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                <title>online booking - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट के मद्देनज़र सरकार की अपील : ऑनलाइन ही बुक कराएं सिलेंडर, जरूरत पड़ने पर ही जाएं वितरक के पास</title>
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                        <![CDATA[पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए 50,000 सिलेंडर जब्त किए और 36 वितरकों को निलंबित किया। 95% ऑनलाइन बुकिंग के साथ आपूर्ति सुचारू है। मंत्रालय ने नागरिकों से पैनिक बुकिंग न करने और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने की अपील की है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-view-of-the-west-asia-crisis-the-governments-appeal/article-149191"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/cyclender-book.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ऑनलाइन बुकिंग के बढ़ने के बावजूद रसोई गैस वितरण एजेन्सियों के बाहर लंबी-लंबी लाइनों को देखते हुए सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन माध्यम से ही एलपीजी सिलेंडर बुक करायें और आवश्यक होने पर ही वितरकों के पास जायें। पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर सरकार ने रविवार को एक बार फिर दोहराया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति के प्रभावित होने के घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय पूरे देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की सुचारु और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर आवश्यक कदम उठा रहा है और फिलहाल देश में इनका पर्याप्त भंडार है।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा है कि एलपीजी वितरकों के पास गैस समाप्त होने की कोई सूचना नहीं है और ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग बढ़कर 95 प्रतिशत हो गई है। शनिवार को 51 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी में 53 प्रतिशत से बढ़कर शनिवार को 90 प्रतिशत हो गई है ताकि हेराफेरी को रोका जा सके। प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को शनिवार को 5 किलोग्राम के 90,000 से अधिक सिलेंडर बेचे गए।देश में पीएनजी विस्तार तेज़ी से बढ़ रहा है और  मार्च से 3.6 लाख कनेक्शन को गैस आपूर्ति शुरू की गयी है और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण हुए हैं।</p>
<p>पश्चिम एशिया में फंसे सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई। विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में विकसित हो रही स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और 28 फरवरी से अब तक 7 लाख दो हजार से अधिक भारतीय स्वदेश लौटे हैं। सरकार ने कहा है कि वह पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और घबराहट में खरीदारी तथा अनावश्यक बुकिंग से बचें।</p>
<p>एलपीजी की जमाखोरी और काला बाज़ारी की जांच के लिए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है। मार्च से अब तक राज्यों और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की संयुक्त टीमों द्वारा 50,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं। कंपनियों के अधिकारियों को अचानक निरीक्षण की प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जमाखोरी और काला बाज़ारी की किसी भी घटना को रोका जा सके। अब तक एलपीजी वितरकों को 1400 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा, अब तक 36 एलपीजी वितरकों को निलंबित किया जा चुका है। उपभोक्ताओं को डी-पीएनजी और सीएनजी-परिवहन के लिए 100 प्रतिशत आपूर्ति के साथ प्राथमिकता दी गई है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 17:54:58 +0530</pubDate>
