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                <title>curriculum - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>curriculum RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत को वैश्विक विनिर्माण शक्ति बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा: अरुण झा</title>
                                    <description><![CDATA[NIAMT रांची के कुलाधिपति अरुण कुमार झा के अनुसार, युवाओं को रोबोटिक्स और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर देश को विनिर्माण शक्ति बनाया जा रहा है। संस्थान ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए बीटेक, एमटेक और एडवांस्ड डिप्लोमा (अंतिम तिथि 31 मई) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहां टाटा और मारुति जैसी कंपनियां प्लेसमेंट देती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-goal-of-making-india-a-global-manufacturing-power-will/article-155416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/arun-kumar-jha.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। झारखंड की राजधानी रांची स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी (एनआईएएमटी) के कुलाधिपति अरुण कुमार झा ने कहा है कि भारत को वैश्विक विनिर्माण शक्ति बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। झा ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए एनआईएएमटी तकनीकी रूप से सक्षम और उद्योगों के लिए तैयार मानव संसाधन तैयार कर रहा है। संस्थान में विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।</p>
<p>कुलाधिपति ने बताया कि संस्थान ने नये शैक्षणिक सत्र के लिए बीटेक और एमटेक कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीटेक में दाखिला जेईई मेन के जरिए होगा, जबकि एमटेक में प्रवेश सेंट्रलाइज़्ड काउंसलिंग फॉर एम.टेक. (सीसीएमटी) और संस्थान स्तर पर होगा। झा ने बताया कि इसके अतिरिक्त, अत्यधिक मांग वाले 18 महीने के 'एडवांस्ड डिप्लोमा कोर्स' फाउंड्री एवं फोर्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित की गई है। बीएससी, इंजीनियरिंग डिप्लोमा या बीटेक उत्तीर्ण अभ्यर्थी संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। चयनित विद्यार्थियों को 3000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृति भी दी जाएगी।</p>
<p>कुलाधिपति ने संस्थान और उसके प्रदर्शन के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि 60 एकड़ में फैले हुए पूर्णतः आवासीय परिसर वाले इस संस्थान में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ और आधुनिक मशीनरी उपलब्ध हैं। यहाँ विद्यार्थी फाउंड्री, फोर्जिंग, ऑटोमोबाइल, भारी उद्योग तथा रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त कर रहे हैं। यही कारण है कि टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, जेएसडब्ल्यू, वेदांता और मारुति सुजुकी जैसी बड़ी कंपनियाँ हर वर्ष संस्थान के विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि 1966 में स्थापित यह संस्थान पहले एनआईएफएफटी के नाम से जाना जाता था। वर्तमान में यह भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन डीम्ड टू बी युनिवर्सिटी के रूप में कार्य कर रहा है। पिछले लगभग छह दशकों से यह संस्थान झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित पूर्वी भारत के हजारों युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 17:56:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली की 109 वर्ष पुरानी मारवाड़ी सार्वजनिक पुस्तकालय  में 201 निर्धन एवं मेधावी छात्रों को छात्रवृत्तियों और पाठ्यक्रम वितरण</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली के चाँदनी चौक में  आजादी के आन्दोलन का केन्द्र और साक्षी रही 109 वर्ष पुराने मारवाड़ी सार्वजनिक पुस्तकालय में 201 निर्धन एवं मेधावी छात्रों को छात्रवृत्तियों का वितरण किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/distribution-of-scholarships-and-curriculum-to-201-poor-and-meritorious/article-76756"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(4)7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के चाँदनी चौक में  आजादी के आन्दोलन का केन्द्र और साक्षी रही 109 वर्ष पुराने मारवाड़ी सार्वजनिक पुस्तकालय में 201 निर्धन एवं मेधावी छात्रों को छात्रवृत्तियों का वितरण किया गया।</p>
<p>संस्था के प्रधान प्रेम सिंघानिया, महामंत्री राज कुमार तुलस्यान तथा अतिथियों ने इन छात्रों को 1200 रु प्रति छात्र छात्रवृत्ति, स्कूल बेग्स, पाठ्य और लेखन सामग्री प्रदान की ।</p>
<p>महामंत्री राज कुमार तुलस्यान ने इस मौके पर बताया कि संस्था अपने सामाजिक और शिक्षा के प्रति दायित्वों को हर वर्ष बख़ूबी निभाती है। उन्होंने बताया कि मारवाड़ी पुस्तकालय में  संविधान को मूल कोपी की प्रति सहित दुर्लभ पुस्तकों का भण्डार  संग्रहित हैं। साथ ही दर्शक पंजिका में अति विशिष्ट लोगों की टिप्पणिया भी अंकित हैं।</p>
<p>तुलस्यान ने बताया कि इस पुस्तकालय और वाचनालय में जन सुविधाओं का विस्तार किया गया है। साथ ही बच्चों के लिए वातानुकूलित कक्ष बना उनके अध्ययन के लिए आदर्श वातावरण भी सृजित किया गया है। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय महत्व की इस ऐतिहासिक संस्था मारवाड़ी सार्वजनिक पुस्तकालय की स्थापना 1915 में हुई थी । इस पुस्तकालय से राष्ट्र के लब्ध प्रतिष्ठित बुद्धिजीवी गणमान्य लोग, शिक्षाविद ,शोध कर्ता, स्वतंत्रता सेनानी और शीर्ष नेता राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, महामना मदन मोहन मालवीय, बाल गंगाधर तिलक, राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त , डॉ हरिशंकर राय बच्चन आदि का गहरा जुड़ाव और अभूतपूर्व योगदान एवं सहयोग रहा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि हिन्दी साहित्य की प्राचीनतम और श्रेष्ठतम पुस्तकों के लिए यह पुस्तकालय और वाचनालय देश भर में अपना एक विशेष स्थान रखता है। पुरानी दिल्ली के हृदय स्थल चांदनी चौक में ऐतिहासिक लाल किला के सामने स्थित माँ सरस्वती का मन्दिर कहलाने वाला यह प्राचीन पुस्तकालय ज्ञान का अथाह भंडार है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 May 2024 12:58:04 +0530</pubDate>
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