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                <title>heatwave - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>heatwave RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पंजाब-चंडीगढ़ में लू का अलर्ट : तापमान 41 डिग्री सेल्सियस, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब और चंडीगढ़ में पारा 41°C के पार पहुँच गया है, जिससे लू का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 24 अप्रैल तक भीषण गर्मी की चेतावनी दी है। बठिंडा सबसे गर्म रहा, जबकि लुधियाना और पटियाला में हीटवेव जैसे हालात हैं। 23 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ के कारण राहत मिलने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/loot-alert-in-punjab-chandigarh-temperature-41-degree-celsius-meteorological-department/article-151194"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/weather.png" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़। पंजाब और चंडीगढ़ में तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने 24 अप्रैल तक लू का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहने का अनुमान है। राज्य के 21 जिलों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जबकि बठिंडा में सबसे अधिक 41 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। लुधियाना, मोहाली, पटियाला, संगरूर और फतेहगढ़ साहिब समेत सात जिलों में हीटवेव जैसे हालात बनने की आशंका है। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक गर्मी का असर सबसे अधिक रहेगा। </p>
<p>चंडीगढ़ में 38.1 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना में 39.4 डिग्री सेल्सियस और पटियाला में 39.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने परामर्श जारी कर लोगों को अधिक पानी पीने, धूप से बचने और हल्का भोजन करने की सलाह दी है। अस्पतालों में विशेष वार्ड और 24 घंटे स्टाफ की व्यवस्था की गयी है। मौसम विभाग के अनुसार 23 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे मौसम में बदलाव के आसार हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:37:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में गर्मी के तेवर तीखे : 46 डिग्री के पार पहुंचा तापमान, हीटवेव में होगी बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में गर्मी के तेवर तीखे बने हुए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-heat-in-the-state-has-increased-the-temperature-in/article-112438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/temprature-heat-garmi.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में गर्मी के तेवर तीखे बने हुए हैं। आसमान से गर्मी के रूप में आग बरस रही है। सीमावर्ती जिलों में पारा 47 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में पारा 42 डिग्री के पार पहुंच गया है, जिससे भीषण गर्मी का एहसास हो रहा है। राज्य के अधिकांश भागों में आगामी 2-3 दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।</p>
<p>आगामी दिनों में तापमान में 2-3 डिग्री बढ़ोतरी होने और जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री दर्ज होने की प्रबल संभावना है। जोधपुर संभाग में आज से ही हीटवेव तथा पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव व ऊष्णरात्री में 29-30 अप्रैल को बढ़ोतरी होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 29-30 अप्रैल को कहीं-कहीं हीटवेव की संभावना है। मई के प्रथम सप्ताह में मेघगर्जन, आंधी-बारिश की गतिविधियों से तापमान में गिरावट होने की प्रबल संभावना है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Apr 2025 17:41:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जलवायु परिवर्तन और हीटवेव का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[ग्लोबल वार्मिंग के कारण पृथ्वी का औसत तापमान लगातार बढ़ रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/climate-change-and-threat-of-heatwave/article-112392"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(4)10.png" alt=""></a><br /><p>ग्लोबल वार्मिंग के कारण पृथ्वी का औसत तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिसका प्रभाव हमारे देश में तीव्र रूप में दिख रहा है। कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसों का अत्यधिक उत्सर्जन वायुमंडल में गर्मी को बढ़ा रहा है, जिससे न केवल तापमान बढ़ रहा है, बल्कि हीट वेव की अवधि में भी वृद्धि हो रही है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने पुष्टि की है वर्ष 2024 को अब तक का सबसे गर्म वर्ष माना गया और विशेषज्ञों की मानें तो 2025 भी इसी तापमान वृद्धि के ट्रेंड को आगे बढ़ा रहा है।</p>