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                <title>रोडवेज की ऑनलाइन बुकिंग मतलब परेशानी, कई बसें ऑनलाइन की वेवसाइट पर नहीं दिखती </title>
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                        <![CDATA[रोडवेज ने यात्रियों को टिकट लंबी लाइनों और सीट की मारमारी से बचने के लिए राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा शुरू की थी
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/online-booking-of-roadways-means-trouble/article-117553"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(5)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रोडवेज ने यात्रियों को टिकट लंबी लाइनों और सीट की मारमारी से बचने के लिए राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की आॅनलाइन टिकट बुकिंग सेवा शुरू की थी, जिससे यात्रियों को बस में सीट के लिए झगड़ा नहीं करना पड़े । शुरुआत में इस सेवा से यात्रियों को परेशानी कम हुई लेकिन अब यही सेवा लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। ा यह सेवा अब आॅन लाइन टिकट कराने वालों के लिए जी का जंजाल बन रही है। रोडवेज की आरएसआरटीसी अधिकृत वेवसाइड अधिकांश समय तो काम ही नहीं करती है। अगर इस साइट से टिकट बुक होने और सीट नंबर मिलने के बाद भी यात्री को बस में उसकी आवंटन सीट नहीं मिलती है। कई बार नेटवर्क इश्यू के चलते चालक की मशीन में बुकिंग का संदेश नहीं जाता है तो वो यात्री को बस में बिठाने से ही इन्कार कर देता है। ऐसे में कई बार यात्री को बुक टिकट होने के बाद भी फिर से टिकट लेकर यात्रा करनी पड़ती है। कई बसे आॅनलाइन वेवसाइड पर शो ही नहीं करती है। जबकि यह बसे बस स्टैंड से संचालित होती है ऐसे में यात्री को टिकट के लिए पहले लंबी लाइन और सीट रोकने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। रोडवेज की आरएसआरटीसी अधिकृत वेवसाइड नहीं खुलने पर लोगों को रेड बस और अन्य एप से टिकट आॅनलाइन बुक कराने पड़ते है। जिसमें सेवा शुल्क और जीएसटी देना पड़ता है। जिससे टिकट की लागत बढ़ जाती है। कोटा से चित्तौड़गढ के लिए आरएसआरटीसी से टिकट बुक करने पर एक्सप्रेस में 184 रुपए ही देने पड़ते वहीं यही टिकट रेड बस एप से बुक करने पर यात्री को 203 रुपए चुकाने पड़ते है। उसके बाद भी बस में यात्री को सीट के लिए कंडक्टर से सीट खाली कराने के लिए बार बार कहना पड़ता है। कारण आॅनलाइन बुकिंग सीट को खाली देखकर अन्य यात्री बैठ जाते उन्हें उठाने के लिए कई बार बहस तक हो जाती है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />यात्रियों की सुविधा के लिए आॅनलाइन बुकिंग सेवा शुरू की है। कई बार नेटवर्क इश्यू की वजह से टिकट आॅनलाइन चढ़ने से छूट जाता है। जिससे परिचालक मशीन में शो नहीं करता है। ऐसे में यात्री को दूसरी बस में भेजा जाता है। यात्री चाहे तो टिकट केंसल करके रिफंड भी ले सकता है। <br /><strong>- कमलेश कुमार, यातायात प्रबंधक रोडवेज डिपो चितौड़गढ़</strong></p>
<p>यात्रियों को रोडवेज की अधिकृत वेबसाइट से टिकट बुकिंग करनी चाहिए। कोटा डिपो की लंबे रूट की सभी बसे आॅनलाइन सेवा से जुड़ी हुई है। शीघ्र ही लंबी दूरी के लिए सेमी डिलक्स और एक्सप्रेस बसे आने वाली है। जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेगी। <br /><strong>-अजय कुमार मीणा, मुख्य आगार प्रबंधक कोटा।</strong></p>
<p><strong>दो दिन पूर्व की बुकिंग के बाद भी बस में नहीं बिठाया</strong><br />चित्तौड़गढ से कोटा के लिए गुरुवार को 14 जून के लिए आॅन लाइन टिकट सुबह 8.15 बजे की बस के लिए बुक कराया। सीट नंबर 11 आॅनलाइन में अलोट हुई। जब बस उदयपुर से चित्तौड़गढ पहुंची तो चालक आॅनलाइन टिकट दिखाया तो उसने कहा उनकी बुकिंग उनकी मशीन के डीएसओ में दिखाई नहीं दे रहा है। आपको बस में नहीं बिठा सकता आप विंडो से संपर्क करें मैने जब विंडो से संपर्क किया तो उन्हें कहा हमारे हाथ में नहीं डिपो मैनेजर से संपर्क करें इतने में बस रवाना हो गई। 9.30 बजे की दूसरी बस में टिकट लेकर चित्तौड से कोटा पहुंचा। आॅनलाइन बुकिंग का रिफंड भी डाला लेकिन चार से पांच दिन आने और आधा ही मिलने की बात कहीं। <br /><strong>- दीपक शर्मा, यात्री निवासी कोटा। </strong></p>
