है। जहां मतदाताओं की संख्या सबसे कम 3805 है। सबसे बड़े व सबसे छोटे वार्ड में करीब 20 हजार मतदाताओं का अंतर है।</p>
<p><strong>सबसे बड़े व सबसे छोटे तीन-तीन वार्ड</strong><br />निर्वाचन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम में इस बार मतदाताओं के हिसाब से सबसे बड़े तीन वार्डों में वार्ड 34 में 23779 मतदाता है। वहीं वार्ड 20 में 17859 व वार्ड 26 में 16407 मतदाता हैं।इधर सबसे छोटे तीन वार्डों में वार्ड 47 में 3805, वार्ड 40 में 3833 और वार्ड 1 में 3858 मतदाता हैं।</p>
<p><strong>4 से 5 हजार वाले 9 वार्ड</strong><br />निगम के 100 वार्डों में से 9 वार्ड ऐसे हैं जिनमें मतदाताओं की संख्या 4 से 5 हजार के बीच है। वार्ड 2, 56,78,79,86,93, 98, 99 व वार्ड 100 है।</p>
<p><strong>10 हजार से अधिक के 23 वार्ड</strong><br />नगर निगम में नए सिरे से हुए परिसीमन के बाद जहां वार्डों में मतदाताओं के बीच काफी अंतर रहा है। ऐसे में 23 वार्ड ऐसे हैं जिनमें मतदाताओं की संख्या 10 हजार से अधिक है। इनमें वार्ड 35, 6,7.9.18,20,21,24,26,29,31,32,34,36,37,42,45,51,60,62,65 व 68 शामिल हैं।वहीं 65 वार्ड ऐसे हैं जिनमें मतदाताओं की संख्या 5 से 10 हजार के बीच है।</p>
<p><strong>वार्ड 76 में सबसे अधिक 9 थर्ड जेंडर</strong><br />निगम के 100 वार्डों में थर्ड जेंडर के कुल 33 मतदाता हैं। इनमें सपसे अधिक 9 थर्ड जेंडर मतदाता वार्ड 76 में है। जबकि वार्ड 49 व 62 में 3-3, वार्ड 27,30 व 77 में 2-2 थर्ड जेंडर मतदाता है। जबकि 11 वार्ड ऐसे हैं जिनमें 1-1 ही थर्ड जेंडर है। स्थिति यह है कि 100 में से मात्र 18 वार्डों में ही कुल 33 थर्ड जेंडर है। जबकि 82 वार्डों में एक भी थर्ड जेंडर मतदाता नहीं है।</p>
<p><strong>महिला-मतदाता भी बराबर</strong><br />इस बार निगम चुनाव में जहां कुल 8 लाख 26 हजार 923 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। उनमें पुरुषों की संख्या महिला मतदाताओं से कुछ अधिक जरूर है लेकिन महिला मतदाता भी लगभग समान ही है। पुरुष मतदाताओं की संख्या 4 लाख 19 हजार 216 है और महिला मतदाताओं की संख्या 4 लाख 7 हजार 674 मतदाता हैं। वहीं 33 थर्ड जेंडर हैं।</p>
<p><strong>छोटे वार्डों में सम्पर्क आसान</strong><br />जानकारों के अनुसार निगम के जो वार्ड छोटे हैं या कम मतदाता वाले हैं। उनमें प्रत्याशियों का और जीतने के बाद पार्षदों का अपने मतदाताओं व वार्ड के लोगों से सम्पर्क आसानी से हो सकेगा। जबकि बड़े व अधिक मतदाताओं वाले वार्डों में सभी मतदाताओं तक पहुंचकर सम्पर्क करना मुश्किल होगा।</p>
<p><strong>निगम में 4 विधानसभा शामिल</strong><br />निगम के 100 वार्डों में कोटा की चार विधानसभाएं शामिल हैं। कोटा उत्तर के 30, कोटा दक्षिण के 40, लाड़पुरा के 24 और रामगंजमंडी विधानसभा के 6 वार्ड शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 15:02:04 +0530</pubDate>
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                <title>विकास के दावों के बीच बदहाल वार्ड, समस्याओं से जूझ रहे क्षेत्रवासी </title>
                                    <description><![CDATA[टूटे झूलों और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव से पार्क बदहाल, श्रीनाथपुरम में सामुदायिक भवन की दरकार।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wards-in-poor-condition-despite-development-claims--residents-grappling-with-issues/article-164479"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(3)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के छह वार्डों में विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं को लेकर की गई जमीनी पड़ताल में लोगों की नाराजगी सामने आई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे अपने पार्षद और जनप्रतिनिधियों से सबसे अधिक उम्मीद मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की रखते हैं। यदि पानी, सड़क, सफाई, बिजली और सुरक्षा जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान ही नहीं हो सकता तो फिर चुनाव लड़ने और जनता से वोट मांगने का क्या औचित्य है। वार्ड क्षेत्र में आने वाले केशवपुरा में नाले की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है तथा गंदा पानी क्षेत्र में फैलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं श्रीनाथपुरम में सामुदायिक भवन की समस्या बनी हुई है। लोगों ने बताया कि इन समस्याओं से कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है।</p>
<p><strong>अपने खर्चे से भरवा रहे सड़क के गड्ढे</strong><br />केशवपुरा क्षेत्र की मुख्य सड़कों की हालत भी बदहाल बनी हुई है। जगह-जगह गड्ढे और सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार सड़क मरम्मत की मांग करने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालात यह हैं कि कुछ स्थानों पर क्षेत्रवासियों ने स्वयं अपने पैसे खर्च कर सड़कों के गड्ढे भरवाए हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होने के बावजूद आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए खुद आगे आना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द मरम्मत करवाने की मांग की है।</p>
<p><strong>पार्क में टूटे झूले, सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल</strong><br />वार्ड क्षेत्र के केशवपुरा सेक्टर-6 में स्थित पार्क भी उपेक्षा का शिकार है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क तो बना हुआ है, लेकिन बच्चों के मनोरंजन के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। पार्क में नए झूले नहीं लगाए गए हैं, जबकि पहले से लगे कई झूले टूटे और क्षतिग्रस्त हालत में पड़े हैं। इससे बच्चों को खेलने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उचित रखरखाव और निगरानी के अभाव में पार्क धीरे-धीरे असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। शाम के समय यहां संदिग्ध गतिविधियां होने से आसपास रहने वाले परिवारों में भी चिंता बनी रहती है। लोगों ने पार्क में टूटे झूलों को हटाकर नए झूले लगाने, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और नियमित निगरानी के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार विभाग समय रहते इन समस्याओं का समाधान करें तो आम लोगों को राहत मिल सकती है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद अनुराग गौतम</strong><br />कार्यकाल के दौरान वार्ड में कराए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि पहले जहां अधिकांश सड़कें डामर की थीं, वहां सीसी रोड का निर्माण कराया गया। पार्कों में ओपन जिम स्थापित करवाए गए और आमजन की सुविधा के लिए जनता क्लिनिक खुलवाया गया। सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की गई तथा सुलभ कॉम्प्लेक्स का जीर्णोद्धार भी कराया गया। हालांकि वार्ड में आज भी नगर निगम की ओर से सामुदायिक भवन का अभाव बना हुआ है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद बालचंद शर्मा</strong><br />कार्यकाल के दौरान वार्ड में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी गई। क्षेत्र में कई सीसी रोड का निर्माण करवाया गया और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई पानी की पाइपलाइन डलवाई गई। धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए मंदिरों का जीर्णोद्धार भी कराया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड में समस्याएं जरूर थीं, लेकिन जनप्रतिनिधि के रूप में हमेशा वार्डवासियों की शिकायतों का समाधान कराने का पूरा प्रयास किया गया।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद कुलदीप गौतम</strong><br />कार्यकाल से पहले करीब 20 वर्षों तक व्यायामशाला के बाहर बना कचरा पॉइंट क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ था, जिसका समाधान कराया गया। संतोषी नगर सब्जी मंडी में व्यवस्थाओं को सुधारते हुए सीसी रोड का निर्माण करवाया गया तथा वार्ड में पेयजल आपूर्ति बेहतर करने के लिए पानी की पाइपलाइन भी डलवाई गई। हालांकि उन्होंने माना कि वार्ड क्षेत्र में नालों और जल निकासी की समस्या आज भी बनी हुई है।</p>