<p>जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी और घातक हीटवेव की गंभीरता को देखते हुए माननीय राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि हीट एक्शन प्लान और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए सभी विभागों के साथ मिलकर एक समन्वय समिति का गठन कर योजनाओं की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित की जाए। जलवायु परिवर्तन के चलते बढ़ते तापमान और तीव्र होती हीटवेव न केवल मानव स्वास्थ्य बल्कि कृषि, अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी तंत्र पर भी गहरा प्रभाव डाल रही हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के एक अध्ययन के अनुसार यदि तापमान वृद्धि की यही गति बनी रही, तो वर्ष 2050 तक गेहूं उत्पादन में 6 से 23 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।</p>
<p>वर्ष 2022 में हीटवेव के चलते उत्तर भारत में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया, जिससे गेहूं उत्पादन में 10.12 फीसदी की कमी आई। हीटवेव का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं है। यह भारत जैसे श्रम-प्रधान देश में श्रमिकों की उत्पादकता घटाती है, बिजली की मांग बढ़ाती है और औद्योगिक उत्पादन को बाधित करती है, जिससे व्यक्तिगत आय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था दोनों प्रभावित होती हैं। साथ ही पारिस्थितिकी तंत्र भी इस बदलते मौसम से असंतुलित हो रहा है, जिससे जैव विविधता पर खतरा मंडरा रहा है। वायु प्रदूषण, अंधाधुंध पेड़ों की कटाई और हरित क्षेत्रों की कमी भी इस संकट को और गहरा कर रही है। शहरी क्षेत्रों में हीट आइलैंड प्रभाव के कारण गर्मी का प्रभाव और अधिक तीव्र हो जाता है, जिससे वायु की गुणवत्ता गिरती है और गर्मी से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इन तमाम संकेतों से स्पष्ट है कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की नहीं बल्कि वर्तमान की आपातकालीन चुनौती है, जिसका समाधान तत्काल नीति से ही संभव है। 20वीं सदी के उत्तरार्ध से लेकर आज तक औसत वैश्विक तापमान में लगभग 1.1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है और यह आंकड़ा हर साल नई ऊंचाइयों को छू रहा है।</p>
<p>हीटवेव अब केवल गर्मियों की सामान्य घटनाएं नहीं रहीं, बल्कि ये अब घातक आपदाओं का रूप ले चुकी हैं जिनसे लाखों लोग स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं और हजारों की जान भी जा रही है। एक आंकड़े के अनुसार 1 मार्च 2023 से 25 जुलाई 2024 तक देशभर के 36 राज्यों में 67,637 लोग लू की चपेट में आकर अस्पताल पहुंचे, जिनमें से 374 की मृत्यु हो गई। राजस्थान में भी इस अवधि में 7,587 हीटस्ट्रोक के मामले सामने आए और 17 लोगों की जान गई। इन आंकड़ों से यह साफ  है कि बढ़ती गर्मी केवल एक मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि एक गंभीर जलवायु संकट का परिणाम है। राजस्थान आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत जो राज्य में 1अगस्त 2007 से लागू है उसमें हीटवेव को आपदा प्रबंधन के रूप में शामिल नहीं किया गया है। जब जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक गर्मी और हीटवेव जैसे खतरे आम हो रहे हैं, तो अब इसे आपदा के रूप में स्वीकारना और उससे निपटने के लिए प्रभावी योजनाएं बनाना आवश्यक हो गया है। इससे न केवल जनजीवन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, बल्कि कृषि, जल, स्वास्थ्य और सामाजिक ताने-बाने पर भी दीर्घकालिक संकट उत्पन्न हो रहा है। यह समय की मांग है कि राज्य सरकारों को इन जलवायु संकटों को गंभीरता से लेते हुएआपदा के रूप में इसे मान्यता देने और त्वरित राहत योजनाओं को लागू करने की आवश्यकता है। </p>
<p>2024 की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लगातार बढ़ती हीटवेव के बीच राज्य सरकार ने अरावली पर्वतमाला में एक ग्रीन वॉल परियोजना प्रस्तावित की गई, जो अफ्रीका की ग्रेट ग्रीन सहारा वॉल की तर्ज पर है, जिसका उद्देश्य पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखना है। अरावली की 1600 किलोमीटर लंबी श्रृंखला में देशी प्रजातियों के पौधों का रोपण कर एक हरित अवरोध बनाया जाएगा, जो तापमान नियंत्रण, कार्बन अवशोषण और जैव विविधता संरक्षण में मदद करेगा। प्रारंभिक तौर पर इस बाबत 250 करोड़ रुपए का प्रावधान वर्ष 2025-26 के बजट में किया गया है। खनन, शहरीकरण और प्रदूषण से जूझ रही अरावली के लिए यह परियोजना जीवनदायिनी साबित हो सकती है। यदि सही तरीके से इसे क्रियान्वित किया गया, तो अरावली की यह हरित दीवार आने वाले वर्षों में शहरी गर्मी को कम करने और कार्बन न्यूट्रैलिटी की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। मेरा मानना है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए राज्य सरकारों को स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जलवायु अनुकूल उपायों को लागू करने में समुदाय की सक्रिय भागीदारी से ही दीर्घकालिक प्रभाव उत्पन्न होंगे। इसके लिए ग्राम पंचायतों और नगर निगमों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहिए। </p>