<p><strong>सेमी डिलक्स बसें बंद होने से हो रही परेशानी</strong><br />कोटा डिपो में लगातार बसे कम हो रही है। कोटा उदयपुर मार्ग पर सुबह 5 बजे व सुबह 5.30 बजे चलने वाली सेमी डीलक्स बसे सितंबर 2024 से ही बंद हो गई है। उसके स्थान पर एक्सप्रेस बसे लगा रखी है। 300 किमी का सफर तीन बायी टू सीट वाली बस में करना सजा से कम नहीं है। पहले दो बायी दो बसे आरामदायक थी जिससे सफर में थकान नहीं होती थी। नई बसों में सीटे इतनी छोटी के ही तीन लोग एक साथ बड़ी मुश्किल से बैठ पाते है। उस पर इस रूट एक्सप्रेस बसे चलाने से रास्ते से लोकल सवारी भी परिचालक बिठा लेते जिससे बस ओवर क्राउड हो जाती है। रोडवेज को लंबी दूरी सेमी डीलक्स बसे फिर से शुरू करनी चाहिए। सेमी डिलक्से में आॅनलाइन बुकिंग वालों को परेशानी नहीं होती है। <br /><strong>- अनिल गोस्वामी यात्री, निवासी नांता</strong></p>
<p><strong>सभी एक्सप्रेस बसों को आॅनलाइन करना चाहिए</strong><br />रोडवेज के बेड में सेमी डिलक्स बसों की जगह एक्सप्रेस बसे लगा दी है। लेकिन अधिकांश लंबी दूरी की एक्सप्रेस बसों को आॅनलाइन टिकट वेबसाइड पर नहीं चढाया गया है। जिससे लोगों को सीट के लिए परेशानी होती है। कोटा से उदयपुर मार्ग की चुनिंदा बसे ही आॅनलाइन टिकट बुकिंग के लिए उपलब्ध है। वहीं जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा की ओर जाने वाली बसे भी आॅनलाइन नहीं है। ऐसे में  लोगों को कई बार खड़े खड़े सफर करना पड़ता है। <br /><strong>- विक्रम सिंह राजावत यात्री, निवासी पंचवटी</strong></p>
<p><strong>आॅनलाइन नहीं दिखती बसें</strong><br />कोटा आगार में पहले बसों की कमी उस पर अनुबंध की चार बसे बंद होने से लंबे रूट पर सफर अब एक्सप्रेस बसों में करना पड़ रहा है। कोटा से उदयपुर के लिए पहले दो सेमी डिलक्स बसे चल रही थी दोनों ही बंद हो गई है। वहीं जयपुर के लिए भी दो बसे चल रही वो भी बंद हो गई उनके स्थान पर एक्सप्रेस बसे लगा दी वो आए दिन आॅनलाइन बुकिंग में वेवसाइट पर नहीं दिखाई देती है। जिससे परेशानी हो रही है। <br /><strong>- अनीता वर्मा, निवासी महावीर नगर</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Jun 2025 16:48:33 +0530</pubDate>
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                <title>रिवर फ्रंट की ऑनलाइन बुकिंग पर अव्यवस्था का ताला </title>
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                        <![CDATA[ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा नहीं होने पर लोगों को मौके पर जाकर ही टिकट लेने पड़ रहे हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/chaos-lock-on-online-booking-of-river-front/article-76283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/t21rer-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर विकास न्यास की ओर से विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल चम्बल रिवर फ्रंट तो बना दिया लेकिन वहां घूमने आने वालों के लिए अभी तक भी ऑनलाइन बुकिंग की वेबसाइट चालू नहीं की है। जिससे बाहर से आने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  नगर विकास न्यास ने चम्बल नदी के दोनों छोर पर करीब साढ़े पांच कि.मी. लम्बा चम्बल रिवर फ्रंट बनाया है। करीब 1442 करोड़ रुपए की लागत से रिवर फ्रंट तो बना दिया लेकिन वहां घूमने आने वालों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा अभी तक शुरू नहीं की है। जिससे लोगों को मौके पर जाकर ही ऑफलाइन टिकट लेना पड़ रहा है। रिवर फ्रंट पर शाम के समय रोजाना हजारों लोग घूमने के लिए आ रहे हैं। लेकिन ऑनलाइन टिकट की सुुविधा होने पर यह संख्या बढ़ सकती है। </p>