<p><strong>वार्डवासी राजेंद्र शर्मा</strong><br />क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए बताया कि वार्ड क्षेत्र में पार्क तो बना हुआ है, लेकिन वहां लगे झूले टूट चुके हैं और पार्क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। देखरेख के अभाव में यह पार्क असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि वार्ड में सामुदायिक भवन का भी अभाव है। साथ ही क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्डवासी ओम बंजारा</strong><br />क्षेत्र की मुख्य सड़क लगातार क्षतिग्रस्त होती जा रही है और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। सड़क पर बने कई स्पीड ब्रेकर भी टूट चुके हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या से कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं होने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी बनी हुई है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 90 से 95 का क्षेत्रवार विवरण</strong><br /><strong>-वार्ड नंबर 90:</strong> इस वार्ड में श्रीनाथपुरम सेक्टर-बी का अधिकांश भाग, अग्निशमन केंद्र, श्रीनाथपुरम, श्रीनाथपुरम सेक्टर-ए, बालाजी मार्केट, एलआईसी भवन सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 91:</strong> वार्ड क्षेत्र में टीचर कॉलोनी सेक्टर-1 व सेक्टर-2, रंगविहार, कंपीटीशन कॉलोनी तथा अंबेडकर बस्ती सहित आसपास के इलाके शामिल हैं।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 92: </strong>इस वार्ड में केशवपुरा सेक्टर-6 और केशवपुरा सेक्टर-7 का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 93:</strong> वार्ड क्षेत्र में रामजानकी मंदिर, तेजाजी पार्क, राजपूत सेक्टर, आशिक केशवपुरा, केशवपुरा सेक्टर-4 तथा कुम्हारों का मोहल्ला शामिल है।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 94:</strong> इस वार्ड में इंदिरा विहार का आधा क्षेत्र जवाहर नगर थाने के पीछे का इलाका तथा तलवंडी सेक्टर-2 और सेक्टर-3 सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 95: </strong>वार्ड क्षेत्र में आशिक केशवपुरा सेक्टर-4 व सेक्टर-6, गुजराती बस्ती, हरिजन बस्ती, भील बस्ती तथा सुनारों का मोहल्ला शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 14:58:18 +0530</pubDate>
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                <title>कहीं डिस्पेंसरी नहीं, तो कहीं पार्क और सामुदायिक भवन का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[न्यू क्लॉथ मार्केट में जाम, मोहन टॉकीज रोड बदहाल, साबरमती हरिजन बस्ती में सफाई व्यवस्था पर सवाल  ।   
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/poor-facilities-in-karbala--daily-traffic-jams-on-the-rampura-ladpura-road/article-164275"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)57.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के वार्ड नंबर 77 से 82 तक की छह वार्डों की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान आमजन की समस्याएं एक बार फिर खुलकर सामने आईं। रिपोर्टिंग के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से बातचीत की गई तो कहीं जाम, कहीं क्षतिग्रस्त सड़कें, तो कहीं साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था प्रमुख समस्या के रूप में सामने आई। कई इलाकों में लोगों ने डिस्पेंसरी, पार्क और सामुदायिक भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव की भी शिकायत की।</p>
<p><strong>बाजार में जाम, टूटी सड़कें</strong><br />वार्ड क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या यातायात और सड़कों की स्थिति को लेकर दिखाई दी। न्यू क्लॉथ मार्केट जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र में दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है। यहां बाजार में आने वाले लोगों और व्यापारियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। संकरी सड़कों और अव्यवस्थित यातायात के कारण कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि बढ़ते यातायात के बावजूद यहां स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे।</p>
<p>वहीं मोहन टॉकीज रोड की क्षतिग्रस्त सड़क भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है, जबकि बारिश के दिनों में समस्या और अधिक बढ़ जाती है।साबरमती हरिजन बस्ती में साफ-सफाई की स्थिति को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से कई जगह गंदगी जमा रहती है। नालियों और आसपास के क्षेत्रों की उचित सफाई नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए नियमित निगरानी और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।</p>
<p><strong>बुनियादी सुविधाओं का अभाव</strong><br />इन छह वार्डों में कई ऐसे क्षेत्र भी सामने आए, जहां आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कहीं लोगों को उपचार के लिए आसपास डिस्पेंसरी की सुविधा नहीं मिलती तो कहीं बच्चों और बुजुर्गों के लिए पार्क नहीं है। कई क्षेत्रों में सामुदायिक भवन की कमी भी लोगों को महसूस होती है। सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए लोगों को दूसरे क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की नाराजगी जनप्रतिनिधियों को लेकर भी सामने आई। लोगों ने बेबाकी से कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि घर-घर पहुंचकर समस्याएं सुनते हैं और विकास के कई वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद आमजन की समस्याओं को भूल जाते हैं।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद सुमन पेशवानी</strong><br />वार्ड में कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई। क्षेत्र के विकास और सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देते हुए पार्कों का जीर्णोद्धार कराया गया। उन्होंने कहा कि वार्डवासियों को जब भी कोई समस्या आती है, उसका समय-समय पर समाधान कराने का प्रयास किया जाता है। जनसुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार क्षेत्र की समस्याओं पर नजर रखी गई।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद आरती शाक्यवाल</strong><br />वार्ड में पानी की समस्या प्रमुख थी। इसे गंभीरता से लेते हुए पूरे वार्ड में नई पाइपलाइन डलवाकर लोगों को राहत दिलाई गई। क्षेत्र में सामुदायिक भवन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है, लेकिन अन्य सुविधाओं के विस्तार के प्रयास किए गए। साथ ही पार्कों का जीर्णोद्धार कर उन्हें बेहतर स्वरूप देने का काम भी कराया गया।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद राजीव अग्रवाल</strong><br />वार्ड में सड़क, रोड लाइट, नालियों, सफाई और पेयजल जैसी कई समस्याएं थीं, जिनका प्राथमिकता से समाधान कराया गया। हाउसिंग बोर्ड की करीब 50 वर्ष पुरानी कॉलोनी में पहली बार नालियों का निर्माण मेरे द्वारा कराया गया। इसके अलावा वार्डवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पट्टे एवं अन्य आवश्यक विकास कार्य भी करवाए गए।</p>
<p><strong>वार्डवासी प्रिंस नागवानी</strong><br />जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्षद को अपने क्षेत्र के लोगों के साथ व्यवहार कुशल और सहज होना चाहिए। उनका आरोप है कि पार्षद न तो नियमित रूप से वार्ड में दिखाई देते हैं और न ही लोगों के घर जाकर उनकी समस्याएं जानने का प्रयास करते हैं। चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधियों का आमजन से दूर हो जाना वार्डवासियों के लिए बड़ी परेशानी बनता है।</p>