<p><strong>-राजेन्द्र राठौड़</strong><br /><strong>पूर्व नेता प्रतिपक्ष</strong><br /><strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Apr 2025 11:58:48 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - सुबह 7.30 से 11 बजे तक खुलेंगे स्कूल, 16 मई तक बदला समय</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति की खबर पर कलक्टर ने बदला स्कूलों का समय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---schools-will-open-from-7-30-am-to-11-am/article-111593"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(1)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रदेश में भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सोमवार को कोटा के सभी स्कूलों का समय बदल दिया है। सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में अब प्री-प्राइमरी से 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का स्कूल समय सुबह 7:30 से 11 बजे तक का रहेगा। इस संबंध में जिला कलक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने आदेश जारी कर दिए हैं। बता दें, दैनिक नवज्योति ने 18 अप्रेल को 43 डिग्री तापमान में लू से झुलस रहा बचपन...शीर्षक से खबर प्रकाशित कर प्रशासन को अभिभावकों की चिंता व बच्चों की तकलीफों से रुबरू करवाया था। इस पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए स्कूलों का समय बदलने के आदेश जारी किए। </p>
<p><strong>16 मई तक बदला समय</strong><br />आदेश के तहत 22 अप्रेल से 16 मई तक जिले के सभी सरकारी तथा गैर सरकारी (आरबीएससी व सीबीएसई) सभी स्कूलों का समय सुबह 7.30 से 11 बजे रहेगा। जिन स्कूलों में मिड डे मील संचालित है, उन स्कूलों द्वारा मिड डे मील भोजन व दूध पिलाने की व्यवस्था सुबह 10:30 बजे से पहले ही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कार्मिक अपने निर्धारित विभागीय समय अनुसार स्कूल में उपस्थित देंगे। निदेर्शों की अवहेलना करने वाले सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।</p>
<p><strong>मौसम विभाग ने जारी किया हीटवेव का अलर्ट </strong><br /> इधर, मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 25-26 अप्रेल से तापमान में अन्य दिनों की अपेक्षा तेजी से वृद्धि होगी जिससे टेम्प्रेचर 45 डिग्री पर पहुंचने की संभावना जताई है। जिसके चलते 23 अप्रेल को राज्य के कई जिलों में हीटवेव चलने का येलो अलर्ट भी जारी किया है।</p>
<p><strong>एक ही पारी में हो राज्य स्तरीय समान परीक्षा  </strong><br />माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर द्वारा 24 अप्रेल से आयोजित की जा रही राज्य स्तरीय समान परीक्षा  का समय में भी बदलाव किया जाना चाहिए। कक्षा 9 व 11वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा दो पारियों में आयोजित करवाई जाएगी। प्रथम पारी सुबह 7:45 से 11 बजे तक तथा द्वितीय पारी 11:30 से दोपहर 2:45 तक रहेगी। जबकि, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भारी गर्मी और तापमान में वृद्धि का अलर्ट जारी किया हैं, जिसके चलते शिक्षा विभाग को दोनों कक्षाओं की परीक्षा पहली पारी में ही आयोजित करनी चाहिए। ताकि, विद्यार्थियों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके। वहीं, छोटे विद्यार्थियों का स्कूल का समय सुबह 7:30 बजे से 11 बजे तक किए जाने की आवाज उठाने पर दैनिक नवज्योति का आभार। <br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान</strong></p>
<p>जिले में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों का समय बदल दिया गया है। मंगलवार से सुबह 7.30 बजे से 11 बजे तक विद्यालय संचालित होंगे। जिला कलक्टर के आदेश की पालना सुनिश्चित करवाई जाएगी। निर्देशों की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>-योगेश पारीक, मुख्य जिला शिक्षाधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Apr 2025 14:27:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>तापमान बढ़ा रहीं हैं ग्रीन हाउस गैसें </title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर भारत में गर्मी अभी से कहर बरसाने लगी है, जबकि अभी अप्रैल माह की शुरुआत ही हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/temperature-is-increasing-greenhouse-gases/article-110523"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer.png25.png" alt=""></a><br /><p>उत्तर भारत में गर्मी अभी से कहर बरसाने लगी