<p><strong>शुरुआती तीन माह ही थी सुविधा</strong><br />चम्बल रिवर फ्रंट का उद्घाटन पिछले साल 12 सितम्बर को किया गया था। उसके बाद कोटा वासियों के लिए यहां दो महीने प्रवेश की नि:शुल्क सुविधा दी गई थी। उस समय करीब तीन माह तक ही ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा दी गई। न्यास की ओर से बनाई गई वेबसाइट पर ऑनलाइन टिकट बुक किए जा रहे थे। लेकिन दिसम्बर में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के साथ ही वेबसाइट भी बंद कर दी गई और ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी नहीं हो रही है। उसके बाद से ऑफ लाइन ही टिकट दिए जा रहे हैं। </p>
<p><strong>ऑफलाइन के लिए कतार</strong><br />ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा नहीं होने पर लोगों को मौके पर जाकर ही टिकट लेने पड़ रहे हैं। इसके लिए कई बार तो कतार में भी लगना पड़ता है। जिससे समय भी अधिक लग रहा है और परेशानी भी हो रही है। </p>
<p><strong>गर्मी की छुट्टियों में लोग हो रहे परेशान</strong><br />ऑनलाइन बुकिंग दिसम्बर में बंद कर दी गई थी। उसके बाद से चार महीने का समय हो गया।  अभी तक दोबारा से वेबसाइट चालू नहीं हो पाई है। जबकि मई और जून में स्कूलों में छुट्टियां लगने वाली है। ऐसे में बाहर से लोग कोटा में रिवर फ्रंट घूमने आना चाहते हैं। जिसके लिए पहले से टिकट बुक करवाना चाहते हैं लेकिन उन्हें यह सुविधा नहीं मिल रही है। जिससे लोगों के मन में असमंजस बना हुआ है कि यदि वे कोटा आए और यहां टिकट नहीं मिला तो उनका आना व्यर्थ हो जाएगा। </p>
<p><strong>लोगों का कहना </strong><br /><strong>ऑनलाइन सुविधा हो शुरु</strong><br />बच्चों की छुट्टी लग चुकी है। ऐसे में कोटा आकर रिवर फ्रंट घूमने का प्लान बनाया। लेकिन न्यास की वेबसाइट पर रिवर फ्रंट के टिकट की ऑनलाइन बुकिंग का ऑप्शन देखा तो वह है ही नहीं। ऐसे में पहले से टिकट बुक नहीं करवा सके। कोटा आकर कतार में लगकर टिकट लेना पड़ा। यदि ऑनलाइन सुविधा होती तो पहले से ही समय के हिसाब से टिकट बुक करवाकर आते। <br /><strong>- अंजली शर्मा, जयपुर</strong></p>
<p>चम्बल रिवर फ्रंट के बारे में लोगों से तारीफ सुनी है कि अच्छा बना है। लेकिन कोटा आने से पहले ऑनलाइन टिकट बुक करवाने का प्रयास किया लेकिन वेबसाइट ही चालू नहीं है। ऐसे में कोटा आकर ही टिकट लेना पड़ा। यदि किसी कारण से यहां आकर भी टिकट नहीं मिलता तो आना बेकार हो जाता। गर्मी की छुटिटयां लगने वाली है। ऐसे में ऑनलाइन बुकिंग के लिए वेबसाइट चालू की जाए तो न्यास को तो लाभ होगा ही लोगों को भी सुविधा होगी। <br /><strong>- अमित जैन, उदयपुर</strong></p>
<p>वर्तमान में अधिकतर काम ऑनलाइन हो रहे हैं। पैसे का लेनदेन तक ऑनलाइन हो गया है। ऐसे में हाईटेक जमाने में भी न्यास ने अभी तक रिवर फ्रंट पर घूमने वालों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की वेबसाइट चालू नहीं की है। जिससे अधिकतर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन वेबसाइट की सुविधा को शीघ्र चालू किया जाना चाहिए। <br /><strong>- गिरधर नामा, रंगबाड़ी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />ऑनलाइन की सुुविधा उद्घाटन के बाद दो माह तक नि:शुल्क प्रवेश के दौरान ही दी गई थी। उसके बाद उस सुविधा को बंद कर दिया। उसके बाद अभी तक यह सुविधा शुरु नहीं हुई है। फिलहाल ऑफलाइन ही टिकट दिए जा रहे हैं। लेकिन ऑनलाइन टिकट  बुकिंग की प्रक्रिया चालू कर दी गई है। वेबसाइट तैयार की जा रही है। मई में लोगों को यह सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी। जिससे लोग  कहीं से भी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक करवा सकेंगे। <br /><strong>- भूपेन्द्र बंशीवाल, एक्सईएन, नगर विकास न्यास कोटा </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Apr 2024 17:49:59 +0530</pubDate>
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