<p><strong>वार्डवासी ओम प्रकाश</strong><br />क्षेत्र में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और जनप्रतिनिधि भी लोगों की समस्याएं जानने के लिए वार्ड में नहीं आते। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आने पर जनप्रतिनिधि जरूर जनता के बीच पहुंचते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद पांच वर्षों तक क्षेत्र की सुध लेने वाले नजर नहीं आते। इससे वार्डवासियों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बनी हुई है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व क्षेत्र</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 77</strong> में बीबी जोहरा मस्जिद, जैन मंदिर, चंद्रघटा, बड़ का चौक, शीतला माता मंदिर, भूत गली, पुरानी सब्जी मंडी, हजीरा कब्रिस्तान, गीता भवन, न्यू क्लॉथ मार्केट, फायर ऑफिस, सिंधी मार्केट, मछली मार्केट, इंस्पेक्टर स्कूल, इंदिरा मार्केट, घंटाघर तिराहा, मोहन टॉकीज रोड, बागर हाउस, कोलीपाड़ा, पायगा स्कूल, बांस-बल्लियों का मार्केट, खारवाल मंदिर, टिप्पन की चौकी, बंबुलिया चौक और लुहारों का मंदिर सहित आसपास का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 78</strong> में महिला थाना, श्रीपुर गर्ल्स स्कूल, कृष्णा दूध डेयरी, बबरा पाड़ा, राम तलाई, कच्ची बस्ती, झूलेलाल मंदिर, तिकोना पार्क, सूरजपोल गेट, साबरमती हरिजन बस्ती, छोटा गाड़ीखाना का आधा भाग, पशु प्रशिक्षण केंद्र और बेसिक मॉडल स्कूल का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 79</strong> के अंतर्गत बिरला मेडिकल, राष्ट्रदूत कार्यालय, भीम छात्रावास, साबरमती हरिजन कॉलोनी का आधा भाग, बड़ा गाड़ीखाना, न्यू मेडिकल स्कूल, पानी की टंकी, मोखापाड़ा, हाउसिंग बोर्ड और साबरमती कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 80</strong> में गुमानपुरा न्यू कॉलोनी, गुमानपुरा चौपाटी, शॉपिंग सेंटर, मोटर मार्केट, मल्टीपरपज स्कूल, टीचर कॉलोनी, गुमानपुरा सिंधी स्कूल, संपूर्ण सिंधी कॉलोनी और आरपीएस कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 81</strong> में संपूर्ण बल्लभनगर, बल्लभनगर एक्सटेंशन, संपूर्ण अशोका कॉलोनी, भाटिया स्कूल वाली लाइन, सोफिया स्कूल, सेंट पॉल स्कूल, सरकारी स्कूल, बंजारा कॉलोनी, एयरपोर्ट परिसर और घोड़ा बस्ती सहित आसपास का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 82</strong> में अंबेडकर भवन, प्रगति मैदान, पशु मेला परिसर, पुलिस कंट्रोल रूम, बकरा मंडी, फंटा मंडी और संपूर्ण साजिदेहड़ा क्षेत्र शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 15:03:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कर्बला में बदहाल सुविधाएं, रामपुरा-लाडपुरा की सड़क पर रोज जाम</title>
                                    <description><![CDATA[डेढ़ महीने पहले शुरू हुआ नया कॉम्प्लेक्स भी बना परेशानियों का केंद्र, पानी तक की व्यवस्था नहीं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/poor-facilities-in-karbala--daily-traffic-jams-on-the-rampura-ladpura-road/article-164273"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(1)85.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के वार्ड नंबर 72 से 76 तक की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान क्षेत्र के कई इलाकों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। कहीं नया कॉम्प्लेक्स शुरू होने के कुछ ही दिनों में बदहाली का शिकार नजर आ रहा है तो कहीं लोगों को सामुदायिक भवन की महंगी दरें परेशान कर रही हैं। वहीं रामपुर और लाडपुरा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के लगातार सिकुड़ने से रोजाना लगने वाला जाम आमजन के लिए सिरदर्द बन चुका है। वार्ड क्षेत्र में आने वाले कर्बला इलाके में स्थित नया कॉम्प्लेक्स डेढ़ महीने पहले ही शुरू हुआ, लेकिन यहां की स्थिति बेहद दयनीय नजर आई। कॉम्प्लेक्स में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। नल टूटे हुए हैं तो पानी की टंकियां भी फटी हुई बताई जा रही हैं। लोगों का कहना है कि नया कॉम्प्लेक्स शुरू होने के बावजूद जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में क्षेत्रवासियों को सवाल है कि जब नई व्यवस्था इतनी जल्दी बदहाल हो गई तो इसके रखरखाव और जिम्मेदारी की जवाबदेही आखिर किसकी है।</p>
<p>वार्ड क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इलाके में सामुदायिक भवन, डिस्पेंसरी, पार्क और राशन की दुकान जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। वहीं खाई रोड़ क्षेत्र में लोग सफाई नहीं होने से परेशाना है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोगों को दूसरे क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास की योजनाएं तो बनती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी सुविधाएं पूरी नहीं हो पातीं। सुविधाओं की कमी के कारण क्षेत्र के लोगों में निराशा और आक्रोश दोनों दिखाई दिया।</p>
<p><strong>महंगा सामुदायिक भवन और बाजार में जाम ने बढ़ाई परेशानी</strong><br />वार्ड क्षेत्र के रामपुर इलाके में गाड़ीखाना स्थित सामुदायिक भवन का किराया आम वार्डवासियों की पहुंच से बाहर बताया जा रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सामुदायिक भवन स्थानीय लोगों की जरूरतों के लिए बनाया गया है, लेकिन अधिक किराया होने के कारण जरूरतमंद परिवार इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि किराया कम किया जाए, ताकि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार भी सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए इसका लाभ उठा सकें।<br />रामपुर बाजार में वाहनों का जाम भी बड़ी समस्या बना हुआ है। बाजार की सड़कों पर वाहन फंसने से राहगीरों और दुकानदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई जगह बिजली के खंभों से लटकते तार भी लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं।</p>
<p><strong>रामपुरा-लाडपुरा मुख्य सड़क बनी सबसे बड़ी चुनौती</strong><br />क्षेत्र में सबसे गंभीर समस्या रामपुर और लाडपुरा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की सामने आई। अतिक्रमण और लगातार बढ़ते दबाव के कारण सड़क सिकुड़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो, जब इस मार्ग पर जाम नहीं लगता हो। सुबह से शाम तक वाहनों की लंबी कतारें आम नजारा बन गई हैं। वार्डवासियों का कहना है कि बीते पांच वर्षों में विकास के कई दावे किए गए, लेकिन आज भी मूलभूत सुविधाओं और यातायात व्यवस्था जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद कौशल्या सैनी </strong><br />अधिकांश व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया गया। उन्होंने कहा कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद क्षेत्र में एक बार फिर कई समस्याएं उभरने लगी हैं। वर्तमान में सबसे बड़ी परेशानी साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर बनी हुई है, जिससे क्षेत्रवासियों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद सुनील शर्मा </strong><br />लोगों की परेशानी को देखते हुए पुरानी पाइपलाइन को बदलवाकर नई पाइपलाइन डलवाई गई, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार हुआ। इसके साथ ही क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिए सुलभ कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण कराया गया। हालांकि उन्होंने माना कि कर्मचारियों की कमी के कारण वार्ड में साफ-सफाई की समस्या आज भी बनी हुई है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद परवेज अख्तर </strong><br />खुले नालों की समस्या गंभीर थी, जिन्हें सुधारने के लिए काम कराया गया। क्षेत्र में आधुनिक शौचालय का निर्माण करवाने के साथ मंदिरों का जीर्णोद्धार भी कराया गया। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों के बावजूद वार्ड आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। क्षेत्र में डिस्पेंसरी, राशन की दुकान और पार्क नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।</p>
<p><strong>वार्डवासी शब्बीर </strong><br />वार्ड में न तो डिस्पेंसरी है और न ही सामुदायिक भवन की सुविधा। सुलभ शौचालय तो बनाया गया, लेकिन वहां पानी और बिजली जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं तक नहीं हैं। इसके अलावा पार्क और राशन की दुकान का भी अभाव है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पांच साल तक जनप्रतिनिधि वार्ड की जिम्मेदारी संभालते रहे, तो आखिर क्षेत्रवासियों को जरूरी सुविधाएं क्यों नहीं मिल सकीं?</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 72 से 76 के क्षेत्र</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 72</strong> में बस स्टैंड नयापुरा, मुक्तिधाम, कब्रिस्तान, हनुमान टेकरी, खाई रोड, कालपुरिया बस्ती, गुजराती बस्ती, नयापुरा स्टेडियम, जीके पवेलियन स्टेडियम, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय नयापुरा, रत्ना नर्सिंग होम, नागाजी का बाग, क्षार बाग, बृज टॉकीज, मयूर सिनेमा, विवेकानंद सर्किल, सब्जी मंडी नयापुरा, नगर निगम कार्यालय सेक्टर-2 सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 73</strong> में कर्बला मस्जिद, मदरसा, शीतला माता मंदिर, देश की धरती कार्यालय, लकी बुर्ज, कर्बला बुर्ज का समस्त क्षेत्र, दूधाधारी मंदिर, कोली पाड़ा, इमली चौक, बड़ का चौक, जैन मंदिर, नमकीन गली, प्रताप चौक, कर्बला चौक, लालाजी घाट, महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यमिक विद्यालय तथा लाडपुरा सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 74</strong> के अंतर्गत भाटापाड़ा, मेहरापाड़ा, शिवदास घाट की गली, हरिजन बस्ती, छोटी समाज, बड़ी समाज, गांधी का चौक, महात्मा गांधी स्कूल, महारानी बड़ी स्कूल, जगदीश होटल की गली, फतेहगढ़ी, पोस्ट ऑफिस, रामपुर कार्यालय, गाड़ीखाना और भारतेंदु समिति क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 75 </strong>में हिंदू धर्मशाला, गुलाबबाड़ी, रामपुर कोतवाली, अग्रसेन बाजार, महात्मा गांधी चौक, पुरानी धान मंडी, सरोवर पार्किंग, ठठेरा मार्केट, जयपुर गोल्डन, छोगा की बावड़ी और विजयवाड़ा सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 76</strong> के अंतर्गत संगम होटल क्षेत्र, सुलभ, घोसी मोहल्ला, किशोर सागर तालाब, सीवी गार्डन, नयापुरा बस स्टैंड, वल्लभबाड़ी, हनुमान मंदिर, जैन दिवाकर स्कूल, हरिजन बस्ती और गुरुद्वारा सहित आसपास का क्षेत्र शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 15:03:00 +0530</pubDate>