है, जबकि अभी अप्रैल माह की शुरुआत ही हुई है। पाठकों को बताता चलूं कि मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अप्रैल से पारा बढ़ना शुरू हो चुका है और अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री तक पहुंच गया है। हाल ही में दिल्ली समेत कई राज्यों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार दिल्ली के अलावा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा के शहरों में भी गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। हाल ही में राजस्थान के बाड़मेर में गर्मी ने नए रिकॉर्ड बनाए और यहां अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अप्रैल के पहले सप्ताह में अब तक का सबसे अधिक तापमान है। यह सामान्य से 6.8 डिग्री अधिक है, जो एक चिंताजनक स्थिति है। मौसम विभाग ने हाल ही में एक अलर्ट जारी किया है, जिसके अनुसार 6-10 अप्रैल के दौरान गुजरात के कुछ स्थानों पर गर्म हवाएं चलने की संभावना है। </p>
<p>उपलब्ध जानकारी के अनुसार सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ स्थानों पर भीषण गर्मी की स्थिति रहने की संभावना है। इस साल फरवरी भी काफी गर्म रही थी और अब देश के 21 शहरों में अधिकतम तापमान का 42 डिग्री तक पहुंचना एक चेतावनी है कि अगर हम अभी भी पर्यावरण के प्रति नहीं चेते और धरती का तापमान इसी तरह से ही बढ़ता रहा, तो ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय के एक अध्ययन के अनुसार, पूरी दुनिया को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। पिछले साल यानी कि वर्ष 2024 में भारत में वर्ष 1901 के बाद से सबसे गर्म वर्ष दर्ज किया गया था। वर्ष 2024 में औसत तापमान 25.75 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसने वर्ष 2016 के पिछले रिकॉर्ड को पार कर दिया था तथा यह बीते 123 साल के औसत से 0.65 डिग्री सेल्सियस अधिक था।वैश्विक तापमान में भी वृद्धि हुई, जिससे वर्ष 2024 वैश्विक स्तर पर सबसे गर्म वर्ष रहा। साल 2023 भी दुनिया का सबसे गर्म साल रहा था। वास्तव में, आज भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में जलवायु परिवर्तन बहुत ही तेजी से हो रहा है और जलवायु परिवर्तन के नतीजे जितने लगते हैं, उससे कहीं अधिक खतरनाक सिद्ध हो सकते हैं। दरअसल, जलवायु परिवर्तन में आज सबसे बड़ी भूमिका मनुष्य की ही है, क्यों कि आज धरती की आबादी लगातार बढ़ती चली जा रही है और आज भारत दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन चुका है। </p>
<p>मानव जनित कार्यों के कारण आज धरती का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि वर्ष 2024 के गर्म रहने के पीछे अल-नीनो प्रभाव भी है। यहां पाठकों को जानकारी देना चाहूंगा कि अल-नीनो एक प्राकृतिक घटना है, जिसके कारण भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र का तापमान बढ़ जाता है। इससे हवाओं में बदलाव आता है और दुनिया भर के जलवायु पैटर्न पर बहुत असर पड़ता है। अल-नीनो के प्रभाव से दुनिया में सूखा व बाढ़ जैसी स्थितियां बन सकतीं हैं। फसल पैदावार पर भी प्रभाव पड़ता है तथा मौसम संबंधी आपदाएं बढ़ जाती हैं। आज धरती के तापमान के बढ़ने के पीछे प्रमुख कारण ग्रीन हाउस गैसों का बढ़ता उत्सर्जन और मानवीय गतिविधियां ही हैं। वास्तव में, ग्रीन हाउस गैसें कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन मुख्यतया सूर्य के प्रकाश के लिए पारदर्शी होती हैं और पृथ्वी की सतह को गर्म करती हैं। वास्तव में, पृथ्वी की ग्रीनहाउस गैसें वायुमंडल की ऊष्मा को रोक लेती हैं तथा उसे अंतरिक्ष में जाने से रोकती हैं। इन गैसों की बढ़ी हुई सांद्रता इसके प्रभाव को बढ़ाती है, जिससे गर्मी स्थिर रहती है और वैश्विक तापमान में वृद्धि होती है। </p>
<p>कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस के जलने तथा वनों की कटाई से भी धरती का तापमान बढ़ रहा है। दूसरे शब्दों में कहें तो ऑटोमोबाइल और जीवाश्म ईंधन के अत्यधिक उपयोग से धरती पर कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त, खनन और पशु पालन जैसी गतिविधियां पर्यावरण के लिए बहुत हानिकारक हैं।  धरती का तापमान बढ़ता है तो समुद्र का जल स्तर बढ़ता है, महासागरों की अम्लीयता बढ़ती है, सूखे और हीटवेव की स्थितियां उत्पन्न होती हैं। वनों में आग लगने का संकट भी बढ़ता है। जैव-विविधता की हानि के साथ ही साथ जलवायु परिवर्तन भी होता है। ताजा अध्ययन ने यह चेतावनी दी है कि अगर धरती का औसत तापमान चार डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता है, तो 40 फीसदी वैश्विक संपत्ति के नष्ट होने का खतरा है, जबकि अब तक के शोध 11 फीसदी नुकसान की ही बात कहते आए हैं। </p>
<p>सच तो यह है कि आज प्रकृति का संतुलन लगातार गड़बड़ा रहा है। प्राकृतिक संतुलन के गड़बड़ाने प्राकृतिक आपदाएं जन्म लेतीं हैं। मसलन भूस्खलन, अतिवृष्टि, अनावृष्टि तथा चरम मौसमी घटनाएं ऐसी ही प्राकृतिक आपदाओं के उदाहरण हैं। तापमान बढ़ता है, तो इसका असर फसल पैदावार पर भी पड़ता है, जल संकट की समस्या भी खड़ी हो जाती है। अंत में यही कहूंगा कि अब समय आ गया है कि धरती के बढ़ते तापमान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।  धरती के पर्यावरण की रक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण और जरूरी है। इसके लिए हमें पौधारोपण और जल संरक्षण पर ध्यान देना होगा। पर्यावरण संरक्षण नीतियों का सही कार्यान्वयन बहुत ही जरूरी और आवश्यक है। सबसे बड़ी बात जागरूकता की है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पर्यावरण ही हमारी असली धरोहर है।</p>
<p><strong>-सुनील कुमार महला</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 12:36:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हीटवेव के साथ आग की घटनाएं बढ़ने पर भयावह होगी स्थिति, सामान्य से अधिक रहेगा तापमान</title>
                                    <description><![CDATA[आग की घटनाएं भी तीन माह में होती हैं करीब 70 फीसदी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-situation-will-be-horrific-if-fire-incidents-increase-along-with-heatwave/article-109427"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही कोटा में भी इस बार जहां मार्च से ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरु कर दिए हैं। ऐसे में गर्मी के तीन माह अप्रैल से जून में इस बार गर्मी अधिक होने के साथ ही हीटवेव(लू) भी सामान्य से करीब दो गुना चलने की संभावना है। ऐसे में आग की घटनाएं अधिक होने से स्थिति भयावह होने का खतरा है। मौसम में हो रहे बदलाव का असर अप्रैल से जून के तीन माह में देखने को मिलेगा। हालांकि पिछले साल भी कोटा समेत पूरे प्रदेश में गर्मी सामान्य से अधिक रही थी। जिससे सरकार व प्रशासन को गर्मी से राहत के विशेष इंतजाम करने पड़े थे। वहीं इस बार भी ऐसी ही स्थिति बनने की संभावना है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार इस बार प्रदेश में हीटवेव सामान्य से करीब 85 फीसदी अधिक यानि दो गुनी चलने का अनुमान है। गर्मी में आग लगने की घटनाएं अधिक होने पर उन पर काबू पाने के लिए जहां निगम समेत अन्य विभागों की दमकलें दिनभर दौड़ती रहती है। वहीं आग बढ़ने पर उससे जान-माल का नुकसान होने का खतरा अधिक रहता है। साथ ही जिस जगह घटना होती है वहां के अलावा अन्य लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। </p>
<p><strong>शॉर्ट सर्किट से आग 70 फीसदी तक</strong><br />गर्मी में तापमान अधिक होने व हीटवेव चलने से शहरी क्षेत्र में आग लगने की घटनाएं भी अधिक हो जाती है। ये घटनाएं अधिकतर शॉर्ट सर्किट से होती है। फिर चाहे वह एसी में हो या जबजली के पैनल बॉक्स में।  नगर निगम कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि गर्मी में तापमान अधिक होने पर उससे राहत के लिए ’यादातर लोग घरों व कार्यालयों में एसी व कूलर का उपयोग करने लगे है। जिससे बिजली का लोड बढ़ने पर इसके बार-बार ट्रिप होने, तारों में स्पार्किंग होने व शॉर्ट सर्किट के मामले बढ़ जाते है। शॉर्ट सर्किट से निकली एक चिंगारी आग लगाने के लिए काफी होती है। हालांकि नगर निगम के फायर अनुभाग की ओर से आग की किसी भी घटना से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लेकिन उससे अधिक दमकलों के पहुंचने से पहले आग पर काबू के लिए लोगों को  स्वयं भी सावधानी व इंतजाम रखने होंगे। व्यास ने बताया कि शहर  में हर साल करीब एक हजार से अधिक आग लगने की घटनाएं होती है। उनमें से करीब 600 स 700 यानि 60 से 70 फीसदी घटनाएं अप्रैल से जून के तीन माह में ही हो जाती है। व्यास ने बताया कि जबकि वर्तमान में जो आग  की घटनाएं हो रही हैं वह ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक है। वह भी वन क्षेत्र में सूखी घास व झाड़ियों में और खेतों की फसल  में आग की अधिक है। </p>
<p><strong>सामान्य से अधिक रहेगा तापमान</strong><br />मौसम विभाग जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इस बार सामान्य से अधिक तापमान रहने का अनुमान है। साथ ही हीटवेव भी करीब 85 फीसदी अधिक चलेगी। हालांकि बीच-बीच में आ रहे वेदर सिस्टम के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव का क्रम बना हुआ है। जिससे तापमान अधिक होने के बाद फिर से कम हो रहा है। वैसे मई और जून गर्मी का पीक समय है। </p>
<p><strong>ये रखें सावधानी</strong><br />सीएफओ व्यास ने बताया कि आग की घटनाओं को कम करने के लिए समय-समय पर वायरिंग की जांच करते रहे। कहीं कट लगा हो तो उसे सही करवा ले। बिजली के ट्रिप होने पर लाइट को बंद कर दे। रात के समय दुकान व शोरूम से जाते समय लाइट व मेन स्विच बंद करके जाए। साथ ही छोटे फायर उपकरण, पानी व रेत की बाल्टी भरकर जरूर रखे। जिससे समय रहते आग के बढ़ने से रोका जा सके। व्यास ने बताया कि नगर निगम उत्तर दक्षिण में 4 फायर स्टेशन है। साथ ही करीब 34 दमकलें, दो बड़ी हाइड्रोलिक दमकलें और पर्याप्त फायरमेन और अधिकारी हैं। </p>