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                <title>धीमी रफ्तार से पानी, टूटी सड़कें और सुविधाओं की कमी; वार्डवासियों ने कहा-समस्याओं पर समय रहते हो ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[कई क्षेत्रों में पार्क और सामुदायिक भवन का अभाव, कहीं नालियों का निर्माण अधूरा तो कहीं सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/low-water-pressure--damaged-roads--and-a-lack-of-amenities--residents-urge-timely-attention-to-these-issues/article-163925"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)55.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। वार्ड क्षेत्र में विकास कार्य तो हुए हैं, लेकिन रोजमर्रा की छोटी-छोटी समस्याएं अब भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं धीमी गति से आने वाला पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। कुछ क्षेत्रों में नालियों का निर्माण नहीं होने से जल निकासी की समस्या बनी रहती है, वहीं पार्क और सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी कई जगह अभाव है। दादाबाड़ी के बसंत विहार क्षेत्र में पानी की समस्या लोगों के लिए प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में दिन में दो बार पानी की सप्लाई तो होती है, लेकिन पानी का प्रेशर इतना कम रहता है कि घरों में पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए मोटर का सहारा लेना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार और पानी का प्रेशर बढ़ाने की जरूरत है, ताकि आमजन को रोजाना की जरूरत के लिए परेशान नहीं होना पड़े।</p>
<p><strong>क्षतिग्रस्त सड़कें व नालिया बढ़ा रही परेशानी</strong><br />वार्ड क्षेत्र के कई स्थानों पर सड़कों की हालत भी चिंता का विषय है। क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती है। बरसात के दिनों में सड़कें और अधिक खराब हो जाती हैं तथा गड्ढों में पानी भरने से हादसे की आशंका भी बनी रहती है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त सड़कों की समय पर मरम्मत करवाई जाए। इसी प्रकार कुछ इलाकों में नालियों का निर्माण नहीं होने से जल निकासी की समस्या सामने आती है। बारिश के दौरान यह परेशानी और बढ़ जाती है। वहीं, कई स्थानों पर समय-समय पर सफाई नहीं होने की शिकायत भी स्थानीय लोगों ने की है। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था नियमित और प्रभावी रहे तो क्षेत्र की कई समस्याएं अपने आप कम हो सकती हैं।</p>
<p><strong>पार्क और सामुदायिक भवन की भी कमी</strong><br />पार्क और सामुदायिक भवन की कमी भी लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों में शामिल है। कई क्षेत्रों में बच्चों और बुजुर्गों के लिए पर्याप्त सार्वजनिक स्थान उपलब्ध नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पार्कों के विकास और सामुदायिक भवनों के निर्माण से क्षेत्रवासियों को सुविधा मिलेगी और सामाजिक गतिविधियों के लिए भी उचित स्थान उपलब्ध हो सकेगा।</p>
<p><strong>समाधान में लग जाता है समय, लेकिन कोशिश जारी</strong><br />वार्डवासियों ने जनप्रतिनिधियों के प्रति पूरी तरह नाराजगी भी व्यक्त नहीं की है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि समस्याओं के समाधान में कभी-कभी अपेक्षा से अधिक समय लेते हैं, लेकिन समस्याओं को हल करने के लिए प्रयास जरूर करते हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि वार्ड की छोटी समस्याओं पर समय-समय पर ध्यान दिया जाए और संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय किया जाए तो क्षेत्र की अधिकांश परेशानियों का आसानी से समाधान हो सकता है।क्षेत्र में समस्याएं ज्यादा बड़ी नहीं हैं। जरूरत सिर्फ इतनी है कि जिम्मेदार लोग समय रहते उन पर ध्यान दें और समाधान की प्रक्रिया में तेजी लाएं। लोगों का कहना है कि नियमित निगरानी, जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और विभागों की जवाबदेही से वार्ड की तस्वीर और बेहतर बनाई जा सकती है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षदपीडी गुप्ता</strong><br />पहले वार्ड में सड़क और नालियों की स्थिति बेहद खराब थी। मेरे कार्यकाल में सड़कों और नालियों का निर्माण करवाया गया तथा पार्क विकसित किया गया। मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार भी कराया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में धीमी गति से पानी आने की समस्या है, जिसके समाधान के लिए जल्द पानी की टंकी का निर्माण कराया जाएगा।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद प्रतिभा गौतम</strong><br />मेरे कार्यकाल में सफाई और सड़कों की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। वार्डवासियों की सुविधाओं के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण भी करवाया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की किसी भी समस्या की सूचना मिलने पर उसी दिन समाधान का प्रयास किया जाता था, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद जितेंद्र सिंह</strong><br />वार्ड में सुलभ शौचालय और पार्क का निर्माण कराया गया। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही राशन की दुकान की समस्या का समाधान कर दुकान खुलवाई गई। इसके साथ ही वार्ड की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।</p>
<p><strong>वार्डवासी पूजा विजय</strong><br />क्षेत्र में पानी की समस्या सबसे गंभीर है। पानी धीमी गति से आता है और दिन में केवल दो बार आपूर्ति होती है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। जगह-जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, लेकिन उनकी समय पर मरम्मत नहीं होने से क्षेत्रवासियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>वार्डवार क्षेत्र विवरण</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 50: </strong>संपूर्ण श्रीनाथपुरम क्षेत्र, स्टेडियम, जीएडी क्वार्टर, श्रीनाथपुरम ई एवं सी, श्रीनाथपुरम बी, हजीरा बस्ती, श्याम नगर, तिलमसंघ, श्रीनाथपुरम डी, अकेलगढ़ तथा आरटीओ क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 83:</strong> आशापाला कॉलोनी, शक्ति नगर, कुत्ताखाना, दशहरा मैदान क्षेत्र, प्रताप नगर, किशोरपुरा का आंशिक भाग, जिला परिषद कार्यालय, कोटा विकास प्राधिकरण, अभय कमांड सेंटर, दुर्गा बस्ती, सीएडी कॉलोनी, आईएमटीआई तथा इनकम टैक्स कॉलोनी क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 84: </strong>संपूर्ण शास्त्री नगर एवं दादाबाड़ी क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 85:</strong> दादाबाड़ी सेक्टर 1 एवं 2 तथा सेक्टर 3 एवं 4 का संपूर्ण क्षेत्र, साथ ही पी एंड टी कॉलोनी शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 86:</strong> हनुमान नगर, हनुमान नगर कच्ची बस्ती तथा आरएसी कैंपस क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 88: </strong>महावीर नगर विस्तार सेक्टर-3 तथा संतोषी नगर नाले के पूर्व दिशा का क्षेत्र शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 15:25:54 +0530</pubDate>
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                <title>कहीं अधूरे कामों पर नाराजगी, कहीं मूलभूत सुविधाओं का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[जनता का सवाल : वादे फिर होंगे, लेकिन क्या इस बार वे पूरे भी होंगे?