<p><strong>प्रशासन हुआ सतर्क</strong><br />इधर इस बार गर्मी अधिक होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग और नगर निगम सतर्क हो गए हैं। जिला कलक्टर ने भी सभी विभागों को अपने स्तर पर तैयारी व इंतजाम रखने के निर्देश दिए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 17:08:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी, आज कई शहरों में बदलेगा मौसम</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर आज भी जारी है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कुछ भागों में हल्की वर्षा दर्ज की गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर आज भी जारी है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कुछ भागों में हल्की वर्षा दर्ज की गई। राज्य में उष्ण रात्रि (warm night) जयपुर तथा जोधपुर संभाग में कहीं-कहीं पर दर्ज की गई है। सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 44.7 डिग्री व  सर्वाधिक वर्षा 11 मिमी कामां, भरतपुर में दर्ज। राज्य में सर्वाधिक न्यूनतम तापमान बीकानेर में  32.7 डिग्री से. दर्ज किया गया। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आज एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बीकानेर, जयपुर, भरतपुर व कोटा संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन, आंधी और कहीं-कहीं हल्की मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है।</p>
<p>पूर्वी राजस्थान के उदयपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में 24 जून से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।</p>
<p>आगामी 48 घंटों में अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट होने तथा  राज्य में कहीं-कहीं उष्ण रात्रि दर्ज होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/extreme-heat-continues-in-the-state-weather-will-change-in/article-82135</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Jun 2024 12:12:02 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिलहाल नहीं मिलेगी गर्मी से राहत, आज भी चलेगी लू</title>
                                    <description><![CDATA[20 जून को मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बीकानेर, हनुमानगढ़, गंगानगर, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, कोटा, बारां, झालावाड़ में दोपहर बाद बादल छाने, धूलभरी हवा चलने और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-will-be-no-respite-from-the-heat-at-present/article-82054"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/heatwave.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में फिलहाल गर्मी और लू से राहत मिलने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। राजस्थान में हीटवेव और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर तप रहे हैं। यहां तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लोगों को गर्मी से आज भी राहत मिलने की संभावना नहीं है। आज भी राजस्थान के 9 जिलों में हीटवेव का अलर्ट है।</p>
<p>हालांकि, कल से हल्की बारिश की संभावना है। राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा तापमान श्रीगंगनगर जिले में 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। श्रीगंगानगर के साथ पिलानी, चूरू, बीकानेर, जयपुर, अलवर, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, हनुमानगढ़ और करौली में भी तेज गर्मी रही और हीटवेव चली।</p>
<p><strong>आज 9 जिलों में हीटवेव का अलर्ट</strong><br />मौसम केन्द्र जयपुर की ओर से आज बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, अलवर, भरतपुर और धौलपुर में तेज गर्मी रहने और दोपहर में हीटवेव चलने की चेतावनी है। इसी तरह जयपुर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर समेत अन्य जिलों में दिन में उमस भरी गर्मी रहने की आशंका है।</p>
<p>20 जून को मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बीकानेर, हनुमानगढ़, गंगानगर, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, कोटा, बारां, झालावाड़ में दोपहर बाद बादल छाने, धूलभरी हवा चलने और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 18:35:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्वी राजस्थान में दोपहर बाद हल्की बारिश, पश्चिमी राजस्थान रहा शुष्क</title>