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/resentment-over-incomplete-projects--a-long-wait-for-basic-amenities/article-163732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(5)29.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम चुनाव प्रक्रिया चलने के साथ ही शहर के छह वार्डों की ग्राउंड ऑडिट में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत सामने आई है। कई क्षेत्रों में सड़क, सफाई, नालियों के निर्माण और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय जिन उम्मीदों और विकास के वादों के साथ जनप्रतिनिधि उनके बीच पहुंचे थे, उन वादों को पूरी तरह धरातल पर उतारा नहीं जा सका। कहीं विकास कार्य शुरू होकर अधूरे रह गए, कहीं काम तो हुए लेकिन गुणवत्ता और रखरखाव की कमी सामने आई, जबकि कुछ इलाकों में जरूरी काम अब तक शुरू ही नहीं हो सके। ऐसे में लोगों की नाराजगी चुनावी माहौल से पहले साफ दिखाई देने लगी है। अगले महीने होने वाले वार्ड पार्षद चुनाव से पहले यह ग्राउंड रिपोर्ट नए और पुराने, दोनों तरह के दावेदारों के लिए एक संदेश है। जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने के बजाय काम का हिसाब और भविष्य की स्पष्ट योजना जानना चाहती है। सड़क, सफाई, नाली, स्ट्रीट लाइट, पार्क और सामुदायिक भवन जैसे मुद्दे सीधे लोगों के दैनिक जीवन से जुड़े हैं। ऐसे में इस बार चुनावी मैदान में उतरने वाले जनप्रतिनिधियों के सामने चुनौती केवल वोट मांगने की नहीं, बल्कि भरोसा जीतने और विकास को जमीन पर साबित करने की होगी।</p>
<p><strong>कोटड़ी से बजरंग नगर तक समस्याओं की अलग तस्वीर</strong><br />वार्डों की पड़ताल में अलग-अलग इलाकों में समस्याओं का स्वरूप भले ही अलग नजर आया, लेकिन मूल चिंता सुविधाओं की कमी ही रही। कोटड़ी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और स्पीड ब्रेकर से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से कई स्थानों पर गंदगी बनी रहती है, वहीं जरूरत वाले स्थानों पर उचित ब्रेकर नहीं होने से आवागमन और सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।<br />उधर, बजरंग नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर कचरा सड़कों और खुले स्थानों पर फैला नजर आया। लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था को नियमित और प्रभावी बनाने की जरूरत है, क्योंकि गंदगी केवल क्षेत्र की सुंदरता ही खराब नहीं करती, बल्कि बारिश के दिनों में नालियों के जाम होने और बीमारियों की आशंका भी बढ़ा देती है। सरस्वती कॉलोनी में सड़क पर बने चैंबरों के क्षतिग्रस्त ढक्कन लोगों के लिए परेशानी और हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन समस्याओं की जानकारी कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई गई, लेकिन स्थायी समाधान की प्रतीक्षा अब भी बनी हुई है।</p>
<p><strong>गार्डन और सामुदायिक भवनों की भी दरकार</strong><br />कई इलाकों में लोगों ने गार्डन और सामुदायिक भवनों की कमी को भी जाहिर किया। जिन क्षेत्रों में ये सुविधाएं नहीं हैं, वहां स्थानीय लोगों को सामाजिक और सामुदायिक आयोजनों के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाता। वहीं जहां गार्डन बने हुए हैं, वहां भी पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से शाम के समय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थानों की मांग लगातार उठ रही है। लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोध में नहीं, बल्कि अधूरे विकास के खिलाफ सवाल उठा रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी अपेक्षा यही है कि चुनावी वादे केवल मंचों और प्रचार तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी समयबद्ध समीक्षा हो। ह्लजिस उम्मीद के साथ जनप्रतिनिधि वोट मांगने आए थे और जिस भरोसे के साथ हमने उन्हें वोट दिया, वह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी,ह्व यह समस्या कई वार्डों के लोगों की बातचीत में साफ सुनाई दी।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व एरिया</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 66</strong> में फकीरों की मस्जिद के पीछे का क्षेत्र, कन्या छात्रावास के पीछे का क्षेत्र, सामुदायिक भवन के आसपास का क्षेत्र, भूतेश्वर मंदिर, हरदौल बेहरमशाला, शमशान के बांये भाग का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 67</strong> में रेगर मोहल्ला, कोटड़ी बड़ी मस्जिद, छोटी मस्जिद, चित्तौड़ा की दुकान, जनता डेयरी, खंडेलवाल धर्मशाला का समस्त क्षेत्र, पेट्रोल पंप के पीछे का क्षेत्र और दादी शाल्लो का चौक शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 68</strong> में पंचवटी कॉलोनी, अल्फा कॉम्प्लेक्स, न्यू गोपाल विहार, गणपति कॉलोनी, अटवाल नगर, आदित्य आवास कॉलोनी, वैभव नगर, बजरंग नगर, पुलिस लाइन, नयागांव और केसर बाग आदि क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 69 </strong>में ग्रामीण पुलिस लाइन रोड प्रथम, लाजपत नगर, सूर्य नगर, जय अंबे नगर, अटवाल नगर लिंक रोड, आदित्य नगर, फ्रेंड्स कॉलोनी, भारत विहार, सुखधाम कॉलोनी, जय हिंद नगर और गोपाल विहार प्रथम क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 70</strong> में प्रगति स्कूल, प्रगति नगर, रेलवे सोसाइटी, 80 बीघा जमीन, आरके नगर, जय हिंद नगर, पुलिस लाइन, शिव नगर, गायत्री विहार प्रथम एवं द्वितीय, एसपी कार्यालय, मन्ना कॉलोनी, शमशान, सुलभ कॉम्प्लेक्स, गणेश नगर, सरकारी स्कूल, अमृत कॉलोनी, खारा कुआं, बालाजी की बगीची, मस्जिदवास और सैन्य क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 71</strong> में सरस्वती कॉलोनी, जेडीबी कॉलेज, राजेंद्र विहार, आकाशवाणी कॉलोनी, अमृत कलश, गुलाब बाग और गायत्री विहार शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्डवासी उदयभान सिंह ने बताया</strong><br />वार्ड क्षेत्र में साफ-सफाई की समस्या लगातार बनी हुई है। कई बार लोगों को अपनी समस्याओं का समाधान खुद ही निकालना पड़ता है। चुनाव के बाद जनप्रतिनिधि भी क्षेत्र में कम नजर आते हैं, ऐसे में वार्डवासियों को अपनी समस्याएं किसके सामने रखें, यह सबसे बड़ी परेशानी है। उन्होंने नियमित सफाई व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता की मांग की।</p>
<p><strong>वार्डवासी जुबेर पठान ने बताया</strong><br />वार्ड की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर नालियां टूटी हुई हैं और स्पीड ब्रेकर भी क्षतिग्रस्त पड़े हैं। क्षेत्र में साफ-सफाई का अभाव बना रहता है, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि समय पर नालियों और टूटे ब्रेकरों की मरम्मत के साथ नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद राजेंद्र सुवालका का कहना</strong><br />कार्यकाल में वार्ड क्षेत्र की हर कॉलोनी तक सीसी रोड का निर्माण करवाने का प्रयास किया गया। गायत्री विहार में ठेकेदार अधूरा काम छोड़कर चला गया, जिससे कुछ विकास कार्य पूरे नहीं हो सके। इसके बाद सरकार बदलने के कारण भी शेष कार्य आगे नहीं बढ़ पाए और कई योजनाएं अधूरी रह गईं।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद विजय लक्ष्मी का कहना</strong><br />वार्ड क्षेत्र में नियमित रूप से कचरा संग्रहण के लिए वाहन चार-पांच बार आते हैं, लेकिन स्वच्छता के लिए जनता की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से वार्ड में गंदगी नहीं फैलाने की अपील की। वार्ड क्षेत्र में सुलभ शौचालय का निर्माण भी करवाया गया और पांच साल के कार्यकाल में विकास कार्यों के लिए लगातार प्रयास किए गए।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद जियाउद्दीन का कहना</strong><br />उनके कार्यकाल में वार्ड क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन डलवाने के साथ आवश्यक विकास कार्य करवाए गए। गणपति लाइन के अंदर सीसी रोड का निर्माण भी कराया गया, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिली। पूरे कार्यकाल के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा गया और वार्ड की मूलभूत समस्याओं के समाधान के प्रयास किए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 15:20:42 +0530</pubDate>
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                <title>सड़क, सफाई और रोड लाइट बनी सबसे बड़ी समस्या, अतिक्रमण से संकरे हो रहे रास्ते</title>
                                    <description><![CDATA[पार्कों में सुविधाओं की कमी, तलवंडी में बढ़ता अतिक्रमण लोगों के लिए परेशानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads--sanitation--and-street-lighting-emerge-as-major-issues--encroachment-narrowing-pathways/article-163559"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)46.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के वार्ड नंबर 55, 56, 57, 58 और 59 की ग्राउंड रिपोर्ट में शहर की कई ऐसी समस्याएं सामने आईं, जिनसे स्थानीय लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं। पांचों वार्डों में लोगों ने सबसे ज्यादा परेशानी सड़क, सफाई और रोड लाइट को लेकर बताई। कई क्षेत्रों में रोड लाइटें लगी होने के बावजूद जलती नहीं हैं, तो कुछ जगहों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था ही नहीं है। शाम ढलने के बाद अंधेरा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे वाले क्षेत्रों में असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों का खतरा भी बना रहता है। महावीर नगर प्रथम क्षेत्र के पार्कों में लगी लाइटों की चोरी भी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि पार्कों में रोशनी की व्यवस्था होने के बावजूद लाइटें चोरी हो जाने से शाम के समय पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो जाती है। ऐसे में पार्कों की नियमित निगरानी और चोरी रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जरूरत है।</p>
<p><strong>तलवंडी में थड़ियों-गुमटियों से बढ़ता अतिक्रमण, रास्ते हो रहे संकरे</strong><br />तलवंडी क्षेत्र में अतिक्रमण की समस्या ने भी गंभीर रूप ले लिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार जगह-जगह थड़ियां और गुमटियां लगाकर सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा किया जा रहा है। सड़क किनारे और रास्तों पर बढ़ते अतिक्रमण से आवागमन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि धीरे-धीरे अतिक्रमण बढ़ने के कारण कई स्थानों पर रास्ते संकरे होते जा रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से अतिक्रमण की पहचान कर नियमित कार्रवाई करने और हटाए गए अतिक्रमण पर दोबारा कब्जा नहीं होने की व्यवस्था करने की मांग की है।</p>
<p><strong>पार्क हैं, लेकिन बच्चों के लिए झूले और सुविधाएं नदारद</strong><br />वार्डों में पार्कों की मौजूदगी के बावजूद कई जगह बच्चों के मनोरंजन के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पार्कों में बच्चों के लिए झूले लगाए जाने चाहिए, ताकि वे सुरक्षित माहौल में खेल सकें। कई पार्कों में बैठने, रोशनी और रखरखाव की भी जरूरत है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पार्कों को केवल विकसित करने तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उनकी नियमित देखरेख भी सुनिश्चित की जाए।</p>
<p><strong>वार्ड संख्या व क्षेत्र</strong><br />वार्ड संख्या 55 का क्षेत्र: सिटी पार्क, राजीव गांधी नगर, महावीर नगर प्रथम एवं पत्रकार कॉलोनी का क्षेत्र इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 56 का क्षेत्र: न्यू राजीव गांधी नगर, फ्रेंड्स बाजार, पीएमसी हॉस्पिटल, तलवंडी सेक्टर-1ए, आधा इंदिरा विहार एवं भाटिया बिल्डिंग का क्षेत्र इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 57 का क्षेत्र: संपूर्ण तलवंडी सेक्टर-4 एवं सेक्टर-5 तथा तलवंडी सेक्टर-ए और सेक्टर-बी का संपूर्ण भाग इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 58 का क्षेत्र: विज्ञान नगर आवासीय योजना के सेक्टर-2 एवं सेक्टर-3 की निर्धारित ब्लॉक संख्या, हरमीत मेडिकल, सुश्रुत मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, जायसवाल अस्पताल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विज्ञान नगर एवं झूलेलाल पार्क का क्षेत्र इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 59 का क्षेत्र: पीएचईडी कॉलोनी, पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, पी एंड टी कॉलोनी सहित विज्ञान नगर आवासीय योजना के सेक्टर-2 की निर्धारित ब्लॉक संख्या तथा सेक्टर-4 की ब्लॉक संख्या इस वार्ड में शामिल है।</p>
<p>वार्ड के विकास कार्यों को केवल कार्यकाल तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि आज भी क्षेत्र की समस्याओं पर लगातार नजर रखी जाती है। समय-समय पर वार्ड का दौरा कर व्यवस्थाओं की स्थिति देखी जाती है और जरूरत के अनुसार संबंधित विभाग से समाधान करवाने का प्रयास किया जाता है।<br /><strong>-विवेक मित्तल,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्डवासियों की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई। इंदिरा विहार क्षेत्र में लंबे समय से बनी हुई पानी की समस्या को दूर करवाया गया, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान करवाने का प्रयास किया जाता है। खराब लाइट की सूचना मिलते ही संबंधित कर्मचारियों से संपर्क कर उसे दुरुस्त करवाया जाता है, ताकि रात के समय लोगों को परेशानी न हो।<br /><strong>-योगेश अहलूवालिया ,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्डवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही। आवागमन सुगम हुआ और लंबे समय से खराब सड़कों की समस्या दूर हुई। उन्होंने बताया कि वार्ड की प्रत्येक गली में रोड लाइटें लगवाई गईं, ताकि रात के समय लोगों को पर्याप्त रोशनी मिल सके और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर हो।<br /><strong>-योगेंद्र कुमार शर्मा,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्ड क्षेत्र में अतिक्रमण का जाल लगातार फैलता जा रहा है। जगह-जगह लोगों ने सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर कब्जे कर रखे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इस समस्या को लेकर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती। अतिक्रमण के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है ।<br /><strong>-हितेश कुशाल सेन,वार्डवासी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 12:00:19 +0530</pubDate>
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                <title>कहीं सफाई-रोशनी बेहाल, कहीं चंबल के शहर में पानी का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[ जमीनी हकीकत में सामने आईं मूलभूत सुविधाओं की तस्वीरें ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sanitation-and-lighting-in-disarray-in-some-areas--a-wait-for-water-in-this-city-by-the-chambal/article-163409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(4)27.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नए वार्डों की हकीकत जानने के लिए की गई ग्राउंड रिपोर्टिंग में अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं। छह वार्डों में लोगों से बातचीत के दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें सफाई, सड़क और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी मिलीं। कई इलाकों में लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनाव के दौरान समस्याएं दूर करने के दावे तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वही समस्याएं जस की तस रह जाती हैं। वहीं कुछ वार्ड ऐसे भी मिले, जहां लोगों ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर संतोष जताया और जनप्रतिनिधि के उपलब्ध रहने को बड़ी उपलब्धि बताया। छह वार्डों की जमीनी तस्वीर बताती है कि एक ही शहर में सुविधाओं को लेकर अलग-अलग तस्वीरें मौजूद हैं।</p>
<p><strong>वार्ड 35 में सफाई और लाइट की समस्या से परेशान लोग</strong><br />वार्ड नंबर 35 में आने वाले इलाकों में लोगों ने सबसे ज्यादा परेशानी सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट को लेकर बताई। स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगह नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी की समस्या बनी रहती है। वहीं रात के समय कई स्थानों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि सफाई व्यवस्था नियमित की जाए और खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट को समय पर दुरुस्त किया जाए, ताकि रात में आवागमन करने वालों को परेशानी नहीं हो।</p>
<p><strong>चंबल किनारे बसे शहर में पानी को तरस रही पूनम कॉलोनी</strong><br />वार्ड नंबर 37 की पूनम कॉलोनी में ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान पानी की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई। कॉलोनीवासियों का कहना है कि जिस शहर में चंबल नदी बहती है, उसी शहर की एक कॉलोनी के लोगों को आज तक चंबल का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। लोगों के मुताबिक कॉलोनी में अब तक पाइपलाइन तक नहीं डाली गई है। वर्षों से समस्या झेल रहे परिवार अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहते हैं।</p>