                                    <description><![CDATA[ जयपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा,जोधपुर और बीकानेर संभाग में रातें भी गर्म हवा वाली रहीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। प्री-मानसून से राहत के इंतजार के बीच अधिकांश इलाकों में तेज गर्मी के साथ उमस से लोग परेशान रहे। दोपहर बाद पूर्वी राजस्थान में बदले मौसम के चलते भरतपुर, धौलपुर और करौली में हल्की बारिश जरूर हुई।</p>
<p>पिछले 24 घंटे के दौरान श्रीगंगानगर में सर्वाधिक 46.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। चूरू, झुंझुनूं, अलवर, जयपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, गंगानगर और दौसा के क्षेत्रों में हीटवेव चली। जयपुर में रात भी हीटवेव का प्रभाव रहा।  मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आगामी 48 घंटों में बीकानेर, भरतपुर और जयपुर संभागों में अधिकतम तापमान 44 से 47 डिग्री दर्ज होने और हीटवेव चलने के आसार हैं। वहीं, पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं पर हल्की बारिश दर्ज की गई तो पश्चिमी राजस्थान शुष्क रहने से उमस बनी रही। बीकानेर और जयपुर संभाग में भी कहीं कहीं हीटवेव का प्रभाव रहा। जयपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा,जोधपुर और बीकानेर संभाग में रातें भी गर्म हवा वाली रहीं।</p>
<p>मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 19 जून से राजस्थान के पूर्वी जिलों में श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली, कोटा, बारां और झालावाड़ में दोपहर बाद धूलभरी आंधी चलने और कहीं कहीं बादल गरजने के साथ हल्की बारिश या बूंदीबांदी की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हवा का रुख बदलने से अब पूर्वी हवाएं पश्चिम की तरफ से आना शुरू हो गई हैं। इस कारण बंगाल की खाड़ी से मध्य और पश्चिमी भारत में नमी वाला मौसम रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/light-rain-in-eastern-rajasthan-in-the-afternoon-western-rajasthan/article-81985</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 10:47:37 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रदेश के कई जिलों में आज भी हीटवेव रहेगी</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रदेश में बारिश नहीं होने और तापमान बढ़ने से लोग पहले ही परेशान हैं। वहीं जयपुर शहर और आसपास के इलाकों में दो से चार बार बिजली कटौती की शिकायतें बनी हुई हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। बंगाल की खाड़ी से मानसून आगे नहीं बढ़ने के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। तेज गर्मी और उमस के बीच कई गांवों-कस्बों में बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। </p>
<p>मौसम विभाग ने पांच जिलों में हीटवेव और सात जिलों में आंधी चलने की संभावना जताई है। अगले दिन 19 जून को भी नौ जिलों में आंधी चलेगी। इसके बाद 20 जून से पूर्वी राजस्थान के भरतपुर और कोटा संभाग के जिलों में आंधी-बारिश का दौर शुरू हो सकता है।</p>
<p><strong>आज से आगे बढ़ेगा बंगाल की खाड़ी में अटका मानसून</strong><br />मौसम विशषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में अटका मानसून 18 जून से आगे बढ़ने लगेगा, जिसके साथ ही नमी वाली हवा पूर्वी भारत से पश्चिमी भारत की तरफ आने लगेगी। लिहाजा एमपी, छत्तीसगढ़, झारखंड के साथ पूर्वी राजस्थान में 20 जून से कई जगह आंधी चलने और बारिश होने की संभावना है। </p>
<p><strong>बिजली कटौती से लोग परेशान</strong><br />प्रदेश में बारिश नहीं होने और तापमान बढ़ने से लोग पहले ही परेशान हैं। वहीं जयपुर शहर और आसपास के इलाकों में दो से चार बार बिजली कटौती की शिकायतें बनी हुई हैं। मानसून अटकने के चलते दक्षिणी-पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों सहित जयपुर में भी सुबह बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई।</p>
<p><strong>यहां हीटवेव और आंधी चलेगी<br /></strong>मौसम विभाग के अलर्ट अनुसार मंगलवार को हनुमानगढ़, गंगानगर, चूरू, धौलपुर और भरतपुर में हीटवेव तथा बारां, कोटा, बूंदी, झालावाड़, उदयपुर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा में आंधी चलने की संभावना है। अगले दिन 19 जून को गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर में आंधी चल सकती है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Jun 2024 10:58:52 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्यवर्धन राठौड़ ने गर्मी से राहत दिलाने के लिए ग्रीन शेड की व्यवस्था की, शीतल पेयजल सेवा शुरू करवाई </title>