<p><strong>मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित, पार्षद से सीधे संवाद से लोग संतुष्ट</strong><br />छह वार्डों की ग्राउंड रिपोर्ट में वार्ड नंबर 40 की तस्वीर बाकी वार्डों से अलग नजर आई। यहां वार्डवासियों ने क्षेत्र की स्थिति को संतोषजनक बताया। लोगों के अनुसार वार्ड में सामुदायिक भवन, पार्क, सड़क, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित हैं। स्थानीय लोगों ने सबसे सकारात्मक बात पार्षद की उपलब्धता को बताया। उनका कहना है कि जब भी पार्षद से मिलने का समय तय होता है, वे उस समय उपलब्ध रहते हैं और लोगों की समस्याएं सुनते हैं। वार्डवासियों के अनुसार समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि तक सीधी पहुंच होना भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व शामिल क्षेत्र</strong><br />-वार्ड नंबर 35| चित्रेश नगर, पार्वतीपुरम, महात्मा गांधी कॉलोनी, खारी बावड़ी, मण्दीपाड़ा, रेल विहार कॉलोनी, कृषि फार्म, सुमन नगर, श्रीजी विहार आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 36| रामदास नगर, लक्ष्मी नगर, गोपाल विहार, काला तालाब, रंग तालाब, चौथ माता मंदिर, बाबड़ी, लोको कॉलोनी, रजा नगर, श्रीराम विहार, कृष्ण विहार, पुरोहित नगर आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 37| पूनम कॉलोनी, छोटा सोगरिया, सोगरिया ग्राम पंचायत का भाग, गणपति नगर, दुर्गा नगर, प्रताप टाउनशिप आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 38| न्यू रेलवे कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, रेलवे अस्पताल, रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड, तुल्लापुरा, रेलवे कॉलोनी, पुरानी रेलवे कॉलोनी, वर्कशॉप, जेपी कॉलोनी, उड़िया बस्ती, हरिजन बस्ती, रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर 4 के सामने का समस्त क्षेत्र, शिवाजी कॉलोनी, पुरोहित जी की टापरी, सुंदर नगर आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 39| जनकपुरी, इंदिरा कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, रेलवे सोसाइटी, सेंट पॉल स्कूल, माला फाटक, कच्ची बस्ती क्षेत्र, राम मंदिर, गुरुद्वारा स्कूल, डाक बंगला स्कूल, राज केसर होटल क्षेत्र आदि।<br />-वार्ड नंबर 40| महाराजा भीम सिंह कॉलोनी, चंबल कॉलोनी, दरबार की कोठी, संपूर्ण आर्मी क्षेत्र, जैन मंदिर क्षेत्र, पोस्ट ऑफिस रोड, मयूर कॉलोनी, रबर फैक्ट्री रोड, मंगलायतन, सनफ्लावर रेस्टोरेंट, उम्मेद भवन आदि क्षेत्र।</p>
<p>पहली बार पार्षद बनने के बाद पहली प्राथमिकता वार्ड की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करना रही। उन्होंने खारी बावड़ी स्थित प्राथमिक विद्यालय का जीर्णोद्धार करवाया। इसके साथ ही वार्ड में रोड़ लाइटें लगवाईं, सीसी रोड का निर्माण करवाया और नालियों का निर्माण कराया। वार्ड में सामुदायिक भवन या पार्क के लिए पर्याप्त भूमि नहीं है, जिसके चलते इन सुविधाओं का विकास संभव नहीं हो पाया।<br /><strong>- रचना शर्मा, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड में सबसे बड़ी समस्या खराब सड़कों की थी। इसे दूर करने के लिए मेरे कार्यकाल में कई जगह सीसी रोड का निर्माण करवाया गया। श्मशान के पास और कब्रिस्तान के सामने बने कचरा पॉइंट को हटाना भी बड़ी चुनौती थी, जिसे मेनें हटवाया। वार्ड में रोड लाइट की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई थी, जिसे दूर करते हुए नई रोड लाइटें लगवाई गई। वार्ड में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लगातार प्रयास किए गए।<br /><strong>- हुकुमचंद, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>कांग्रेस शासन के दौरान वार्डवासियों की मूलभूत सुविधाओं का लगातार ध्यान रखा गया, लेकिन सरकार बदलने के बाद वार्ड में समस्याएं बढ़ने लगीं। अब वार्डवासियों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसी फार्म पर हस्ताक्षर करवाने जैसे सामान्य कार्य के लिए भी लोगों को नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके बावजूद वहां भी उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।<br /><strong>- साजिश खान, निवर्तमान पार्षद</strong></p>
<p>शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में पहचान दिलाने की बात की जाती है, लेकिन हमारे वार्ड में स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाएं नजर नहीं आतीं। वार्ड में ऐसा कोई पार्क नहीं है, जहां बच्चे खेल सकें और झूला झूल सकें या लोग सुबह-शाम सुकून से टहल सकें। इसी तरह सामुदायिक भवन का भी अभाव है। कई परिवार ऐसे हैं, जो निजी स्तर पर बड़े स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में सामुदायिक भवन की सुविधा उनके लिए बेहद जरूरी है।<br /><strong>- राहुल शर्मा, वार्डवासी</strong></p>
<p>भाजपा सरकार के कार्यकाल में वार्ड की सफाई व्यवस्था बदहाल हो गई है। नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरा जमा रहता है। कचरा संग्रहण के लिए दो वार्डों में एक ही गाड़ी लगा रखी है, जिसके कारण समय पर कचरा नहीं उठ पाता और लोगों को परेशानी होती है। वार्डवासी आज भी सड़क, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।<br /><strong>- मोहम्मद शरीफ, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sanitation-and-lighting-in-disarray-in-some-areas--a-wait-for-water-in-this-city-by-the-chambal/article-163409</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 15:05:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MDM अस्पताल के ENT वार्डों में गर्मी का संकट: भीषण गर्मी में बंद पड़े पंखे-कूलर, मरीज घरों से पंखे लाने को मजबूर</title>
                                    <description><![CDATA[जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल के ईएनटी विभाग में भीषण गर्मी के बीच बदइंतजामी चरम पर है। कूलर और पंखे खराब होने के कारण मरीज और तीमारदार बेहाल हैं, जिससे लोग घरों से पंखे लाने को मजबूर हैं। कॉटेज वार्ड में भारी शुल्क के बावजूद कूलर में गंदा पानी जमा है, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/heat-crisis-in-ent-wards-of-mdm-hospital-patients-forced/article-155310"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)6.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। भीषण गर्मी के बीच जोधपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मथुरादास माथुर अस्पताल के ENT विभाग में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दैनिक नवज्योति की ग्राउंड रिपोर्ट में अस्पताल के वार्डों की बदहाल व्यवस्थाएं सामने आई हैं। वार्डों में कई पंखे बंद पड़े हैं, जबकि अधिकांश कूलर सही तरीके से काम नहीं कर रहे। हालात ऐसे हैं कि मरीजों के परिजन घरों से पंखे लाकर वार्डों में लगाने को मजबूर हैं। ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान ENT विभाग के सामान्य वार्डों के साथ-साथ कॉटेज वार्ड में भी व्यवस्थाएं खराब नजर आईं। कॉटेज वार्ड में मरीजों से प्रतिदिन हजारों रुपये तक का शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन वहां भी मरीजों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही। कई कूलरों में गंदा और बदबूदार पानी जमा मिला, जिससे वार्डों में दुर्गंध फैल रही है।</p>
<p>मरीजों और परिजनों का कहना है कि इस वातावरण में संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। वार्डों में उमस और गर्मी के कारण मरीजों को बैठना तक मुश्किल हो रहा है। बुजुर्ग मरीज, छोटे बच्चे और ऑपरेशन के बाद भर्ती मरीज सबसे अधिक परेशान दिखाई दिए। कई मरीज गर्मी से राहत पाने के लिए वार्डों से बाहर बरामदों में बैठने को मजबूर नजर आए। परिजनों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ। मरीजों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से नियमित रखरखाव नहीं होने के कारण कूलर और पंखे खराब पड़े हैं। कुछ कूलरों में लंबे समय से पानी नहीं बदला गया, जिससे बदबू और गंदगी बढ़ रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 18:35:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धर्मशाला, पालमपुर और कांगड़ा नगर निगम चुनावों के लिए मतदान जारी, 17 वार्डों में कुल 34 मतदान केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, पालमपुर और कांगड़ा नगर निगम चुनावों के लिए रविवार सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। धर्मशाला के 17 वार्डों के 36,800 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से 34 में से 12 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और 5 को अति संवेदनशील घोषित कर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/voting-begins-for-dharamshala-palampur-and-kangra-municipal-corporation-elections/article-154110"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/maharashtra-by-election-2025.png" alt=""></a><br /><p>धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला, पालमपुर और कांगड़ा नगर निगम चुनावों के लिए मतदान रविवार सुबह 7 बजे शुरू हुआ। धर्मशाला में नगर निगम चुनाव स्वतंत्र, ष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराए जा रहे हैं। नगर निगम के 17 वार्डों में कुल 34 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से 12 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और पांच को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने और चुनावों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए इन स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और विशेष निगरानी के आदेश दिए गए हैं।</p>
<p>नगर निगम क्षेत्र में 36,800 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 18,258 महिलाएं और 18,542 पुरुष शामिल हैं। मतदान दोपहर 3 बजे समाप्त होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 12:12:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वार्ड समस्या : 9 महीने से रुका नाला निर्माण, स्थानीय लोग परेशान, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[टूटी पुलिया और खुले नाले से हादसों का खतरा, प्रशासन बेपरवाह।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/ward-issue--jait-sagar-drain-construction-incomplete-for-9-months--public-faces-hardship/article-151848"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/kota1.png" alt=""></a><br /><p>बूंदी। नैनवां रोड स्थित महावीर कॉलोनी और शास्त्री नगर क्षेत्र में पिछले 9 महीनों से रुका नाला निर्माण कार्य आमजन के लिए गंभीर समस्या बन गया है। जैतसागर तालाब से निकलने वाले करीब 6 किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण कार्य अधर में लटका होने से क्षेत्रवासियों का जीवन मुश्किलों से घिर गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अप्रैल 2025 में शुरू हुआ यह कार्य जून में बारिश का हवाला देकर बंद कर दिया गया था, जो अब तक दोबारा शुरू नहीं हो सका। निर्माण कार्य अधूरा रहने से नाले पर बनी मुख्य पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे मार्ग संकरा और खतरनाक बन गया है। आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं, हाल ही में एक बुजुर्ग और एक बच्चा चोटिल हो चुके हैं।</p>
<p>क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध का भी गंभीर संकट पैदा हो गया है। सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से लोग मजबूरी में कचरा नाले में डाल रहे हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन के कारण गंदा पानी पेयजल में मिल रहा है। क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद और RUIDP विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।</p>
<p>नगर परिषद और RUIDP के अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। नाले के काम के नाम पर हमारे घर तोड़ दिए गए और अब आधी-अधूरी पुलिया छोड़कर हमें मरने के लिए छोड़ दिया गया है। क्या प्रशासन किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है?<br /><strong>-अब्दुल सलीम, स्थानीय निवासी, वार्ड संख्या 55   </strong></p>
<p>रास्ता इतना संकरा और खतरनाक हो चुका है कि रात के समय यहां से गुजरना मौत को गले लगाने जैसा है। हमने कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें कीं, लेकिन ठेकेदार और अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।<br /><strong>- अमन, वार्डवासी, महावीर कॉलोनी क्षेत्र</strong></p>
<p>क्षेत्रवासियों को हो रही परेशानी को लेकर मैं पूरी तरह गंभीर हूँ। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन में दिक्कत आ रही है, यह सही है। मैंने इस संबंध में नगर परिषद और RUIDP के उच्च अधिकारियों से कई बार वार्ता की है। निर्माण कार्य की फाइल प्रक्रिया में है और हमारी कोशिश है कि कार्य जल्द से जल्द प्रगति पर आए और पुलिया का निर्माण पूर्ण कराया जाए ताकि जनता को राहत मिल सके।<br /><strong>-बेबी तरन्नुम, पार्षद वार्ड संख्या 55</strong></p>
<p>जैत सागर नाला परियोजना के अंतर्गत इस क्षेत्र का कार्य हमारी प्राथमिकता में है। तकनीकी कारणों और पिछले दिनों हुई बाधाओं की वजह से काम में कुछ देरी हुई है, लेकिन अब कार्य प्रगति पर है। हमने संबंधित ठेकेदार को निर्देशित कर दिया है। जल्द ही क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा ताकि आमजन को आवागमन में कोई असुविधा न हो।"<br /><strong>-दीप्ति जैन, अधिशाषी अभियंता , RUIDP, बूंदी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/ward-issue--jait-sagar-drain-construction-incomplete-for-9-months--public-faces-hardship/article-151848</link>
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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 15:52:30 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> कोटा दक्षिण  वार्ड 9: गंदगी और सुविधाओं का अभाव बढ़ा रहा परेशानी, वार्ड में स्मार्ट सिटी की झलक नहीं दिखाई देती </title>
                                    <description><![CDATA[पानी की लाइन डालने के बाद भी पानी के लिए कनेक्शन नहीं होने से लोग  निजी ट्यूबवैल का सहारा ले रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-9--filth-and-lack-of-facilities-are-increasing-problems--no-sign-of-smart-city-development-in-the-ward/article-135569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/etws-(3).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। यह गांव नहीं, कोटा शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 9 के हिस्से से जुड़ा रेत्या चौकी, शांति नगर है, जहाँ क्षेत्रवासी सुबह घर से निकलते हैं तो उन्हें इस दलदल भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। और यदि निकलते समय उनसे थोड़ी सी भी चूक हो जाए तो वे कीचड़ में गिर जाते हैं। यह कहना है रेत्या चौकी निवासी धनराज व आशीष का। उन्होंने बताया कि हमारी तरफ अभी तक रोड का निर्माण नहीं किया गया, जिससे कीचड़ में निकलना हम लोगों की मजबूरी है। अनेक बार रात्रि में हम कीचड़ में गिर गए। बारिश के दिनों में हमारी समस्या और बढ़ जाती है। पानी के लिए लाइन डाली हुई है, पर अभी तक उनके कनेक्शन नहीं हुए। वहीं वार्ड के कुछ हिस्से में नियमित टीपर नहीं आने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं वार्ड में रेत्या चौकी में पानी की लाइन डालने के बाद भी पानी के लिए कनेक्शन नहीं होने की वजह से लोगों को निजी ट्यूबवैल का सहारा लेना पड़ता है। विद्युत पोल पर लाइटें लगाने के बावजूद भी पर्याप्त रोशनी नहीं होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। </p>
<p>वहीं वार्ड के रानपुर में  टीपर नियमित रूप से आते हैं। पूनिया देवरी निवासी विशाल कुमार व अजय ने बताया कि हमारी तरफ भी पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही सार्वजनिक रोशनी नहीं होने की वजह से भी रात्रि के समय दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं वार्ड में सामुदायिक भवन, कॉम्पलेक्स व पार्क का अभाव होने की वजह से वार्डवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>टीपर नहीं आते, कचरा खुले में डालने की मजबूरी</strong><br />वार्ड के निवासी दिनेश बंजारा व लोकेश ने बताया कि हमारी तरफ तो टीपर नियमित नहीं आते हैं। वहीं रेत्या चौकी निवासी देशराज व मुकेश ने बताया कि हमारी तरफ तो टीपर भी नहीं आते हैं, जिससे हमें मजबूरन कचरा खुले में डालकर आना पड़ता है। कई बार बारिश के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती है। इस कचरे से बदबू आने के कारण बीमारियाँ फैलने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p><strong>सामुदायिक भवन,पार्क, कॉम्पलेक्स का अभाव</strong><br />वार्ड में सामुदायिक भवन का अभाव होने की वजह से वार्ड के लोगों को महंगी दर पर भवनों की बुकिंग करनी पड़ती है। रेत्या निवासी प्रेमचंद ने बताया कि सामुदायिक भवन नहीं होने की वजह से हम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही भवन तक जाने के लिए निजी वाहनों को किराये पर लेना पड़ता है, जिससे हमारे ऊपर दोहरी मार पड़ती है। सार्वजनिक स्नानघर नहीं होने की वजह से महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>रेत्या चौकी की कीचड़ भरी राह, ड्रेनेज सिस्टम फेल</strong><br />वार्ड के हिस्से से जुड़ा रेत्या चौकी में रोड नहीं बनने की वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोड नहीं बनने से जगहझ्रजगह कीचड़ हो रहा है, जिससे वार्डवासियों को होकर जाना पड़ता है। वार्डवासी सुनील कुमार ने बताया कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर एकत्रित हो जाता है, जिससे कीचड़ फैल रहा है एवं पानी भरा रहता है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है। रास्ते में पानी भरा रहने से मच्छर पैदा हो रहे हैं। मौसमी बीमारी बढ़ने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p>शांति नगर निवासी दीनू कुमार व बंटी ने बताया कि हमारे तरफ रोड तो बना दिया गया, पर नालियों का ड्रेनेज सिस्टम सही ढंग से नहीं होने से गंदा पानी इनमें ही जमा रहता है, जिससे बीमारियाँ होने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p>हमारी तरफ ना तो कचरा गाड़ी आती है और ना ही नालियों की सफाई होती है। हमें तो केवल नगर निगम में जोड़ दिया गया है।<br /><strong>- प्रेमचंद, वार्डवासी</strong></p>
<p>रोड निर्माण तो किया गया पर गंदा पानी नालियों में जमा रहता है, जिससे बीमारियाँ होने का अंदेशा बना रहता है। रोड लाइटें पर्याप्त नहीं होने की वजह से रात्रि में अंधेरा रहता है।<br /><strong>- सूआ बाई</strong></p>
<p>कचरा गाड़ी आती है जो मेन रोड से कचरा लेती है, अंदर की तरफ नहीं जाती। सफाई करने वाले रोड के साइड में ही कचरा डाल देते हैं, जो परेशानी का सबब बना हुआ है।<br /><strong>- जितेंद्र, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में रोड निर्माण के लिए टेंडर हो चुके हैं। नल कनेक्शन की डिमांड राशि अधिक होने की वजह से अभी तक कनेक्शन नहीं करवाए गए हैं। हमने जनप्रतिनिधियों को डिमांड राशि कम करने के लिए लिखित में सूचना दे रखी है।<br /><strong>- रतन बाई, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 14:55:55 +0530</pubDate>
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