                                    <description><![CDATA[कर्नल राज्यवर्धन ने जनता के साथ मिलकर साफ-सफाई की और कहा, हम सब मिलकर एक स्वच्छ, स्वस्थ व स्वर्णिम विकसित भारत बनाने के लिए संकल्पित हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajyavardhan-rathore-arranged-green-shed-to-provide-relief-from-the/article-80372"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री और झोटवाड़ा से भाजपा विधायक कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जी ने सोमवार को मेन 200 फीट चौराहा, हीरापुरा, अजमेर रोड, झोटवाड़ा में जनता के साथ गर्मी से राहत दिलाने के लिए ग्रीन शेड की व्यवस्था की। साथ ही नि:शुल्क शीतल पेयजल सेवा की। </p>
<p>कर्नल राज्यवर्धन ने जनता के साथ मिलकर साफ-सफाई की और कहा, हम सब मिलकर एक स्वच्छ, स्वस्थ व स्वर्णिम विकसित भारत बनाने के लिए संकल्पित हैं। कर्नल राज्यवर्धन ने सभी से स्वच्छ झोटवाड़ा के संकल्प को सिद्ध करने में सहयोग करने का विनम्र निवेदन किया। कर्नल राज्यवर्धन ने क्षेत्रवासियों का आभार जताते हुए कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना से निरंतर जनसेवा में उनके जीवन का कण-कण समर्पित है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Jun 2024 19:51:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बढ़ते पारे ने बढ़ाया दिलो-दिमाग का पारा</title>
                                    <description><![CDATA[एसएमएस और अन्य अस्पतालों में 30% तक गर्मी जनित बीमारियों के मरीज बढ़ गए है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rising-mercury-increased-the-temperature-of-hearts-and-minds/article-80182"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/heatwave.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हीटवेव और हीटस्ट्रोक का असर इन दिनों काफी बढ़ गया है। जयपुर की बात करें तो यहां अभी भी पारा 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है। वहीं 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्ति जिनका वजन अधिक है, जिन्हें पहले से ही हार्ट, फेफड़े या गुर्दे की समस्या है वे विशेष रूप से हीट वेव प्रभाव के प्रति संवेदनशील होते हैं। बढ़े तापमान के कारण रक्त वाहिकाएं फैल सकती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर में गिरावट हो सकती है। इसलिए ऐसे लोग हीटस्ट्रोक का जल्द शिकार होते हैं। राजस्थान की बात करें तो 50 या उससे ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या एक करोड़ से ज्यादा है। हीटस्ट्रोक के कारण प्रदेश में अब तक 59 से ज्यादा लोग मौत के शिकार हो चुके हैं लेकिन चिकित्सा विभाग ने अब तक नौ लोगों की हीटस्ट्रोक के कारण मौत होने की पुष्टि की है। वहीं कुछ दिनों पहले एसएमएस अस्पताल में भर्ती गार्ड की की हीटवेव से मौत हो चुकी है।</p>
<p><strong>मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा वितरीत असर</strong><br />वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश जैन ने बताया कि तेज गर्मी शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालती है। व्यक्ति में गुस्सा, चिड़चिड़ापन, तनाव जैसे लक्षण पैदा होने लगते हैं। साथ ही गर्मी के कारण नींद भी प्रभावित होती है जिससे मानसिक तनाव और बढ़ जाता है। गर्मी में डिहाईड्रेशन के कारण याददाश्त कमजोर हो सकती है और ध्यान केन्द्रित करने में परेशानी हो सकती है और तनाव महसूस होता है। </p>
<p><strong>एसएमएस सहित अन्य अस्पतालों में 30 प्रतिशत तक बढ़े मरीज</strong><br />अकेले एसएमएस अस्पताल की ओपीडी इन दिनों 12 हजार प्रतिदिन को पार कर गई है। अकेले मेडिसिन विभाग की ओपीडी ही तीन से चार हजार मरीज प्रतिदिन के बीच चल रही है और इनमें से करीब 25 से 30 प्रतिशत मरीज सिर्फ मौसमी बीमारियों से पीड़ित होकर आ रहे हैं। इनमें ज्यादा संख्या हीट स्ट्रोक और अन्य गर्मी जनित रोगों से ग्रसित होकर आने वालों की है। एसएमएस अस्पताल में ज्यादा गंभीर मरीजों के लिए अलग से वार्ड भी बनाया गया है। चिकित्सकों की मानें तो तेज गर्मी की सबसे बड़ी समस्या होती है लू लगना। गर्मी में उच्च तापमान में ज्यादा देर तक रहने या गर्म हवा के झोको के संपर्क में आने से लू लगने की सम्भावना अधिक होती है। <br /><br /><strong>दिल के मरीजों के लिए इसलिए घातक है तेज गर्मी</strong><br />सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमित सिंघल ने बताया कि 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्ति इन दिनों विशेष ध्यान रखें। साथ ही जिनका वजन अधिक है, जिन्हें पहले से ही हार्ट, फेफड़े या गुर्दे की समस्या है। ऐसे लोग हीटस्ट्रोक का जल्द शिकार होते हैं। कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों वाले मरीजों और उच्च रक्तचाप वाले मरीजों को इन दिनों अपनी दवांए नियमित रूप से लेनी चाहिए साथ ही दोपहर में 12 बजे से शाम 5 बजे तक घर या दफ्तर से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sun, 02 Jun 2024 11:13:29 +0530</pubDate>
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